तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध चौका एवं कांड्रा थाना क्षेत्र में  जिला टीम ने चलाया जांच अभियान।

तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध चौका एवं कांड्रा थाना क्षेत्र में  जिला टीम ने चलाया जांच अभियान।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चौका एवं कांड्रा थाना क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग से संबंधित प्रावधानों की जांच हेतु अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 35 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

जांच के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA), झारखंड में लागू संबंधित प्रावधानों, Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं संबंधित नियम-विनियमों के अनुपालन की जांच की गई।

जिला परामर्शी, NTCP द्वारा दुकानदारों को COTPA के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं की जाए तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री न की जाए।

साथ ही दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर निर्धारित चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बिना निर्धारित स्वास्थ्य चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करने की स्पष्ट हिदायत दी गई।

होटल एवं अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को अपने प्रतिष्ठान में निर्धारित मानक के अनुरूप “धूम्रपान निषेध क्षेत्र” का बोर्ड प्रदर्शित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। COTPA के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, चांडिल अनुमंडल श्री विशाल कुमार सिंह द्वारा जांच के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन में कमी पाए जाने तथा कार्यरत कर्मियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने के संबंध में संबंधित संचालकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया। भविष्य में ऐसी कमियों की पुनरावृत्ति नहीं होने की सख्त हिदायत दी गई।

सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा के साथ-साथ प्रतिष्ठान की स्वच्छता, नियमित सैनिटाइजेशन, खाद्य संचालकों एवं कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा मेडिकल फिटनेस सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिला प्रशासन द्वारा तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए जांच एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई। जिला टीम ने आमजनों से तंबाकू सेवन से दूर रहने तथा तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग द्वारा तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श एवं जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

अभियान के दौरान चौका थाना एवं कांड्रा थाना पुलिस का विशेष सहयोग रहा। जिला प्रशासन ने सभी दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से संबंधित कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।

बिना चेतावनी प्रदर्शित किए तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर होगी कार्रवाई।

बिना चेतावनी प्रदर्शित किए तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर होगी कार्रवाई।

सरायकेला-खरसावां

सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021 एवं इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन को लेकर सीनी ओपी क्षेत्र में जिला तंबाकू नियंत्रण टीम द्वारा जांच अभियान चलाया गया। उपायुक्त एवं सिविल सर्जन के निर्देशानुसार जिला परामर्शी, NTCP अशोक यादव के नेतृत्व में लगभग 20 दुकानों की जांच की गई।

जांच के दौरान शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में आने वाली दुकानों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं अन्य निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन की जानकारी ली गई। दुकानदारों को COTPA-2003 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए निर्देशित किया गया कि शिक्षण संस्थान एवं सरकारी कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं करें।

जिला परामर्शी द्वारा दुकानदारों को हैंडबिल एवं पंपलेट उपलब्ध कराते हुए तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर निर्धारित चेतावनी एवं चेतावनी चित्र के प्रावधानों की जानकारी दी गई। खुले में सिगरेट की बिक्री को पैकेट पर प्रदर्शित निर्धारित स्वास्थ्य चेतावनी के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही सभी होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठान में मानक के अनुरूप ‘गैर-धूम्रपान क्षेत्र’ (No Smoking Area) का बोर्ड/दीवार लेखन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर COTPA-2003 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई एवं जुर्माना किया जा सकता है।

जिला टीम ने बताया कि शिक्षण संस्थान, सरकारी कार्यालय, अस्पताल एवं न्यायालय परिसर के आसपास तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना तथा तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी देते हुए तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग द्वारा आवश्यक परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। सदर अस्पताल में तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र संचालित है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है।

अभियान के दौरान NTCP सलाहकार सहित सीनी ओपी के पुलिस कर्मी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

गोलमुरी बैंक डकैती का असर: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अलर्ट, एसपी ने बैंक शाखाओं का किया सेफ्टी ऑडिट।

गोलमुरी बैंक डकैती का असर: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अलर्ट, एसपी ने बैंक शाखाओं का किया सेफ्टी ऑडिट।

सरायकेला/आदित्यपुर

जमशेदपुर के गोलमुरी इलाके में दिन के उजाले में हुई बैंक डकैती की घटना ने पड़ोसी जिला सरायकेला-खरसावां की पुलिस को भी चौकन्ना कर दिया है। सीमावर्ती औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों में किसी भी संभावित वारदात को रोकने के लिए जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने टीम के साथ आदित्यपुर और आरआईटी थाना क्षेत्रों में स्थित कई बैंक शाखाओं का आकस्मिक दौरा कर सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की।

जांच के दौरान एसपी ने बैंक परिसरों की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की पहुंच, बैकअप व्यवस्था और आपातकालीन अलार्म सिस्टम के क्रियाशील होने की स्थिति देखी। साथ ही विभिन्न शाखाओं में तैनात प्राइवेट सुरक्षा गार्डों के हथियार लाइसेंस और असलहों की हालत की भी जांच की।

मीडिया से चर्चा में एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कहा, “एसडीपीओ और संबंधित थाना प्रभारियों के साथ मिलकर आदित्यपुर क्षेत्र के बैंकों का सुरक्षा ऑडिट किया गया है। बैंक अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और गश्ती दल को जरूरी सुरक्षा दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और आम नागरिक सुरक्षित रहें। यह नियमित निरीक्षण का हिस्सा था, लेकिन ताजा घटना को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरता जा रहा है। आरबीआई और पुलिस विभाग के जारी सभी सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन अनिवार्य किया गया है।”

एसपी ने शाखा प्रबंधकों को संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी आशंका की स्थिति में तुरंत स्थानीय थाने को सूचना देने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस पीसीआर और पेट्रोलिंग वाहनों को बैंकों के आसपास लगातार गश्त करने को कहा गया है।

इस औचक निरीक्षण अभियान में एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार और आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पाराशर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बरडीहा के बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने किया लोका , मझगावां और बरछाबांध का औचक निरीक्षण।

बरडीहा के बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने किया लोका , मझगावां और बरछाबांध का औचक निरीक्षण।

बरडीहा/गढ़वा

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने सुबह लोका , मझगावां और बरछाबांध क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।

बरछा बांध की गलियों और सड़कों का जायजा लेते हुए उन्होंने बदहाल सड़कों को ग्राम सभा के माध्यम से तुरंत योजना में शामिल करने का निर्देश दिया। नई जगहों पर मिट्टी-मोरम और पुरानी सड़कों पर जीएसबी सड़क बनाने का आदेश दिया गया।

आपसी विवाद के कारण लोगों द्वारा घेरे गए रास्ते का मौके पर मुआयना कर दोनों पक्षों को समझाया गया और अवरोध को हटाकर रास्ता तुरंत खुलवाया गया।

प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पर निर्धारित समय के बाद भी शिक्षक या छात्र उपस्थित नहीं मिले। ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीओ ने शिक्षक को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं, अतः वे अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहें।

आहर की मेड़ बांधने से एक व्यक्ति के धान के खेत के डूबने की शिकायत पर उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान के कारण प्लास्टिक की झोपड़ी में रह रहे एक पीड़ित व्यक्ति को आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने का निर्देश देते हुए तत्काल आवेदन की मांग की गई।

बीडीओ ने बताया कि प्रशासनिक व्यस्तता के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जा रहा है।

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने CHC गम्हरिया का किया औचक निरीक्षण।

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने CHC गम्हरिया का किया औचक निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने महिला एवं पुरुष वार्ड, स्टोर रूम, ऑपरेशन थिएटर (OT), डायलिसिस सेंटर के निर्माणाधीन कार्य, लैब सहित स्वास्थ्य केंद्र के विभिन्न कक्षों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

महिला वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई। उप विकास आयुक्त द्वारा सभी मरीजों को निर्धारित समय पर निर्धारित चार्ट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में स्वच्छता, दवा एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

डायलिसिस सेंटर के निर्माण कार्य की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। उप विकास आयुक्त द्वारा शेष लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने तथा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए डायलिसिस सेंटर को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया, ताकि क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार सभी पदाधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर ससमय उपस्थित रहकर दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

भवन मरम्मत एवं जीर्णोद्धार से संबंधित कार्यों का स्थल निरीक्षण

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मरम्मत एवं भवन जीर्णोद्धार से संबंधित सूची का भी अवलोकन किया गया। सूची में चिह्नित कार्यों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप उप विकास आयुक्त द्वारा संबंधित स्थलों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया तथा आवश्यक गैप्स को चिह्नित किया गया।

उन्होंने चिह्नित कमियों एवं आवश्यक मरम्मत/जीर्णोद्धार कार्यों के लिए स्थल निरीक्षण के आधार पर आवश्यक प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा सके तथा स्वास्थ्य केंद्र की आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी DRCHO डॉ. सुजीत मुर्मू, MOIC गम्हरिया उपस्थित रहे।

कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पूर्व बैठक के निर्देशों के आलोक में की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र किसान अथवा लाभुक किसी भी जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभुकों की पहचान, योजना से जोड़ने एवं लाभ का वास्तविक रूप से हस्तांतरण सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पंचायत एवं ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर पात्र किसानों को योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए विभागीय पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण एवं नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। साथ ही किसानों को कृषि ऋण, बीमा, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई सुविधा, पशुधन एवं अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, भूमि संरक्षण एवं सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पंजीकरण, मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत शेष लाभुकों का e-KYC, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, डीप बोरिंग एवं तालाब जीर्णोद्धार, कृषि सहायक उपकरणों का वितरण, पशुधन विकास योजनाओं का लाभ, फसल बीमा योजनाओं में पात्र किसानों का आच्छादन तथा अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसी योजनाएं, जिनमें लाभुकों के चयन एवं आवेदन संबंधी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनमें पात्र किसानों एवं लाभुकों को योजना का लाभ प्रदान करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। कृषि एवं सम्बद्ध सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चयनित लाभुकों को कृषि उपकरण, पशुधन, बीज, सिंचाई सुविधा सहित अन्य स्वीकृत योजनाओं का लाभ यथाशीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिन लाभुकों का योजना के तहत चयन पूर्ण हो चुका है, उन्हें लंबित न रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शीघ्र लाभान्वित किया जाए तथा इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत संबंधित क्षेत्र की लैंप्स/सहकारी समितियों में किसानों एवं सदस्यों की संख्या बढ़ाने हेतु पंचायत एवं ग्राम स्तर पर अभियान संचालित करने तथा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों में युवाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा युवाओं की आय में वृद्धि के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए। इसके लिए लैंप्स समितियों के माध्यम से प्रज्ञा केंद्र संचालन, ऑनलाइन कार्यों एवं अन्य जनोपयोगी डिजिटल सेवाओं जैसी सुविधाएं प्रारंभ करने की संभावनाओं का आकलन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों की सक्रियता बढ़ाते हुए किसानों को कृषि ऋण, बीज, उर्वरक, धान अधिप्राप्ति सहित अन्य उपलब्ध सहकारी सुविधाओं का समुचित लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो तथा आवेदन, पंजीकरण, e-KYC एवं अन्य प्रक्रियाओं के निष्पादन में विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा एवं क्षेत्रीय स्तर पर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा किसानों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना है। इस दिशा में सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र लाभुक तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, जिससे निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, DPM JSLPS एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

खरसावां सीएचसी में अनियमितता की शिकायत पर एसडीओ ने की जांच, रजिस्टर संधारण में मिली खामी।

खरसावां सीएचसी में अनियमितता की शिकायत पर एसडीओ ने की जांच, रजिस्टर संधारण में मिली खामी।

सरायकेला-खरसावां

खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शनिवार को सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न रजिस्टरों और अभिलेखों की जांच की। यह जांच जिला उपायुक्त को मिली अनियमितता की शिकायत के बाद गठित जांच कमेटी के निर्देश पर की गई।

एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि शिकायत में खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिभंजा को 5 लाख रुपये तथा सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों को 2-2 लाख रुपये आवंटित किए जाने के बाद उसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच कमेटी का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि शनिवार को जांच के दौरान सभी संबंधित रजिस्टरों की जांच की गई। जांच में कुछ स्टॉक रजिस्टरों का सही ढंग से संधारण नहीं किया जाना पाया गया है। संबंधित कर्मियों को आवश्यक सुधार के लिए दो दिनों का समय दिया गया है। सोमवार को दोबारा रजिस्टरों और अभिलेखों की जांच की जाएगी।

एसडीओ ने कहा कि शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया जाएगा। शिकायत, दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।

स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

केंद्रों में आमजनों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे : उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां

प्रत्येक प्रखंड से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक स्वास्थ्यकर्मी को 15 अगस्त के जिला स्तरीय समारोह में किया जाएगा सम्मानित : उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां


समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू एवं अन्य संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एवं आमजनों को गुणवत्तापूर्ण तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उपायुक् ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र लाभुक तक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

उपायुक्त ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय पर उपस्थित होकर नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें कैशलेस उपचार का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही टेलीमेडिसिन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हुए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।

मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील एवं पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में नियमित रूप से मास सर्वे  संचालित कर संभावित एवं चिन्हित मलेरिया मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए तथा सभी चिन्हित मरीजों का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप समुचित उपचार किया जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित कीटनाशक छिड़काव, मच्छरजनित रोगों की सतत निगरानी एवं नियंत्रणात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) माध्यमों के जरिए आमजनों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व, मच्छरदानी के नियमित उपयोग, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजमाव की रोकथाम के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सपायरी दवाओं की नियमित जांच, उपलब्ध दवाओं का स्टॉक मिलान, दवाओं का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक रख-रखाव तथा एक्सपायरी दवाओं का प्रचलित नियमों के अनुरूप समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, मरीजों के बैठने हेतु पर्याप्त संख्या में कुर्सी एवं बेंच की व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा लाइट, पंखा सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जून माह की कार्य प्रगति की समीक्षा के क्रम में चिकित्सकों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) द्वारा किए गए कंसल्टेशन की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में शून्य (0) कंसल्टेशन दर्ज करने वाले दो चिकित्सकों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं, जून माह में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कम कंसल्टेशन प्रतिशत दर्ज करने वाले चिकित्सकों एवं सीएचओ को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान बेहतर कंसल्टेशन एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) को उपायुक्त द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने बताया कि आगामी 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर जिले के प्रत्येक प्रखंड से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक स्वास्थ्यकर्मी (चिकित्सक/एएनएम/जीएनएम/सहिया में से किसी एक) को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से जनसेवा की भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य करते हुए जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।

सरायकेला पहुंचे डीजीपी व डीआईजी, विधि-व्यवस्था की स्थिति का लिया जायजा।

सरायकेला पहुंचे डीजीपी व डीआईजी, विधि-व्यवस्था की स्थिति का लिया जायजा।

सरायकेला-खरसावां

राज्य में विधि-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा एवं कोल्हान क्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा शुक्रवार को सरायकेला पहुंचे। उनके आगमन पर परिसदन में पुलिस अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

दौरे के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने नगर क्षेत्र की विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के साथ आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही तैयारियों और पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज एवं डीएसपी मुख्यालय सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे को जिले में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुकड़ू प्रखंड भ्रमण के दौरान उप विकास आयुक्त ने विभिन्न संस्थानों एवं विकास योजनाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश।

कुकड़ू प्रखंड भ्रमण के दौरान उप विकास आयुक्त ने विभिन्न संस्थानों एवं विकास योजनाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश।

सरायकेला/खरसावां

उप विकास आयुक्त रीना हंसदा ने कुकड़ू प्रखंड का भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्र, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के क्रम में उन्होंने केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा उपलब्ध कराने, नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक सामग्री बच्चों की पहुंच में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया।

झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र छात्राओं तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण कर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत प्रखंड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने प्रखंड कार्यालय में प्राप्त विभिन्न जनसमस्याओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।

उपायुक्त के निर्देश पर आदित्यपुर एवं गम्हरिया क्षेत्र के बार एवं रेस्टोरेंट का सघन निरीक्षण।

उपायुक्त के निर्देश पर आदित्यपुर एवं गम्हरिया क्षेत्र के बार एवं रेस्टोरेंट का सघन निरीक्षण।

नियमों के कड़ाई से अनुपालन के दिए गए निर्देश।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार शनिवार को आदित्यपुर एवं गम्हरिया क्षेत्र स्थित विभिन्न बार एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज एवं उत्पाद निरीक्षकों के द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में स्थापित सीसीटीवी व्यवस्था, लाइसेंस एवं अभिलेखों, सुरक्षा प्रबंधों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की गई। साथ ही संचालकों को शासन एवं विभाग द्वारा निर्धारित सभी नियमों एवं दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के क्रम में सभी बार एवं रेस्टोरेंट संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बार परिसर में प्रवेश अथवा मदिरा परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी प्रकार के डीजे, लाइव म्यूजिक अथवा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही किया जाएगा।

सभी प्रतिष्ठानों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने, बार परिसर एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले आई.पी. आधारित सीसीटीवी कैमरे स्थापित एवं क्रियाशील रखने तथा सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यक सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) एवं पहचान सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्धारित क्षमता एवं लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप ही प्रतिष्ठान का संचालन करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी बार एवं रेस्टोरेंट संचालक निर्धारित नियमों, लाइसेंस की शर्तों एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। विशेष रूप से 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के प्रवेश एवं उन्हें मदिरा परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन किया जाएगा। साथ ही सभी सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी व्यवस्था एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का हर स्थिति में अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान एवं संचालकों के विरुद्ध प्रचलित विधि के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आमजन के हित एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ईचागढ़ एवं सरायकेला प्रखंड में वरीय पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

ईचागढ़ एवं सरायकेला प्रखंड में वरीय पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

वरीय पदाधिकारी, ईचागढ़ प्रखंड सह जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो तथा वरीय पदाधिकारी, सरायकेला प्रखंड सह भूमि सुधार उपसमाहर्ता निवेदिता नियति द्वारा संबंधित प्रखंड क्षेत्रों का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, आवास योजनाओं एवं मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत योग्य लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करना प्राथमिकता होनी चाहिए तथा योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान लंबित योजनाओं एवं अपूर्ण कार्यों में तेजी लाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही क्षेत्रीय पदाधिकारियों को योजनाओं का नियमित स्थल निरीक्षण करने तथा अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभिन्न कार्यों हेतु कार्यालय आने वाले लाभुकों के आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

निरीक्षण के क्रम में कार्यालयों एवं संस्थानों में पदाधिकारी एवं कर्मियों की उपस्थिति पंजी एवं पंजी संधारण की भी समीक्षा की गई। सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय पर कार्यालय एवं कार्यस्थल पर उपस्थित रहने तथा पूरी तत्परता, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं मनरेगा योजनाओं के निरीक्षण के क्रम में कार्यस्थल पर संचालित योजनाओं की प्रगति, मजदूरों की उपस्थिति एवं उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया।
आवास योजनाओं के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति की जांच करते हुए लाभुकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न माध्यमों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र लाभुक योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।

निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

Design a site like this with WordPress.com
Get started