रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का बहनों को उपहार।

रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का बहनों को उपहार।

रांची

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत रांची जिला के लाभुकों को अगस्त महीने की सम्मान राशि का भुगतान

रांची जिला में 03 लाख 95 हजार 692 लाभुकों के बैंक खाते में आधार बेस्ड भुगतान

लाभुकों के मध्य ₹98 करोड़ 92 लाख 30 हजार की सम्मान राशि का भुगतान

रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार द्वारा बहनों को उपहार दिया गया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (JMMSY) अंतर्गत रांची जिले की 03 लाख 95 हज़ार 692 लाभुकों के बैंक खातों में माह अगस्त 2026 की सम्मान राशि (₹2,500 प्रत्येक लाभुक) का आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सफलतापूर्वक भुगतान कर दिया गया है।

योजना के तहत लाभुकों के खातों में कुल ₹98 करोड़  92 लाख 30 हजार की राशि हस्तांतरित की गई है।

प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रवार लाभुकों की संख्या निम्न प्रकार है :

1. अनगड़ा – 16,796
2. अरगोड़ा शहरी क्षेत्र -13,406
3. बेड़ो – 20,620
4. बुंडू – 8,591
5. बुंडू नगर पंचायत – 3,566
6. बुढ़मू – 17,841
7. चान्हो – 19,374
8. हेहल शहरी क्षेत्र – 16,376
9. कांके – 31,620
10. कांके शहरी क्षेत्र – 1,290
11. खलारी – 9,632
12. लापुंग – 11,866
13. मांडर – 23,008
14. नगड़ी – 18,345
15. नगड़ी शहरी क्षेत्र – 8,244
16. नामकुम – 18,071
17. नामकुम शहरी क्षेत्र – 9,571
18. ओरमांझी – 17,898
19. राहे – 9,551
20. रातू – 20,427
21. सिल्ली – 21,335
22. सोनाहातू – 13,114
23. तमाड़ – 18,832
24. टाउन अर्बन – 26,042
25. इटकी – 10152
26. बड़गाईं शहरी क्षेत्र – 10124

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। रांची जिले में योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। लाभुकों के भुगतान की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अबुआ साथी–9430328080
जन शिकायत हेतु रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग तेज।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग तेज।

रांची

आयकर कर्मचारी महासंघ (ITEF), रांची इकाई द्वारा आज लंच आवर के दौरान पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) की बहाली की मांग को लेकर सेंट्रल रेवेन्यू बिल्डिंग, रांची में एक प्रभावशाली प्रदर्शन/सभा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में लगभग 150 आयकर कर्मचारी एकजुट होकर शामिल हुए और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन के लिए OPS की बहाली की मांग को मजबूती से उठाया।

इस अवसर पर ITEF रांची इकाई के सचिव श्री आभाष नाथ ने कहा, “सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए OPS के अलावा कुछ भी स्वीकार्य नहीं है। कर्मचारी अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और उत्पादक वर्षों को सरकार की सेवा में समर्पित करता है। सेवानिवृत्ति के बाद उसे आर्थिक अनिश्चितता नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और निश्चितता मिलनी चाहिए।”

ITEF रांची इकाई के अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला ने कहा, “OPS के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। पुरानी पेंशन केवल पेंशन का विषय नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे।”

रूपक प्रसाद ने कहा, “सभी भारत के कर्मचारियों को एकजुट होकर OPS के लिए लड़ाई जारी रखनी है। कर्मचारियों की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। देशभर के कर्मचारियों को एकजुट होकर सुरक्षित और सम्मानजनक सेवानिवृत्ति के अधिकार के लिए आवाज बुलंद करनी होगी।”

ITEF रांची इकाई ने स्पष्ट किया कि OPS की मांग किसी कर्मचारी के विरुद्ध नहीं है। यह उस कर्मचारी की सेवानिवृत्ति सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की मांग है जिसने अपने जीवन के कई दशक सरकारी सेवा को समर्पित किए हैं।
लगभग 150 कर्मचारियों की भागीदारी ने यह संदेश स्पष्ट किया कि OPS की मांग को लेकर कर्मचारियों में व्यापक एकता और प्रतिबद्धता है। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का अंत हो सकती है, लेकिन आर्थिक चिंता की शुरुआत नहीं होनी चाहिए।

“एकजुट रहेंगे — संघर्ष जारी रखेंगे।”
OPS — सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए

आभास नाथ, सेक्रेटरी, आईटीएफ रांची यूनिट, झारखंड

आयकर कर्मचारी संघ
रांची इकाई, झारखंड

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च पर हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज।

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च पर हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज।

रांची

JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सोमवार को विधानसभा मार्च निकाला। विधानसभा का घेराव करने जा रहे छात्रों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। बताया जा रहा है कि बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया और बाद में लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभ्यर्थी जब विधानसभा की तरफ बढ़ रहे थे तो पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने लगे। इसी को लेकर जवानों और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले पानी की बौछारों से भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो बल प्रयोग करना पड़ा।

इस कार्रवाई में कुछ छात्रों को चोटें आने की खबर है, हालांकि घायलों की सही संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

विधानसभा मार्च को देखते हुए पहले से ही पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और विधानसभा जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। हंगामे के बाद पुलिस ने भीड़ को अलग-अलग जगहों पर रोक कर स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि JPSC और JSSC की भर्तियों में हुई कथित धांधली पर सरकार ठोस कदम उठाए। प्रदर्शनकारी खास तौर पर 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत कई परीक्षाओं को निरस्त करने और पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि राज्य स्तरीय या विभागीय जांच से उन्हें संतोष नहीं है।

वहीं सरकार का कहना है कि बातचीत के बाद छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने जैसे फैसले भी लिए गए हैं। लेकिन आंदोलनरत छात्रों का आरोप है कि CBI जांच जैसी उनकी सबसे बड़ी मांग पर अब तक कोई साफ आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि इस विवाद के बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को CID ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इससे पहले उनसे इस मामले में पूछताछ भी हुई थी। इसके अलावा JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की भी खबर है। इन सब घटनाक्रमों के बाद छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है।

फिलहाल विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

वायरल इंफेक्शन के बाद अब बेहतर महसूस कर रहे हैं विधायक सरयू राय, समर्थकों से अस्पताल न आने की अपील।

वायरल इंफेक्शन के बाद अब बेहतर महसूस कर रहे हैं विधायक सरयू राय, समर्थकों से अस्पताल न आने की अपील।

रांची

वायरल इंफेक्शन के बाद अब बेहतर महसूस कर रहे हैं विधायक सरयू राय, समर्थकों से अस्पताल न आने की अपील
जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने अपनी सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा है कि वे अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के रांची के एक निजी अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचने के बाद यह अफवाह उड़ गई थी कि विधायक गंभीर रूप से बीमार हैं और भर्ती हैं। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए सरयू राय ने बताया है।

उन्होंने बताया कि 1 और 2 अगस्त को जमशेदपुर में लगातार कार्यक्रमों में शामिल होने के कारण काफी थकान हो गई थी। इसके बावजूद 3 अगस्त को वे टेल्को और गोविंदपुर में लगे कांवरिया सेवा शिविर के साथ ही तारापुर और डुमा में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए।

इसके अगले दिन यानी 4 अगस्त को वे विधानसभा की समिति की बैठक में भाग लेने के लिए रांची रवाना हुए। रांची पहुंचने पर उन्हें बहुत ज्यादा थकावट महसूस हुई। इस पर उन्होंने डॉ. निशीथ कुमार और डॉ. संजय कुमार से संपर्क किया।

डॉक्टरों की सलाह पर वे रांची के क्योरेस्टा अस्पताल पहुंचे, जहां डॉ. संजय कुमार ने उन्हें कुछ दिनों तक निगरानी में रहने की सलाह देते हुए भर्ती कर लिया।

सरयू राय ने बताया कि दो दिन तक अस्पताल में रहने के दौरान उनकी कई तरह की मेडिकल जांचें की गईं। अब उन्हें अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों ने उम्मीद जताई है कि एक-दो दिन में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जांच में वायरल संक्रमण की पुष्टि हुई थी और लगातार भागदौड़ व थकान की वजह से उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में रहना पड़ा। दो दिन के इलाज के बाद अब उनकी तबीयत में काफी सुधार है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग किया झारखंड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग किया झारखंड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण।

झारखंड की इस अनुपम धरती पर सभी सैलानियों का हार्दिक स्वागत है, जोहार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड

झारखंड की हरियाली का व्याख्या करना यह शब्दों के बाहर की बात है:- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड

झारखंड/रांची

( सोनू कुमार सिंह )

साथियों काफी वर्षों ( 1982 ) पहले बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्रीज में एक फिल्म आई थी “नदिया के पार” और फिल्म का एक गाना बेहद ही प्रसिद्ध हुआ था जिसे आज भी हम और आप गुनगुनाते हैं उस गाने की एक लाइन मुख्यमंत्री के इस मनमोहन कार्य में फिट बैठती है “ठहेर ठहेर ये सुहानी सी डगर तनी देखने दे”। कैने दिशा में लेके चला रहे बटोहिया।

प्राकृतिक की गोद में बसा 24 जिलों वाला झारखंड राज्य अपने आप में एक हरियाली का प्रतीक है। जहां नजर घुमाओ बड़े-बड़े पहाड़ बड़े-बड़े पेड़ पौधे फूल पत्तियां पक्षियां जानवर यह सब एक अलग ही मनमोहक दृश्य दिखाई देती है जिसे देखने के बाद हर किसी का मन प्रसन्न हो जाता है फिर और किसी नजारे को देखने की चाहत नहीं रहती।

प्रकृति की गोद में बहती निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों का शांत सौंदर्य बार-बार यह एहसास कराता है कि झारखंड प्रकृति का अनुपम उपहार है। यह हमारी साझी धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। झारखंड के किसी भी कोने में आप चले जाइए, प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में आपका स्वागत करती दिखाई देगी।

आपको बताते चलें कि झारखंड हमारे भारत देश का एक पर्यटक स्थल के नाम से भी जाना जाता है यहां के पर्यटक स्थल बाहरी सैलानियों को काफी आकर्षित करती है जिससे कि बाहर से भी लाखों की संख्या में सैलानी खासकर मानसून के महीने में झारखंड के पर्यटन स्थलों का नजारा देखने के लिए हजारों मील दूर से यात्रा कर झारखंड प्रदेश में प्रवेश करते हैं।

वहीं रविवार का दिन झारखंड के लिए बेहद ही खास दिन रहा जिसमें की झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के संग सेल्फ ड्राइव करते हुए झारखंड के कुछ चुनिंदा पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।

वहीं मुख्यमंत्री के पर्यटन स्थलों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जिसे देखने के बाद यूजर्स की मानो कमेंट करने का तांता लग गया। किसी ने जोहार झारखंड कहा तो किसी ने जोहार झारखोंड कहा है।

साथियों आपको बताते चलें कि 24 जिलों वाला राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री का एक-एक क्षण काफी कीमती माना जाता है उनके ऊपर 24 जिलों का कार्यभार की जिम्मेदारी है फिर भी वे काफी व्यस्त होने के बावजूद भी रांची से लौटने के क्रम में जोन्हा जलप्रपात का दृश्य देखकर वह खुद को रोक नहीं पाएं और वही अपनी गाड़ी को खड़ी कर प्राकृतिक का नजारा देखने के लिए कुछ क्षण अपनी पत्नी कल्पना सोरेन संघ रुक गए और कुछ देर प्रकृतिक के मनमोहक नजारे का अवलोकन करने के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि रांची शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित जोन्हा फ़ॉल की हरी-भरी वादियों के बीच कुछ पल बिताने का अवसर मिला। इस बीच वहां फलों का भी आनंद लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत भी हुई।

साथियों फुर्सत के क्षण मे से कुछ समय प्रकृति के गोद में अवश्य जाना चाहिए, वहां शांतिपूर्ण आनन्द एवं चिन्तन-मनन प्रदेश के खुशहाली में मील का पत्थर साबित होता है । प्रकृति की गोद में समय बिताना सबसे अच्छा है, यह हमारे जीवन को नई दिशा देता है। झारखंड की प्रकृतिक वातावरण का अनुभव प्राप्त करना बहुत ही प्रभावित करता है मन को बस उसे समझने की आवश्यकता है।

जियाडा रेगुलेशन 2026′ के ड्राफ्ट को लेकर उद्यमियों की बैठक सम्पन्न।

जियाडा रेगुलेशन 2026′ के ड्राफ्ट को लेकर उद्यमियों की बैठक सम्पन्न।

रांची/झारखंड

JIADA द्वारा सोमवार को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। JIADA द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है. जिसे लेकर के उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में झारखंड की प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति एवं ड्राफ्ट रेगुलेशंस पर राज्यभर के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा की।

इसरो प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक नीति के मसौदे से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को तथ्यात्मक रूप से जियाड़ा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन एवं उनकी टीम के समक्ष रखा। साथ ही संगठन की ओर से लिखित सुझाव सौंपते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास और सुविधाओं में सुधार की मांग की गई।

आपको बताते चलें कि जियाडा द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है.

वहीं कार्यशाला में जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने विभिन्न उद्योग संगठनों के उद्यमियों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि वे कैसा रेगुलेशन चाहते हैं? एमडी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य निवेश को आसान बनाना और उद्यमियों की समस्याओं को दूर करना है.

कार्यक्रम में शामिल FJCCI, JASSIA और AIADA के प्रतिनिधियों ने जियाडा के सामने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव रखें. जिसमें उद्यमियों ने कहा कि पहले औद्योगिक क्षेत्रों में 99 साल की लीज पर जमीन मिलती थी, जिसे घटाकर 30 साल कर दिया गया है. बिहार समेत कई राज्यों ने इसे दोबारा 99 साल कर दिया है, झारखंड में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए. साथ ही साथ निवेशकों ने ऐसे ‘प्लग एंड प्ले’ परिसरों की मांग की जहां विकसित भूमि, तैयार शेड, बिजली, पानी, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों, ताकि उद्योग तुरंत शुरू हो सकें. ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) को आसान बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर के प्रावधान शामिल करने का भी सुझाव दिया गया. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए 10 फीसदी आवासीय सुविधा की मांग की गई. इस पर जियाडा की ओर से बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया में वर्किंग वुमेंस हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है.

कार्यक्रम में जियाडा आदित्यपुर के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन तथा आरडीडी दिनेश रंजन भी उपस्थित रहे। इसरो प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रुपेश कटरियार, उपाध्यक्ष समीर सिंह, अशोक सतपति, महासचिव संदीप मिश्रा, सचिव राजीव शुक्ला, कार्यकारिणी सदस्य गौतम महापात्रा एवं अवनीत मूतरेजा शामिल थे।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न।

झारखंड/रांची

दिनांक 03 जून 2026 को आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चुनाव में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव परिणामों के अनुसार मनोज कुमार शुक्ला अध्यक्ष पद पर, आभाष नाथ सचिव पद पर तथा बबलू रजक कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। तीनों पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को भारी मतों के अंतर से पराजित कर उल्लेखनीय विजय प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त डेलीगेट पद के लिए श अरविंद कुमार प्रसाद, राकेश सिंह, रवि कुमार, मनीष रंजन, आनंद कुमार, मिथलेश कुमार सुमन एवं रजनीश कुमार भी भारी मतों से विजयी घोषित हुए। इस प्रकार कर्मचारियों ने एक सशक्त एवं अनुभवी टीम पर अपना विश्वास व्यक्त किया है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विजय व्यक्तिगत नहीं, बल्कि कर्मचारी एकता, विश्वास एवं संगठन की विजय है। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान एवं कल्याण की रक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

नवनिर्वाचित सचिव आभाष नाथ ने कर्मचारियों द्वारा प्रदत्त जनादेश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन सदैव कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखेगा तथा उनकी समस्याओं के समाधान एवं कल्याणकारी कार्यों के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव अधिकारी सुजीत सिंह, संजय कुमार गुप्ता, अमन आनंद, चिंटू कुमार एवं अंतोष कुमार की निगरानी में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सभी प्रत्याशियों एवं कर्मचारियों ने चुनाव की गरिमा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने तथा संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

जारीकर्ता:
आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची
(नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की ओर से)

आयकर कर्मचारी महासंघ रांची इकाई का Platinum jubilee celebration समारोह संपन्न।

आयकर कर्मचारी महासंघ रांची इकाई का Platinum jubilee celebration समारोह संपन्न।

रांची/झारखंड

आयकर कर्मचारी महासंघ के गौरवशाली 74 वर्ष पूर्ण होने एवं संगठन के 75वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष में ITEF UNIT द्वारा platinum bubbles celebration अत्यंत उत्साह गरिमा एवं संगठनित्मक एकजुटता के साथ केंद्रीय राजस्व भवन रांची के प्रांगण में मनाया गया।

आपको बताते चलें कि यह अवसर संगठन के लंबे संघर्ष कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हेतु किए गए ऐतिहासिक प्रयासों तथा कर्मचारी एकता की सशक्त परंपरा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण छान रहा।

वहीं कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ की गई ITEF रांची इकाई के महिला सदस्यों ने संगठन का ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जो एक अनूठी पहल है ध्वजारोहण के दौरान उपस्थित सदस्यों ने संगठन की एकता अनुशासन एवं कर्मचारी हितों की रक्षा हेतु सदैव प्रतिबध्द रहने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर यूनिट के अधिकारियों वरिष्ठ साथियों युवा कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ITEF सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही । पूरे परिषद में संगठनात्मक उत्साह भाईचारा एवं कर्मचारी एकता का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने कहा कि ITEF केवल एक संगठन नहीं है बल्कि कर्मचारियों के अधिकार सम्मान और न्याय की आवाज है उन्होंने कहा कि पिछले 74 वर्षों से federation ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए कर्मचारियों के ही तो की रक्षा हेतु ऐतिहासिक संघर्ष किए हैं। आज का यह platinum bubbles celebration उन सभी पूर्वज साथियों के योगदान को नमन करने का अवसर है जिन्होंने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

अपने संबोधन उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारियों के समक्ष नई चुनौतियां हैं जिनका सामना केवल संगठनात्मक एकता और सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा कर्मचारियों के हितों के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आवाहन किया है।

वंही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिन आभास नाथ ने कहा कि ITEF का इतिहास संघर्ष समर्पण एवं उपलब्धियां से भरा हुआ है उन्होंने कहा कि platinum bubbles वर्ष संगठन के लिए आत्ममंथन, उपलब्धियों के मूल्यांकन तथा भविष्य की नई दिशा तय करने का अवसर है उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने एवं आने वाली पीढ़ी को संगठन के मूल्यों से जोड़ने की अपील की है।

ज्ञात हो कि ITEF का PLATINUM BUBBLES CELEBRATION 20 मई 2026 से प्रारंभ होकर 10 फरवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, सामाजिक गतिविधियों एवं संगठनात्मक आयोजनों के माध्यम से मनाया जाएगा।

इस ऐतिहासिक पल के अवसर पर अविनाश कुमार उपाध्याय आईटीएफ बिहार झारखण्ड, सी के झा सहायक आयकर आयुक्त, प्रशांत कुमार सिंह, रवि कुमार, मनीष रंजन, बबलू रजक, राकेश सिंह, अरविंद प्रसाद, रजनीश कुमार, मिथिलेश कुमार के साथ-साथ रांची धनबाद एवं जमशेदपुर के सदस्य वृहद संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को अविश्वसनीय एवं अद्भुत बनाया।

कार्यक्रम का समापन संगठन आत्मक एकता एवं कर्मचारी हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।

झारखंड में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के समय में बदलाव, 21 अप्रैल से लागू होगा नया आदेश।

झारखंड में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के समय में बदलाव, 21 अप्रैल से लागू होगा नया आदेश।

झारखंड/रांची

राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा।

जारी निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं निजी विद्यालयों में कक्षा K.G. से लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक संचालित की जाएगी। वहीं कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को शेष समय, यानी सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विद्यालय में रहकर गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा।

सरकार का यह निर्णय छात्रों को भीषण गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश को विभागीय सचिव की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

झारखंड: उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक कांड का भंडाफोड़।

झारखंड: उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक कांड का भंडाफोड़।

राजधानी/रांची

मुख्य सरगना समेत 164 गिरफ्तार, एग्जाम पास कराने के लिए एक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख में हुआ था सौदा।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएस स) द्वारा आयोजित की जाने वाली झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का रांची पुलिस ने पर्दाफाश किया है. एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने तमाड़ थाना क्षेत्र के एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी कर गिरोह के पांच मुख्य सदस्यों और 159 अभ्यर्थियों (जिनमें 7 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं) को गिरफ्तार किया है.

रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक सुनसान निर्माणाधीन भवन में भारी संख्या में जेएसएससी अभ्यर्थी जुटे हैं और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया और 11 अप्रैल की देर रात उक्त स्थल पर दबिश दी. पुलिस के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई. करीब 150 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे और अपने मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज छिपाने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और सभी को हिरासत में लेकर तलाशी शुरू की.

बिहार का शातिर अपराधी निकला गिरोह का सरगना:
गिरफ्तार किए गए गिरोह का मुख्य सरगना अतुल वत्स (पिता: अरुण कुमार उर्फ अरुण केशरी) है, जो जहानाबाद (बिहार) का रहने वाला है. अतुल वत्स का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड काफी चौंकाने वाला है. वह देश की कई बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में वांछित रहा है.

– राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017)

– नीट परीक्षा पेपर लीक (2024)

– कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती, बिहार (2024)

– RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा, उत्तर प्रदेश (2024) – इसमें वह यूपी STF द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था.

– उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024)

रांची के लिए केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात।

रांची के लिए केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात।

राजधानी/रांची

आने वाले समय में झारखंड में लगभग ₹17,000 करोड़ की लागत से 450 किमी नई सड़क परियोजनाएँ शुरू होंगी। इनमें Varanasi–Kolkata Expressway भी शामिल है, जो झारखण्ड में लोकल कनेक्टिविटी और व्यापार को नई दिशा देगा।

साथ ही रांची में 6000 करोड़ रुपये की लागत से आउटर रिंग रोड के निर्माण की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की है जो राजधानी के विकास को और विस्तार देने वाला होगा। यह रांची शहर के लिए भी महत्वपूर्ण कदम है।

300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से रांची बाईपास एनएच 33 के विकास स्थित रांची-हजारीबाग रोड जंक्शन और रामपुर रामपुर स्थित रांची-जमशेदपुर जंक्शन पर 02 ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज के निर्माण कार्य होगा।

केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी के द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एवं रक्षा राज्यमंत्री श्री संजय सेठ के द्वारा शिलान्यास होगा।

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर 3 दिन का राज्यकिया शोक घोषित

झारखंड/रांची

झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन (81 वर्ष ) का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा थे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि उनके निधन से मैं हो गया.गुरुजी शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य के जननायक हैं और उन्होंने ही अपने संघर्ष से झारखंड अलग राज्य का गठन कराया था. शिबू सोरेन का निधन के बाद है झारखंड आंदोलन के एक बड़े युग का समापन हो गया है. शिबू सोरेन अभी राज्यसभा सांसद थे. उनके निधन की खबर पाकर पूरे झारखंड ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है. करीब 81 वर्ष के शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वे दिल्ली में इलाजरत थे.झारखंड मुक्ति मोर्चा का उन्होंने झारखंड अलग राज्य के गठन को लेकर अन्य लोगों के साथ मिलकर गठित किया था.

शिबू सोरेन, राष्ट्रीय पटल पर एक चिर परिचित पहचान है. एक आम शख्स से शख्सियत बनने का उनका सफर

झारखंड की राजनीति में  ध्रुव तारा की तरह चमकते रहे गुरुजी का निधन हो गया. गुरूजी का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा. 11 जनवरी 1944 को गोला प्रखंड के नेमरा गांव में सोबरन सोरेन के घर जन्मे शिबू सोरेन को बचपन में प्यार से शिवलाल कहकर पुकारा जाता था. लेकिन उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिवचरण मांझी के नाम से हुई. शिवचरण के नाम से उन्होंने 1972 में पहली बार जरीडीह से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में हुई. फिर गोला प्रखंड में मौजूद राज्य संपोषित हाई स्कूल में उनके पिता ने नामांकन कराया. जहां आदिवासी छात्रावास में रहकर उन्होंने पढ़ाई को जारी रखा.

किशोरावस्था में ही महाजनों को देने लगे चुनौती

जब उनकी उम्र महज 13 साल थी, तभी एक घटना ने किशोर शिबू सोरेन के जीवन को बदल कर रख दिया. तारीख- 27 नवंबर 1957, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता सोबरन सोरेन की महाजनों ने हत्या कर दी है. वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा की पुस्तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मुताबिक महाजनों के लड़कों ने एक आदिवासी महिला के खिलाफ अपशब्द कहा था, जिसका विरोध शिबू सोरेन के पिता सोबरन सोरेन ने किया था. यह बात महाजनों को इतनी नागवार गुजरी की साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गई.

पिता की हत्या की घटना ने बदल दी गुरुजी की जिंदगी

गांधीवादी पिता की हत्या ने शिबू सोरेन को भीतर से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और महाजनों के खिलाफ फूंक बिगुल दिया. लेकिन महाजनों से लड़ना आसान नहीं था. क्योंकि ग्रामीण महाजनों के कर्ज तले दबे हुए थे. सूद नहीं देने पर जमीन हड़प ली जाती थी. शराब पीलाकर सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया जाता था. इन घटनाओं ने शिबू सोरेन को आंदोलन खड़ा करने का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने आवाज बुलंद करनी शुरू की तो लोग जुड़ने लगे. इसी दौरान शिबू सोरेन ने शराब और हड़िया के सेवन के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करना शुरु किया.

टुंडी के आंदोलन से मिली पहचान

अपनी जन्म भूमि गोला के बाद उनको पेटरवार, जैनामोड़, बोकारो और धनबाद में लोग जानने लगे थे. इनके समाज सुधार आंदोलन और महाजनी प्रथा के खिलाफ उलगुलान को बड़ी पहचान मिली धनबाद के टुंडी में. यहां 1972 से 1976 के बीच उनका आंदोलन जबरदस्त रुप से प्रभावी रहा. वह महाजनों द्वारा हड़पी गई जमीन आदिवासियों को वापस कराने में सफलता हासिल करने लगे थे.

शिबू सोरेन की एक आवाज पर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग तीर-धनुष के साथ जुट जाते थे. एक आह्वान पर हड़पी गई खेतों में लगी फसल काट ली जाती थी. टुंडी के पोखरिया में उन्होंने एक आश्रम बनाया था, जिसे लोग शिबू आश्रम कहते थे. इसी दौरान लोग प्यार और सम्मान से उनको गुरुजी कहने लगे. लेकिन गुरुजी को राजनीतिक पहचान मिली संथाल की धरती पर से उनको दिशोम गुरु यानी देश का गुरु कहलाए.

Design a site like this with WordPress.com
Get started