सरायकेला/गम्हरिया
टाटा लॉन्ग प्रोडक्ट्स से संबंधित कालोनी में कर्मचारियों एवं कालोनीवासियों के लिए लंबे समय से उपयोग किए जा रहे पैदल आवागमन मार्ग को बंद किए जाने के प्रस्ताव पर कालोनीवासियों द्वारा दर्ज कराई गई विधिसम्मत आपत्ति के बाद मामले का सकारात्मक समाधान निकल आया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और कालोनीवासियों के आग्रह के बाद कंपनी प्रबंधन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सर्वे कराकर रास्ते को खुला रखने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को पत्राचार संख्या 59/2026-27 के माध्यम से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, सरायकेला-खरसावां, झारखंड को पूरे मामले की जानकारी देते हुए कालोनीवासियों की आपत्ति से अवगत कराया गया था। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन से सर्वे के माध्यम से कालोनीवासियों की राय लेने का अनुरोध किया गया।
प्रबंधन ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए एक निर्धारित प्रारूप पर कालोनीवासियों से राय ली। सर्वे में संबंधित व्यक्ति का नाम, मकान संख्या, कर्मचारी आईडी संख्या एवं मोबाइल नंबर दर्ज कर हस्ताक्षर लिए गए। इसमें कालोनीवासियों से यह राय मांगी गई कि संबंधित पैदल मार्ग को बंद रखा जाए अथवा खुला रखा जाए।
सर्वे में कालोनीवासियों के बहुमत की राय रास्ते को खुला रखने के पक्ष में रही। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन ने पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया। इस निर्णय से कर्मचारियों और कालोनीवासियों में खुशी का माहौल है।
हालांकि, प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पैदल मार्ग पर ताला लगाने का सुझाव दिया गया। इस पर बैठक में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अजय कुमार शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पूर्व में इस मार्ग को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था थी और उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रबंधन का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि कर्मचारियों की ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर लौटने का सामान्य समय रात लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच होता है, जबकि सुबह की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का आवागमन लगभग 5 बजे से 5:30 बजे के बीच शुरू हो जाता है। ऐसे में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रास्ता बंद करने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अजय कुमार शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से रास्ते की निगरानी आवश्यक है, तो वहां एक सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जा सकती है। सुरक्षा कर्मी कर्मचारियों के आईडी कार्ड की जांच कर सकते हैं। किसी कर्मचारी के अतिथि के आने की स्थिति में संबंधित मकान मालिक से मोबाइल फोन पर संपर्क कर अनुमति देने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी और कालोनीवासियों के आवागमन में भी बाधा नहीं आएगी।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया गया।
अरुणोदय क्लब का भी किया गया निरीक्षण
इसी बैठक के दौरान अजय कुमार शर्मा ने प्रबंधन के समक्ष अरुणोदय क्लब के संचालन से संबंधित एक विशेष विषय भी रखा। उनके आग्रह पर प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अरुणोदय क्लब का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लब के मुखिया अखिलेश भी मौके पर उपस्थित थे।
बैठक का नेतृत्व प्लांट हेड श्री प्रमोद जी ने किया। कर्मचारियों की ओर से अजय कुमार शर्मा ने प्रतिनिधित्व किया। प्रबंधन की ओर से एडमिनिस्ट्रेशन हेड श्री महेन्द्र सिंह, सिक्योरिटी हेड श्री आकाश जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों की ओर से शैलेश तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, पवन सिंह तथा टाटा मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष श्री दिनेश उपाध्याय जी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।
कालोनीवासियों की आपत्ति के बाद पैदल मार्ग खोलने का निर्णय, प्रबंधन ने अपनाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया
गम्हरिया/आदित्यपुर, 2 अक्टूबर 2026।
टाटा लॉन्ग प्रोडक्ट्स से संबंधित कालोनी में कर्मचारियों एवं कालोनीवासियों के लिए लंबे समय से उपयोग किए जा रहे पैदल आवागमन मार्ग को बंद किए जाने के प्रस्ताव पर कालोनीवासियों द्वारा दर्ज कराई गई विधिसम्मत आपत्ति के बाद मामले का सकारात्मक समाधान निकल आया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और कालोनीवासियों के आग्रह के बाद कंपनी प्रबंधन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सर्वे कराकर रास्ते को खुला रखने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को पत्राचार संख्या 59/2026-27 के माध्यम से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, सरायकेला-खरसावां, झारखंड को पूरे मामले की जानकारी देते हुए कालोनीवासियों की आपत्ति से अवगत कराया गया था। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन से सर्वे के माध्यम से कालोनीवासियों की राय लेने का अनुरोध किया गया।
प्रबंधन ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए एक निर्धारित प्रारूप पर कालोनीवासियों से राय ली। सर्वे में संबंधित व्यक्ति का नाम, मकान संख्या, कर्मचारी आईडी संख्या एवं मोबाइल नंबर दर्ज कर हस्ताक्षर लिए गए। इसमें कालोनीवासियों से यह राय मांगी गई कि संबंधित पैदल मार्ग को बंद रखा जाए अथवा खुला रखा जाए।
सर्वे में कालोनीवासियों के बहुमत की राय रास्ते को खुला रखने के पक्ष में रही। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन ने पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया। इस निर्णय से कर्मचारियों और कालोनीवासियों में खुशी का माहौल है।
हालांकि, प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पैदल मार्ग पर ताला लगाने का सुझाव दिया गया। इस पर बैठक में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अजय कुमार शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पूर्व में इस मार्ग को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था थी और उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रबंधन का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि कर्मचारियों की ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर लौटने का सामान्य समय रात लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच होता है, जबकि सुबह की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का आवागमन लगभग 5 बजे से 5:30 बजे के बीच शुरू हो जाता है। ऐसे में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रास्ता बंद करने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अजय कुमार शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से रास्ते की निगरानी आवश्यक है, तो वहां एक सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जा सकती है। सुरक्षा कर्मी कर्मचारियों के आईडी कार्ड की जांच कर सकते हैं। किसी कर्मचारी के अतिथि के आने की स्थिति में संबंधित मकान मालिक से मोबाइल फोन पर संपर्क कर अनुमति देने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी और कालोनीवासियों के आवागमन में भी बाधा नहीं आएगी।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बैठक में सर्वसम्मति से पैदल मार्ग को खोलने का निर्णय लिया गया।
अरुणोदय क्लब का भी किया गया निरीक्षण
इसी बैठक के दौरान अजय कुमार शर्मा ने प्रबंधन के समक्ष अरुणोदय क्लब के संचालन से संबंधित एक विशेष विषय भी रखा। उनके आग्रह पर प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अरुणोदय क्लब का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लब के मुखिया अखिलेश भी मौके पर उपस्थित थे।
बैठक का नेतृत्व प्लांट हेड श्री प्रमोद जी ने किया। कर्मचारियों की ओर से अजय कुमार शर्मा ने प्रतिनिधित्व किया। प्रबंधन की ओर से एडमिनिस्ट्रेशन हेड श्री महेन्द्र सिंह, सिक्योरिटी हेड श्री आकाश जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों की ओर से शैलेश तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, पवन सिंह तथा टाटा मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष श्री दिनेश उपाध्याय जी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना
पैदल मार्ग खोलने के निर्णय के बाद कर्मचारियों में संतोष और खुशी का माहौल है। अजय कुमार शर्मा ने कर्मचारियों की एकजुटता और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कंपनी प्रबंधन द्वारा कालोनीवासियों की राय जानने के लिए सर्वे की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद एवं आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान निकालना औद्योगिक संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रबंधन इसी प्रकार संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा।
पैदल मार्ग का खुलना कर्मचारियों के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और प्रबंधन-कर्मचारी संवाद के बीच संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण भी माना जा रहा है।
पैदल मार्ग खोलने के निर्णय के बाद कर्मचारियों में संतोष और खुशी का माहौल है। अजय कुमार शर्मा ने कर्मचारियों की एकजुटता और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कंपनी प्रबंधन द्वारा कालोनीवासियों की राय जानने के लिए सर्वे की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद एवं आपसी सहमति से समस्याओं का समाधान निकालना औद्योगिक संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी प्रबंधन इसी प्रकार संवाद, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा।
पैदल मार्ग का खुलना कर्मचारियों के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और प्रबंधन-कर्मचारी संवाद के बीच संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण भी माना जा रहा है।













