सरायकेला/कांड्रा
दूसरा नंबर जिले में थाना से ज्यादा अवैध scrap Taal की भरमार मकड़ी की जाल की तरह फैली हुई है।
सरायकेला खरसावां जिले में इन दिनों अपराध चरण सीमा पर है कहीं अवैध महुआ शराब की बिक्री तो कहीं बिना नंबर प्लेट के सड़कों गलियों में दो पहिया वाहनों का चलना, तो कहीं स्क्रैप टाल की आड़ में चोरी की हुई सामान की खरीद बिक्री एवं गैस कटिंग कर बेची जा रही है।

ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले का है जहां पर सूत्रों ने जानकारी दी है कि सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना के महज कुछ ही दूर पर स्क्रैप टाल का संचालन किया जा रहा है सूत्रों ने बताया है कि स्क्रैप टाल संचालक ने अपने स्क्रैप टाल ल का रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है।
लेकिन सूत्रों ने यह भी बताया है कि रजिस्ट्रेशन की आड़ में चोरी की हुई सामानों की गैस कटिंग कर बेची जा रही है। साथ ही कई थाना क्षेत्र में स्क्रैप टाल अवैध होने की सूचना प्राप्त हुई है। जिले में थाने से ज्यादा अवैध स्क्रैप टाल की भरमार है और मकड़ी की जाल की तरह फैली हुई है। जिसकी सुध लेने वाला कोई भी नही है।
और इसमें मजेदार बात यह है कि यह स्क्रैप टाल कांड्रा थाना से महज कुछ ही दूरी पर संचालित किया जा रहा है। और इतना ही नहीं यह अवैध टाल उस रास्ते के किनारे संचालित किया जा रहा है जिस रास्ते से लगभग लगभग जिले के तमाम अधिकारियों का आना-जाना मानो लगा ही रहता है।
वहीं इस मामले पर सूत्र बताते हैं कि इस स्क्रैप टाल में कार्य करने वाले एक मजदूर को जेल भी भेजा गया था और वह भी रेलवे पटरी चोरी कर बेचने के मामले में।
सूत्रों ने यह भी बताया है कि कहीं ना कहीं यह अवैध स्क्रैप टाल नजदीकी थाना पुलिस की मिली भगत से संचालित किया जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त स्क्रैप टाल में चोरी की हुई वस्तुओं की खरीद बिक्री की जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाल संचालक ज्यादातर फरार ही रहते हैं टाल संचालक ने अपनी गैर मौजूदगी में सारा काम संचालित करने हेतु कुछ मजदूर भी नियुक्त किए हैं जो की सारा कार्यभार संभालते हैं।
सूत्रों का कहना है कि आए दिन चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी होती दिख रही है आए दिन हमें सोशल मीडिया के माध्यम से अखबारों के माध्यम से न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से अथवा टीवी चैनलों के माध्यम से ऐसी चोरी की घटनाएं निकल कर सामने आ रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से चोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।
सवालों के घेरे में स्थानीय थाना
थाना से महज कुछ भी दूरी पर अवैध स्क्रैप टाल का संचालक होना कहीं ना कहीं स्थानीय थाना की मिली भगत दर्शाती है साथ ही सरायकेला खरसावां का मुख्य सड़क के किनारे ही इस तरह का अवैध टाल संचालन होना कहीं ना कहीं पुरी प्रशासन को भी सवाल के घेरे में खड़ा कर रही है।
भविष्य में किसी बड़ी अपराध का संकेत
सूत्र बताते हैं कि यह अवैध टाल में चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री की सूचनाएं लगातार मिल रही है जिससे कि कहीं ना कहीं आगे आने वाले समय में कोई बड़ा अपराध घटित होने की संभावना बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
इतना ही नहीं जिले में ऐसे कई अवैध स्क्रैप टाल संचालित किया जा रहे हैं जिसकी गुप्त सूचना लगातार सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही है लेकिन इन अवैध स्क्रैप टालों पर कानून व प्रशासन का डंडा क्यों नहीं चल रहा आखिर मौन क्यों है प्रशासन क्या कानून व प्रशासन खुद को इन अवैध कारोबारीयों से कमजोर महसूस कर रहे हैं या फिर यह सारा मामला पैसे का है ?
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर इन अपराधियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, आखिर पुलिस प्रशासन इन अपराधियों पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है, क्या अपराधी पुलिस व प्रशासन से ज्यादा बलशाली हैं या फिर ज्यादा चतुर हैं या फिर ज्यादा पावरफुल है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पुलिस व प्रशासन जिले में अपराध को बढ़ावा देने वाले अपराधियों पर आखिर कब तक लगाम लगा पाती है।








