उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न — अवैध खनन एवं परिवहन पर कठोर निगरानी, संलिप्त व्यक्तियों पर सख़्त कार्रवाई हेतु स्पष्ट निर्देश।

समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में जिला खनन पदाधिकारी श्री सतपथी द्वारा सितंबर एवं अक्टूबर माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध संचालित विशेष अभियानों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि इन अभियानों के दौरान 07 ट्रैक्टर, 03 जेसीबी, 01 ट्रक, 09 हाईवा, 02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं 02 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं। लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया तथा छह वाहनों से ₹2.45 लाख दंड राशि वसूल की गई। इसी अवधि में अवैध उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित कुल 07 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की किसी भी गतिविधि को पूर्णतः रोकने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान संचालित किए जाएँ तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होते ही संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी की जाए। उपायुक्त ने मिलन चौक, तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित प्रमुख चेक नाकों पर आगामी दो दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों की निरंतर तैनाती सुनिश्चित करने तथा सभी चेक-प्वाइंट को CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली के अंतर्गत लाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जा सके।

उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि खनिज परिवहन में संलग्न सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री को पूर्णतः ढका एवं सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित रहे। उन्होंने जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने तथा राजस्व प्राप्ति से संबंधित सभी कार्यवाही को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित किसी भी सूचना पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई दल गठित करें तथा पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापामारी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जब्त वाहनों, मशीनरी एवं संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर मामलों का न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुतिकरण हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत देरी न हो।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न — सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण, यातायात अनुशासन, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई के दिए गए निर्देश।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जैवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, यातायात निरीक्षक एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त ने विगत बैठक में दिए गए दिशा–निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो द्वारा अक्टूबर माह में जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं एवं उनके संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में कुल 24 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 17 मृत्यु, 11 गंभीर रूप से घायल, तथा 03 मामूली चोट के मामले शामिल हैं। सभी घटनाओं में संबंधित थाना क्षेत्रों द्वारा आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की गई है तथा यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न स्तरों पर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने हेतु सभी विभागों को समन्वित एवं सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख चौक–चौराहों, गोलचक्कर एवं मुख्य सड़कों पर आवश्यकता के अनुसार स्पीड लिमिट संकेतक, चेतावनी बोर्ड एवं दिशा–निर्देश पट्टिकाओं की स्थापना सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों, बाज़ार क्षेत्रों एवं व्यस्त चौक–चौराहों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर निरंतर एवं सख़्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों में बिना हेलमेट प्रवेश पूर्णत: वर्जित करें तथा अपने कर्मियों को हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य सड़क सुरक्षा मानकों के पालन के प्रति जागरूक करें।

उपायुक्त ने Jharkhand Accelerated Road Development Company Limited (JARDCL) तथा National Highways Authority of India (NHAI) के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने–अपने सड़क खंडों पर आवश्यकता अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जोनल कार्यालय को तुरंत सूचित किया जाए। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु विशेष कार्य योजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट सुधार, सुरक्षा मानक, सड़क सतह की गुणवत्ता एवं चिन्हांकन को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश विनायक ने निर्देश दिया कि जिले में हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु विशेष जाँच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँ तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोपहिया वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को हेलमेट की उपयोगिता तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के संबंध में व्यापक जन–जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने जिला परिवहन पदाधिकारी को विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यकतानुसार हेलमेट वितरण कर उनके अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित दिशा–निर्देशों के अनुपालन और संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके और एक सुरक्षित यातायात वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जिले में चलाया गया छापामारी अभियान।

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जिले में चलाया गया छापामारी अभियान।

सरायकेला-खरसावां

दुकानों एवं व्यक्तियों पर की गई कार्रवाई, ₹1400 अर्थदंड वसूला गया।

31 अक्टूबर, 2025 को तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस क्रम में सरायकेला-खरसावाँ जिले के नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत संजय चौक एवं कालूराम चौक स्थित विभिन्न दुकानों में निषिद्ध तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा सार्वजनिक स्थलों पर उपभोग के विरुद्ध छापामारी अभियान संचालित किया गया।

यह अभियान राज्य नोडल पदाधिकारी (NTCP) डॉ. अश्विनी कुमार एवं सिविल सर्जन सरायकेला-खरसावाँ डॉ. सरयू प्रसाद सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दुकानों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ₹1400 का अर्थदंड वसूला गया।

इस अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन, डॉ. चंदन पासवान, NTCP स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री धीरज कुमार, सिटी मैनेजर नगर पंचायत श्री महेश जरिका, NTCP कंसल्टेंट श्री अशोक यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक (NCD) श्री पुष्कर भूषण, तथा सरायकेला थाना के पदाधिकारी एवं पुलिस बल शामिल रहे।

सिविल सर्जन ने बताया कि तंबाकू सेवन जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इसे रोकने के लिए जिले में सतत प्रवर्तन एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन करने वाले एवं निषिद्ध उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की नियमित कार्रवाई की जाएगी।

गोविंदपुर के किता में काली पूजा धूमधाम से संपन्न, झूमर गायक संतोष महतो के गीतों पर थिरके श्रद्धालु

गोविंदपुर के किता में काली पूजा धूमधाम से संपन्न, झूमर गायक संतोष महतो के गीतों पर थिरके श्रद्धालु

सरायकेला

प्रखंड सरायकेला के गोविंदपुर पंचायत अंतर्गत किता गांव स्थित काली मंदिर में बुधवार को काली पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई. पूजा पंडाल में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही. शाम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध झूमर गायक संतोष महतो ने बंगला, ओड़िया, नागपुरी और भोजपुरी गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.

कार्यक्रम का आयोजन काली पूजा कमेटी, गोविंदपुर किता द्वारा किया गया. सृष्टि कर्ता हरिहर लोहार लोहार ने बताया कि “काली पूजा की शुरुआत वर्ष 1997 में की गई थी. तब से अब तक यह परंपरा लगातार जारी है. ग्रामीणों और युवाओं के सहयोग से हर वर्ष इसे भव्य रूप से मनाया जाता है. इस वर्ष भी पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ.

इस अवसर पर पंडित रमानाथ होता ने बताया कि यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है आज के दिन इस समारोह स्थल में रावण दहन का कार्यक्रम कर अन्याय पर न्याय और अधर्म पर धर्म का विजय का संदेश दिया जाता है इस कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले हरिहर लोहार को लोगों ने सह्रदय धन्यवाद दिया श्री हरिहर लोहार क्षेत्र की शांति, सुख, समृद्धि के लिए दक्षिणेश्वर काली मंदिर में माथा टेका एवं पंडित रमानाथ होता से आशीर्वाद ग्रहण किया.

पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही. रावण दहन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसे देखने सैकड़ों लोग जुटे.

इस अवसर पर पूर्णचंद्र तांती, राजेश महतो, राधा गोप, बिस्तु माझी, मुकेश महतो, पीयूष महतो, राजेश लोहार, ठाकुर, बबलू महतो, सहदेव महतो, कीर्तन माझी, बांगो गोप, हीरालाल गोपी, रामनाथ होता, एबी ज्योतिषी, नंदलाल महतो, मंगल गोप, मिथुन सरदार, श्रीधर महतो, बिशु महतो आदि का विशेष सहयोग रहा.

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन द्वारा मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट तथा फास्ट फूड स्टालों का सघन निरीक्षण किया गया।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन द्वारा मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट तथा फास्ट फूड स्टालों का सघन निरीक्षण किया गया।

सरायकेला-खरसावाँ

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला के नेतृत्व में दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन द्वारा सरायकेला जिला मुख्यालय के संजय चौक, वार्ड-4 एवं गैरेज चौक स्थित मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट तथा फास्ट फूड स्टालों का सघन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दूध एवं दूध से बने उत्पादों, जैसे — लड्डू, बूंदी, जलेबी, ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाई, तथा चाऊमीन, समोसा और पैकेटबंद खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच में एक मिठाई दुकान से एक किलो छेना मानक के अनुरूप न पाए जाने पर उसे तत्काल नष्ट किया गया।

सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी खाद्य सामग्री को अखबार में पैक कर या रखकर न बेचा जाए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। भविष्य में किसी भी दुकान में ऐसे प्रकरण पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान “सरायकेला लड्डू” नामक प्रतिष्ठित मिठाई दुकान से एक नमूना जांच हेतु लिया गया है, जिसे विधि अनुसार परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन ने बताया कि उपायुक्त महोदय के निर्देशानुसार त्योहारों के मद्देनज़र जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में अस्वच्छ, संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री की जाती है, तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग को दें ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। खाद्य सुरक्षा जांच दल में घनपत महतो एवं कार्तिक महतो भी सम्मिलित थे।

त्योहारों के मद्देनज़र खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,, सरायकेला-खरसावाँ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई

त्योहारों के मद्देनज़र खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,, सरायकेला-खरसावाँ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई

सरायकेला-खरसावाँ

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला के नेतृत्व में आज दिनांक 17 अक्टूबर, 2025 को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन द्वारा आदित्यपुर क्षेत्र के शेरे पंजाब चौक, इमली चौक तथा गम्हरिया क्षेत्र स्थित विभिन्न मिठाई दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पनीर, खोवा एवं दूध से बनी मिठाइयों, लड्डू, बूंदिया, चाट तथा समोसे में प्रयुक्त मसालों की गुणवत्ता की जाँच की गई। जाँच में पाया गया कि कुछ दुकानों में समोसा मसाला पैकेटों पर समुचित लेबल नहीं थे, जिस कारण कुल 30 पैकेट मसाला मौके पर ही नष्ट कराए गए।

साथ ही, सभी दुकानदारों को यह निर्देश दिया गया कि अखबार में लपेटकर खाद्य सामग्री का विक्रय न करें।
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध सभी अखबार-निर्मित पैकेटों को नष्ट किया गया। दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसा करते पाए जाने पर उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के क्रम में दो दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए विधि अनुसार भेजा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार त्योहारों के मद्देनज़र जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में अस्वच्छ या मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जा रही हो, तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।

“आदि कर्मयोगी अभियान” में सरायकेला-खरसावाँ की असाधारण उपलब्धि — महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा उपायुक्त को सम्मान 🇮🇳✨

“आदि कर्मयोगी अभियान” में सरायकेला-खरसावाँ की असाधारण उपलब्धि — महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा उपायुक्त को सम्मान

सरायकेला-खरसावाँ

सरायकेला-खरसावाँ जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “आदि कर्मयोगी अभियान” एवं “धरती आबा जनभागीदारी अभियान” के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में सरायकेला-खरसावाँ जिले का चयन किया गया है।

इस अवसर पर दिनांक 17 अक्टूबर, 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित “आदिकर्मयोगी अभियान नेशनल कॉन्क्लेव” में महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा सरायकेला-खरसावाँ जिले के उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) को सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान जिले में जनजातीय सशक्तिकरण, समावेशी विकास, नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के उत्कृष्ट परिणामों के लिए दिया गया है।

🟢 प्रमुख उपलब्धियाँ:-

  • जनजातीय ग्रामों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट – आवास, सड़क, शिक्षा, पोषण, पेयजल और आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य।
  • PESA अंतर्गत पंचायतें – 132
  • Forest Rights Act (FRA) अंतर्गत पंचायतें – 67 (ग्रामों की संख्या – 311)
  • शैक्षणिक संस्थान – प्राथमिक विद्यालय 818, मध्य विद्यालय 502, उच्च विद्यालय 101 (कुल 1421 विद्यालय)
  • आंगनबाड़ी केंद्र – 1373
  • स्वास्थ्य केंद्र – PHC: 14, CHC: 08
  • संचालित छात्रावासों की संख्या – 28
  • कौशल प्रशिक्षण – DDU-GKY अंतर्गत 5793 लाभार्थी एवं राज्य कौशल मिशन के तहत 705 बैच
  • प्रशिक्षित शिक्षक – 4001
  • डिजिटल लर्निंग सेंटर – 199

इन पहलों से जिले के जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में ठोस सुधार हुआ है और प्रशासन ने विकास योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन का संकल्प लिया है।

इस अवसर पर झारखण्ड राज्य के सरायकेला-खरसावाँ, पाकुड़, जामताड़ा, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों को भी सम्मानित किया गया।

यह उपलब्धि साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद, समर्पण, नवाचार और जनभागीदारी के बल पर समावेशी विकास का सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया जा सकता है।

इस सम्मान से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हुई है, बल्कि यह हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से विधि-व्यवस्था एवं तैयारी से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला – चांडील, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजनाओं पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि दीपावली एवं छठ जैसे प्रमुख पर्वों पर नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें ताकि पर्वों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने कहा कि अस्थायी लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थल चिन्हित किए जाएं तथा वहाँ आवश्यक अग्निशमन उपकरण, दूरी एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पटाखा दुकान स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव शीघ्र जिला प्रशासन को भेजें।

उपायुक्त ने कहा कि छठ घाटों की साफ-सफाई, घाट मार्गों एवं नालों की सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था समय पर पूर्ण कर ली जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के प्रमुख छठ घाटों का पूर्व निरीक्षण करें।

सभी घाटों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय, अपशिष्ट निस्तारण एवं सफाई व्यवस्था शामिल हो।

जिन घाटों पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होती है, वहाँ CCTV कैमरों की स्थापना,दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एवं पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।

संवेदनशील घाटों पर गोताखोरों की उपलब्धता, अग्निशमन वाहन तथा आपदा प्रबंधन दल की मौजूदगी अनिवार्य रूप से रखी जाए, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पानी की गहराई अधिक हो।

उपायुक्त ने नगर परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, परिवहन एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय समन्वय से कार्य करते हुए आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ रखें।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सफाई, रोशनी, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधा तथा आपदा प्रबंधन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन को सहयोग दें एवं दीपावली और छठ पर्व को शांति, आपसी सद्भाव और स्वच्छता के साथ मनाएं।

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

सरायकेला

रविवार को एल के एम पार्टी के पदाधिकारियों ने एक प्रेसवार्ता कर स्पष्ट कहा कि जे एल के एम पार्टी के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र रचा जा रहा है।

इस प्रेसवार्ता में प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो, केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो, केंद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो, नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो, प्रखंड अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो और कोल्हान प्रवक्ता माधव महतो समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

पार्टी के प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो ने कहा कि मौजूदा समय में लड़ाई संरक्षण की है, जबकि झगड़ा आरक्षण को लेकर दिखाया जा रहा है। झारखंड राज्य के गठन में आदिवासी और कुड़मी दोनों समाजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बावजूद इसके आज केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो को टारगेट किया जा रहा है, जबकि वे शोषित–पीड़ित वर्ग के लोगों को 75 प्रतिशत वेतन देने जैसे ऐतिहासिक फैसले ले रहे हैं।केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो ने कहा कि “टाइगर” जयराम महतो को धमकियां दी जा रही हैं, जबकि रेल टेका आंदोलन मूल रूप से कुड़मियों का आंदोलन था। हम किसी भी प्रकार की गाली गलौज या अपमानजनक व्यवहार का विरोध करते हैं। पहले समाज, फिर पार्टी यह हमारी प्राथमिकता है। केद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो ने कहा कि कुड़मी समाज की लड़ाई केंद्र सरकार से है और यह 1975 से चली आ रही है। यदि सिस्टम न्यायपूर्ण ढंग से चले तो कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा मिलने से कोई रोक नहीं सकता।

हमारी पार्टी इस मुद्दे में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, लेकिन कार्यकर्ता अपने समाज के समर्थन में स्वतंत्र रूप से खड़े हो सकते हैं। केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो ने कहा कि हमारे नेता स्वयं सरना कोड की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आदिवासी विरोधी कहना सरासर गलत है.

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावाँ में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका मिशन, रोजगार सृजन, नाबार्ड योजनाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए रोजगार हेतु उपलब्ध रिक्त पदों के अनुरूप स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षण संचालित करने वाले संस्थान एवं विभाग निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण सत्र पूर्ण करें तथा इसके लिए व्यवस्थित एक्शन प्लान तैयार कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को चिन्हित किया जाए जो किसी कारणवश अब तक रोजगार से नहीं जुड़े हैं, और उनकी अभिरुचि के अनुरूप क्षेत्र में रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने हेतु ठोस एवं सकारात्मक पहल की जाए। उन्होंने RSETI के अंतर्गत मोबाइल रिपेयरिंग, सोलर इंस्टालेशन, सीसीटीवी इंस्टालेशन, ड्रोन टेक्निशियन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कौशल विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों के साथ औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाए, ताकि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में मार्गदर्शन और प्रेरणा प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाभुकों को उनके अनुकूल संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने में विभागीय स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए तथा लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही प्लास मार्ट के संचालन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्लास मार्ट के संचालन हेतु योग्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) का चयन किया जाए, जिनमें विभिन्न समूहों को उत्पाद निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि प्लास मार्ट को जिले के मुख्य बाजारों एवं सभी प्रखंड मुख्यालयों में संचालित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए, साथ ही इसमें स्थानीय क्षेत्र में उत्पादित सामग्रियों को प्राथमिकता के साथ प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए रखा जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य एवं आमजन को सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अंत में कहा कि कौशल विकास, औद्योगिक समन्वय एवं आजीविका मिशन का मूल उद्देश्य युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि रोजगार सृजन की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, नियोजन पदाधिकारी आदित्यपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS तथा अन्य सम्बन्धित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न संस्थानों (प्रशिक्षण केंद्र) के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल, सरायकेला-खरसावाँ के परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावाँ, डॉ. सरयू प्रसाद सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर ए.सी.एम.ओ. डॉ. जुझार मांझी, मनोचिकित्सक डॉ. शालिनी कुमारी, एन.सी.डी. क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. अनिर्बान महतो, डी.ए.एल.एस.ए. सरायकेला-खरसावाँ के सचिव श्री तौसीफ मेराज, डी.पी.एम., डी.पी.सी. (एन.सी.डी.), डी.पी.सी. (सहिया) तथा एन.टी.सी.पी. कंसल्टेंट सहित अन्य चिकित्सक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय (थीम) था — “सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य”।

कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक सुश्री शालिनी कुमारी, श्री पुष्कर भूषण एवं श्री तौसीफ मेराज द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने, गंभीर मानसिक रोगों की अवस्था में योग्य मनोचिकित्सक की देखरेख में उपचार एवं दवाओं के सेवन की आवश्यकता, तथा डिप्रेशन, चिंता एवं नकारात्मक भावनात्मक अवस्थाओं में योग एवं ध्यान के महत्व पर बल दिया।

साथ ही, मानसिक रोगियों, विकलांगों एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिए सुलभ कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। उपस्थित जनों को यह भी बताया गया कि मानसिक रोगियों के लिए परामर्श एवं सहायता हेतु TELE-MANAS का निःशुल्क टोल-फ्री नंबर — 14416 / 1800-89-14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह जागरूकता कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 16 अक्टूबर, 2025 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों एवं सामुदायिक स्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

सरायकेला-खरसावाँ

आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन द्वारा आज कांड्रा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मिठाई दुकानों, होटल एवं रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था, उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति एवं खाद्य उत्पादों के लेबलिंग मानकों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला, नामकुम भेजा जा रहा है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस प्राप्त कर ही व्यवसाय संचालित करें, अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों का पालन सुनिश्चित करें और केवल गुणवत्ता युक्त एवं ताजा खाद्य सामग्री का ही उपयोग एवं विक्रय करें।


उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि बासी, एक्सपायर अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट करें तथा निर्माण कार्य में केवल गुणवत्ता युक्त सामग्री एवं FSSAI प्रमाणित फूड कलर का ही निर्धारित मात्रा में उपयोग करें। सभी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि एवं निर्माता का पूरा पता स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक अनुसार खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनज़र औचक निरीक्षण की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। उन्होंने सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण में व्यवसाय संचालन सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को सुरक्षित, गुणवत्ता युक्त एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

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