श्री राम डायग्नोस्टिक सेंटर कि लापरवाही से वरिष्ठ पत्रकार भारत सिंह की तबीयत और बिगड़ी, गलत रिपोर्ट के कारण गलत दवाइयां चली..
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
आदित्यपुर के श्री राम डायग्नोस्टिक सेंटर में गलत रिपोर्ट देने का मामला प्रकाश में आया है जहां पर सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदित्यपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार भारत सिंह को 28 अक्टूबर 2023 को अचानक कमर में दर्द हुई जिस कारण उन्होंने श्रीराम डायग्नोस्टिक सेंटर में X-RAY करवाया।
वहीं उक्त X-RAY रिपोर्ट के मुताबिक सारी चीज नॉर्मल बताई गई पर X-ray कॉपी में कहीं थोड़ी सी जगह पर स्पॉट दिख रहा है जिसके अनुसार डॉक्टर ने कहा की रिपोर्ट में कुछ कमी है सारा रिपोर्ट नॉर्मल नहीं है।
वहीं श्रीराम डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा दिए गए प्रिंटेड रिपोर्ट में गड़बड़ी होने के कारण डॉक्टर ने इस प्रिंटेड रिपोर्ट के अनुसार पत्रकार भारत सिंह को दवाइयां दी जिसके कारण उनकी सेहत में तिनके भर का सुधार नहीं हुआ।
वहीं जब भरत सिंह दोबारा डॉक्टर पास गए तब डॉक्टर द्वारा X-ray की कॉपी देखने पर पाया कि X-ray की कॉपी में जो स्पॉट है उसे रिपोर्ट में प्रिंट नहीं किया गया है जिसके कारण गलती से गलत दवाई और गलत इलाज किया गया सही समय पर सही दवाई न मिलने के कारण पत्रकार भारत सिंह की हालत और भी गंभीर होती चली गई आखिर में जब डॉक्टर से दोबारा दिखाया गया तब जाकर पता चला की रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है उसके अनुसार दवाई चली।
अब बात यंहा पर यह आती है कि गड़बड़ी के लिए स्वास्थ्य विभाग को ऐसे डॉक्टर और डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच बिठानी चाहिए और सवाल यंहा पर यह आता है कि ऐसे लोगों को लाइसेंस कैसे दिया जा रहा है जिन्हें सही रिपोर्ट भी देना नहीं आता है। और यह भी सोचने वाली बात है कि यह इन विषयों पर जांच कब बैठेगी।
सरायकेला में नकली शराब बेचने को लेकर हंगामा,, दुकान के कर्मियों के साथ मारपीट।
सरायकेला-खरसावां
नकली शराब को जबरन दुकान में घुसाकर दुकान के कर्मियों के साथ मारपीट।
जिले में गुंडागर्दी और भ्रष्टाचारी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है कहीं दिनदहाड़े घर में घुसकर चोरी तो कहीं जबरन दुकान में नकली शराब बेचने की दादागिरी और गुंडागर्दी. इस गुंडागर्दी को और आगे बढ़ते हुए रविवार की देर शाम सरायकेला थाना क्षेत्र के कोलाबीरा ओपी अंतर्गत सरकारी लाइसेंसी शराब दुकान में स्कार्पियो संख्या जेएच 05बीसी 0017 से नकली शराब लेकर पहुंचे एजेंसी के अधिकारि पहुंचे और नकली शराब को जबरन दुकान में घुसाकर दुकान के कर्मियों के साथ मारपीट करने लगे. मारपीट करनेवालों में कौशल चौधरी, बादल यादव और सौरव गुलाटी के साथ अन्य चार- पांच लोग शामिल थे. इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण एकजुट हो गए जिसके बाद सभी मौके भाग निकले
इधर सूचना मिलते ही दुकान का मैनेजर अमन मौके पर पहुंचा. जिसे ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और उससे पूछताछ करने लगे. मैनेजर ने बताया कि वह यहां रजिस्टर के आधार पर स्टॉक मिलान करने पहुंचा है. इधर ग्रामीणों ने मारपीट करने वालों के संबंध में उससे पूछताछ की तो उसने अभिज्ञता जाहिर की. हालांकि स्टॉक के आधार पर रजिस्टर में एंट्री सही पाया
वहीं दुकान के कर्मियों ने बताया कि आए दिन एजेंसी वाले जबरन दुकान में अपने साथ खाली बोतल या आधे भरी शराब की बोतल लेकर पहुंचते हैं और डरा- धमका कर उनसे कमीशन के रूप में पैसे मांगते हैं. नहीं देने पर उनके साथ मारपीट की जाती है. ऐसा जिले के सभी दुकानों के कर्मचारियों के साथ होता है. वहीं मामले की सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए है. बताया जाता है कि सरकारी शराब के दुकानों में मैन पावर की सप्लाई करने वाले एजेंसी के अधिकारियों द्वारा कर्मियों से जबरन सेल का तीन प्रतिशत कमीशन लिया जाता है. नहीं देने पर उन्हें काम से हटा दिया जाता है, या झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है. यही वजह है कि शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मी मजबूरन ग्राहकों से तय दर से अधिक कीमत वसूलते हैं.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक यह गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार जिले से खत्म होगी आखिर इस पर अंकुश कब लगेगी आखिर कौन इस पर कठोर कदम उठाएगा।
टाटा मोटर्स अस्पताल में ईलाजरत मिथलेश के घर दिन दहाड़े हुई लाखों की चोरी।
बंद घर का तोड़ा दरवाजा दीवार फांदकर घुसे चोर वायरिंग तक काट कर ले गए चोर
चोरी की सूचना के तीन घंटे बाद भी पुलिस का नहीं पहुंचना संदिग्ध विषय एसएसपी करें करवाई:- विकास सिंह
पूर्वी सिंहभूम/जमशेदपुर
मानगो के उलीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकोसाईं रोड नंबर 5 और 3 के बीच में मिथिलेश सिंह के घर दिनदहाड़े चोरों ने पूरे घर को खंगाल कर लगभग आठ लाख रु के घरेलु समान,जेवर ,चांदी के सिक्के लेकर रफू चक्कर हो गए । चोरों को भागते हुए सीसीटीवी कैमरा में देखा जा सकता है । शंकोसाईं रोड नंबर 5 और 3 के बीच में रहने वाले मिथिलेश सिंह का टाटा मोटर्स कंपनी के बाय सिक्स कर्मचारी हैं वें 27 अक्टूबर से अस्पताल में ऑपरेशन करने हेतु भर्ती है अस्पताल में भर्ती रहने के कारण घर में मौजूद पत्नी और दोनों बच्चों को उन्होंने मायके भेज दिया था। अचानक मिथिलेश सिंह के पड़ोसी ने लगभग दोपहर को 1:30 बजे मिथिलेश के मोबाइल में फोन कर बताया कि आपके घर से चोर चोरी कर भाग रहे हैं । मिथिलेश ने मजबूरन टाटा मोटर्स अस्पताल से छुट्टी लेकर जब घर आकर देखा तो पाया कि उनके घर के जितने अलमारी थे सभी को तोड़ दिया गया है बॉक्स पलंग में रखे सारे बर्तन चोर लेकर भाग गए हैं हद तो तब हो गई जब चोरों ने घर में लगे हुए पंखे के साथ-साथ बिजली के वायरिंग को भी काट कर ले गए।
वहीं मिथिलेश ने मामले की सूचना उलीडीह थाने में दिया लेकिन तीन घंटा बीत जाने के बाद थाने का कोई भी पदाधिकारी मिथिलेश के घर में सुध लेने नहीं आया मिथिलेश ने मामले की जानकारी भाजपा नेता विकास सिंह को दिया भाजपा नेता विकास सिंह ने मौके में पहुंचकर प्रशासन के वरीय अधिकारियों को चोरी की सूचना देते हुए कहा कि दिनदहाड़े व्यस्ततम सड़क के ऊपर बने मकान पर चोरी होना पुलिस और जिला प्रशासन की नाकामयाबी को दर्शाता है । मिथिलेश सिंह ने बताया कि लगभग आठ लाख रुपए के समान और जेवर लेकर चोर कर भाग गए हैं सीसीटीवी में तीन चोर को तेज रफ्तार से भागते हुए देखा जा सकता है । मायके से लौटी मिथिलेश की पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो गया हैं। मौके में पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा पुलिस के सांठ गांठ में अवैध नशा खुरानी का धंधा फल फूल रहा है जिसके कारण अपराध सभी सीमाओं को पार गया हैं। विकास सिंह ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक से चोरी हुए स्थान में तीन घंटे तक पुलिस के नहीं पहुंचने वाले मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके में मौजूद पुलिस के ऊपर कारवाई करने की मांग रखी है।
कोल्हान में 21वीं सदी के झारखंड में आज भी डायन कुप्रथा का बोलबाला है,पद्मश्री छुटनी महतो के गृह जिले में डायन के नाम पर भाई ने ली भाई की जान।
सरायकेला -खरसावां
कोल्हान में 21वीं सदी के झारखंड में आज भी डायन कुप्रथा का बोलबाला है। जिस छुटनी महतो को डायन कुप्रथा से लड़ने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया, उसी छुटनी महतो के गृह जिला सरायकेला में बीती रात डायन के संदेह में एक भाई ने भाई की जान ले ली। जो कहीं न कहीं शासन- प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
डायन कुप्रथा के उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे अभियान पर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल तब और गहरा जाता है जब छुटनी जैसी ब्रांड एंबेसडर के रहते उसी के जिले में डायन के नाम पर हत्या हो।
मामला सरायकेला थाना क्षेत्र के हड़ुआ गांव की है। जहां एक भाई ने लकड़ी के कुन्दे से अपने बड़े भाई की हत्या कर डाली। हालांकि हत्यारे भाई ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
मृतक की पहचान 70 वर्षीय साधु पूर्ति के रूप में हुई है। हत्यारे भाई का नाम विशु पूर्ति उर्फ पहलवान बताया जा रहा है। मृतक की बेटी के अनुसार उसका चाचा उसकी मां को डायन कहता था। इसको लेकर कई बार घर में विवाद हो चुका था।
बीती रात भी उसके चाचा उसकी मां को डायन बताकर मारने आया था। बीच बचाव करने गए उसके पिता के सर पर लकड़ी के कुन्दे से हमला कर दिया जिसमे वे बुरी तरह से घायल हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इधर गांव के मुखिया ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच संपत्ति विवाद थी। मगर जब यहां पहुंचा तो मामला डायन प्रताड़ना का निकला। इधर घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अर्जुन उरांव दल बल के साथ हड़ुआ गांव पहुंचे और मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं।
आपको बता दें कि डायन कुप्रथा के उन्मूलन और डायनों के नाम पर प्रताड़ित महिलाओं के हितों की रक्षा करने को लेकर साल 2021 का पद्मश्री सम्मान सरायकेला के छुटनी महतो को मिला था। अपने आप में यह गौरव की बात है। हैरानी तब होती है जब छुटनी महतो के जिले से डायन प्रताड़ना और हत्या जैसे मामले सामने आते हैं। इतना ही नहीं स्थानीय पुलिस- प्रशासन भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता नहीं दिखाती है और पीड़ित के शिकायतों पर गंभीरता नहीं दिखाती है।
पद्मश्री छुटनी महतो लगातार जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लेती है। मगर प्रशासन उन्हें तरजीह नहीं देती यदा- कदा ही किसी कार्यक्रमों में उन्हें बुलावा भेजकर खानापूर्ति कर लेती है।
पश्चिम सिंहभूम के तांतनगर क्षेत्र स्थित बड़ा पोखऱिया से 37 पेटी अवैध शराब जब्त।
पश्चिम सिंहभूम/चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
पश्चिम सिंहभूम की तांतनगर ओपी पुलिस ने एक और सफलता हासिल करते तांतनगर क्षेत्र के बड़ा पोखरिया गांव स्थित एक घर में छापामारी कर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है. इसमें अलग-अलग ब्रांड की शराब शामिल है. पुलिस इस मामले में घर मालिक के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
आपको बताते चलें कि चाईबासा पुलिस अधीक्षक को तांतनगर क्षेत्र स्थित बड़ा पोखरिया गांव में अवैध शराब का कारोबार चलाये जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसके आलोक में तांतनगर ओपी प्रभारी राहुल कुमार राम ने पुलिस एवं सशस्त्र बल के सहयोग से बड़ा पोखरिया गांव स्थित प्रताप सवैयां के घर पर छापामारी की।
छापेमारी के दौरान वहां से 37 पेटी विदेशी शराब जब्त की गयी जिसमें 18 पेटी नाइट गर्ल व्हिस्की, मैक्डोवेल्स की 12 पेटी, स्टर्लिंग रिजर्व की 7 पेटी, रॉयल स्टैग की प्रीमियर व्हिस्की की 29 बोतलें शामिल हैं. पुलिस ने इस संबंध में अवैध विदेशी शराब बेचने वाले के विरुद्ध आइपीसी एवं झारखंड उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले का अनुसंधान शुरू कर दिया है।
उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर कांड्रा थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जप्त किए गए जावा महुआ शराब।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में लगातार छापामारी अभियान चलाई जा रही है।
सरायकेला/कांड्रा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावा जिले के उत्पाद अधीक्षक श्रीमती विमला लाकड़ा के निर्देश पर कांड्रा थाना क्षेत्र के बुरुडीह में नदी किनारे बड़े पैमाने पर उत्पाद दल एवम संबंधित थाना के साथ संयुक्त उत्पाद छापामारी कर नदी किनारे संचालित अवैध चुलाई भट्टी को ध्वस्त किया गया। छापामारी अभियान के दौरान अवैध महुआ शराब 50 LTR लगभग जावा महुआ 1500kg लगभग जप्त किया गया।
वहीं अवैध भट्टी संचालकों के विरुद्ध उत्पाद वाद दर्ज कर कारवाई किया जा रहा है। जिले में चल रहे छापामारी अभियान के विषय में जानकारी देते हुए उत्पाद अधीक्षक श्रीमती विमला लाकड़ा द्वारा बताया गया कि यह अभियान लगातार जारी रहेंगा शराब के अवैध कारोबारीयो को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा। अवैध शराब कारोबारीयों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
कांड्रा थाने की गश्ती पुलिस ने चौका की ओर से आ रहे ओवरलोड बालू लदे एक हाइवा किया जब्त।
सरायकेला/कांड्रा
सोनू कुमार सिंह
कांड्रा : 5 अक्टूबर गुरुवार को यहसरायकेला खरसावां के कांड्रा थाने की गश्ती पुलिस ने चौका की ओर से आ रहे ओवरलोड बालू लदे हाइवा संख्या जेएच24के1226 को कांड्रा ओवरब्रिज के समीप पकड़ा है, जिसकी जांच हेतु अंचलाधिकारी गम्हरिया को सूचना दे दी गयी है।
बता दें कि एसपी डॉक्टर विमल कुमार के पदस्थापन के बाद से क्षेत्र में अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है. अवैध शराब के बाद अब अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ भी पुलिस एक्शन में दिख रही है. एनजीटी के रोक के वाबजूद अवैध बालू कारोबारी अवैध बालू परिवहन करने से बाज नहीं आ रहे. मगर एसपी के सख्ती के बाद अब अवैध बालू के कारोबारियो में हड़कंप मच गया है. गौरतलब है कि सरायकेला से लेकर आदित्यपुर तक में अवैध बालू लदे हाइवा पर कार्रवाई की जा रही है. इससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मची हुई है।
मनोहरपुर में प्रसव के दौरान युवती की मौत मामले में जांच शुरू।
चक्रधरपुर :मनोहरपुर में प्रसव के दौरान युवती की मौत मामले में जांच शुरू कर दी गई है आपको बताते चलें कि बिन ब्याही युवती के प्रसव के 24 घंटे बाद युवती की मौत एवं उसके नवजात शिशु की ख़रीद-फरोख्त मामले को लेकर बुधवार को जांच टीम एसडीओ के नेतृत्व में मनोहरपुर स्थित तुरी टोला का दौरा किया. इसके पूर्व जांच टीम के सदस्यों द्वारा इस मामले में संलिप्त दोनों सहिया, एएनएम एवं अवैध रूप से शिशु को एडॉपट करने वाली महिला से मनोहरपुर सीएचसी के बंद कमरे में क्रमश: पूछताछ की जा रही है. विदित हो कि मनोहरपुर का यह मामला उच्च स्तर पर भी तूल पकड़ता जा रहा है. जिससे ज़िला प्रशासन इसे गंभीरता से लिया है।
तथा इस मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर पश्चिम सिंहभूम ज़िला के उपायुक्त के दिशा निर्देश में चक्रधरपुर अनुमंडल एसडीओ रीना हांसदा के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित किया गया है. लिहाज़ा मामले की जांच को सार्वजनिक नहीं किया गया है. हनुमान लगाया जा रहा है उक्त जांच के बाद रिपोर्ट ज़िला उपायुक्त को सौंप दी जाएगी.ताकी आगे की कारवाई में किसी भी प्रकार का बाधा उत्पन्न ना हो।
बिन ब्याही मां के कोख का हुआ 50,000रु में सौदा, बच्चे को जन्म देने के बाद हुई मौत, जांच में जुटी प्रशासन,
पश्चिम सिंहभूम
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में एक बिन ब्याही मां की कोख में पल रहे बच्चे की गर्भावस्था में ही₹50000 में सौदा कर लिए जाने का सनसनी केस मामला सामने आया है.यही नहीं प्रसव के बाद उचित इलाज नहीं मिलने के कारण बच्चों को जन्म देने वाली मां की 24 घंटे के अंदर मौत भी हो गई इस मामले में आनंदपुर अस्पताल की एक नर्स एक सहिया और गर्व का सौदा करने वाली एक महिला अब जांच के घेरे में हैं।
आपको बताते चले की मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के तुरी टोला का है वहां एक किराए के मकान में कुछ महीने से गुपचुप तरीके से रह रही 20 साल की एक अविवाहित युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही महिला की मौत हो गई महिला की मौत के बाद इस पूरी घटना के पीछे चल रही कोख की खरीद फरोख्त का घिनौना मामला सामने आया है. इस मामले में आनंदपुर सरकारी अस्पताल की एक नर्स समिति सिन्हा, सहिया साधना साहू, और कोख का सौदा करने वाली गड्डी गुप्ता पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक दरसल अविवाहित युवती चेन्नई मजदूरी करने वाली थी आशंका व्यक्त की जा रही है कि चेन्नई में शारीरिक संबंध स्थापित होने से वह गर्भवती हो गई उसके बाद वह विगत कुछ माह पहले चेन्नई से वापस आ गई और 2 महीने से मनोहरपुर के तुरी टोला में सहिया साधना साहू और बच्चे को गोद लेने वाली महिला मनोहरपुर निवासी गुड्डी गुप्ता की देखरेख में टोले की महिला गुलशन बानो के किराए के मकान में रह रही थी।
इसी दौरान प्रसव पीड़ा होने से शनिवार की रात 8:00 बजे सहिया साधना साहू ने युवती को अस्पताल ले जाने के वजह आनंदपुर की एक नर्स समिति सिंन्हा के जरिए किराए के मकान में ही प्रसव करवाया, इस मामले में नर्स का कहना है कि सहिया साधना साहू ने बताया था कि महिला अस्पताल ले जाने लायक नहीं है जिसके कारण उसने घर जाकर प्रसव करने में मदद की हालांकि उसने प्रसव के बाद सहिया को जच्चा-बच्चा को मनोहरपुर अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी थी लेकिन सहिया ने ऐसा नहीं किया बच्चों को जन्म देने के बाद रविवार की शाम को युवती की स्थिति बिगड़ गई सहिया आनंन-फानन में बच्चे और युवती को मनोहरपुर सरकारी अस्पताल लेकर गई जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जयशंकर ने रविवार शाम 6:00 बजे युवती का अमृत घोषित कर दिया।
उसके बाद सहिया मृतक के सब को किराए के उसी मकान में ले गई और मकान के अंदर सब को रखकर बाहर से ताला बंद कर दिया, सहिया ने 50000 में बच्चों को बेचने के लालच में युवती को अस्पताल ले जाना जरूरी नहीं समझा जिसके कारण युवती ने उचित इलाज के अभाव में तड़पते हुए दम तोड़ दिया, इस बात की भनक मनोहरपुर पंचायत समिति सदस्य खुशबू गुप्ता और उप मुखिया परितोष यादव को लग गई उसके बाद लोगों ने हंगामा मचाया और पूरा मला परत दर परत खुल गया।
इधर बच्चों को गोद लेने वाली महिला गुड्डी गुप्ता भी बच्चों के साथ धरी गई पकड़े जाने पर उसने अपनी सफाई में कहा कि यह उसका बच्चा नहीं है वह किसी बच्चे को गोद लेने की चाहत में घाटकुडी़ गांव की सहिया चांदो चांपिया और मनोहरपुर की सहिया साधना साहू के संपर्क में आई थी,उसे सहिया ने कहा था कि युवती की डिलीवरी आदि का खर्च वहन कर लेगी तो उसका बच्चा तुम्हें दिला देंगे, बच्चों को गोद लेने की चाह में उसने गर्भवतीका खर्च सहिया साधना साहू को भेज दिया करती थी,50,000रू में पूरा सौदा हुआ था उसने बताया कि वह युवती को तीन-चार महीने से ही जानती थी इधर सहिया साधना साहू ने कोख का सौदा करने के आरोप को झूठा बताया और कहा किया उसके ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
वहीं इस मामले को सरकारी अस्पताल के वरीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है जानकारी मिली है कि पूरे मामले की जांच पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन के द्वारा गठित एक टीम करेगी जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्यवाही होगी इधर बच्चों को जन्म देने वाली युवती शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेज दिया गया है,वहीं युवती के परिजन भी मनोहरपुर पहुंच चुके हैं उनका कहना है कि युवती काम के लिए चेन्नई गई थी मनोहरपुर में कैसे और कब से रह रही है यह उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
मेडिटीना अस्पताल में महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने जमकर मजाचाया बवाल,, पुलिस भी मौके पर पहुंची
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडिट्रीना अस्पताल में 9 महीने से डायलिसिस का इलाज कराने के पश्चात रविवार 1 अक्टूबर को 45 वर्षीय पूनम कश्यप की मौत हो गई. महिला की मौत होने से परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन समेत डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल मचाया।
मिली जानकारी के मुताबिक आदित्यपुर एस टाइप निवासी राजेश ठाकुर की पत्नी 45 वर्षीय पूनम कश्यप बीते 9 महीने से डायलिसिस पर थी, जिनका इलाज मेडिट्रीना अस्पताल में बीते 9 महीने से चल रहा है। वहीं उनका डायलिसिस भी होता था.इस बीच रविवार को डायलिसिस के लिए अस्पताल पहुंची महिला की तबीयत बिगड़ी जिसके बाद महिला की मौत हो गई, इधर मृत महिला के परिजनों ने अस्पताल और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि महिला को डॉक्टरों द्वारा पहले 6 इंजेक्शन दिए गए, जिसे अचानक महिला के मुंह से झाग निकलने लगा और तबियत बिगड़ने लगी।
इस बीच अस्पताल प्रबंधन द्वारा हाथ खड़े करते हुए महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया,परिजनों द्वारा अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन अस्पताल ने एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराया.परिणाम स्वरूप महिला ने दम तोड़ दिया. इधर घटना की जानकारी होने के बाद आदित्यपुर पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंची और उग्र हुए परिजनों को समझाने -बुझाने के बाद मामला शांत कराया.और साथ ही आदित्यपुर थाना प्रभारी राजन कुमार द्वारा परिजनों को समझाने बुझाने के बाद आस्वस्त किया गया कि वे मामले की लिखित शिकायत करें, जिस पर आगे कार्रवाई होगी।
इधर मामले के संबंध में जानकारी देते हुए अस्पताल के डॉक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि वह बीते 9 महीने से महिला का लगातार डायलिसिस कर रहे थे. रविवार को भी परिजन डायलिसिस के लिए पहुंचे थे. लेकिन देरी से पहुंचने के चलते वे एक मेडिकल आयोजन कैंप में हिस्सा लेने निकल गए, इस बीच महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई. डॉक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि रविवार को फर्स्ट हाफ में ही केवल डायलिसिस होता है. सेकंड हाफ में मशीनों की साफ- सफाई होती है इस लिए रविवार को डायलिसिस सेकंड हाफ में बंद किया जाता है
सरकारी महिला ऑफिसर नाबालिग नौकर को कर रही थी प्रताड़ित,अब जांच कर रही पुलिस
सरायकेला/आदित्यपुर
यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी नाबालिक से काम करवाना गैर कानूनी होता है वह चाहे घर का काम हो फैक्ट्री का काम हो दुकान का काम हो या किसी भी संस्थान का काम हो यह घैर कानूनी होता होता है इसी कड़ी में सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विनायक गार्डन सोसाइटी में रहने वाली एक सरकारी महिला अधिकारी द्वारा नाबालिग को प्रताड़ित करने का मामला प्रकाश में आया है।
वहीं मिली जानकारी के अनुसार आदित्यपुर-कांड्रा मुख्य मार्ग स्थित विनायक गार्डन सोसायटी ई ब्लॉक के फ्लैट संख्या 505 में किराएदार गम्हरिया प्रखंड कृषि विज्ञान केंद्र की अधिकारी अंजली मिश्रा द्वारा अपने घर में रखे गए घरेलू नाबालिग नौकर को प्रताड़ित कर लगातार मारपीट किए जाने की शिकायत पर फ्लैट वासियों ने पुलिस को मामले से अवगत कराया।
इसके बाद मौके पर पहुंची आदित्यपुर पुलिस की पीसीआर गाड़ी ने नाबालिग बच्चों को बरामद करते हुए थाने ले आई है और मामले के जांच में जुट गई है. फ्लैट में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि अंजली मिश्रा बीते कई दिनों से 10 वर्षीय नाबालिग बच्चों को प्रताड़ित कर मारपीट करती थी. हमेशा रोने- चिल्लाने की आवाज से फ्लैट वासी परेशान रहते थे, फ्लैट के लोगों ने कई बार रांची में रहने वाले फ्लैट के मालिक से भी शिकायत की थी मौजूद इसके नाबालिग बच्चों को प्रताड़ित करने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा था. सोमवार को अंजली मिश्रा द्वारा नाबालिग बच्चों को फ्लैट में बंद करने पर नाबालिग द्वारा पड़ोस में रहने वाली विनीत राय से गुहार लगाई गई, जिसके बाद पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया गया। मामले की जानकारी होने के बाद आदित्यपुर पुलिस विनायक गार्डन फ्लैट पहुंचकर पड़ताल में जुड़ गई।
वहीं मामले का संबंध में सरकारी अधिकारी अंजली मिश्रा द्वारा बताया गया है कि बच्चों को इन्होंने अपने गांव से लाया था, जहां बच्चों की मां ने दूसरी शादी कर ली जिससे पिता ने इन्हें अपने साथ रखकर बच्चे के भरण- पोषण की जिम्मेदारी दी थी. अंजली मिश्रा ने बताया कि पड़ोसियों द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।
वहीं इस मामले के पुलिस जांच कर रही है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पुलिस जांच के पश्चात क्या खुलासा करती है।
पत्रकार अनवर पर हमला, मानगो थाना पहुंचे अनवर की पुलिस ने नहीं ली सुधि..
जमशेदपुर
जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. आज अहले सुबह 4.30से 4.40के बीच मानगो थाना से 100मीटर की दूरी पर नमाज पढने जा रहे पत्रकार अनवर शरीफ पर बाइक सवार अपराधियों ने हमला कर दिया.अपराधियों ने धार्मिक नारे लगाए और भाग गए.अनवर का आरोप है कि घटना के बाद मानगो थाना पहुंचने पर मौके पर मौजूद अधिकारी ने कोई रिस्पांस नहीं लिया.वहीं थाना पहुंचे पेट्रोलिंग गाडी के अधिकारी ने कहा-ठीक हुआ.अनवर शरीफ ने कहा वे लोग चाहते तो तुरंत सीसीटीवी देखते लेकिन कार्रवाई तो दूर की बात है थाने में सही व्यवहार नहीं किया गया.
अनवर ने पत्रकारों और पुलिस के वाट्सअप ग्रुप में इस घटना की पूरी जानकारी दी जिसके बाद पत्रकारों में आक्रोश है.फिलहाल पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
वहीं इस घटना से नाराज पत्रकारों ने कहा है कि पत्रकार अनवर पर यह हमला यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं. मगर सबसे अफसोसजनक है पुलिस का रवैया.वहीं पत्रकारों की मांग है कि मानगो थाना प्रभारी और अन्य वरीय पदाधिकारीगण अविलंब इस मामले का संज्ञान लें और सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों से अपराधियों की धर पकड़ करें.साथ ही ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी की भी खबर लें कि कोई घायल थाना पहुंचा तो क्यों रिस्पाॅन्स नहीं लिया?अनवर एक बेहद ही अनुशासित , मेहनती और नेक इंसान हैं. उनके साथ हुए आपराधिक कृत्य और थाने में हुए पुलिसिया व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है।