मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

चाईबासा: गुवा सेल खदान में एमडीओ के विरुद्ध झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में संयुक्त यूनियनों ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा।

इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने गुवा सेल के फुटबॉल मैदान में एक बैठक कर एमडीओ के विरुद्ध विभिन्न नारे लगाते हुए रैली निकाली। यह रैली गोवा सेल के फुटबॉल मैदान से होते हुए कच्ची धौड़ा, विवेक नगर, रेलवे मार्केट, रामनगर तथा गुवा बाजार होते हुए रामनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मधु कोड़ा ने कहा कि सेल प्रबंधन गुवा सेल खदान को एमडीओ का नाम देकर एक निजी कंपनी ठेकेदार को देना चाह रही है। परंतु यहां के सभी संयुक्त यूनियन, सेलकर्मी तथा सारंडा के आसपास गांव के ग्रामीण इसका पुरजोर विरोध करती है। गुवा सेल खदान में निजीकरण कभी भी नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए क्यों ना हमें आंदोलन करना पड़े या सेल का चक्का जाम करना पड़े। सेल में निजीकरण होने से सेल में होने वाली बहाली पूरी तरह से बंद हो जाएगी। यहां के स्थानीय को रोजगार नहीं मिलेगा। और सेल प्रबंधन द्वारा ऐसा करने का हम विरोध करते हैं और किसी भी हालत में एमडीओ को गुवा नहीं आने दी जाएगी।

वंही सांसद गीता कोड़ा ने लोगों को संबोधित कर कहा कि सेल प्रबंधन एमडीओ के नाम पर यहां के लोगों को लॉलीपॉप पकड़ा दे रही है। यहां के लोग एम डी ओ के बारे में कुछ जानते भी नहीं है। एमडीओ क्या है। इसका मतलब होता है माइनिंग डेवेलपर्स ऑपरेशन। परंतु यहां के मजदूर गुवा सेल खदान में 2 मिलियन से बढ़ाकर 4.2 मिलीयन तक कर दिया है। मजदूरों में अभी भी ताकत है कि इसे 10 मिलियन टन तक कर सकता है। जब मजदूरों में इतनी क्षमता है तो बाहर से बुलाकर प्राइवेट को देने की क्या जरूरत। अगर सेल प्रबंधन एमडीओ को वापस नहीं लेती है तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे।

जनसभा को संबोधित करने के बाद विशाल जुलूस पैदल मार्च करते हुए सेल के जेनरल ऑफिस समक्ष प्रदर्शन किया। उसके बाद सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने अपने मांग पत्र में लिखा कि गुवा लौह अयस्क खान में आजादी के पहले से खनन कार्य चल रहा है। जिसमें टेक्निकल व नन टेक्निकल लगभग 2000 कर्मी नियमित रूप से कार्य करते हुए आ रहे हैं। खनन की क्षमता 2.9 मिलियन टन से प्रतिवर्ष लौह अयस्क उत्पादन 4.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गया है। अब गुवा खदान में कार्यरत स्थाई कर्मचारी की संख्या मात्र 400 से भी कम रह गया है। इसके स्थान पर बहाली के नाम पर बहुत ही कम लोगों को लिया गया है और ठेका मजदूरों से टेक्निकल व नन टेक्निकल कार्य कराया जा रहा है। जो श्रम कानून का घोर उल्लंघन है। ज्ञात हो कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन व एबोलिशन) एक्ट 1970 के सेक्शन 10 सब सेक्शन 1 मैं व्यवस्था दिया गया है की कोर एक्टिविटी जो 24 घंटो और सालों भर चलने वाले कार्य पर मुख्य नियोक्ता कंपनी ठेका मजदूरों से नहीं करा सकता है। परंतु अब गुवा अयस्क खान द्वारा खनन कार्य का काम स्थाई रिक्त पदों पर बहाली कर काम नहीं कराया जा रहा है। बल्कि उल्टे श्रम कानून,लेबर कानून को ताक में रखकर सार्वजनिक कंपनी सेल द्वारा अब गुवा अयस्क खदान की खनन की कार्य एमडीओ के माध्यम से निजी ठेकेदार को देकर श्रम कानून का उल्लंघन किया जा रहा। सेल प्रबंधन से मांग करते हैं कि गुवा लौह अयस्क खान सेल द्वारा एमडीओ के माध्यम से नहीं कराया जाए, गुवा सेल कंपनी में जितने रिक्त पद(टेक्निकल व नन टेक्निकल) है उनकी बहाली अभिलंब निकाल कर रिक्त पद भरा जाए, गुवा सेल कंपनी में स्थाई बहाली में स्थानीय ग्रामीण व मजदूर के परिजनों को प्राथमिकता दी जाए, गुवा सेल कंपनी में सीएसआर के तहत अपने अपने पेरीफेरल क्षेत्र में सामुदायिक विकास हेतु कार्य के लिए सुनिश्चित बजट का प्रावधान किया जाए तथा कार्य स्थानीय के द्वारा कराया जाए।

इस विशाल आंदोलन में संयुक्त यूनियनों के पदाधिकारियों में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के रामा पांडे, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के दुचा टोप्पो, सीटू के मनोज मुखर्जी, सारंडा मजदूर यूनियन के कुल बहादुर, सप्लाई मजदूर संघ के राजेश कोड़ा, झारखंड मजदूर संघ के पंचम जॉर्ज सोय, जेएमएम के वृंदावन गोप, कोल्हान मजदूर यूनियन के ब्रज मोहन मिश्रा सहित सारंडा के विभिन्न गांव के ग्रामीण मौजूद थे।

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जमीन नही मिलने के कारण मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट गोमदेसई माझी परगना भवन का निर्माण कार्य लटका,संवेदक को जमीन मिलने का इंतजार

Minister’s dream project Gomdesai Majhi Pargana Bhavan’s construction work suspended due to non-availability of land, waiting for the sensor to get the land

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

राजनगर प्रखण्ड के गोमदेसाई में चारों योजना एक ही जगह पर बनना है

चाईबासा: कोल्हान प्रमंडल में आन दिनों विभाग के पास योजना को अंजाम देने के लिए भूमी उपलब्ध नहीं है,लेकिन योजना कि निविदा जरूर निकल जाती है,और अंततः योजना अधुरा रह जाता है

जमीन के अभाव में बहरहाल पश्चिमी सिंहभूम जिले में ग्रामीण विकास विभाग स्पेशल डिविजन भवन निर्माण से सधित सौ से अधीक योजना निकाली लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी योजना को रद्द कर दिया गया।

वैसी ही कोल्हान प्रमंडल के सराईकेला खरसावां जिला में अनुसूचित जनजाती एवं अनुसुचित जाति,अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संचिका सं 07 /मा धुम स्वी आ 1/2022-522 पत्र संख्या के अनुसार सरकार के सचिव कमल किशोर के अदेश पर योजना मिली थी।लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही का यह आलम है की एक साल पहले कल्याण विभाग के द्वारा कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन के विधान सभा के राजनगर प्रखण्ड में मांझी परगना भवन निर्माण कार्य और चहारदीवारी निर्माण कार्य का टेंडर की प्रक्रिया पूरा हुए तीन माह बीतने के बाद भी जमीन विवाद का मामला में संवेदक के द्वारा कार्य नही करा पा रहें हैं।

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुनील नाथ भी संवेदक को जमीन दिलाने में अब तक सफल नहीं हुए हैं,ऐसा लगता है की मंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को नजर लग गया है।कल्याण के आई टी डी ए निदेशक के द्वारा जिस जमीन के प्लॉट को चिन्हित किया गया है, उस में ग्रामीण का दखल है,साथ ही ग्रामीणों के द्वारा ग्राम सभा कर उक्त योजना को इस जमीन में नही बनाने दिए जाने का परस्तव भी पारित किया है,ऐसी स्थिति में संवेदक जमीन मिलने का इंतजार करने पर मजबूर है। संवेदक को यह भी चिंता सता रही है की मार्च में आवंटन लेप्स कर जायेगा,और फिर मई के अंतिम सप्ताह में आवंटन मिलेगा। यूं कहा जा सकता है कि विभाग और जिला की लापरवाही का खामियाजा संवेदक भुगत रहें हैं।

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नहीं मानते पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशाषन सरकार के विशेष सचिव का अदेश

नहीं मानते पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशाषन सरकार के विशेष सचिव का अदेश

पश्चिम सिंहभूम

चाईबासा

जिला प्रशासन ने शिथिल कर स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को नियम विरुद्ध प्रक्रिया के तहत 100 से अधिक योजना दिया गया,आखिर क्यों है मेहरबान?

सरकार के विशेष सचिव के द्वारा हिदायत देने के बाद भी पश्चिमी सिंहभूम जिले में इन दिनों ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल को ग्रामीण विकास विभाग के आदेश का उल्लंघन कर जिला से डीएमएफटी एवं एससीए की योजनाओं का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही विभाग से भी मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत पुल-पुलिया एवं प्रखण्ड कार्यालय साथ ही प्रखण्ड कर्मचारी भवनों एवं अन्य बहुत सारी योजना का कार्य दिये जाने का मामला तुल पकड़ता जा रहा है

जबकी सरकार के विशेष सचिव के द्वारा ग्रामीण विकास विभाग के सीएस, उपायुक्त व कार्यपालक अभियंता को पत्र लिख कर रोक लगा दिया गया था।लेकिन सरकार के विशेष सचिव का अदेश को धत्ता बताते हुए भवन निर्माण विभाग से कार्य कराने के बजाय ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल चाईबासा पर मेहबान है स्थानाय जिला प्रशाषन।

इस मामले को लेकर झारखंड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति ने राज्य के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर पश्चिमी सिंहभूम जिला में स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग से कराने की मांग की है।

इस संबंध में समिति के प्रदेश अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने पत्र लिख कर कहा है कि इस जिला में स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का निर्माण कार्य नियम के विरूद्ध एवं गलत प्रक्रिया के तहत विभाग के आदेश का उल्लंघन कर ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल चाईबासा को कार्य आवंटित कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल को ग्रामीण विकास विभाग के आदेश का उल्लंघन कर जिला से डीएमएफटी एवं एससीए की योजनाओं का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही विभाग से भी मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत पुल-पुलिया एवं प्रखण्ड कार्यालय साथ ही प्रखण्ड कर्मचारी भवनों एवं अन्य बहुत सारी योजना का कार्य दिया गया है। भवन निर्माण विभाग सिर्फ भवन निर्माण करने के लिए ही बना है। सभी जिला में कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल स्थापित है, जहां से सभी विभाग की भवन निर्माण एवं जीर्णोधार का कार्य किया ज है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को चाईबासा को क्षमत. अधिक कार्य जिला द्वारा दिया जा रहा है।

ग्रामीण विकास विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा पत्र जारी कर सभी जिला के उपायुक्त को जिला से कार्य देने पर रोक लगा दिया गया है लेकिन इस पत्र को जिला प्रशासन ने शिथिल कर स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को नियम विरुद्ध प्रक्रिया के तहत 100 से अधिक योजना दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का कार्य दायित्व विभागीय आदेश के आलोक में वापस लेने एवं भवन निर्माण प्रमण्डल से कार्य कराना नियमानुकूल होगा। इस मुद्दे पर जिले के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।वहीं इस सबंध में झारखंड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष नें कहा कि यदी कार्रवाई नहीं हीई तो उपायुक्त, कार्यपालक अभियंता के बिरूद्व न्यायालय में मामला दर्ज करेगें।

क्या लिखा सरकार के विशेष सचिव नें पत्र में

झारखण्ड सरकार ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) में
राम कुमार सिन्हा, सरकार के विशेष सचिव मुख्यअंभियंता व ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र, राँची । सभी अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष अंचल, झारखण्ड । सभी कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, झारखण्ड । को पत्र लिख कर साफ साफ निदेशानुसार उपर्युक्त विषयक प्रासंगिक पत्र द्वारा बिना विभाग से अनुमति प्राप्त किये ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त किसी भी अन्य विभाग की योजनाओं का कार्यान्वयन ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डलों के द्वारा नहीं किये जाने का आदेश दिया गया है। किन्तु इसके बावजूद प्रायः ऐसे मामले संज्ञान में आ रहे हैं जहाँ बिना विभागीय अनुमति के ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल के अभियंताओं के द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग अतिरिक्त जिला स्तर पर अन्य विभागों की योजनाओं को भी कार्यान्वित किया जा रहा यह खेद का विषय है।उक्त विभागीय आदेश के विरूद्ध यदि अभियंताओं द्वारा अन्य विभागों योजनाओं का कार्य किया जाता है तथा इस कारण विभाग को अनावयक रूप से मान न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है, तो ऐसी स्थिति में अभियंता के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रारम्भ कर दी जाएगी।

यह दिया गया था निर्देश उपायुक्त को

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त को लिखा गया पत्र में लिखा गया कि सरकार के विशेष सचिव, ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) झारखण्ड राँची का पत्रांक 1579 दिनांक 01.09.2022
कहना है कि विभागीय सचिव के संज्ञान में आया है कि ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डलों के अभियंताओं द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग के अतिरिक्त जिला स्तर पर जिला के अन्य मद के योजनाओं को विभाग के बैगर अनुमति लिये कार्यान्वित किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप विभागीय कार्य यथा मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल पदाधिकारी आवास निर्माण कार्य एवं पीएमजीएसवाई सड़क, मेन्टेनन्स कार्य बाधित हो जाता है। जिसके कारण विभाग को भारत सरकार के साथ बैठक में विषम परिस्थिति का सामना करना पड़ता है।

विभागीय आदेश के अनुसार अधोहस्ताक्षरी को जिला स्तर एवं अन्य विभागों का कार्य जैसे- सासंद मद, विधायक मद, एससीए, एसीए, डीएमएफटी एवं अनाबद्ध निधि जैसे विकास कार्य नही करना है। जिला मद के कार्य कराने के कारण विभाग को अनावश्यक रूप से न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है तथा सम्बन्धित अभियंता के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उपरोक्त कार्यों के क्रियान्वयन से सेवा निवृति के पश्चात् इस प्रमण्डल के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है तथा विभाग को भी न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है।अतः भवदीय से अनुरोध है कि विभागीय आदेश के आलोक में इस प्रमण्डल को जिला से स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन की जिम्मेदारी से मुक्त रखने की कृपा की जाय ताकि विभागीय आदेश का अनुपालन किया जा सके तथा विभागीय कार्यों का ससमय क्रियान्वयन किया जा सकें।

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प्रमंडल में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आहूत।

प्रमंडल में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आहूत।

पश्चिमी सिंहभूम,

चाईबासा

(भरत सिंह की रिपोर्ट )

प्रमंडलीय आयुक्त सिंहभूम (कोल्हान) मनोज कुमार की अध्यक्षता में प्रमंडल में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित कि गयी।

बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक कोल्हान क्षेत्र अजय लिंडा, उपमहानिरीक्षक सीआपीएफ, उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम श्री अनन्य मित्तल, उपायुक्त सरायकेला खरसावां अरवा राजकमल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम आशुतोष शेखर, पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां श्री आनंद प्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां, विद्युत अधीक्षण अभियंता विद्युत आपूर्ति अंचल चाईबासा, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, चाईबासा/सरायकेला खरसावां, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, चाईबासा/ मनोहरपुर/ सरायकेला- खरसावां, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य प्रमंडल, चाईबासा/ चक्रधरपुर/ सरायकेला – खरसावां, कार्यपालक अभियंता पेयजल और स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा/ सरायकेला- खरसावां प्रबंधक एयरटेल रांची, जिओ चाईबासा प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।

बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा क्रमवार प्रमंडल अंतर्गत जिले पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के द्वारा संचालित विकास कार्यों और योजनाओं की क्रमवार समीक्षा की गई और उसके अद्यतन प्रतिवेदन के सम्बंध में भी जानकारी प्राप्त किया गया।

आयुक्त के द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देश के अनुपालन की अद्यतन स्थिति के बारे में भी पदाधिकारियों से समीक्षा की गई। विभागीय पदाधिकारियों के द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्य में अगर किसी प्रकार की समस्या आ रही है, तो उस संबंध में भी जानकारी प्राप्त किया गया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए आधारभूत मौलिक सुविधाएं जन- जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे और सुदूरवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को मुख्यधारा में जोड़ने का भी कार्य करेंगे।

बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा विशेष रुप से प्रमंडल के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और मोबाइल कनेक्टिविटी पर विशेष रूप से जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। पदाधिकारी स्वयं स्थल पर जाए और संबंधित योजनाओं पर कार्य करे।उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों से कहा कि अगर प्रमंडल के सुदूरवर्ती या नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकासात्मक कार्य करने में समस्या उत्पन्न हो रही है, तो उसे संबंधित उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में त्वरित लाएं उस पर उचित समाधान किया जाएगा।

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जिला गव्य विकास कार्यालय में पशु मेला सह गव्य प्रदर्शनी आयोजित

जिला गव्य विकास कार्यालय में पशु मेला सह गव्य प्रदर्शनी आयोजित

पश्चिम सिंहभूम

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ” गव्य विभाग ” में आज पशु मेला सह गव्य प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ जिला गव्य विकास कार्यालय परिसर , चाईबासा में बुधवार को मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी सुरेन एवं विशिष्ट अतिथि जिला बीस सूत्री सदस्य त्रिशानु राय के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और श्रीफल फोड़कर किया गया।

स्वागत संबोधन तथा अतिथियों का स्वागत जिला गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. सुधाकर सिंह मुंडा के द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी सुरेन के द्वारा द्वारा लाभुकों के बीच गायों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन शीतल बागे के द्वारा किया गया।

मौके पर क्षेत्रीय निदेशक डॉ. योगेन्द्र कुमार , डॉ. विपिन मेहता , जिला मत्स्य पदाधिकारी जयंत रंजन, सांसद प्रतिनिधि शंकर बिरुली , डॉ. अखिलेश , डॉ. राधेश्याम राय , डॉ. जेनेविभा लकड़ा , डॉ. संजीव कुमार , डॉ. संजीव रंजन , डॉ. बबलू सुंडी , डॉ. कुंदन कुमार सहित काफी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

चाईबासा में फिर आईईडी ब्लास्ट, एयरलिफ्ट कर ले जाया गया रांची…

पश्चिम सिंहभूम: चाईबासा के टोटो गुरुवार को एक बार फिर आईईडी ब्लास्ट की गई है जिसमें में तीन जवान घायल हो गये हैं. तीनों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा जा रहा है. इस ब्लास्ट में नक्सल अभियान में लगे तीन जवान घायल हो गए हैं. पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने घटना की पुष्टि की है

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

घायलों में सीआरपीएफ 60 बटालियन के 3 जवान शामिल हैं. जिनकी पहचान हेड कांस्टेबल आरओ राकेश पाठक, सिपाही बीडी गुदा और सिपाही पंकज यादव के रूप में हुई है.

कोल्हान के टोंटो थाना क्षेत्र के जंबाईबुरु और तुम्बाहासा जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के शीर्ष बड़े नेताओं की घेराबंदी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है इससे नक्‍सली एक तरफ से बौखला गए हैं और सुरक्षाबलों को लगातार अपने निशाने पर लिया जा रहा है. 

नक्सली किसी न किसी तरह से सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन इन्‍हें सफलता नहीं मिल पा रही है. मालूम हो कि पिछले दिनों पूर्व सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के द्वारा लगाये गये 10 आईईडी बम सहित 3 नक्सली समर्थकों की गिरफ्तारी की है

मुख्यमंत्री का खतियानी जोहार यात्रा चाईबासा/सिमडेगा में संपन्न..

चाईबासा: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार 24 जनवरी को चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिमी सिंहभूम तथा सिमडेगा जिले में संचालित विकास योजनाओं तथा कल्याणकारी योजनाओं और विधि व्यवस्था की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा- आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करें, तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा- नक्सल प्रभावित इलाकों में नौजवानों को भटकाव से रोकने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल हो

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

ग्रामीणों के साथ मिल- बैठकर कार्य करें अधिकारी

आदिवासी- दलित बहुल राज्य में गरीब, वंचित और जरूरतमंदों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है सरकार

सहाय योजना के तहत खेल गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावा

राज्य के हर जिले में कम से कम 10 से 15 हज़ार कर्मी हैं। आप चाहे किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी हो, राज्य सरकार के अंग के रूप में कार्य कर रहे हैं । आप पढ़े लिखे हैं। आप में दक्षता की कोई कमी नहीं है। झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से भी भलीभांति वाकिफ हैं। अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर नतीजे आएंगे और यह इस राज्य के विकास और यहां के निवासियों के हित में होगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

समाज के कमजोर, वंचित, गरीब और जरूरतमंद को आगे बढ़ा रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी और दलित बहुल राज्य है। इनके साथ यहां के किसानों, मजदूरों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं, नौजवानों समेत कमजोर और वंचित वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तभी हम अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को हासिल कर सकेंगे।

योजनाओं को लेकर कन्फ्यूजन ना हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और प्रखंड से लेकर मुख्यालय स्तर तक में कई योजनाओं को लेकर कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। अगर इस प्रकार के कन्फ्यूजन पैदा होते हैं तो उसका समाधान भी है। अगर किसी को किसी योजना को लेकर किसी तरह का संशय हो तो वह अपने वरीय अधिकारी या विभाग को इसकी जानकारी दें। सरकार की कोशिश है कि हर योजना का क्रियान्वयन धरातल पर बेहतर तरीके से हो।

पद से अलग हटकर थोड़ा ज्यादा मेहनत करने की है जरूर है

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खनिज समेत तमाम संसाधन मौजूद है, जो इस राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकता है। फिर भी झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झारखंड के चरित्र को देखते हुए आपको अपने पद से थोड़ा अलग हटकर लोगों के साथ मिल बैठकर कार्य करने की जरूरत है। इस राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए थोड़ा ज्यादा मेहनत करें, तभी हम अपनी सकारात्मक सोच को यथार्थ में परिवर्तित कर सकते हैं।

बैंकों का नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए बैंकों का सहयोग काफी मायने रखता है। लेकिन, यहां बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई योजनाओं में सरकार खुद गारंटर है, फिर भी यहां के लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों को गति देना होगा । इसके लिए सरकार अपने स्तर पर हर संसाधन उपलब्ध कराएगी।

दोनों जिले नक्सल प्रभावित है, विकास को तेज करने की ज्यादा जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में नक्सल गतिविधियां थोड़ी ज्यादा है। ऐसे में यहां विकास को और तेज करने की जरूरत है। नौजवानों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं, ताकि वे भटकाव रास्ते पर ना जाएं। इसके साथ इन इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ सुविधाओं और मजबूत करें। कई बार मरीजों को चारपाई या किसी अन्य तरीके से घंटों पैदल चलकर अस्पताल ले जाने की खबरें सुनने को मिलती है। यह काफी चिंता की बात है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसका अधिकारी पूरा ख्याल रखें।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल गतिविधियों को सरकार बढ़ावा दे रही है विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सहाय योजना के तहत खेल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं पिछले दिनों पंचायत स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें लगभग 80 हजार खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । इसके साथ इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से 80 हज़ार किट्स भी बांटे गए।

अधिकारियों को मिले कई निर्देश

सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्ध योजना के लागू होने से पहले जिन बच्चियों ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी है, उनका डाटा एकत्रित उन्हें इस योजना से जोड़ने की पहल करें।

28 फरवरी तक सभी निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें इसके लिए पंचायत स्तर पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सत्यापन की व्यवस्था हो।

15 फरवरी 2023 तक 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य पात्रों को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें और इसका डेटा सरकारी वेबसाइट पर अपलोड हो।

बच्चों का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया 31 जनवरी 2023 तक पूरी कर ली जाए, ताकि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना की राशि डाली जा सके ।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुक सरकार से मिली राशि का सदुपयोग कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी और निगरानी की जाए।

मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस का सृजन कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

सुदूरवर्ती गांवों में विकास को लेकर एक्शन प्लान बनाएं। लोगों को सरकार के योजनाओं का जानकारी मिले और योजनाओं से जुड़कर इसका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री पशुधन योजना के प्राप्त आवेदनों में लक्षित लाभुकों के बीच राशि उपलब्ध कराने के बाद के आवेदनों को वेटिंग लिस्ट में रखकर उन्हें भी आपूर्ति करें जिससे उन्हें पुनः आवेदन न करना पड़े। इसके साथ साथ समुदाय स्तर पर पशुओं को आवंटित करें।

किसान पाठशाला सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए ।

सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठक करें और लोगों की समस्याओं का निराकरण करें

मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम कसी जाए घटना में लिप्त तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।


इन योजनाओं की हुई समीक्षा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अन्तर्गत मानव दिवस सृजन, राजस्व न्यायालय, आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं एवं जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मंत्री सत्यानंद भोक्ता,मंत्री बादल, माननीया मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, चाईबासा विधायक दीपक बिरुआ, मझगांव विधायक निरल पूर्ति,चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू, कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी, सिमडेगा विधायक भूषण बारा, विधायक सरायकेला दशरथ गहराई, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का,डी.जी.पी नीरज सिन्हा, सचिव विनय चौबे, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव श्री कृपानंद झा, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव के श्रीनिवासन, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर प्रवीण कुमार टोप्पो, आयुक्त कोल्हान मनोज कुमार, डी.आई.जी दक्षिणी छोटानागपुर श्री अनीश गुप्ता, डी.आई.जी. कोल्हान अजय लिंडा, उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम अनन्य मित्तल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम आशुतोष शेखर, उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती आर रॉनीटा, पुलिस अधीक्षक सिमडेगा श्री सौरभ, सिमडेगा एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिक उच्च विद्यालय और छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, +2जिला स्कूल चाईबासा, सेंट्रलाइज किचन, सदर अस्पताल चाईबासा, टाटा कॉलेज कॉलोनी मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल के द्वारा आज मध्यरात्रि में मुख्यालय शहर चाईबासा स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिक उच्च विद्यालय और छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, +2जिला स्कूल चाईबासा, सेंट्रलाइज किचन, सदर अस्पताल चाईबासा, टाटा कॉलेज कॉलोनी मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का क्रियान्वयन एवं विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं, रख-रखाव, साफ-सफाई, रसोईघर, दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता, अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सुविधा आदि का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के उपरांत जिला उपायुक्त के द्वारा जानकारी दिया गया कि निरीक्षत सभी जगहों पर व्यवस्था सुदृढ़ पाई गई। जबकि जिला स्कूल और सदर अस्पताल में विशेष रूप से साफ- सफाई, समुचित लाइट की व्यवस्था, शौचालय की साफ सफाई रखने हेतु निर्देशित किया गया।

जिला उपायुक्त के द्वारा उपस्थित ऑन ड्यूटी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निष्ठा पूर्वक कर्तव्य स्थल पर उपस्थित रहकर कार्य इमानदारी पूर्वक करने हेतु निर्देशित किया गया है। आवासीय विद्यालय में रह रहे छात्रों को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो साथ ही साथ उनको दी जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष रुप से ध्यान रखा जाए।

उपायुक्त के द्वारा सिविल सर्जन को सख्त रूप से निर्देशित करते हुए कहा गया कि अस्पताल में मरीजों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराया जाए उन्हें किसी प्रकार की कोई भी समस्या ना हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

उक्त क्रम में उप विकास आयुक्त संदीप बख्शी, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी रीना हांसदा, प्रशिक्षु आईएएस ओम प्रकाश गुप्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एजाज अनवर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद सत्येंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर चाईबासा पारूल सिंह सहित जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अवैध तरीके से रूपये की निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम,उपायुक्त नें लिया संज्ञान

लेखापाल नें 22 km दुरी बता कर निकाल ली ममता वाहन संचालक के साथ लाखों रूपये,जबकी निरीक्षण के दौरान जांच अधिकारी भी 8 km ही पाया

मामला जगन्नाथपुर सीएचसी के तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव के द्वारा ममता वाहन के संचालक के खाते में एक बार नही कई बार जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी 22 किमी दिखा कर डाले लाखो रूपया

स्वास्थय विभाग से सूचना के अधिकार द्वारा मांगे गए थे ममता वाहन का रिपोर्ट, उसी पर उपायुक्त नें लिया संज्ञान और अलग अलग दो जांच दल द्वारा कराया गया मामले की जांच

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अनुबंध पर बहाल लेखापालों द्वारा कभी फर्जी भाउचर बना और भेंडर बनाकर लाखों रूपये कि निकासी किया जा रहा है तो वहीं स्वास्थय विभाग में चल रहे ममता वाहन में विभाग द्वारा निर्धारित दूरी के बजाय कई अधिक दुरी का किमी दिखाकर ममता वाहन संचालक के खाते में लेखापाल द्वारा रूपये का निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम कर रहें तो कहीं आरबीसी के तहत स्वास्थय विभाग में अपने सगे भाई के खाते में रूपये डाल दिए जाते हैं,जबकी आरबीएस के तहत चलने वाले वाहन का कागजात किसी और के नाम पर रहता है।इस तरह के काले कारनामों से विभाग बदनाम हो रहें है।

इधर गोईलकेरा निवासी नितिन नें पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के सीएचसी समेत सभी सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का लेखा जोखा सुचना के आधार पर मांगा गया था।हलांकि जगन्नाथपुर सीएचसी के द्वारा ही केवल ममता वाहन का लेखा जोखा का ब्यौरा स्वास्थय विभाग को अब तक उपलब्ध कराई है,जबकी अन्य सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का ब्यौरा नहीं दिया गया है।

आपको बताते चलें कि स्वास्थय विभाग के द्वारा दिए गए ममता वाहन के ब्यौरा में पाया गया कि तत्कालिन लेखापाल जगन्नाथपुर के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा के खाते में मालुका कि दूरी 7-8 किमी के बजाय 22 किमी दिखा कर राशी कि निकाशी गई है,जिसे दैनिक भास्कर नें खुलाशा कि थी।इसी खबर को उपायुक्त नें संज्ञान में लेते हुए स्वास्थय विभाग के तीन सदस्य जांच दल का गठन किया गया था जिसमें स्वास्थय विभाग का डीटीओ भारती मिंज, एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद, डीपीएम विजय कुमार व एक सहायक कर्मी थे। तथा दुसरे जांच दल में जगन्नाथपुर के कार्यपालक दण्डाधिकारी सह कुमारडुंगी के अंचलाधिकारी सुसमा लकड़ा को बनाया गया था।

वंही जिला प्रशाषन कि ओर से जांच दल के पदाधिकारी सुसमा लकड़ा द्वारा मामले की जांच कि गई जिसमे भी पाया गया कि मालूका से जगन्नाथपुर की दूरी 22 किमी दिखाकर रूपये कि निकिसी हूई है,इतना ही नही और कई गांव का दुरी अधिक दिखाकर ममता वाहन के संचालक को भुगतान किया गया यह प्रमाण पंजिका में लेखिपाल के हस्ताक्षर से हुई है।इधर गुरूवार को स्वास्थय विभाग के द्वारा तीन सदस्य जांच दल जगन्नाथपुर पहूंची और मामले कि करिब चार घंटे तक तक जांच किया गया।जांच में ममता वाहन के पंजिका में लेखापाल के द्वारा दर्शाया गया किमी निर्धारित दूरी अधिक पाया गया, जबकी वास्तव में जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी आठ किमी ही है।यदी तोड़ागहातु होकर भी मालुका से जगन्नाथपुर आती है ममता वाहन तो दुरी 11-12 किमी ही होती है,मगर लेखापाल मनोज साव नें 22 किमी दर्शाया है।इस दौरान एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद व डीपीएम विजय कुमार के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा सै पूछ ताछ किया तो उसने भी कभी 25 किमी तो कभी 30 किमी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी बताया फिर सात किमी दूरी बताया।संतोष जनक और बरगलाने जैसी जानकारी जांच दल को दी गई जिससे संतुष्ट नहीं हुए जांच दल।और चार घंटे के जांच में तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव पर लगाया गया आरोप सही साबित हुआ और तीन वर्ष का लेखा जोखा के बही खाते जांच दल सिज कर अपने साथ ले गए।तथा ममता वाहन संचालक दिनेश साव से भी लिखित लिया कि कितने साल से सीएचसी में ममता वाहन चला रहा है और कितने रूपया महिना लिया है। जबकी ममता वाहन संचालक नें वर्ष 2019 के जून माह में दिनेश साव ने करिब 70 हजार का कलेम किया था जिसे लेखापाल नें एक लाख तीन हजार भूगतान कर दिया गया।इधर जांच दल में बीपीएम विजय कुमार नें ममता वाहन के नाम पर हुई लूट की जानकाली सही पाए जाने पर इसकी जानकारी दुरभाष पर अपने वरिय पदाधिकारी को दे दी है।

लेखापाल की तो नौकरी जायेगी,ममता वाहन संचालक पर होगा एफआईः डॉ जगदीश

जांच करने आए चाईबासा सदर अस्पताल के ऐसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद नें कहा कि सात से आठ किमी मालूका से जगन्नाथपुर कि दूरी को 22 किमी दिखा कर निकासी किए गये रूपये का आरोप सही साबित हूआ है।उन्होनें ममता वाहन के संचालक दिनेश साव को कहा है लेखापाल का नौकरी तो जाएगा तुम पर एफआईआर दर्ज करेगें।

आरोप सही साबित हुआ कार्रवाई होगीःबीपीएम

बीपीएम विजय कुमार जहां तीन वर्ष के ममता वाहन संचालन का खाता सिज कर ले गए वहीं खाते में कई जगह मालूका कि दुरी 7 किमी के बजाय 22-25 किमी दिखाए जाने का प्रमाण भी पाया जिस पर लेखापाल कि हस्तक्षरयुक्त पंजिका है।उन्होने भी कहा कि सरकारी रूपये कि गलत निकासी ममता वाहन के संचालक के साथ सांठ गांठ लेखापाल का है,जो आरोप है सत्य है,कार्रवाई होगी।जब्त किए गए खातें में और भी दुसरे स्थानों की दुरी का लेखा जोखा का जांच करेगें।

डीपीएम भारती मिंज नें नापी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी

स्वास्थय विभाग का डीपीएम भारतीय मिंज नें जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी नापने के लिए दो मार्ग से सफर तय किया तो पता चला कि जिंतूगढ़ा से होकर मालुका की दुरी आठ किमी और तोड़ागहातु होकर जाते है तो मालूका की दूरी 11-12 किमी है,फिर भी 22 किमी नहीं होता है।जबकी जगन्नाथपुर सिएचसी के अंदर 12 प्रसव केंद्र है विभिन्न पंचायतो में जहां प्रस्व कराने की सुविधा उपलब्ध है।

सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से कुईडा में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर

चाईबासा : हाटगम्हरिया के ग्राम कुईडा टोली ईचापी , पंचायत जयपुर में लगे ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण काफी दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी जिससे स्थानीय लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था।

ट्रांसफार्मर जल जाने और काफी दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की समस्या से सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा को अवगत कराया गया

उक्त समस्या पर संज्ञान लेते हुए सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से मंगलवार को २५ केबीए का एक ट्रांसफार्मर विधुत विभाग द्वारा प्रदान किया गया जिसका अधिष्ठापन भी कर दिया गया है ।
जिससे ग्रामीणों में काफी हर्ष है उन्होंने सांसद श्रीमती कोड़ा के प्रति आभार व्यक्त किया है ।

मौके पर स्थानीय जोटेया लोहार , योगेन्द्र लोहार , इन्द्र लोहार , रीना लोहार , मंगल सिंह लोहार , बुरजू लोहार आदि मौजूद थे ।

चाईबासा नक्सली मुठभेड़,विस्फोट में कोबरा के साथ जवान घायल

चाईबासा में पुलिस बलों की नक्सलियों के साथ बुधवार 11 जनवरी 2023 को मुठभेड़ हो गयी. इसमें पुलिस बल के 6 जवान घायल हो गये. घायल पुलिसकर्मियों के नाम अजय लिंडा, शाहरुख खान, भरत सिंह राय, मुकेश कुमार सिंह, आलोक दास (बीडीडीएस) और बीरपाल सिंह तोमर हैं. मुठभेड़ नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिला के टोंटो थाना क्षेत्र में स्थित जंगल में हुई. पुलिस का दावा है कि माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है.

पुलिस को उग्रवादियों के जुटने की गुप्त सूचना

कोल्हान क्षेत्र के टोंटो थाना अंतर्गत ग्राम तुम्बाहाका जंगल के समीप भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों के एकत्र होने की सूचना मिली थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद पश्चिमी सिंहभूम जिला की पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनायी.

नक्सलियों के खिलाफ शुरू किया गया था सर्च ऑपरेशन

बुधवार 11 दिसंबर 2023 को कोबरा 209 बटालियन, 203 बटालियन, झारखंड जगुआर एवं सीआरपीएफ 60 बटालियन, 174 बटालियन एवं 197 बटालियन की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर अभियान संचालित किया जा रहा था. इसी क्रम में बुधवार को दोपहर में करीब एक बजे पुलिस सर्च ऑपरेशन पर निकली थी.

चाईबासा में अमित साह गृह मंत्री अमित शाह जय जोहार कहकर शुरू किया संबोधन…

विजय संकल्प को लेकर कोल्हान चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में पहुंचे देश के गृह मंत्री अमित शाह

कार्यक्रम में उपस्थित होने के पश्चात गृह मंत्री अमित शाह ने अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा जय जोहार सभी वीर आदिवासी नेताओं और इस महान भूमि को मेरा सादर नमन यह मेरा सौभाग्य है कि आज मैं यहां चाईबासा में उपस्थित हुं

लोगों ने लगाया जय श्रीराम के नारे

वही भारतीय जनता पार्टी के विजय संकल्प महारैली कार्यक्रम में मिशन मोदी अगेन के जिला अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद सिंह भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में शामिल हुए और अपने सभी भाजपा कार्यकर्ता भाइयों का हौसला बढ़ाया

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंच पर पहुंचकर सबसे पहले बिरसा मुंडा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी केंद्रीय गृह मंत्री जनजातीय पत्ता का टोपी पत्ता का माला प्रतीक चिन्ह समेत अन्य चीजें देकर स्वागत किया गया उनके पहुंचने के साथ ही चारों ओर से जय श्रीराम के नारे लगने लगे इसके बाद गृहमंत्री ने भारत माता की जय के साथ सभा को संबोधित किया उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रघुवर दास के नेतृत्व में बनी मूलभूत चीजें करते हुए 5 साल गुजर गए आदिवासी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में भ्रष्टाचार चरम पर है बिजोलिया दलाल हावी है उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा 2024 में कोल्हान से कमल लेकर नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लेना है

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