कालोनीवासियों की आपत्ति के बाद पैदल मार्ग खोलने का निर्णय, प्रबंधन ने अपनाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया।

कालोनीवासियों की आपत्ति के बाद पैदल मार्ग खोलने का निर्णय, प्रबंधन ने अपनाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया।

सरायकेला/गम्हरिया

टाटा लॉन्ग प्रोडक्ट्स से संबंधित कालोनी में कर्मचारियों एवं कालोनीवासियों के लिए लंबे समय से उपयोग किए जा रहे पैदल आवागमन मार्ग को बंद किए जाने के प्रस्ताव पर कालोनीवासियों द्वारा दर्ज कराई गई विधिसम्मत आपत्ति के बाद मामले का सकारात्मक समाधान निकल आया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और कालोनीवासियों के आग्रह के बाद कंपनी प्रबंधन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सर्वे कराकर रास्ते को खुला रखने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को पत्राचार संख्या 59/2026-27 के माध्यम से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, सरायकेला-खरसावां, झारखंड को पूरे मामले की जानकारी देते हुए कालोनीवासियों की आपत्ति से अवगत कराया गया था। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन से सर्वे के माध्यम से कालोनीवासियों की राय लेने का अनुरोध किया गया।

प्रबंधन ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए एक निर्धारित प्रारूप पर कालोनीवासियों से राय ली। सर्वे में संबंधित व्यक्ति का नाम, मकान संख्या, कर्मचारी आईडी संख्या एवं मोबाइल नंबर दर्ज कर हस्ताक्षर लिए गए। इसमें कालोनीवासियों से यह राय मांगी गई कि संबंधित पैदल मार्ग को बंद रखा जाए अथवा खुला रखा जाए।

सर्वे में कालोनीवासियों के बहुमत की राय रास्ते को खुला रखने के पक्ष में रही। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन ने पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया। इस निर्णय से कर्मचारियों और कालोनीवासियों में खुशी का माहौल है।

हालांकि, प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पैदल मार्ग पर ताला लगाने का सुझाव दिया गया। इस पर बैठक में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अजय कुमार शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पूर्व में इस मार्ग को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था थी और उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए।

उन्होंने प्रबंधन का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि कर्मचारियों की ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर लौटने का सामान्य समय रात लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच होता है, जबकि सुबह की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का आवागमन लगभग 5 बजे से 5:30 बजे के बीच शुरू हो जाता है। ऐसे में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रास्ता बंद करने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

अजय कुमार शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से रास्ते की निगरानी आवश्यक है, तो वहां एक सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जा सकती है। सुरक्षा कर्मी कर्मचारियों के आईडी कार्ड की जांच कर सकते हैं। किसी कर्मचारी के अतिथि के आने की स्थिति में संबंधित मकान मालिक से मोबाइल फोन पर संपर्क कर अनुमति देने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी और कालोनीवासियों के आवागमन में भी बाधा नहीं आएगी।

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया गया।

अरुणोदय क्लब का भी किया गया निरीक्षण

इसी बैठक के दौरान अजय कुमार शर्मा ने प्रबंधन के समक्ष अरुणोदय क्लब के संचालन से संबंधित एक विशेष विषय भी रखा। उनके आग्रह पर प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अरुणोदय क्लब का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लब के मुखिया अखिलेश भी मौके पर उपस्थित थे।

बैठक का नेतृत्व प्लांट हेड श्री प्रमोद जी ने किया। कर्मचारियों की ओर से अजय कुमार शर्मा ने प्रतिनिधित्व किया। प्रबंधन की ओर से एडमिनिस्ट्रेशन हेड श्री महेन्द्र सिंह, सिक्योरिटी हेड श्री आकाश जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों की ओर से शैलेश तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, पवन सिंह तथा टाटा मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष श्री दिनेश उपाध्याय जी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।

कालोनीवासियों की आपत्ति के बाद पैदल मार्ग खोलने का निर्णय, प्रबंधन ने अपनाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया

गम्हरिया/आदित्यपुर, 2 अक्टूबर 2026।
टाटा लॉन्ग प्रोडक्ट्स से संबंधित कालोनी में कर्मचारियों एवं कालोनीवासियों के लिए लंबे समय से उपयोग किए जा रहे पैदल आवागमन मार्ग को बंद किए जाने के प्रस्ताव पर कालोनीवासियों द्वारा दर्ज कराई गई विधिसम्मत आपत्ति के बाद मामले का सकारात्मक समाधान निकल आया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और कालोनीवासियों के आग्रह के बाद कंपनी प्रबंधन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सर्वे कराकर रास्ते को खुला रखने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को पत्राचार संख्या 59/2026-27 के माध्यम से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, सरायकेला-खरसावां, झारखंड को पूरे मामले की जानकारी देते हुए कालोनीवासियों की आपत्ति से अवगत कराया गया था। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन से सर्वे के माध्यम से कालोनीवासियों की राय लेने का अनुरोध किया गया।

प्रबंधन ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए एक निर्धारित प्रारूप पर कालोनीवासियों से राय ली। सर्वे में संबंधित व्यक्ति का नाम, मकान संख्या, कर्मचारी आईडी संख्या एवं मोबाइल नंबर दर्ज कर हस्ताक्षर लिए गए। इसमें कालोनीवासियों से यह राय मांगी गई कि संबंधित पैदल मार्ग को बंद रखा जाए अथवा खुला रखा जाए।

सर्वे में कालोनीवासियों के बहुमत की राय रास्ते को खुला रखने के पक्ष में रही। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन ने पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया। इस निर्णय से कर्मचारियों और कालोनीवासियों में खुशी का माहौल है।

हालांकि, प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पैदल मार्ग पर ताला लगाने का सुझाव दिया गया। इस पर बैठक में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अजय कुमार शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पूर्व में इस मार्ग को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था थी और उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए।

उन्होंने प्रबंधन का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि कर्मचारियों की ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर लौटने का सामान्य समय रात लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच होता है, जबकि सुबह की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का आवागमन लगभग 5 बजे से 5:30 बजे के बीच शुरू हो जाता है। ऐसे में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रास्ता बंद करने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

अजय कुमार शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से रास्ते की निगरानी आवश्यक है, तो वहां एक सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जा सकती है। सुरक्षा कर्मी कर्मचारियों के आईडी कार्ड की जांच कर सकते हैं। किसी कर्मचारी के अतिथि के आने की स्थिति में संबंधित मकान मालिक से मोबाइल फोन पर संपर्क कर अनुमति देने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी और कालोनीवासियों के आवागमन में भी बाधा नहीं आएगी।

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया गया।

अरुणोदय क्लब का भी किया गया निरीक्षण

इसी बैठक के दौरान अजय कुमार शर्मा ने प्रबंधन के समक्ष अरुणोदय क्लब के संचालन से संबंधित एक विशेष विषय भी रखा। उनके आग्रह पर प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अरुणोदय क्लब का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लब के मुखिया अखिलेश भी मौके पर उपस्थित थे।

बैठक का नेतृत्व प्लांट हेड श्री प्रमोद जी ने किया। कर्मचारियों की ओर से अजय कुमार शर्मा ने प्रतिनिधित्व किया। प्रबंधन की ओर से एडमिनिस्ट्रेशन हेड श्री महेन्द्र सिंह, सिक्योरिटी हेड श्री आकाश जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों की ओर से शैलेश तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, पवन सिंह तथा टाटा मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष श्री दिनेश उपाध्याय जी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना

पैदल मार्ग खोलने के निर्णय के बाद कर्मचारियों में संतोष और खुशी का माहौल है। अजय कुमार शर्मा ने कर्मचारियों की एकजुटता और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कंपनी प्रबंधन द्वारा कालोनीवासियों की राय जानने के लिए सर्वे की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद एवं आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान निकालना औद्योगिक संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रबंधन इसी प्रकार संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा।

पैदल मार्ग का खुलना कर्मचारियों के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और प्रबंधन-कर्मचारी संवाद के बीच संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण भी माना जा रहा है।



पैदल मार्ग खोलने के निर्णय के बाद कर्मचारियों में संतोष और खुशी का माहौल है। अजय कुमार शर्मा ने कर्मचारियों की एकजुटता और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कंपनी प्रबंधन द्वारा कालोनीवासियों की राय जानने के लिए सर्वे की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद एवं आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान निकालना औद्योगिक संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रबंधन इसी प्रकार संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा।

पैदल मार्ग का खुलना कर्मचारियों के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और प्रबंधन-कर्मचारी संवाद के बीच संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण भी माना जा रहा है।

गम्हरिया प्रखंड परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी जयंती पर श्रद्धांजलि. फूलकांत झा ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन।

गम्हरिया प्रखंड परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी जयंती पर श्रद्धांजलि. फूलकांत झा ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन।

सरायकेला/गम्हरिया

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर गम्हरिया प्रखंड परिसर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फूलकांत झा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बापू जी की प्रतिमा पर फूल माला पहनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन. सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और मानवता के लिए शांति, समानता एवं भाईचारे का संदेश दिया. गांधी जी के विचार आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, समाज में सद्भाव बनाए रखने और राष्ट्रहित में मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं.

वहीं इस मौके पर, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की भी जयंती पर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई.

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न, सादगी और ईमानदारी की मिसाल श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन. स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रसेवा तक, शास्त्री जी का जीवन त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा.
‘जय जवान, जय किसान’ का उनका संदेश देश के अन्नदाताओं और वीर जवानों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है. शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा की विरासत को सदैव स्मरण किया जाएगा.
इस मौके पर मुख्य रूप से गम्हरिया प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा, प्रखंड महासचिव सचिव धनंजय गोप, प्रकाश झा, सूरज महतो और अन्य लोग उपस्थित थे.

चित्रगुप्त महासमिति ने जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि।

चित्रगुप्त महासमिति ने जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि।

सरायकेला/गम्हरिया

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के अवसर पर चित्रगुप्त महासमिति की ओर से कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। गम्हरिया के चित्रगुप्त भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम उपस्थित सदस्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव ने लोगों से गांधी और शास्त्री के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के बल पर देश को आजादी की राह दिखाई। उनके विचार आज भी दुनिया को शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देते हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री सादगी, ईमानदारी, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देश की सुरक्षा और समृद्धि में जवानों तथा किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। कार्यक्रम को समिति के महासचिव संजय कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद कर्ण आदि ने भी संबोधित किया।

इस मौके पर कोषाध्यक्ष अभय लाभ, भूदेव वर्मा, आशीष कुमार श्रीवास्तव, केपी श्रीवास्तव, अमित कुमार, योगेश्वर कुमार सिन्हा, सुभाष चंद्र दास, प्रभाष चंद्र श्रीवास्तव, मुकेश कुमार समेत कई सदस्य उपस्थित थे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गम्हरिया में 3-बेड वाले डायलिसिस सेंटर का उपायुक्त ने किया शुभारंभ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गम्हरिया में 3-बेड वाले डायलिसिस सेंटर का उपायुक्त ने किया शुभारंभ।

सरायकेला/गम्हरिया

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गम्हरिया में The Hans Foundation के सहयोग से स्थापित 3-बेड वाले डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), गम्हरिया एवं The Hans Foundation के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

उक्त डायलिसिस सेंटर के माध्यम से क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सरायकेला सदर अस्पताल में पूर्व से ही मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब गम्हरिया में भी यह सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र के जरूरतमंद डायलिसिस मरीजों को अपने निकट निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं मरीजों को सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी राजनगर, तिरुलडीह समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डायलिसिस सेंटर प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उपायुक्त ने CHC की विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का किया निरीक्षण

डायलिसिस सेंटर के शुभारंभ के उपरांत उपायुक्त द्वारा CHC, गम्हरिया के विभिन्न वार्डों, महिला एवं पुरुष मरीज वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन कक्ष, दवा भंडार कक्ष, प्रयोगशाला सहित विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के क्रम में पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन तथा सुधार से संबंधित बिंदुओं की जानकारी ली गई।

उपायुक्त ने मरीजों एवं आमजनों को सुगम, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण एवं आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में CHC परिसर की टूटी हुई चारदीवारी की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही केंद्र परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए समुचित एवं सुविधाजनक बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया। मरीजों के साथ सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आमजनों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए परिसर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों में आवश्यक सूचना प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। साथ ही उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो सके।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

सरायकेला/गम्हरिया

टायो रोल्स लिमिटेड के कामगारों के रोजगार, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए कोल्हान मजदूर यूनियन एवं टायो मजदूर यूनियन ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन का ऐलान किया है।

यूनियन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार 20 सितंबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे “मजदूर जागरूकता अभियान – मानव श्रृंखला” का आयोजन किया जाएगा।

यह मानव श्रृंखला खरकई पुल (गम्हरिया बाजार) से टायो रोल्स लिमिटेड गेट तक बनाई जाएगी।

यूनियन ने क्या कहा?

यूनियन के नेताओं ने बताया कि टायो रोल्स सहित कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बंद होने से हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

> “श्रम और पूंजी एक-दूसरे के पूरक हैं। श्रमिकों के बिना उद्योग नहीं चल सकता और उद्योग के बिना श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए उद्योग के विकास के साथ मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी जरूरी है।”

यूनियन ने सभी कामगार साथियों, उनके परिवार और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर एकता का परिचय दें।

कार्यक्रम का विवरण:
– दिनांक: 20 सितंबर 2026, रविवार
– समय: प्रातः 10:00 बजे
– मार्ग: गम्हरिया बाजार / खरकई पुल से टायो गेट तक
– निवेदक: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन

मुख्य नारे – रोजगार बचाओ, मजदूर बचाओ, मजदूर एकता जिंदाबाद, हमारा हक हमारी आवाज हमारी एकता।

गम्हरिया के बलरामपुर में बड़ी चोरी: सूने घर से 30 लाख के जेवर और नकदी गायब।

गम्हरिया के बलरामपुर में बड़ी चोरी: सूने घर से 30 लाख के जेवर और नकदी गायब।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया थाना क्षेत्र के बलरामपुर में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बदमाश घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने और हजारों रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक आशुतोष कुमार अपने परिवार के साथ 2011 से यहां रह रहे हैं। मंगलवार की शाम वे सभी किसी परिचित के घर आयोजित जन्मदिन की पार्टी में गए थे। रात में भारी बारिश होने की वजह से परिवार वहीं ठहर गया। बुधवार सुबह जब वे वापस लौटे तो घर का नजारा देखकर सन्न रह गए।

मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ था और अंदर दोनों कमरों का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। अटैची, बक्से खुले थे, कपड़े इधर-उधर बिखरे थे और जेवरात के खाली डिब्बे जमीन पर पड़े मिले। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोर करीब 30 लाख रुपये से अधिक के आभूषण और 28 हजार रुपये नकद ले गए हैं। बताया जा रहा है कि ये गहने दो भाइयों के परिवार के संयुक्त थे।

परिवार को शक है कि चोरी रात 8:30 से 9:20 के बीच हुई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि नजर आई है।

बताया गया कि हाल में मां के सड़क दुर्घटना में जख्मी होने के चलते परिवार को अक्सर सरायकेला भी जाना पड़ रहा था।

घटना की सूचना पर गम्हरिया पुलिस मौके पर पहुंची, छानबीन की और सबूत एकत्र किए। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

मनसा पूजा के अवसर पर छोटा गम्हरिया में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

मनसा पूजा के अवसर पर छोटा गम्हरिया में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

सरायकेला/छोटा गम्हरिया

छोटा गम्हरिया में आयोजित मनसा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष 1963 से आयोजित हो रही इस पारंपरिक पूजा में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर माता मनसा की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु उत्साह के साथ पूजा कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

मनसा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पूजा कई वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस आयोजन के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती है।

पूजा आयोजन में संस्थापक स्वर्गीय राधानाथ मोदक, स्वर्गीय राखोहरि मोदक एवं स्वर्गीय आदोरी बाला मोदक के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वहीं मंदिर समिति के सदस्यों में शंकर मोदक, दिवाकर मोदक, मनोरंजन मोदक एवं अभिषेक मोदक की महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं।

धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

सरायकेला/गम्हरिया

सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र इन दिनों प्रतिबंधित नशे का गढ़ बनता जा रहा है। चौक-चौराहों से लेकर सुनसान ठिकानों तक, दिन-दहाड़े शराब, गांजा और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की खुलेआम खरीद-बिक्री हो रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है और गम्हरिया पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।

सुत्रों से मिली के अनुसार, नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस का कोई खौफ ही नहीं रहा। शाम ढलते ही सरकारी शराब दुकानों के आस-पास नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। वहीं सड़क पर खुलेआम शराब पीना, गाली-गलौज और हंगामा आम बात हो गई है। इन्हीं शराब दुकानों और नशे के अड्डों के बगल से दिन के उजाले में स्कूली बच्चे, महिलाएं और फैक्ट्री जाने वाले मजदूरों का रोजाना आना-जाना होता है। नशे में धुत लोगों की अश्लील हरकतों और अभद्रता से छात्राओं और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह जनहित और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। युवा पीढ़ी तेजी से इस जहर की गिरफ्त में आ रही है।

गम्हरिया थाना प्रभारी

सूत्र यह भी बताते हैं कि इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार गम्हरिया थाना में की जा चुकी है। लगातार सूचना देने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छापेमारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है, जबकि असली तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं।

वहीं इस मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गम्हरिया पुलिस इसी तरह सोती रही, तो आने वाले समय में गम्हरिया अपराध का अड्डा बन जाएगा। थाना प्रभारी की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? कंही यह मामला अगर नशे के कारोबारी और थाना प्रभारी की मिलीभगत तो नहीं?”
साथ इस मांगने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है।

गम्हरिया की आम जनता ने जिले के पुलिस अधीक्षक, सरायकेला और आबकारी विभाग से जोरदार मांग की है कि –

1. गम्हरिया थाना क्षेत्र में अविलंब विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए।

2. नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. सरकारी शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में खुलेआम शराब पीने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो और वहां पुलिस की नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाए।

4. गम्हरिया थाना प्रभारी की इस लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी पर उच्चस्तरीय जांच हो।

जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेते हैं और गम्हरिया को नशे के इस दलदल से कब मुक्त कराते हैं।

स्वर सम्राट किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर गम्हरिया में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनिल ठाकुर बने मुख्य अतिथि।

स्वर सम्राट किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर गम्हरिया में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनिल ठाकुर बने मुख्य अतिथि।

सरायकेला/गम्हरिया

स्वर सम्राट एवं महान पार्श्वगायक किशोर कुमार की 97वीं जयंती के अवसर पर भारती विविध कला मंदिर, गम्हरिया द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंटक जिला अध्यक्ष एवं गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अनिल ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि अनिल ठाकुर का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया। वहीं इंटक जिला महासचिव राजू रजक को भी बुके देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि अनिल ठाकुर ने कहा कि किशोर कुमार केवल एक महान पार्श्वगायक ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी मधुर आवाज और सदाबहार गीत आज भी हर पीढ़ी के लोगों के दिलों में जीवंत हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे महान कलाकारों की जयंती मनाना नई पीढ़ी को उनकी कला और योगदान से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है। इस अवसर पर इंटक महिला जिला अध्यक्ष रानी शर्मा, उर्मिला देवी मंडल, अध्यक्ष संजीव कुमार दास, अध्यक्ष अर्जुन दास, कोसा अध्यक्ष अर्जुन दास तथा छोटा गम्हरिया वार्ड पार्षद अजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण उनके अमर गीतों से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का समापन महान पार्श्वगायक किशोर कुमार को सामूहिक श्रद्धांजलि एवं उनके अमूल्य योगदान को नमन करते हुए किया गया।

गम्हरिया लाल बिल्डिंग परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर क्षामुमो नेता के.पी सोरेन ने दी श्रद्धांजलि।

गम्हरिया लाल बिल्डिंग परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर क्षामुमो नेता के.पी सोरेन ने दी श्रद्धांजलि।

सरायकेला/गम्हरिया

सोनू कुमार सिंह

गम्हरिया स्थित लाल बिल्डिंग परिसर में झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ नेता फूलकांत झा के नेतृत्व में किया गया। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षामुमो के वरिष्ठ नेता के.पी सोरेन उपस्थित हो कर दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अपने संबोधन में के.पी सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का पूरा जीवन आदिवासी, शोषित, वंचित समाज के उत्थान और झारखंड के हक-अधिकार के लिए संघर्ष में समर्पित रहा। उनका त्याग, संघर्ष और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से इंद्रकांत झा, गोविंद पाठक, देवव्रत कुमार दास, अरुण कुमार दास, अपन चंद्रा, महावीर गोराई, सुफल गोराई, राधेश्याम महतो, पंकज अग्रवाल, दीपक झा, शंकर शर्मा, कृपा जी, रूपेश, लाल महतो सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

इसके साथ ही लाल बिल्डिंग बाजार के सभी दुकान संचालकों, व्यवसायियों और सब्जी विक्रेताओं ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरा माहौल भावुक और श्रद्धामय बना रहा।

गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी ने बच्चों के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर सी.आई. को सौंपा आपत्ति पत्र।

गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी ने बच्चों के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर सी.आई. को सौंपा आपत्ति पत्र।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने छोटा गम्हरिया स्थित बानी विद्या स्कूल के बच्चों के खेल मैदान पर प्रस्तावित मेधा मिल्क बूथ निर्माण के विरुद्ध शुक्रवार को अंचल कार्यालय, गम्हरिया पहुंचकर अपना आपत्ति पत्र सौंपा। अंचल अधिकारी (सी.ओ.) के अवकाश पर रहने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन अंचल निरीक्षक (सी.आई.) को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि जिस भूमि पर मेधा मिल्क बूथ निर्माण का प्रस्ताव है, वह वर्षों से बानी विद्या स्कूल के बच्चों के खेल मैदान के रूप में उपयोग में लाई जाती रही है। यदि इस भूमि पर निर्माण कराया जाता है तो बच्चों के खेलने का एकमात्र मैदान समाप्त हो जाएगा, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए उक्त स्थल पर निर्माण कार्य रोकने तथा मेधा मिल्क बूथ के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित करने की मांग की।

इस अवसर पर गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अनिल ठाकुर, जिला महासचिव राजू रजक, गम्हरिया प्रखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष उर्मिला देवी तथा विनय सिंह उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जनहित एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए उनकी आपत्ति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

विजय श्री ऑटो में झामुमो का प्रदर्शन, त्रिपक्षीय वार्ता के बाद न्यूनतम मजदूरी पर बनी सहमति।

विजय श्री ऑटो में झामुमो का प्रदर्शन, त्रिपक्षीय वार्ता के बाद न्यूनतम मजदूरी पर बनी सहमति।

सरायकेला/गम्हरिया

पूरा भारत या फिर यूं कहें की पूरी दुनिया बगैर मजदूर के कार्यविहीन हैं। मजदूर चाहे निचले स्तर के हो या ऊंचे स्तर के हो हर कोई इस दुनिया में अलग-अलग रूप में अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग संस्थानों में मजदूरी करता ही है। लेकिन ज्यादातर निचले स्तर के मजदूरों का शोषण होने की खबर आए दिन हमें और आपको मिलते रहती है।

ऐसा ही एक मामला गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित विजय श्री ऑटोकम लिमिटेड कंपनी में देखने को मिला है जहां पर कई वर्षों से मेहनत कर रहे हैं मजदूरों को उनके न्यूनतम दर न देने का मामला चर्चाओं में बना हुआ है जिस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद की और मजदूरों का हक दिलाने के लिए डटे रहे।

सोमवार को मजदूरों ने पूरे दिन प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन किया और शाम करीब 5:00 बजे आयोजित तृतीय वार्ता में प्रबंधन को झुकना पड़ा। भारी दबाव के बाद कंपनी ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई, पीएफ और बोनस सहित अन्य बकाया राशि देने के लिए हस्ताक्षरित अनुमति दी। इधर, मजदूरों और नेताओं के माने तो यहां लगभग 400 कामगार काम करते हैं, जिन्हें पिछले कई वर्षों से न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है।

वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष भोमरा मांझी और वरिष्ठ नेता के अलावा इसरो के अध्यक्ष रूपेश कटिहार, उपाध्यक्ष विकास गर्ग,सचिव गौतम महायत्रा ,राजीव कुमार, लेबर इंस्पेक्टर रूबी कुमारी, झामुमो के नेता गणेश महाली और कंपनी प्रबंधन के उच्च पदाधिकारियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से झामुमो के नेता गणेश चौधरी, जिला अध्यक्ष डॉ. सुवेंदु महतो, प्रखंड अध्यक्ष भोमरा मांझी, नगर अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान, अमृत महतो , कृष्ण बास्के, बबलू प्रधान, शंकर मुखी, जगदीश महतो सहित सैकङों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

समझौते के अनुसार, कंपनी ने स्किल्ड और अनस्किल्ड वर्करों को श्रेणीवार विभाजित कर श्रम अधिनियम के तहत न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही जिन मजदूरों को अब तक न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन दिया जा रहा था, उनके बकाया भुगतान, ईएसआई, पीएफ और बोनस की भी व्यवस्था पर प्रबंधन ने हामी भरी।

हालाँकि वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, पर सरायकेला–खरसावाँ के जिला लेबर कमिश्नर (डीएलसी) अविनाश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जिन मजदूरों को अब तक न्यूनतम मजदूरी से कम मिलती रही, वे अपने बकाया के लिए डीएलसी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या आवश्यक होने पर न्यायालयीन डिका में अपना दावा दाखिल कर सकते हैं। डीएलसी ने बताया कि समझौते के बावजूद जिस किसी मजदूर को भुगतान में गड़बड़ी महसूस हो, उसके पास विधिक विकल्प मौजूद हैं। डीएलसी कार्यालय पर दावा दर्ज कराने या श्रम अदालत में अपील कर सकते है।

मजदूरों ने प्रारंभिक रूप से समझौते का स्वागत किया और आंदोलन समाप्त कर दिया, पर स्थानीय नेता और मजदूर समुदाय अभी भी प्रबंधन के वादों पर नजर रखे हुए हैं। वे जल्द ही बकाया भुगतान और नियमित वेतन सुनिश्चित होने तक सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

इसरो के अध्यक्ष रूपेश कटिहार ने बताया कि मजदूर की समस्याओं का समाधान करते हुए आज सौहार्दपूर्ण वातावरण में समझौता संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि प्रबंधन की जो कुछ कमी थी, उसे दूर कर दिया गया है। अब मजदूरों का जो हक बनता है उसे प्रबंधन देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और मजदूर दोनों एक दूसरे का पूरक हैं इसलिए औद्योगिक शांति और क्षेत्र के विकास के लिए आपसी तालमेल बनाकर औद्योगिक विकास के लिए काम करेंगे।

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