चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
पश्चिमी सिंहभूम: जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त अनन्य मित्तल के अध्यक्षता में बच्चों के बीच नशीली दवाओं और पदार्थों के उपयोग पर रोकथाम के संदर्भ में ज्वाइंट एक्शन प्लान तहत समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एनसीपीसीआर के निर्देशानुसार 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को मादक दवाओं एवं नशीले पदार्थों के सेवन से बचाव एवं रोकथाम हेतु सभी संलग्न विभागों यथा शिक्षा विभाग, बाल संरक्षण इकाई, उत्पाद विभाग, पुलिस विभाग, पंचायती राज विभाग सहित अन्य विभागों के साथ संयुक्त रूप से मिलकर नशे के विरुद्ध एक व्यापक मुहिम चलाने का निर्देश दिया गया है।

बैठक उपरांत उपायुक्त के द्वारा बताया गया कि ज्वाइंट एक्शन प्लान के तहत समाज कल्याण पदाधिकारी को सभी संलग्न विभाग में आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य संपादन तथा उत्पाद अधीक्षक को जिला अंतर्गत अवस्थित सभी शराब दुकानों में सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन को लेकर निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में बाल संरक्षण इकाई को स्थानीय पुलिस प्रशासन के समन्वय से वैसे स्थानों जहां 18 वर्ष से नीचे के बच्चे नशा पान करने हेतु इकट्ठे रहते हैं, पर रेड करते हुए ऐसे कामों पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि जिला अंतर्गत सभी विद्यालयों में नशा मुक्ति हेतु नामित नोडल शिक्षकों का एनसीपीसीआर के तहत कार्यशाला आयोजित करने तथा बच्चों के बीच नशा के दुष्प्रभाव विषय आधारित जागरूकता फैलाया जाए।

उक्त बैठक में एनईपी डायरेक्टर एजाज़ अनवर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनीशा कुजूर, जिला शिक्षा अधीक्षक अभय कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं गैर सरकारी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



































