कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने अपने सहयोगियो के साथ झारखंड के माटी पुत्र एवं शिक्षाविद्य और संविधान सभा के सदस्य बिहार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय पंडित बिनोदानंद झा की 126वीं जयंती पर श्रद्धासुमन श्रद्धांजलि अर्पित किए। श्री झा ने कहा वे एक दूरदर्शी नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने कार्यों और विचारों से बिहार के विकास को नई दिशा दी।

उनका सादगीपूर्ण जीवन, उच्च आदर्श और समाज के प्रति अटूट समर्पण आज भी हमें प्रेरित करता है कि हम जनहित और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ें।
श्री फुलकांत झा ने सरकार से मांग की है मिथिला-मैथिल,मिथिली के वरदपुत्र झारखंड के गौरव के प्रति सच्ची श्रद्धांजली के रूप में देवघर एम्स (AIMs)का नाम बिनोदा बाबू के नाम पर रखा जाए।
जो हेमंत बाबू के सरकार के लिए गौरव का पल होगा।
बिनोदा बाबू अमर रहे।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 7 युनिट सुकर का किया वितरण।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 7 युनिट सुकर का किया वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा 7 लाभुको के बीच 7 युनिट सुकर का वितरण किया गया। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा,जिला परिषद सदस्य जोतिलाल मांझी एवं पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो के द्वारा वितरण किया गया।

वहीं पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो ने बताया कि 7 लाभुको के बीच 35 सुकर का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मुर्गा चूजा, बत्तख,बकरा, बकरी एवं गौ पालकों के बीच गाय का वितरण किया गया है। विभाग का उद्देश्य है कि किसानों को अनुदानित दर पर पशु धन उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

15 वर्षों से महिला जलती आग पर चलकर कर रही शिव तपस्या, पति ने पीठ में हुक घोंपकर दिखाया आस्था का अद्भुत रूप।

15 वर्षों से महिला जलती आग पर चलकर कर रही शिव तपस्या, पति ने पीठ में हुक घोंपकर दिखाया आस्था का अद्भुत रूप।

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत लाबा गांव में बुधवार को आस्था, भक्ति और तपस्या का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। चड़क पूजा के अवसर पर यहां एक महिला ने जलती व लहलहाती आग पर चलकर भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का प्रदर्शन किया, वहीं उनके पति ने अपनी पीठ में लोहे का हुक घोंपकर 40 फीट ऊंचाई पर चरखी से झूलते हुए भक्ति का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया।

करीब 50 वर्षीय बुटन ग्वालीन पिछले 15 वर्षों से लगातार इस कठिन तपस्या को करती आ रही हैं। हर वर्ष चड़क पूजा के दौरान वे लहलहाती आग में नंगे पैर चलती हैं, जिसे स्थानीय लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने का माध्यम मानते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बुटन ग्वालीन की यह साधना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनकी गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक है।

वहीं उनके पति सोमा गोप ने भी इस अवसर पर अपनी पीठ में लोहे का हुक घोंपकर लकड़ी से बने बल्ले पर लटकते हुए करीब 40 फीट ऊपर तक झूलकर भगवान शिव की आराधना की। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।

ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह की कठोर तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और परिवार तथा गांव पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

हालांकि इस प्रकार की धार्मिक गतिविधियों को लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सवाल भी उठते हैं, लेकिन स्थानीय लोग इसे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं। बुटन ग्वालीन ने बताया कि लहलहाती आग पर भगवान शिव जी की असीम कृपा से चलती हूं, जिसमें न कपड़े और न ही कहीं आग से जलता है और लोहे का हुक पीठ के चमड़े पर घोंपा जाता है और रस्सी के सहारे चकरी में लटकाकर घूमते हैं,जिसमें न ही खुन निकलता है ओर न ही घाव पर मरहम पट्टी लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा सिर्फ भोले बाबा के कृपा से ही संभव है।

शिव गाजन के उपलक्ष्य में बाउल संगीत और छऊ कला ने बांधा समा।

शिव गाजन के उपलक्ष्य में बाउल संगीत और छऊ कला ने बांधा समा।

सरायकेला/ईचागढ़

यहां शिव मंदिर का है विशेष महत्व।

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के पुड़ीहेंसा गांव में शिव गाजन के उपलक्ष्य में श्री श्री शिव पुजा सोलोआना समिति द्वारा आयोजित शिव पुजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। पटमदा व बंगाल के पुरूलिया, बांकुड़ा के बाउल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय संगीत परिवेशन किया।

पटमदा के गौउर दास बाउल ,गम्हारिया के वन बिहारी बाबाजी, बांकुड़ा के अर्चना दास, पुरूलिया के बंदना एवं त्रिशा बनर्जी ने भक्ति मय संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं बंगाल के पुरूलिया बाघमुंडी के छऊ उस्ताद जलधर कुमार एवं बलरामपुर के उस्ताद सुदर्शन सिंह सरदार एवं दल द्वारा महाभारत पर आधारित मानभूम शैली का छऊ प्रदर्शन कर महफिल को चार चांद लगा दिया। पूजा समिति के फुलचांद महतो ने बताया कि पुरीहेंसा में आदि काल से बुड़ा बाबा के नाम से शिव मंदिर जगजाहिर है। दुर दराज से लोग अपने रोग मुक्ति के लिए शिवजी के मंदिर में धरना देते हैं और मन्नतें मांगते हैं।

उन्होंने कहा कि शिव गाजन में पारम्परिक नाया द्वारा पुजा अर्चना किया जाता है। मन्नत पूरी होने से सैकड़ों बकरे का बली भी चढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा भव्य और विशाल मंदिर का भी निर्माण कराया जा रहा है।

मौके पर मुखिया प्रतिनिधि राम चरण सिंह मुण्डा, वार्ड सदस्य फुलचांद महतो, अधिवक्ता महेंद्र कुमार महतो, रेणुका महतो,आजसू प्रखंड अध्यक्ष गोपेश महतो, दिलीप कुमार दास ,परेश चन्द्र महतो, बुद्धेश्वर महतो, पूर्व मुखिया भिष्मदेव महतो, आशीष महतो आदि उपस्थित थे।

चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन।

चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन सौंपा ज्ञापन।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल प्रखंड क्षेत्र के चांडिल-कांड्रा रोड की जर्जर एवं खस्ताहाल स्थिति को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया एवं बीडीओ के अनुपस्थित में सीओ को ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से चांडिल-कांड्रा सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने खुदीराम बोस चौक चैनपुर से प्रखंड कार्यालय तक रैली निकाली पदयात्रा* निकाली और प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन किया । ग्रामीणों ने चांडिल-कांड्रा रोड के अधूरे मरम्मत कार्य को अविलंब पूरा करने ,तिदिन पानी का छिड़काव , स्पीड ब्रेकर लगाने , तत्काल भारी वाहनों का आवागमन पर रोक लगाने , 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा का साइन बोर्ड लगाने,चैनपुर मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने,स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए फुटपाथ का निर्माण किरने का मांग किया है।

आशुदेब महतो व राकेश रंजन व ज्योतीलाल महली ने कहा कि सड़क की जर्जर हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं ।लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने पर मजबुर है। उन्होंने प्रशासन को जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग किया । मौके पर ग्रामीण आंदोलनकारी एकता मंच के आशुदेब महतो, राकेश रंजन महतो, कृष्णा चंद्र महतो, नित्यानंद लायक, मनोरंजन कुम्भकार, जयदेव कुम्भकार, ज्योतिलाल महाली, मुखिया सुबोधनी माहली,धीरन गौड़, भुजंग माछुआ, कृष्णा कालिंदी, मंजू गोराई, बेबी दुबे,राजेश दुबे सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

कुकड़ु प्रखंड में हाथियों का आतंक, डाटम और गोंगाडीह में घर तोड़े, फसल बर्बाद।

कुकड़ु प्रखंड में हाथियों का आतंक, डाटम और गोंगाडीह में घर तोड़े, फसल बर्बाद।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत कुकड़ु प्रखंड में जंगली हाथियों के झुंड ने फिर तबाही मचाई है। सोमवार रात करीब सात हाथियों का झुंड डाटम गाँव में घुस आया। हाथियों ने डाटम गांव निवासी मिहिर महतो का घर तोड़ दिया और रखे अनाज को चट कर गए। परिवार के लोग दहशत में रातभर जागते रहे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह विशाल झुंड पिछले एक सप्ताह से इलाके में डेरा डाले हुए है। इसी झुंड ने गोंगाडीह के चोड़ा टोला में जगन्नाथ सिंह मुंडा का घर तोड़ा और रखे धान व आलू खा गया। कर्ण सिंह मुंडा और विश्वजीत सिंह मुंडा की लौकी की खेती को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि आम लोगों और हाथियों के बीच संघर्ष अब रोज की बात हो गई है।

ग्रामीणों ने नीति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक ओर शहर के लोगों के मनोरंजन के लिए दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में ‘गज परियोजना’ और टूरिज्म डेवलपमेंट के नाम पर वन्यजीवों के आश्रय स्थल उजाड़े जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दलमा तराई के गरीब किसान, मजदूर और प्रकृति का संरक्षण करने वाले ग्रामीण हाथियों का दंश झेल रहे हैं। लोगों ने बताया कि पहले गाँव में दिन की शुरुआत दोपहर 3 बजे के बाद सामान्य हो जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी और चांडिल गज परियोजना क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ने से शाम ढलते ही दहशत का माहौल बन जाता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान और नुकसान का मुआवजा देने की माँग की है।

बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

झारखंड/हजारीबाग

13 अप्रैल 2026 को पीएम उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मरमगड्डा के विद्यालय परिवार के द्वारा विद्यालय प्रांगण और पोषक क्षेत्र में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुलदीप प्रसाद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं शिक्षक रंजीत कुमार, रंजन मेहता, गुलाब पंडित, वासुदेव ठाकुर, प्रेमानंद सिंह, तुलसी राम एवं विनोद प्रसाद का इस अभियान में अहम योगदान रहा। प्रधानाध्यापक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।

कोनहारा कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा इस अभियान में मुख्य अतिथिरूप से सम्मिलित हुए। मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा ने अभिभावकों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें सरकारी योजनाओं (जैसे छात्रवृत्ति, पोशाक राशि और मध्याह्न भोजन) के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि: “शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे गाँव और समाज का भविष्य बदला जा सकता है। कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहना चाहिए।”इस अभियान के माध्यम से पोषक क्षेत्र के कई अभिभावकों ने अपने बच्चों के नामांकन के प्रति उत्साह दिखाया। प्रधानाध्यापक श्री कुलदीप प्रसाद ने मुखिया प्रतिनिधि और ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नीमडीह प्रखंड में पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नीमडीह प्रखंड में पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण।

सरायकेला–खरसावाँ

नीमडीह प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुपालन को प्रोत्साहित करने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाभार्थियों के बीच पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत 1 यूनिट पिगरी एवं 4 यूनिट गोटरी का वितरण चयनित लाभुकों के बीच किया गया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देना, छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में वृद्धि करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा लाभार्थियों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी, पशु आहार प्रबंधन, स्वास्थ्य देखभाल एवं स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, ताकि वे इस योजना का समुचित लाभ प्राप्त कर सकें।

प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनका पशुपालन व्यवसाय स्थायी एवं लाभकारी बन सके।
इस अवसर पर प्रखंड प्रशासन, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में लाभार्थियों से अपील की गई कि वे पशुओं के उचित देखभाल एवं प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तथा विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी आय में वृद्धि सुनिश्चित करें।

सड़क की धूल में दफन हुआ विकास, सौरभ प्रामाणिक की कला बनी चांडिल के आंदोलन की मशाल।

सड़क की धूल में दफन हुआ विकास, सौरभ प्रामाणिक की कला बनी चांडिल के आंदोलन की मशाल।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग अब केवल एक जर्जर रास्ता नहीं, लोकतांत्रिक व्यवस्था की संवेदनहीनता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक बन चुका है। 9.5 करोड़ रुपये की राशि फाइलों में खर्च दिखाए जाने के बावजूद, जमीन पर हकीकत के नाम पर केवल जानलेवा गड्ढे और बीमारियाँ बांटती धूल बची है। जनता द्वारा प्रशासन को दिया गया 7 दिनों का अल्टीमेटम समाप्त हो गया है, जिसने अब एक उग्र जन – आंदोलन का रूप अख्तियार कर लिया है।

इस संघर्ष के बीच, क्षेत्र के चर्चित युवा कलाकार सौरभ प्रामाणिक का नया कार्टून आर्ट व्यवस्था की विफलता को आईना दिखा रहा है। सौरभ के इस कार्टून आर्टवर्क में एक ओर हाथ में मशाल थामे आक्रोशित जनता अपने हक के लिए खड़ी है, तो दूसरी ओर आलीशान कुर्सियों पर आँखों पर पट्टी बांधकर ‘निद्रा में’ डूबे सत्ताधारियों और अधिकारीयों को दिखाए गया हैं। चित्र के केंद्र में खड़ा कैलेंडर इस बात का कड़ा प्रतीक है कि अन्याय सहने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है और धैर्य का बांध टूट गया है।

गौरतलब है कि चैनपुर निवासी कलाकार सौरभ प्रामाणिक की सक्रियता केवल इसी मुद्दे तक सीमित नहीं है। वे निरंतर सामाजिक ज्वलंत मुद्दों पर अपनी कूची चलाते रहे हैं। जागरूकता वाले पोस्टरों और व्यंग्यात्मक कार्टूनों के माध्यम से वे अक्सर जनता को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हैं। चाहे स्थानीय बुनियादी ढांचा हो या सामाजिक कुरीतियां। सौरभ की कला हमेशा एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह आम आदमी की आवाज बनकर उभरी है। उनकी यह ‘कलात्मक स्ट्राइक’ अब चांडिल के हर नागरिक की सामूहिक पुकार बन चुकी है। क्षेत्र की जनता और आंदोलनकारियों का संदेश अब पूरी तरह स्पष्ट है शांतिपूर्ण प्रतीक्षा और संवाद का समय अब बीत चुका है।

सौरभ के कार्टून की पृष्ठभूमि में दिखती टूटी सड़कें और धूल के गुबार उस कड़वी सच्चाई को बयां कर रहे हैं, जिसे सत्ता अपनी बंद आंखों से देखने को तैयार नहीं है। यह मार्मिक कलाकृति हमें याद दिलाती है कि जब शब्द बेअसर हो जाते हैं और गुहार अनसुनी कर दी जाती है, तब कला को ही व्यवस्था के बहरे कानों तक जनता की गूंज पहुंचाने के लिए मशाल बनकर आगे आना पड़ता है। अब देखना यह है कि इस ‘कलात्मक प्रहार’ के बाद क्या जिम्मेदार अपनी नींद त्यागते हैं या जनता को इसी नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर किया जाएगा।

बिजली की तार के चपेट में आने से एक बैल की हुई मौके पर मौत , मुखिया ने किया मुआवजा का मांग।

बिजली की तार के चपेट में आने से एक बैल की हुई मौके पर मौत , मुखिया ने किया मुआवजा का मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़-थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव में खेतों में घास चर रहा एक बैल के ऊपर बिजली का 11 हजार वोल्टेज तार गिरने से बैल की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रोज की तरह विर मछुआ का बैल खेतों में घास चर रहा था,तभी अचानक 11 हजार वोल्टेज का तार बैल के ऊपर गीर गया , जिससे बैल की मौत हो गई। सुचना मिलते ही मुखिया बिपिन सिंह मुण्डा घटनास्थल पर पहुंचे और पशु चिकित्सा पदाधिकारी, ईचागढ़ थाना एवं बिजली विभाग को जानकारी दिया।

मृत बैल का पोस्टमार्टम कर दफनाया गया। वहीं मुखिया बिपिन सिंह मुण्डा ने बताया कि बैल का कीमत जिसका करीब 40 हजार रुपए है । वीर मछुआ एक गरीब व हरीजन परिवार से आता है।समुचित मुआवजा नहीं मिलने से वे बैल खरीदने में असमर्थ होगा। उन्होंने बिजली विभाग से समुचित मुआवजा देने का मांग किया है।

स्क्रैच कार्ड स्कैम को लेकर कपाली पुलिस की चेतावनी, सतर्क रहने की अपील।

स्क्रैच कार्ड स्कैम को लेकर कपाली पुलिस की चेतावनी, सतर्क रहने की अपील।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र में स्क्रैच कार्ड स्कैम के मामलों को लेकर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। कपाली ओपी प्रभारी धिरंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से इस तरह के ठगी के मामलों की सूचना मिल रही है जिसमें लोगों को स्क्रैच कार्ड के जरिए झांसा देकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से ठगी का एक संगठित तरीका है जिसमें आम लोगों को आकर्षक इनाम का लालच देकर फंसाया जाता है। ऐसे मामलों में लोग अनजाने में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि किसी भी तरह के स्क्रैच कार्ड, लॉटरी या इनाम से जुड़े लालच में न आएं और पूरी तरह सतर्क रहें।

ओपी प्रभारी ने कहा कि यदि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत कपाली ओपी के सरकारी मोबाइल नंबर 9693822059 या व्हाट्सएप नंबर 8083180360 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

राज्यपाल संतोष गंगवार ने आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी संचिका को मंजूरी दिए बिना किया वापस।

राज्यपाल संतोष गंगवार ने आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी संचिका को मंजूरी दिए बिना किया वापस।

झारखंड

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विशेष रूप से उन तीन नामों पर आपत्ति जताई है, जो सक्रिय राजनीतिक दलों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। उनका मानना है कि सूचना आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण और निष्पक्ष पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का राजनीतिक रूप से तटस्थ होना आवश्यक है।

इस मामले में राज्यपाल ने सीधे निर्णय लेने के बजाय इन नामों पर विधिक राय मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति नियमों और कानून के अनुरूप है या नहीं।

अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कानूनी सलाह आने के बाद इस मामले में आगे क्या फैसला लिया जाता है—क्या इन्हीं नामों को मंजूरी मिलेगी या राज्य सरकार को नए नाम प्रस्तावित करने होंगे।

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