आदित्यपुर में दिखेगी अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर की झलक, सिंहभूम बॉयज क्रिकेट क्लब का 85 फीट ऊंचा पंडाल बनेगा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन।

आदित्यपुर में दिखेगी अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर की झलक, सिंहभूम बॉयज क्रिकेट क्लब का 85 फीट ऊंचा पंडाल बनेगा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर के एस टाइप स्थित सिंहभूम बॉयज क्रिकेट क्लब पूजा समिति इस साल दुर्गा पूजा में कुछ खास करने जा रही है। इस वर्ष समिति श्रद्धालुओं के लिए अमेरिका के मशहूर स्वामीनारायण मंदिर की प्रतिकृति वाला पंडाल बनाने जा रही है।

शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा स्थल पर भूमि पूजन कर पंडाल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान समिति के मुख्य संरक्षक मनोज सिंह और अध्यक्ष दिनेश सिंह उर्फ बबलू मुख्य यजमान के तौर पर मौजूद रहे।

समिति के सदस्यों के अनुसार इस बार आयोजन का कुल बजट करीब 50 लाख रुपये रखा गया है। इसमें से लगभग 30 लाख रुपये पंडाल के निर्माण पर और 10 लाख रुपये आकर्षक लाइट डेकोरेशन पर खर्च किए जाएंगे। बनने वाले पंडाल की ऊंचाई करीब 85 फीट और चौड़ाई 100 फीट होगी।

इस पंडाल की सबसे बड़ी खासियत शीशे और क्रिस्टल से की जाने वाली कारीगरी होगी। पंडाल के अंदर और बाहर दोनों तरफ कांच की अद्भुत कलाकारी देखने को मिलेगी। यही नहीं, मां दुर्गा की प्रतिमा भी शीशे और फाइबर के विशेष संयोजन से बनाई जा रही है।

पंडाल और मूर्ति बनाने की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के कांथी से आए कुशल कारीगरों को दी गई है, जबकि मनमोहक विद्युत सज्जा का काम चंदननगर के लाइट आर्टिस्ट करेंगे। आयोजकों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी उनका पंडाल जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।

पूजा को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए नई कमेटी का गठन कर दिया गया है। इसमें मनोज सिंह को प्रधान संरक्षक बनाया गया है, जबकि विमल सिंह, छोटे सिंह, विनोद सिंह और इंदर अग्रवाल को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। अध्यक्ष के रूप में बबलू सिंह कमेटी का नेतृत्व करेंगे। राणा सिंह और भोला सिंह को उपाध्यक्ष, नीरू सिंह, विक्की सिंह और सोनू खान को सचिव, चिंटू कुमार को पूजा प्रभारी और संजीव पांडे को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इनके अलावा बंटी कुमार, गोरा दादा, जसपाल सिंह, प्रकाश मेहता, पप्पू सिंह सहित सेंट्रल कमेटी के अन्य सभी सक्रिय सदस्य तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं।

मनसा पूजा के अवसर पर छोटा गम्हरिया में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

मनसा पूजा के अवसर पर छोटा गम्हरिया में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

सरायकेला/छोटा गम्हरिया

छोटा गम्हरिया में आयोजित मनसा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष 1963 से आयोजित हो रही इस पारंपरिक पूजा में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर माता मनसा की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु उत्साह के साथ पूजा कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

मनसा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पूजा कई वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस आयोजन के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती है।

पूजा आयोजन में संस्थापक स्वर्गीय राधानाथ मोदक, स्वर्गीय राखोहरि मोदक एवं स्वर्गीय आदोरी बाला मोदक के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। वहीं मंदिर समिति के सदस्यों में शंकर मोदक, दिवाकर मोदक, मनोरंजन मोदक एवं अभिषेक मोदक की महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं।

धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

72 घंटे नॉन-स्टॉप सेवा – वास्को नगर के आशीष पति ने लाखों कांवरियों को खिलाया भोग, कराया दर्शन।

72 घंटे नॉन-स्टॉप सेवा – वास्को नगर के आशीष पति ने लाखों कांवरियों को खिलाया भोग, कराया दर्शन।

देवघर,सरायकेला-खरसावां

सावन के पावन महापर्व पर बाबा बैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ के दरबार को जाने वाले कांवरियों की सेवा में सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आने वाले वास्को नगर के निवसी समाजसेवी आशीष पति ने मिसाल कायम की है।

आशीष पति के नेतृत्व में विगत 72 घंटे से निस्वार्थ सेवा शिविर चलाया जा रहा है। शिविर में दूर-दराज से आए लाखों कांवरियों को गर्म भोजन, पीने का पानी और विश्राम की सुविधा दी गई। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि स्वयंसेवक कतार में बैठे कांवरियों को प्रेमपूर्वक भोजन परोस रहे हैं और रात में भी “त्रिलोकी सेवा सदन” के बैनर तले भोग वितरण किया जा रहा है।

सेवा के साथ-साथ पूजा-अर्चना और भजन का भी विशेष इंतजाम किया गया। आशीष पति एवं उनकी टीम ने बाबा बैद्यनाथ एवं बाबा बासुकीनाथ का दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस पुण्य कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “आशीष पति पिछले 3 वर्षों से लगातार कांवरियों का भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। साथ ही साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति सेवा में है।”

इस नेक कार्य में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता भी आशीष पति के साथ जुटे हुए हैं।

बीडीओ-सह-सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने सुखनदी गांव से कांवड़ियों के जत्थे को किया रवाना, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

बीडीओ-सह-सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने सुखनदी गांव से कांवड़ियों के जत्थे को किया रवाना, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

बरडीहा

सुखनदी गांव के ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं से मिले स्नेहमयी निमंत्रण पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सावन मास के पावन अवसर पर बाबा धाम जाने वाले कांवड़ियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर और बोल बम के जयकारे के साथ रवाना किया।

गांव पहुँचने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्थानीय देवी मंडप में उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

पूजा-अर्चना संपन्न होने के पश्चात प्रवीण कुमार सिंह ने पवित्र झंडा दिखाकर तथा “हर-हर महादेव” व “बोल बम” के गगनभेदी जयकारों के बीच कांवड़ियों के जत्थे को देवघर यात्रा के लिए विदा किया।

21 श्रद्धालुओं का दल सुल्तानगंज से लाएगा जल:
इस कांवड़िया दल में महिलाओं एवं पुरुषों को मिलाकर कुल 21 श्रद्धालु शामिल हैं। यह दल सर्वप्रथम सुल्तानगंज पहुँचेगा, जहाँ से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाएँगे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर वापस लौटेंगे।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार सिंह ने सभी कांवड़ियों की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।

उन्होंने कहा:  “सभी श्रद्धालु पूरी आस्था और भक्ति भाव से अपनी यात्रा पूरी करें। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर है।”
इस पावन और भावुक क्षण के दौरान पूरा सुखनदी गांव शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कांवड़ियों को विदा करने और शुभकामनाएँ देने के लिए मौके पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

आदित्यपुर में गूंजा दुर्गा पूजा की तैयारियों का शंखनाद, त्रिधारा मंदिर के रूप में बनेगा इस साल का भव्य पंडाल।

आदित्यपुर में गूंजा दुर्गा पूजा की तैयारियों का शंखनाद, त्रिधारा मंदिर के रूप में बनेगा इस साल का भव्य पंडाल।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

प्रवीण सिंह सेवा संस्थान ने किया भूमि पूजन।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रवीण सिंह सेवा संस्थान द्वारा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया जाएगा। जिसको लेकर आज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया।

इस अवसर पर कलश स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। भूमि पूजन के साथ ही पंडाल निर्माण की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

इस शुभ अवसर पर शशि शेखर, भगवान सिंह, जवाहर लाल सिंह, उमेश सिंह, संजय सिंह, इन्द्रजीत पांडेय, धनंजय कुमार, सुनील गुप्ता, अनुराग सिंह और जगदीश नारायण चौबे समेत संस्थान के कई सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.

संस्थान के  संरक्षक अरविंद सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि कि इस वर्ष मां दुर्गा के पूजा पंडाल का निर्माण त्रिधारा मंदिर के स्वरूप में कराया जाएगा। त्रिधारा मंदिर की अनूठी वास्तुकला और आध्यात्मिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। इसका मॉडल भी आज पूजा स्थल पर रखा गया था।

आपको बता दें कि प्रवीण सिंह सेवा संस्थान के संरक्षक सह इचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह हैं। उनके द्वारा निर्मित यह पूजा पंडाल हर साल चर्चा का विषय बना रहता है। इस पंडाल को देखने के लिए सिर्फ सरायकेला-खरसावां ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड सहित बंगाल और ओडिशा से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। पंडाल के अंदर प्रवेश करने के लिए घंटों लंबी कतार लगी रहती है।

हर साल की तरह इस साल भी पंडाल में भव्यता, रोशनी और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। संस्थान के सदस्यों ने कहा कि मां दुर्गा के आगमन की तैयारी पूरे जोश और श्रद्धा के साथ शुरू कर दी गई है।

इस वर्ष श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण के लिए ‘पुरानी काल्पनिक हवेली’ की थीम पर आधारित पंडाल तैयार किया जा रहा है. यह जानकारी संस्थान के संरक्षक सह पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने दी। उन्होंने जानकारी देते हुए आगे कहा कि पूजा पंडाल के बाहरी और आंतरिक स्वरूप हल्के काले रंग में नजर आएगा। पंडाल की भीतरी और बाहरी दीवारों पर मां काली समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक कलाकृतियां व मूर्तियां उकेरी जाएंगी। साथ ही कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ इस मंच से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।

वहीं इस पूजा पंडाल के निर्माण का जिम्मा मां पार्वती डेकोरेटर्स के संचालक अशोक कुमार डे को दिया गया है जो कि मेदिनीपुर के रहने वाले हैं।

अशोक कुमार डे ने बताया कि लगभग 60 से 70 फीट ऊंचे इस भव्य पंडाल के निर्माण में 25 से 30 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी. फिलहाल 40 कारीगर दिन-रात काम में लगे हुए हैं और महालया तक निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा.

खरसावां में जय जयकारों के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की हुई घर वापसी।

खरसावां में जय जयकारों के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की हुई घर वापसी।

खरसावां

आठ दिनों तक मौसीबाडी में बिश्राम करने के पश्चात नौवें दिन महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा संग घर वापसी प्रभु के जय जयकारों के बीच हुई।

पुरातन परम्पराओं के बीच भगवान जगन्नाथ मौसीबाडी में पूजे जाने के बाद उत्साह के साथ भक्तो के बीच खरसावां शहरी क्षेत्र, खरसावां के हरिभंजा एवं दलाईकेला के जगन्नाथ मंदिर के पहुचा। बाहुडा रथयात्रा के दौरान खरसावां और हरिभंजा में भक्तों की काफी भीड उमडी। मौसीबाडी में बिश्राम करने के पश्चात नौवें दिन वापसी के लिए निकले।

इस दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए भक्तो की भीड उमड पडी। वापसी के पुर्व मौसीबाडी में विधि विधान के साथ पुजा अर्चना की गई। भगवान को तरह तरह के फल, पकवान, मिठाईया का भोग चढाया गया। नौ रूपों में पुजे जाने वाले महाप्रभु के रथ खिचने को लेकर श्रद्वालुओं में होड मची रही।

वहीं प्रसाद छिन्ने का सौभाग्य को भी भक्त पीछे नही रहना चाहते थे। शुक्रवार की शाम भगवान जगन्नाथ के रथ घर वापसी के लिए निकली। जो देर रात जगन्नाथ मंदिर पहुचां। रथयात्रा के दौरान जगह जगह दुकान लगा रहा। बाहुडा रथयात्रा के दौरान महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा के दर्शन करने लिए विभिन्न गांवों से श्रद्वालु पहुचे थे। इस दौरान रथयात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के जवान तैनात थे।

खरसावां कुचाई के विभिन्न गांवो में बाहुडा रथयात्रा धुमधाम से निकाली गई। मौसीबाडी में नौवें दिनों तक अलग अलग रूपों में पूजे जाने वाले महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा घर वापसी के लिए जैसे निकले, तो ग्रामीण क्षेत्रो के भक्त उमड पडे। खरसावां के हरिभंजा, बंदोलोहर, छोटाचाकडी, पोडाकाटा, दलाइकेला, जोजोकुडमा, पोटोबेडा, सीनी में भगवान जगन्नाथ जी की घर वापसी हुई।

मिलन चौक कांवरिया संघ बंगला सावन को जलाभिषेक के लिए कांशी विश्वनाथ रवाना।

मिलन चौक कांवरिया संघ बंगला सावन को जलाभिषेक के लिए कांशी विश्वनाथ रवाना।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु मिलन चौक व्यवसायिक कांवरिया संघ ने हर साल की तरह इस साल भी अपने क्षेत्र के कुशल मंगल कामना पूर्ण हेतु जलाभिषेक के लिए बंगाल सावन के पहली सोमवारी को जलाभिषेक के लिए कांशी बाबा विश्वनाथ के लिए रवाना
हुए।

कांवरिया संघ के संचालक दीलीप कुमार दास ने बताया कि काशी विश्वनाथ में जलाभिषेक करने के बाद जत्था सीधे प्रयागराज त्रिवेणी संगम  पहुंचेंगे और  वहां डुबकी लगा कर सीधे अयोध्या रवाना होंगे।वहां सरयू नदी में स्नान करने के बाद हनुमान गढ़ी एवं राम मंदिर राम लला दर्शन करेंगे। कांवरिया संघ के संचालक दिलीप कुमार दास ने कहा हम सभी कांवरिया हर साल अपने क्षेत्रों की किसान, व्यवसायी,समाज कल्याण, गांव घर की शांति सद्भावना की मनोकामनाएं क़ो लेकर बाबा के दरबार में जलाभिषेक करते हैं।

कांवरिया संघ के सदस्यों ने हर हर महादेव,जय मां गंगे,जय श्री राम के जयघोष के साथ रवाना हुए।  कांवरिया संघ में  दिलीप कुमार दास,महेश्वर गोप, उमाचरण दास, आषुतोष दास, कलेश्वर तिवारी,मनोज कुमार पाण्डेय,शशधर गोप, राधाकृष्ण साव,बलराम महतो, कृष्णा कुमार महतो,निर्मल महतो, दिनेश कुमार महतो,मनमोहन महतो,अमित कुमार महतो,राम रंजन महतो,बरुण महतो, दुर्गाचरण महतो आदि भक्त शामिल हैं।

ईचागढ़ में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुई माँ विपदतारिणी पूजा।

ईचागढ़ में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुई माँ विपदतारिणी पूजा।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखण्ड अंतर्गत लेपाटॉंड़,ईचागढ़, पामिया आदि गांव में शनिवार को माँ विपदतारिणी की पूजा पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने भाग लेकर माँ विपदतारिणी की आराधना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और सभी प्रकार की विपत्तियों से रक्षा की कामना की। लेपाटांड़ में पूजा-अर्चना का संचालन पंडित पशुपति बागची द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया।

श्रद्धालुओं ने फल, फूल, नारियल, धूप-दीप एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे पूजा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और माता के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान रहा।
पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस धार्मिक आयोजन को सामाजिक एकता, आस्था और पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक बताया।

भक्ति भाव से मनाई गई बिपत तारिणी मां की पूजा, महिलाओं ने मांगे परिवार की सुख-शांति।

भक्ति भाव से मनाई गई बिपत तारिणी मां की पूजा, महिलाओं ने मांगे परिवार की सुख-शांति।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर थाना में आषाढ़ माह के मंगलवार और शनिवार को बिपत तारिणी मां की पूजा बड़े भक्ति भाव से मनाई गई। आदित्यपुर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और घरों में महिलाओं ने व्रत रखकर मां बिपत तारिणी की पूजा-अर्चना की।

मान्यता है कि बिपत तारिणी मां अपने भक्तों को सभी प्रकार की विपत्तियों से बचाती हैं। इसी आस्था के साथ सुबह से ही महिलाओं ने लाल वस्त्र धारण कर, 13 प्रकार के फल, फूल, मिठाई और 13 गांठ वाला धागा चढ़ाकर मां से परिवार की सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति की कामना की।

मंदिरों में भजन-कीर्तन और हवन का आयोजन किया गया। पुजारियों ने कथा सुनाई और प्रसाद वितरित किया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखा और शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया।

पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल रहा।

मां से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों को हर विपदा से बचाएं और घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि बनाए रखें।

पूजा में शामिल सभी माताओं और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।

बिपत तारिणी व्रत की 3 खास बातें:

1.  13 चीजें चढ़ाई जाती हैं – 13 फल, 13 फूल, 13 सुपारी
2.  13 गांठ वाला लाल धागा हाथ में बांधा जाता है
3.  कथा सुनना जरूरी माना जाता है

देव स्नान पूर्णिमा पर 108 घड़ों के जल से हुआ महाप्रभु जगन्नाथ का शाही स्नान, 15 दिनों तक रहेंगे अणसर गृह में।

देव स्नान पूर्णिमा पर 108 घड़ों के जल से हुआ महाप्रभु जगन्नाथ का शाही स्नान, 15 दिनों तक रहेंगे अणसर गृह में।

सरायकेला/खरसावां

देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर खरसावां के राजमहल परिसर स्थित जगन्नाथ मंदिर एवं हरिभंजा स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 108 घड़ों के पवित्र जल से शाही स्नान कराया गया।

सोमवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, मृदंग और अन्य वाद्य यंत्रों की मंगलध्वनि के बीच महाप्रभु के विग्रहों को रत्न सिंहासन से स्नान मंडप तक लाया गया। यहां राजपुरोहित अमुजाख्यो आचार्य एवं राजाराम शतपथी ने विधि-विधान से 108 घड़ों के जल से महाप्रभु का अभिषेक किया।

स्नान के उपरांत भगवान को सादे वस्त्र पहनाए गए तथा नित्य भोग अर्पित किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार देव स्नान पूर्णिमा पर अत्यधिक स्नान के कारण भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके बाद उन्हें 15 दिनों के लिए अणसर गृह में विश्राम एवं उपचार हेतु रखा जाता है। इस अवधि में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं होते।

रथयात्रा से पूर्व नेत्र उत्सव के दिन भगवान स्वस्थ होकर भक्तों को नवयौवन दर्शन देंगे। इसके बाद खरसावां नगर एवं हरिभंजा क्षेत्र में पारंपरिक उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर रानी विजया देवी, राजकुमार गोपाल नारायण सिंहदेव, अमुजाख्यो आचार्य, विमला प्रसाद सांड़गी, राकेश दास, सुशील सांड़गी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

डाक्टर भूषण चन्द्र मुर्मू को भाजपा जिला महामंत्री बनाए जाने से ईचागढ़ के भाजपाइयों में खुशी का लहर।

डाक्टर भूषण चन्द्र मुर्मू को भाजपा जिला महामंत्री बनाए जाने से ईचागढ़ के भाजपाइयों में खुशी का लहर।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के भाजपा नेता डॉ भूषण चन्द्र मुर्मू को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जिला महामंत्री नियुक्त किया है, जिससे ईचागढ़ के भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। भाजपा नेता अनिल सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष फटीक चन्द्र गोराई, नकुल घोष, खगेन महतो सहित कई भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं ने डाक्टर भूषण चन्द्र मुर्मू को महामंत्री बनाए जाने से बधाई दिया है।

वहीं श्री मुर्मू ने बताया कि पार्टी जिस विश्वास के साथ महामंत्री का दायित्व सौंपा है उसमें क्या उतरने का कोशिश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार एवं सभी छोटे से बड़े कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने का कोशिश किया जाएगा। उन्होंने महामंत्री बनाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू,प्रतिपक्ष के नेता बाबु लाल मरांडी, अर्जुन मुंडा सहित तमाम पार्टी के सिर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि जिला में भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत करना पहली प्राथमिकता होगी।

लेपाटॉंड़ में कलश स्थापना के साथ राम चरित मानस पाठ सह व्याख्या का शुभारम्भ।

लेपाटॉंड़ में कलश स्थापना के साथ राम चरित मानस पाठ सह व्याख्या का शुभारम्भ।

सरायकेला/ईचागढ़

प्रखण्ड क्षेत्र के लेपाटॉंड़ में तीन दिवसीय रामचरित मानस पाठ महायज्ञ हेतु शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें गांव के 105 महिला श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल हुए और विधिवत पूजा अर्चना कर तीन दिवसीय रामचरित मानस पाठ महायज्ञ के लिए कलश स्थापित किया गया। पवित्र नदी से कलश में जल भरकर महिलाएं एवं कुंवारी लड़कियों ने कलश यात्रा के साथ यज्ञ स्थल पर पहुंचे और कलश स्थापना के साथ मानस महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण सह आयोजक समिति के सदस्य पशुपति बागची ने बताया कि प्रतिदिन संध्या 05 बजे से रामायण पाठ सह व्याख्या किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राम चरित मानस पाठ सह महायज्ञ में व्यास आसन पर पशुपति पाण्डेय रहेंगे एवं साथ ही पंडित कालीपद महतो,मोहित गोप,बिष्णुपद चाटर्जी,दुर्गाचरण साहु और संजय पाण्डेय के द्वारा लगातार तीन दिन तक श्री श्री राम चरित मानस पाठ सह व्याख्या करेंगे। पुरे गांव में भक्ति भाव से तीन दिनों तक ग्रामीण सात्विकता का पालन करेंगे और गांव का वातावरण भक्तिमय रहेगा।

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