सरायकेला/आदित्यपुर
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत शर्मा मार्केट में कॉमन सर्विस सेंटर जो प्रज्ञा केंद्र चल रहे हैं आवासीय, जाति, आय प्रमाण पत्र एवं आयुष्मान कार्ड का सर्विस करते हैं जो जनता को डेढ़ सौ 200 रुपया करके ले रहे हैं और हर दिन के इतना रुपया ले करके किसी अधिकारी के पास इनको देना रहता है क्या प्रज्ञा केंद्र इसीलिए सरकार ने खोला है कि प्रज्ञा केंद्र के नाम पर जनता को लूटने का काम प्रज्ञा केंद्र चलाने वाले लोग करें।

आखिर यह लाखों रुपया महीने की कमाई कौन सी सरकारी अधिकारी के पास जाता है।
कॉमन सर्विस सेंटर शर्मा मार्केट जिसके प्रोपराइटर है चीनू जो प्रज्ञा केंद्र के नाम पर जनता को लूटने का काम कर रहे हैं।
जनहित में इस तरह की प्रज्ञा केंद्र को बंद कर देना चाहिए।
सरकार की गाइडलाइंस और प्रज्ञा केंद्र के नियम निम्न है जो नीचे दिए गए हैं आम जनता उसे ध्यान से पढ़े।
झारखंड में प्रज्ञा केंद्र (जिसे कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी भी कहते हैं) के संचालन के लिए कुछ नियम और दिशानिर्देश हैं, जो सरकार की ओर से समय-समय पर जारी किए जाते हैं। ये नियम केंद्रों के सुचारु संचालन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं।
मुख्य नियम और दिशानिर्देश:
सेवाओं से संबंधित नियम
- प्रमाण पत्र जारी करना: प्रज्ञा केंद्रों को आय, जाति, निवास और अन्य सरकारी प्रमाण पत्रों के आवेदनों को ई-नागरिक सेवा सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वीकार करना होता है।
- आवेदन की अस्वीकृति: यदि किसी आवेदन में कोई गलती या विसंगति पाई जाती है, तो उसे अस्वीकृत (reject) किया जा सकता है। अस्वीकृति का कारण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है।
- समय-सीमा का पालन: आवेदनों को आठ कार्य दिवसों के भीतर निष्पादित करना अनिवार्य है।
- सेवा शुल्क: प्रज्ञा केंद्र संचालकों को सेवा के लिए निर्धारित शुल्क ही लेना होता है। उदाहरण के लिए, प्रमाण पत्र प्रिंट करने के लिए प्रति प्रमाण पत्र 1 रुपया लिया जा सकता है।
- आवेदनों की निगरानी: उपायुक्त समय-समय पर आवेदनों की स्थिति की निगरानी करते हैं।
- सेवाओं की सूची: प्रज्ञा केंद्र कई तरह की सेवाएँ प्रदान करते हैं, जैसे आधार नामांकन और अपडेट, पैन कार्ड सेवाएँ, बैंकिंग और मनी ट्रांसफर, सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन और बीमा सेवाएँ।
संचालन से संबंधित नियम
- बुनियादी ढाँचा: केंद्र में आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ होनी चाहिए, जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और इंटरनेट कनेक्टिविटी।
- कर्मचारी और प्रशिक्षण: प्रज्ञा केंद्रों के संचालकों (वीएलई) को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। सॉफ्टवेयर या प्रक्रियाओं में बदलाव की जानकारी सभी हितधारकों को दी जानी चाहिए।
- समन्वय: केंद्र संचालकों को जिला प्रशासन और संबंधित सेवा प्रदाता एजेंसी (एससीए) के साथ समन्वय बनाए रखना होता है।
- शिकायत निवारण: नागरिकों की शिकायतों के निवारण में सहायता करना भी केंद्र की जिम्मेदारी है।
जवाबदेही और पारदर्शिता
- सामाजिक ऑडिट: प्रज्ञा केंद्रों का नियमित सामाजिक ऑडिट किया जाना चाहिए। इससे काम के घंटों और रसीद जारी करने जैसे नियमों का पालन सुनिश्चित होता है।
- डेटा सार्वजनिक करना: केंद्रों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं का डेटा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, जिसमें आवेदनों की संख्या और अर्जित कमीशन जैसी जानकारी शामिल है।
पंजीकरण और पात्रता
- ऑनलाइन आवेदन: झारखंड में कोई भी भारतीय नागरिक ऑनलाइन आवेदन करके प्रज्ञा केंद्र खोल सकता है।
- आवश्यक दस्तावेज़: पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और बैंक पासबुक।
- निवेश: केंद्र खोलने के लिए लगभग ₹10,000 के शुरुआती निवेश की आवश्यकता हो सकती है।
अस्वीकरण: ये नियम समय के साथ बदल सकते हैं। सबसे सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए, आवेदकों और संचालकों को झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल (जैसे https://jharsewa.jharkhand.gov.in/) और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देशों की जाँच करनी चाहिए।












