सरायकेला-खरसावां
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न — सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण, यातायात अनुशासन, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई के दिए गए निर्देश।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जैवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, यातायात निरीक्षक एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त ने विगत बैठक में दिए गए दिशा–निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो द्वारा अक्टूबर माह में जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं एवं उनके संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में कुल 24 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 17 मृत्यु, 11 गंभीर रूप से घायल, तथा 03 मामूली चोट के मामले शामिल हैं। सभी घटनाओं में संबंधित थाना क्षेत्रों द्वारा आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की गई है तथा यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न स्तरों पर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने हेतु सभी विभागों को समन्वित एवं सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख चौक–चौराहों, गोलचक्कर एवं मुख्य सड़कों पर आवश्यकता के अनुसार स्पीड लिमिट संकेतक, चेतावनी बोर्ड एवं दिशा–निर्देश पट्टिकाओं की स्थापना सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों, बाज़ार क्षेत्रों एवं व्यस्त चौक–चौराहों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर निरंतर एवं सख़्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों में बिना हेलमेट प्रवेश पूर्णत: वर्जित करें तथा अपने कर्मियों को हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य सड़क सुरक्षा मानकों के पालन के प्रति जागरूक करें।
उपायुक्त ने Jharkhand Accelerated Road Development Company Limited (JARDCL) तथा National Highways Authority of India (NHAI) के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने–अपने सड़क खंडों पर आवश्यकता अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जोनल कार्यालय को तुरंत सूचित किया जाए। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु विशेष कार्य योजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट सुधार, सुरक्षा मानक, सड़क सतह की गुणवत्ता एवं चिन्हांकन को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश विनायक ने निर्देश दिया कि जिले में हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु विशेष जाँच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँ तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोपहिया वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को हेलमेट की उपयोगिता तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के संबंध में व्यापक जन–जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने जिला परिवहन पदाधिकारी को विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यकतानुसार हेलमेट वितरण कर उनके अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित दिशा–निर्देशों के अनुपालन और संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके और एक सुरक्षित यातायात वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।











