झारखंड के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा स्थल को जिर्णोद्धार करने की मांग फुलकांत झा ने किया।

झारखंड के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा स्थल को जिर्णोद्धार करने की मांग फुलकांत झा ने किया।

सरायकेला/गम्हरिया

बड़ा गम्हरिया बस्ती के अंदर बागानपारा कारा काटा स्थित झारखंड के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा स्थल को जिर्णोद्धार करने की मांग फुलकांत झा ने किया ।

विगत 15 वर्षों से वह प्रतिमा छत बिछत अवस्था में है, वहां के आस-पास के लोग एवं नौ युवकों साथियों ने मिलकर के अस्थाई तौर पर तो घेराबंदी किए हैं, साथ ही झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन इनकी जन्म जयंती स्मृति को बरकरार रखने के लिए पूरे झारखंड में खुशियली का त्योहार बनाया जाता है यहां भी उस दिन (15 नवंबर) भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धा-सुमन निश्चित रूप से दी जाती है।

आगे फुलकांत झा ने काहा की इसमें सामाजिक कार्यकर्ता एवं सभी राजनीतिक पार्टी के लोग सारिक होते हैं, और बच्चों के बीच में फल और मिठाइयां भी वितरित की जाती है। इस प्रतिमा को जितेंद्र प्रमाणिक द्वारा 2005-2006 में स्थापना की गई थी जो अब हम सबके बीच नहीं रहे उनके इंतकाल करीब 5 साल पहले हो गई है ! लेकिन आज तक उस जगह का जीर्णोद्धार नहीं हो सका है।

इसलिए फुलकांत झा ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला के छह बार के विधायक रहे चंपई सोरेन जी से अभिलंब पहल करने की मांग किए हैं। 15 जून से पहले इस पर अमल की जाए।

एक महीना बीत जाने के बाद भी 3.5 करोड़ के मॉडर्न जाहेरथान में भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं।

एक महीना बीत जाने के बाद भी 3.5 करोड़ के मॉडर्न जाहेरथान में भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं।

सरायकेला/राजनगर

सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत गेंगेरुली पंचायत के टूईबासा गांव में 3.5 करोड़ रुपये की लागत से बने मॉडर्न जाहेरथान में भ्रष्टाचार और भारी अनियमितताओं की खबर सामने आए आज लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। न जांच हुई, न दोषियों पर कोई कदम उठाया गया और न ही निर्माण कार्य की खामियों को दूर किया गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने पहले ही मीडिया के माध्यम से निर्माण कार्य की पोल खोल दी थी। उन्होंने बताया था कि जाहेरथान परिसर में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं, छत से पानी टपक रहा है, दरवाजे घटिया गुणवत्ता के हैं, पानी की मोटर खराब पड़ी है, गार्डन अधूरा है, गेस्ट रूम की स्थिति खराब है और निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट हुई है।

इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर 3.5 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी निर्माण कार्य की ऐसी बदहाल स्थिति कैसे हुई? किसकी मिलीभगत से घटिया निर्माण कराया गया? और जब ग्रामीणों ने शिकायत की, मीडिया में खबर चली, DC को ज्ञापन दिया गया, तो फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

ग्रामीणों का कहना है कि सांसद से लेकर जिला प्रशासन तक सबको जानकारी दी गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। एक महीना बीत गया, मगर न कोई अधिकारी जांच करने पहुंचा और न ही जिम्मेदार ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई। इससे साफ लगता है कि भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है।

अब टूईबासा के ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है। उनका कहना है कि अगर जल्द जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और निर्माण कार्य में सुधार नहीं कराया गया, तो वे DC कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आदिवासी आस्था और संस्कृति से जुड़े इतने महत्वपूर्ण स्थल के निर्माण में भी भ्रष्टाचार हो सकता है, तो फिर विकास योजनाओं की पारदर्शिता पर कैसे भरोसा किया जाए? जाहेरथान केवल एक भवन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है। अगर यहां भी भ्रष्टाचार होगा और प्रशासन मौन रहेगा, तो यह केवल सरकारी लापरवाही नहीं बल्कि आदिवासी समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब जागता है। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर 3.5 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले को फाइलों में दबा दिया जाएगा? टूईबासा के ग्रामीण जवाब मांग रहे हैं और अगर जल्द जवाब नहीं मिला, तो आंदोलन तय है।

जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों ने प्रशासक से किया मुलाकात।

जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों ने प्रशासक से किया मुलाकात।

सरायकेला/कपाली

सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद में सोमवार को जनसमस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता देखने को मिली। नगर परिषद के उपाध्यक्ष मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू के नेतृत्व में सभी वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक पदाधिकारी से मुलाकात की और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

इस दौरान पार्षदों ने बिजली आपूर्ति में अनियमितता, पेयजल संकट, जर्जर सड़कों, नाली निर्माण एवं साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था जैसे मुद्दों को विस्तार से रखा। पार्षदों का कहना था कि इन बुनियादी समस्याओं के कारण आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इनका त्वरित समाधान आवश्यक है।

बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी गोपी किशन ने सभी पार्षदों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि समस्याओं का क्रमबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा। उन्होंने पार्षदों से यह भी आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं को उचित प्रक्रिया के तहत लिखित रूप में प्रस्तुत करें, ताकि उनका त्वरित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्रवण सिंह सरदार, खगेन चंद्र महतो, शेख फरीद समेत वार्ड पार्षद साधन मंडल, संतोष महतो, हिमांशु शेखर हेंब्रम, विक्की, इनामुल हक, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद नसीम, शीनू अंसारी और कालो अंसारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बच्चा चोर के अफवाह के खिलाफ ईचागढ़ थाना प्रभारी ने पोस्टर साटकर लोगों को किया जागरूक।

बच्चा चोर के अफवाह के खिलाफ ईचागढ़ थाना प्रभारी ने पोस्टर साटकर लोगों को किया जागरूक।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )

ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मिलन चौक , टीकर,डुमटांड़ सहित कई चौक चौराहों में गुरुवार शाम को ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो के द्वारा बच्चा चोर की अफवाह से सावधान रहने, कानून अपने हाथ में नहीं लेने हेतु पोस्टर चिपका कर जागरूक किया। थाना प्रभारी बजरंग महतो ने बताया कि भीड़ द्वारा बच्चा चोर के साथ में लोगों की पिटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।

सिर्फ संदेह के आधार पर पकड़े गए लोग निर्दोश भी निकालते हैं।सरायकेला-खरसावां पुलिस की अपील है कि संदेह होने पर किसी को बच्चा चोर बताकर मारपीट ना करें। यदि कोई संदिग्ध लगे तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें या स्थानीय थाना को सूचित करें। उन्होंने बताया कि इचागढ़ थाना क्षेत्र के गौरांगकोचा, टीकर,रुगड़ी बाजार, डुमटांड़ मोड़ आदि जगहों पर पोस्टर चिपकाए जाएंगे और ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

मिथुन रावत को न्याय दिलाएगा संगठन, बहन की शादी भी कराएगा:-गोपाल राय

मिथुन रावत को न्याय दिलाएगा संगठन, बहन की शादी भी कराएगा:-गोपाल राय

लखनऊ/महाराष्ट्र

बाराबंकी हत्याकांड: बहन की इज्जत बचाने निकले दलित युवक की 4 जेहादियों द्वारा बेरहमी से की गई हत्या।

बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में हुए दर्दनाक हत्याकांड से पीड़ित परिवार बृहस्पतिवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद कार्यालय पहुँचा। 23 वर्षीय दलित युवक मिथुन रावत की 6 मार्च 2026 को जेहादियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई। मिथुन की बहन अनीता की शादी 12 मार्च को तय थी। शादी से पहले बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुर्सी क्षेत्र निवासी जावेद, इरफान, अरबाज और नवाब द्वारा मिथुन पर कुल्हाड़ी, चाकू और धारदार हथियारों से कई बार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पिता छविनाथ व माँ मंजू रावत रोते हुए बोली कि मिथुन घर का इकलौता कमाने वाला था और घटना के बाद उन्हें प्रशासन से पर्याप्त सहयोग नही मिला।

घटना के बाद मौके पर पहुँचे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष राय, राघवेंद्र राय, कृष्णा कुमार, हिमांशु धवल, अनिल यादव, ओम शंकर गुप्ता, आलोक जी आदि लोग मौके पर थाना प्रभारी कुर्सी से वार्ता किया और परिवार को आश्वासन दिया कि संगठन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने घोषणा की कि 1 मई को संगठन मिथुन की बहन का विवाह विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के सहयोग से सम्पन्न कराएगा।

रचना गौतम सचिव- विश्व हिन्दू रक्षा परिषद मो०- 7905444097

सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला

सरायकेला-खरसावां: धनबाद जिला बल के हवलदार उदित नारायण महतो के पार्थिव शरीर को आज सरायकेला पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ शोक सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शोक सलामी कार्यक्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सरायकेला समीर सवैया, पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी, सार्जेंट मेजर राजेश टुडू सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाड़ेया के साथ संगठन के सदस्य सुभाष मुंडा, बबलू मुर्मू, सुमंत राम और पूर्ण चंद सोरेन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान दिवंगत हवलदार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनकी सेवाओं को याद किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि उदित नारायण महतो एक कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित पुलिसकर्मी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। पुलिस लाइन परिसर में शोक का माहौल देखा गया और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के बेरासी सिरूम पंचायत के अंतर्गत रूपरु के महतो टोला खरकोचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। यह भवन काफी जर्जर हो गया है। जान को हथेली में लेकर जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे छोटे बच्चे स्कूल पूर्व शिक्षा ग्रहण करते हैं। पौष्टिक आहार भी ग्रहण करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के विरोध पर सेविका के घर में ही आंगनबाड़ी का कार्य संचालित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इसकी हालत ऐसी हो गई है कि यहां बच्चों के लिए संचालित होने वाली आंगनवाड़ी सेवाएं पूरी तरह से बाधित हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है तथा संरचना असुरक्षित प्रतीत होती है। इस कारण आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं पदाधिकारियों से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित पदाधिकारियों से तत्काल जांच कराने तथा भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित कर आंगनबाड़ी केंद्र को चालु कराने का मांग किया है । मौके पर बजीनाथ महतो, गौरांग,श्रीदाम, संजय महतो सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

जिले की जनता की निगाहें नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी पर टिकी।

( सोनू कुमार सिंह )

पूरे भारत में सरकार द्वारा गरीबों को पेट भरने एवं अपना जीवन यापन एवं अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए सरकार की ओर से गरीबों को जन वितरण प्रणाली द्वारा अनाज उपलब्ध कराई जाती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई ऐसे राशन कार्ड धारी हैं जिन्हें सही समय पर जन वितरण प्रणाली द्वारा राशन उपलब्ध नहीं कराई जाती है अब यह तो जांच का विषय है और जांच के बाद ही इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है।

लेकिन अगर उसी अनाज गोदाम में आग लग जाए और सारा अनाज जलकर राख में मिल जाए तो कहीं ना कहीं गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और यह कहीं ना कहीं काफी गंभीर मामला है।

ज्ञात होगी 28 अक्टूबर 2025 को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई जिसमें की आग की चपेट में आकर दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जिसमें की एजीएम अभिषेक हाजरा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति शामिल हैं। और इतना ही नहीं इस दर्दनाक घटना में लाखों का अनाज जलकर राख हो गया।

वहीं घटनास्थल से टूटा ताला, लाइटर, पेट्रोल का गैलन, ताबीज और गमछा जैसी वस्तुएं बरामद की गई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरा और गोदाम का मुख्य द्वार भी क्षतिग्रस्त पाया गया था और इतना ही नहीं गोदाम के छत का टीन भी क्षतिग्रस्त पाया गया था।

वहीं घटना के अनुसंधान के लिए प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। घटना की जांच के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत द्वारा एसआईटी का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर कुमार सवैया कर रहे हैं।

घटना के करीब पंद्रह दिन बाद रांची से जेएसएससी की एक उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। इस टीम में जेएसएससी के उप निदेशक सुधीर कुमार और वरीय अधिकारी रजनीश कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान सरायकेला के जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक प्रबंधक मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां रखे गए अनाज की स्थिति का आकलन किया।

लेकिन आश्चर्य की बात यह रही की घटना के लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस घटना से पर्दा नहीं उठ पाया। और ना ही कोई रिपोर्ट जनहित में सामने नहीं आई है।

घटना की प्रमुख बातें:-

  • आग लगने की घटना 28 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
  • दो लोगों की मौत हो गई थी।
  • प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई है।
  • एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर सवैया कर रहे हैं।
  • घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है ।

इस पूरी घटना में जनता यह जानना चाहती है कि गम्हरिया गोदाम में आग लगने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई है और अब तक इस मामले से पर्दा क्यों नहीं उठ पाया ।

जनता के द्वारा पूछा गया यक्ष प्रश्न।

क्या यह आग लगने की घटना एक सोचीं समझी साजिश थी ?

क्या इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया था ?

दो लोगों की मौत हुई उन दो लोगों के परिवार जनों का क्या हुआ ?

क्या दोनों मृतक के परिवार को मुआवजा दिया गया और मुआवजा दिया गया तो कितना दिया गया ?

अनाज गोदाम में केरोसिन तेल कहां से आई ?

अनाज गोदाम में लाइटर कहां से आया ?

इस मामले को लगभग लगभग सभी अखबारों ने सभी न्यूज़ चैनलों ने सभी न्यूज वेबसाइट में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था लेकिन फिर भी 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले से पर्दा नहीं उठ पाया जिले की जनता जनहित में यह जानना चाहती है कि क्या टीम का गठन सिर्फ एक दिखावा था ?, क्या आज के समय में न्याय सिर्फ शब्दों में रह गई है  किताबों में रह गई है अखबारों में रह गई है या सिर्फ कहने को रह गई है ?

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले के 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक गम्हरिया अनाज गोदाम में किसी और एजीएम की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

यहां पर एक बड़ा सवाल यह भी उठता दिखाई दे रहा है कि नए एजीएम की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है ? या फिर गम्हरिया अनाज गोदाम में कोई भी अपनी नियुक्ति नहीं करवाना चाहता ?

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

सरायकेला-खरसावां

उन्नत तकनीक के माध्यम से लाह उत्पादन में वृद्धि एवं कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु किया गया प्रोत्साहित, अन्य किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने की गई अपील।

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले के कृषकों की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में नीमडीह प्रखंड अंतर्गत हेवन एवं लाकड़ी लैंपस के 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लाह उत्पादन को वैज्ञानिक आधार देकर किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित कृषकों को लाह उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। विशेषज्ञों द्वारा उत्तम किस्म के बीहन लाह के चयन, कीट नियंत्रण तथा लाह के पौधों के उचित रखरखाव के संबंध में तकनीकी जानकारी साझा की गई। किसानों को प्रेरित किया गया कि वे पारंपरिक विधियों के स्थान पर उन्नत तकनीक का उपयोग करें, जिससे न केवल उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि उनकी आय में भी आशातीत वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान 200 चयनित लाह कृषकों के बीच आवश्यक कृषि टूल-किट का वितरण किया गया। इन उपकरणों की उपलब्धता से किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से लाह की खेती करने में सुगमता होगी। प्रशासन का यह उद्देश्य है कि किसान संसाधनों के अभाव में न रहें और तकनीक का पूर्ण लाभ उठाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें। टूल-किट वितरण को किसानों को सशक्त करने और उन्हें कृषि कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा किसानों से विशेष अपील की गई कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आगे आएं। कृषकों को प्रोत्साहित किया गया कि वे स्वयं लाभान्वित होने के साथ-साथ अपने आसपास के अन्य किसानों को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित करें। सामूहिक जागरूकता के माध्यम से ही कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और ग्रामीण समृद्धि का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सरायकेला-खरसावां में नई एसपी का योगदान, महिला एवं बाल सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस।

सरायकेला-खरसावां में नई एसपी का योगदान, महिला एवं बाल सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां: जिले की नई पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी और ऐसे मामलों के त्वरित एवं संवेदनशील निष्पादन को सुनिश्चित किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने बताया कि अपराध नियंत्रण के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। पदभार ग्रहण करने के अवसर पर जिला पुलिस द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैया, चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद बिंद्रा, डीएसपी सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। नवपदस्थापित एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और आम जनता के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे हर हाल में बनाए रखना प्राथमिकता होगी।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय परिसर के पशुपालन कार्यालय प्रांगण में शनिवार को जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य रूप से प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी,जिप सदस्य ज्योतिलाल मांझी, बीडीओ एकता वर्मा एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो उपस्थित थे। शिविर में किसानों के बीच 90 प्रतिशत अनुदान राशि पर जोड़ा बैल का वितरण किया गया।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 8 किसानों के बीच 8 जोड़ा बैल का वितरण किया गया। वहीं वीडियो एकता वर्मा ने लाभूक किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जानकारी दिया एवं योजनाओं का समुचित लाभ उठाने का अपील किया। पशु पालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदानित राशि पर किसानों को एक एक जोड़ा बैल दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को खेती करने में प्रोत्साहित करना है, ताकि गरीब किसान सरकारी अनुदान पर जोड़ा बैल लेकर मन लगाकर खेती कर सके और किसान आत्मनिर्भर हो। उन्होंने कहा कि बैलों का रखरखाव,समय पर स्वास्थ्य जांच, वैक्सीन आदि के संबंध में भी किसानों को जानकारी दिया गया।वहीं किसानों को जोड़ा बैल मिलने से लाभूक किसानों का चेहरा खुशी से खिल उठा।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

सरायकेला/ईचागढ़

देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बंगाल चुनाव के दौरान कुड़मि बहुल क्षेत्रों में कुड़मालि भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने की घोषणा केवल एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संकेत माना जा सकता है। बृहद छोटानागपुर क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में निवास करने वाला कुड़मि समाज अपनी विशिष्ट भाषा, संस्कृति और परंपराओं के साथ लंबे समय से पहचान और अधिकार की मांग करता रहा है।
भारत की विविधता में भाषाई पहचान का विशेष महत्व है। जब किसी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान मिलता है, तो उसे न केवल संवैधानिक संरक्षण मिलता है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन और सांस्कृतिक विकास के नए द्वार भी खुलते हैं। ऐसे में कुड़मालि भाषा को यह दर्जा दिलाने की पहल कुड़मि समाज के आत्मसम्मान को मजबूत कर सकती है।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनजातीय और क्षेत्रीय समुदायों के प्रति विश्वास निर्माण की रणनीति पहले भी दिखाई दे चुकी है। इसका प्रमुख उदाहरण श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हैं, जो संथाल समाज से आती हैं और आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। यह घटना न केवल एक समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के प्रति सामाजिक समावेशन और अवसर की समानता का प्रतीक बनी।

इसी तरह यदि कुड़मि समाज को भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, चाहे वह मंत्री पद हो या अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां, तो इससे समाज में विश्वास और भागीदारी की भावना और प्रबल होगी। इससे न केवल कुड़मि समाज का उत्थान होगा, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें भी और मजबूत होंगी।
हालांकि, यह भी आवश्यक है कि ऐसे वादे केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें ठोस नीतियों और कार्यान्वयन के माध्यम से साकार किया जाए। भाषा को मान्यता देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

आखिर कुड़मि समाज के साथ विश्वास का यह संबंध केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। जहां हर समुदाय को अपनी पहचान, सम्मान और विकास का समान अवसर मिले।

आज आवश्यकता है कि हम सभी कुड़मि भाई-बहन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग पूरी समझदारी के साथ करें। हमें यह देखना है कि कौन हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और हमारे समाज के उत्थान के लिए ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प ले रहा है। हमें अवसर देना है परखने का, समझने का, और अपने भविष्य को मजबूत करने का।
लेकिन समाज के सभी सदस्यों एवं वर्गों को, यह भी याद रखना होगा, हमारा आंदोलन हमारी पहचान है। यह संघर्ष हमारी आत्मा है । यह न कभी रुका है, न कभी रुकेगा। चाहे कोई भी सरकार आए या जाए, कुड़मि समाज अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा, संगठित रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा। आज का निर्णय केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि आगे आने वाले वर्षों की दिशा तय करेगा। एकजुट होकर, जागरूक होकर, और अपने अधिकारों के प्रति
सजग रहकर हमें आगे बढ़ना है।

प्रस्तुति :गुणधाम मुतरुआर
(भूगोल-शिक्षक)
अनुग्रह नारायण +2 उच्च विद्यालय पिलीद, ईचागढ़, सरायकेला-खरसावां, झाड़खंड – 832403

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