माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा।

माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारी के निमित्त विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नीतिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक, सरायकेला–खरसावाँ मुकेश लुणायत द्वारा संयुक्त रूप से एनआईटी परिसर, कार्यक्रम स्थल, आगमन–प्रस्थान मार्ग (रूट लाइन) सहित विभिन्न संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, पार्किंग, सेफ रूम, नियंत्रण कक्ष सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

तैयारियों के क्रम में जियाडा (JIADA) स्थित सभागार में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि माननीय राष्ट्रपति महोदया के आगमन से पूर्व सभी तैयारियाँ दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएँ।

बैठक में रूट लाइन से संबंधित समस्त तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि आगमन–प्रस्थान मार्ग पर स्थित सभी विद्युत खंभों, झूलते हुए तारों एवं अन्य विद्युत संरचनाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त किया जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से संबंधित विभागों द्वारा स्थलीय जांच के उपरांत सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रमाण-पत्र दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। यातायात परिचालन को सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने हेतु आवश्यकता अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा थाना प्रभारी एवं नगर निगम के पदाधिकारियों को रूट लाइन में पड़ी किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री, मलबा अथवा क्षतिग्रस्त वाहनों को पूर्णतः हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि आगमन मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल अथवा तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, जिम्मेदारी एवं उच्च स्तर की संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करेंगे।

समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर रवि प्रकाश, उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच कोल्हान का विरोध तेज

सरायकेला-खरसावां

दलमा अभ्यारण्य परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज,रोपवे तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने इन परियोजनाओं का तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि पर्यटन विकास के नाम पर वन दोहन किया जा रहा है और ग्राम सभा की सहमति के बिना कार्य शुरू का आदेश देना कानून का उलंघन है।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि दलमा अभ्यारण्य को विश्व स्तरीय और “टूरिस्ट-फ्रेंडली” बनाने की पहल में वन विभाग स्थानीय समुदायों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की आड़ में जंगलों की कटाई, पर्यावरणीय संरचनाओं को नुकसान और वनाधिकार कानून की अवहेलना कर रहा है।

ग्राम सभा को दरकिनार कर काम शुरू होने का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने न तो किसी ग्राम सभा से लिखित सहमति ली और न ही परियोजना से जुड़े प्रभावों पर बातचीत की। ग्रामीणों के अनुसार, अभ्यारण्य क्षेत्र आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, जीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा है। ऐसे में बिना सहमति किसी भी तरह का निर्माण कार्य उनके अधिकारों का हनन है।

पर्यटन परियोजनाओं पर उठ रहे सवाल

प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और रोपवे परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है। श्री पहाड़ीया कहा कि कि हज़ारों पर्यटकों की आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण प्रभावित होगा और हाथियों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न होगा।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाडिया ने बताया कि भारी मशीनरी के उपयोग से पहाड़ी इलाके की संरचना प्रभावित भी होगी ।

पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,और निर्माण क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियाँ घटने लगी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार लिखित आपत्ति देने के बावजूद विभाग कोई जवाब नहीं दे रहा है।मंच ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजनाओं को तुरंत रोका नहीं गया और ग्राम सभाओं के साथ औपचारिक वार्ता नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न — अवैध खनन एवं परिवहन पर कठोर निगरानी, संलिप्त व्यक्तियों पर सख़्त कार्रवाई हेतु स्पष्ट निर्देश।

समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में जिला खनन पदाधिकारी श्री सतपथी द्वारा सितंबर एवं अक्टूबर माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध संचालित विशेष अभियानों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि इन अभियानों के दौरान 07 ट्रैक्टर, 03 जेसीबी, 01 ट्रक, 09 हाईवा, 02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं 02 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं। लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया तथा छह वाहनों से ₹2.45 लाख दंड राशि वसूल की गई। इसी अवधि में अवैध उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित कुल 07 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की किसी भी गतिविधि को पूर्णतः रोकने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान संचालित किए जाएँ तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होते ही संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी की जाए। उपायुक्त ने मिलन चौक, तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित प्रमुख चेक नाकों पर आगामी दो दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों की निरंतर तैनाती सुनिश्चित करने तथा सभी चेक-प्वाइंट को CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली के अंतर्गत लाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जा सके।

उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि खनिज परिवहन में संलग्न सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री को पूर्णतः ढका एवं सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित रहे। उन्होंने जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने तथा राजस्व प्राप्ति से संबंधित सभी कार्यवाही को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित किसी भी सूचना पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई दल गठित करें तथा पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापामारी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जब्त वाहनों, मशीनरी एवं संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर मामलों का न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुतिकरण हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत देरी न हो।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न — सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण, यातायात अनुशासन, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई के दिए गए निर्देश।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जैवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, यातायात निरीक्षक एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त ने विगत बैठक में दिए गए दिशा–निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो द्वारा अक्टूबर माह में जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं एवं उनके संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में कुल 24 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 17 मृत्यु, 11 गंभीर रूप से घायल, तथा 03 मामूली चोट के मामले शामिल हैं। सभी घटनाओं में संबंधित थाना क्षेत्रों द्वारा आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की गई है तथा यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न स्तरों पर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने हेतु सभी विभागों को समन्वित एवं सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख चौक–चौराहों, गोलचक्कर एवं मुख्य सड़कों पर आवश्यकता के अनुसार स्पीड लिमिट संकेतक, चेतावनी बोर्ड एवं दिशा–निर्देश पट्टिकाओं की स्थापना सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों, बाज़ार क्षेत्रों एवं व्यस्त चौक–चौराहों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर निरंतर एवं सख़्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों में बिना हेलमेट प्रवेश पूर्णत: वर्जित करें तथा अपने कर्मियों को हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य सड़क सुरक्षा मानकों के पालन के प्रति जागरूक करें।

उपायुक्त ने Jharkhand Accelerated Road Development Company Limited (JARDCL) तथा National Highways Authority of India (NHAI) के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने–अपने सड़क खंडों पर आवश्यकता अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जोनल कार्यालय को तुरंत सूचित किया जाए। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु विशेष कार्य योजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट सुधार, सुरक्षा मानक, सड़क सतह की गुणवत्ता एवं चिन्हांकन को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश विनायक ने निर्देश दिया कि जिले में हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु विशेष जाँच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँ तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोपहिया वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को हेलमेट की उपयोगिता तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के संबंध में व्यापक जन–जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने जिला परिवहन पदाधिकारी को विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यकतानुसार हेलमेट वितरण कर उनके अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित दिशा–निर्देशों के अनुपालन और संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके और एक सुरक्षित यातायात वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।

प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गैरडीह पंचायत भवन ग्राम सभा के सदस्य ग्रामीण के साथ प्रस्तावित फैक्ट्री के जमीन अधिग्रहण में स्थानीय प्रशासन की उपेक्षित के कारण ग्रामीण विरोध करने को विवश हैं। प्रशासन राज्य सरकार की सारी व्यवस्था को दरकिनार कर जमीन का अधिग्रहण संस्था एवं दलाल के माध्यम से किया है।ग्रामीण के जमीन अधिग्रहण में काई विसंगति है।

राज्य सरकार का विकास करना है तो आयडा से जमीन अधिग्रहण क्यो नही कराया गया।संस्था किसी को जमीन देकर ग्रामीण और कंपनी प्रबंधन से दुरी बनाने का षंडयत्र रचा गया।इस अवसर प्रदेश के कैडिनेटर राधा कृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि जनता के हित न्यायालय के शरण जाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री विधायक का का पुतला भी ग्रामीण के भीतर में फुंका जाएगा। यह क्षेत्र चांडिल डैम,दलमा सेंचरी भी विस्थापित करने की चर्चा है। इसके बाद पांच गांव के किसान को उपजाऊ खेती में फैक्ट्री बैठा कर बेरोजगार करने की षंड़यत्र रचा जा रहा है। लोग को गुमराह कर जमीन लिया जा रहा है।


त्रिलोचन सिंह की अध्यक्षता में गौरडीह पंचायत के भवन में बैठक हुई राधा कृष्ण सिंह मुंडा, सुरेन्द्र सिंह सरदार,मदन सिंह सरदार, चंद्रमोहन सिंह सरदार, विभाग गांव के वासी रहे मौजूद।

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से विधि-व्यवस्था एवं तैयारी से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला – चांडील, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजनाओं पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि दीपावली एवं छठ जैसे प्रमुख पर्वों पर नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें ताकि पर्वों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने कहा कि अस्थायी लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थल चिन्हित किए जाएं तथा वहाँ आवश्यक अग्निशमन उपकरण, दूरी एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पटाखा दुकान स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव शीघ्र जिला प्रशासन को भेजें।

उपायुक्त ने कहा कि छठ घाटों की साफ-सफाई, घाट मार्गों एवं नालों की सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था समय पर पूर्ण कर ली जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के प्रमुख छठ घाटों का पूर्व निरीक्षण करें।

सभी घाटों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय, अपशिष्ट निस्तारण एवं सफाई व्यवस्था शामिल हो।

जिन घाटों पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होती है, वहाँ CCTV कैमरों की स्थापना,दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एवं पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।

संवेदनशील घाटों पर गोताखोरों की उपलब्धता, अग्निशमन वाहन तथा आपदा प्रबंधन दल की मौजूदगी अनिवार्य रूप से रखी जाए, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पानी की गहराई अधिक हो।

उपायुक्त ने नगर परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, परिवहन एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय समन्वय से कार्य करते हुए आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ रखें।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सफाई, रोशनी, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधा तथा आपदा प्रबंधन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन को सहयोग दें एवं दीपावली और छठ पर्व को शांति, आपसी सद्भाव और स्वच्छता के साथ मनाएं।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर चौकीदार बीटों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव एक सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को प्रेषित करें। इसके पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के अंचलों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा एवं परीक्षण कर, संतुष्ट होने की स्थिति में अनुमोदन प्रदान करें तथा एक सप्ताह के भीतर समेकित रूप से सभी प्रस्ताव जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि चौकीदार पदों की स्वीकृति एवं चिन्हांकन से संबंधित विभागीय संप्रेषण हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन को निरस्त करते हुए चौकीदार पदों की नियुक्ति हेतु नया विज्ञापन पुनः प्रकाशित किया जाएगा।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिक्त पदों के अद्यतन विवरण, सत्यापन रिपोर्ट एवं सृजन प्रस्ताव की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए, ताकि चौकीदार नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न किया जा सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला निवेदिता नियति, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, पुलिस उपाधिक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) अविनाश कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में “प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से अभियान से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की गई। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजातीय ग्रामों एवं वंचित परिवारों तक शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, जन-सहभागिता एवं जागरूकता प्रसार पर विशेष बल दिया जाए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 624 परिवार आदिम जनजातीय (PVTG) ग्रामों के अंतर्गत आते हैं। इन परिवारों के सर्वांगीण विकास हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, आजीविका एवं डिजिटल सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इन परिवारों को शासन की मुख्यधारा में शामिल करना एवं उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है।

बैठक के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित विभाग अपने कार्यक्षेत्र की योजनाओं का नियमित मूल्यांकन करें। प्रत्येक प्रखंड में विशेष शिविरों (स्वास्थ्य, आधार, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण) का आयोजन कर योजनाओं की पहुँच बढ़ाई जाए। PVTG ग्रामों के लिए एकीकृत विकास पैकेज तैयार किया जाए, जिसमें स्वास्थ्य, पोषण, आवास, पशुधन विकास, शिक्षा एवं आजीविका संवर्धन के सभी घटक सम्मिलित हों।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा विभिन्न बिन्दुओ पर चर्चा करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए 👇🏼

🔸 आवास योजना के अंतर्गत तृतीय किश्त प्राप्त लाभुकों द्वारा आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा लंबित आवासों में गति लाई जाए।

🔸 बहुउद्देशीय केंद्र (Multipurpose Centre) के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

🔸 वन धन केंद्र (Vandan Kendra) को नियमित एवं सक्रिय रखा जाए, जिससे स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्राप्त हों।

🔸 सभी क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए एवं ऊँचाई वाले क्षेत्रों में स्थापित सभी टावरों को सक्रिय किया जाए।

🔸 चलंत चिकित्सकीय वाहन के माध्यम से दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच आयोजित की जाए।

🔸 सभी छात्र-छात्राओं के बैंक खाता, आधार एवं जन्म प्रमाण पत्र का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

🔸 वंचित नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

🔸 प्रत्येक गाँव में आदि सेवा केंद्र विकसित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुँचाया जाए।

🔸 सभी परिवारों को राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा लंबित योजनाओं का निष्पादन शीघ्र किया जाए।

🔸 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड से वंचित लाभुकों को शीघ्र जोड़ा जाए।

🔸 इच्छुक युवाओं एवं युवतियों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

🔸 सभी विभागाध्यक्ष एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें।

🔸 योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

🔸 ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं एवं ग्राम समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, रीना हांसदा, निदेशक डी आर डी ए डॉ अजय तिर्की, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला – निवेदिता नियति, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, तथा विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावाँ

झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति की बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित परिसदन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पुरीती ने की। बैठक में समिति सदस्य जगत मांझी एवं संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) डॉ. अजय तिर्की, एवं अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार उपस्थित रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएँ प्रदान करना है। इस दिशा में सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी तालमेल एवं समन्वय स्थापित करते हुए उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।

समीक्षा बैठक के क्रम में समिति अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा विभागवार निम्नलिखित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए👇🏻

🔹 वन विभाग – हाथियों के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बचाव उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया जाए। वन संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए तथा वृक्षारोपण अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

🔹 खनन विभाग – अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर के पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखें। जिले में स्थित बालू स्टॉक यार्डों का नियमित निरीक्षण, मूल्यांकन एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों को बालू निर्धारित दर पर ही उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

🔹 उत्पाद विभाग – उत्पाद एवं उत्पादक दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। दुकानों का औचक निरीक्षण कर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

🔹 नगर निकाय एवं वन प्रखंड – आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों की गति बढ़ाने हेतु वन प्रमंडल एवं नगर निगम के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए ठोस पहल की जाए।

🔹 स्वास्थ्य विभाग – प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभुकों को स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत एवं राज्य आवधिक स्वास्थ्य योजना के तहत अधिकाधिक मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए। सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को नियमित एवं सुलभ बनाया जाए।

🔹 परिवहन विभाग – ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरायकेला–चाईबासा–चौका मुख्य मार्ग की मरम्मती सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। मुख्य बाजारों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध वाहन पार्किंग पर रोक लगाई जाए तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

🔹 पशुपालन विभाग – मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच पशुओं का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सभी पात्र लाभुकों तक लाभ पहुँचाने के लिए ठोस पहल की जाए।

बैठक के दौरान विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में उपरोक्त के अलावा अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम रवि प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न कार्य एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

श्री श्री सार्वजनिक काली पूजा कमेटी फुटबॉल ग्राउंड का बैठक संपन्न,, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन

श्री श्री सार्वजनिक काली पूजा कमेटी फुटबॉल ग्राउंड का बैठक संपन्न,, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन

सरायकेला/आदित्यपुर

आगामी काली पूजा को लेकर श्री श्री सार्वजनिक काली पूजा कमेटी फुटबॉल ग्राउंड आदित्यपुर की एक बैठक 25 सितंबर की रात्रि 9:00 बजे फुटबॉल ग्राउंड में संपन्न की गई।

बैठक में हर वर्ष की भांति इस वर्ष की पूरे धूमधाम तथा पूर्ण परंपरा विधि एवं विधान के साथ पूरे हर्षोल्लाह से काली पूजा मनाने का निर्णय लिया गया साथ ही वर्ष 2025 के लिए सर्व सम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।

कमेटी में मुख्य संरक्षक के रूप में अंजन कुमार दास तथा सुशील कुमार मंडल के साथ ही अध्यक्ष गौरव वर्मन, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, महासचिव अधिवक्ता नरेंद्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष मानिक दास, संयुक्त सचिव नंदकिशोर यादव, महासचिव अधिवक्ता दिलीप कुमार साव,

साथी ही कार्यकारिणी में निम्नलिखित सदस्यों को स्थान दिया गया जिसमें:-

रतन गोप अशोक घोष अंजू लाला, अलख चौधरी, जितेन महतो, शक्ति दास, सपन दास, गोपाल दास, अनिकेत दास, मोनू राय, अजय कुमार सिंह, ओरुंगाटी राज कुमार, इन सभी लोगों के अलावा अन्य कई गण मन लोग इस बैठक में उपस्थित थे जिनके द्वारा नहीं करनी का स्वागत किया गया।

जिला सहकारिता विकास समिति की बैठक लिए गए कई अहम फैसले ।

जिला सहकारिता विकास समिति की बैठक लिए गए कई अहम फैसले ।

लखीसराय

समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में जिला सहकारिता विकास समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र द्वारा विभिन्न एजेंडा पर चर्चा की गई एवं आवश्यक निदेश दिए गए।
जिसमें सहकार भवन निर्माण,
राष्ट्रीय सहकारिता डेटाबेस, पैक्स कंप्यूटराइजेशन, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में पैक्स , सहकारिता क्षेत्र में विकेंद्रीकरण अन्न भंडारण योजना, किसान उत्पादक संगठन का गठन /निबंधन ,प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत पैक्सों में जन औषधि केंद्र की स्थापना
, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना के तहत पैक्सों में किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना
एवं राष्ट्रीय सहकारिता फेडरेशन में पैक्सों/सहकारी समितियां की सदस्यता प्रमुख हैं।

बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, वरीय उप समाहर्ता राहुल कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमारी , डीपीआरओ विनोद प्रसाद सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

डीएम ने की अभियोजन पदाधिकारियों के साथ बैठक।

डीएम ने की अभियोजन पदाधिकारियों के साथ बैठक।

लखीसराय

जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में जिले के सभी अभियोजन पदाधिकारी,लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक के साथ अभियोजन कार्य की बैठक आयोजित किया गया।
गौरतलब हो कि लखीसराय जिलान्तर्गत कुल 22910 सामान्य वाद लंबित पाए गए।

बैठक में न्यायालय में डीएम ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके ससमय निष्पादन पर बल दिया गया।
साथ ही विधि पदाधिकारियों से एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। संबंधित आशय की जानकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद ने दी।

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