पश्चिम सिंहभूम
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में एक बिन ब्याही मां की कोख में पल रहे बच्चे की गर्भावस्था में ही₹50000 में सौदा कर लिए जाने का सनसनी केस मामला सामने आया है.यही नहीं प्रसव के बाद उचित इलाज नहीं मिलने के कारण बच्चों को जन्म देने वाली मां की 24 घंटे के अंदर मौत भी हो गई इस मामले में आनंदपुर अस्पताल की एक नर्स एक सहिया और गर्व का सौदा करने वाली एक महिला अब जांच के घेरे में हैं।

आपको बताते चले की मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के तुरी टोला का है वहां एक किराए के मकान में कुछ महीने से गुपचुप तरीके से रह रही 20 साल की एक अविवाहित युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही महिला की मौत हो गई महिला की मौत के बाद इस पूरी घटना के पीछे चल रही कोख की खरीद फरोख्त का घिनौना मामला सामने आया है. इस मामले में आनंदपुर सरकारी अस्पताल की एक नर्स समिति सिन्हा, सहिया साधना साहू, और कोख का सौदा करने वाली गड्डी गुप्ता पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक दरसल अविवाहित युवती चेन्नई मजदूरी करने वाली थी आशंका व्यक्त की जा रही है कि चेन्नई में शारीरिक संबंध स्थापित होने से वह गर्भवती हो गई उसके बाद वह विगत कुछ माह पहले चेन्नई से वापस आ गई और 2 महीने से मनोहरपुर के तुरी टोला में सहिया साधना साहू और बच्चे को गोद लेने वाली महिला मनोहरपुर निवासी गुड्डी गुप्ता की देखरेख में टोले की महिला गुलशन बानो के किराए के मकान में रह रही थी।
इसी दौरान प्रसव पीड़ा होने से शनिवार की रात 8:00 बजे सहिया साधना साहू ने युवती को अस्पताल ले जाने के वजह आनंदपुर की एक नर्स समिति सिंन्हा के जरिए किराए के मकान में ही प्रसव करवाया, इस मामले में नर्स का कहना है कि सहिया साधना साहू ने बताया था कि महिला अस्पताल ले जाने लायक नहीं है जिसके कारण उसने घर जाकर प्रसव करने में मदद की हालांकि उसने प्रसव के बाद सहिया को जच्चा-बच्चा को मनोहरपुर अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी थी लेकिन सहिया ने ऐसा नहीं किया बच्चों को जन्म देने के बाद रविवार की शाम को युवती की स्थिति बिगड़ गई सहिया आनंन-फानन में बच्चे और युवती को मनोहरपुर सरकारी अस्पताल लेकर गई जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जयशंकर ने रविवार शाम 6:00 बजे युवती का अमृत घोषित कर दिया।
उसके बाद सहिया मृतक के सब को किराए के उसी मकान में ले गई और मकान के अंदर सब को रखकर बाहर से ताला बंद कर दिया, सहिया ने 50000 में बच्चों को बेचने के लालच में युवती को अस्पताल ले जाना जरूरी नहीं समझा जिसके कारण युवती ने उचित इलाज के अभाव में तड़पते हुए दम तोड़ दिया, इस बात की भनक मनोहरपुर पंचायत समिति सदस्य खुशबू गुप्ता और उप मुखिया परितोष यादव को लग गई उसके बाद लोगों ने हंगामा मचाया और पूरा मला परत दर परत खुल गया।
इधर बच्चों को गोद लेने वाली महिला गुड्डी गुप्ता भी बच्चों के साथ धरी गई पकड़े जाने पर उसने अपनी सफाई में कहा कि यह उसका बच्चा नहीं है वह किसी बच्चे को गोद लेने की चाहत में घाटकुडी़ गांव की सहिया चांदो चांपिया और मनोहरपुर की सहिया साधना साहू के संपर्क में आई थी,उसे सहिया ने कहा था कि युवती की डिलीवरी आदि का खर्च वहन कर लेगी तो उसका बच्चा तुम्हें दिला देंगे, बच्चों को गोद लेने की चाह में उसने गर्भवतीका खर्च सहिया साधना साहू को भेज दिया करती थी,50,000रू में पूरा सौदा हुआ था उसने बताया कि वह युवती को तीन-चार महीने से ही जानती थी इधर सहिया साधना साहू ने कोख का सौदा करने के आरोप को झूठा बताया और कहा किया उसके ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
वहीं इस मामले को सरकारी अस्पताल के वरीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है जानकारी मिली है कि पूरे मामले की जांच पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन के द्वारा गठित एक टीम करेगी जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्यवाही होगी इधर बच्चों को जन्म देने वाली युवती शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेज दिया गया है,वहीं युवती के परिजन भी मनोहरपुर पहुंच चुके हैं उनका कहना है कि युवती काम के लिए चेन्नई गई थी मनोहरपुर में कैसे और कब से रह रही है यह उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।

















