केंद्रीय वरिष्ठ नागरिक समिति से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
पूर्वी सिंहभूम
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मानगो जमशेदपुर शाखा की ओर से पूर्वी सिंहभूम जिला, केंद्रीय वरिष्ठ नागरिक समिति से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन उलीडीह स्थित सेवा केंद्र पर किया गया इस समारोह में वरिष्ठ नागरिक समिति से जुड़े काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया ।
ब्रह्माकुमारी से जुड़े गोपाल भाई ने उपस्थित मेहमानों को सम्मानित करते हुए विद्यालय की सेवाओं की संक्षिप्त जानकारी दी ब्रह्माकुमारी से जुड़े मदन मोहन भाई किशोर भाई ने अपने अनुभव से लोगों को लाभान्वित किया ।ब्रह्माकुमारी मानगो प्रभारी ब्रह्माकुमारी रूबी बहन ने सभी को आभार व्यक्त करते हुए मेडिटेशन कराया एवं उपस्थित मेहमानों को प्रसाद एवं गिफ्ट भेंट किया ।कार्यक्रम के सूत्रधार वरिष्ठ नागरिक समिति के प्रांतीय अध्यक्ष शिवपूजन सिंह जी के नेतृत्व में लोगों ने कार्यक्रम से लाभ लिया ।
शिवपूजन सिंह जी एवं उनके उपस्थित मेहमानों ने अपने आशीर्वचनों से कार्यक्रम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया इस मौके पर अजीत कुमार सिंह ,संतोष कुमार गुप्ता ,नकुलधाम ,अनीता सिंह रामकृष्ण उपाध्याय जी, डॉक्टर दिलीप कुमार ओझा, विशंभर साहू ,बीके सिंह ,कवि गोपाल जगदीश दिनेश शर्मा रमेश कुमार मदन मोहन महतो कैलाश प्रसाद मुन्ना चौधरी चौबे दिनेश कुमार सिंह एवं लता सिंह जी उपस्थित थे। कुल मिलाकर कार्यक्रम बहुत ही अच्छा रहा सभी खुश हुए सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद।
लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल में पेरेंट्स डे पर बच्चों ने पेश किया रंगारंग कार्यक्रम।
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
बच्चों को मोबाईल से दूर रखें माता पिता- डीएसपी
लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल मुसाबनी में शुक्रवार को वार्षिक पैरंट्स डे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुसाबनी के पुलिस उपाधीक्षक चंद्रशेखर आजाद एवं उनकी धर्मपत्नी श्वेता शेखर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार उपस्थित थे। नन्हे बच्चों द्वारा अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति रिवाज से किया गया। प्रिंसिपल आशा श्रीवास्तव ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ व।अंग वस्त्र देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर फुलमाला अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण स्कूल की प्रिंसिपल आशा श्रीवास्तव ने प्रस्तुत करते हुए विद्यालय द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि अभी से बच्चों के प्रति अभिभावक चिंता करें ताकि उनके बच्चे का भविष्य उज्जवल बन सके।
मुख्य अतिथि मुसाबनी पुलिस उपाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल के प्रिंसिपल एवं अन्य शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नन्हे बच्चों को इस कार्यक्रम के लिए तैयार करना काफी कठिन था लेकिन बच्चों की प्रस्तुति ने हर लोगों का मन मोह लिया उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से अनुरोध किया कि सभी लोग अपने-अपने बच्चों को मोबाइल की पहुंच से दूर रखें ताकि उनका स्वर्णिम भविष्य संवर सके उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का भी अनुरोध किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति कर अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों ने वेलकम डांस प्रस्तुत कर किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत मम्मी पापा डांस को लोगों ने खूब सराहा। सिद्धार्थ सबर ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के तहत राष्ट्रीय फल आम की विशेषता बताई ।बच्चों ने सोशल मीडिया पर आधारित लघु नाटक पेश किया। आदिवासी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति से लोग मंत्र मुग्ध हो गए। छात्र श्रेयांश शेखर ने ट्रैफिक लाइट पर अपने संबोधन से लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया। बच्चों द्वारा आकर्षक हॉरर डांस, स्कूल चले हम, कोविड स्किट, इंग्लिश डांस ,फैंसी ड्रेस चंद्रयान, पांच तत्व पर आधारित नाटक, डिस्को डांस एवं क्रिसमस डांस की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में शमा बांध दिया।
कार्यक्रम में काफी संख्या में अभिभावक एवं स्कूल की शिक्षिका आशा दास, सुजाता डेनियल, निशा कुमारी, रितीशा साह, तापसी महाकुड़ सही बच्चे उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजेश कैवर्त ने किया।
कोल्हान के चांडिल अनुमंडल स्थित दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के मकुलाकोचा मुख्य चेकनाका में रंजनी नामक हथनी आज के दशक में पर्यटकों के लिए। सेल्फी पोइंट बन कर शोभा बढ़ा रहा हे।
झारखंड राज्य के साथ पश्चिम बंगाल ,उड़ीसा ,छत्तीसगढ़, बिहार,नेपाल आदि राज्यों से पर्यटकों भीड़ प्रतिदिन सैकडो की संख्या में दलमा गज परियोजना घूमने और भ्रमण के लिए पहुंच रहा हे। सभी देश और विदेशी के पर्यटकों की जुबान में रंजनी हाथी की नाम और चेहरे में चमक देखी गए । शैलानी में छोटे हो बड़े सभी के साथ रंजनी हाथी घुलमिल जाता । ओर रंजनी के साथ यादगार पल को आपने मोबाईल में सेल्पी लेकर खुशी जाहिर करते हे।पर्यटकों का कहना हे , दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एक आदर्श ओर मनौर्म का दृश्य को मिलता है, जंगल के वादियों में विभिन्न प्रकार के जल स्रोत के साथ छोड़े बड़े बांध को मिलता हे।
पर्यटक दुःख प्रकट करते हुई कहा दलमा सफारी करने के दौरान जंगल में एक भी हाथी की झुंड देखने को नहीं मिलता जिसके कारण हम लोगो के मायुष हो जाते।
दलमा भ्रमण आने के समय सभी के चेहरे में खुशी देखा जाता हे। परंतु जंगल सफ़ारी करने के प्रश्चात् जंगल की बिहोडो में हाथी नदारत रहे, हाथी प्रेमी द्वारा दो वर्षो से दलमा सेंचुरी में भ्रमण करने दौरान एक भी जलस्रोत या बांध में हाथी को विचरण अथवा जलक्रीड़ा करते नही देखा गया।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम चाकुलिया होते हाथी की झुंड बहरागोड़ा,घाटशिला पहुंचते है,उसके बाद हाथी की झुंड दलमा सेंचुरी में एंट्री नही करते हे। कारण किया है, इस बर्ष 2023 15 दिसंबर के आसपास एक हाथी की 25 / 30 की झुंड साथ नाला पटमदा होते सेंचुरी में प्रवेश किया और विचरण करते हुए झुंड कोंकादासा, गुमानडीह , बाधडीह होते हुए झुंड बातकोमकोचा ओर टेंगाडीह बिट की और पहुंचे । आज मुख्य सेंचुरी से गजराज की झुंड नही रहने के कारण दो वर्षो से इस क्षेत्र में हाथी की झुंड को प्रज्जाप्त भोजन की कमी दरसाते है। पहले की अपेक्षा सेंचुरी में पोष्टिक भोजन की अपेक्षा देखने को मिल रहा है। पहले गलगल,पांजन ,ओर दुधिलोता,घास की कमी देखने को मिला।
इस सेंचुरी में एक दर्शक था जो रॉयल बंगाल टाईगर के बहुल क्षेत्र माना जाता था, अब गज परियोजना से जाना जाता ,इस जंगल की बिहड़ो में हाथी की मुख्य प्रज्जन केंद्र माना जाता है, पश्चिम बंगाल ओर उड़ीसा राज्य आदि से हाथी की झुंड गर्मी के समय पानी भोजन की पर्याप्त मात्रा में मिलता था, ओर बड़े मजे से झुंड विभिन्न जलस्रोत में पर्यटकों आसानी से देखने को मिलता था, आज के दौर में इस जंगल में प्रतिबर्षो आग लगना ,शिकार होना ,अवेध रूप से जंगल की पेड़ की कटाई और पश्चिम बंगाल ओर जमशेदपुर शहर में धड़ल्ले से तस्करी होना यह आम बाते हो गया, जिसके कारण इस क्षेत्र में गजराज की झुंड रखने की नाम नही लेता है। प्रत्येक वर्ष वन एवं पर्यावरण विभाग को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया करते हे।जंगल और जंगली जीवजंतु की सुरक्षा के लिए । इस सेंचुरी में विभिन्न प्रकार के पंछी ओर जीवजंतु देखने को मिलता था आज विलुप्त की कगार पर।
दूसरी ओर पर्यटन विभाग द्वारा इस ईको एंसेटिव जून को बड़ावा देने के लिए जोर सौर में प्रयारत हे। प्रत्येक बर्ष गज परियोजना में गजो जनगणना हो था परंतु कोई वर्षो से जनगणना नही हुआ हे।एक समय था सेंचुरी के अंदर बारों महीना हाथी की झुंड देखने को मिलता था ।सवाल यह उठता सेंचुरी में हाथी की झुंड पलायन कियू कर रहा हे । इस संबंध में पूछे जाने पर वन विभाग के पदाधिकारी रहे मौन।
एक हाथी रंजनी है उसे भी पोष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता । सेंचुरी में पर्यटकों से लाखो रुपया रेविंयु उठता, फिर भी एक मात्र हथनी को भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य गिरते जा रहा हे। जो उच्च स्तरीय जांच की विषय बने हे।
मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने 200 लोगों के बीच बांटे कंबल
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार, मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह आदि ने मिलकर सामुदायिक पुलिसिंग के तहत मुसाबनी बाजार परिसर में लगभग 200 जरूरतमंद गरीब, असहाय विधवा, वृद्ध लोगों के बीच उच्च कोटि का कंबल वितरण किया। कंबल लेने के लिए बाजार एरिया, हरिजन बस्ती, मोहनडेरा, शांति नगर, सिल्डाडेरा ,भट्टी एरिया, माहुलबेरा एवं बादिया के जरूरतमंद महिला पुरुषों व वृद्ध को चिन्हित किया गया था। जिन्हें मुसाबनी डीएसपी थाना प्रभारी एवं मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष द्वारा कंबल प्रदान किया गया। कंबल प्राप्त करने के लिए बाजार में गुरुवार दोपहर काफी संख्या में महिलाओं एवं बुजुर्गों की भीड़ जुट गई थी। बाजार समिति के पप्पू वाली, जलधर प्रधान, इम्तियाज अंसारी, दीनदयाल अग्रवाल, विवेक गुप्ता,सरफराज अंसारी आदि के हाथों भी जरूरमंद लोगों के बीच डीएसपी ने कंबल वितरण करवाया।
कार्यक्रम की शुरूआत में डीएसपी ने लोगों से उनकी समस्याओं पुलिस की कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। जिसमें कई लोगों ने खुल कर अपनी बातों को पुलिस पदाधिकारी के बीच रखा। जिसके निष्पादन का उन्होंने भरोसा दिलाया। जिसके बाद लोगों के बीच कंबल बांटा गया।
डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जमशेदपुर पुलिस की ओर से सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गरीब असहाय लोगों के बीच कम्बल वितरण का कार्यक्रम किया गया है तथा पुलिस द्वारा आम लोगों के बीच के दूरी को कम करने व पाटने का एक प्रयास किया गया है। डीएसपी ने कहा कि कमल वितरण का कार्यक्रम पुलिस की ओर से लगातार जारी रहेगा।
इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न की हेरा फेरी-मधुश्री महतो
सरायकेला
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेलाजिला के चांडिल से डैम नौका बिहार स्थित विजय होटल परिसर में जिला जीप उपाध्यक्ष एवं जीप सदस्य द्वारा प्रेस वार्ता में संयुक्त रूप से जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने बताया कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के प्रखंड चांडिल, ईचागढ़ एवं कुकड़ू मे प्रशासन द्वारा आयोजित आपकी सरकार आपकी द्वार शिविर कार्यक्रम मे तथा क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रायः आम जनता तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में माह दिसंबर 2023 का खाद्यान्न राशन डीलरों को प्राप्त नही होने से संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से राशन नहीं पहुंचने के संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के पश्चात देखा गया कि माननीय उपायुक्त को दी गई प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न का हेरा फेरी पहले से होता हुआ प्रतीत हो रहा है।
इसमें सहायक गोदाम प्रबंधक डीएसडी अभिकर्ता एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का भी संलिप्त प्रतीत हो रहा है। प्रखंड विकास अधिकारी एवं अंचल अधिकारी ईचागढ़ के संयुक्त रूप से दी गई रिपोर्ट में स्पष्ट है।
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने आगे कहा कि दिनांक 19 /12 /2023 को मैं स्वयं,चांडिल के जिला परिषद सदस्य सविता मारडी एवं ईचागढ़ के जिला परिषद सदस्य ज्योति लाल मांझी एवं और जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को उक्त घोटाला करने की जानकारी दी और अनुमंडल पदाधिकारी के सामने चांडिल JFC गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया तो गोदाम की भौतिक खाद्यान्न का जांच और माह वार आवंटन में हेराफेरी कर माह दिसंबर 23 का चावल गेंहू नाही डीलरो को डीएसडी किया गया है और नाही गोदाम में खाद्यान्न उपलब्ध हैं।
AGM/DSD अभिकर्ता से जानकारी मांगी गई तो वो सच्चाई बताने में असमर्थ तथा चुप हो गए।
यह भी देखा गया कि गोदाम में खड़ी जीएसएफसी का गाड़ी से जनवरी 23 का चावल अनलोड हो रहा था और उसी को दिसंबर 23 का SIO मे इश्यू था। जबकि, जिला प्रबंधक के पत्रांक 615/616 दिनांक 3/11/23के द्वारा चांडिल गोदाम को CWC gamhariya ओर पूर्वी सिंहभूम से कुल 6337 क्विंटल चावल गेंहू माह दिसंबर 23 को JFC ट्रांस्पोर्ट द्वारा भेजा गया है।
दूसरा गोदाम ईचागढ़ मे भी इसी लेटर द्वारा 5646 विंटल अनाज गोदाम में भेजा गया है l हम सभी जनप्रतिनिधियों गरीब जनता की आनाज घोटाला करने वाले कोई पदाधिकारी या कर्मचारी हो बक्सा नहीं जाएगा।इस विषय पर जिला के उपायुक्त महोदय को भी अवगत कराया जाएगा।
हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव विकास से कोसो दूर।
सरायकेला-खरसावां
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
क्षेत्र के आदिवासी युवक कर रहे पलायन
कोल्हान के हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव में आज भी विकास की रोशनी नही पहची ,सरकारी मूलभूत सुविधाओं से यह गांव दूर है। झारखंड राज्य अलग हुए 23 बर्ष हो गए इसके बावजूद इस क्षेत्र में सरकारी योजना न पहुंचने से यह पंचायत गांव मूलभूत सुविधाओं से बंचित है । सड़क ,स्वास्थ्य केंद्र,शिक्षा, पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा कोई सरकारी सुविधा गांव में नहीं मिली जिसके कारण इस क्षेत्र के नवयुवक पंचायत से पलायन कर रहे हैं। दो जून रोटी के लिए, एवं रोजगार के लिए पंजाब ,बैंगलोर , महाराष्ट्र आदि राज्यों में जाकर काम करने पर मजबूर है।इस पंचायत में प्रखण्ड से जिला और राज्य स्तर के पदाधिकारी और नेता मंत्री , संसद,विधायक पहुंचते रे हैं इसके वाबजूद कोई सुधि लेने वाले नही हैं।बीमार पड़ने से इस सुदुरवर्ती गांव के लोग चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए 25 किलोमीटर जाना पड़ता है बरसात के समय इस क्षेत्र के लोगो को कच्चे रास्ते , पानी और कीचड़ भरा रास्ता से गुजरने के मजबूर है साथ ही कठिनाई के साथ विभिन्न प्रकार के उलझन का सामना ग्रामीणों को उठाना पड़ता है ,इनके माथे में कुछ वर्षो से नक्सल नाम की धबा लगा हुआ है ।इन गांव में धातकीडीह,सशडीह,भादूडीह,जाहिरडीह,कांकीबेडा,दुगरीडीह, टुडु,रांका, मुटुदा,तानीसाह, रंगामाटिया,गांव के साथ विकास की उम्मीद लिए ग्रामीण जीने पर मजबूर हे।
गांव के लगो का यह रहे साधन जीवन गुजरने का
इस पंचायत के लोगो एक समय की धान की फसल खेती करता है,ओर जंगल की सूखे लकड़ी,दातुन,पत्ता,कदमूल, मार्केट में बेच कर गुजार करते हे।इस पंचायत के लोगो मतदान के लिए पालना जाना पड़ता,अब देखना है सरकार आपके द्वार कहा लगने वाला है।
चौका थाना क्षेत्र सुदुर्वती पंचायत हेंसाकोचा पंचायत में 13 रेविन्यु विलेज प्राकृतिक जंगलों से चारो तरफ से घिरे हुए हैं जहा सैकड़ो की तादात में आदिवासी लोग वासबास करते हैं,मुख्यरूप से इन गरीब किसानो का एक मात्र उपाय खेती करने का वह भी एक समय धान की फसल उत्पादन करते हैं,उसी से आपने परिवार की जीविका चलाते है, रब्बी फसल जंगल के किनारे आलू ,चाना ,मटर, आदि फलस उबजाते है।ओर जंगल पर इनका जीविका निर्भर हे,जंगल की सूखे लकड़ी ,दातुन,पत्ता,कदमुल बेच कर गुजार बसर करते हे।यह।रहा मुख्य साधन जीने के लिए ।प्रतिदिन लोगो साइकिल से सूखे लकड़ी लेजाकर मार्केट बेचकर 100 से 200 रुपया कमाते है उसी से जीवन का गुजर बसर करते हैं।
हेंसकोच पंचायत में सरकार और वन एवं पर्यावरण विभाग,साथ ही पर्यटन विभाग की अनदेखी के कारण इस क्षेत्र में देश की कोई सरकारी पदाधिकारी इस क्षेत्र की ओर ध्यान नहीं दिया । जिसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीणों स्वरोजगार नही मिला जिसके कारण युवक रोजगार और नक्सल की डर से कर रहे पलायन,इस क्षेत्र पर्यटकों लुभाने के लिए सोना झरना के नाम पर बिख्यात है।जो जंगलों की बिहड़ो होते जाना पड़ता है ।जो लगभग 250 फीट की ऊंचाई से यह झरना का पानी नीचे गिरता है।जिसकी कलाकलाहट आवाज के साथ विभिन्न प्रजाति के पंछी की मधुर आवाज से बतावरण गूंज उठाता है।जो पर्यटकों के लिए आकर्षणों का केंद्र बनेगा ।जिसको झारखंड सरकार को ध्यान देने की जरूरत हे।चांडिल जलाशय में जेसे पर्यटकों जन सैलाव देखने को मिलता उसी प्रकार आने वाले समय इस क्षेत्र में पर्यटकों पहुंचने लगेगा।
इन बांदियो में मनौरम दृश्य देखने को मिलता,साथ प्राकृतिक हराभरा यह जंगल साथ कोई झरनों के साथ आप पंछियों आवाज ओर झरनों की कल्कलाहट आवाज सुनने को मिलगा सोना झरना लगभा 250 फिट ऊपर से पानी गिरता हे और बहते हुए यह पानी पानला डेम में भंडार हो रहा हे, जहां जंगल चारो ओर घेरे हुए हे। विशाल शाल की पेड़ इस जलाशय के किनारे देखने को मिलेगा ,दिसंबर महीना में पश्चिम बंगाल ओर झारखंड राज्य के कोने कोने से पर्यटकों इस मनोरम बंदियों में पहुंचने लगा ।झील के किनारे पर्यटक पिकनिक मनाते हे।इस क्षेत्र को विकसित होना जरूरी है, कच्चे रास्ते होने के कारण पर्यटक इस स्थान तक नहीं पहुंच पाते,पालना डेम से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क बना जाने से पर्यटकों सोना झरना पहुंचने में सुविधा होगा इस क्षेत्र के लोगो स्वरोजगार प्राप्त होगा और इस क्षेत्र के युवक को रोजगार मिलेगा साथ ही गांव का विकाश होगा। इस क्षेत्र में स्कूल और आंगबाड़ी ,पंचायत भवन बने परंतु स्वास्थ्य केंद्र नही के कारण लोगो को इलाज के लिए चांडिल अनुमंडल ,ओर चांडिल प्रखंड मुख्यालय पहुंचेने के लिए 25से 30 किलोमीटर तय करना पड़ता हे ।यह हे झारखंड की विकास की दिन ।जिसके कारण नव युवक भटक रहा है।अबतक गांव में सड़क का निर्माण नही होगा तो विकास कहा से बोट देने के लिए लोगो को आपने पंचायत से हठ कर पालना जाना पड़ता है।पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला के अयोध्या पहाड़ में बंगाल सरकार द्वारा पर्यटकों बड़ावा देने के लिए सड़क बिजली पानी और झरनों तक पहुंचने के लिए पक्के सीढ़ी बनाए गए ,परंतु झारखंड राज्य में पालना डेम जलाशय में अबतक विकास नहीं हुआ ,आज भी पालना डेम पर झोप झाड़ी भरे हुए हे साथ जलाशय के किनारे कच्चे सड़क को पक्के सड़क का निर्माण नही किया गया।पालना जलाशय से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क का निर्माण का कार्य होना चाहिए।
मुसाबनी पुलिस ने जी सी जे डी हाई स्कूल के बच्चों को चुनाव व सड़क सुरक्षा पर किया जागरूक
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को थाना क्षेत्र के गिरीश चंद्र झुरो देवी उच्च विद्यालय मुसाबनी में चुनाव व सड़क संबंधित जागरुकता अभियान चलाया। इस जागरूकता अभियान में वर्ग 6 से दशम तक के सैकड़ो छात्र छात्राओं ने भाग लिया। थाना प्रभारी अंचित कुमार ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव व सड़क सुरक्षा से संबंधित विषयों से अवगत कराया। सभी 18 वर्ष और इससे अधिक के आयु के छात्र छात्राओं को मतदान करने के अधिकार से उन्होंने जागरूक करने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी अंचित कुमार ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। इसमें सड़क दुर्घटना के कारण, सड़क दुर्घटना से बचाव एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को मदद संबंधी कर्तव्यों से अवगत कराया गया ।साथ ही दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट के यात्रा तथा चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के महत्व के बारे में भी जानकारी प्रदान की. उन्होंने स्वयं तथा अपने परिवार वालों व संबंधियों को यातायात नियमों का अनुपालन करने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया. इस मौके पर विद्यालय के संस्थापक कुन्दन कुमार सिंह, प्रिंसिपल शिवपूजन सिंह, सोमेश्वर झा सहित सभी शिक्षक तथा सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।
विधायक ने जी सी जे डी हाई स्कूल में दो कमरे का किया उद्घाटन
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
विद्यालय को झारखंड सरकार से मिली प्रस्वीकृति, बांटे गए मिठाई
घाटशिला विधायक रामदास सोरेन शनिवार को मुसाबनी प्रखंड के गिरीश चंद्र झूरो देवी उच्च विद्यालय में उनके द्वारा किए गए अनुशंसा के तहत डीएमएफटी फंड से लगभग 19 लाख की लागत से निर्मित दो कमरे का उद्घाटन उन्होंने नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष सत्यनारायण ओझा, उपाध्यक्ष हिमांशु पात्रो एवं सचिव कुंदन कुमार सिंह, प्राचार्य शिवपूजन सिंह चौहान आदि के द्वारा विधायक का गर्म जोशी से विद्यालय प्रांगण में स्वागत किया गया। विद्यालय भवन के निर्माण कार्य को देखकर विधायक रामदास सोरेन काफी खुश हुए। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन की देखरेख में पूरी गुणवत्ता के साथ कमरे का निर्माण कराया गया है। जिसे देखकर लगता है कि इसमें किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती गई है ।उन्होंने दोनों कमरे में जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। विद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में विधायक रामदास सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि जब ईश्वर ने मनुष्य का जीवन लोगों को दिया है तो हर मनुष्य को अपना कर्तव्य जरूर करना चाहिए। चाहे वह विधायक हो, शिक्षक हो या समाज के अन्य क्षेत्र में कार्य करने वाला व्यक्ति हो। यदि अपने पद पर रहते हुए वह ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तो बदलाव जरुर दिखेगा। जैसा कि इस विद्यालय के संस्थापक व शिक्षकों ने कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय को मैं वर्षों से जानता हूं । यहां कक्षाएं झोपड़ी एवं खपरैल से बनी कमरे में चला करती थी। आज यह विद्यालय महल का रूप ले लिया है। मैंने यहाँ भौतिक संरचना को सुदृढ़ करने में काफी मदद की। विद्यालय का उत्तरोत्तर विकास देखकर मेरा मन प्रसन्न हो जाता है ।इसके समग्र विकास में विद्यालय के संस्थापक कुंदन कुमार सिंह का परिश्रम व त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को भरोसा दिलाया कि इस विद्यालय के विकास में जिस किसी भी तरह का सहयोग व मदद की जरूरत होगी। वह हमेशा करने को तैयार हैं। झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विद्यालय को स्थाई प्रस्वीकृति प्रदान किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने विद्यालय परिवार को बधाई दी। प्रस्वीकृति मिलने की खुसी में स्कूली बच्चों के बीच लड्डू का वितरण किया गया।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, पूर्व जिला पार्षद बाघराय मार्डी, प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, जिला कोषाध्यक्ष कालीपदो गोराई, बिक्रम मुर्मू, गौरांग महाली,लोबिन सबर, कान्हू टुडु, संजीवन पातर, चंदन महाली, सुभाष पातर, गणेश टुडू,
कोल्हान में श्रम कानूनो का हो रहा उल्लंघन,अधिकारी खामोश- पुरेंद्र नारायण सिंह
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
श्रम कानून को सख्ती से अनुपालन कराने में श्रम विभाग के पदाधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं-पुरेंद्र नारायण सिंह
15 दिसंबर बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजद के प्रदेश महासचिव सह प्रभारी पूर्वी सिंहभूम पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा की.औद्योगिक प्रमंडल कोल्हान के औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों के शोषण की खबरें लगातार मिल रही है. 90% औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की सुविधा नहीं मिल पा रही है. साथ ही हजारों मजदूरों को पीएफ, ईएसआई, लाभांश के आधार पर बोनस भी नहीं दिया जा रहा है. श्रम विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस आशय की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, मगर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है.
वहीं, संवाददाता सम्मेलन में पुरेंद्र नारायण सिंह के अलावे अधिवक्ता संजय कुमार, विपिन बिहारी प्रसाद, देव प्रकाश उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि एक-एक पदाधिकारी को कई जिलों का प्रभार दे दिया गया, जिसके चलते मजदूर अपनी शिकायत लेकर कार्यालय जाते हैं, मगर पदाधिकारी से मुलाकात नहीं होने की स्थिति में मायूस होकर एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय घूमते रहते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि श्रम कानून को सख्ती से अनुपालन कराने में श्रम विभाग के पदाधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं, जिसके चलते सरकार की भी बदनामी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कोल्हान में लाखों- लाख की संख्या में मजदूर औद्योगिक इकाइयों में काम करते हैं. 90% औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल पाता है, मगर अधिकारी मौन रहते हैं. पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि वे शीघ्र ही मजदूर हितों की अनदेखी करने वाले श्रम अधिकारियों की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, श्रम सचिव को पत्र लिखकर देंगे।
दिव्यांग हेतु सफल अवार्ड प्रतियोगिता का किया गया आयोजन।
जमशेदपुर/सोनारी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)
15 दिसंबर को सोनारी स्थित ट्रैवल कल्चर सोसाइटी के तत्वधान में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा दिव्यांग हेतु एक प्रतियोगिता सफल अवार्ड के नाम से कराया गया।
जिसमें भारत के 23 राज्यों से प्रतिभागी ने भाग लिया। जिसमें की 10 राज्यों से खास दिव्यांगो जो कि किसी न किसी रूप में अपने प्रतिभा को दिखाना चाहते हैं और बताना चाहते हैं। उसमें कई प्रतिभागी ऐसे थे जो की नेशनल और इंटरनेशनल लेबल पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी एक प्रतियोगिता कराई गई ।उन्हें प्रतियोगिता के कार्यक्रम के द्वारा वोट करने को कहा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के अमिताभ जो जो की टाटा स्टील फाउंडेशन की स्किल डिपार्मेंट को देखते हैं ,मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
गुरु गोविंद सिंह हाई स्कूल में बच्चों के बीच योग साधना एवं विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या पर चर्चा की गई।
जमशेदपुर/टेल्को
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जमशेदपुर टेल्को गुरु गोविंद सिंह हाई स्कूल में आनंद मार्ग के आचार्य प्रियतोषानंद अवधूत द्वारा बच्चों के बीच योग साधना एवं विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या पर चर्चा की गई।मन को एकाकर करके परमात्मा में मिलना ही योग है.योग ऐसी साधना जो शारीरिक और मानसिक शक्तियों का संयोग हैं।
योग के माध्यम से आप खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। आचार्य प्रितोषानंद अवधूत ने कहा कि योग हर प्रकार की आयु के लिए योग्य हैं; खासकर विद्यार्थियों के लिए योग शरीर को लचीला, स्वस्थ और सुरक्षित बनाता है.शारीरिक और मानसिक खुशहाली की प्राप्ति के लिए योग एक मुख्य भूमिका निभाता है।योग विद्यार्थियों में सकारात्मकता का संचार करके, विद्यार्थियों को तनाव मुक्त माहौल देता है। योग विद्यार्थियों की स्वयं से पहचान कराकर आत्मिक शांति देता है।
योग के ही माध्यम से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास संभव है। आचार्य प्रियातोषानंद अवधूत ने छात्रों के सर्वांगिक विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण योग आसन पद्मासन, योग मुद्रा ज्ञान आसान, ध्यान योग का अभ्यास कराया।
कुचाई में जनता पुलिस सिविक एक्शन कार्यक्रम का किया गया आयोजन।
सरायकेला-कुचाई
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जनजातीय के पठारी क्षेत्र एवं जंगल के अंदर जनता और पुलिस के बीच सिविक एक्शन का कार्यक्रम निरंतर चलता ही रहता है.आज दिनांक 14 दिसंबर बृहस्पतिवार को ग्राम पुनीसिर स्थित 157 बटालियन सीआरपीएफ कैंप में जिला कमानडेंट भूपाल सिंह के आदेश अनुसार नीरज सिंह राठौर , द्वितीय कमान अधिकारी के द्वारा जनसम्पर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें कार्यक्रम में उपस्थित जरूरत मंद गरीब ग्रामीणों को पानी टंकी , टीन सीट, सोलर लालटेन , कंबल, मच्छरदानी , सब्जियों के बीज , स्कूली बच्चों को स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स , पानी बोतल , नोट बुक , लेखन सामग्री , फावड़ा तथा नौजवानों को खेल सामग्री जैसे कि फुटबॉल , शू , टी शर्ट , स्पोर्ट्स शर्ट , फुटबॉल नेट आदि का वितरण किया गया ।
157 बटालियन द्वारा इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी ग्रामों में होता रहेगा , जिससे सीआरपीएफ और ग्रामीण दोनों के बीच सामंजस्य बना रहे तथा क्षेत्र का विकास हो सके। उपस्थित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी । इस अवसर पर कैंप के इंस्पेक्टर राजीव दास तथा के. बी. सामंत भी उपस्थित थे।सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत इसी तरह का कार्यक्रम नीरज सिंह राठौर द्वारा द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा सीआरपीएफ कैंप दलभंगा में भी किया गया। दलभंगा सीआरपीएफ कैंप इंस्पेक्टर सुनील कुमार।