लोहरदगा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
झारखंड लोहरदगा में आनंद मार्ग की ओर से दुबराज सिंह द्वारा 3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए गए। आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने मानव समाज के परस्पर प्रेम सम्मान एवं कल्याण की भावना से ही एक दूसरे की जरूरत एवं प्रगति का ध्यान रखते हुए असहाय लोगों की सेवा एवं योग साधना मार्ग प्रशस्त किया।

इस अवसर पर आचार्य उत्यागा नंद अवधूत ने कहा कि आनंद मार्ग का उद्देश्य है आत्म मोक्षरथम जगत हिताय च । योग साधना मार्ग पर चलते हुए अपनी आत्मा को परमात्मा से एकाकर करना एवं जगत की सेवा करना तभी मानव कल्याण संभव है।
आनंद मार्ग दुनिया के असहाय और वंचित लोगों एवं आपदा से प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करना है। वे व्यक्तियों और समुदायों को अपने रीति-रिवाजों, भाषा और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं को सुरक्षित करने और अधिक आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पूर्ति प्राप्त करने के लिए अपने संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और सक्षम करते हैं।



