सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो )
राजकीय +2 उच्च विद्यालय खरसावां के कुड़मालि विभाग द्वारा महान कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुड़मालि शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके जीवन, साहित्यिक योगदान एवं कुड़मालि भाषा के संरक्षण में उनके अतुलनीय प्रयासों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर ने कहा कि लक्ष्मीकांत मुतरुआर केवल एक साहित्यकार नहीं थे, बल्कि कुड़मालि भाषा और संस्कृति के सशक्त प्रहरी थे। उनके जीवनी और अवदान से हम सभी समाज के लोग सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को कुड़मालि भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया, जो हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज के युवाओं को चाहिए कि वे उनकी शिक्षाओं और विचारों को आत्मसात करते हुए अपने मातृभाषा और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें तथा उसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण, कविता-पाठ एवं विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे वातावरण में सांस्कृतिक चेतना और उत्साह का संचार हुआ। अंत में सभी ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने एवं कुड़मालि भाषा-संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
यह आयोजन विद्यालय परिसर एवं कुड़मालि विभाग के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय रहा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के विद्यार्थी दीपा महतो, सिद्धि महतो, राखी महतो, मुस्कान महतो, रोमा महतो, खुशबू महतो, सीमा महतो, सावित्री महतो, पिंकी महतो, संदीप महतो, गोविंद महतो, मनोज कुमार महतो, मकरध्वज महतो आदि छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों का अहम योगदान रहा।















