संभावित भारी वर्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी अंचल अधिकारियों को सतर्कता एवं व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश

संभावित भारी वर्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी अंचल अधिकारियों को सतर्कता एवं व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश

सरायकेला/खरसावां

सरायकेला-खरसावाँ जिले में संभावित भारी वर्षा/अत्यधिक वर्षापात के मद्देनजर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ नितिश कुमार सिंह द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने अंचल क्षेत्र में सतर्क एवं सक्रिय रहते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

भारी वर्षा के कारण नदियों, डैम, तालाबों एवं अन्य जलाशयों में जलस्तर बढ़ने, जल-जमाव, तेज जल प्रवाह, बाढ़ तथा अन्य दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए सभी अंचल अधिकारियों को अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसे स्थलों पर आवश्यकतानुसार चेतावनी एवं सावधानी संबंधी बोर्ड लगाने तथा स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजनों को सतर्क एवं जागरूक करने को कहा गया है।

भारी वर्षा के दौरान जलस्तर में वृद्धि, तटबंधों, पुल-पुलिया, जल-जमाव एवं आवागमन की स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार अंचल स्तर पर कंट्रोल रूम/आपदा नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित करने को भी कहा गया है।

अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, चौकीदारों एवं अन्य स्थानीय कर्मियों के माध्यम से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक किया जाए। विशेष रूप से नदियों, डैम, तालाबों एवं तेज बहाव वाले स्थानों पर नहीं जाने तथा जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पानी के भीतर जाने अथवा जलभराव वाले रास्तों से आवागमन करने से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

जिला प्रशासन की ओर से आमजनों से अपील है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। जल-जमाव अथवा तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी सतर्क एवं जागरूक करें। प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।

जिला प्रशासन द्वारा संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां एवं निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी आकस्मिक स्थिति अथवा दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित विभागों एवं बचाव दल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल वरीय पदाधिकारियों को देते हुए की गई कार्रवाई से अवगत कराएं तथा निर्देशों का अनुपालन प्राथमिकता एवं तत्परता के साथ सुनिश्चित करें, ताकि संभावित भारी वर्षा के दौरान जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

ईचागढ़ के लेपाटांड़ में मुआवजा भुगतान को लेकर लगा शिविर में पहुंचे विधायक सबिता महतो।

ईचागढ़ के लेपाटांड़ में मुआवजा भुगतान को लेकर लगा शिविर में पहुंचे विधायक सबिता महतो।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के लेपाटांड़ पंचायत भवन में सोमवार को  लाबा नहर से पातकुम  तक सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान को लेकर विधायक सविता महतो के पहल पर शिविर लगाया गया।

शिविर में विधायक सबिता महतो शामिल हुईं। लेपाटांड़, पाटपुर एवं किस्टोपुर मौजा के भू-स्वामियों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए 13, 14 एवं 17 अगस्त को शिविर आयोजित किया गया था। ग्रामीणों के मांग पर जो बढ़ कर 18, 19 तक बढ़ाया गया।विधायक ने अधिकारियों को प्रभावित रैयतों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने तथा प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों की मांग पर विधायक ने मुआवजा भुगतान शिविर की अवधि दो दिन और बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि सभी प्रभावित रैयत आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग रही है और इसके लिए सभी रैयतों का सहयोग जरूरी है।

उन्होंने लेपाटांड़ के मुंडारी खूंटकट्टी क्षेत्र में आने का उल्लेख करते हुए खूंटकट्टीदारों एवं मानकी के सहयोग से समस्याओं के समाधान की अपील की। अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता ने भू-स्वामियों से जल्द आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की, ताकि मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। मौके पर अंचलाधिकारी दीपक प्रकाश, झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, मुंडारी खूंटकट्टीदार सह ग्राम प्रधान मधूमती सिंह मानकी, भू-अर्जन विभाग के अरूप कुमार मोदक एवं पशुपति बागची, युवा प्रखंड अध्यक्ष स्वपन आदित्यदेव समेत सड़क निर्माण से जुड़े कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

नगर निकाय क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति, कचरा उठाव, साफ-सफाई एवं अन्य विकास योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

नगर निकाय क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति, कचरा उठाव, साफ-सफाई एवं अन्य विकास योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त  नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नगर निगम आदित्यपुर, नगर परिषद कपाली एवं नगर पंचायत सरायकेला क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में पूर्व की बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए पेयजलापूर्ति, कचरा उठाव एवं डंपिंग, साफ-सफाई, नाली, सड़क निर्माण, अवैध पार्किंग सहित अन्य विकास एवं निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजलापूर्ति से संबंधित समस्याओं एवं संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्षेत्र के सभी घरों को नल-जल योजना से जोड़ते हुए नियमित एवं सुगम पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल से संबंधित प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेयजलापूर्ति से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की समस्या अथवा बाधा होने पर संबंधित विभाग एवं कार्यदायी एजेंसी आपसी समन्वय से उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

नगर निकाय क्षेत्रों में कचरा उठाव, डंपिंग एवं साफ-सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने नियमित रूप से कचरे का उठाव एवं निर्धारित स्थल पर डंपिंग सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई के लिए स्पष्ट कार्ययोजना निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना संबंधित निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए साफ-सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाव से संबंधित प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया कि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी 32 कचरा उठाव वाहनों को नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमणशील रखा जाए। मरम्मत अथवा मेंटेनेंस के कारण खड़े वाहनों को यथाशीघ्र दुरुस्त कर सेवा में लगाया जाए। नगर आयुक्त को सभी वाहनों की GPS ट्रैकिंग के माध्यम से नियमित समीक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी वाहन निर्धारित रूट एवं कार्ययोजना के अनुरूप संचालित हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

आदित्यपुर क्षेत्र में GAIL GAS एवं JUDCO के पाइप एवं गैस पाइपलाइन से संबंधित प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित एजेंसियों के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए वर्तमान समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक समन्वय एवं पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में अवैध पार्किंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को अवैध पार्किंग के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकतानुसार औचक निरीक्षण अभियान चलाने तथा चिन्हित स्थलों पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित बनी रहे।

समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अद्यतन प्रगति की भी जानकारी ली गई। उपायुक्त ने योजना के तहत सभी पात्र लाभुकों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने ऐसे लाभुकों की सूची जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा, जिनके आवास स्वीकृत होने के बावजूद ऋण अथवा आवास निर्माण से संबंधित प्रक्रिया लंबित है, ताकि लंबित मामलों के कारणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को विभागीय योजनाओं एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनहितकारी निर्णय लेते हुए कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यकता के अनुसार स्थल निरीक्षण किया जाए तथा समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति, कचरा उठाव एवं डंपिंग, साफ-सफाई, नाली एवं जल निकासी, सड़क, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों को औचक निरीक्षण अभियान संचालित करते हुए जमीनी स्थिति का आकलन करने और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर एवं सुगम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग एवं कार्यदायी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित योजनाओं में तेजी लाएं तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन एवं नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

बैठक में नगर आयुक्त, नगर निगम आदित्यपुर एजाज़ अनवर, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद कपाली, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत सरायकेला, कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, सरायकेला-आदित्यपुर, सहायक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला-आदित्यपुर, नगर प्रबंधक, नगर निकाय कार्यालयों के अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्यपुर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ी पहल।

आदित्यपुर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ी पहल।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

आदित्यपुर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त महोदय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

उक्त बैठक में आदित्यपुर क्षेत्र की कचरा निष्पादन व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर कार्यरत एजेंसी के विरुद्ध आम जनता से प्राप्त शिकायतों से उपायुक्त महोदय को अवगत कराया गया। साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग करते हुए कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, नियमित एवं पारदर्शी बनाया जाए और लापरवाही बरतने वाली एजेंसी पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में आदित्यपुर एवं गम्हरिया बाजार के समुचित रख-रखाव, साफ-सफाई और बेहतर प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इन दोनों प्रमुख बाजार क्षेत्रों को आदित्यपुर नगर निगम के अधीन हस्तांतरित करने का आग्रह किया गया, ताकि बाजारों में अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित आदित्यपुर बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनहित से जुड़े हर मुद्दे को पूरी गंभीरता के साथ प्रशासन के समक्ष उठाते रहेंगे।

वहीं उपायुक्त ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक  में उपयुक्त नीतीश कुमार सिंह, नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम के माननीय महापौर संजय सरदार, उप महापौर अंकुर सिंह, पार्षद अवधेश सिंह सहित नगर निगम के सभी माननीय पार्षदगण उपस्थित रहे।

उपायुक्त के निर्देशानुसार अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त के निर्देशानुसार अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

आपदा से संबंधित मामलों की समीक्षा, 45 मामलों में ₹54.15 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत।

उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार आज जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल तथा सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित लंबित मामलों की अंचलवार एवं आपदा-वार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में सर्वसम्मति से 45 स्वीकृत मामलों में कुल ₹54,15,000 (चौवन लाख पंद्रह हजार रुपये) की अनुग्रह अनुदान राशि नियमानुसार स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

स्वीकृत मामलों में सड़क दुर्घटना से संबंधित 25 मामलों के लिए ₹25,00,000, अतिवृष्टि से कच्चा/पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने से संबंधित 11 मामलों के लिए ₹45,500, पानी में डूबने से मृत्यु के 04 मामलों के लिए ₹16,00,000, सर्पदंश से मृत्यु के 02 मामलों के लिए ₹8,00,000, वज्रपात से मृत पशु के 02 मामलों के लिए ₹69,500 तथा अग्निकांड से मृत्यु के 01 मामले के लिए ₹4,00,000 की राशि स्वीकृत की गई।

बैठक में स्वीकृत सभी मामलों में निर्धारित नियम एवं प्रावधानों के अनुरूप अनुग्रह अनुदान राशि उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

तीन माह से अधिक समय से लंबित मामलों पर खरसावां, राजनगर एवं इचागढ़ के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ आपदा से संबंधित आवेदन तीन माह से अधिक समय से कार्यालय स्तर पर लंबित हैं। इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए खरसावां, राजनगर एवं इचागढ़ के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। संबंधित अंचल अधिकारियों को लंबित मामलों के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

अपर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आपदा से प्रभावित परिवारों से संबंधित मामलों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी मामले में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी/कर्मी को चिन्हित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आपदा प्रबंधन योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रिया का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार

सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता के प्रावधानों का अंचल स्तर पर स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित लोगों को आवेदन करने की प्रक्रिया, पात्रता तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी सरल एवं स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र परिवार समय पर आवेदन कर सकें और उन्हें सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाई न हो।

पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजनों को आपदा से प्रभावित होने की स्थिति में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने तथा आवेदन के निष्पादन की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

45 दिन से अधिक समय से आवेदन लंबित रहने पर जिला स्तर पर शिकायत की अपील

बैठक में आमजनों से अपील की गई कि यदि कोई परिवार आपदा से प्रभावित है और उसके द्वारा सहायता/अनुग्रह अनुदान के लिए आवेदन किए हुए 45 दिन या उससे अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है अथवा स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हुई है, तो संबंधित परिवार जिला स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

ऐसे प्रभावित परिवार उपायुक्त कार्यालय अथवा जिला आपदा प्रबंधन कोषांग में अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित मामले की जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार देय सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपदा से प्रभावित परिवारों के मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आवेदन प्राप्त होने से लेकर सत्यापन, स्वीकृति एवं अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान तक की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

आदित्यपुर नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक संपन्न।

आदित्यपुर नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक संपन्न।

सरायकेला/आदित्यपुर

मेयर संजय सरदार की अध्यक्षता में शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

वहीं बैठक में नगर निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के माध्यम से नई कचरा गाड़ियों की खरीद की जाएगी। साथ ही सफाई व्यवस्था का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष मूल्यांकन कराने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से जुड़ी एक निजी एजेंसी की सेवाएं लेने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ साथ बैठक में कचरा प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ-साथ उससे बायोगैस और बिजली उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने की योजना बनाई गई, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। यह जानकारी नगर आयुक्त एजाज अनवर ने दी।

इस दौरान सभी वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, सड़क, नाला और पुलिया निर्माण जैसी समस्याएं को बोर्ड के समक्ष रखते हुए अपने वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की।

वहीं इस बैठक में उपस्थित मेयर संजय सरदार ने कहा कि नगर निगम की पहली प्राथमिकता आम जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं में सुधार के लिए निगम ने एक माह का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि सभी वार्डों में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे। वहीं सड़क, नाला और पुलिया निर्माण कार्यों को उपलब्ध बजट और फंड के आधार पर प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। बैठक में डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, नगर आयुक्त एजाज अनवर तथा निगम के सभी 35 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे।

झारखंड क्षत्रिय संघ के सभी इकाइयों के अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।

An important meeting of the presidents of all the units of Jharkhand Kshatriya Sangh was organized.

जमशेदपुर/साकची

शुक्रवार को झारखंड क्षत्रिय संघ के सभी इकाइयों के अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक साकची इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसमें झारखंड क्षत्रिय संघ के द्वारा जन कल्याण के कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई जैसे ज़रूरतमन्द परिवार की बेटी का विवाह करना, सावन में कांवरियों की सेवा, रक्त दान का आयोजन करना आदि विषयों पर चर्चा हुई।

वहीं इस बैठक में इस बैठक विभिन्न इकाई के अध्यक्ष बी. बी. सिंह, राम चंद्र सिंह, बच्चा सिंह, संजय सिंह उर्फ़ बबलू, रमेश कुमार सिंह, बिनोद कुमार सिंह, जितेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, अवध बिहारी सिंह, अशोक सिंह, ऐ पी सिंहा, रंजीत कुमार सिंह, संजय सिंह हितैषी, आर पी सिंह, अमित कुमार सिंह। केंदीय महासचिव प्रमोद सिंह जी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड की सड़क परियोजनाओं पर हुई चर्चा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड की सड़क परियोजनाओं पर हुई चर्चा।

नई दिल्ली

झारखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान झारखंड की विभिन्न महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान विशेष रूप से खूंटी बाइपास के जल्द निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि खूंटी बाइपास बनने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा तथा आम लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही यह परियोजना खूंटी एवं आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बाइपास के निर्माण से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके अलावा झारखंड में लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जल्द पूरा करने तथा राज्य में सड़क अवसंरचना के समग्र विकास को गति देने के संबंध में भी सकारात्मक एवं सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

आदित्यपुर नगर निगम के लोकप्रिय मेयर माननीय संजय सरदार से प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष ने की शिष्टाचार मुलाकात।

आदित्यपुर नगर निगम के लोकप्रिय मेयर माननीय संजय सरदार से प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष ने की शिष्टाचार मुलाकात।

सरायकेला/आदित्यपुर

रविवार को आदित्यपुर नगर निगम के लोकप्रिय मेयर माननीय संजय सरदार से प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की।

वहीं बैठक में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मेयर संजय सरदार ने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदित्यपुर नगर निगम की जनता किसी भी समस्या को लेकर सीधे उनसे मुलाकात कर सकती है। उनका दरवाजा हमेशा जनता के लिए खुला है। उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं और आगे भी शहर के चौमुखी विकास के लिए कार्य करेंगे।

आपको बताते चलें कि संजय सरदार व्यक्तित्व दूरदर्शी और हाजिर जवाबी है। पदभार संभालते ही उन्होंने अपने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं और आगे भी जनहित में तत्पर रहेंगे।

वहीं शिष्टाचार मुलाकात में प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के कई समस्याओं को उनके समक्ष रखा जैसे कि साफ-सफाई, सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कई जनसमस्याओं पर चिंतन-मंथन किया गया।

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक संपन्न।

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक संपन्न।

सरायकेला/दुगनी

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के सुदृढ़ीकरण, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं कार्यों की समीक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से जिला संगठन प्रभारी मनोज मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने तथा आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने एवं मन की बात को प्रत्येक बूथ स्तर पर सुना जाए इसके दिशा-निर्देश दिए साथ ही जिला परिष सदस्य सोना राम बोदरा पूर्व जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव एवं रमेश हांसदा जी संगठन की बातों को रखा।

बैठक में जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार, जिला उपाध्यक्ष देवेश महापात्रा, सारथी महतो, रितिका मुखी एवं शंभु मंडल, जिला मंत्री पप्पू वर्मा, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला एवं सावित्री बानरा, वरिष्ठ भाजपा नेता, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्णा प्रधान, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष महेश कुंडू, जिला मीडिया प्रभारी मनोहर दास, गुरजीत सिंह एवं राजकुमार सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी शैलेश शर्मा एवं ईश्वर महतो, जिला आईटी सेल विष्कंठ प्रधान एवं चंदन वर्मा, ‘मन की बात’ जिला संयोजक दिवाकर सिंह, मुरली प्रधान, मंडल अध्यक्ष साधन महतो, बीरेन्द्र सिंह, गणपति प्रधान, विश्वजीत प्रधान,अनिल सिन्हा सहित जिले के अनेक पदाधिकारी उपस्थित हुए।

आसंगी में जियाडा के खिलाफ बैठक कर ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी।

आसंगी में जियाडा के खिलाफ बैठक कर ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी।

सरायकेला/गम्हरिया

शनिवार को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत आसंगी वार्ड संख्या 25 के जगन्नाथ मंदिर परिसर में ग्रामीणों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक के बाद ग्रामीणों द्वारा एक प्रेस वार्ता का भी आयोजन किया गया प्रेस वार्ता में आसंगी गांव के निवासी पितोवास प्रधान ने बताया कि मौजा-आसंगी (खाता सं. 342, प्लॉट सं. 276) की 4.42 एकड़ भूमि, जो झारखंड सरकार की अनाबाद भूमि है, जिस पर ग्रामीणों और आस-पास के गांवों के आर्थिक सहयोग से पिछले 3 वर्षों से एक भव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस मंदिर निर्माण में आसंगी के साथ-साथ बोरगिडी, बनडीह, कृष्णापुर, पार्वतीपुर, ईटागढ़ और बासुड़दा जैसे कई गांवों के लोगों का योगदान है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूखंड में से 2.22 एकड़ जमीन उपायुक्त के आदेशानुसार बिना किसी आम सभा की सहमति के झारखंड औद्योगिक विकास प्राधिकार (जियाडा) के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। जियाडा द्वारा इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र के कामगार महिलाओं के लिए 500 बेड का एक विशाल छात्रावास बनाने की योजना है।

वहीं पितोवास प्रधान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रस्तावित छात्रावास के ठीक नीचे लगभग 9 एकड़ की रैयत तालाब है, जो पूरे क्षेत्र का एकमात्र तालाब है। गर्मी के दिनों में पशुओं के पानी पीने और ग्रामीणों के नहाने-धोने का यह एकमात्र साधन है, साथ ही स्थानीय मनसा पूजा, काली पूजा और दुर्गा पूजा की मूर्तियों का विसर्जन भी इसी तालाब में होता है। 500 बेड के छात्रावास के बनने से निकलने वाले सीवेज और मल-मूत्र के उचित निकास की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह से प्रदूषित और नष्ट हो जाएगा।

पितोवास प्रधान ने आगे कहा कि 60 के दशक में भी हमारे पूर्वजों ने औद्योगिक विकास के लिए आयडा (वर्तमान जियाडा) और एनआईटी के लिए अपनी रैयत जमीनें दी थीं, लेकिन बदले में आज तक इस क्षेत्र को न तो अच्छी सड़कें मिलीं, न नाला और न ही सीवेज लाइन की कोई उचित व्यवस्था। वर्तमान में सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे मंदिर परिसर की इस भूमि पर केवल जगन्नाथ मंदिर और उसके लिए एक सुंदर गार्डन का ही विकास होने देंगे। इसके अलावा यहां किसी भी अन्य प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्त ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्त ने मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा की।

कार्ययोजना निर्धारित कर शत-प्रतिशत जांच एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित मलेरिया नियंत्रण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर समन्वित कार्ययोजना बनाकर अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि बुखार से पीड़ित प्रत्येक मरीज की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की जाए, ताकि संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान कर शीघ्र एवं समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने सभी आवासीय विद्यालयों, सीआरपीएफ शिविरों एवं पुलिस थाना परिसरों में प्रत्येक 15 दिनों के अंतराल पर नियमित मलेरिया जांच अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य मलेरिया जांच कर उनकी सतत निगरानी एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां भी मलेरिया का कोई मरीज चिन्हित हो, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित मरीज के घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों की मलेरिया जांच करेगी। इसके साथ ही प्रभावित गांव में विशेष सर्वे एवं व्यापक जांच अभियान चलाकर संभावित संक्रमित व्यक्तियों की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में मलेरिया नियंत्रण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने, नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए जांच, उपचार, दवा की उपलब्धता, फॉलोअप, स्रोत नियंत्रण तथा जनजागरूकता गतिविधियों को अभियान मोड में संचालित करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण एक सतत अभियान है, जिसमें सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आशा, सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर निगरानी, समय पर जांच, उपचार तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

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