रामनवमी विसर्जन जुलूस में सिविल डिफेंस लगाया सहायता शिविर।

रामनवमी विसर्जन जुलूस में सिविल डिफेंस लगाया सहायता शिविर।

जमशेदपुर

नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर के उप नियंत्रक सह धालभूम एसडीओ शताब्दी मजुमदार के निर्देश पर रामनवमी विसर्जन जुलूस में पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न चौक चौराहों एवं नदी घाट पर फर्स्ट एड कैम्प लगाया गया और रामनवमी विसर्जन जुलूस में लोगों की सहायता किया गया । इस दौरान मानगो गोलचक्कर, मानगो स्वर्णरेखा नदी घाट, साकची गोलचक्कर, कदमा रानकिणी मंदिर के समीप , खड़कई दो मुहानी नदी घाट आदि जगहों में सिविल डिफेंस के स्वयं सेवकों एवं गोताखोर बंधुओं ने निः स्वार्थ भाव से कैम्प लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे ।

सेवा देनेवालों में मुख्य रूप से सिविल डिफेंस के प्रधान सहायक सुरेश प्रसाद , चीफ वार्डेन अरुण कुमार, डिप्टी चीफ वार्डेन दया शंकर मिश्रा, दिलीप कुमार त्यागी ,रोहित कुमार ,राहुल कुमार , नागेन्द्र कुमार, सदानंद महतो, उत्तम चक्रवर्ती, विजय कुमार, एस एन सिंह ,दयाशंकर सिंह , हिरा लाल गुप्ता , अरविन्द कुमार , प्रेम दीक्षित ,मनिष कुमार गुप्ता ,सुरेन्द्र प्रसाद , उमेशकुमार , गौरव कुमार , देवाशीष, गणेश धीवर (गोताखोर ) , साधन धीवर (गोताखोर), जगदीश धीवर (गोताखोर) , देवेन्दु मंडल , हरिधीवर (गोताखोर) ,नयन चौवर (गोताखोर) , ज्योति कुमार साहू , राजेश कुमार मिश्रा समेत अन्य की सार्थक भूमिका रही।

श्री विश्वनाथ मंदिर का प्रथम वार्षिक उत्सव 9 को

श्री विश्वनाथ मंदिर का प्रथम वार्षिक उत्सव 9 को

शिव सहस्त्रनाम पाठ एवं भजन संगीत का होगा आयोजन

मुसाबनी


श्री विश्वनाथ मंदिर मुसाबनी के जीर्णोद्धार के बाद प्रथम वार्षिक उत्सव का आयोजन क्षेत्र शुक्ल द्वादशी संवत 2082

9 अप्रैल 2025 बुधवार को किया जाएगा। इसको लेकर मंदिर प्रांगण में अग्रसेन भवन ट्रस्ट मुसाबनी के द्वारा तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम प्रबंधन समिति के रूप में मारवाड़ी महिला समिति ,रानी सती दादी परिवार, बाबा बासुकीनाथ युवा सेवा समिति एवं श्री श्याम मित्र मंडल मुसाबनी के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने व भव्यता प्रदान करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं।

धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम के तहत बुधवार को शिव सहस्त्रनाम पाठ एवं भजन के साथ सवा लाख फूलों से 108 से अधिक भक्तों द्वारा श्री विश्वनाथ बाबा का पुष्पार्चन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 9:30 बजे से शुरू होगा । बाबा का श्रृंगार एवं आरती दोपहर 12:30 बजे एवं प्रसाद वितरण दोपहर 1:00 बजे से शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम में भजन गायक मनीष पंचारिया एवं रोशनी शर्मा द्वारा भक्ति संगीत प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर मंदिर प्रांगण में भव्य पंडाल बनाया जा रहा है।

    रामनवमी के अवसर पर कुशवाहा संघ ने मानगो चौक में लगाया सहायता शिविर।

    रामनवमी के अवसर पर कुशवाहा संघ ने मानगो चौक में लगाया सहायता शिविर।

    जमशेदपुर


    विजयदशमी के पावन अवसर पर विसर्जन अखाड़ा जुलूस में कुशवाहा संघ ने मानगो चौक के पास भक्तजनों की सेवा में सहायता शिविर लगाया । इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच चना गुड़ शरबत और ठंडा जल का वितरण किया गया । कार्यक्रम का नेतृत्व कुशवाहा संघ युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राम कुमार द्वारा किया गया।

    वहीं मौके पर जिला अध्यक्ष श्री कुमार ने कहा कि रामनवमी विसर्जन जुलूस में कुशवाहा साथियों द्वारा राहगीरों और झंडा विसर्जन जुलूस में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच शीतल जल , शरबत, गुड़ , चना का वितरण कर सनातन परंपरा का निर्वाह किया गया। इस दौरान गर्मी के बीच इस सहायता शिविर ने लोगों को न केवल राहत दी , बल्कि रामनवमी के पावन पर्व को सेवा के माध्यम से मनाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

    इस मौके पर कुशवाहा संघ जमशेदपुर के अध्यक्ष शिवकुमार भगत , सचिव राम कुमार सिंह, ट्रस्टी गोपाल प्रसाद ,गनौरी प्रसाद, राहुल कुमार ,जीतू ,गणेश , पप्पू ,अनिल , अर्जुन ,दीपक मेहता, अतुल आनंद , डॉ उपेंद्र कुशवाहा, त्रियोगी सिंह , परशुराम , किशोरी समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे । सभी लोगों को कुशवाहा संघ की ओर से अंग बस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

    आदित्यपूर, सरयकेला-खरसावां महाकुंभ , यात्रा the journey

    आदित्यपूर, सरयकेला-खरसावां महाकुंभ , यात्रा the journey

    सरायकेला/आदित्यपुर

    आदित्यपुर थाना अंतर्गत से करीब 30 लोगों की टीम ने आस्था एवं श्रद्धा का महापर्व मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ प्रयागराज में स्नान दान पूजन किया।

    प्रयागराज में लगे महाकुंभ मेले में जहां पूरी दुनिया से आए हुए श्रद्धालुओं का सैलाब ने अपनी-अपनी श्रद्धा भाव के साथ मां गंगा नदी में स्नान कर दान पुण्य एवं पूजन किया वहीं सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत समाजसेवी आशीष पति के नेतृत्व में 30 लोगों की टीम ने भी अपनी गाड़ी से जाकर प्रयागराज में लगे महाकुंभ में स्नान कर पूजन किया साथ ही ब्राह्मणों एवं गरीब तबके के लोगों को अपनी शक्ति अनुसार दान भी किया। साथ ही प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने भी अपने परिवार संघ टीम में शामिल होकर मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ मेले में स्नान दान किया।


    वहीं प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष ने कहा कि वास्तव में महाकुंभ मेला प्रयागराज में देश से ही नहीं विदेश से भी आए हुए श्रद्धालुओं को भी देखा गया। वहीं ब्रह्म मुहूर्त में देश-विदेश से आए हुए नागा साधुओं को भी काफी उत्साह के साथ अपनी अपनी मंडली के साथ देखा गया वहीं कथा वाचक कई आचार्य का भी आगमन रहा है। प्रयागराज महाकुंभ में जैसा कहा जाता है कि 144 वर्षों बाद फिर यह मेल लगेगी। संभवतः 144 वर्षों का काफी लंबा समय होने के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन का केंद्र रहा है।

    वहीं इस महाकुंभ मेले में उत्तर प्रदेश सरकार के तरफ से काफी अच्छी व्यवस्था की गई थी ।

    वहीं टीम का नेतृत्व कर रहे हैं समाज सेवी आशीष पति ने कहा कि  महाकुंभ में आंखों देखी भगदड़ की घटनाओं से दिल और दिमाग काफी दुखी हो गया था। ईश्वर उन सभी पुण्य आत्माओं को स्थान दें और संग दुखी श्रद्धालुओं को समझदारी दे और कानून की लाइन और लाइन के दायरे में रहकर श्रद्धा भाव के साथ स्नान कर मन का पूजा कर आशीर्वाद ले अपने जीवन को सुखी बनाने के लिए यही कामना है।

    प्राचीन कालीन सीता पंजा मेला में हुआ मानभूम महोत्सव का आगाज

    प्राचीन कालीन सीता पंजा मेला में हुआ मानभूम महोत्सव का आगाज

    सरायकेला/ईचागढ़

    प्रखंड क्षेत्र के प्राचीन कालीन सीता पंजा मेला में मकर संक्रान्ति के उपलक्ष्य में मानभूम महोत्सव का आयोजन किया गया।सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ,पर्यटन कला-संस्कृति ,खेल कुंद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार के वित्तिय सांस्कृतिक सहायता अनुदान योजना के तहत नटराज कला केन्द्र चोगा द्वारा आयोजित मानभूम महोत्सव का उद्घाटन विधायक सविता महतो ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।विधायक सविता महतो ने माता सीता जी का पद चिन्हों व सीता मंदिर का दर्शन कर क्षेत्र की तरक्की का कामना किया।

    विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सीता पंजा मेला जो एक आस्था का केन्द्र है। यहां झारखंड सरकार की ओर से मानभूम महोत्सव झारखंडी संस्कृति को बचाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने लोगों को मकर एवं टुसू पर्व का सुभकामना भी दिया।मालुम हो कि सीता नाला नदी पर चोगा व चीतरी के बीच प्राचीन काल से माता सीता जी का पत्थर पर पद चिन्ह है, जो लोगों का आस्था का केन्द्र बिंदु है। बताया जाता है कि वनवास के समय भगवान राम चन्द्र सहित सीता जी यहां पर आए थे और पत्थर पर उनका पदचिन्ह आज भी मौजूद है। बारहों महीने यहां श्रद्धालु आते हैं और मन्नतें मांगते हैं और मकर संक्रांति को मकर मेला का भी आयोजन किया जाता है। नटराज कला केन्द्र चोगा के सचिव प्रभात कुमार महतो ने बताया कि मानभूम महोत्सव में पांता झुमरी,मानभूम छोऊ नृत्य,पंचपरगना नृत्य,पाइका नृत्य, पारम्परिक झुमर आदि कार्यक्रम आयोजित किया गया।मौके पर मेला समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, स्नेहा महतो,अघोर प्रसाद महतो, कमला कांत महतो, उमाकांत महतो, सुनील सिंह मानकी सहित सैकड़ों मेला कमेटी सदस्य उपस्थित थे।

    सुवर्ण रेखा नदी तट के महादेव घाट में मकर स्नान को लेकर लोगों का उमड़ा हुजूम

    सुवर्ण रेखा नदी तट के महादेव घाट में मकर स्नान को लेकर लोगों का उमड़ा हुजूम

    सरायकेला/ईचागढ़

    ( मालखान महतो की रिपोर्ट )

    सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के जारगोडीह में सुवर्ण रेखा नदी तट पर अवस्थित महादेव घाट में मकर संक्रांति को श्रद्धालुओं ने आस्था का डुबकी लगाकर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर मकर संक्रांति मनाया। प्राचीन कालीन महादेव घाट मकर मेला में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। महादेव घाट में संकीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का भी आयोजन किया गया।

    मुखिया नयन सिंह मुण्डा ने बताया कि सोड़ो जारगोडीह के महादेव घाट में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में प्राचीन काल से ही लोग मकर संक्रांति को स्नान कर पुजा पाठ करने के लिए दुर दराज से आते हैं। मकर संक्रांति को मकर मेला के रूप में यह प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि यहां प्राचीन काल से ही दो शिव मंदिर है और सालों भर श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण में भी पुरे महिने भक्तों का भीड़ रहता है। मकर मेला में टुसू चौडल आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी लोग जमकर लुत्फ उठाया।

    मुसाबनी गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर हुआ लंगर का आयोजन

    मुसाबनी गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर हुआ लंगर का आयोजन

    मुसाबनी संवाददाता

    मुसाबनी गुरुद्वारा में सोमवार को गुरू गोविंद सिंह जी की जयंती को प्रकाश उत्सव पर्व के रूप में धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा में संगत द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड सहज पाठ की गयी। इसके बाद गुरुद्वारा के ग्रंथि ने गुरू गोविंद सिंह जी की जीवनी के बारे में बताया।

    उन्होंने कहा की सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने ही साल 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। उनका जीवन अन्याय, अधर्म, अत्याचार और दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए गुजरा।हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। उन्होंने खालसा वाणी – “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह” भी दी।गुरु गोबिंद सिंह ने जीवन जीने के लिए पांच सिद्धांत भी बताए जिन्हें ‘पांच ककार’ कहा जाता है. पांच ककार में ये पांच चीजें आती हैं जिन्हें खालसा सिख धारण करते हैं. ये हैं- ‘केश’, ‘कड़ा’, ‘कृपाण’, ‘कंघा’ और ‘कच्छा’. इन पांचो के बिना खालसा वेश पूर्ण नहीं माना जाता है।

    इस मौके पर अरदास के बाद कीर्तन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर गुरू का अटूट लंगर का वितरण किया गया। जिसे सभी धर्मावलंबियों ने ग्रहण किया। इस सारे समारोह को संपन्न कराने में मुसाबनी गुरूद्वरा प्रबंधन कमेटी केगुरुद्वारा प्रांगण में लंगर का भी आयोजन हुआ। मौके पर मुसाबनी गुरूद्वरा प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन गुरु वचन सिंह, अध्यक्ष सरदार अर्जुन सिंह, उपाध्यक्ष सरदार जगमित सिंह, महासचिव सरदार धर्मेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सरदार अमरजीत सिंह, रविन्द्र सिंह, हरविदर सिंह, रघुवीर सिंह, मनमोहन सिंह,हरि सिंह, बलजिदर सिंह उर्फ डब्बू, हरपाल सिंह,दिनेश साव, जयंत घोष, मुन्ना नायर, लक्ष्मण चंद्र बाग सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

    मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का हुआ वितरण

    मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का हुआ वितरण

    मुसाबनी

    माँ बगलामुखी मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय वार्षिक पूजन एवं विश्व शांति महायज्ञ का धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया ।इस अवसर पर भक्तों द्वारा पूजा अर्चना कर हवन किया गया। विश्व शांति के लिए भक्तों ने हवन किया। पूर्णाहुति के बाद हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इससे पूर्व कई साधक मंदिर में पूजा अर्चना कर मां बगलामुखी से सुख शांति एवं समृद्धि की कामना किया।
     मंदिर के पुजारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी व मुरारी मोहन मिश्रा ने चंडीपाठ किया।

    समाजसेवी चंद्र मोहन प्रजापति सहित अन्य भक्तों ने मंदिर में आयोजित कुमारी कन्या पूजन में मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए कुमारी कन्याओं की पूजा अर्चना कर उन्हें भोजन कराकर उपहार भेंट किया। हवन कार्यक्रम में चंद्रमोहन प्रजापति,चितरंजन मुखर्जी , अभय मिश्रा अजय ओझा, अविनाश षाड़ंगी, मुरारी मोहन मिश्रा, चितरंजन मुखर्जी, सुभाष चंद्र पति, मुकेश मिश्रा, पवन सिंघानिया, संगीता मंडल, कमलकांत मंडल, वीरेंद्र नारायण सिंह देव, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी जमशेदपुर प्रियंका सिंह, अंडर सेक्रेटरी राज्यपाल सचिवालय राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, समाजसेवी कलीराम शर्मा,उमाशंकर त्रिपाठी, कानू अग्रवाल आदि शामिल हो कर यज्ञ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यज्ञ समाप्त के बाद भजन कीर्तन का आयोजन हुआ।
    महाप्रसाद का हुआ वितरण-
    माँ बगलामुखी मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय वार्षिक पूजन एवं विश्व शांति महायज्ञ का धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। अनुष्ठान समापन के मौके पर मंदिर प्रांगण में मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह एवं उनके पूरी टीम के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की गई थी, लगभग 1000 श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बने पंडाल में बैठकर मां बगलामुखी का महाप्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद लेने एवं खाने के लिए श्रद्धालुओं की देर शाम तक मंदिर प्रांगण में भीड़ जुटी रही।

    श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण का शुभारंभ मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह, सचिव पप्पू अली, विवेक गुप्ता, वीरेंद्र शर्मा,सरफराज अंसारी ,लक्ष्मण यादव,पंडित उमाशंकर त्रिपाठी, चितरंजन मुखर्जी सहित अन्य सदस्यों के द्वारा भोग परोश कर किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कई अन्य गण्यमान्य लोगों ने अपना अहम योगदान दिया।

    श्री श्याम मित्र मंडल की हुई बैठक, आगामी 6 दिसंबर को मुसाबनी में होगा श्याम महोत्सव का भव्य आयोजन

    श्री श्याम मित्र मंडल की हुई बैठक, आगामी 6 दिसंबर को मुसाबनी में होगा श्याम महोत्सव का भव्य आयोजन

    मुसाबनी

    श्री श्याम मित्र मंडल मुसाबनी के सदस्यों की बैठक रविवार को श्री विश्वनाथ मंदिर प्रांगण मुसाबनी में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 6 दिसंबर शुक्रवार को अग्रसेन भवन प्रांगण में श्री श्री श्याम महोत्सव मनाए जाने को लेकर सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। श्री श्याम महोत्सव को यादगार बनाए जाने को लेकर बैठक में सदस्यों ने तय किया कि श्री श्याम बाबा के भक्ति संगीत व भजन कीर्तन के लिए जमशेदपुर एवं कोलकाता से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा।

    बाबा का भव्य दरबार सजाये जाने का भी बैठक में निर्णय लिया गया। श्री श्याम महोत्सव का आयोजन अग्रसेन भवन मुसाबनी में होगा। इसके लिए आकर्षक निमंत्रण पत्र छपवाए गए हैं जो भक्तों के बीच वितरण किया जा रहा है।सभी भक्तों को निमंत्रण कार्ड भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। भव्य पंडाल निर्माण कराने का बैठक में सदस्यों ने निर्णय लिया । कार्यक्रम के तहत 6 दिसंबर शुक्रवार सुबह 7 बजे से मुसाबनी 1 शिव मंदिर से निशान यात्रा निकाली जाएगी, शाम के समय शीश के दानी का भव्य श्रृंगार, अखंड ज्योत, छप्पन भोग, शाम 7 बजे विशाल संकीर्तन, शाम 8 बजे से प्रसाद एवं भंडारा व भजन संध्या का भव्य आयोजन होगा। श्री श्याम महोत्सव में भक्ति संगीत की समा बांधने कोलकाता से गायक तुषार चौधरी, मौनी केड़िया ,गगन म्यूजिकल ग्रुप एवं जमशेदपुर के प्रसिद्ध गायक महावीर अग्रवाल कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। बैठक में श्री श्याम मित्र मंडल के बजरंग सिंघानियां, पप्पू अग्रवाल, सुभाष सिंघानिया, राजीव अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल, विक्की गोयल, विजय गुप्ता, अमित अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल,पवन सिंघानियां, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।

    छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।

    आदित्यपुर

    ( कोल्हान से भरत सिंह की रिपोर्ट  )

    बृहस्पतिवार को छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया वहीं शुक्रवार की सुबह छठ व्रती उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देंगे इसके पश्चात छठ पूजा का समापन होगा।

    छठ पूजा के अवसर पर नदी घाट तालाब पर हजारों हजार की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी । छठ व्रतियां एवं हजारों की संख्या में महिला पुरुष दोपहर से ही सूप डाला में पूजन सामग्री सजाकर छठ घाट के लिए रवाना हुए उनके साथ उनके परिजन एवं मोहल्ले के लोग भी छठ के गीत गाते हुए छठ व्रतियों के कदम से कदम मिलाकर छठ घाट की ओर जाते हुए दिखाई दिए।

    गीत गाते हुए माथे पर डाला उठाकर घाट तक पहुंचाने का सिलसिला शाम तक जारी रहा और देखते ही देखते पूरा छठ घाट श्रद्धालुओं से ठसाठस भर गया।

    घाट पर उतरकर व्रतियों ने छठ मैया की आराधना करना प्रारंभ किया पानी में खड़े रहकर व्रतियों ने सूर्य के अस्त होने तक छठ मैया से अपने परिवार की अपने देश की दुनिया की खुशहाली सुख शांति की कामना करती रही।आखिर में अस्त होते हुए सूर्य को देखकर व्रतियों ने पहला अर्घ्य दिया

    आपको बताते चलें कि आस्था के इस महापर्व छठ में सेवा भक्ति प्रेम और समर्पण भावनाओं के साथ लोगों को एकजुट होकर एक दूसरे की मदद करते हुए देखा गया साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं ने भी सेवा भाव से निस्वार्थ सेवा करते हुए देखे गए आज छठ का पहला अर्घ्य शांति पूर्ण संपन्न हुआ वहीं जिला प्रशासन ने भी अपनी काफी अच्छी योगदान दिखाई है।

    अस्ताचलगामी सूर्य को छाठ व्रतियों ने दिया आर्ग

    अस्ताचलगामी सूर्य को छात्रवृत्तियों ने दिया आर्ग

    छठ पूजा: एक ऐसा त्यौहार जो चार दिन चलता है, कोई दंगा नहीं होता, इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता, किसी शांति समिति की बैठक कराने की जरुरत नहीं पड़ती, चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं होती और जबरन उगाही भी नहीं ! शराब की दुकाने बंद रखने का नोटिस नहीं चिपकना पड़ता, मिठाई के नाम पर मिलावट नहीं परोसी जाती है! उंच – नीच का भेद नहीं होता, व्यक्ति-धर्म विशेष के जयकारे नहीं लगते, किसी से अनुदान और अनुकम्पा की अपेक्षा नहीं रहती है, राजा रंक एक कतार में खड़े होते है, समझ से परे रहने वाले मंत्रो का उच्चारण नहीं होता और दान दक्षिणा का रिवाज नहीं है ।
    एक ऐसी पूजा जिसमें कोई पुजारी नहीं होता।
    जिसमें देवता प्रत्यक्ष हैं।


    जिसमें ढूबते सूर्य को भी पूजते हैं।
    जिसमें व्रती जाति समुदाय से परे है।
    जिसमें केवल लोक गीत गाते हैं।
    जिसमें पकवान घर पर बनते हैं।
    जिसमें घाटों पर कोई ऊँच नीच नहीं है।
    जिसमें प्रसाद अमीर गरीब सभी श्रद्धा से ग्रहण करते हैं।
    जिसमे प्रकृति संरक्षण का बोध होता है
    जिसमे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलती हो।
    ऐसे सामाजिक सौहार्द, सद्भाव, शांति, समृद्धि और सादगी के महापर्व छठ की शुभकामनाएं। 🙏🙏🙏🙏💐💐💐💐

    दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक माता के भोग का वितरण

    दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक माता के भोग का वितरण

    आदित्यपुर

    श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी आदित्यपुर गुमटी बस्ती नियर मां मानसा मंदिर रेलवे फाटक थाना रोड माता रानी की पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है साथ ही अष्टमी नवमी को माता का महाभोग वितरण किया जाएगा एवं दसवीं को भी माता का भोग बनाया जाएगा आप सभी सादर आमंत्रित हैं दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात में 10:00 बजे तक होगी वितरण किया जाएगा


    विशेष कुमार ऊफ बाबू तांती,रमेश बालमुचू,अरुण आचार्य,राजेश लहा,चंद्र शेकर दास, बृज मोहन सिंह, कोसलेंदर रजक,बिट्टू महतो,रूही दास चकी,सूरज तांती,अजय शर्मा,साधु शर्मा,सरोज कुमार साव,राजेश साव,राजेश लाहा प्रकाश पूर्ति

    Design a site like this with WordPress.com
    Get started