सापारुम गाँव में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत।

सापारुम गाँव में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत।

सरायकेला/तिरूलडीह

सरायकेला-खरसावां जिले के तिरूलडीह थाना क्षेत्र के सापारुम गाँव में जंगली हाथियों के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान राधा तंतुबाई के रूप में हुई है, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है।

घटना की सुचना मिलते ही प्रभारी वनपाल मुकेश महतो, थाना प्रभारी कौशल कुमार दलवल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और वन विभाग कि ओर से परिजनों को 50 हजार रुपए नगद मुआवजा का भूगतान किया एवं कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 3 लाख 50 हजार रूपए मुआवजा राशि देने की बात कही गई।

वहीं तिरूलडीह पुलिस लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया। वनपाल मुकेश कुमार महतो ने बताया कि मृतक शनिवार सुबह शौच के लिए तालाब जा रहा था जहां 6 कि संख्या में जंगली हाथी गांव में घुस आया और इसी दौरान राधा तंतुबाई उसकी चपेट में आ गए। हाथी के हमले से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में काफी भय व्याप्त है

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। परिजनों ने वन विभाग से समुचित मुआवजा एवं कम-से-कम चतुर्थ श्रेणी का नौकरी मृतक के एक आश्रीत को देने का मांग किया है। ग्रामीणों के आक्रोश का भी सामना वन विभाग के पदाधिकारियों को करना पड़ा । थाना प्रभारी के समझाने के बाद लोग शांत हुए ।

ग्रामीणों का मांग है कि हाथियों से निजात के लिए ठोस कदम उठाए जाय , गांव में टार्च,पटाखा आदि उपलब्ध कराया जाय एवं हाथियों को क्षेत्र से भगाया जाय ‌।मौके पर मुखिया सुधीर सिंह मुण्डा, पूर्व मुखिया तपन सिंह मुण्डा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

खूब फल-फूल रहा है अवैध तरीके से बालू खनन और बिक्री का धंधा

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

सरायकेला/तिरुलडीह

जहाँ एक ओर जिला प्रशासन अवैध खनन के प्रति सख्त है, वहीं तिरुलडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली नदियों में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन जोरों पर है। खनन माफियाओं के नेटवर्क के आगे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। तिरुलडीह थाना क्षेत्र में नदियों से बालू के खनन पर रोक लगे रहने के बावजूद बालू माफियाओं द्वारा नियम को ताक पर रखकर खनन का अवैध धंधा लगातार जारी है। जिस वजह से इन दिनों अवैध खनन का कारोबार करने वाले लोग नदी के बालू को बेच कर मालामाल हो रहे हैं।ऐसे में नदी से अवैध बालू उठाव के कारण सरकार को भारी राजस्व की क्षती भी पहुंच रही है।

इसी कड़ी में शनिवार की तड़के सुबह खनन पदाधिकारी ने 20 लाख सीएफटी अवैध बालू को जप्त किया है यह खनन पदाधिकारी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हो रही है,इतनी भारी संख्या में अवैध बालू का पकड़ा जाना यह वाकई में चौंकाने वाला खुलासा है और अगर खनन पदाधिकारी द्वारा इसी तरह लगातार कार्रवाई जारी रही तो ऐसा लगता है आने वाले समय में बालू माफियाओं का नामो निशान मिट जाएगा और आने वाले समय में माफिया द्वारा अवैध बालू के उठाओ से होने वाले राजस्व का नुक़सान पर भी रोक लगेगी

खनन पदाधिकारी

वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी के मुताबिक अज्ञात पर केस दर्ज किया जा रहा है कहीं ऐसा तो नहीं कि मामले को रफा दफा करने की कोशिश किया जा रहा है अगर यह आलम राहा तो आचार संहिता कहां और प्रशासन कहां किस नियम का पालन किया जा रहा है, और जिले में आचार संहिता लगने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में अवैध बालू का पकड़ना यह वाकई में कई सवाल खड़े करता है।

पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार बालू लदे ओवर लोड ट्रक और ट्रैक्टर पकड़े जाने की कारर्वाई के बावजूद इस धंधे पर रोक नहीं लग पा रहा खुलेआम धंधा हो रहा है।

वहीं स्थानीय थाना बालू के अवैध खनन और धंधे को रोकने में विफल साबित हो रहा है। इधर लगातार अवैध कारोबारियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र से संबंधित थाना प्रभारी जो अपराधिक गतिविधियों से संबंधी मामलों का जिम्मेदार पदाधीकारी होता है वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हो रहा है।

बता दें कि अगर प्रशासन कार्रवाई करती है तो बड़े मामले का खुलासा हो सकता है। इसमें कई बड़े सफेदपोश के भी नाम आ सकते हैं। पर मामला है प्रशासन कार्रवाई तो करें।

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