सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला

सरायकेला-खरसावां: धनबाद जिला बल के हवलदार उदित नारायण महतो के पार्थिव शरीर को आज सरायकेला पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ शोक सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शोक सलामी कार्यक्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सरायकेला समीर सवैया, पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी, सार्जेंट मेजर राजेश टुडू सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाड़ेया के साथ संगठन के सदस्य सुभाष मुंडा, बबलू मुर्मू, सुमंत राम और पूर्ण चंद सोरेन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान दिवंगत हवलदार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनकी सेवाओं को याद किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि उदित नारायण महतो एक कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित पुलिसकर्मी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। पुलिस लाइन परिसर में शोक का माहौल देखा गया और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के बेरासी सिरूम पंचायत के अंतर्गत रूपरु के महतो टोला खरकोचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। यह भवन काफी जर्जर हो गया है। जान को हथेली में लेकर जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे छोटे बच्चे स्कूल पूर्व शिक्षा ग्रहण करते हैं। पौष्टिक आहार भी ग्रहण करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के विरोध पर सेविका के घर में ही आंगनबाड़ी का कार्य संचालित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इसकी हालत ऐसी हो गई है कि यहां बच्चों के लिए संचालित होने वाली आंगनवाड़ी सेवाएं पूरी तरह से बाधित हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है तथा संरचना असुरक्षित प्रतीत होती है। इस कारण आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं पदाधिकारियों से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित पदाधिकारियों से तत्काल जांच कराने तथा भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित कर आंगनबाड़ी केंद्र को चालु कराने का मांग किया है । मौके पर बजीनाथ महतो, गौरांग,श्रीदाम, संजय महतो सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

जिले की जनता की निगाहें नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी पर टिकी।

( सोनू कुमार सिंह )

पूरे भारत में सरकार द्वारा गरीबों को पेट भरने एवं अपना जीवन यापन एवं अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए सरकार की ओर से गरीबों को जन वितरण प्रणाली द्वारा अनाज उपलब्ध कराई जाती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई ऐसे राशन कार्ड धारी हैं जिन्हें सही समय पर जन वितरण प्रणाली द्वारा राशन उपलब्ध नहीं कराई जाती है अब यह तो जांच का विषय है और जांच के बाद ही इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है।

लेकिन अगर उसी अनाज गोदाम में आग लग जाए और सारा अनाज जलकर राख में मिल जाए तो कहीं ना कहीं गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और यह कहीं ना कहीं काफी गंभीर मामला है।

ज्ञात होगी 28 अक्टूबर 2025 को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई जिसमें की आग की चपेट में आकर दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जिसमें की एजीएम अभिषेक हाजरा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति शामिल हैं। और इतना ही नहीं इस दर्दनाक घटना में लाखों का अनाज जलकर राख हो गया।

वहीं घटनास्थल से टूटा ताला, लाइटर, पेट्रोल का गैलन, ताबीज और गमछा जैसी वस्तुएं बरामद की गई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरा और गोदाम का मुख्य द्वार भी क्षतिग्रस्त पाया गया था और इतना ही नहीं गोदाम के छत का टीन भी क्षतिग्रस्त पाया गया था

वहीं घटना के अनुसंधान के लिए प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। घटना की जांच के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत द्वारा एसआईटी का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर कुमार सवैया कर रहे हैं।

घटना के करीब पंद्रह दिन बाद रांची से जेएसएससी की एक उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। इस टीम में जेएसएससी के उप निदेशक सुधीर कुमार और वरीय अधिकारी रजनीश कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान सरायकेला के जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक प्रबंधक मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां रखे गए अनाज की स्थिति का आकलन किया।

लेकिन आश्चर्य की बात यह रही की घटना के लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस घटना से पर्दा नहीं उठ पाया। और ना ही कोई रिपोर्ट जनहित में सामने नहीं आई है।

घटना की प्रमुख बातें:-

  • आग लगने की घटना 28 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
  • दो लोगों की मौत हो गई थी।
  • प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई है।
  • एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर सवैया कर रहे हैं।
  • घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है ।

इस पूरी घटना में जनता यह जानना चाहती है कि गम्हरिया गोदाम में आग लगने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई है और अब तक इस मामले से पर्दा क्यों नहीं उठ पाया ।

जनता के द्वारा पूछा गया यक्ष प्रश्न।

क्या यह आग लगने की घटना एक सोचीं समझी साजिश थी ?

क्या इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया था ?

दो लोगों की मौत हुई उन दो लोगों के परिवार जनों का क्या हुआ ?

क्या दोनों मृतक के परिवार को मुआवजा दिया गया और मुआवजा दिया गया तो कितना दिया गया ?

अनाज गोदाम में केरोसिन तेल कहां से आई ?

अनाज गोदाम में लाइटर कहां से आया ?

इस मामले को लगभग लगभग सभी अखबारों ने सभी न्यूज़ चैनलों ने सभी न्यूज वेबसाइट में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था लेकिन फिर भी 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले से पर्दा नहीं उठ पाया जिले की जनता जनहित में यह जानना चाहती है कि क्या टीम का गठन सिर्फ एक दिखावा था ?, क्या आज के समय में न्याय सिर्फ शब्दों में रह गई है  किताबों में रह गई है अखबारों में रह गई है या सिर्फ कहने को रह गई है ?

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले के 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक गम्हरिया अनाज गोदाम में किसी और एजीएम की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

यहां पर एक बड़ा सवाल यह भी उठता दिखाई दे रहा है कि नए एजीएम की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है ? या फिर गम्हरिया अनाज गोदाम में कोई भी अपनी नियुक्ति नहीं करवाना चाहता ?

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

सरायकेला-खरसावां

उन्नत तकनीक के माध्यम से लाह उत्पादन में वृद्धि एवं कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु किया गया प्रोत्साहित, अन्य किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने की गई अपील।

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले के कृषकों की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में नीमडीह प्रखंड अंतर्गत हेवन एवं लाकड़ी लैंपस के 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लाह उत्पादन को वैज्ञानिक आधार देकर किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित कृषकों को लाह उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। विशेषज्ञों द्वारा उत्तम किस्म के बीहन लाह के चयन, कीट नियंत्रण तथा लाह के पौधों के उचित रखरखाव के संबंध में तकनीकी जानकारी साझा की गई। किसानों को प्रेरित किया गया कि वे पारंपरिक विधियों के स्थान पर उन्नत तकनीक का उपयोग करें, जिससे न केवल उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि उनकी आय में भी आशातीत वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान 200 चयनित लाह कृषकों के बीच आवश्यक कृषि टूल-किट का वितरण किया गया। इन उपकरणों की उपलब्धता से किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से लाह की खेती करने में सुगमता होगी। प्रशासन का यह उद्देश्य है कि किसान संसाधनों के अभाव में न रहें और तकनीक का पूर्ण लाभ उठाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें। टूल-किट वितरण को किसानों को सशक्त करने और उन्हें कृषि कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा किसानों से विशेष अपील की गई कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आगे आएं। कृषकों को प्रोत्साहित किया गया कि वे स्वयं लाभान्वित होने के साथ-साथ अपने आसपास के अन्य किसानों को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित करें। सामूहिक जागरूकता के माध्यम से ही कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और ग्रामीण समृद्धि का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सरायकेला-खरसावां में नई एसपी का योगदान, महिला एवं बाल सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस।

सरायकेला-खरसावां में नई एसपी का योगदान, महिला एवं बाल सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां: जिले की नई पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी और ऐसे मामलों के त्वरित एवं संवेदनशील निष्पादन को सुनिश्चित किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने बताया कि अपराध नियंत्रण के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। पदभार ग्रहण करने के अवसर पर जिला पुलिस द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैया, चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद बिंद्रा, डीएसपी सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। नवपदस्थापित एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और आम जनता के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे हर हाल में बनाए रखना प्राथमिकता होगी।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय परिसर के पशुपालन कार्यालय प्रांगण में शनिवार को जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य रूप से प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी,जिप सदस्य ज्योतिलाल मांझी, बीडीओ एकता वर्मा एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो उपस्थित थे। शिविर में किसानों के बीच 90 प्रतिशत अनुदान राशि पर जोड़ा बैल का वितरण किया गया।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 8 किसानों के बीच 8 जोड़ा बैल का वितरण किया गया। वहीं वीडियो एकता वर्मा ने लाभूक किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जानकारी दिया एवं योजनाओं का समुचित लाभ उठाने का अपील किया। पशु पालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदानित राशि पर किसानों को एक एक जोड़ा बैल दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को खेती करने में प्रोत्साहित करना है, ताकि गरीब किसान सरकारी अनुदान पर जोड़ा बैल लेकर मन लगाकर खेती कर सके और किसान आत्मनिर्भर हो। उन्होंने कहा कि बैलों का रखरखाव,समय पर स्वास्थ्य जांच, वैक्सीन आदि के संबंध में भी किसानों को जानकारी दिया गया।वहीं किसानों को जोड़ा बैल मिलने से लाभूक किसानों का चेहरा खुशी से खिल उठा।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

सरायकेला/ईचागढ़

देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बंगाल चुनाव के दौरान कुड़मि बहुल क्षेत्रों में कुड़मालि भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने की घोषणा केवल एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संकेत माना जा सकता है। बृहद छोटानागपुर क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में निवास करने वाला कुड़मि समाज अपनी विशिष्ट भाषा, संस्कृति और परंपराओं के साथ लंबे समय से पहचान और अधिकार की मांग करता रहा है।
भारत की विविधता में भाषाई पहचान का विशेष महत्व है। जब किसी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान मिलता है, तो उसे न केवल संवैधानिक संरक्षण मिलता है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन और सांस्कृतिक विकास के नए द्वार भी खुलते हैं। ऐसे में कुड़मालि भाषा को यह दर्जा दिलाने की पहल कुड़मि समाज के आत्मसम्मान को मजबूत कर सकती है।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनजातीय और क्षेत्रीय समुदायों के प्रति विश्वास निर्माण की रणनीति पहले भी दिखाई दे चुकी है। इसका प्रमुख उदाहरण श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हैं, जो संथाल समाज से आती हैं और आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। यह घटना न केवल एक समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के प्रति सामाजिक समावेशन और अवसर की समानता का प्रतीक बनी।

इसी तरह यदि कुड़मि समाज को भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, चाहे वह मंत्री पद हो या अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां, तो इससे समाज में विश्वास और भागीदारी की भावना और प्रबल होगी। इससे न केवल कुड़मि समाज का उत्थान होगा, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें भी और मजबूत होंगी।
हालांकि, यह भी आवश्यक है कि ऐसे वादे केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें ठोस नीतियों और कार्यान्वयन के माध्यम से साकार किया जाए। भाषा को मान्यता देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

आखिर कुड़मि समाज के साथ विश्वास का यह संबंध केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। जहां हर समुदाय को अपनी पहचान, सम्मान और विकास का समान अवसर मिले।

आज आवश्यकता है कि हम सभी कुड़मि भाई-बहन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग पूरी समझदारी के साथ करें। हमें यह देखना है कि कौन हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और हमारे समाज के उत्थान के लिए ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प ले रहा है। हमें अवसर देना है परखने का, समझने का, और अपने भविष्य को मजबूत करने का।
लेकिन समाज के सभी सदस्यों एवं वर्गों को, यह भी याद रखना होगा, हमारा आंदोलन हमारी पहचान है। यह संघर्ष हमारी आत्मा है । यह न कभी रुका है, न कभी रुकेगा। चाहे कोई भी सरकार आए या जाए, कुड़मि समाज अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा, संगठित रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा। आज का निर्णय केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि आगे आने वाले वर्षों की दिशा तय करेगा। एकजुट होकर, जागरूक होकर, और अपने अधिकारों के प्रति
सजग रहकर हमें आगे बढ़ना है।

प्रस्तुति :गुणधाम मुतरुआर
(भूगोल-शिक्षक)
अनुग्रह नारायण +2 उच्च विद्यालय पिलीद, ईचागढ़, सरायकेला-खरसावां, झाड़खंड – 832403

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने अपने सहयोगियो के साथ झारखंड के माटी पुत्र एवं शिक्षाविद्य और संविधान सभा के सदस्य बिहार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए। श्री झा ने कहा वे एक दूरदर्शी नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने कार्यों और विचारों से बिहार के विकास को नई दिशा दी।

उनका सादगीपूर्ण जीवन, उच्च आदर्श और समाज के प्रति अटूट समर्पण आज भी हमें प्रेरित करता है कि हम जनहित और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ें।
श्री फुलकांत झा ने सरकार से मांग की है मिथिला-मैथिल,मिथिली के वरदपुत्र झारखंड के गौरव के प्रति सच्ची श्रद्धांजली के रूप में देवघर एम्स (AIMs)का नाम बिनोदा बाबू के नाम पर रखा जाए।
जो हेमंत बाबू के सरकार के लिए गौरव का पल होगा।
बिनोदा बाबू अमर रहे।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 7 युनिट सुकर का किया वितरण।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 7 युनिट सुकर का किया वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा 7 लाभुको के बीच 7 युनिट सुकर का वितरण किया गया। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा,जिला परिषद सदस्य जोतिलाल मांझी एवं पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो के द्वारा वितरण किया गया।

वहीं पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो ने बताया कि 7 लाभुको के बीच 35 सुकर का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मुर्गा चूजा, बत्तख,बकरा, बकरी एवं गौ पालकों के बीच गाय का वितरण किया गया है। विभाग का उद्देश्य है कि किसानों को अनुदानित दर पर पशु धन उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

15 वर्षों से महिला जलती आग पर चलकर कर रही शिव तपस्या, पति ने पीठ में हुक घोंपकर दिखाया आस्था का अद्भुत रूप।

15 वर्षों से महिला जलती आग पर चलकर कर रही शिव तपस्या, पति ने पीठ में हुक घोंपकर दिखाया आस्था का अद्भुत रूप।

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत लाबा गांव में बुधवार को आस्था, भक्ति और तपस्या का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। चड़क पूजा के अवसर पर यहां एक महिला ने जलती व लहलहाती आग पर चलकर भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का प्रदर्शन किया, वहीं उनके पति ने अपनी पीठ में लोहे का हुक घोंपकर 40 फीट ऊंचाई पर चरखी से झूलते हुए भक्ति का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया।

करीब 50 वर्षीय बुटन ग्वालीन पिछले 15 वर्षों से लगातार इस कठिन तपस्या को करती आ रही हैं। हर वर्ष चड़क पूजा के दौरान वे लहलहाती आग में नंगे पैर चलती हैं, जिसे स्थानीय लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने का माध्यम मानते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बुटन ग्वालीन की यह साधना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनकी गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक है।

वहीं उनके पति सोमा गोप ने भी इस अवसर पर अपनी पीठ में लोहे का हुक घोंपकर लकड़ी से बने बल्ले पर लटकते हुए करीब 40 फीट ऊपर तक झूलकर भगवान शिव की आराधना की। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।

ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह की कठोर तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और परिवार तथा गांव पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

हालांकि इस प्रकार की धार्मिक गतिविधियों को लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सवाल भी उठते हैं, लेकिन स्थानीय लोग इसे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं। बुटन ग्वालीन ने बताया कि लहलहाती आग पर भगवान शिव जी की असीम कृपा से चलती हूं, जिसमें न कपड़े और न ही कहीं आग से जलता है और लोहे का हुक पीठ के चमड़े पर घोंपा जाता है और रस्सी के सहारे चकरी में लटकाकर घूमते हैं,जिसमें न ही खुन निकलता है ओर न ही घाव पर मरहम पट्टी लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा सिर्फ भोले बाबा के कृपा से ही संभव है।

शिव गाजन के उपलक्ष्य में बाउल संगीत और छऊ कला ने बांधा समा।

शिव गाजन के उपलक्ष्य में बाउल संगीत और छऊ कला ने बांधा समा।

सरायकेला/ईचागढ़

यहां शिव मंदिर का है विशेष महत्व।

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के पुड़ीहेंसा गांव में शिव गाजन के उपलक्ष्य में श्री श्री शिव पुजा सोलोआना समिति द्वारा आयोजित शिव पुजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। पटमदा व बंगाल के पुरूलिया, बांकुड़ा के बाउल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय संगीत परिवेशन किया।

पटमदा के गौउर दास बाउल ,गम्हारिया के वन बिहारी बाबाजी, बांकुड़ा के अर्चना दास, पुरूलिया के बंदना एवं त्रिशा बनर्जी ने भक्ति मय संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं बंगाल के पुरूलिया बाघमुंडी के छऊ उस्ताद जलधर कुमार एवं बलरामपुर के उस्ताद सुदर्शन सिंह सरदार एवं दल द्वारा महाभारत पर आधारित मानभूम शैली का छऊ प्रदर्शन कर महफिल को चार चांद लगा दिया। पूजा समिति के फुलचांद महतो ने बताया कि पुरीहेंसा में आदि काल से बुड़ा बाबा के नाम से शिव मंदिर जगजाहिर है। दुर दराज से लोग अपने रोग मुक्ति के लिए शिवजी के मंदिर में धरना देते हैं और मन्नतें मांगते हैं।

उन्होंने कहा कि शिव गाजन में पारम्परिक नाया द्वारा पुजा अर्चना किया जाता है। मन्नत पूरी होने से सैकड़ों बकरे का बली भी चढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा भव्य और विशाल मंदिर का भी निर्माण कराया जा रहा है।

मौके पर मुखिया प्रतिनिधि राम चरण सिंह मुण्डा, वार्ड सदस्य फुलचांद महतो, अधिवक्ता महेंद्र कुमार महतो, रेणुका महतो,आजसू प्रखंड अध्यक्ष गोपेश महतो, दिलीप कुमार दास ,परेश चन्द्र महतो, बुद्धेश्वर महतो, पूर्व मुखिया भिष्मदेव महतो, आशीष महतो आदि उपस्थित थे।

चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन।

चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल प्रखंड क्षेत्र के चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर एवं खस्ताहाल स्थिति को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया एवं बीडीओ के अनुपस्थित में सीओ को ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से चांडिल-कांड्रा सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने खुदीराम बोस चौक चैनपुर से प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाली पदयात्रा* निकाली और प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन किया । ग्रामीणों ने चांडिल-कांड्रा रोड के अधूरे मरम्मत कार्य को अविलंब पूरा करने ,तिदिन पानी का छिड़काव , स्पीड ब्रेकर लगाने , तत्काल भारी वाहनों का आवागमन पर रोक लगाने , 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा का साइन बोर्ड लगाने,चैनपुर मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने,स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए फुटपाथ का निर्माण किरने का मांग किया है।

आशुदेब महतो व राकेश रंजन व ज्योतीलाल महली ने कहा कि सड़क की जर्जर हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं ।लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने पर मजबुर है। उन्होंने प्रशासन को जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग किया । मौके पर ग्रामीण आंदोलनकारी एकता मंच के आशुदेब महतो, राकेश रंजन महतो, कृष्णा चंद्र महतो, नित्यानंद लायक, मनोरंजन कुम्भकार, जयदेव कुम्भकार, ज्योतिलाल महाली, मुखिया सुबोधनी माहली,धीरन गौड़, भुजंग माछुआ, कृष्णा कालिंदी, मंजू गोराई, बेबी दुबे,राजेश दुबे सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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