बास्को बेसरा की पुत्री मोना बेसरा वार्ड नंबर 8 से जीत का परचम लहराया। वार्ड नंबर 18 से अंकुर सिंह ने जीत का परचम लहराया
सरायकेला/आदित्यपुर
चुनाव के बाद आदित्यपुर मतगणना के परिणामों के इंतजार सभी प्रत्याशी निगाहें टिकी हुई हैं इसी बीच आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना के बीच 16 वार्डों के परिणाम जारी कर दिये गये है। वार्ड नंबर 8 से मेयर प्रत्याशी बास्को बेसरा की पुत्री मोना बेसरा चुनाव जीती है। मोना बेसरा डिप्टी मेयर की उम्मीदवार होगी। इस संबंध में बास्को बेसरा ने मीडिया के माध्यम से अपनी पुत्री को जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मोना बेसरा,वार्ड नंबर 8
उन्होंने कहा कि डिप्टी मेयर पद पर समर्थन देने के लिए कई वार्ड पार्षद उनके संपर्क में है, इसलिए मोना बेसरा डिप्टी मेयर के दौर में सबसे आगे हैं। दूसरे राउंड में वार्ड पार्षद की घोषणा करने के बाद मिली जानकारी अनुसार वार्ड संख्या 1 से बनमली महतो, वार्ड संख्या 2 से सुप्रिया महतो, वार्ड संख्या 3 से पिंकी चौधरी, वार्ड संख्या 4 से शुभम पांडेय, वार्ड संख्या 5 से विनीता कुमारी, वार्ड संख्या 6 से धनंजय गुप्ता, वार्ड संख्या 7 से परितोष बेज, वार्ड संख्या 8 से मोना बेसरा, वार्ड संख्या 9 से दुर्गाचरण बेसरा, वार्ड संख्या 10 से शंकर सरदार, वार्ड संख्या 11 से मंजू देवी, वार्ड संख्या 12 से मोतीलाल बिसोई, वार्ड संख्या 13 से शांतनु घोष, वार्ड संख्या 14 से निर्विरोध, वार्ड संख्या 15 से नथुनी सिंह, वार्ड संख्या 16 से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये है।
वार्ड 18, प्रत्याशी अंकुर सिंह
वहीं आदित्यपुर वार्ड 18 से प्रत्याशी अंकुर सिंह ने अपने विरोधी से 450 मतों के अन्तर से विजय हुए हैं, चुनाव जीतने के बाद अंकुर सिंह ने वार्ड 18 लोगों को धन्यवाद किया और कहा लोगों ने जो भरोसा दिखाया है मुझ पर मैं उन लोगों के भरोसे पर खडा उतरने का पूरा कोशिश करूंगा। अंकुर सिंह को कुल 1166 मत प्राप्त हुए है।
वहीं वार्ड नंबर 9 से दुर्ग चरण बेसरा ने भी जीत का परचम लहराया समर्थकों में जीत की लहराया।
आदित्यपुर, वार्ड संख्या 7, परितोष बेज
साथ ही वार्ड संख्या 7 से परितोष बेज ने जीत हासिल किया।
कपाली वार्ड नंबर 7 से आफरीन शेख
इसके साथ ही कपाली वार्ड नंबर 7 से आफरीन शेख ने जीत का परचम लहराया।
विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुसाबनी प्रखंड कार्यालय में बना हाईटेक नियंत्रण कक्ष
मुसाबनी
मंगलवार को घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव संपन्न कराए जाने को लेकर जहां मतदान कर्मी अपने-अपने बुथों पर मतदान संपन्न कराया।
वहीं दूसरी ओर मुसाबनी प्रखंड कार्यालय में 99 बूथों पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए हाईटेक नियंत्रण कक्ष बनाया गया था। जिसमें कंप्यूटर के अनुभवी एवं जानकार कर्मचारियों को इस नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी डुमरिया नीलेश मुर्मू व सीओ सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी पवन कुमार द्वारा सौंपी गई थी। प्रखंड स्तरीय यह नियंत्रण कक्ष सोमवार से ही काम करना शुरू कर दिया था। बुधवार को इस हाईटेक नियंत्रण कक्ष में तैनात सभी कर्मियों ने मतदान के पल-पल की रिपोर्ट लेकर डाटा तैयार करने में जुटे रहे। 11 नम्बर को सुबह 4:00 बजे भोर से ही यह कंट्रोल रूम काम करने लगा था। जो मतदान समाप्ति के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रेषित करने तक सक्रिय रहा। यह नियंत्रण वरीय नोडल पदाधिकारी जयराम हांसदा प्रखंड नाजीर की देखरेख में संचालित रहा।
कक्ष में कंप्युटर ऑपरेटर निर्वाचन कृष्णा नंद चौधरी, मृत्युंजय सिन्हा,सोमेश माहाली,आसित पातर,शंकर सिंह, भाष्कर पाल, अनिता कुमारी,चांदमुनी मार्डी,मुस्कान मार्डी, बुलबुल रानी साव , सहदेव मुंडा,सुमन साव, प्रियंका मांझी, राजेश श्रीवास्तव,मो जुनैद, मोहम्मद सैफुल्लाह अंसारी,पुनता हांसदा, आदि पल-पल की रिपोर्ट लेकर अंतिम प्रतिवेदन तैयार किया।
मुसाबनी में कांग्रेस का जनसंपर्क अभियान, गांव-कस्बों तक पहुंच रहे प्रदेश अध्यक्ष
पूर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर मुसाबनी प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा महागठबंधन प्रत्याशी सोमेश सोरेन के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं समन्वय समिति के सदस्य केशव महतो कमलेश, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक ममता कुमारी, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार बलमुचू, जिला अध्यक्ष परबिंदर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दूबे, शमशेर खान, संजय साह, लक्ष्मण चंद्र बाग आदि नेताओं ने मुसाबनी यूनियन कार्यालय से महुलबेड़ा तक पदयात्रा निकालर कर सहयोगी दल के उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए मतदाताओं से अपील की।
घाटशिला में 11 नवंबर को मतदान होना है। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस महागठबंधन की जीत के लिए पसीना बहा रहा है। बड़ी चुनावी सभाओं की जगह गांव गांव और कस्बे तक में जाकर प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश व अन्य कांग्रेसी नेतागण वोटरों से मिल रहे हैं। उनको यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्यों इस उपचुनाव में इंडिया ब्लॉक और झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन की जीत जरूरी है।शानिवार को केशव महतो कमलेश का चुनावी अभियान गुड़ाबांदा, मुसाबनी और घाटशिला प्रखंड में आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, गठबंधन नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
यूनियन कार्यालय में नेताओं ने प्रेस वार्ता कर सरकार की उपलब्धियां को गिनाया एवं गठबंधन प्रत्याशियों के लिए लोगों को प्रेरित किया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि झारखंड में महागठबंधन की सरकार जनता के विकास, अधिकार और सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जबकि भाजपा केवल धर्म और समुदाय के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करती है।जनता विकास चाहती है, रोजगार चाहती है, सम्मान चाहती है जो केवल महागठबंधन की सरकार ही दे सकती है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल कंट्रोल रूम एवं एमसीएमसी कोषांग का किया निरीक्षण
पूर्वी सिंहभूम/ जमशेदपुर
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव-2025 के सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल (cVIGIL) कंट्रोल रूम एवं एम.सी.एम.सी (Media Certification and Monitoring Committee) कोषांग का निरीक्षण किया गया । इस दौरान जिले के वरीय पदाधिकारियों द्वारा नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों से निर्वाचन संबंधी शिकायतों के प्राप्ति, पंजीकरण एवं उसके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिया कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त किसी भी शिकायत या सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित अधिकारियों को सूचित कर समयबद्ध प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए ।
cVIGIL कंट्रोल रूम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा cVIGIL मोबाइल ऐप के माध्यम से की गई किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और सत्यापन के उपरांत उचित कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र अपलोड की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन को इस ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करें ताकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।
एमसीएमसी कोषांग के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में प्रकाशित/प्रसारित राजनीतिक सामग्री पर सतर्क निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों द्वारा बिना प्रमाणीकरण के किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जाना है। सभी शिकायतों एवं अनुमोदन से संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह, डीएसपी सीसीआर, सहा. प्रभारी पदाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष अल्का पन्ना, सुजीत बारी, सहा. प्रभारी पदाधिकारी मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग अंकित कुमार सिंह तथा अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे ।
बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025 -आचारसंहिता प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान
चुनावी परिदृश्य में दुनियाँ देखेगी कि सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।
चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
महाराष्ट्र/गोंदिया
वैश्विक स्तरपर भारत एक ऐसा देश है, जहां लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक आस्था है। हर चुनाव इस आस्था की परीक्षा भी होता है और लोकतंत्र की आत्मा की पुनर्पुष्टि भी। वर्ष 2025 के राज्य बिहार विधानसभा चुनाव सहित कुछ राज्यों की विधानसभाओं का उपचुनाव इस दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं। आगामी 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में बिहार में मतदान होने जा रहा है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा करते ही आचार संहिता लागू कर दी है, और इसके साथ ही पूरा प्रशासन सक्रिय मोड में आ गया है। इस चुनावी परिदृश्य में भारत न केवल अपने भीतर लोकतांत्रिक शुचिता की परीक्षा दे रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।साथियों बात अगर हम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की करें तो,प्रथम चरण में कुल सीट:121 नोटिफिकेशन की तारीख:10 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख: 17अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:18 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:20 अक्टूबर 2025 मतदान:6 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025 चरण में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 फेज- 2 शेड्यूलकुल सीट:122 नोटिफिकेशन की तारीख:13 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख:20 अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:21 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:23 अक्टूबर 2025 मतदान:11 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025
साथियों बात अगर हम चुनाव आचार संहिता क़े अर्थ और महत्व की करें तो,चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों, नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है। इसे चुनाव आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत लागू किया जाता है।इसका मूल उद्देश्य है कि सत्तारूढ़ दल चुनावी प्रक्रिया के दौरान सरकारी संसाधनों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग न करे,तथा विपक्षी दलों को समान अवसर मिले। यह संहिता न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करती है बल्कि जनविश्वास को भी बनाए रखती है। लोकतंत्र में यह “आचार” ही वह संतुलन है जो“सत्ता” को “सेवा”में परिवर्तित करता है।2025 के विधानसभा चुनावों में यह आचार संहिता पहले से अधिक सख्ती से लागू की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि सरकारी गाड़ी, बंगला, हेलीकॉप्टर या कोई भी सरकारी संसाधन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।सरकारी वेबसाइटों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं, नई योजनाओं की घोषणाओं पर रोक लगा दी गई है और सरकारी धन का किसी भी प्रकार से राजनीतिक प्रचार में उपयोग वर्जित कर दिया गया है। यह व्यवस्था प्रशासनिक निष्पक्षता की दिशा में एक निर्णायक कदम है। साथियों बात अगर हम प्रशासनिक सक्रियता और अनुशासन की परीक्षाकी करें तो,आचार संहिता लागू होते ही राज्य का प्रशासन भी युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया है।जिलाधिकारियों से लेकर थानेदार तक को यह हिदायत दी गई है कि किसी भी तरह की राजनीतिक पक्षधरता न दिखे। पुलिस, आयकर विभाग,और निर्वाचन विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं ताकि अवैध धन, शराब, उपहार या अन्य प्रलोभनों के वितरण पर रोक लगाई जा सके। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ या झूठे प्रचार को नियंत्रित किया जाए। “ये किए तो जाना पड़ेगा जेल”- यह चेतावनी प्रशासन ने खुले रूप में दी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि किसी भी प्रकार के आचार संहिता उल्लंघन को अब केवल चेतावनी या जुर्माने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।यह कठोरता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए आवश्यक है। बीते वर्षों में सोशल मीडिया के ज़रिए झूठे प्रचार, वोटरों को प्रभावित करने वाली गलत सूचनाएं और नफरत फैलाने वाले बयानों की बाढ़ देखने को मिली है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती लोकतांत्रिक स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक “टीका” की तरह है। साथियों बात अगर हम सरकारी सुविधाओं पर रोक, सत्ता और चुनाव के बीच की दीवार की करें तो, आचार संहिता के तहत एक प्रमुख निर्णय यह लिया गया है कि मंत्री अब सरकारी सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसका अर्थ यह है कि चुनाव अवधि में सरकारी गाड़ी,सरकारी आवास,सुरक्षा व्यवस्था,या सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं निजी प्रचार में इस्तेमाल नहीं की जा सकतीं। यह प्रावधान सत्ता और चुनाव के बीच एक स्पष्ट दीवार खड़ी करता है।इतिहास साक्षी है कि जब-जब सत्ता में बैठे नेताओं ने सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया,तब-तब लोकतंत्र की साख को चोट पहुंची। इसलिए भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में इस प्रकार की रोक लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने का आवश्यक औजार है।इसके साथ ही सरकार की वेबसाइटों, विज्ञापनों और प्रचार माध्यमों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं। नई योजनाओं, नीतियों या घोषणाओं पर भी रोक रहेगी ताकि जनता के बीच कोई भ्रम या अनुचित लाभ का संदेश न जाए। यही आचार संहिता का सार है -कि सरकार जनता की होती है, किसी एक दल की नहीं। सभाओं और जुलूसों पर नियंत्रण स्वतंत्रता और अनुशासन का संगम – लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सर्वोपरि है, परंतु जब यह स्वतंत्रता दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करने लगे, तो इसे नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। इसी कारण से चुनाव आयोग ने यह नियम स्पष्ट किया है कि सभा और जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।यह व्यवस्था न केवल कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि हिंसा, अव्यवस्था और भीड़-प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी आवश्यकअति है। मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार पर रोक लगाना भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को भय, प्रलोभन या दबाव से मुक्त वातावरण प्रदान करना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। यह केवल चुनावी नियम नहीं बल्कि मतदाता की गरिमा और निजता की सुरक्षा है-जो किसी भी लोकतंत्र का मूल तत्व है। साथियों बात अगर हम लोकतांत्रिक शुचिता का अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को समझने की करें तो,भारत की आचार संहिता की व्यवस्था को दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में एक आदर्श के रूप में देखा जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या जापान जैसे देशों में भी चुनावों के दौरान कुछ सीमित प्रतिबंध लागू किए जाते हैं, परंतु भारत की तरह व्यापक और संगठित आचार संहिता शायद ही कहीं हो।संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और कॉमनवेल्थ ऑब्जर्वर ग्रुप ने कई बार कहा है कि भारत की चुनावी व्यवस्था “विकासशील लोकतंत्रों के लिए मॉडल” है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसके आदेशों की बाध्यता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी अत्यंत उच्च मानी जाती है।भारत में एक ही चुनाव में लाखों अधिकारी, सैकड़ों एजेंसियाँ और करोड़ों मतदाता शामिल होते हैं -इस स्तर की पारदर्शिता और संगठन क्षमता किसी भी राष्ट्र के लिए प्रशंसनीय है। यही कारण है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया वैश्विक लोकतंत्रों के लिए अध्ययन का विषय बनी रहती है। साथियों बात अगर हम राजनीतिक मर्यादा और भाषण की सीमाओं को समझने की करें तो, 2025 के चुनावों में एक और बड़ा मुद्दा है,भड़काऊ बयानों और नफरत फैलाने वाले भाषणों पर रोक। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रचार में धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभाजनकारी टिप्पणियाँ न करें।यह दिशा-निर्देश सिर्फ चुनावी शालीनता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए हैं। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने बयानबाजी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। एक ट्वीट या वीडियो लाखों लोगों तक तुरंत पहुँच जाता है, जिससे चुनावी माहौल बुरी तरह भड़क सकता है। इसलिए इस बार आयोग ने साइबर मॉनिटरिंग टीमों की संख्या दोगुनी कर दी है। हर जिला स्तर पर एक “सोशल मीडिया ऑब्जर्वर”नियुक्त किया गया है,जो ऑनलाइन प्रचार पर नज़र रखेगा। इस कदम से लोकतांत्रिक संवाद में संयम और मर्यादा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। साथियों बात अगर हम मतदाता जागरूकता और जिम्मेदारी को समझने की करें तो,लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति मतदाता के हाथ में होती है। प्रशासन और आचार संहिता के सभी नियम तभी प्रभावी हो सकते हैं जब मतदाता भी अपनी जिम्मेदारी समझे। 2025 के चुनावों में “मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान को फिर से सशक्त रूप में लागू किया गया है। सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप, और डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाताओं को मतदान केंद्रों की जानकारी, उम्मीदवारों के विवरण और शिकायत निवारण की सुविधा दी गई है।इसके साथ ही मतदान दर बढ़ाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं,जैसे कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष वाहन,वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर मतदान की सुविधा, और महिलाओं के लिए “पिंक बूथ”। यह सभी प्रयास लोकतंत्र की भागीदारी को और अधिक समावेशी बनाते हैं।आचार संहिता और राजनीति की नई परिभाषा-भारत में चुनाव अब केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं रह गए हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का पैमाना बन गए हैं। आचार संहिता इस प्रक्रिया में नैतिक संतुलन का प्रतीक है। यह राजनेताओं को याद दिलाती है कि सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है,न कि निजी अधिकार।2025 का चुनाव इस लिहाज से अलग है कि जनता पहले से अधिक जागरूक है, मीडिया की पहुँच अधिक गहरी है, और चुनाव आयोग की तकनीकी क्षमताएँ भी कई गुना बढ़ी हैं। अब चुनाव का हर चरण नामांकन से लेकर मतगणना तक,डिजिटली मॉनिटर किया जा रहा है।इस पारदर्शिता ने न केवल चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ाई है बल्कि भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण की संभावनाएँ भी घटाई हैं। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि,बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025-आचार संहिता, प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान”चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है,जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
मतदाता जागरूकता के लिए आयोजित किया गया पोस्टर एवं पेंटिंग प्रतियोगिता
लखीसराय/बिहार
168- लखीसराय विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के हलसी प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय कैन्दी सिंहपुर, विद्यालय परिसर नंदलाल बोस कला दीर्घा मे पेंटिंग एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विदित हो कि मतदाता SVEEP कार्यक्रम अंतर्गत मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य मतदाता के बीच जागरूकता फैलाना और भारत मे मतदान प्रतिशत को बढ़ाबा देना भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित कार्यक्रम है।
यह एक बृहद कार्यक्रम है, जो विभिन्न प्रकार के गतिविधि नुक्कड़ नाटक ,पेंटिंग, प्रतिक चिन्ह, स्लोगन, गीत- संगीत फिल्म इत्यादि के माध्यम से नागरिक मतदाता को चुनावी प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करता है, ताकि मतदान के प्रति उनकी जागरूकता बढ़े।
कार्यक्रम मे विद्यालय के 30 बच्चों ने अपनी सुंदर चित्र रचना के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चलाए जाने का कार्य किया। कार्यक्रम जिला स्वीप नोडल पदाधिकारी, सह जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आई. सी.डी .एस के वंदना पांडेय के दिशानिर्देश पर जिले के सभी विद्यालय महाविधालयों मे चलाया जा रहा है।
विद्यालय स्तर पर यह कार्यक्रम विद्यालय के कला शिक्षक एवं स्वीप समन्वयक रणवीर कुमार के मार्गदर्शन मे आयोजित किया गया जिसमे विद्यालय के सभी शिक्षकों का सहयोग रहा।
रांची लोकसभा चुनाव में तीन दमदार पार्टी आमने-सामने,,किसकी होगी नैया पार,,कौन बनेगा जनता का हिमायती
Loksabha election:-रांची
पंचायत, विधानसभा , लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को जीतने के लिए बूथ कमिटी का अहम रोल होता है, प्रत्याशी को पहले की बूथ जीता होता है, इसके चुनाव जीत सकता। चुनावी बहुत कुछ खेल होता है। जिसमें,भवाना,जाती,घर्म, अफवाह का बाजार होता है.लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है, और रांची लोकसभा में 25 मई 2024, शनिवार को चुनाव होना है… और रांची लोकसभा में कुल 27 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं…. रांची लोकसभा में कुल 21,62,169 मतदाता अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
रांची लोकसभा में 27 प्रत्याशी तो मैदान में हैं… लेकिन क्रमशः BJP, CONGRESS और JBKSS 03 पार्टी के प्रत्याशी ही मैदान में दमखम दिखा रहें हैं, इन तीन पार्टी को लेकर मेरा एक छोटा सा समीक्षा है.
BJP: बीजेपी के प्रत्याशी संजय सेठ हैं, और बीजेपी का गठबंधन AJSU के साथ है, बीजेपी बूथ स्तर पर काफ़ी मजबूत है, बीजेपी का बूथ से लेकर, मण्डल, प्रखंड, विधानसभा, जिला कमिटी का संगठन है, यानी की हर स्तर पर कार्यकर्ताओ का भरमार है, इन सभी कमिटी से जुड़े लोग प्रत्याशी कौन है ये चीज नहीं देखते है.. इनके लिए संगठन और पार्टी का नीति सिद्धांत ही सर्वपरी है, बीजेपी के सभी कार्यकर्त्ता बिना किसी नुक्स निकाले पार्टी हित में दिन रात मेहनत कर रहें है… साथ ही बीजेपी का AJSU के साथ गठबंधन है, AJSU का भी बूथ से लेकर कमिटी काफ़ी मजबूत है, पंचायत से लेकर जिला तक कमिटी है… लेकिन AJSU में संगठन से जुड़े कुछ लोगों का सिद्धांत नहीं है… कुछ लोग मुद्रा मोचन के चक्कर में हैं… यानी की लोकल भाषा में इसे – कोथा पाबो, के दिबेक, कोथा जाबो के चक्कर में रहते हैं, ऐसे लोगों का पार्टी के विचारों से कोई मतलब नहीं है, जो बात इस पार्टी के सुप्रीमो भी कई स्थानों पर बोलते हुए नजर आतें है, लेकिन ऐसे लोगों को पार्टी हित में कार्य करना चाहिए, पार्टी सर्वपरी होता है। फिर भी AJSU के ऐसे लोगों को छोड़कर ज्यादातर लोग इस लोकसभा में जीतोड़ मेहनत कर रहें है.
CONGRESS : कांग्रेस की प्रत्याशी यशस्वनी सहाय है, जो की पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की बेटी हैं.. हर स्टेज में इन्हे पिता के नाम से परिचय दिया जा रहा है… कांग्रेस का गठबंधन JMM, RJD, LEFT के साथ हैं… कांग्रेस का बूथ कमिटी नहीं के बराबर हैं, यहाँ तक की प्रखंड अध्यक्ष कौन हैं, सचिव कौन हैं, ये भी पता नहीं चल रहा हैं…पार्टी के लोग खुद कमिटी को लेकर असमंजस में हैं… बूथ कमिटी नहीं होने का मुख्य कारण चुनाव हारने के बाद प्रत्याशी या पार्टी कार्यकर्त्ताओ को करीब साढ़े चार साल बेसहारा छोड़ दिया जाता हैं… जिसके कारण इन कार्यकर्त्ताओ के पास – “इधर चला मैं, उधर चला, जाने कहाँ मैं किधर चला.. ” वाला सीन है. बेचारे साढ़े चार साल अपने नेताओं के आने के उम्मीद में रहते हैं, लेकिन इनका कोई नहीं सुनता… वहीं JMM का जहाँ तक सवाल है, बूथ कमिटी हैं, पंचायत से लेकर जिला तक कमिटी है, JMM अपने जगह पर मजबूत है, इनके कार्यकर्त्ता मेहनती हैं, लेकिन खुद के पार्टी के सिद्धांतो पर चलते हैं… बाकी कांग्रेस के लिए JMM खुद का पॉकेट से खर्चा क्यों करें, यही वाला सीन हैं.. कांग्रेस के साढ़े चार साल गायब रहने का फायदा JMM को मिला भी है… और इसका रिजल्ट समय में लोगों को देखने को मिलेगा… बाकी RJD, LEFT का क्या बात करें… इन्हे तो झारखंड में दूसरे के नाव में सवारी करने में इनको मजा आता हैं.
JBKSS_JLKM : ये नई नवेली पार्टी हैं, इस पार्टी के प्रत्याशी देवेंद्रनाथ महतो हैं, जो वर्तमान में खुद जेल में हैं… इस पार्टी में ज्यादातर युवा जुड़े हुए हैं, हर प्रखंड में लोग हैं, लेकिन बूथ कमिटी का पता नहीं हैं…युवाओं में जोश भरपूर हैं, गुटबाजी चरम सीमा पर हैं… लोकसभा चुनाव से ही इस पार्टी से जुड़े लोग खुद को विधायक प्रत्याशी घोषित करने से बाज नहीं आ रहें हैं, अनुभव की काफ़ी कमी हैं… किसी का ये लोग राय लेते नहीं हैं… साथ ही एक विशेष समुदाय(जात) से जुड़े ही ज्यादातर लोग हैं, इस पार्टी का प्रचार-प्रचार भी उक्त जाति विशेष गांव में ही ज्यादा हो रहा है, ये देखने को मिल भी रहा है… जो की चुनाव जीतने के लिए नाकाफी है… बाकी युवा हैं, तो जोश भी है, जोश है तो, होश भी गवां बैठ रहें हैं… बिना वजह केस भी खा रहें हैं… बाकी इस पार्टी के लोग एकजुट होकर चुनाव प्रचार करें और एक विशेष जाति के टैग से बहार आकार मेहनत करें तो सकारात्मक फायदा मिल सकता हैं.
सांसद विद्युत वरण महतो ने धूमधाम से भाजपा प्रत्याशी के तौर दाखिल किया नामांकन
जमशेदपुर
वहीं सांसद प्रत्याशी के समर्थन में शिव शंकर सिंह ने हजारों समर्थकों संग निकाली बाइक रैली
सांसद विद्युत वरण महतो ने जमशेदपुर लोकसभा सीट से मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. सांसद विद्युत वरण महतो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मुंडा, जमशेदपुर भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ डीसी ऑफिस पहुंचे और वहां उन्होंने नामांकन किया. उनके साथ उनके अधिवक्ता भी थे. डीसी के चेंबर में नामांकन के बाद बाहर निकलने पर संसद विद्युत वरण महतो ने पत्रकारों से बात भी की. उन्होंने कहा कि वह जीत की हैट्रिक लगाने जा रहे हैं. उनके नामांकन पर जनता में काफी उत्साह है. भाजपा कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं.
उन्होंने कहा कि लोकसभा का यह चुनाव देश की दशा और दिशा को बदलने वाला चुनाव है. भाजपा के उत्साह और जनता के रुझान को देखते हुए विपक्षी पार्टियां धराशाई हो गई है. उन्होंने विक्ट्री का निशान दिखाते हुए कहा कि उनकी भारी मतों से जीत होगी. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियां कहीं नज़र नहीं आएंगी. जमशेदपुर में सांसद विद्युत वरण महतो भारी मतों से विजयी होंगे.
नामांकन के बाद सांसद विद्युत वरण महतो डीसी ऑफिस से बाहर निकले, तो भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हो गए. भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पक्ष में नारेबाजी की. इसके बाद वाहनों से सांसद विद्युत वरण महतो का काफिला साकची के बोधी मैदान की तरफ रवाना हुआ. बाग ए जमशेद गोल चक्कर के पास भाजपा कार्यकर्ता खड़े थे. फिर जुलूस की शक्ल में भाजपा कार्यकर्ता सांसद विद्युत वरण महतो को लेकर साकची के बोधी मंदिर मैदान पहुंचे. यहां भाजपा की सभा थी.
भाजपा नेता शिव शंकर सिंह पूरे दल बल के साथ बाइक रैली निकालकर जमशेदपुर के भाजपा (एनडीए) प्रत्याशी श्री बिद्युत बरन महतो जी के नामांकन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस बाइक रैली का शुभारंभ केबुल कंपनी गेट के सामने से किया गया जो आगे चलकर टिनप्लेट चौक, गोलमुरी चौक, साकची गोलचक्कर होते हुए बोधि मंदिर, साकची पहुंचा। इस दौरान ” हमारा सांसद कैसा हो – बिद्युत दा जैसा हो, अबकी बार 400 पार और भारत माता की जय का उद्घोष कार्यकर्त्ताओं द्वारा लगता रहा। बीच में, बिद्युत बरण महतो और केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का फूलों का माला पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया गया।
बातचीत के क्रम में शिव शंकर सिंह ने कहा ” इस बाइक रैली का मुख्य उद्देश्य भाजपा सांसद प्रत्याशी श्री बिद्युत बरन महतो जी को अपार जनसमर्थन देकर उनको भारी मतों से विजयी बनाकर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों को मजबूत करना है। निश्चय ही अबकी बार 400 का आंकड़ा पार होगा”।
इस बाइक रैली में लालचंद्र सिंह, प्रिंस, शुभम, ओम पोद्दारनिरंजन, मनजीत शाहरूख, हनी परिहार कर्मजीत सिंह कम्मे कई लोग हजारों की संख्या में सम्मिलित हुए।
रांची लोकसभा चुनाव 2024 में वर्तमान संसद को कांग्रेस भाजपा के पुर्व संसद अभिमन्यु वध की चक्रव्यूह रच रहे
रांची
रांची लोकसभा चुनाव 2024 में वर्तमान संसद को कांग्रेस भाजपा के पुर्व संसद अभिमन्यु वध की चक्रव्यूह रच रहे इस चक्रव्यूह से किसको लाभ मिलेगा वह काल के भविष्य में छुपा हुआ।एनडीए पार्टी के सुपर हीरो देश के प्रधानमंत्री मोदी पतवार बने हुए। इंडियन टीम के पतवार राहुल बने हुए।एक दुसरे के पार्टी में सेंधमारी हो रहा है।एक हथियार हर का गारंटी दुसरे का महंगाई, लोकतंत्र की बचाओ का हथियार है।
चांडिल2024 के लोक सभा चुनाव में एक पार्टी से दुसरे जाने में हो बची है। रांची लोकसभा चुनाव में अपने कुसी के लिए एक दल से छोड़ कर दुसरे पार्टी में क्षजा रहे हैं। रांची लोकसभा क्षेत्र के महाभारत में अभिमन्यु वध का चक्रव्यूह रच रहे हैं। पिछले बार भाजपा से रामटहल चौधरी को टिकट नहीं मिला था तओक्षरआमटहद चौधरी निर्दलीय संसद का चुनाव रहे थे।पांच वार भाजपा के संसद रामटहल चौधरी कांग्रेस में शामिल हुए। जबकि रांची संसदीय क्षेत्र से दो संसद रह चुके।पुर्व संसद पुर्व रामटहल चौधरी और सुबोध कांत सहाय ने संजय सेठ का विजय रथ रोकने का पहल।
लोकसभा सभा चुनाव में पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर दुसरे पार्टी का दामन थामने का होड़।
रांची लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के रामटहल चौधरी और कांग्रेस के सुबोध कांत सहाय राजनीतिक दुरी को समाप्त कर भाजपा के पुर्व संसद रामटहल चौधरी ने कांग्रेस का दामन थामने पर दोनों नेता का राजनीति दुरी समाप्त हो जाएगी। भाजपा के रामटहल चौधरी ने रांची लोक सभा से संसद थे। भाजपा के रामटहल चौधरी और कांग्रेस के पुर्व संसद सुबोध कांत सहाय एक पार्टी में होने से भाजपा के रांची क्षेत्र के संसद संजय सेठ को हराने की पहल कांग्रेस ने की।
जिले में लोकसभा चुनाव के मद्दे नजर मंगलवार को प्रथम मतदान पदाधिकारियों को चुनाव का प्रशिक्षण दिया गया।
सरायकेला-खरसावां
एन आर प्लस टू उच्च विद्यालय में प्रथम सत्र में चांडिल प्रखंड के 197, ईचागढ़ प्रखंड के 126, नीमड़ीह प्रखंड के 102 एवं कुकरू प्रखंड के 72 कुल 497 कर्मचारियों को चुनाव का प्रशिक्षण दिया गया ।जबकि दूसरे सत्र में सरायकेला प्रखंड के 228, खरसावां प्रखंड के 117, कुचाई प्रखंड के 88, राजनगर प्रखंड के 151 एवं गम्हरिया प्रखंड के 283 कर्मियों को P1 का प्रशिक्षण दिया गया। आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी P1 को मतदान के पूर्व , मतदान के दौरान एवं मतदान के पश्चात होने वाली तैयारी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई साथ ही सभी को ई वी एम हैंड्स ऑन कराया गया। बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्हें जोड़ने एवं सीलिंग की प्रक्रिया बताई गई। पोस्टल बैलट द्वारा मतदान करने की प्रक्रिया बारीकी से बताया गया। P1 के कार्य एवं दायित्व भी विस्तार से बताया गया। इसके साथ साथ पीठासीन द्वारा छः प्रकार के लिफाफा में भरे जाने वाले अलग-अलग प्रकार के प्रपत्रों एवं सामग्री की विस्तृत जानकारी दी गई। आज के प्रशिक्षण में कुल 276 महिला P1 भी सम्मिलित हुए।
तरुण कुमार सिंह, ब्रजमोहन यादव, मनोज कुमार सिंह, राजेश मिश्रा ,अजीत कुंभकार, जयदेव त्रिपाठी ,अविनाश कुमार मिश्रा, श्याम सुंदर पाल ,अरविंद कुमार, नयन मणि दास, आशीष कुमार मल्लिक, दिनेश कुमार दास, सुदीप मुखर्जी ,सुधाकर ठाकुर, प्रभाशंकर तिवारी, परमेश्वर महतो, विचित्रा प्रधान, गणेश सरदार, अनूप कुमार मंडल, प्रदीप कुमार माजी ,पूर्ण चंद्र रजक, आलोक कुमार ,घनश्याम महतो, इंदू भूषण प्रसाद, सुभाशिष कुमार सेन आदि ने प्रशिक्षण दिया।
सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी –सह-अंचल अधिकारी बिजय कुमार महतो ने बताया कि 22 जनवरी को मुसाबनी प्रखंड के सभी मतदान केंद्रों में बीएलओ द्वारा नए मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया । उन्होंने प्रखंड के वोटरों से अपील की है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जरूर चेक कर लें। किसी भी कारण से अगर कोई विसंगति हुई हो तो सबंधित बीएलओ या अंचल कार्यालय को सूचित करें। उन्होंने कहा कि कोशिश की गई है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और समावेशी बनाया जाए। फिर भी किसी भी मानवीय त्रुटि या टाइपिंग की गलती की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए निर्वाचन कार्यालयों के साथ-साथ आम मतदाताओं की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जरूर देख लें। वे सत्यापन के लिए वोटर पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप भी देख सकते हैं।श्री बिजय कुमार महतो ने युवा मतदाताओं को बधाई दी है जिनका पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज हुआ है। उन्होंने इन सभी युवा मतदाताओं से अपील भी की है कि वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के आगामी आम चुनाव में बढ़-चढ़कर मतदान का प्रयोग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
हैश टैग आईएम रेडी टू वोट अभियान चलाया गया युवाओं मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में चेक करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर 11 से 12 के बीच नव प्रकाशित मतदाता सूची के साथ के सेल्फी लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट करने का अभियान चलाया गया| इस अभियान के तहत बीडीओ मुसाबनी श्री पुष्कर सिंह मुंडा तथा अंचल अधिकारी मुसाबनी श्री बिजय कुमार महतो ने मतदान केंद्र संख्या 262,265,266,267,268,269,270,271 में नए मतदाताओं तथा के बीएलओ साथ जाकर सेल्फी फोटो खिंचवाया।
प्रमंडलीय आयुक्त के अध्यक्षता में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के निमित समीक्षा बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा सरायकेला विधानसभा एवं खरसावां विधानसभा के विभिन्न मतदान केदो का किया गया अवलोकन।
समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार के अध्यक्षता तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, आयुक्त के सचिव प्रेम कुमार तिवारी, अपर उपायुक्त सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी खरसावां विधानसभा सुबोध कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला पारुल सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी कानूराम नाग, सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों यथा झामुमो, भाजपा, राजद आदि के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2024 के निमित्त बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा उपस्थित राजनीतिक दल के सदस्यों संग 18 वर्ष या से ऊपर आयु के सभी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया।
इस दौरान बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 अंतर्गत स्वच्छ, समावेशी एवं त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए बीएलओ के द्वारा डोर टू डोर कैंपेन चलाकर नए मतदाताओं का निबंधन तथा मतदाता सूची में दर्ज जानकारी में सुधार आदि से संबंधित आवश्यक प्रपत्र प्राप्त किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि इस निमित्त सभी राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से अपील है कि वे सभी अपने स्तर से भी क्षेत्र में छूटे हुए योग्य नागरिकों का निबंधन करवाने हेतु आवश्यक पहल करें। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कैंपेन चलाकर 18 वर्ष आयु पूरा करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का निबंधन कार्य भी प्रगति पर है।
समीक्षा के क्रम में उप निर्वाचन पदाधिकारी कानुराम नाग के द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के तहत सभी तीन विधानसभा में फॉर्म 6, 7 एवं 8 प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंनें बताया कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत फॉर्म 6 के तहत 6899, फॉर्म 7 के तहत 4384 तथा 5517 आवेदन प्राप्त किया गया है।
वहीं सरायकेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत फॉर्म 6 के तहत 9201, फॉर्म 7 के तहत 5950 तथा फॉर्म 8 के तहत 4981 गया है। तथा खरसावां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत फॉर्म 6 के तहत 3256, फॉर्म 7 के तहत 4245 तथा फॉर्म 8 के तहत 2914 आवेदन प्राप्त किया गया है। जिसपर आयुक्त नें अधिक से अधिक फॉर्म जनरेट करने हेतू कार्य योजना निर्धारित कर कार्य करने तथा सभी निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को कार्यों का नियमित समीक्षा करने के निदेश दिए।
बैठक उपरांत प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा सरायकेला विधानसभा एवं खरसावां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्र का अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला पारुल सिंह एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी की उपस्थिति में निरिक्षण किया।
इस दौरान प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा खरसावां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मतदान संख्या 248 अपग्रेडेड हाई स्कूल दुगनी, (दाहिना भाग), मतदान संख्या 250 अपग्रेडेड हाई स्कूल दुगनी (बाया भाग), मतदान संख्या 244 अपग्रेडेड मिडिल स्कूल मुड़िया (बायां भाग), मतदान संख्या 245 अपग्रेडेड मिडिल स्कूल मुड़िया (दाहिना भाग), मतदान संख्या 242 अपग्रेडेड हाई स्कूल कोलाबिरा तथा सरायकेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 346 KBPSS (संजय चौक) तथा मतदान केंद्र संख्या 347 सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सरायकेला पर संचालित कार्यों का भी अवलोकन किया गया।
इस दौरान प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा संलग्न बूथों पर प्रपत्र-6, 7, 8 से संबंधित संपादित कार्य व अद्यतन प्रतिवेदन का जायजा लिया गया तथा क्षेत्र अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूरा करने वाले या पूर्ण कर चुके सभी नागरिकों का शत-प्रतिशत मतदाता सूची में निबंधन करवाने हेतु निर्देशित किया गया।