सरायकेला
(भरत सिंह)
भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सरायकेला जिला इस समय काफी चर्चाओं में हैं। साथियों हमारा भारत देश काफी मुश्किलों भरे दौर से गुजर कर अपनों का बलिदान देकर अपने बेटों की कुर्बानी देकर और न जाने कितने ही नौजवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर हमारे इस भारत देश को आजादी दिलाई है। और उन सभी बलिदान देने वालों का उन महावीर योद्धाओं का उन नौजवानों का नाम हम सुनहरे अक्षरों से लिखते हैं पढ़ते हैं एवं बड़े ही गर्व के साथ उनका नाम लेते हैं जिसने भारत देश को आजादी दिलाई है और इस आजाद भारत में इस स्वतंत्र भारत में हम आजादी से और खुशहाली से अपने परिवार के साथ अपना जीवन यापन करते हैं।

साथियों इस समाचार में हमने भारत देश और उन वीर सपूतों,नौजवानों का जिक्र इसलिए किया है क्योंकि जिस भारत देश को नौजवानों ने अपनी जान देकर आजादी दिलाई है उसी भारत देश को ये भ्रष्टाचारि बदनामी की ओर ले जाने का कार्य कर रहे हैं और साथ ही धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचारी हमारे देश को खोखला कर रहे हैं कमजोर कर रहे हैं और कहीं ना कहीं आगे चलकर इन भ्रष्टाचार्यों के वजह से हमारे देश के नौजवान भी गलत राह की ओर अग्रसर हो सकते हैं और हमारे देश का नाम बदनाम कर सकते हैं इसलिए प्रशासन को इन भ्रष्टाचार्यों पर नकेल कसने की अति आवश्यकता है और इसी का एक नमूना सोमवार को सरायकेला जिले में देखने को मिला भी है जहां पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य और दलाल विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला जिले के उपायुक्त की मौजूदगी मे एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी इसी दौरान भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल के बाद जैसे ही वे बाहर निकले, रिश्वत के लेनदेन में जुट गए। लेकिन उन्हें यह कहां पता था कि बाहर पहले से ही ACB की टीम उन्हें रंगे हाथ पकड़ने के लिए घात लगाए बैठी है। और उनके निकलते ही ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
उक्त मामले में कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में भी छापा मारा, जहां दलाल विनय तिवारी को गाड़ी में पैसे गिनते हुए दबोचा गया।
उक्त मामले पर सूत्र बताते हैं कि यह मामला किसी जमीन के बड़े सौदे से जुड़ा हुआ है और कहीं ना कहीं यह मामला है 40 लख रुपए की डील का है जिसमें की पहले किस्त में ₹5 लाख का लेनदेन किया जाना था लेकिन उससे पहले ही ACB की टीम ने इस मामले का भंडाफोड़ दिया।
हालांकि, ACB की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है, लेकिन पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अगर इस मामले पर जिले की जनता की माने नगर वासियों की माने तो यह सरायकेला प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और भ्रष्टाचार के खिलाफ यह बहुत ही उचित कदम प्रशासन की ओर से उठाया गया है। जनता ने ACB की टीम को धन्यवाद भी दिया है


















