आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांकीटांड़ गांव में नहीं बना सड़क

आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांकीटांड़ गांव में नहीं बना सड़क

सरायकेला/ईचागढ़

मालखान महतो

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड का कांकीटांड़ गांव आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। तीन पंचायतों के अंतर्गत आने वाला यह गांव आजादी के बाद से अब तक एक अदद सड़क के लिए तरस रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तो दूर, बरसात के दिनों में खेतों की मेड़ ही ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा है। स्कूली बच्चों को भी करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर गिरते-पड़ते स्कूल जाना पड़ता है। वहीं गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए ग्रामीणों के सहारे ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ये तस्वीरें ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के कांकीटांड़ गांव की हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हुई है। गांव तक आने-जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

धान के खेतों के बीच बनी संकरी मेड़ ही ग्रामीणों के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। इसी रास्ते से ग्रामीण मिलन चौक बाजार जाते हैं और इसी पगडंडी से बच्चे स्कूल का सफर तय करते हैं। करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर छोटे-छोटे बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते हैं और फिर इसी जोखिम भरे रास्ते से वापस घर लौटते हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ती है। सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। ऐसे में समय पर इलाज मिलना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। गांव में एक नव प्राथमिक विद्यालय भी था, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को दो किलोमीटर पैदल चलकर सितु स्कूल आना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।

ग्रामीणों का कहना है कि आज वैज्ञानिक युग में लोग जी रहे हैं,लेकिन कांकीटांड़ के लोग आज भी अपने गांव तक एक सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क के अभाव में गांव का विकास भी प्रभावित हो रहा है।यहां आज भी खेत की मेड़ ही सड़क का विकल्प बनी हुई है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग है कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कांकीटांड़ गांव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

नल जल योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर  नहीं किया ड्रैसिंग ,  बारिश में टुट रहा सड़क का फुटपाथ।

नल जल योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर  नहीं किया ड्रैसिंग ,  बारिश में टुट रहा सड़क का फुटपाथ।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु ,सोड़ो,तुता सहित कई पंचायत क्षेत्रों में जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा हर घर नल जल योजना अन्तर्गत बृहत जल मीनार का निर्माण जारगोडीह में कराया जा रहा है, जिसमें हर घर नल से जल आपूर्ति हेतु पाइप लाइन का कार्य संवेदक द्वारा किया जा रहा है। सड़क किनारे एवं गांवों में पाइप बिछाने के गड्ढे खोदने का काम किया जा रहा है। पाइप बिछाने के बाद ऊपर मिट्टी को हल्का देकर छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन वाहन फंस रहा है। पाइप बिछाने के बाद ड्रेसींग भी नहीं किया गया है, जिससे बारिश में मिट्टी का कटाव होने से सड़क किनारे फुटपाथ जगह जगह धंस कर खतरे को आमंत्रित कर रहा है।

लोगों का आरोप है कि सुरजमल ओंकारमल कंस्ट्रक्शन द्वारा पाइप बिछाकर मिट्टी को समान भी नहीं किया जा रहा है। लोगों को आवागमन में असुविधा के साथ ही। सड़क किनारे का मिट्टी कटाव होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पाइप बिछाए गए गढ्ढों को ठीक नहीं करने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को ग्रामीणों द्वारा शिकायत किया जाएगा।

चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर।

चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह 2 पंचायत अंतर्गत चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि चिपड़ी हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर तक साइकिल हाथ में लेकर या उतरकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों और ग्रामीणों को बाजार तक सब्जियां पहुंचाने में भी भारी परेशानी होती है और कई बार सामान को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को खाट पर लिटाकर लगभग दो किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही अस्पताल पहुंचाना संभव हो पाता है।
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है।

इस दौरान जगदीश सिंह मुंडा, जगदीश महतो, सुग्रीव भगत, डीसी महतो, राजकिशोर महतो, नरेश महतो, विष्णु महतो, शिवचरण महतो तथा वरुण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने अविलंब सड़क निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

वर्षों पुराने सड़क विवाद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने मौके पर कराया समाधान, हटेगा 5 साल पुराना अवैध कब्जा।

वर्षों पुराने सड़क विवाद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने मौके पर कराया समाधान, हटेगा 5 साल पुराना अवैध कब्जा।

सलगा/बरडीहा

कार्यालय में मिली अतिक्रमण की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने अहले सुबह सलगा पंचायत का रुख किया।

प्रतिदिन की तरह सुबह के पैदल भ्रमण के क्रम में ही वे ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण करने के उद्देश्य से लगभग 4 किलोमीटर पैदल चलकर सलगा पंचायत के विभिन्न टोलों में पहुंचे। उनके इस पैदल दौरे में रास्ते भर ग्रामीणों से संवाद भी होता रहा और समस्याओं का त्वरित समाधान भी निकाला गया।

दौरे के क्रम में सलगा के बैगा टोली पहुंचते-पहुंचते ग्रामीणों और बच्चों का लगभग 150 लोगों का कारवां उनके साथ जुड़ गया। बैगा टोली में पिछले 5 वर्षों से चले आ रहे सड़क विवाद और महेंद्र यादव द्वारा पूरे रास्ते पर किए गए अवैध कब्जे की समस्या पर सीओ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अंचल अमीन अमलेश यादव की मौजूदगी में स्थल का मुआयना किया और अतिक्रमणकारी महेंद्र यादव से सीधी बातचीत कर सख्त लहजे में निर्देश दिया। प्रशासनिक सख्ती के बाद महेंद्र यादव ने तुरंत अपने अवैध कब्जे को हटाने पर सहमति जताई। सीओ ने मौके पर ही अमीन को संपूर्ण मार्ग की मापी कर अतिक्रमण को चिह्नित करने और रास्ते को पूर्णतः कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।

भ्रमण के दौरान सलगा चौक पर बंद पड़े सामुदायिक शौचालय की स्थिति देख सीओ ने तत्काल चौक के सामने स्थित स्थानीय दुकानदार को चाबी सौंपने का आदेश दिया। शौचालय के रखरखाव व साफ-सफाई के लिए उपयोगकर्ताओं से 5 से 10 रुपये का न्यूनतम शुल्क लेकर इसे आम जनता के लिए अविलंब चालू करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान बीडीओ सह सीओ जिस मार्ग से होकर गुजरे, वह पूर्व से ही काफी जर्जर और बदहाल स्थिति में था। रास्ते की खराब हालत को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही मौजूद सलगा मुखिया उमेश प्रजापति को निर्देश दिया कि इस सड़क को ‘वीबीजी राम जी योजना’ के तहत स्वीकृत कराकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराएं, ताकि सड़क अच्छा और चलने लायक हो सके।

इस दौरान सलगा मुखिया उमेश प्रजापति, अंचल अमीन अमलेश यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

सीओ के इस संवेदनशील और त्वरित प्रयास से ग्रामीणों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। सालों से अवरुद्ध सड़क के मुक्त होने और जल्द ही अच्छी सड़क बनने की उम्मीद से ग्रामीणों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

मामले पर बयान देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने कहा, “रोजाना सुबह पैदल भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान का प्रयास किया जाता है।

जनसमस्याओं का समाधान और आवागमन को सुलभ बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 5 सालों से बंद पड़े सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सड़क के सुदृढ़ीकरण पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है।”

यह सड़क नहीं ईचागढ़ प्रखंड वासियों की जिंदगी का हाल है जिस सड़क पर चलना है उसी का हाल बेहाल है।

यह सड़क नहीं ईचागढ़ प्रखंड वासियों की जिंदगी का हाल है जिस सड़क पर चलना है उसी का हाल बेहाल है।

सरकार कहती है स्पीड पर कंट्रोल रखो कभी ना होगा कोई ग़म सड़क पर बने गड्ढे खुद ही स्पीड ब्रेकर का काम करती है अब क्या घर से निकलना बंद कर दे हम:-  ग्रामीण

बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान, एक सप्ताह का अल्टीमेटम, सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से होगा धानरोपण।

सरायकेला/ईचागढ़

साथियों आपने और हम सभी ने अक्सर यह कहते सुना होगा कि जब सामने गड्ढे हो तो गड्ढे को फांद कर जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए वरना हमारे बदन पर भी कीचड़ लग सकती है। इसीलिए लोग सलाह देते हैं के गड्ढे के बगल से हमें गुजर जाना चाहिए। लेकिन जब सड़क पर गड्ढे और कीचड़ के सिवा और कुछ ना हो तो फिर स्थानीय निवासियों को कीचड़ के रास्ते से ही गुजरना मजबूरी हो जाती है

साथियों पुराने समय में राजतंत्र था और एक राजा के लिए उसकी प्रजा की सुख सुविधाएं सर्वोपरि हुआ करती थी। आज की तारीख में देश की जनता देश के प्रधानमंत्री राज्य के मुख्यमंत्री अथवा स्थानीय विधायक को अपने राजा के तौर पर देखती है और यह सोचती है की उसका राजा उसके हितों के बारे में सोंचेगा उसे हर सुख सुविधा मुहैया कराएगा और यही सोंचकर यही सोंच लेकर जनता घंटों लाइन में लगकर कड़ी धूप में खड़े होकर अपना कीमती वोट देकर अपना एक विधायक का चुनाव करती है। और खुद के द्वारा चुने गए विधायक की जीत पर खुशियां मानती है मिठाइयां बांटते हैं और यह सोचती है कि अब अच्छे दिन आएंगे। लेकिन क्या हो जब उनके सपने कीचड़नुमा खराब सड़क में तब्दील हो जाए तब आप सोंच सकते हैं उस जानता के मन में किस तरह की भावना उत्पन्न हो सकती है।

जी हां साथियों ऊपर लिखे गए हृदय विदारक शब्दों का जीता जागता सबूत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में देखने को मिलता है जहां पर कीचड़नुमा बदहाल सड़क से क्षेत्र वासियों का जीना मुहाल हो चुका है। खराब सड़क और विधायक द्वारा किए गए वादों को ना निभाए जाने से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है लोग खराब सड़क पर धान रोपनी करने तक की बात कह रहे हैं।

ताजा मामला ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत के अंतर्गत पड़ने वाले हाड़ात गांव का है जहां पर भारी बारिश के कारण खराब सड़क और जल जमाव से ग्रामीणों का पैदल चलना और वाहनों का निकलना मुहाल चुका है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्र बताते हैं कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उक्त खराब सड़क की समस्या के निवारण के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सविता महतो सहित ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह आजसू नेता हरेलाल महतो, जेएलकेएम नेता सह पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई थी। इसके बावजूद भी सड़क मरम्मत नहीं हो पाई। दो पहिया और अन्य वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई हो रही है।

सविता महतो, विधायक, ईचागढ़
पूर्व प्रत्याशी सह आजसू नेता, हरेलाल महतो
जेएलकेएम नेता सह पूर्व प्रत्याशी, तरुण महतो

वहीं इस मामले पर स्थानीय ग्रामीण संजय कुमार महतो ने बताया कि हाड़ात टोला पहाड़धार के लोहरा टोला का रास्ता इतना बेहाल हो चुका है कि स्कूली बच्चों से लेकर के बूढ़े बुजुर्गों तक का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सहित अन्य समाजसेवियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है, परंतु अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभाग से जल्द से जल्द समस्या का निवारण करने का अनुरोध किया है। साथ ही ग्रामीणों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से सड़क पर ही धान रोपनी का कार्यक्रम किया जाएगा और सड़क को बंद कर दिया जाएगा।

संजय कुमार महतो, ग्रामीण

वहीं इस मामले पर ईचागढ़ प्रखंड के उपप्रमुख दीपक कुमार साव ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से सड़क की समस्या की सूचना लगातार मिल रही है पूर्व में भी मैंने निजी स्तर से सड़क को चलने लायक बनाया था। इस वर्ष भी निजी स्तर से सड़क का मरम्त्तीकरण किया जाएगा

कुशपुतुल-चांडिल सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों व ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

कुशपुतुल-चांडिल सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों व ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

सरायकेला/ईचागढ़

नीमडीह प्रखंड के राजस्व ग्राम कुशपुतुल के स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सोमवार को कुशपुतुल-चांडिल मुख्य सड़क के जर्जर हिस्से के निर्माण की मांग को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने सड़क के करीब 800 मीटर हिस्से का जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि कुशपुतुल गांव की करीब तीन हजार आबादी के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है।

लंबे समय से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बरसात में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खराब सड़क के कारण एम्बुलेंस सहित अन्य चारपहिया वाहनों का परिचालन भी प्रभावित होता है।

एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता ने  ज्ञापन को संबंधित विभाग को भेजकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर छात्र नेता समीर कुमार महतो,  विजय कर्मकार, सुदीप कुमार महतो, रोहिण सिंह, कमल सिंह, राधेश्याम कर्मकार, जयदेव महतो आदि उपस्थित थे।

गड्ढे में तब्दील हुआ मिरुडीह का सड़क, नगर निगम की लापरवाही जनजीवन अस्त-व्यस्त। भाजपा के वरिष्ठ नेता वास्को बेसरा ने जनहित में जताई चिंता।

गड्ढे में तब्दील हुआ मिरुडीह का सड़क, नगर निगम की लापरवाही जनजीवन अस्त-व्यस्त। भाजपा के वरिष्ठ नेता वास्को बेसरा ने जनहित में जताई चिंता।

सरायकेला/आर.आई.टी

सरायकेला खरसावां जिले के आर.आई.टी थाना क्षेत्र अंतर्गत  मिरुडीह निवासियों को बरसात के दिनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात होने के बाद सड़क में गड्ढे होने के कारण सिदो कान्हु चौक से लेकर फाटक तक का रास्ता बद से बद्तर हो चुका है। हैरानी की बात तो यह है कि सड़क को देखकर यह प्रतित नहीं होता कि सड़क पर गड्ढहैं या गड्ढे में सड़क।

सिदो कान्हु चौक से लेकर फाटक तक सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई दे रहे हैं जिससे कि मिरुडीह निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है खासकर स्कूली बच्चों, मरीजों, दैनिक जीवन में काम पर आने जाने वालों को मजदूरों को एवं व्यापारियों को खराब सड़क के कारण ज्यादा परेशानियां हो रही हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।

वहीं सिदो कान्हु चौक के समीप नगर निगम द्वारा गड्ढा कोड़ दिए जाने से स्थिति और भी गंभीर बन चुकी है जिससे कि बारिश होने के बाद पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जा रही है। और यह किचड़नूमा सड़क किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है।

वहीं जन-जन के प्रिय पूर्व मेयर प्रत्याशी सह भाजपा के वरिष्ठ नेता वास्को बेसरा ने इस मामले पर जनहित में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम पूरी तरह से अपने कार्य में असफल है उन्होंने कहा कि गंदगी केवल मिरुडीह तक सीमित नहीं लगभग लगभग आदित्यपुर के तमाम क्षेत्र के चौक चौराहे पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मानो आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र कूड़ा डंपिंग यार्ड बना हुआ हो।

वास्को बेसरा ने आगे कहा कि आदित्यपुर सरायकेला मुख्य सड़क किनारे फल बेचने वालों ने सड़क को अतिक्रमण कर रखा है जिसके कारण आए दिन सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है जिसके कारण कई बार लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं उन्होंने आदित्यपुर में हुई सड़क दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही आदित्यपुर के महामाया होटल के समीप एक बुजुर्ग महिला सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी जिसमें की बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।

वहीं इस अतिक्रमण का जिम्मेदार कहीं ना कहीं वास्को बेसरा ने आदित्यपुर नगर निगम को ठहराया है वहीं देखा जाए तो आदित्यपुर बाजार गम्हरिया बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियां का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं। नगर निगम की निगरानी टीम लगातार क्षेत्र में गस्ती कर रही है लेकिन इन सभी मुद्दों पर निगरानी टीम भी मूकदर्शक बनी हुई है।

विधायक सविता महतो ने 63 लाख की लागत से दो तालाब जीर्णोद्धार कार्य का किया शिलान्यास

विधायक सविता महतो ने 63 लाख की लागत से दो तालाब जीर्णोद्धार कार्य का किया शिलान्यास

सरायकेला/ईचागढ़

विधायक सविता महतो ने 63 लाख की लागत से बनने वाले दो सरकारी तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य का शुक्रवार को विधिवत शिलान्यास किया। लघु सिंचाई प्रमंडल सरायकेला अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के हुंडरू पाथरडीह सरकारी तालाब एवं ईचागढ़ प्रखंड के सालुकडीह सरकारी तालाब में शिलापट्ट अनावरण कर कार्य की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने कहा कि हुंडरू पाथरडीह सरकारी तालाब का जीर्णोद्धार 20 लाख रुपये की लागत से तथा सालुकडीह सरकारी तालाब का जीर्णोद्धार 43 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों तालाबों के जीर्णोद्धार से आसपास के किसानों को वर्षभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप, पोद्दो सिंह, टिंकू राम महतो, मंगल मांझी, हरिचरण महतो, यदुपति महतो, हरेन महतो, उप मुखिया, बनु महतो आदि काफी संख्या में ग्रामीण जनता उपस्थित थे।

बरसात में ‘कैद’ होते ग्रामीण, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।

बरसात में ‘कैद’ होते ग्रामीण, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के मैसाढ़ा पंचायत के कालीचामदा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ एकता वर्मा को ज्ञापन सौंपा । ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल बांध विस्थापन का दंश झेलने के बावजूद आज तक गांव में पक्की सड़क नहीं बन पाई है। करीब 70 परिवारों वाले इस गांव की आबादी लगभग 400 है, लेकिन आवागमन के लिए समुचित सड़क नहीं होने से लोगों का जीवन कठिन बना हुआ है। बरसात के दिनों में कच्ची सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

सड़क के अभाव में स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं, कीचड़ भरे रास्तों के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

इस मुद्दे पर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने बताया कि बीडीओ द्वारा 7 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।‌ उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो वे डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे एवं प्रखंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन और अनशन भी किया जाएगा। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।

रांची के लिए केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात।

रांची के लिए केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात।

राजधानी/रांची

आने वाले समय में झारखंड में लगभग ₹17,000 करोड़ की लागत से 450 किमी नई सड़क परियोजनाएँ शुरू होंगी। इनमें Varanasi–Kolkata Expressway भी शामिल है, जो झारखण्ड में लोकल कनेक्टिविटी और व्यापार को नई दिशा देगा।

साथ ही रांची में 6000 करोड़ रुपये की लागत से आउटर रिंग रोड के निर्माण की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की है जो राजधानी के विकास को और विस्तार देने वाला होगा। यह रांची शहर के लिए भी महत्वपूर्ण कदम है।

300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से रांची बाईपास एनएच 33 के विकास स्थित रांची-हजारीबाग रोड जंक्शन और रामपुर रामपुर स्थित रांची-जमशेदपुर जंक्शन पर 02 ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज के निर्माण कार्य होगा।

केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी के द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एवं रक्षा राज्यमंत्री श्री संजय सेठ के द्वारा शिलान्यास होगा।

कालीचामदा गांव की जर्जर सड़क पर ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी।

कालीचामदा गांव की जर्जर सड़क पर ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी।

सरायकेला/ईचागढ़

    ( मालखान महतो )

    ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत पंचायत मैंसाढ़ा के ग्राम कालीचामदा में सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। विशेषकर बरसात के दिनों में चिकनी मिट्टी के कारण रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना, गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है।

    इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो के पास पहुंचे और समाधान की मांग की। इस संबंध में अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने बताया कि ग्रामीणों की पहली रणनीति प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या को रखना है। यदि वहां से उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो उपायुक्त कार्यालय में जाकर अपनी मांगों को रखा जाएगा।उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद भी सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो ग्रामीण बाध्य होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और प्रखंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे।

    मौके पर उपस्थित रीता सिंह मुण्डा, सीता नापीत,गुरूवारी सरदार,तरूलता हांसदां ने कहा कि सड़क का निर्माण या मरम्मती कार्य नहीं किए जाने से हम ग्रामीण नरक की जिंदगी जीने को मजबुर है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग नहीं माने जाने पर प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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