नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर 3 दिन का राज्यकिया शोक घोषित
झारखंड/रांची
झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन (81 वर्ष ) का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा थे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि उनके निधन से मैं हो गया.गुरुजी शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य के जननायक हैं और उन्होंने ही अपने संघर्ष से झारखंड अलग राज्य का गठन कराया था. शिबू सोरेन का निधन के बाद है झारखंड आंदोलन के एक बड़े युग का समापन हो गया है. शिबू सोरेन अभी राज्यसभा सांसद थे. उनके निधन की खबर पाकर पूरे झारखंड ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है. करीब 81 वर्ष के शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वे दिल्ली में इलाजरत थे.झारखंड मुक्ति मोर्चा का उन्होंने झारखंड अलग राज्य के गठन को लेकर अन्य लोगों के साथ मिलकर गठित किया था.
शिबू सोरेन, राष्ट्रीय पटल पर एक चिर परिचित पहचान है. एक आम शख्स से शख्सियत बनने का उनका सफर
झारखंड की राजनीति में ध्रुव तारा की तरह चमकते रहे गुरुजी का निधन हो गया. गुरूजी का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा. 11 जनवरी 1944 को गोला प्रखंड के नेमरा गांव में सोबरन सोरेन के घर जन्मे शिबू सोरेन को बचपन में प्यार से शिवलाल कहकर पुकारा जाता था. लेकिन उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिवचरण मांझी के नाम से हुई. शिवचरण के नाम से उन्होंने 1972 में पहली बार जरीडीह से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में हुई. फिर गोला प्रखंड में मौजूद राज्य संपोषित हाई स्कूल में उनके पिता ने नामांकन कराया. जहां आदिवासी छात्रावास में रहकर उन्होंने पढ़ाई को जारी रखा.
किशोरावस्था में ही महाजनों को देने लगे चुनौती
जब उनकी उम्र महज 13 साल थी, तभी एक घटना ने किशोर शिबू सोरेन के जीवन को बदल कर रख दिया. तारीख- 27 नवंबर 1957, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता सोबरन सोरेन की महाजनों ने हत्या कर दी है. वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा की पुस्तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मुताबिक महाजनों के लड़कों ने एक आदिवासी महिला के खिलाफ अपशब्द कहा था, जिसका विरोध शिबू सोरेन के पिता सोबरन सोरेन ने किया था. यह बात महाजनों को इतनी नागवार गुजरी की साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गई.
पिता की हत्या की घटना ने बदल दी गुरुजी की जिंदगी
गांधीवादी पिता की हत्या ने शिबू सोरेन को भीतर से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और महाजनों के खिलाफ फूंक बिगुल दिया. लेकिन महाजनों से लड़ना आसान नहीं था. क्योंकि ग्रामीण महाजनों के कर्ज तले दबे हुए थे. सूद नहीं देने पर जमीन हड़प ली जाती थी. शराब पीलाकर सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया जाता था. इन घटनाओं ने शिबू सोरेन को आंदोलन खड़ा करने का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने आवाज बुलंद करनी शुरू की तो लोग जुड़ने लगे. इसी दौरान शिबू सोरेन ने शराब और हड़िया के सेवन के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करना शुरु किया.
टुंडी के आंदोलन से मिली पहचान
अपनी जन्म भूमि गोला के बाद उनको पेटरवार, जैनामोड़, बोकारो और धनबाद में लोग जानने लगे थे. इनके समाज सुधार आंदोलन और महाजनी प्रथा के खिलाफ उलगुलान को बड़ी पहचान मिली धनबाद के टुंडी में. यहां 1972 से 1976 के बीच उनका आंदोलन जबरदस्त रुप से प्रभावी रहा. वह महाजनों द्वारा हड़पी गई जमीन आदिवासियों को वापस कराने में सफलता हासिल करने लगे थे.
शिबू सोरेन की एक आवाज पर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग तीर-धनुष के साथ जुट जाते थे. एक आह्वान पर हड़पी गई खेतों में लगी फसल काट ली जाती थी. टुंडी के पोखरिया में उन्होंने एक आश्रम बनाया था, जिसे लोग शिबू आश्रम कहते थे. इसी दौरान लोग प्यार और सम्मान से उनको गुरुजी कहने लगे. लेकिन गुरुजी को राजनीतिक पहचान मिली संथाल की धरती पर से उनको दिशोम गुरु यानी देश का गुरु कहलाए.
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष हरचरण सिंह उर्फ राजा ने की सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना
झारखंड/रांची
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश प्रभारी भरत सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष हरचरण सिंह (राजा) एवं उनकी टीम द्वारा रांची के बुंडू थाना अंतर्गत स्थित हिंदू मंदिर सूर्य मंदिर में ईश्वर से धर्मांतर के रोकथाम के लिए प्रार्थना की।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद झारखंड प्रदेश अध्यक्ष ने हिंदू मंदिर में की प्रार्थना, धर्मांतरण रोकने की लगाई गुहार
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष ने आज एक हिंदू मंदिर में ईश्वर से प्रार्थना की, जिसमें उन्होंने धर्मांतरण के रोकथाम के लिए गुहार लगाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है, जिसे रोकने के लिए हमें एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद की पहल:
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने धर्मांतरण के रोकथाम के लिए कई पहल की हैं, जिनमें से एक है सनातन हेल्पलाइन सेवा, जो 24×7 सक्रिय रहती है। इस सेवा के माध्यम से लोग धर्मांतरण के मामलों की जानकारी दे सकते हैं और मदद प्राप्त कर सकते हैं। जो कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद के वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भगवान बिरसा मुंडा के वंशज दिवंगत मंगल मुंडा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि।
रांची
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा जी के असामयिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन रिम्स पहुंचकर दिवंगत मंगल मुंडा के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंगल मुंडा के परिजनों को राज्य सरकार के स्तर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन झारखंड कृषि ऋण माफी योजना कार्यक्रम में हुए सम्मिलित
रांची
◆ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड कृषि ऋण माफी योजना कार्यक्रम में हुए सम्मिलित, 1 लाख 76 हज़ार 977 किसानों के 400 करोड़ 66 लाख रुपए के ऋण अदायगी राशि का डीबीटी के माध्यम से किया हस्तांतरण
◆ मुख्यमंत्री ने बिरसा किसान इंटीग्रेटेड पोर्टल का किया अनावरण, किसानों को एक ही पोर्टल पर कृषि विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं की मिलेगी पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कृषि विभाग और एनडीडीबी के बीच डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हुआ एमओयू , दुग्ध उत्पादकों को अब दुग्ध के उचित मूल्य के अलावा मिलेगी 5 रुपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि
◆ मुख्यमंत्री ने कहा- किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार लिए जा रहे ठोस निर्णय
● किसानों की समृद्धि एवं खुशहाली से ही राज्य बनेगा मजबूत
● किसानों का खेत उनका बैंक है और खलिहान एटीएम
● _लड़कर लिया झारखंड, लड़कर लेंगे अपना हक- अधिकार
● हमारी सरकार में आदिवासी- मूलवासी ,दलित महिला, नौजवान, बुजुर्ग , पिछड़े और अल्पसंख्यक समेत हर किसी को आगे बढ़ने के लिए मिल रहा अवसर
● पूरी संवेदनशीलता, निष्ठा और समर्पित भाव से 24 घंटे जनता की सेवा में कार्य कर रही सरकार
गांव -देहात से होकर विकास का दरवाजा खुलता है। ऐसे में किसानों की खुशहाली से ही राज्य मजबूत बनेगा। हमारी सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज राजधानी रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित झारखंड कृषि ऋण माफी योजना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऋण माफी योजना कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किसानों के सम्मान में महाजुटान कार्यक्रम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 1,76,977 लाख किसानों के दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ कर उन्हें बड़ी सौगात दी। इन सभी किसानों के लगभग 400.66 करोड़ रुपए के कर्ज की अदायगी राज्य सरकार द्वारा की गई। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के बिरसा किसान इंटीग्रेटेड पोर्टल का भी अनावरण किया।
किसानों को राहत देने का प्रयास लगाकर जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज किसानों के समक्ष तरह- तरह की चुनौतियां आ रही है। किसानों की गरीबी और पूंजी के अभाव में कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में किसानों को राहत देने के मकसद से उनके दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है,ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर उन्हें उन्हें कृषि के क्षेत्र में नई शुरुआत करने का मौका मिल सके।
किसानों का खेत उनका बैंक है और खलिहान एटीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण परिवेश में रहती है ।यहां के किसान- मजदूर जीविकोपार्जन के लिए खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं । ऐसे में उनका खेत उनका बैंक है तो खलिहान एटीएम। लेकिन, आज किसानों की स्थिति से छिपी नहीं है। वे विपरीत परिस्थितियों के बीच कृषि कार्य कर रहे हैं। कई बार मौसम की मार की वजह से फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है, जिसका खामियाजा उन्हें लंबे समय तक भुगतना पड़ता है। हमारी सरकार किसानों को इन विपरीत परिस्थितियों से निकलने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में कृषि कार्य के लिए जिन किसानों ने दो लाख रुपये तक का लोन लिया है उसे माफ करने का हमारी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया, ताकि किसानों को आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान कर सकें।
लड़कर लिया झारखंड, लड़कर लेंगे अपना हक-अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम खनिज और वन संसाधनों से धनी होने के बाद भी झारखंड एक पिछड़ा राज्य है। यहां के लोग आज भी गरीबों की जिंदगी जी रहे हैं। ऐसे में हमने जिस तरह लड़ कर झारखंड लिया है उसी तरह लड़कर अपना हक और अधिकार लेंगे ताकि यह राज्य आगे बढ़ सके।
किसानों को अपनी ताकत पहचाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा की किसान इस देश और राज्य की रीढ़ हैं। जब तक किसान आत्मनिर्भर नहीं बनेंगे, तब तक यह राज्य आगे नहीं बढ़ेगा। आज किसानों को अपनी ताकत पहचानने की जरूरत है। जिस तरह हमारे किसान खेतों में कड़ी मेहनत करते हैं, उसी तरह उन्हें अपने मान- सम्मान एवं हक- अधिकार की खातिर एकजुट होकर कदम बढ़ाना होगा।
झारखंड की मिट्टी हर तरह की खेती के लिए अनुकूल है
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का जो भौगोलिक परिवेश है, वह काफी अनूठा है। यहां की मिट्टी में हर तरह की फसल उपजाई जा सकती है । लेकिन, इसके लिए बेहतर नीति बनाने की जरूरत है। किसानों को विभिन्न तरीकों के फसलों के उत्पादन को लेकर प्रशिक्षण देने की पहल होनी चाहिए। अगर उस दिशा में कदम बढ़ाते हैं तो निश्चित तौर पर इसके सुखद परिणाम हमको देखने को मिलेंगे।
वैकल्पिक कृषि से जुड़ें हमारे किसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस तरह मौसम में अनिश्चित बनी हुई है, उसमें किसानों को परंपरागत खेती के साथ वैकल्पिक खेती के लिए भी आगे होगा। इसके लिए हमारी सरकार की ओर से बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, नीलांबर- पीतांबर जल समृद्धि योजना और दीदी बगिया योजना जैसी कई योजनाएं संचालित है। हमारी सरकार ने पहली बार कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति की है, ताकि वे किसानों को फसल उत्पादन की नवीन और आधुनिक तकनीक से अवगत करा सकें। किसान पाठशाला के जरिए किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी जानकारी देने के साथ कृषि कार्य के लिए प्रशिक्षण भी मिल रहा है। इतना ही नहीं, किसानों को अंडा, दुग्ध और मछली उत्पादन के लिए लगाकर प्रेरित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि हमारे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो, ताकि वे राज्य को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभा सकें।
हर वर्ग का कर रहे हैं सम्मान, दे रहे हैं हक -अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग और तबके के विकास और कल्याण के लिए कार्य कर रही है। हमने बुजुर्गों को पेंशन दिया है तो महिलाओं को सम्मान राशि दे रहे हैं । नौजवानों को रोजगार देने का सिलसिला बड़े पैमाने पर चल रहा है। बच्चियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी योजना चल रही है। यहां के होनहार विद्यार्थियों को पैसे की तंगी की वजह से इंजीनियर डॉक्टर और अफसर बनने का सपना अधूरा ना रहे, इसके लिए उन्हें गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन सरकार अपनी गारंटी पर दे रही है। हमारी सरकार ने किसानों के दो लाख रुपए तक के लोन माफ कर दिए गए हैं । बकाया बिजली बिल माफ करने के साथ 200 यूनिट बिजली मुफ्त में दे रहे हैं। हमारी सरकार में आदिवासी- मूलवासी, दलित, महिला, नौजवान बुजुर्ग, पिछड़े और अल्पसंख्यक समेत हर किसी को आगे बढ़ने के लिए अवसर मिल रहा है।
लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को कर रहे हैं पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता, निष्ठा, ईमानदारी और समर्पित भाव से 24 घंटे जनता की सेवा में कार्य कर रही है। आज सरकार आपके दरवाजे पर पहुंचकर आपकी समस्याओं का समाधान कर रही है । हम लोगों के रोटी, कपड़ा और मकान जैसे मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। इस कड़ी में 20 लाख अतिरिक्त राशन कार्ड जारी कर मुफ्त अनाज दे रहे हैं। 20 लाख गरीबों को अबुआ आवास देने की योजना शुरू की है। सोना- सोबरन धोती साड़ी योजना के तहत गरीबों को धोती साड़ी और लूंगी दे रहे हैं। हमारी कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है ताकि यहां के गरीब किसान मजदूर सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीक तथा एनडीडीबी, आनंद , गुजरात के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री एस रघुपति के बीच 5 वर्षों के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। इसके तहत लगभग 68 हज़ार दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा दुग्ध उत्पादकों को दूध उत्पादन के उचित मूल्य के अलावा 5 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में मंत्री रामेश्वर उरांव, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, राज्य सभा सांसद महुआ माजी, विधायक राजेश कच्छप, केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर, विकास आयुक्त अविनाश कुमार, कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीक, निदेशक कृषि ताराचंद, निदेशक उद्यान श्री फैज अक अहमद , निदेशक पशुपालन किरण पासी एवं एनडीडीबी, आनंद, गुजरात के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर रघुपति उपस्थित रहे।
रांची लोकसभा चुनाव में तीन दमदार पार्टी आमने-सामने,,किसकी होगी नैया पार,,कौन बनेगा जनता का हिमायती
Loksabha election:-रांची
पंचायत, विधानसभा , लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी को जीतने के लिए बूथ कमिटी का अहम रोल होता है, प्रत्याशी को पहले की बूथ जीता होता है, इसके चुनाव जीत सकता। चुनावी बहुत कुछ खेल होता है। जिसमें,भवाना,जाती,घर्म, अफवाह का बाजार होता है.लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है, और रांची लोकसभा में 25 मई 2024, शनिवार को चुनाव होना है… और रांची लोकसभा में कुल 27 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं…. रांची लोकसभा में कुल 21,62,169 मतदाता अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
रांची लोकसभा में 27 प्रत्याशी तो मैदान में हैं… लेकिन क्रमशः BJP, CONGRESS और JBKSS 03 पार्टी के प्रत्याशी ही मैदान में दमखम दिखा रहें हैं, इन तीन पार्टी को लेकर मेरा एक छोटा सा समीक्षा है.
BJP: बीजेपी के प्रत्याशी संजय सेठ हैं, और बीजेपी का गठबंधन AJSU के साथ है, बीजेपी बूथ स्तर पर काफ़ी मजबूत है, बीजेपी का बूथ से लेकर, मण्डल, प्रखंड, विधानसभा, जिला कमिटी का संगठन है, यानी की हर स्तर पर कार्यकर्ताओ का भरमार है, इन सभी कमिटी से जुड़े लोग प्रत्याशी कौन है ये चीज नहीं देखते है.. इनके लिए संगठन और पार्टी का नीति सिद्धांत ही सर्वपरी है, बीजेपी के सभी कार्यकर्त्ता बिना किसी नुक्स निकाले पार्टी हित में दिन रात मेहनत कर रहें है… साथ ही बीजेपी का AJSU के साथ गठबंधन है, AJSU का भी बूथ से लेकर कमिटी काफ़ी मजबूत है, पंचायत से लेकर जिला तक कमिटी है… लेकिन AJSU में संगठन से जुड़े कुछ लोगों का सिद्धांत नहीं है… कुछ लोग मुद्रा मोचन के चक्कर में हैं… यानी की लोकल भाषा में इसे – कोथा पाबो, के दिबेक, कोथा जाबो के चक्कर में रहते हैं, ऐसे लोगों का पार्टी के विचारों से कोई मतलब नहीं है, जो बात इस पार्टी के सुप्रीमो भी कई स्थानों पर बोलते हुए नजर आतें है, लेकिन ऐसे लोगों को पार्टी हित में कार्य करना चाहिए, पार्टी सर्वपरी होता है। फिर भी AJSU के ऐसे लोगों को छोड़कर ज्यादातर लोग इस लोकसभा में जीतोड़ मेहनत कर रहें है.
CONGRESS : कांग्रेस की प्रत्याशी यशस्वनी सहाय है, जो की पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की बेटी हैं.. हर स्टेज में इन्हे पिता के नाम से परिचय दिया जा रहा है… कांग्रेस का गठबंधन JMM, RJD, LEFT के साथ हैं… कांग्रेस का बूथ कमिटी नहीं के बराबर हैं, यहाँ तक की प्रखंड अध्यक्ष कौन हैं, सचिव कौन हैं, ये भी पता नहीं चल रहा हैं…पार्टी के लोग खुद कमिटी को लेकर असमंजस में हैं… बूथ कमिटी नहीं होने का मुख्य कारण चुनाव हारने के बाद प्रत्याशी या पार्टी कार्यकर्त्ताओ को करीब साढ़े चार साल बेसहारा छोड़ दिया जाता हैं… जिसके कारण इन कार्यकर्त्ताओ के पास – “इधर चला मैं, उधर चला, जाने कहाँ मैं किधर चला.. ” वाला सीन है. बेचारे साढ़े चार साल अपने नेताओं के आने के उम्मीद में रहते हैं, लेकिन इनका कोई नहीं सुनता… वहीं JMM का जहाँ तक सवाल है, बूथ कमिटी हैं, पंचायत से लेकर जिला तक कमिटी है, JMM अपने जगह पर मजबूत है, इनके कार्यकर्त्ता मेहनती हैं, लेकिन खुद के पार्टी के सिद्धांतो पर चलते हैं… बाकी कांग्रेस के लिए JMM खुद का पॉकेट से खर्चा क्यों करें, यही वाला सीन हैं.. कांग्रेस के साढ़े चार साल गायब रहने का फायदा JMM को मिला भी है… और इसका रिजल्ट समय में लोगों को देखने को मिलेगा… बाकी RJD, LEFT का क्या बात करें… इन्हे तो झारखंड में दूसरे के नाव में सवारी करने में इनको मजा आता हैं.
JBKSS_JLKM : ये नई नवेली पार्टी हैं, इस पार्टी के प्रत्याशी देवेंद्रनाथ महतो हैं, जो वर्तमान में खुद जेल में हैं… इस पार्टी में ज्यादातर युवा जुड़े हुए हैं, हर प्रखंड में लोग हैं, लेकिन बूथ कमिटी का पता नहीं हैं…युवाओं में जोश भरपूर हैं, गुटबाजी चरम सीमा पर हैं… लोकसभा चुनाव से ही इस पार्टी से जुड़े लोग खुद को विधायक प्रत्याशी घोषित करने से बाज नहीं आ रहें हैं, अनुभव की काफ़ी कमी हैं… किसी का ये लोग राय लेते नहीं हैं… साथ ही एक विशेष समुदाय(जात) से जुड़े ही ज्यादातर लोग हैं, इस पार्टी का प्रचार-प्रचार भी उक्त जाति विशेष गांव में ही ज्यादा हो रहा है, ये देखने को मिल भी रहा है… जो की चुनाव जीतने के लिए नाकाफी है… बाकी युवा हैं, तो जोश भी है, जोश है तो, होश भी गवां बैठ रहें हैं… बिना वजह केस भी खा रहें हैं… बाकी इस पार्टी के लोग एकजुट होकर चुनाव प्रचार करें और एक विशेष जाति के टैग से बहार आकार मेहनत करें तो सकारात्मक फायदा मिल सकता हैं.
रांची लोकसभा चुनाव 2024 में वर्तमान संसद को कांग्रेस भाजपा के पुर्व संसद अभिमन्यु वध की चक्रव्यूह रच रहे
रांची
रांची लोकसभा चुनाव 2024 में वर्तमान संसद को कांग्रेस भाजपा के पुर्व संसद अभिमन्यु वध की चक्रव्यूह रच रहे इस चक्रव्यूह से किसको लाभ मिलेगा वह काल के भविष्य में छुपा हुआ।एनडीए पार्टी के सुपर हीरो देश के प्रधानमंत्री मोदी पतवार बने हुए। इंडियन टीम के पतवार राहुल बने हुए।एक दुसरे के पार्टी में सेंधमारी हो रहा है।एक हथियार हर का गारंटी दुसरे का महंगाई, लोकतंत्र की बचाओ का हथियार है।
चांडिल2024 के लोक सभा चुनाव में एक पार्टी से दुसरे जाने में हो बची है। रांची लोकसभा चुनाव में अपने कुसी के लिए एक दल से छोड़ कर दुसरे पार्टी में क्षजा रहे हैं। रांची लोकसभा क्षेत्र के महाभारत में अभिमन्यु वध का चक्रव्यूह रच रहे हैं। पिछले बार भाजपा से रामटहल चौधरी को टिकट नहीं मिला था तओक्षरआमटहद चौधरी निर्दलीय संसद का चुनाव रहे थे।पांच वार भाजपा के संसद रामटहल चौधरी कांग्रेस में शामिल हुए। जबकि रांची संसदीय क्षेत्र से दो संसद रह चुके।पुर्व संसद पुर्व रामटहल चौधरी और सुबोध कांत सहाय ने संजय सेठ का विजय रथ रोकने का पहल।
लोकसभा सभा चुनाव में पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर दुसरे पार्टी का दामन थामने का होड़।
रांची लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के रामटहल चौधरी और कांग्रेस के सुबोध कांत सहाय राजनीतिक दुरी को समाप्त कर भाजपा के पुर्व संसद रामटहल चौधरी ने कांग्रेस का दामन थामने पर दोनों नेता का राजनीति दुरी समाप्त हो जाएगी। भाजपा के रामटहल चौधरी ने रांची लोक सभा से संसद थे। भाजपा के रामटहल चौधरी और कांग्रेस के पुर्व संसद सुबोध कांत सहाय एक पार्टी में होने से भाजपा के रांची क्षेत्र के संसद संजय सेठ को हराने की पहल कांग्रेस ने की।
झारखंड में गठबंधन सरकार के लिए काला अध्याय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरफ्तार।
राजधानी/रांची
मुख्यमंत्री का नया चेहरा बनकर जनता के बीच होंगे चंपई सोरेन।
कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया
उपमुख्यमंत्री बनेंगे बन्ना गुप्ता और आलमगीर आलम
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद इडी की सुरक्षा में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनन से मुलाकात की है और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब इडी उनको जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी करेगी. देश के इतिहास में पहली घटना है जब सीटिंग मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है. हेमंत सोरेन के इस्तीफा के बाद यह तय हो गया है कि सरायकेला के विधायक और मंत्री चंपई सोरेन ही मुख्यमंत्री बनाये जायेंगे. चंपई सोरेन के अलावा कांग्रेस के दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे।
इसमें कांग्रेस के विधायक और मंत्री बन्ना गुप्ता और कांग्रेस के विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को उपमुख्यमंत्री बनाया जायेगा. इसके अलावा मंत्रिमंडल में भी बड़ा बदलाव किया जायेगा. इसको लेकर अब विधायक दल की बैठक भी सीएम आवास में हो चुकी है. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के पहले झामुमो और कांग्रेस के विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में विस्तार से चर्चा की गयी. इसके बाद सारे विधायकों ने सर्वसम्मति से चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया. अब राज्यपाल सरकार बनाने के लिए विधायकों का समर्थन मांगेंगे, जिसके लिए राज्यपाल के पास झामुमो के तमाम विधायक पहुंच चुके है।
आपको बताते चलें कि ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को अपनी कस्टडी में ले लिया है। हेमंत सोरेन ईडी की टीम के साथ बुधवार को देर शाम राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा। इस बीच सत्तापक्ष के विधायकों ने चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया है। अब चंपई सोरेन झारखंड के नए सीएम होंगे। चंपई सोरेन झामुमो की अगुवाई वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। सूत्रों की मानें तो राज्यपाल ने हेमंत सोरेन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी की हिरासत में है। चंपई सोरेन नए मुख्यमंत्री होंगे।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से राज्य स्तरीय सब जूनियर नेटबॉल प्रतियोगिता में विजेता गोड्डा के खिलाड़ियों ने मुलाकात की
रांची
◆ मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी कहा – खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से 8 वीं राज्य स्तरीय सब जूनियर नेटबॉल प्रतियोगिता के बालक एवं बालिका वर्ग में विजेता रही गोड्डा जिले के खिलाड़ियों ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि गुमला के घाघरा में आयोजित नेटबॉल की ट्रेडिशनल एवं फास्ट फाइव सब जूनियर चैंपियनशिप के बालक एवं बालिका दोनों ही वर्गों में गोड्डा टीम ने खिताब जीता है। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी।
पंचायतों में खेल मैदान किए जा रहे विकसित, खिलाड़ियों को मिल रहा खेल सामग्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सिलसिले में पंचायतों में खेल मैदान विकसित किया जा रहे हैं । सिदो- कान्हू क्लब के माध्यम से खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट्स के साथ अन्य सुविधाएं दी जा रही है। यहां के नौजवान खेलों के माध्यम से अपना भविष्य संवारने के साथ अपने प्रदर्शन से देश और राज्य का नाम रोशन करें, इसके लिए सरकार सभी सहयोग करेगी।
इस मौके पर गोड्डा जिला नेटबॉल टीम की कोच सुश्री मोनालिसा कुमारी, सचिव श्री गुंजन कुमार झा, अंपायर शिवराम कृष्ण देहरी, दुमका जिला नेटबॉल एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद हकीम और कुलदीप कुमार रवि मौजूद थे।
रांची: राज्य में आए दिन अलग-अलग जिलों से ट्रैफिक नियम को लेकर लोगों के ऊपर डंडे, थप्पड़ और मारपीट का मामला सामने आता रहता है। ऐसा ही एक मामला खूंटी जिला के सामने आया है। जहां हेलमेट नहीं पहनने के कारण पुलिस ने एक व्यक्ति के ऊपर हाथ उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहा है।
खूंटी जिले के भगत सिंह चौक का है।जहां पुलिस और बाइक वाले के बीच बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बाइक पर सवार होकर व्यक्ति बिना हेलमेट पहने कहीं जा रहा था। इसी दौरान खूंटी पुलिस की नजर उस व्यक्ति पर पड़ी और उन्होंने व्यक्ति के ऊपर थप्पड़ मारना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है यह घटना देर शाम 29 दिसंबर की है। खूंटी पुलिस अपनी टीम के साथ पेट्रोलिंग के लिए निकले हुए थे। इसी दौरान जब वह अपनी टीम के साथ सड़क पर खड़े थे तो उसी वक्त बाइक पर सवार व्यक्ति को बिना हेलमेट लगाए देखा तो उन्होंने युवकों पर थप्पड़ जड़ना शुरु कर दिया।
यह घटना खूंटी के भगत सिंह चौक का है। जहां पुलिस गुंडागर्दी करते हुए दिखाई दी है। दरअसल हेमलेट नहीं पहनने के कारण खूंटी पुलिस ने एक व्यक्ति के ऊपर हाथ उठाया है। चालान से पहले खूंटी पुलिस ने थप्पड़ का इस्तेमाल किया है।बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति के ऊपर पुलिस ने हाथ उठाया है वह डीएवी स्कूल के शिक्षक है।