सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों का तांडव,अवैध स्क्रैप टाल के पीछे चोरी का खेल।

सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों का तांडव,अवैध स्क्रैप टाल के पीछे चोरी का खेल।

सरायकेला/कांड्रा

स्थानीय थाना खामोश पुलिस व प्रशासन पर उठ रहे सवाल।

थाना से महज कुछ ही दूरी पर हो रहा अवैध टाल का संचालन

इन दिनों सरायकेला-खरसावां जिले में भ्रष्टाचारियों, अपराधियों ने मानो तांडव मचा रखा है कहीं दिनदहाड़े फायरिंग हो जाती है तो कहीं पूरे भारत में गैस की किल्लत होने के बावजूद भी भ्रष्टाचारी गैस की चोरी करने से बाज नहीं आते तो कहीं दिनदहाड़े युवक पर चपड़ से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया जाता है और इतना ही नहीं इन दिनों अवैध स्क्रैप का संचालन करके जिले में अपराध को बढ़ावा देने का कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं जी हां आपने सही पढ़ा अवैध स्क्रैप टाल का संचालन धड़ले से सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है जिसकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है।

अवैध स्क्रैप टाल

और इसमें मजेदार बात यह है कि यह अवैध स्क्रैप टाल कांड्रा थाना से महज कुछ ही दूरी पर संचालित किया जा रहा है। और इतना ही नहीं यह अवैध टाल उस रास्ते के किनारे संचालित किया जा रहा है जिस रास्ते से लगभग लगभग जिले के तमाम अधिकारियों का आना-जाना मानो लगा ही रहता है।

वहीं इस मामले पर सूत्र बताते हैं कि इस स्क्रैप टाल में कार्य करने वाले एक मजदूर को जेल भी भेजा गया था और वह भी रेलवे पटरी चोरी कर बेचने के मामले में।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि कहीं ना कहीं यह अवैध स्क्रैप टाल नजदीकी थाना पुलिस की मिली भगत से संचालित किया जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त स्क्रैप टाल में चोरी की हुई वस्तुओं की खरीद बिक्री की जाती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाल संचालक ज्यादातर फरार ही रहते हैं टाल संचालक ने अपनी गैर मौजूदगी में सारा काम संचालित करने हेतु कुछ मजदूर भी नियुक्त किए हैं जो की सारा कार्यभार संभालते हैं।

सूत्रों का कहना है कि आए दिन चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी होती दिख रही है आए दिन हमें सोशल मीडिया के माध्यम से अखबारों के माध्यम से न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से अथवा टीवी चैनलों के माध्यम से ऐसी चोरी की घटनाएं निकाल कर सामने आ रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से चोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।

सवालों के घेरे में स्थानीय थाना

थाना से महज कुछ भी दूरी पर अवैध स्क्रैप टाल का संचालक होना कहीं ना कहीं स्थानीय थाना की मिली भगत दर्शाती है साथ ही सरायकेला खरसावां का मुख्य सड़क के किनारे ही इस तरह का अवैध टाल संचालन होना कहीं ना कहीं पुरी प्रशासन को भी सवाल के घेरे में खड़ा कर रही है।

भविष्य में किसी बड़ी अपराध का संकेत

सूत्र बताते हैं कि यह अवैध टाल में चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री की सूचनाओं लगातार मिल रही है जिससे कि कहीं ना कहीं आगे आने वाले समय में कोई बड़ा अपराध घटित होने की संभावना बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

यक्ष प्रश्न

यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर इन अपराधियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, आखिर पुलिस प्रशासन इन अपराधियों पर कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है, क्या अपराधी पुलिस व प्रशासन से ज्यादा बलशाली हैं या फिर ज्यादा चतुर हैं या फिर ज्यादा पावरफुल है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पुलिस व प्रशासन जिले में अपराध को बढ़ावा देने वाले अपराधियों पर आखिर कब तक लगाम लगा पाती है।

शेष अगले भाग में….

कांड्रा थाना क्षेत्र में अनियंत्रित हाईवा ने ले ली दो की जान, परिजनों में पसरा मातम।

कांड्रा थाना क्षेत्र में अनियंत्रित हाईवा ने ले ली दो की जान, परिजनों में पसरा मातम।

सरायकेला/कांड्रा

सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र के हुदू पंचायत के पालोबेड़ा गांव में उस वक्त मातम पसर गया जब एक अनियंत्रित हाईवा एक मिट्टी के घर पर आप पल्टा घर पर हाईवे के पलट जाने से घर के अंदर सो रहे पिता एवं पुत्री की  दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई

आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत हुदू पंचायत के पालोबेड़ा गांव मे एक हाईवा अनियंत्रित होकर मिट्टी के एक घर के ऊपर जा पलटा जिससे कि घर के अंदर सो रहे पिता बीरबल मुर्मू समेत डेढ़ साल की पुत्री अनुश्री की भी दबकर मौके पर ही मौत हो गई लेकिन बीरबल मुर्मू की पत्नी बाल बाल बच गई।

वहीं इस घटना से गांव में मातम के साथ-साथ आक्रोश भी भर गया है। ग्रामीण लीडिंग कंस्ट्रक्शन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं ग्रामीणों का आरोप है कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही है जिसमें की कई जान चली जाती है।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही कांड्रा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को जप्त करते हुए घटना की जांच पड़ताल में जुट गई प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

सरायकेला/कांड्रा

उपायुक्त, सरायकेला के निर्देशानुसार अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में आज दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 को कांड्रा थाना अंतर्गत मोहनपुर जंगल एवं रायपुर गाँव स्थित अवैध शराब अड्डों पर उत्पाद विभाग की टीम द्वारा छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में 80.00 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर विधिवत जब्त किया गया तथा 1100.00 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट (विनष्ट) किया गया।
अड्डा संचालकों की पहचान मोटू टुडू एवं जयपाल हांसदा के रूप में की गई है। दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज कर गिरफ्तारी हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला ने बताया कि जिले में अवैध शराब निर्माण, परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में सभी प्रखंडों एवं थाना क्षेत्रों में सतत गश्ती एवं छापेमारी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण अथवा बिक्री की गतिविधि की जानकारी हो तो संबंधित सूचना उत्पाद विभाग या नजदीकी थाना को तुरंत उपलब्ध कराएँ, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आगामी दिनों में त्योहारों के दृष्टिगत अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा दोषियों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा कांड्रा में ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की जांच — चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा कांड्रा में ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की जांच — चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

सरायकेला/कांड्रा

(सोनू कुमार सिंह)

जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो के नेतृत्व में कांड्रा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत ऑटो चालकों एवं दोपहिया वाहन चालकों के वाहनों की जांच की गई।

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम द्वारा चालकों के वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की विधिवत जांच की गई।

निरीक्षण के क्रम में कई ऑटो चालकों द्वारा निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री बैठाने (ओवरलोडिंग) की पुष्टि होने पर उन पर जुर्माना (फाइन) किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न दोहराने की कड़ी चेतावनी दी गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी चालकों से अपील की कि वे वाहन परिचालन के समय सुरक्षा मानकों एवं यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें।

गिरजा शंकर महतो ने चालकों को निम्न दिशा-निर्देश दिए

▪️ सभी वाहन चालक वैध दस्तावेज़ों (आर.सी., बीमा, फिटनेस, पी.यू.सी. प्रमाणपत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस) को हमेशा साथ रखें।
▪️ दोपहिया वाहन चालक एवं सवार दोनों हेलमेट का उपयोग करें, तथा चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।
▪️ ऑटो एवं वाणिज्यिक वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री न बैठाएँ तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें।
▪️ स्कूल वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें।
5️⃣ यातायात संकेतों एवं सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।

उन्होंने यह भी बताया कि अवैध रूप से परिचालित वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में चलें एवं स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक उत्तरदायित्व है।

सरकार की जनकल्याणकारी योजना से आदिवासी महिला वंचित,बैंक मैनेजर कर रहे मनमानी

सरकार की जनकल्याणकारी योजना से आदिवासी महिला वंचित,बैंक मैनेजर कर रहे मनमानी

सरायकेला/कांड्रा

भरत सिंह की रिपोर्ट

लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, चुनाव से पहले हर एक प्रत्याशी ने आदिवासी का मुद्दा उठाया और आदिवासी के हित में कार्य करने की बात कही और आदिवासी के मुद्दे पर वोट वटोरने का काम किया और कहीं ना कहीं झारखंड में प्रत्याशियों ने जीत हासिल करने के लिए आदिवासियों को बड़ा मुद्दा बनाया। लेकिन सरकार द्वारा जनहित में निर्गत की गई पीएमईजीपी ऋण योजना का लाभ एक आदिवासी महिला को नहीं मिल पा रही है और आदिवासी महिला बैंक के चक्कर लगाते हुए काफी परेशान दिखाई दे रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर द्वारा एक आदिवासी लाभुक को पीएमईजीपी ऋण देने के नाम पर दिग्भ्रमित कर हरासमेंट किया जा रहा है जो कि कहीं ना कहीं अपराध का ही एक अंग है। और यह किसी भी सूरत में उचित नहीं है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर के खिलाफ कई बातें सामने आ रही है। आपको बताते चले कि बैंक ऑफ़ इंडिया कांड्रा ब्रांच में एक आदिवासी महिला द्वारा सभी उपर्युक्त दस्तावेज  उपलब्ध कराने के बावजूद बैंक मैनेजर द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए PMEGP लोन को कैंसिल कर दिया जाता हैं।

वहीं आदिवासी महिला ने पत्रकार को बताया कि बैंक मैनेजर  की गाइडलाइंस पर हम पीएमईजीपी लोन ले कर व्यापार कर परिवार का भरण पोषण कर बैंक का ऋण चुकाना चाहते थे और अपने पैर पर खड़ा हो स्वालंबी बनना चाहते थे। बैंक ऑफ़ इंडिया कांड्रा ब्रांच के मैनेजर साहब के गाइडलाइंस पर मैंने प्रोजेक्ट रिपोर्ट बैलेंस शीट एवं इनकम टैक्स रिटर्न भी भरा साथी ही मुझे अन्य कई कागजातों की तैयारी करने में काफी पैसे खर्च हो गए,अंत में बैंक के काफी चक्कर लगाने के पश्चात बैंक मैनेजर द्वारा दो टूक शब्दों में कह दिया जाता है कि बैंक में स्टाफ की कमी होने के कारण हम लोन देने में असमर्थ हैं।

वहीं इस बात की जानकारी जिले के एलडीएम को भी थी ।

सुत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां के एलडीएम ने भी बैंक मैनेजर से कहा कि अगर प्रपोजल सही है और सभी गाइडलाइंस के अनुकूल है तो लोन देने में कोई खराबी नहीं है। ब्रांच मैनेजर ने एलडीएम की बात को नकारते हुए जनहित में अपनी गैर जिम्मेदाराना हरकतों से असंवैधानिक रूप से लोन को कैंसिल करते हुए आदिवासी महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए अपनी मनमानी कर ब्रांच मैनेजर ने कहा आपका लोन आपको नहीं मिल सकता है।

अब बात जनहित में आती है कि क्या बैंक में स्टाफ की कमी से बैंक का कारोबार नहीं चल पाएगा ? क्या यही नियम सभी बैंकों के लिए लागू है ? क्या आरबीआई का गाइडलाइंस यही है ? क्या सेबी का गाइडलाइंस यही है?
अगर नहीं तो बैंक ऑफ इंडिया कांड्रा ब्रांच मैनेजर की मनमानी जनहित में कहा तक उचित है ? क्या पीएमईजीपी ऋण का लाभ उन्हीं को प्राप्त होगा जिनको मैनेजर चाहते हों ? क्या पीएचपी ऋण का लाभ उन्हीं को प्राप्त होगा जिससे बैंक मैनेजर खुश हो या फिर बैंक मैनेजर के हितैषी हो ?
विशेष अगले अंक में ……

जमीनदाता ने अपने भाइयों और समर्थकों के साथ अपनी मांगों को लेकर अमलगम स्टील कंपनी का रास्ता किया जाम।

जमीनदाता ने अपने भाइयों और समर्थकों के साथ अपनी मांगों को लेकर अमलगम स्टील कंपनी का रास्ता किया जाम।

सरायकेला/कांड्रा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

रास्ता जाम होने से वाहनों की आवागमन हुई बाधित।

सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड का रास्ता किया जाम रास्ते के जाम होने से वाहनों की आवागमन हुई बाधित।

आपको बताते चलें कि जमीनदाता मनसा राम महतो ने अपने भाइयों और समर्थकों के साथ अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड का रास्ता जाम कर दिया। इससे वाहनों की परिचालन बाधित हो गई। संबंध मेंमनसा राम महतो ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर अमलगम स्टील के वाहनों का अपनी जमीन से आवागमन बंद करने का लिखित अल्टीमेटम 17अक्टूबर 2023 को सरायकेला खरसवां उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी,अंचल अधिकारी, कांड्रा थाना प्रभारी एवं अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड को दिया था। उन्होंने बताया कि 7 दिनों के अंदर मेरी मांग पूरी नहीं हुई तो अपने जमीन को अपने कब्जे में ले लेंगे।

उन्होंने बताया कि 2001 में आधुनिक पावर लिमिटेड को लीज पर रास्ता के लिए जमीन दी थी, जिसका खाता नम्बर 45 हल्का नम्बर 6, खाता नम्बर 03, प्लॉट नम्बर 996,998 है। आधुनिक पावर लिमिटेड को अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड 2019 में अपने अधिग्रहण मे ले लिया.जमीनदाताओं का लीज 31अक्टूबर 2023 में अमलगम स्टील के साथ खत्म हो गया. इसके बाद आज तक किसी के साथ लीज का रिन्यूअल नहीं हुआ है।

इधर कंपनी के वीपी बसंत कुमार ने बताया कि रास्ता की जमीन की लीज एग्रीमेंट खत्म होने के बाद उसका अभी तक लीज एंग्रीमेंट का विस्तार नहीं कराया गया है। इसलिए जमीन मालिक ने रास्ता जाम किया। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार लीज का रिनुअल करने के लिए प्रबंधन तैयार है। लेकिन जमीन मालिक एग्रीमेंट के अनुसार रिनुअल करने के लिए तैयार नहीं है इसलिए रेनुअल का कार्य बाधित है।

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शुक्रवार को कांड्रा थाना परिसर में त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें कम्पनी प्रबंधक की ओर से तेजपाल सिंह द्वारा इनके भाई स्वर्गीय संदीप महतो की पत्नी को 10 दिसम्बर 2023 तक स्थाई नौकरी देने पर सहमति प्रदान की गई तथा अन्य कुछ मागों को पूरा करने का अश्वसन दिया गया। इसके अलावा एक गाड़ी फ्लाई ऐश प्रत्येक दिन 10 दिसम्बर 2023 तक और इनके छोटे भाई को स्थाई करने के लिए आगामी अप्रैल तक प्रबंधक सहमति प्रदान किया। इसके बाद जमीन दाताओं द्वारा आवागमन चालू किया गया

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