हाथी विचरन का जगह खतरे मैं, अंचल के पदाधिकारी मौन।
सरायकेला:
सरायकेला-खरसावां जिले में भू०माफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं, जो अब खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। चांडिल अंचल के मौजा पूड़ीसीली में भू० माफियाओं ने सरकारी जमीन पर टीना शेड लगाकर घेराव करना शुरू कर दिया है, जबकि इस जमीन पर झारखंड सरकार का बोर्ड लगा हुआ है जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि यह भूमि सरकारी है और इसका क्रय-विक्रय या अतिक्रमण दंडनीय अपराध है।

सरकारी जमीन पर कब्जे के मुद्दे पर प्रशासन की भूमिका:
स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र सिंह ने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि भू०माफिया बिना किसी भय के कब्जे की कार्रवाई कर रहे हैं।


जिले में अवैध कब्जों की समस्या:- जिले में अवैध कब्जे एक बड़ी समस्या बन गए हैं, जिससे सरकारी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह अवैध कब्जों को रोकने और सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना आवश्यक है।
प्रशासन को अवैध कब्जों पर निगरानी रखने और तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है। लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है ताकि वे अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठा सकें।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-दहाड़े सरकारी भूमि पर कब्जा और प्रशासन का मौन रहना गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सख्ती होती तो भू० ,माफिया इतनी हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। ग्रामीणों का कहना है कि पूड़ीसीली में सक्रिय भू० माफिया सरकारी जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति समझ बैठे हैं। दिन-दहाड़े टीना शेड खड़ा करके जमीन पर कब्जा करना उनकी गुंडागर्दी को दर्शाता है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर किसकी इसारे पर ये माफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करने का दुस्साहस कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब आशियाना प्रकृति नाम का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था तब वन विभाग, चांडिल अंचल प्रशासन एवं स्थानीय रैयतों की मौजूदगी में जमीन की मापी कर सीमांकन किया था। सड़क किनारे की भूमि रैयती है, जिसपर “आशियाना प्रकृति” का फ्लैट्स निर्माण चल रहा है। उसके ठीक पीछे सरकारी भूमि हैं, वहीं उसके बाद वन विभाग की भूमि, जंगल व पहाड़ स्थित है।

टाटा रांची मुख्य राज्य मार्ग से महज तिन किलोमीटर दूरी कांदरबेड़ा–दोमुहानी मार्ग स्थित पूड़ीसीली चौक के समीप आशियाना प्रकृति फ्लैट निर्माण स्थल के पीछे की सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं ने चारों ओर से टीना शेड लगाकर घेराव करना शुरू कर दिया है। जबकि इसी जमीन पर झारखंड सरकार का बाकायदा बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है –
“झारखंड सरकार, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, मौजा पूड़ीसीली, थाना संख्या 328, खाता संख्या 234, खेसरा संख्या 205। यह भूमि सरकारी है, इस भूमि का क्रय-विक्रय या अतिक्रमण दंडनीय अपराध है।” जो उच्च स्तरीय जांच की विषय हे।आज दलमा गज परियोजना के हाथी की बहुल क्षेत्र माना जाता इस क्षेत्र में हाथी की झुंड भोजन पानी पर्याप्त मात्रा मिलता हे साथ ही इस क्षेत्र भ्रमण शील जगह है। आज बड़े बड़े फाल्ट बनने जा रहे जंगल की तराई जिसके कारण आज वन्य जीव जंतु पलायन करने लगा।ओर सरकार इस पर कोई कारवाई नहीं किया ।जिसके कारण वन्य जीव इस क्षेत्र से पलायन करके ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र में डेरा डाला हुआ है।













