सरायकेला-खरसावां में प्रदूषण का कहर: आम जनजीवन, प्रकृति और पशु-पक्षियों का जीना मुहाल, विभाग बोला – अनुसंधान जारी।

सरायकेला-खरसावां में प्रदूषण का कहर: आम जनजीवन, प्रकृति और पशु-पक्षियों का जीना मुहाल, विभाग बोला – अनुसंधान जारी।

सरायकेला/आर आई टी

सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण ने आम जनमानस के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन और पशु-पक्षियों के जीवन पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आदित्यपुर, गम्हरिया, चांडिल और चौका क्षेत्र में संचालित स्पंज आयरन, स्टील फैक्ट्रियों से निकलने वाली काली धूल, राख और जहरीले धुएं से पूरा इलाका त्रस्त है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुबह-शाम फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से सांस लेना मुश्किल हो गया है। खेतों में काली राख जम रही है जिससे फसलें खराब हो रही हैं। जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। पेड़-पौधों पर धूल की मोटी परत जमने से हरियाली खत्म हो रही है और पशु-पक्षी गांव छोड़कर पलायन कर रहे हैं।

स्वास्थ्य संकट गहराया
प्रदूषण के कारण क्षेत्र में खांसी, दमा, आंखों में जलन, एलर्जी और त्वचा रोग के मामले तेजी से बढ़े हैं। चौका क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स में पिछले 5 साल में एंटी-एलर्जी दवाओं मोंटास-एल, एलेग्रा और इनहेलर की बिक्री दोगुनी हो गई है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद (JSPCB) और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस संबंध में जब विभागीय पदाधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि “मामले पर अनुसंधान चल रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जनहित में प्रशासन को अविलंब उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

शेष अगले अंक में………?

बिहार स्पंज फैला रही विनाशकारी प्रदूषण,,,,,, प्रदूषण विभाग, कानून और प्रशासन को ताक पर रखकर दबंग बिहार स्पंज कंपनी फैला रही प्रदूषण

बिहार स्पंज फैला रही विनाशकारी प्रदूषण,,,,,, प्रदूषण विभाग, कानून और प्रशासन को ताक पर रखकर दबंग बिहार स्पोंज कंपनी फैला रही प्रदूषण

बिहार स्पंज से निकलने वाले विनाशकारी प्रदूषण के ग्रस्त में पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र

बिहार स्पंज के निकलने वाले जानलेवा प्रदूषण से वन्य क्षेत्र भी प्रभावित।

सरायकेला खरसावां

सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।

सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।

वहीं सूत्रों ने जानकारी दी है की प्रदूषण विभाग, कानून, प्रशासन और सारे नियमों को ताक पर रखकर कंपनी प्रबंधन विनाशकारी प्रदूषण को पूरे चांडिल क्षेत्र में फैला रहे हैं जिससे कि अनबोलता पशु पक्षी, पेड़ पौधे, एवं स्थानीय लोगों साथ ही राहगीरों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है और कई तरह की बीमारियां भी उत्पन्न हो रही है एवं व्यक्ति की आयु भी घटना रही है है।

सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि कंपनी के चिमनियों से निकल रही खतरनाक प्रदूषण कई प्रकार से जहरीले धुंआ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आमजन जीवन का जान माल का खतरा बना हुआ है। आपको बताते चले की बिहार स्पंज कंपनी की दबंगई और दादागिरी इतनी बढ़ गई है कि कानून को भी कुछ नहीं समझ रहे हैं और कंपनियों में से जहरीले प्रदूषण फैल रही है। आपको बताते चले की कई कंपनियां अपनी बिजली बिल बचाने के लिए भी जहरीली प्रदूषण फैल रही है। लगातार फैल रहे प्रदूषण से जीवन अस्त व्यस्त है। ग्रीष्म रितु का आगमन होने वाला है उसे देखते हुए जिले में प्रदूषण फैल रही कंपनियों पर रोकथाम के लिए
विभागीय पदाधिकारी को ध्यान देने की जनहित में आवश्यकता है। अगर समय रहते कंपनी से निकलने वाले विनाश कार्य प्रदूषण को नहीं रोका गया तो वह दिन दूर नहीं जब पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र किसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त होगा ।

प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, निगरानी और जुर्माना, सामुदायिक भागीदारी, जैसे कई उचित कदम उठाए जा सकते हैं।

यह मामला कहीं ना कहीं निश्चित है जांच का विषय है आप देखना यह है की विभागीय पदाधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए इस मामले को संज्ञान में लेते हैं या नहीं या फिर बिहार स्पंज कंपनी इसी तरह लगातार विनाशकारी प्रदूषण फ्लेट रहेंगे और आम जनमानस की सेहत के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे।   
विशेष अगले अंकों …….

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

सरायकेला/चांडिल

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निकलने वाले धुएं की चपेट में पुरा चांडिल क्षेत्र।

कंपनी से निकलने वाले धुएं से जन जीवन अस्त व्यस्त।

वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी।

सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निरंतर निकलने वाले जहरीले प्रदूषण से वातावरण दूषित हो रहा है. पेड़ पौधे पशु पक्षी तथा आम जनमानस की जान खतरे मे है।

फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। उद्योगपति सभी नियम एवं कानून को ताक पर रखकर पर्यावरण को दूषित कर रहे है। वहीं लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा लगातार जहरीले प्रदूषण छोड़ने की वजह से कई पशु पक्षियों की मौत हो गई पर्यावरण को काफी नुकसान भी हुआ। बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी की दादागिरी मनमानी की वजह से आमजनमानस का भी जान माल का खतरा बना हुआ है। इस तरह की कंपनियों पर अंकुश लगाने में प्रदूषण विभाग डर से मौन धारण किए हुए हैं।

आपको बताते चलें कि वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की जहरीले प्रदूषण की जानकारी पॉल्यूशन विभाग को देने के बावजूद भी पॉल्यूशन विभाग के तरफ से कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रहा है और बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी राक्षसी सुरशा: की मुंह की तरह दिन प्रतिदिन अपनी निजी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए जहरीले जानलेवा काला धुआं अपनी चिमनी से फेंक रही है जो की राह चलते हुए आम जनमानस को आए दिन नजर आएगी।

पर्यावरण प्रेमियों सहित आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि वायुमंडल हमारे स्वास्थ्य को सर्वाधिक प्रभावित करता है और जब यह पर्यावरण ही प्रदूषित हो जाए तो आप कल्पना कर सकते हैं की हम कितने स्वस्थ्य हैं।

वहीं वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि ऐसी कंपनियों पर सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए साथ ही इनका लाइसेंस को रद्द कर सलाखों के पीछे भेज देना ही उचित होगा।

वहीं वनराज स्टील प्राइवेट कंपनी जहरीली धुएं को पर्यावरण में फैलाकर कानून का उल्लंघन करते हुए खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कंपनी में कार्यरत काफी मजदूरों का शोषण भी किया जा रहा है।
लेबर सुपरीटेंडेंट , फैक्ट्री इंस्पेक्टर तथा प्रोविडेंट फंड कमिश्नर को भी जनहित में ध्यान देने की आवश्यकता है । वही कंपनी में कार्यरत काफी संख्या में मजदूरों ने शोषण होने से बचने के लिए दबी और सहमी आवाज में सरकार से गुहार लगाई है।

बिहार स्पोंज आईरन लिमिटेड कंपनी को लगाया गया जुर्माना,, खबर का दिखा असर

बिहार स्पोंज आईरन लिमिटेड कंपनी को लगाया गया जुर्माना,, खबर का दिखा असर

सरायकेला/चांडिल

झारखण्ड क्राईम रिपोर्टर के द्वारा जनहित में 6 जुलाई को प्रदूषण के खिलाफ प्रकाशित की गई खबर को संज्ञान में लेते हुए प्रदूषण विभाग ने लिया एक्शन बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड द्वारा जहरीले प्रदूषण फैलाए जाने पर हो रही थी बड़े पैमाने पर पर्यावरण जीव जंतु एवं इंसानों पर इसका बुरा असर

06 जुलाई 2024

प्रदूषण विभाग के द्वारा एक्शन में आने पर बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड ने मनी अपनी गलती।
आपको बताते चले की 6 जुलाई को झारखण्ड क्राईम रिपोर्टर ने जनहित में यह खबर प्रशासन के कानों तक पहुंचाने का कार्य किया था जिससे प्रदूषण विभाग के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पाया कि बिहार स्पोंज कंपनियां लगातार जहरीले प्रदूषण फैला रही है जिससे पर्यावरण में पेड़ पौधे पशु पक्षी जीव जंतु एवं इंसानों को जान माल का खतरा बन रहा था। 

06 जुलाई 2024

वहीं प्रदूषण विभाग द्वारा जहरीले प्रदूषण अपने निजी स्वार्थ के लिए न फैलाने का कंपनियों को सख्त आदेश दिया गया है । साथ ही वह सरकारी गाइडलाइन के आधार पर अपने लाइन और लेंथ के दायरे में रहकर ही कार्य करें। अन्यथा भविष्य में प्रदूषण फैलाने वाले कंपनियों को बंद करवाने पर प्रशासन को बाध्य होना पड़ेगा। फिलहाल जांच के उपरांत दोषी पाए जाने पर बिहार स्पोंज लिमिटेड कंपनी को जुर्माना लगाकर सख्त हिदायत देकर छोड़ गया।

झारखण्ड क्राईम रिपोर्टर द्वारा प्रदूषण फैला रहे कंपनियों के बारे में खबर देने पर विभाग द्वारा जो कार्रवाई की गई उससे प्रदूषण फैला रही कंपनियों में खलबली मची हुई है। प्रदूषण विभाग अधिकारी रामप्रवेश कुमार का कहना है। प्रदूषण फैला रहे कंपनी रहे सावधान इस तरह की कार्रवाई आगे भी बाद दस्तूर जारी रहेगी ।

बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

सरायकेला-खरसावां

कंपनी से निकलने वाले धुएं से जल जीवन अस्त व्यस्त

वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी


सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड के निरंतर निकलने वाले जहरीले प्रदूषण से वातावरण दूषित हो रहा है. पेड़ पौधे पशु पक्षी तथा आम जनमानस की जान खतरे मे है।

फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। उद्योगपति सभी नियम एवं कानून को ताक पर रखकर पर्यावरण को दूषित कर रहे है। वहीं लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी के द्वारा लगातार जहरीले प्रदूषण छोड़ने की वजह से कई पशु पक्षियों की मौत हो गई पर्यावरण को काफी नुकसान भी हुआ। बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी की दादागिरी मनमानी की वजह से आमजनमानस का भी जान माल का खतरा बना हुआ है। इस तरह की कंपनियों पर अंकुश लगाने में प्रदूषण विभाग डर से मौन धारण किए हुए हैं।

आपको बताते चलें कि बिहार स्पोंज कंपनी की जहरीले प्रदूषण की जानकारी पॉल्यूशन विभाग को देने के बावजूद भी पॉल्यूशन विभाग के तरफ से कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रहा है और बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी राक्षसी सुरशा: की मुंह की तरह दिन प्रतिदिन अपनी निजी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए जहरीले जानलेवा काला धुआं अपनी चिमनी से फेंक रही है जो की राह चलते हुए आम जनमानस को आए दिन नजर आएगी।

पर्यावरण प्रेमियों सहित आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि वायुमंडल हमारे स्वास्थ्य को सर्वाधिक प्रभावित करता है और जब यह पर्यावरण ही प्रदूषित हो जाए तो आप कल्पना कर सकते हैं की हम कितने स्वस्थ्य हैं। 

वहीं बिहार स्पोंज कंपनियों के आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि ऐसी कंपनियों पर सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए साथ ही इनका लाइसेंस को रद्द कर सलाखों के पीछे भेज देना ही उचित होगा।

बिहार स्पोंज कंपनी जहरीली धुएं को पर्यावरण में फैलाकर कानून का उल्लंघन करते हुए खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कंपनी में कार्यरत काफी मजदूरों का शोषण भी किया जा रहा है।
लेबर सुपरीटेंडेंट , फैक्ट्री इंस्पेक्टर तथा प्रोविडेंट फंड कमिश्नर को भी जनहित में ध्यान देने की आवश्यकता है । वही कंपनी में कार्यरत काफी संख्या में मजदूरों ने शोषण होने से बचने के लिए दबी और सहमी आवाज में सरकार से गुहार लगाई है।

विशेष अगले अंक में……

प्रदूषण फैला रहे कंपनियों के खिलाफ क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण पदाधिकारी ( प्रदूषण बोर्ड ) को सौंपा गया ज्ञापन…

प्रदूषण फैला रहे कंपनियों के खिलाफ क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण पदाधिकारी ( प्रदूषण बोर्ड ) को सौंपा गया ज्ञापन…

सरायकेला/आदित्यपुर

प्रदूषण से फैल रही गंभीर बीमारियां

प्रदूषण के बीच गंभीर बीमारियों से जूझते स्थानीय लोग आखिर कब मिलेगी प्रदूषण से मुक्ति

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

आदित्यपुर: प्रदूषण से प्राकृतिक असंतुलन पैदा होता है साथ ही यह मानव जीवन के लिए भी खतरे की घंटी है। कुछ इसी तरह का मामला सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है जिसमें की प्रदूषण फैला रहे हैं कंपनियों के खिलाफ। रायमारा गोल से हरिशंकर सिंह सरदार, शंभू सिंह सरदार और राहुल महतो के द्वारा आदितपुर में प्रदूषण बोर्ड को ज्ञापन सौंपा गया

देखिए किस तरह से प्रदूषण फैला रही है यह कंपनियां

वहीं उक्त ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि उद्योगी कंपनियां जैसे नीलांचल आयरन एंड पावर लिमिटेड (रतनपुर ), बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड ( छोटालाका ), अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड ( कांड्रा ) इन कंपनियों द्वारा अत्यधिक प्रदूषण फैलाया जा रहा है जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में कई तरह की बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं लगभग 80% लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो चुके हैं

सरायकेला खरसावां चारों ओर से जानलेवा धुआं उगलती फैक्ट्रियों से घिरा हुआ है। काले धुंए के साए में जिंदगी गुजारने को लोग है मजबूर..

सरायकेला खरसावां चारों ओर से जानलेवा धुआं उगलती फैक्ट्रियों से घिरा हुआ है।

सरायकेला खरसावां

जिले में दिन-रात रोज जहरीले धुएं को अपनी सांसों के साथ खींच रहे हैं जीव जंतु पशु पक्षी एवं पेड़ पौधे एवं यहां की जनता।

सरायकेला:जिले में दिन-रात रोज जहरीले धुएं को अपनी सांसों के साथ खींच रहे हैं जीव जंतु पशु पक्षी एवं पेड़ पौधे एवं यहां की जनता।

आपको बताते चलें की फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुआं जानलेवा भी हो सकता है । फैक्ट्री की चिमनीओ
से निकलने वाले धुएं में जहरीली टॉक्सिन होते हैं ।जो सांस संबंधित बीमारियों का कारण बन सकते हैं । धोएं से अस्थमा, फेफड़ा के रोग और आंखों में इंफेक्शन जैसी बीमारियां होती है। कुछ लोगों में इससे कैंसर भी पनप सकता है। ऐसा कई Dr .फिजीशियनओं का कहना है।

जितेंद्र कुमार सिंह पोलूशन विभाग पदाधिकारी सरायकेला खरसावां

जिले में सीमेंट, केमिकल्स एवं बिजली और कोयले वाली फैक्ट्रियों से निकलने वाली धुए से हो सकती है जानलेवा रोग।

जहां एक और जिला प्रशासन ने कई पेड़ पौधे पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए लगा रहे हैं गर्मी के दिनों में पशु पक्षी के लिए जगह जगह पर पानी की भी व्यवस्था ग्रामीण कर रहे हैं। वही दूसरी ओर जिले में कई फैक्ट्रियों से उगलती मौत की काली धुए से पर्यावरण पूरी तरह से बर्बाद हो रही है।

आपको बताते चलें कि कई बार पॉल्यूशन विभाग सरायकेला खरसावां को इसकी जानकारी देने के बावजूद भी आखिर क्यों है मोन ….?
क्या जीवन से बढ़कर पैसा होता है।
किस अधिकार से पोलूशन विभाग द्वारा इनको पोलूशन रहित सर्टिफिकेट मिल जाता है।

मौसम बदल रहा है गर्मी के सीजन सर पर है वही देखा जा रहा है कि कंपनियों से आग उगलती काली पोलूशन हर जीव के लिए खतरा साबित होता जा रहा है।
अगर समय रहते पोलूशन विभाग नहीं जागी तो जीवन खतरे में है

किस आधार पर पोलूशन कंट्रोल बोर्ड से इनको सर्टिफिकेट मिल जाया करती है।

सरायकेला खरसावां जिला प्रदूषण से ऐसा लगता है जैसे रो रहे हो यहां के पेड़ पौधे एवं आम लोग काले धुएं के साथ जीने को है मजबूर । लेकिन जिला प्रशासन खामोश है।
जहां अच्छे स्वास्थ्य के लिए पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं वहीं पॉलिशन विभाग सब देख कर भी अंजान है। पेड़ पौधे कहीं सुख गए तो कहीं काले प्रदूषण में खुद को चादर समझकर ओढ़े हुए हैं। और हरियाली अब काली नजर आ रहे हैं। साथ ही पशु पक्षी एवं आम लोगों की जीवन भी खतरे से खाली नहीं है।अब जीवन आंकड़े के आधार पर कम से कम जीवन जीने को मजबूर हैं।
आखिर यह उद्योग से पर्यावरण एवं जीवन कब सुरक्षित होगा।

पोलूशन विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी एक्शन क्यों नहीं ले रही है क्यों है खामोश ।

Design a site like this with WordPress.com
Get started