सरकारी गैर सरकारी संगठनों में बड़े ही से 80 वें स्वतंत्रता दिवस  झंडोतोलन कर मनाया गया।

सरकारी गैर सरकारी संगठनों में बड़े ही से 80 वें स्वतंत्रता दिवस  झंडोतोलन कर मनाया गया।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला खरसावां जिला के विभिन्न सरकारी गौर सरकारी संगठनों में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर में मुख्य अतिथि का संबोधन इस समारोह में उपस्थित मंचासीन अतिथिगण, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा कर्मीगण, छात्र-छात्राएं, शहीद परिवार के सदस्यगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े सभी पत्रकार बंधु उपस्थित थे।

यह ऐतिहासिक दिन उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनायकों और अमर शहीदों को नमन करने का दिन है, जिनके अतुलनीय त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत की हवा में सांस ले रहे हैं। हमारी यह सरायकेला-खरसावाँ की पावन धरा क्रांति और संस्कृति की अद्‌भुत स्थली रही है। भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू कान्हू, चांद-भैरव और अमर शहीद पोटो हो जैसे वीरों के पदचिन्हों पर चलते हुए इस क्षेत्र ने आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। खरसावाँ का इतिहास हमें सिखाता है कि अपनी माटी, अधिकार और स्वाभिमान के लिए कैसे अडिग रहा जाता है।

सरायकेला की विश्वप्रसिद्ध छऊ नृत्य शैली हमारी सांस्कृतिक आत्मा है। जिला प्रशासन इस कला और इसके कलाकारों के संरक्षण एवं वैश्विक मंचों पर प्रोत्साहन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरायकेला के पारंपरिक प्रसिद्ध मुखौटा शिल्पकार गुरू सुशांत महापात्र को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

जिला प्रशासन वर्ष 2026 में सरायकेला-खरसावाँ को समृद्धि और सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार की दूरगामी योजनाओं यथा सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। जिले के मॉडल एवं उत्कृष्ट विद्यालयों के माध्यम से दूरदराज के ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर पंचायतों तक मजबूत किया गया है।

स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर, मैं जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की इस वर्ष की उपलब्धियों को विभागवार आपके समक्ष रखना चाहता हूं। 15अगस्त को विधायक पालिका,और 26 जनवरी को कार्यपालिका झंडोतोलन और झंडा फहराया जाता है।

कुड़मि को सारना धर्म-कोड और कुड़मालि भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, गृहमंत्री अमित शाह से मिले अजीत प्रसाद महतो को मिला सकारात्मक आश्वासन।

कुड़मि को सारना धर्म-कोड और कुड़मालि भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, गृहमंत्री अमित शाह से मिले अजीत प्रसाद महतो को मिला सकारात्मक आश्वासन।

सरायकेला/चांडिल

( मालखान महतो )

आदिवासी कुड़मि समाज की दशकों पुरानी मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। आदिवासी कुड़मि समाज के मूलखूंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 9 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने आगामी जनगणना में कुड़मि समाज की अलग जातीय पहचान, मातृभाषा के रूप में कुड़मालि का पृथक अंकन, पारंपरिक प्रकृति-पूजक “सारना कुड़मि धर्म” को धर्म-कोड के रूप में मान्यता और कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर विस्तृत मांग-पत्र सौंपा।

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा में नेता सदन जे.पी. नड्डा, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, राज्यसभा सांसद खीरू महतो और आदिवासी कुड़मि समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो सहित कई वरिष्ठ नेता और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री के समक्ष कहा कि यह मांग केवल पहचान की लड़ाई नहीं है, बल्कि कुड़मि समाज की भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय है। इस पर गृहमंत्री ने गंभीरता से विचार कर जल्द आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 6 अगस्त को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को भी मांग-पत्र सौंपा था, जिसके बाद ही गृह मंत्रालय से मुलाकात का अवसर मिला।

गृहमंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद चांडिल सहित पूरे झारखंड, बंगाल, ओडिशा और असम के कुड़मि समाज में अपनी भाषाई और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को लेकर नई उम्मीद जगी है।

इस मुलाकात के दौरान जयपुर के विधायक विश्वजीत महतो, संजय महतो, कृष्ण पद महतो, प्रेमचांद महतो, परिमल महतो समेत समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

वहीं जनसंपर्क सचिव गुणधाम मुतरुआर ने बताया कि इस आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए 16 अगस्त को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड के डोबो स्थित कुड़मि भवन में आदिवासी कुड़मि समाज की केंद्रीय समिति की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम सहित विभिन्न राज्यों के केंद्रीय सदस्य शामिल होंगे।

जर्जर सड़क बनी जानलेवा! गहरे गड्ढे में फंसी दो मालवाहक गाड़ियां।

जर्जर सड़क बनी जानलेवा! गहरे गड्ढे में फंसी दो मालवाहक गाड़ियां।

सरायकेला/चांडिल

वोट देकर विधायक को गद्दी पर बैठाने वाली जनता बेहाल – जनप्रतिनिधि और प्रशासन मौन।

सड़क पर नहीं, गड्ढों में चल रही है जिंदगी।

हल्की बारिश ने प्रशासन व जनप्रतिनिधि की खोल दी पोल।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बदहाली और लापरवाही की भेंट चढ़ी इस सड़क पर दो बड़ी मालवाहक ट्रकें गहरे गड्ढे और कीचड़ में फंस कर दम तोड़ चुकी हैं। एक ट्रक का आधा हिस्सा धंस गया है तो दूसरी गाड़ी घंटों से उसी जगह खड़ी है, निकलने का कोई रास्ता नहीं।

सविता महतो, विधायक, ईचागढ़ विधानसभा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। यह सड़क महीनों से नहीं, सालों से जर्जर है। बरसात में तो हालात नरक से भी बदतर हो जाते हैं। बड़े-बड़े गड्ढे पानी में तालाब बन जाते हैं और रोजाना कोई न कोई वाहन उसमें फंस जाता है।

सबसे बड़ा सवाल – जनप्रतिनिधि कहां हैं?

जिस जनता ने अपने एक-एक वोट से विधायक जी को गद्दी पर बैठाया, आज वही जनता इस टूटी सड़क पर अपनी किस्मत को कोस रही है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब AC कमरों में बैठे हैं और जनता की इस परेशानी को देखने वाला कोई नहीं है।

प्रशासन की अनदेखी भी कम नहीं है। कई बार शिकायत करने के बाद भी न तो सड़क की मरम्मत हुई, न ही गड्ढों को भरने की जहमत उठाई गई। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

यक्ष प्रश्न:

1. आखिर कब तक जनता इस जानलेवा सड़क पर चलने को मजबूर रहेगी?

2. सरकार द्वारा निर्धारित प्रत्येक तरह के टैक्स का पैसा कहां जा रहा है जब सड़क की ये हालत है?

3. क्या जनप्रतिनिधि और प्रशासन की आंखें तब खुलेंगी जब कोई बड़ी जनहानि होगी?

4.कहां है पथ निर्माण विभाग।

5.कहां है परिवहन पदाधिकारी।

जनता नेताओं से पूछ रही है – वोट हमारा, तो सजा भी हमारी ही क्यों?

एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी में बी.एड. सत्र 2023–2025 के विद्यार्थियों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न।

एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी में बी.एड. सत्र 2023–2025 के विद्यार्थियों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न।

सरायकेला/चांडिल

एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी में बी.एड. सत्र 2023–2025 के विद्यार्थियों का भव्य दीक्षांत समारोह एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी में बी.एड. सत्र 2023–2025 के विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य दीक्षांत (Graduation Day) समारोह का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। यह आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक बना।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की माननीय विधायक श्रीमती सबिता महतो थीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के मेंटर श्री राम केवल सिंह, एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन श्री विवेक कुमार सिंह तथा एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती सबिता महतो ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें समर्पण, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ समाज के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।

श्री राम केवल सिंह ने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी। संस्थान के चेयरमैन श्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ग्रेजुएशन डे केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और नए सपनों की शुरुआत है। निदेशक श्रीमती अनुपा सिंह ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एक आदर्श शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और चरित्र से समाज को नई दिशा देता है।

इस अवसर पर बी.एड. सत्र 2023–2025 के सभी सफल छात्र-छात्राओं को ग्रेजुएशन डे प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रमाण-पत्र प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। Academic Excellence Award से प्रीति कुमारी को सम्मानित किया गया। Best Personality Award से नरेंद्र प्रसाद सिंह को सम्मानित किया गया। Student Favourite Award से गिरिधारी तंतुबाई को सम्मानित किया गया। Cultural Star Award से प्रभा, थेरेसा, लिपिका एवं प्रीति कुम्भकार को सम्मानित किया गया। NSS Excellence Award शाक्या कुमारी को प्रदान किया गया। Chatter Box Award नेहा मोहंती को मिला। Best Disciplined Student Award संयुक्त रूप से बरनाली अधिकारी एवं फिरोज आलम अंसारी को प्रदान किया गया। Best Leadership Award से पूनम करवा को सम्मानित किया गया तथा Pride of the Batch Award प्रीति कुमारी कुम्भकार को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। गीत, नृत्य एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना की।

समारोह के अंत में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों एवं संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ने उन्हें केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का भी पाठ पढ़ाया है। सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सामूहिक छायाचित्र खिंचवाए। राष्ट्रगान के साथ समारोह का सफल समापन हुआ।

यह दीक्षांत समारोह एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी के लिए एक गौरवपूर्ण अवसर रहा, जिसने एक बार फिर गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

चांडिल प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन, चावलीबासा में लर्नर लाइसेंस शिविर आयोजित, 151 अभ्यर्थी हुए सफल।

चांडिल प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन, चावलीबासा में लर्नर लाइसेंस शिविर आयोजित, 151 अभ्यर्थी हुए सफल।

सरायकेला/चांडिल

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिला परिवहन कार्यालय, सरायकेला-खरसावाँ द्वारा प्रखंडवार लर्नर लाइसेंस (Learner Licence) शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 17 जुलाई, 2026 को चांडिल प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन, चावलीबासा में लर्नर लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित पंचायतों के उन अभ्यर्थियों को शामिल किया गया, जिन्होंने पूर्व से ऑनलाइन स्लॉट बुक कराया था। शिविर के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन की जांच तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप लर्नर लाइसेंस परीक्षा संपन्न कराई गई।

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार शिविर के लिए कुल 201 अभ्यर्थियों का स्लॉट निर्धारित था। इनमें से 151 अभ्यर्थी लर्नर लाइसेंस परीक्षा में सफल हुए, 27 अभ्यर्थी असफल रहे तथा 23 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को लर्नर लाइसेंस उपलब्ध कराया गया।

शिविर के दौरान मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) के साथ प्रखंड प्रशासन के पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंडवार आयोजित किए जा रहे इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके निकट ही लर्नर लाइसेंस से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाना है। उन्होंने अभ्यर्थियों से परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आवेदन एवं स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित करने की अपील की।

साथ ही सभी वाहन चालकों से वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही वाहन का परिचालन करने, यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने एवं सड़क सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने की अपील की गई।

भुइयांडीह में विधानसभा स्तरीय झामुमो के नए कार्यालय का विधायक सविता महतो ने किया उद्घाटन।

भुइयांडीह में विधानसभा स्तरीय झामुमो के नए कार्यालय का विधायक सविता महतो ने किया उद्घाटन।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल प्रखंड अंतर्गत भुइयांडीह स्थित एनएच-33 के समीप झामुमो केंद्रीय सदस्य ओम प्रकाश लायेक के नवनिर्मित आवास का गृह प्रवेश समारोह विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इसी अवसर पर  झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधानसभा स्तरीय नए कार्यालय का भी विधिवत उद्घाटन किया किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने फीता काटकर झामुमो कार्यालय का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ओम प्रकाश लायेक के नवनिर्मित आवास का अवलोकन किया तथा गृह प्रवेश समारोह में शामिल होकर परिवार को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने कहा कि भुइयांडीह में झामुमो कार्यालय खुलने से संगठन को और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं को एक मंच मिलेगा, जहां से जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार जनता के हित और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का अभियान जारी रहेगा।

कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक, झामुमो केंद्रीय सदस्य गुरुचरण किस्कू, चारु चांद किस्कू, ओम प्रकाश लायेक, काब्लू महतो, जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, जिला सचिव बैधनाथ टुडू, धर्मु गोप, शंकर लायेक, बादल महतो, अरुण टुडू, प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप, कित्तीवास महतो, दिलीप किस्कू, मिलन तंतुवाई, सुदाम हेंब्रम, राहुल वर्मा समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

आदरडीह एसएम स्टील परियोजना को लेकर विवाद बरकरार, ठीकेदारी विवाद का समझौता, फिर भी ग्रामीणों का विरोध तेज।

आदरडीह एसएम स्टील परियोजना को लेकर विवाद बरकरार, ठीकेदारी विवाद का समझौता, फिर भी ग्रामीणों का विरोध तेज।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड के आदरडीह, गौरडीह, रघुनाथपुर, सांगिड़ा, नीमडीह, केतूंगा सहित आसपास के मौजा में प्रस्तावित एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड परियोजना शुरू से ही विवादों में घिरी रही है। दो दिन पहले कंपनी में ठीकेदारी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसका पटाक्षेप रविवार 12 जुलाई को नीमडीह थाना में आपसी समझौते के साथ हो गया। लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। सोमवार को ग्रामीणों का एक पक्ष कंपनी गेट के पास धरने पर बैठ गया। बाद में ग्रामीण, कंपनी प्रबंधन एवं जमीन अधिग्रहण के बिचौलिया के साथ वार्ता के बाद धरना वापस ले लिया गया। हालांकि इसी बीच जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश की आग अंदर ही अंदर सुलग रहा है, जो कभी भी ज्वालामुखी बन सकता है।

छह महीने पूर्व नीमडीह प्रखंड के गौरडीह पंचायत भवन में आयोजित ग्रामसभा में माहौल पूरी तरह विरोध के रंग में दिखाई दिया। ग्रामसभा शुरू होते ही उन्होंने कहा कि ‘हम अपनी जमीन किसी कीमत पर नहीं देंगे।’ इसके बाद पूरे पंचायत भवन में विरोध के स्वर तेज हो गए।

सभा में नीमडीह, गौरडीह, रघुनाथपुर, सांगिड़ा, केतूंगा और सुंडीदीह मौजा के ग्रामीणों ने एक स्वर में घोषणा की कि वे प्रस्तावित एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड की स्थापना किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया विवादों से घिरी हुई है। उनका दावा है कि बहु संख्यक जमीन मालिकों ने अपनी सहमति नहीं दी, फिर भी कागजों में सहमति दिखाकर जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दलालों ने 44 हजार रुपये प्रति डिसमिल की दर वाली जमीन को मात्र 11 हजार रुपये प्रति डिसमिल दिखाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है। कई किसानों को अब तक मुआवजा भी नहीं मिला है।

सूत्रों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से गहरा विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों के भीतर नाराजगी लगातार सुलग रही है, जो यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो कभी भी बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है। लोगों का कहना है कि उनके लिए जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी पहचान और अस्मिता है। ग्रामीणों ने एक बार फिर दोहराने लगा कि उनका संघर्ष केवल एक कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए है।

नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपंगडीह में श्रद्धा पूर्वक मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती।

नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपंगडीह में श्रद्धा पूर्वक मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती।

शिक्षा, राष्ट्रवाद और सेवा के प्रतीक थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी :- डॉ. जटाशंकर पांडे।

सरायकेला/चांडिल

नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपंगडीह चांडिल में भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में उन्होंने डॉ. मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, शिक्षा, औद्योगिक विकास तथा जनसेवा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी कम आयु में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को नई दिशा प्रदान की। डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने स्वेच्छा से अलख जगाने के उद्देश्य से राजनीति में प्रवेश किया। डॉ॰ मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी थे। उन्होने बहुत से गैर कांग्रेसी हिन्दुओं की मदद से कृषक प्रजा पार्टी से मिलकर प्रगतिशील गठबन्धन का निर्माण किया। इस सरकार में वे वित्तमन्त्री बने। इसी समय वे सावरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिन्दू महासभा में सम्मिलित हुए।

डॉ. जटाशंकर पांडे ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, शिक्षा और सामाजिक सेवा के मार्ग पर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। इस मौके पर एडवोकेट निखिल कुमार, प्राचार्य जयदीप पांडे जी, शांति राम महतो, भगत लाल तेली,प्रकाश महतो, शुभम साहू, देवाशीष मंडल, शशि भूषण महतो, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, अजय मंडल,गौरव महतो आदि उपस्थित थे।

चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए।

चोरी की बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल थाना पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-33 स्थित पंजाबी होटल के समीप वाहन जांच के दौरान आजादनगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल के साथ दो युवकों को पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओल्ड पुरुलिया रोड, आजादनगर निवासी समीर अंसारी (22 वर्ष) तथा कपाली गौसनगर निवासी मो. आसिफ (32 वर्ष) के रूप में हुई है। इस संबंध में चांडिल थाना में कांड संख्या 93/26 दिनांक 03 जुलाई 2026 के तहत धारा 317(5), 303(2) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा, सरायकेला भेज दिया गया।

हूल दिवस पर आजसू पार्टी ने दी शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि।

हूल दिवस पर आजसू पार्टी ने दी शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि।

सरायकेला/चांडिल

अंग्रेजी हुकूमत, ज़मींदारों के शोषण और अन्याय के विरुद्ध 1855 की ऐतिहासिक ‘हूल क्रांति’ का शंखनाद करने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो के बलिदान दिवस ‘हूल दिवस’ के अवसर पर मंगलवार को आजसू पार्टी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। चांडिल के चिलगु स्थित आजसू पार्टी के प्रधान कार्यालय में केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने शहीद सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर हरेलाल महतो ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में झारखंड के वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायी रहा है। अंग्रेजी शासन के अत्याचार, शोषण और अन्याय के विरुद्ध सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो ने जिस साहस और त्याग का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को हूल क्रांति के इतिहास और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से अवगत कराना समय की आवश्यकता है, ताकि उनके बलिदान और आदर्शों को सदैव स्मरण रखा जा सके। कार्यक्रम में पूर्व चांडिल प्रमुख अमला मुर्मू, भीम महापात्र, देवराज महतो, हिमेश महतो सहित आजसू पार्टी के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नारायण प्राइवेट आई.टी.आई, लुपुंगडीह में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।

नारायण प्राइवेट आई.टी.आई, लुपुंगडीह में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।

सरायकेला/चांडिल

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रवादी विचार के प्रखर नेता थे:- डॉ. जटाशंकर पांडेय

सरायकेला-खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत
नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह चांडिल में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक सह भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. जटाशंकर पांडेय ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में डॉ. पांडेय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था। वे अल्प आयु में ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त कर कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में उन्होंने उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वर्ष 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में विकसित हुई। जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष व्यवस्था का उन्होंने पुरजोर विरोध किया और “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर राष्ट्रीय एकीकरण का अभियान चलाया।

डॉ. पांडेय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी शिक्षा के प्रसार, औद्योगिक विकास, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उनका त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मौजूद रहे एडवोकेट निखिल कुमार, प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, शुभम साहू, शशि भूषण महतो, पवन महतो, कृष्णा पद महतो,गौरव महतो एवं संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में मोहर्रम को लेकर हुई शांति समिति की बैठक।

चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में मोहर्रम को लेकर हुई शांति समिति की बैठक।

सरायकेला/चांडिल

सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील

आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मंगलवार को चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने कहा कि देश में विभिन्न समुदायों द्वारा वर्षों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व-त्योहार मनाने की परंपरा रही है। मोहर्रम भी इसी परंपरा के अनुरूप शांति एवं सद्भाव के वातावरण में मनाया जाए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी असामाजिक तत्व या अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति को संरक्षण न दें तथा ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

उन्होंने कहा कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रखा जा सकता है। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा एवं बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठा।

इस पर एसडीओ ने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है, जिस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरा उत्पन्न करती है। बैठक में एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार, नीमडीह अंचलाधिकारी, ईचागढ़ बीडीओ, चांडिल थाना प्रभारी, नीमडीह थाना प्रभारी, कपाली ओपी प्रभारी, समाजसेवी हिकीम चंद्र महतो, पंचायत समिति सदस्य रजिया सुल्ताना, शेख फरीद, मनमन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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