पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों के अधिग्रहण एवं तत्काल घाटा अनुदान देने,महंगाई को देखते हुए अनुदान की राशि चौगुना करने, वित्तीय वर्ष 2020-21 के बचे हुए स्कूल- कॉलेजों को अनुदान की राशि अविलंब निर्गत करने की मुख्य मांग को लेकर राज्य भर के हजारों वित्त रहित शिक्षक कर्मियों ने मंगलवार को मोर्चा के आवाहन पर विधानसभा के सामने महाधरना दिया।

इस महाधरना कार्यक्रम में मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, देवनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद सिंह ,नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार ,अनिल तिवारी, दिलीप घोष ने संबोधित किया।
संघ के शिवपूजन सिंह चौहान,निमाई मार्डी,सीमा कल्याणी, सन्तोष दास आदि के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के कई वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान के शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में चट्टानी एकता प्रदर्शित करते हुए महाधरना कार्यक्रम को सफल बनाया।

शिक्षक कर्मी नारा लगा रहे थे कि बिहार के तर्ज पर वित रहित स्कूल कॉलेज के शिक्षक कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।महंगाई को देखते हुए विभागीय प्रस्ताव पर मंत्री के अनुमोदन के पश्चात संलेख बनाकर अभिलंब मंत्री परिषद को सहमति के लिए भेजी जाए।
शिक्षको के सेवानिवृत्ति की आयु छत्तीसगढ़ के तर्ज पर 62 वर्ष की जाए ।
वहीं धरना मे संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र पहन कर आए थे। और मदरसा शिक्षक टोपी पहने हुए थे।धरना स्थल पर विधायक विनोद सिंह, अमित कुमार यादव और मनीष जायसवाल पहुंचकर वित्त रहित शिक्षकों की मांग जायज बताते हुए कहा कि जब सरकार सदन में आश्वासन दी है तो उसे पूरा करें ।तीनों विधायकों ने बुधवार को शून्य काल में इस मामले को जोरदार ढंग से उठाने का आश्वासन दिए।


















