शहीद अजित धनंजय के शहादत दिवस पर फुटबॉल खेल का आयोजन
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो )
प्रखंड क्षेत्र के शहीद स्कूल चोगा के मैदान पर मानभूम एफसी चोगा के द्वारा शहीद अजित धनंजय महतो के शहादत दिवस पर एक दिवसीय फुटबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन मंगलवार को किया गया। फुटबॉल खेल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया।
फाइनल खेल डिजिटल सेवा और अरवी ठाकुर ब्रदर लोधमा के बीच खेला गया। जिसमें डिजिटल सेवा विजेता बना । फाइनल में विजेता टीम को 41000 रु नगद एवं ट्राफी तथा उपविजेता टीम को 31000 रु नगद एंव ट्राफी देकर सम्मानित किया गया।मौके पर मुखिया नयन सिंह मुंडा,ग्राम प्रधान मनोरंजन महतो, रमानाथ महतो,व्यासदेव महतो,प्रशांत महतो,हिरन्मय महतो,त्रिलोचन यादव,क्षेत्रपति महतो,नरेश साव, जगन्नाथ महतो, गोपेश कुमार महतो, प्रभात कुमार महतो,निशिकांत महतो सहित कमिटी के सदस्य उपस्थित थे।
तिरूलडीह गोलीकांड के शहीदों को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व समाजसेवियों ने दिया श्रद्धांजलि
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ु प्रखंड क्षेत्र के तिरूलडीह शहीद स्थल, तिरूलडीह शहीद चौक, कुकड़ू,सीरूम एवं ईचागढ़ के चोगा आदारडीह स्थित शहीद स्मारक पर मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों को याद किया।
विधायक सविता महतो ने तिरूलडीह शहीद स्थल व शहीद चौक में शहीद अजीत, धनंजय महतो के मुर्ती पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। वहीं शहीद धनंजय महतो के पुत्र उपेन महतो, पत्नी बारी देवी, आजसू पार्टी के केन्द्रीय महासचिव हरेलाल महतो, समाजसेवी खगेन महतो, पूर्व जिप उपाध्यक्ष, अशोक साव, जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो, महासचिव गोपेश महतो, सुनील महतो सहित कई राजनीतिक दल के नेता व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित किया। झामुमो प्रखंड कमेटी की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
मालूम हो कि 21 अक्टूबर 1982 को क्रांतिकारी छात्र युवा मोर्चा के वैनर तले अलग झारखंड सहित सुखा क्षेत्र घोषित करने आदि मांगों को लेकर तत्कालीन ईचागढ़ प्रखंड कार्यालय तिरूलडीह में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा गोली चलाई गई थी, जिसमें अजित महतो एवं धनंजय महतो शहीद हो गए।तब से प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को शहादत दिवस मनाने के लिए नेता मंत्री आते हैं और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। जेएमएम, आजसू एवं बीजेपी झारखंड में सरकार में रहे , लेकिन आज तक शहीद परिवार के लिए कोई पहल नहीं किया गया। सिर्फ चुनाव के समय शहीद परिवार को लेकर चुनावी मुद्दा बनाकर वोट बटोरने का काम ही हुआ। आज भी शहीद धनंजय महतो के परिवार मजदूरी कर जिवन यापन करने को मजबुर है।
अनुमंडल पदाधिकारी व कार्यपालक अभियंता को सौंपा ज्ञापन
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो)
विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन द्वारा अनुमंडल कार्यालय व कार्यपालक अभियंता चांडिल को एक ज्ञापन सौंपकर 4 नवम्बर 2025 को पुनर्वास कार्यालय चाण्डिल संख्या–2 एवं कार्यपालक अभियंता कार्यालय चाण्डिल के समक्ष अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गेट जाम व धरना प्रदर्शन करने सुचना दिया। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन ने बताया कि सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय गैट-जाम सह धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने कहा यह निर्णय चाण्डिल डैम से प्रभावित कुल 116 गाँवों के विस्थापित प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया। विस्थापितों का कहना है कि पुनर्वास, नियोजन एवं विकास कार्यों को लेकर वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान हेतु यह कदम उठाया जा रहा है।
धरना का उद्देश्य प्रशासन एवं संबंधित विभागों का ध्यान विस्थापित परिवारों की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है, ताकि पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और प्रभावित परिवारों को उनका न्यायोचित अधिकार मिल सके।
विस्थापितों ने अनुमंडल प्रशासन से आग्रह किया है कि 4 नवम्बर के इस धरना कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें तथा शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करें। मौके पर हरे कृष्ण महतो, गुरुचरण टुडू ,सनातन सिंह मुंडा, हाड़ी राम कुमार, विजय पोद्दार, जयप्रकाश सिंह मुंडा, जितेंद्र गोप ,सीमांत महतो ,प्रभात महतो तथा पूर्ण डूबी 43 गांव तथा 16 आशिक डूबी के विस्थापित प्रतिनिधि उपस्थित थे।
फुटबॉल का महाकुंभ को सफल बनाने को लेकर लेकर हुई तैयारी बैठक
ईचागढ़
(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू स्थित चोकेगड़ीया फुटबॉल मैदान में कुकडु अंचल फुटबॉल कमिटी का अंतरिम बैठक संपन्न हुई। बैठक में 3 एवं 4 जनवरी को आयोजित होने वाली दो दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ प्रतियोगिता सह मुर्गा लड़ाई के आयोजन को लेकर चर्चा किया गया तथा प्रतियोगिता के संचालन की रूपरेखा तैयार की गई।
जानकारी हो कि कुकड़ू अंचल फुटबॉल कमिटी के तत्वाधान में कई वर्षो से ही दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता एवं मुर्गा लड़ाई का आयोजन होते आ रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष का आयोजन और ज्यादा भव्य हो रहा है। जानकारी देते हुए कुकड़ू अंचल फुटबॉल कमिटी के कोषाध्यक्ष सच्चिदानंद महतो ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन ओर भव्य होने जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि प्रथम पुरस्कार एक लाख रु,द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रु तथा तृतीय एवं चतुर्थ पुरस्कार 40-40 हजार रु रखा गया है, साथ ही साथ मुर्गा लड़ाई में भी वम्पर पुरस्कार रखा गया है। मौके पर कमिटी के अध्यक्ष विष्णु कुमार सह सचिव रंजीत महतो, सदस्य लक्ष्मण महतो,मनोज मछुआ, मेघनाद महतो, नरोत्तम महतो घनश्याम कुमार , कमिटी के कई सदस्य उपस्थित हुए।
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में धनतेरस पर शनिवार को बाजारों में खास रौनक रहा । मीट्टी के दीए, वर्तन,बांस का सुप, टोकरी , झाड़ू एवं पूजा भंडार, बाइक शोरूम , ज्वेलरी दुकानों आदि पर लोगों का दिन भर भीड़ रहा । मिलन चौक एवं सितु बाजार में लोगों का काफी भीड़-भाड़ देखा गया।
धनतेरस का बाजार को देखते हुए ईचागढ़ पुलिस मिलन चौक और सितु बाजार में सड़क पर वाहनों को नियंत्रित करने में दिन भर जुटे रहे। सड़क किनारे बाइक व चार पहिया वाहन रखने के लिए जगह काफी कम पढ़े। खरीदारों को आकर्षित करने के लिए दुकानों को खास सजाया गया था। सुबह से देर शाम तक लोगों का बाजारों में काफी चहल-पहल रहा ।
वहीं ईचागढ़ थाना के एएसआई मनिंदर सिंह ने लोगों को नियंत्रित और संयमित होकर बाजारों में खरीदारी करने का अपील करते देखे गए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे जहां तहां बाइक और चार पहिया वाहनें खड़ा करने से मिलन चौक में जाम लग गया, जिससे वाहनों को सड़क किनारे से हटाया गया।
दीपावली व धनतेरस को लेकर कोल्हान का सबसे बड़ा सप्ताहिक बाजार में जमकर हुई खरीदारी
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ु प्रखंड क्षेत्र के कोल्हान का सबसे बड़ा कुकड़ू सप्ताहिक बाजार में शुक्रवार को दीपावली व धनतेरस को लेकर लोगों ने जमकर खरीदारी किया। मिट्टी के दीया, वर्तन एवं बकरों का दुकानों में काफी भीड़-भाड़ रहा। लोग गोवर्धन पूजा व गौ माता की पूजा के लिए भी सिंदुर एवं रंग बिरंगी रंगों और साजो समानों का खरीदारी किया। काली पूजा को लेकर बकरों का बिक्री पांच हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक हुई। सप्ताहिक पशु व कृषि बाजार में अन्य सप्ताह के तुलना में काफी भीड़-भाड़ रहा। बाइक और चार पहिया वाहन रखने का तक जगह कम पड़ रहा था।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि धनतेरस,काली पूजा एवं बांदना पर्व को लेकर मीट्टी का दीया, वर्तन,बांस के टोकरी ,झाड़ू ,सुप एवं पशु धनों के लिए साजो सामान का खरीदारी किया गया। मालूम हो कि कुकड़ू सप्ताहिक पशु व कृषि बाजार में झारखंड के अलावा बंगाल और बिहार के भी पशु व्यवसायिक , कपड़े व्यापारी आदि पहुंचते हैं। दीपावली को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा गया।
चीनी लाइटों और चीनी दीया से पारम्परिक स्वदेशी मीट्टी कारीगरों पर आ रही
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो)
पारम्परिक मीट्टी के दीए और दीवाली पर सजने वाले मीट्टी के साजो सामान पर चीनी वस्तुओं से ग्रहण लग रहा है। जहां दीपावली में लोग मीट्टी के दीए से अपने घर और आंगन को सजाते थे, मीट्टी के बर्तनों का जमकर उपयोग किया जाता था,आज चीनी लाइटों, दीया और प्लास्टिक उत्पादों ने जगह बना ली, जिससे पारम्परिक स्वदेशी मीट्टी के वस्तुओं के निर्माता खास कर कुम्हारों की स्थिति दयनीय होते जा रहा है।
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के नदीसाईं एवं बोड़ा गांव में आज भी पारम्परिक रूप से प्राचीन काल की तरह कुम्हार अपने चक्की को घुमाकर मीट्टी के दीए , वर्तन,हंडी आदि का निर्माण कर रहे हैं। आधुनिक तकनीकी के इस युग में भी कुम्हार आज भी पारम्परिक चक्की को लाठी के सहारे चलाकर जी तोड़ मेहनत कर मीट्टी का समानों का निर्माण कर अपने पारम्परिक कारीगरी को जिंदा रखे हुए हैं। ऐसे समय में चीनी लाइट, दीया व अन्य सामान मीट्टी के समानों का स्थान ले रहा है, जिससे पारम्परिक और मीट्टी का समान निर्माण करने वाले कारीगरों के सामने बड़ा चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस दिवाली के लिए कुम्हार अपने पारम्परिक रूप से दीया व वर्तन आदि का निर्माण में लगे हुए हैं। रंजीत कुम्हार बताते हैं कि सरकारी सहायता के अभाव में आज के युग में भी पारम्परिक चक्की से मीट्टी का दीया व वर्तन का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुरे परिवार एक महीने से इस काम में लगे हुए हैं। दिवाली में बिकने वाले दीया पहले जैसा नहीं बिक रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएगी तो कम समय में अधिक निर्माण होगा और आमदनी भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा ही स्थिति रहा तो आने वाले समय में पारम्परिक मिट्टी का निर्माण बंद हो जाएगा, चुंकि आधुनिकता इस दौड़ में युवा वर्ग पुराने जमाने का निर्माण विधि को अपनाना नहीं चाहते हैं।
उत्कृष्ट कार्य हेतु ईचागढ़ की सेविका रिंकी महतो को जिला में मिला प्रथम स्थान
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो) सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र तिरुलडीह 2 की सेविका रिंकी महतो को पोषण ट्रैकर के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सरायकेला में पोषण माह 2025 के समापन समारोह में सम्मानित किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर के द्वारा प्रमाण पत्र और अंग वस्त्र दे कर सम्मनित किया गया।
वहीं महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा देवी ने बताया कि रिंकी महतो ईचागढ़ परियोजना के आंगनवाड़ी केंद्र तिरुलडीह 2 की सेविका है। इन्हे पोषण ट्रैकर पर हर क्षेत्र पर प्रतिदिन सुचारु रुप से कार्य की है और पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त की है। उन्होंने बाकी सेविकाओं से भी पोषण ट्रैकर के हर क्षेत्र पर अच्छे से कार्य करने की अपील की है।
अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु प्री कल्टिवकशन ड्राइव के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम
किसानों को वैकल्पिक खेती एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया गया प्रेरित
सरायकेला/ईचागढ़
जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावाँ द्वारा अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2025 तक प्री कल्टिवकशन ड्राइव संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमबार को चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत सचिवालय में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की उपस्थिति में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी चांडिल, अंचल अधिकारी चांडिल, थाना प्रभारी चौका, स्थानीय मुखिया, ग्राम प्रधान, मनकी–मुंडा एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि अफीम की अवैध खेती न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह समाज, परिवार और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफीम जैसी अवैध खेती छोड़कर खरीफ–रबी फसलों, बागवानी एवं फल–सब्जी की वैकल्पिक खेती अपनाएं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण एवं योजनागत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है — परिवार एवं समाज के समग्र विकास के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने अफीम की अवैध खेती से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी खेती में संलिप्त पाए जाने पर 20 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उन्होंने अवैध खेती के कारण होने वाले वित्तीय, सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान, तथा युवाओं के अपराध के रास्ते पर भटकने के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि विगत वर्ष प्रशासन द्वारा किए गए जनजागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप कई किसानों ने स्वयं अपनी अफीम की अवैध खेती का विनष्टीकरण किया,जो सराहनीय एवं अनुकरणीय कदम है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अवैध अफीम की खेती के स्थान पर वैकल्पिक खेती अपनाएं और एक जागरूक नागरिक के रूप में अपने आस-पास के अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों के बीच सरसो,चना,मटर सहित अन्य वैकल्पिक फसलों (सब्जी) के बीजों का वितरण किया गया। साथ ही चयनित लाभुकों के बीच मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, धोती-साड़ी वितरण योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
उप प्रमुख मो. एकराम ने कराया जर्ज़र सड़क का मिट्टी-मोरम से मरम्मती
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह-चौड़ा मुख्य पथ (सोनाराम महतो के घर के पास) से होकर मध्य विद्यालय कुदा तक जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कुकड़ू प्रखंड के उप प्रमुख मो. एकराम की पहल पर कराई गई।
ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए स्वयं उपप्रमुख ने जेसीबी और ट्रैक्टर लगवाकर सड़क पर मिट्टी-मोरम डालने का कार्य करवाया। बरसात के दिनों में इस सड़क पर पानी जमा हो जाने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही थी।
आए दिन लोग फिसलकर गिर जाते थे। ग्रामीणों की शिकायत पर उप प्रमुख मो. एकराम ने त्वरित पहल करते हुए अस्थायी रूप से मरम्मत का कार्य पूरा कराया। उप प्रमुख मो. एकराम ने कहा कि आगामी दिनों में 15वीं वित्त आयोग से फंड प्राप्त होने पर इस सड़क पर पीसीसी निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके। इस मौके पर तिरुलडीह थाना के एएसआई रंजीत प्रसाद भी मौजूद थे। उन्होंने उप प्रमुख के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य ग्रामीण हित में सराहनीय पहल है।
अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के तुता गांव निवासी 27 वर्षीय वीष्णू महतो को रविवार को ईचागढ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे ने बताया विष्णु महतो अफीम खेती में संलिप्त थे। विष्णु महतो के खिलाफ ईचागढ़ थाना कांड संख्या 23/25 दिनांक 01-03-025 के तहत धारा 15/18/46 दर्ज है। उन्होंने कहा कि लंबित एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
उन्होंने लोगों को अपील करते हुए कहा कि अफीम खेती के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है , अफीम खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी सुरत में अफीम खेती एवं अन्य नशीले पदार्थ की खेती एवं कारोबार बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लंबित मामलों का त्वरित कार्रवाई किया जा रहा है।
जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण।
सरायकेला/ईचागढ़
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निदेशानुसार दिनांक 11 अक्टूबर, 2025 को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में, थाना प्रभारी (ईचागढ़) एवं स्थानीय पुलिस बल की उपस्थिति में ईचागढ़ थाना अंतर्गत अवैध बालू खनन एवं परिवहन को लेकर औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बालू खनिज लदे वाहनों को रोककर उनके परिवहन से संबंधित कागजातों एवं लदे खनिज की मात्रा की जांच की गई। इस क्रम में यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार का अवैध खनन या बिना वैध परिवहन प्रपत्र के बालू का आवागमन न हो।
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी द्वारा ईचागढ़ एवं तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में पूर्व में स्थापित सीसीटीवी कैमरों तथा चेकनाका स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही, अवैध खनन की प्रभावी निगरानी हेतु हाई-रिज़ॉल्यूशन एवं नाइट विज़न कैमरा लगाए जाने के विषय पर अनुमंडल पदाधिकारी (चांडिल) के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान दो अन्य स्थलों की पहचान अतिरिक्त कैमरा स्थापना हेतु की गई।
इसके पश्चात् छापामारी दल द्वारा ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न बालू घाटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी व्यक्ति या वाहन को अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त नहीं पाया गया ।
अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित प्राप्त शिकायतों के आलोक में बालू घाटों की ओर जाने वाले मार्गों एवं झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) द्वारा पूर्व में धारित भंडारण स्थलों की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रेंच निर्माण कर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाए गए हैं।