गरीब के साथ हुआ धोखाधड़ी, राज मोटर शोरूम की डीलरशिप खत्म करने की उठ रही मांग।
पूर्वी सिंहभूम/हाता
पूर्वी सिंहभूम जिले के हता से एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया जो कि फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामले के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार पूर्वी सिंहभूम जिले के हाता थाना क्षेत्र स्थित राज मोटर्स शोरूम से एक गरीब व्यक्ति द्वारा installment पर बाइक की खरीदी की जाती है लेकिन बाइक finance हो जाने और 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी शोरूम द्वारा ग्राहक को बाइक नहीं दी जाती है। जिससे कि गरीब व्यक्ति एवं उनका परिवार काफी परेशानियों भरी जिंदगी जीने को मजबूर हो चुका है पैदल चलकर 6 महीने से लगातार इंस्टॉलमेंट भर रहे गरीब परिवार की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है लेकिन शोरूम है कि गरीब व्यक्ति के परेशानियों को समझने के जगह धोखाधड़ी को बढ़ावा देते हुए गरीब व्यक्ति को 6 महीने से दौड़ा रहा है लेकिन बाइक देने के लिए आजकल करते हुए गरीब परिवार का शोषण कर रहा है साथ ही धोखाधड़ी को बढ़ावा दे रहा है।
वहीं गरीब परिवार थक हार कर कानून का सहारा लेने स्थानीय थाना पहुंचता है लेकिन कानून द्वारा भी गरीब व्यक्ति को संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता एवं गरीब परिवार के साथ न्याय नहीं किया जाता है।
अब सवाल यहां पर यह उठता है कि जब न्याय दिलाने वाले ही पीड़ित का हाथ थामने से इनकार कर दे या सहारा देने से इनकार कर दे तो फिर गरीब परिवार कहां जाए गरीब परिवार का कहना है कि जब वह थाना के समक्ष अपनी परेशानियों को प्रस्तुत किया उसके बावजूद भी थाना द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई।
इस मामले पर सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर शोरूम द्वारा इस तरह की धोखाधड़ी को बढ़ावा क्यों दिया जाता है क्या उन्हें शोरूम चला कर उचित कमाई नहीं हो पा रही है जिससे कि वह धोखाधड़ी कर अपनी तिजोरी भरने का काम कर रहे हैं और गरीब परिवार के साथ में शोषण कर रहे हैं।
साथियों आप सभी सोंच सकते हैं कि जब एक गरीब व्यक्ति बिना बाइक का उपयोग किए लगातार 6 महीने तक बैंक का इंस्टॉलमेंट भर रहा हो तो उस व्यक्ति की मानो स्थिति, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक स्थिति क्या हो सकती है। और इसे समझते हुए हम सबको जागरूक होना काफी हद तक जरूरी हो चुका है।
वहीं इस मामले पर हीरो के शोरूम के मालिक से निवेदन है कि इस तरह के लोगों को डीलरशिप देकर अपने हीरो की छवि को गंदा ना करें लोगों का विश्वास खत्म होता दिख रहा है और इस तरह के डीलर को डीलरशिप से बर्खास्त किया जाए। ताकि आने वाले समय में किसी भी गरीब व्यक्ति को इस तरह की परेशानियों का सामना ना करना पड़े और हीरो कंपनी की छवि धूमिल ना हो।
पुलिस की निगरानी से कैसे गायब हुआ जब्त बालू, प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला खरसावां जिले की प्रशासन व पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में आ खड़ी है इस बार विषय है जब्त की हुई बालू का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना।
साथियों सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस और प्रशासन पर अक्सर सवाल उठते ही रहते हैं यह तो आम बात है लेकिन प्रशासन द्वारा जप्त की हुई बालू की निगरानी रखने की जिम्मेदारी थाने को दी जाती है और वह बालू रहस्यमय तरीके से रातों-रात गायब हो जाता है तो यह कहीं ना कहीं किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर रहा है।
ताजा मामला सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र का है जहां पर अवैध बालू कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है और इस मामले ने एक बार फिर प्रशासन व पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 को अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद ने उत्क्रमित विद्यालय पुरानडीह के पास अवैध रूप से डंप किए गए करीब 8 हजार सीएफटी बालू को जब्त किया था। बाद में जब्त बालू की निगरानी की जिम्मेदारी ईचागढ़ थाना को सौंपी गई थी।
मामले के संबंध में सूत्रों ने जानकारी दी है कि अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद द्वारा जब्त किया गया करीब 8 हजार सीएफटी अवैध बालू रातों रात रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों का आरोप है कि रात के वक्त ट्रैक्टरों के जरिए भिरी मात्रा में बालू वहां से गायब कर दिया गया। सूत्रों ने घटनास्थल पर ट्रैक्टर के टायर के निशान होने का भी दावा किया है, सूत्रों के मुताबिक करीब 5 हजार सीएफटी बालू रातों-रात गायब कर दिया गया।
बालू माफियाओं को प्रशासन का डर नहीं- सूत्र
सूत्रों का कहना है कि जिस सिंडिकेट ने पहले बालू का भंडारण किया था, उसी गिरोह ने दोबारा बालू उठाने का काम शुरू किया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इलाके में बालू माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और उन्हें प्रशासन का डर नहीं रह गया है।
सूत्रों का कहना है कि ईचागढ़ और आसपास के इलाकों में सुवर्णरेखा नदी घाटों से लगातार अवैध बालू उठाव जारी है। दिन-रात ट्रैक्टर और भारी वाहनों के जरिए बालू की सप्लाई की जा रही है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में दिन को दिखावे के लिए पुलिस द्वारा गस्ती कर कभी कभार एक दो बालू लदे ट्रैक्टर को जप्त किया जाता है और रात को हाइबा , कंटेनर से अवैध बालू का खेल को अंजाम दिया जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जब्त किए गए अवैध बालू के गायब होने का मामला सामने आ चुका है, अब एक बार फिर ऐसी घटना ने प्रशासन की कार्रवाई और पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद ने कहा कि जप्त के बाद ईचागढ़ थाना को निगरानी के लिए दे दिया गया था। बालू गायब होने की जानकारी नहीं है।
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब बालू प्रशासन द्वारा जब्त किया गया था और उसकी निगरानी थाना की जिम्मेदारी थी, तो इतनी भारी मात्रा में बालू आखिर गायब कैसे हो गया। क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत का मामला है।
अवैध महुआ चुलाई शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग ने की कार्रवाई।
चांडिल थाना क्षेत्र में छापामारी कर 05 अवैध महुआ शराब अड्डे ध्वस्त, भारी मात्रा में जावा महुआ एवं अवैध शराब बरामद।
सरायकेला-खरसावाँ
सरायकेला-खरसावाँ जिले के उपयुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर एवं अधीक्षक उत्पाद, सरायकेला-खरसावाँ क्षितिज विजय मिंज के नेतृत्व में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चिल्गु के समीप चांडिल थाना अंतर्गत ग्राम खोखरोडीह, जड़ियाडीह, चाकुलिया एवं हमसदा टोला में विधिवत छापामारी अभियान संचालित किया गया।
छापामारी अभियान के दौरान कुल 05 अवैध महुआ चुलाई अड्डों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के क्रम में लगभग 1000 किलोग्राम जावा महुआ एवं 50 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की गई। बरामद अवैध उत्पाद सामग्री को नियमानुसार जप्त कर विनष्ट किया गया। संबंधित अड्डा संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
उत्पाद विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वी सिंहभूम जिले में असमाजिक तत्वों का तांडव, 2 दिन कार में लगाई आग, हुआ लाखों का नुकसान।
पूर्वी सिंहभूम /गोलमुरी
पूर्वी सिंहभूम जिले में इन दिनों असमाजिक तत्वों ने तांडव मचा रखा है कानून को कठपुतला समझ रखा है। ताजा मामला गोलमुरी थाना क्षेत्र का है जहां पर दूसरे दिन असमाजिक तत्वों द्वारा श्री साइन मोटर्स नामक कार की दुकान में खड़ी कार को आग के हवाले कर दिया गया जिससे कि इलाके में सनसनी फैल गई।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे श्री साइन मोटर्स कार की दुकान के परिसर में खड़ी दो कारों में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे दोनों वाहन जलकर पूरी तरह खाक हो गए।
हरचरण सिंह (राजा )
वहीं घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। आसपास लगे CCTV फुटेज भी पुलिस द्वारा खंगाले जा रहे हैं ताकि आग लगाने वालों तक पहुंचा जा सके. लगातार दूसरे दिन हुई इस घटना ने गोलमुरी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं साईं मोटर्स के संचालक हरचरण सिंह ( राजा ) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि “CAR में आग लग नहीं रही है, बल्कि लगाई जा रही है। मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है।” उन्होंने बताया कि गुरुवार को जिस कार में आग लगी थी, उसमें बैटरी तक नहीं थी। शुक्रवार को जली दोनों कारों से भी बैटरी पहले ही निकाल ली गई थी। ऐसे में अचानक आग लगने की घटना कई सवाल खड़े कर रही है। आगे हरचरण सिंह (राजा) के मुताबिक दो दिनों के भीतर हुई आगलगी की घटनाओं में करीब 5 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
वहीं श्री साइन मोटर्स के मालिक हरचरण सिंह ( राजा ) ने बताया कि सेकेंड हैंड कारों से चोरी की आशंका को देखते हुए बैटरी निकालकर अलग रखी जाती है इसके बावजूद लगातार दो दिनों में आगजनी की घटना होने का मतलब है कहीं ना कहीं यह किसी साजिश का इशारा कर रही है।
आपको बताते चले की कार के मालिक हरचरण सिंह ( राजा ) विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और नित्य निरंतर जनहित में कार्य करते ही रहते हैं और कुछ दिनों पहले ही उनके द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। और कहीं ना कहीं किसी साजिश का इशारा कर रही है यह लगातार हुई घटना।
इस घटना पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश प्रभारी भरत सिंह ने गोलमुरी पुलिस से इस घटना की गहनता से जांच करने का अनुरोध किया है।
उत्पाद विभाग की मिली भगत से चल रही है दो नंबर अवैध घटिया एवं गैर कानूनी ढंग से शराब पिलाने का कारोबार: सूत्र
सेंट्रल गवर्नमेंट के आदेश का हो रहा है उलंघन वहीं जिला प्रशासन और विभागीय पदाधिकारी है मौन: सूत्र
सरायकेला/आदित्यपुर/गम्हरिया
इन दिनों सरायकेला-खरसावां जिले में एक अलग ही खेल चल रहा है। सूत्रों के जरिए प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक इन दिनों नकली शराब बेचा एवं पिलाया जा रहा है इस खेल में कई अधिकारियों की संलिप्तता की भी झलक आ रही है।
उत्पाद अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्पाद विभाग के दरोगा अखिलेश यादव की मिली भगत से सरायकेला के गम्हरिया एवं आदित्यपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है नकली एवं घटिया शराब का कारोबार और साथ ही वैध लाइसेंस के बिना शराब की दुकान खोलकर खुलेआम शराब पिलाने का कारोबार किया जा रहा है।
उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि गम्हरिया एवं आदित्यपुर क्षेत्र में कहीं छोटी दुकानों में शराब की बिक्री कहीं किराना दुकानों में शराब का की बिक्री कहीं गैर कानूनी ढंग से दुकान खोलकर शराब पिलाने का कारोबार कहीं ऐसा तो नहीं पैसा बोलता है। अब सवाल यह उठता है कि उत्पाद विभाग के अधिकारी आखिर मौन क्यों है।
और सवाल यहां पर यह भी उठना है कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपनों का क्या होगा आखिर वह सपना कैसे पूरा होगा? आखिर कौन है जिम्मेदार ? कौन है वह सफेद पोश जिसके इसारे पर चल रहा है करोड़ों का अवैध कारोबार ?
कहने वालों ने ठीक कहा है शराब बेचने वाले मालामाल शराब पीने वाले बेहाल।
वहीं आए दिन शाम को 7:00 बजे के बाद करीब करीब सभी सरकारी शराब दुकानों के आसपास सर्विस रोड में शराबियों का जमावड़ा खुलेआम शराबियों का सड़कों पर शराब पीती हुई मिलेगी जिससे सामाजिक लोगो एवं महिलाओं को काम से लौटने के क्रम में काफी परेशानी हो रही है।
सरायकेला जिले में नहीं थम रहा अपराध का तांडव, अखबार के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार भरत सिंह को मिली जान से मारने की धमकी।
सरायकेला खरसावां जिले में अपराध का फैलता जाल।
झारखंड क्राईम रिपोर्टर परिवार द्वारा अपराध पर अंकुश लगाने की अपील।
सरायकेला/आदित्यपुर
सरायकेला जिला इन दिनों अपराध के लिए चर्चाओं में बना हुआ है लगातार किसी न किसी अपराधीक घटनाओं की सूचनाओं मिल रही हैं।
ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर आदित्यपुर थाना क्षेत्र के महिंद्रा शोरूम स्थित SDS TOWER के निवासी झारखंड क्राईम रिपोर्टर ( हिंदी दैनिक अखबार ) के संपादक भरत सिंह की पत्नी रेणु देवी ने अपनी एवं अपने परिवार की जान की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आदित्यपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
लिखित शिकायत के मुताबिक SDS TOWER के निवासी अनुज श्रीवास्तव नमक व्यक्ति द्वारा लगातार रेणु देवी एवं उनके पति भरत सिंह को जान से मार देने की धमकी दी जा रही थी एवं घर खाली करवा देने की भी धमकियां लगातार मिल रही थी जिस पर रेनू देवी ने अपनी जान माल की सुरक्षा के लिए आदित्यपुर थाना की पुलिस से सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई है।
लिखित शिकायत में रेणु देवी ने बताया है कि अनुज श्रीवास्तव नामक व्यक्ति द्वारा तीसरी बार उनके साथ गाली गलौज एवं मारपीट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया साथ ही जान से मार देने की धमकी दी गई।
लिखित शिकायत में रेणु देवी द्वारा यह भी कहा गया है लगातार इस तरह अनुज श्रीवास्तव द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है अगर आगे चलकर किसी तरह की जान माल की क्षति पहुंचती है तो इसका जिम्मेदार सीधी रूप से अनुज श्रीवास्तव होगा आगे उन्होंने इस मामले पर आदित्यपुर थाना से सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई है।
वहीं रेणु देवी द्वारा प्राप्त लिखित शिकायत के आलोक में आदित्यपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मोर्चा संभाला साथ ही अनुज श्रीवास्तव नामक व्यक्ति को दोबारा ऐसा न करने की हिदायत दी एवं कानून अपने हाथ में न लेने की भी हिदायत दी।
साथी ही पुलिस ने अनुज श्रीवास्तव को किसी भी किरदार को बेवजह परेशान एवं प्रताड़ित न करने की हिदायत भी दी वहीं मौके पर पुलिस ने अनुष श्रीवास्तव को यह भी कहा कि अगर वे कानून को हाथ में लेते हैं तो उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला प्रशासन ने लिया संज्ञान दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली तो होगी जेल।
सरायकेला-खरसावां
सरायकेला-खरसावाँ जिले में शुक्रवार को होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की खबरों सामने आ रही थी जिस पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गई है। स्थानीय समाचारों में बाहरी अभ्यर्थियों द्वारा गलत आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मेधा सूची में जगह बनाने की खबरों पर जिला दंडाधिकारी का उपयुक्त ने संज्ञान लेलिया है।
प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रकाशित सूची केवल शारीरिक दक्षता और हिंदी लेखन परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई है। नामांकन की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है। मेधा सूची में शामिल होना अंतिम चयन की गारंटी नहीं है।
प्रशासन के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 से 06 मई 2026 तक अभ्यर्थियों की चिकित्सकीय जाँच और मूल प्रमाण पत्रों का मिलान किया जाएगा। यदि इस दौरान किसी का आवासीय प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो अभ्यर्थी की दावेदारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, गंभीर जालसाजी के मामलों में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन संख्या 1/2025 के प्रावधानों के तहत, अंतिम चयन से पहले सभी सफल अभ्यर्थियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। इसमें निवास स्थान, पूर्ववृत्त और चरित्र की गहराई से जांच की जाएगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को अफवाहों से बचने और पूरी प्रक्रिया की शुचिता व पारदर्शिता पर भरोसा रखने की अपील की है।
यह है मामला:-
शुक्रवार को होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को फर्जीवाड़ा बताते हुए झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने नियुक्ति में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने प्रेस वार्ता कर दस्तावेजों के साथ दावा किया कि बहाली प्रक्रिया में फर्जी आवासीय प्रमाणपत्रों के आधार पर बाहरी अभ्यर्थियों का चयन किया गया है जिससे स्थानीय युवाओं के अधिकारों पर सीधा असर पड़ा है। सबसे चौंकाने वाला मामला आदित्यपुर क्षेत्र के एक पते से सामने आया है जहां एक ही पते पर करीब 73 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया जिनमें से 24 का चयन भी हो गया। इसी तरह अन्य पतों पर भी असामान्य रूप से अधिक संख्या में आवेदन और चयन दर्ज किए गए हैं, एक पते पर 11 में से 8 और दूसरे पते पर 4 में से 4 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। एसोसिएशन का कहना है कि यह स्थिति पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है। प्रेस वार्ता में तिवारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें सत्यापन के बिना स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कई अभ्यर्थियों के पते अधूरे या संदिग्ध हैं इसके बावजूद उनका चयन होना प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। इस संबंध में एसोसिएशन ने उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। आवेदन में सभी चयनित अभ्यर्थियों के आवासीय प्रमाणपत्रों का डोर-टू-डोर सत्यापन कराने, संदिग्ध मामलों को निरस्त करने और दोषी अधिकारियों व अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति ने भी कहा कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर संगठन आंदोलन का रास्ता भी अपनाएगा। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
जिस पर संज्ञान लेते हुए जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामलों को स्पष्ट किया है। फिलहाल सब की निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी।
पत्रकार के खिलाफ फूटा शिक्षकों का गुस्सा, इंडिया न्यूज़ वायरल के पत्रकार प्रमोद सिंह पर कानूनी कार्रवाई करने की शिक्षकों ने की मांग।
सरायकेला
प्रमोद सिंह, पत्रकार,(इंडिया न्यूज़ वायरल)
पत्रकार के लिए राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
करीब 60 शिक्षकों ने इंडिया न्यूज़ वायरल न्यूज़ पोर्टल के रिपोर्टर प्रमोद सिंह के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत।
भ्रामक खबर चलाने के आरोप में पत्रकार प्रमोद सिंह पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग।
फर्जी खबर चलाने के आरोप में रिपोर्टर के खिलाफ शिक्षकों ने की शिकायत
बचपन में हम सभी लोग सुनते थे और सोचते थे और इसे हकीकत भी मानते थे कि यह पृथ्वी शेषनाग के ऊपर टिकी हुई है और वह जब हिलती है तो भूकंप आती है यह तो रही बचपन की बात इसमें कितनी सच्चाई है यह आप और हम सभी जान ही चुके हैं।
लेकिन भारतीय लोकतंत्र के चार पारंपरिक स्तंभविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता हैं और यह देश चार स्तंभों पर खड़ा है और इन चारों स्तंभों में से कोई भी एक अगर डगमगा जाए तो कहीं ना कहीं देश भी डगमगाने की कगार पर आ सकता है। इन चार स्तंभों में से हम तीन स्तंभों की बातें फिर कभी करेंगे आज हम बात करेंगे देश के चौथे स्तंभ पत्रकार की कार्य शैली पर।
साथियों पत्रकार को हमारे भारत देश में चौथा स्तंभ माना गया है इनका काम देश में सूचना पहुंचाना, जन जागरूकता और सरकार को जवाबदेह ठहराना है।
इतना ही नहीं पत्रकार का काम गरीब गुरवा एवं दवे कुछ लोगों की समस्याओं को उजागर करना अन्याय से पीड़ित लोगों की आवाज उठाना एवं उच्च अधिकारी तक आवाज को पहुंचाना एवं अन्याय से पीड़ित को न्याय दिलाना भी है। और अक्सर देखा गया है कि जब कोई अन्याय से पीड़ित हो वह चाहे महिला हो या पुरुष नौजवान हो या वृद्ध जब सभी जगहों से न्याय की गुहार लगाकर थक हार जाते हैं तब वह आखिर में पत्रकार का सहारा लेते हैं और पत्रकार के माध्यम से न्याय की उम्मीद लगाकर गुहार लगाते हैं।
लेकिन जब न्याय दिलाने वाले ही अन्याय करने पर उतर जाएं भ्रामक खबर प्रसारित कर किसी की छवि को धूमिल करने का कार्य करने पर उतर जाएं तो गरीब गुरवा लोग आखिर किसकी शरण का सहारा लेंगे अपनी दुख अपनी व्यथा किसके आगे व्यक्त करेंगे यह सोचने वाली बात है और कहीं ना कहीं यह पत्रकार के लिए बड़ी शर्म की बात है बड़ी दुर्भाग्य की बात है।
जी हां साथियों ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के सरायकेला थाना क्षेत्र का है जहां पर जिले के करीब 60 शिक्षकों ने गुरुवार को सरायकेला थाना पहुंचकर इंडिया न्यूज़ वायरल नामक न्यूज़ पोर्टल के रिपोर्टर प्रमोद सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के उनके खिलाफ भ्रामक एवं निराधार खबर प्रकाशित-प्रसारित की गई है, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई है।
शिकायत पत्र में शिक्षकों ने बताया कि प्रखंड स्तर पर कोषागार वाहक (ट्रेजरी मैसेज) से संबंधित प्रक्रिया नियमों के अनुरूप की गई थी और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। इसके बावजूद 22 अप्रैल 2026 को न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से खबर चलाकर पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। शिक्षकों का कहना है कि उक्त खबर पूरी तरह भ्रामक है और इससे शिक्षा विभाग के कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि पूर्व में भी उक्त पोर्टल द्वारा इस प्रकार की भ्रामक खबरें चलाई जाती रही हैं, जिससे शिक्षकों की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मामले को गंभीर बताते हुए सभी शिक्षकों ने एक स्वर में संबंधित रिपोर्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि इस प्रकार की खबरों पर रोक नहीं लगी तो इससे विभागीय कार्य प्रभावित होंगे। शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। शिक्षकों ने सामूहिक रूप से बताया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को नए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी से मुलाकात करेंगे।
अब इस मामले पर सूत्रों की माने तो कहीं ना कहीं यह मामला भयादोहन का प्रतीत हो रहा है इतना ही नहीं सूत्रों ने यह भी कहा है कि इस तरह के भ्रामक खबर चलाकर मात्र एक पत्रकार ने पूरे पत्रकार समाज को शक के दायरे में खड़ा कर दिया है एवं सभी पत्रकार के कार्य शैली पर सवाल खड़ा कर दिया है जिससे कि सभी पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है एवं जिले के लगभग तमाम पत्रकारों ने उक्त मामले पर सरायकेला जिले की पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कर उक्त पत्रकार पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
सूत्रों ने यह भी कहा है कि भ्रामक खबर प्रसारित करने वाले न्यूज़ पोर्टल को बैन कर दिया जाए जिससे कि हमारे देश में भ्रामक खबर ना फैलाई जा सके भ्रामक खबर फैलने से सनसनी फैलती है अथवा सभी पत्रकारों की छवि धूमिल होती है।
इस मामले पर प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि पत्रकार दोषी है या नहीं यह तो जांच का विषय है जांच के उपरांत ही सच्चाई सामने निकल कर आएगी कि शिक्षक दोषी हैं या फिर पत्रकार दोषी है फिलहाल पुलिसिया जांच से पूर्व किसी को भी दोषी नहीं माना जा सकता।
आगेइस मामले पर प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष ने कहा कि जिले की पुलिस पूरी निष्पक्षता से एवं निष्ठा से इस मामले की जांच करें और दोषी पाए जाने पर उक्त पत्रकार पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करें जिससे कि लोगों में पत्रकारों के प्रति विश्वास बनी रहे ताकि जिले के तमाम पत्रकार पूरी निष्ठा से अपनी कार्य के प्रति अग्रसर रहें।
अब इस मामले पर शिक्षकों द्वारा दिए गए लिखित शिकायत में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के उपरांत ही सामने आने की संभावना है फिलहाल तमाम पत्रकारों एवं जनता की नजर सरायकेला जिले के पुलिसीया जांच पर टिकी है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर में क्या सच्चाई निकाल कर जनहित में सामने आती है।
पेड़ से लटका मिला जीजा साली का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी।
झारखंड/बुंडू
सोमवार को बुंडू थाना क्षेत्र में सुबह एक पेड़ से जीजा-साली के शव फांसी के फंदे से लटके मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना झारखंड की राजधानी रांची के बुंडू थाना क्षेत्र की है। सोमवार सुबह बुंडू पुलिस माझीटोला स्थित पागला बाबा समीप एक पेड़ से लटकता हुआ जीजा-साली का शव बरामद किया है।
चर्चा के अनुसार जीजा-साली के बीच अवैध संबंध थे, जिसे लेकर उनके परिजन नाराज थे। स्थानीय ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हत्या या आत्महत्या इसके पीछे पुलिस जाँच करने में जुटी है। लेकिन शवों की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें कहीं और से लाकर यहां लटकाया गया है। जिस पेड़ में दोनों का शव लटकते हुए मिला है। उस पेड़ में युवती कैसे चढ़ पायी यह भी एक चर्चा का विषय बना है। बुंडू थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। साली की सगाई में जीजा शामिल होने ससुराल आया था। जिसके बाद यह घटना घटी है।
अर्जुन पाहन अड़की थाना क्षेत्र राऊता गाँव का निवासी है। वह किसी मामले पर 6 माह पहले जेल से निकला था। अर्जुन पाहन की दो पत्नियां है। पहली पत्नी बुंडू के निउरी गाँव का है। दूसरी पत्नी राऊता गाँव का ही है। दो पत्नी की एक-एक बेटी है। रविवार को 19 वर्षीय साली आरती कुमारी की सगाई थी। सगाई में पहली पत्नी के साथ अर्जुन पाहन शामिल होने आया था। सगाई के बाद सोमवार को दोनों का शव मिला है।
सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों का तांडव,अवैध स्क्रैप टाल के पीछे चोरी का खेल।
सरायकेला/कांड्रा
स्थानीय थाना खामोश पुलिस व प्रशासन पर उठ रहे सवाल।
थाना से महज कुछ ही दूरी पर हो रहा अवैध टाल का संचालन
इन दिनों सरायकेला-खरसावां जिले में भ्रष्टाचारियों, अपराधियों ने मानो तांडव मचा रखा है कहीं दिनदहाड़े फायरिंग हो जाती है तो कहीं पूरे भारत में गैस की किल्लत होने के बावजूद भी भ्रष्टाचारी गैस की चोरी करने से बाज नहीं आते तो कहीं दिनदहाड़े युवक पर चपड़ से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया जाता है और इतना ही नहीं इन दिनों अवैध स्क्रैप का संचालन करके जिले में अपराध को बढ़ावा देने का कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं जी हां आपने सही पढ़ा अवैध स्क्रैप टाल का संचालन धड़ले से सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है जिसकी सुध लेने वाला कोईभी नहीं है।
अवैध स्क्रैप टाल
और इसमें मजेदार बात यह है कि यह अवैध स्क्रैप टाल कांड्रा थाना से महज कुछ ही दूरी पर संचालित किया जा रहा है। और इतना ही नहीं यह अवैध टाल उस रास्ते के किनारे संचालित किया जा रहा है जिस रास्ते से लगभग लगभग जिले के तमाम अधिकारियों का आना-जाना मानो लगा ही रहता है।
वहीं इस मामले पर सूत्र बताते हैं कि इस स्क्रैप टाल में कार्य करने वाले एक मजदूर को जेल भी भेजा गया था और वह भी रेलवे पटरी चोरी कर बेचने के मामले में।
सूत्रों ने यह भी बताया है कि कहीं ना कहीं यह अवैध स्क्रैप टाल नजदीकी थाना पुलिस की मिली भगत से संचालित किया जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त स्क्रैप टाल में चोरी की हुई वस्तुओं की खरीद बिक्री की जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाल संचालक ज्यादातर फरार ही रहते हैं टाल संचालक ने अपनी गैर मौजूदगी में सारा काम संचालित करने हेतु कुछ मजदूर भी नियुक्त किए हैं जो की सारा कार्यभार संभालते हैं।
सूत्रों का कहना है कि आए दिन चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी होती दिख रही है आए दिन हमें सोशल मीडिया के माध्यम से अखबारों के माध्यम से न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से अथवा टीवी चैनलों के माध्यम से ऐसी चोरी की घटनाएं निकाल कर सामने आ रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से चोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।
सवालों के घेरे में स्थानीय थाना
थाना से महज कुछ भी दूरी पर अवैध स्क्रैप टाल का संचालक होना कहीं ना कहीं स्थानीय थाना की मिली भगत दर्शाती है साथ ही सरायकेला खरसावां का मुख्य सड़क के किनारे ही इस तरह का अवैध टाल संचालन होना कहीं ना कहीं पुरी प्रशासन को भी सवाल के घेरे में खड़ा कर रही है।
भविष्य में किसी बड़ी अपराध का संकेत
सूत्र बताते हैं कि यह अवैध टाल में चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री की सूचनाओं लगातार मिल रही है जिससे कि कहीं ना कहीं आगे आने वाले समय में कोई बड़ा अपराध घटित होने की संभावना बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर इन अपराधियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, आखिर पुलिस प्रशासन इन अपराधियों पर कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है, क्या अपराधी पुलिस व प्रशासन से ज्यादा बलशाली हैं या फिर ज्यादा चतुर हैं या फिर ज्यादा पावरफुल है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पुलिस व प्रशासन जिले में अपराध को बढ़ावा देने वाले अपराधियों पर आखिर कब तक लगाम लगा पाती है।
धाधकीडीह में जल मिनार का तीन सोलर अज्ञात चोरों ने किया चोरी।
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान माहतो )
ईचागढ़ थाना क्षेत्र के धाधकीडीह में गुरुवार की आधी रात को सौर उर्जा संचालित जलमीनार का तीन सोलर को अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया। सुचना मिलते ही शुक्रवार को मुखिया बिपिन सिंह मुण्डा घटनास्थल पर पहुंचे और मामले के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।
वहीं मुखियाबिपिन सिंह मुण्डा ने बताया कि 15 वी वित्त आयोग द्वारा सोलर चालित जलमिनार लगाया गया था। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा सुचना मिलते ही चोरी की घटना का जानकारी लिया गया। उन्होंने कहा कि अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि गर्मी का समय में ग्रामीणों को पेय जल का आपुर्ती कराया जा रहा था। सोलर पैनल चोरी होने से ग्रामीणों को पेयजल का संकट से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना ईचागढ़ थाना को दिया जाएगा।
पथ विभाग की लापारवाही की वजह, जनप्रतिनिधिके उपेक्षा का शिकार बनी पिटकी रेलवे फाटक्, जनतापरेशान।
सरायकेला/चांडिल
टाटा पुरूलिया एन एच 18,पर स्थित चांडिल स्टेशन और नीमडीह थाना के बीच रेल,सड़क संगम स्थल पर पितकी फाटक के दोनों छोर में वाहन जाम से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। ज्ञात हो कि राज्य के दो अधौगिक टाटा , बोकारो, घनवाद पश्चिम बंगाल दुर्गापुर आसनसोल, जोड़ता है। पथ विभाग की लापारवाही की वजह, एवं जनप्रतिनिधि के उपेक्षा का शिकार बनी रेलवे फाटक और जनता परेशान।
नीमडीह प्रखंड क्षेत्र के पितकी रेलवे फाटक पर पिछले कई दिनों से लगातार वाहन जाम की सिलसिला जारी है।रेल ,सड़क पथ पर वाहन जाम से दिनचर्या भी प्रभावित होता है, वाहन जाम से वाहन चालक राहगीर की भयावह स्थिति बनी हुई है। रेल सड़क पर में पर रेल पथ में वाहन की संख्या बढ़ी।
बुधवार सुबह करीब 9 बजे से फाटक के दोनों ओर करीब 5-5 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है. जिससे टाटा– पुरुलिया– धनबाद मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. हालात इतने गंभीर हो गए कि छोटे-बड़े वाहनों के साथ-साथ ट्रक चालक घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं।
हालात दिया है कि जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग रहीं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार फाटक बंद होने और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है. वही पितकी रेलवे फाटक पर लगातार लग रहे जाम का असर लंबी दूरी की बस सेवाओं पर भी साफ देखा जा रहा है. टाटा–पुरुलिया–धनबाद, बोकारो और आसनसोल रूट पर बसों का परिचालन लगभग ठप हो गया है। अधिकतर बसें अब पटमदा और बड़ा बाजार को लंबा और असुविधाजनक सफर तय करना पड़ रहा है।