मुसाबनी गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर हुआ लंगर का आयोजन

मुसाबनी गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर हुआ लंगर का आयोजन

मुसाबनी संवाददाता

मुसाबनी गुरुद्वारा में सोमवार को गुरू गोविंद सिंह जी की जयंती को प्रकाश उत्सव पर्व के रूप में धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा में संगत द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड सहज पाठ की गयी। इसके बाद गुरुद्वारा के ग्रंथि ने गुरू गोविंद सिंह जी की जीवनी के बारे में बताया।

उन्होंने कहा की सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह ने ही साल 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। उनका जीवन अन्याय, अधर्म, अत्याचार और दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए गुजरा।हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। उन्होंने खालसा वाणी – “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह” भी दी।गुरु गोबिंद सिंह ने जीवन जीने के लिए पांच सिद्धांत भी बताए जिन्हें ‘पांच ककार’ कहा जाता है. पांच ककार में ये पांच चीजें आती हैं जिन्हें खालसा सिख धारण करते हैं. ये हैं- ‘केश’, ‘कड़ा’, ‘कृपाण’, ‘कंघा’ और ‘कच्छा’. इन पांचो के बिना खालसा वेश पूर्ण नहीं माना जाता है।

इस मौके पर अरदास के बाद कीर्तन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर गुरू का अटूट लंगर का वितरण किया गया। जिसे सभी धर्मावलंबियों ने ग्रहण किया। इस सारे समारोह को संपन्न कराने में मुसाबनी गुरूद्वरा प्रबंधन कमेटी केगुरुद्वारा प्रांगण में लंगर का भी आयोजन हुआ। मौके पर मुसाबनी गुरूद्वरा प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन गुरु वचन सिंह, अध्यक्ष सरदार अर्जुन सिंह, उपाध्यक्ष सरदार जगमित सिंह, महासचिव सरदार धर्मेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सरदार अमरजीत सिंह, रविन्द्र सिंह, हरविदर सिंह, रघुवीर सिंह, मनमोहन सिंह,हरि सिंह, बलजिदर सिंह उर्फ डब्बू, हरपाल सिंह,दिनेश साव, जयंत घोष, मुन्ना नायर, लक्ष्मण चंद्र बाग सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का हुआ वितरण

मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का हुआ वितरण

मुसाबनी

माँ बगलामुखी मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय वार्षिक पूजन एवं विश्व शांति महायज्ञ का धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया ।इस अवसर पर भक्तों द्वारा पूजा अर्चना कर हवन किया गया। विश्व शांति के लिए भक्तों ने हवन किया। पूर्णाहुति के बाद हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इससे पूर्व कई साधक मंदिर में पूजा अर्चना कर मां बगलामुखी से सुख शांति एवं समृद्धि की कामना किया।
 मंदिर के पुजारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी व मुरारी मोहन मिश्रा ने चंडीपाठ किया।

समाजसेवी चंद्र मोहन प्रजापति सहित अन्य भक्तों ने मंदिर में आयोजित कुमारी कन्या पूजन में मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए कुमारी कन्याओं की पूजा अर्चना कर उन्हें भोजन कराकर उपहार भेंट किया। हवन कार्यक्रम में चंद्रमोहन प्रजापति,चितरंजन मुखर्जी , अभय मिश्रा अजय ओझा, अविनाश षाड़ंगी, मुरारी मोहन मिश्रा, चितरंजन मुखर्जी, सुभाष चंद्र पति, मुकेश मिश्रा, पवन सिंघानिया, संगीता मंडल, कमलकांत मंडल, वीरेंद्र नारायण सिंह देव, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी जमशेदपुर प्रियंका सिंह, अंडर सेक्रेटरी राज्यपाल सचिवालय राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, समाजसेवी कलीराम शर्मा,उमाशंकर त्रिपाठी, कानू अग्रवाल आदि शामिल हो कर यज्ञ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यज्ञ समाप्त के बाद भजन कीर्तन का आयोजन हुआ।
महाप्रसाद का हुआ वितरण-
माँ बगलामुखी मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय वार्षिक पूजन एवं विश्व शांति महायज्ञ का धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। अनुष्ठान समापन के मौके पर मंदिर प्रांगण में मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह एवं उनके पूरी टीम के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की गई थी, लगभग 1000 श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बने पंडाल में बैठकर मां बगलामुखी का महाप्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद लेने एवं खाने के लिए श्रद्धालुओं की देर शाम तक मंदिर प्रांगण में भीड़ जुटी रही।

श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण का शुभारंभ मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह, सचिव पप्पू अली, विवेक गुप्ता, वीरेंद्र शर्मा,सरफराज अंसारी ,लक्ष्मण यादव,पंडित उमाशंकर त्रिपाठी, चितरंजन मुखर्जी सहित अन्य सदस्यों के द्वारा भोग परोश कर किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कई अन्य गण्यमान्य लोगों ने अपना अहम योगदान दिया।

श्री श्याम मित्र मंडल की हुई बैठक, आगामी 6 दिसंबर को मुसाबनी में होगा श्याम महोत्सव का भव्य आयोजन

श्री श्याम मित्र मंडल की हुई बैठक, आगामी 6 दिसंबर को मुसाबनी में होगा श्याम महोत्सव का भव्य आयोजन

मुसाबनी

श्री श्याम मित्र मंडल मुसाबनी के सदस्यों की बैठक रविवार को श्री विश्वनाथ मंदिर प्रांगण मुसाबनी में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 6 दिसंबर शुक्रवार को अग्रसेन भवन प्रांगण में श्री श्री श्याम महोत्सव मनाए जाने को लेकर सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। श्री श्याम महोत्सव को यादगार बनाए जाने को लेकर बैठक में सदस्यों ने तय किया कि श्री श्याम बाबा के भक्ति संगीत व भजन कीर्तन के लिए जमशेदपुर एवं कोलकाता से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा।

बाबा का भव्य दरबार सजाये जाने का भी बैठक में निर्णय लिया गया। श्री श्याम महोत्सव का आयोजन अग्रसेन भवन मुसाबनी में होगा। इसके लिए आकर्षक निमंत्रण पत्र छपवाए गए हैं जो भक्तों के बीच वितरण किया जा रहा है।सभी भक्तों को निमंत्रण कार्ड भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। भव्य पंडाल निर्माण कराने का बैठक में सदस्यों ने निर्णय लिया । कार्यक्रम के तहत 6 दिसंबर शुक्रवार सुबह 7 बजे से मुसाबनी 1 शिव मंदिर से निशान यात्रा निकाली जाएगी, शाम के समय शीश के दानी का भव्य श्रृंगार, अखंड ज्योत, छप्पन भोग, शाम 7 बजे विशाल संकीर्तन, शाम 8 बजे से प्रसाद एवं भंडारा व भजन संध्या का भव्य आयोजन होगा। श्री श्याम महोत्सव में भक्ति संगीत की समा बांधने कोलकाता से गायक तुषार चौधरी, मौनी केड़िया ,गगन म्यूजिकल ग्रुप एवं जमशेदपुर के प्रसिद्ध गायक महावीर अग्रवाल कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। बैठक में श्री श्याम मित्र मंडल के बजरंग सिंघानियां, पप्पू अग्रवाल, सुभाष सिंघानिया, राजीव अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल, विक्की गोयल, विजय गुप्ता, अमित अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल,पवन सिंघानियां, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।

छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।

आदित्यपुर

( कोल्हान से भरत सिंह की रिपोर्ट  )

बृहस्पतिवार को छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया वहीं शुक्रवार की सुबह छठ व्रती उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देंगे इसके पश्चात छठ पूजा का समापन होगा।

छठ पूजा के अवसर पर नदी घाट तालाब पर हजारों हजार की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी । छठ व्रतियां एवं हजारों की संख्या में महिला पुरुष दोपहर से ही सूप डाला में पूजन सामग्री सजाकर छठ घाट के लिए रवाना हुए उनके साथ उनके परिजन एवं मोहल्ले के लोग भी छठ के गीत गाते हुए छठ व्रतियों के कदम से कदम मिलाकर छठ घाट की ओर जाते हुए दिखाई दिए।

गीत गाते हुए माथे पर डाला उठाकर घाट तक पहुंचाने का सिलसिला शाम तक जारी रहा और देखते ही देखते पूरा छठ घाट श्रद्धालुओं से ठसाठस भर गया।

घाट पर उतरकर व्रतियों ने छठ मैया की आराधना करना प्रारंभ किया पानी में खड़े रहकर व्रतियों ने सूर्य के अस्त होने तक छठ मैया से अपने परिवार की अपने देश की दुनिया की खुशहाली सुख शांति की कामना करती रही।आखिर में अस्त होते हुए सूर्य को देखकर व्रतियों ने पहला अर्घ्य दिया

आपको बताते चलें कि आस्था के इस महापर्व छठ में सेवा भक्ति प्रेम और समर्पण भावनाओं के साथ लोगों को एकजुट होकर एक दूसरे की मदद करते हुए देखा गया साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं ने भी सेवा भाव से निस्वार्थ सेवा करते हुए देखे गए आज छठ का पहला अर्घ्य शांति पूर्ण संपन्न हुआ वहीं जिला प्रशासन ने भी अपनी काफी अच्छी योगदान दिखाई है।

अस्ताचलगामी सूर्य को छाठ व्रतियों ने दिया आर्ग

अस्ताचलगामी सूर्य को छात्रवृत्तियों ने दिया आर्ग

छठ पूजा: एक ऐसा त्यौहार जो चार दिन चलता है, कोई दंगा नहीं होता, इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता, किसी शांति समिति की बैठक कराने की जरुरत नहीं पड़ती, चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं होती और जबरन उगाही भी नहीं ! शराब की दुकाने बंद रखने का नोटिस नहीं चिपकना पड़ता, मिठाई के नाम पर मिलावट नहीं परोसी जाती है! उंच – नीच का भेद नहीं होता, व्यक्ति-धर्म विशेष के जयकारे नहीं लगते, किसी से अनुदान और अनुकम्पा की अपेक्षा नहीं रहती है, राजा रंक एक कतार में खड़े होते है, समझ से परे रहने वाले मंत्रो का उच्चारण नहीं होता और दान दक्षिणा का रिवाज नहीं है ।
एक ऐसी पूजा जिसमें कोई पुजारी नहीं होता।
जिसमें देवता प्रत्यक्ष हैं।


जिसमें ढूबते सूर्य को भी पूजते हैं।
जिसमें व्रती जाति समुदाय से परे है।
जिसमें केवल लोक गीत गाते हैं।
जिसमें पकवान घर पर बनते हैं।
जिसमें घाटों पर कोई ऊँच नीच नहीं है।
जिसमें प्रसाद अमीर गरीब सभी श्रद्धा से ग्रहण करते हैं।
जिसमे प्रकृति संरक्षण का बोध होता है
जिसमे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलती हो।
ऐसे सामाजिक सौहार्द, सद्भाव, शांति, समृद्धि और सादगी के महापर्व छठ की शुभकामनाएं। 🙏🙏🙏🙏💐💐💐💐

दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक माता के भोग का वितरण

दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक माता के भोग का वितरण

आदित्यपुर

श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी आदित्यपुर गुमटी बस्ती नियर मां मानसा मंदिर रेलवे फाटक थाना रोड माता रानी की पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है साथ ही अष्टमी नवमी को माता का महाभोग वितरण किया जाएगा एवं दसवीं को भी माता का भोग बनाया जाएगा आप सभी सादर आमंत्रित हैं दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात में 10:00 बजे तक होगी वितरण किया जाएगा


विशेष कुमार ऊफ बाबू तांती,रमेश बालमुचू,अरुण आचार्य,राजेश लहा,चंद्र शेकर दास, बृज मोहन सिंह, कोसलेंदर रजक,बिट्टू महतो,रूही दास चकी,सूरज तांती,अजय शर्मा,साधु शर्मा,सरोज कुमार साव,राजेश साव,राजेश लाहा प्रकाश पूर्ति

मुसाबनी के पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा बना आकर्षण का केंद्र,पूजा पंडालों में शुरू हुआ माता का जय-जयकार

मुसाबनी के पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा बना आकर्षण का केंद्र,पूजा पंडालों में शुरू हुआ माता का जय-जयकार

मुसाबनी

शारदीय नवरात्र को लेकर मुसाबनी के विभिन्न पूजा पंडालों में महासप्तमी पूजा को लेकर पंडालों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आदि शक्ति की आराधना एवं पूजा अर्चना की।

न्यू कॉलोनी पूजा पंडाल मुसाबनी
मुसाबनी बाबू लाइन में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा


दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की की प्रतिमाएं व झांकी पूजा पंडाल में देखने को मिल रही है। पूजा पंडालो में देवी की प्रतिमाओं को ऐसा आकर्षक रूप दिया गया है।

मुसाबनी नंबर दो गोरखा एसोसिएशन दुर्गा पूजा कमेटी


नवरात्र के पर्व को लेकर माहौल देवीमय हो गया है। एटीएफ़ दुर्गा पूजा पंडाल, न्यू कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल, यूथ क्लब दुर्गा पूजा पंडाल, रविंद्र संघ पूजा पंडाल,ब्लॉक कॉलोनी पूजा पंडाल,गोरखा एसोसिएशन पूजा पंडाल में मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। सभी पूजा पंडालो में विद्युत सज्जा की बेहतरीन व्यवस्था पंडालों की खूबसूरती में चार चांद लग रहा है। एटीएफ का पूजा पंडाल व गोरखा एसोसिएशन का पंडाल भी भक्तजनों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

मुसाबनी में सजने लगे पूजा पंडाल

मुसाबनी में सजने लगे पूजा पंडाल

मुसाबनी

शारदीय नवरात्र को लेकर मुसाबनी के विभिन्न पूजा पंडालों को दर्शकोंं के लिए बुधवार षष्टि पूजा से खोल दिया गया है। मांं का दरबार सजने लगा है। पूजा पंडालों में माता का जय जयकार शुरू हो गया। कई पूजा पंडालों का उद्घाटन बुधवार को किया गया कुछ का गुरुवार को किया जाएगा। दुर्गा पूजा को लेकर शहर में उत्सव का माहौल है। बाजार मेंं खरीदारोंं की भीड़ उमड़ पड़ी है।

न्यू कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल
ब्लॉक कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल
रविन्द्र संघ पूजा पंडाल

दुर्गा पूजा पंडालों को जगमग करने में भक्तगण जुटे रहे। मां आदि शक्ति के महापर्व की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए देर रात तक शहर से लेकर गांव तक लोग जुटे हैं।नवरात्र के पर्व को लेकर माहौल देवीमय हो गया है। एटीएफ़ दुर्गा पूजा पंडाल, न्यू कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल, यूथ क्लब दुर्गा पूजा पंडाल, रविंद्र संघ पूजा पंडाल,ब्लॉक कॉलोनी पूजा पंडाल,गोरखा एसोसिएशन पूजा पंडाल आदि को काफी भव्य और आकर्षक बनाया गया है। न्यु कॉलोनी, एटीएफ का पूजा पंडाल व गोरखा एसोसिएशन का पंडाल भी भक्तजनों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

आगामी दुर्गा पूजा को लेकर सनातनी समिति की बैठक हुई संपन्न

आगामी दुर्गा पूजा को लेकर सनातनी समिति की बैठक हुई संपन्न

सरायकेला-खरसावां

आगामी दुर्गा पूजा को लेकर श्री श्री सनातनी समिति ने की भूमि पूजन,भूमि पूजन में समिति के सदस्यों ने समर्पण भावना से जिले वासियों के जीवन में दुर्गुणों का नाश एवं सुख शांति की मां दुर्गा से कामना की

आपको बताते चलें कि गेस्ट हाउस के श्री श्री सनातनी मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से पहली बार आयोजित की जा रही मां दुर्गा के वार्षिक पूजनोत्सव को लेकर रविवार को भूमि पूजन किया गया. गेस्ट हाउस ग्राउंड में आयोजित होने वाली उक्त पूजन उत्सव के पंडाल निर्माण को लेकर यजमान के तौर पर समिति के नवीन कुमार सिंह ने भूमि पूजन किया.

वहीं भूमि पूजन के उपरांत श्री श्री सनातनी समिति ने दुर्गा पूजा की व्यवस्था को लेकर बैठक की। बैठक में पूजा की तैयारी को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने प्रतिमा बनाने,किसी भी तरह की दिक्कत होने पर समिति को सूचना देने, मंदिर को रंग-रोगन व पंडाल बनाने संबंधित चर्चा की गई।

इस अवसर पर आयोजक समिति के उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने बताया कि मां दुर्गा की वार्षिक पूजा विशुद्ध सनातनी परंपरा के साथ वैष्णव मत से किए जाने की तैयारी की जा रही है. जिसके तहत भव्य पंडाल में मां दुर्गा के बिराजने को लेकर पंडाल निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया. उन्होंने बताया कि आगामी 8 अक्टूबर को बेलवरण के साथ मां दुर्गा का आह्वान कर महाषष्ठी की पूजा का आयोजन किया जाएगा.

मौके पर आयोजक समिति के सचिव कैलाश पोद्दार, संयुक्त सचिव अवध किशोर सिंह, विनोद बाबू, ललन पांडे, संजय मिश्रा, अजय प्रसाद, सुशील कुमार पोद्दार, सत्येंद्र ठाकुर सहित दर्जनों की संख्या में भक्त एवं समिति के अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे.

संतान की लंबी उम्र के लिए बड़े धूमधाम एवं विधि विधान के साथ मनाया गया जितिया पर्व

संतान की लंबी उम्र के लिए बड़े धूमधाम एवं विधि विधान के साथ मनाया गया जितिया पर्व

सरायकेला-खरसावां

संतान की लंबी आयु एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए सरायकेला खरसावां जिला के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने बड़े ही विधि विधान के साथ जीवित्पुत्रिका का व्रत किया गया। हिंदू धर्म में जितिया व्रत जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है विशेष रूप से माता द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे कल्याण के लिए किया जाता है। यह व्रत आश्विन माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को रखा जाता है। यह व्रत संतान की सुरक्षा और समृद्धि के लिए निर्जला उपवास के रूप में किया जाता है जिसमें महिलाएं पूरे दिन बिना अन जल ग्रहण किए उपवास करती है। जितिया व्रत का धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से संतान की आयु लंबी होती है और वह जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त करते हैं। इसके अलावा इस व्रत के पुण्य प्रभाव से वह महिलाएं भी संतान प्राप्त करती है जिनकी संतान की कामना होती है। संतान की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए जितिया व्रत एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है। जितिया व्रत की परंपरा मुख्य रूप से बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड और मिथिला क्षेत्र में अधिक प्रचलित है इस व्रत का आरंभ नहाए खाए से होता है जिसमें महिलाएं व्रत से एक दिन पहले पवित्र स्नान करके पूजा पाठ करती हैं और फिर सात्विक भोजन ग्रहण करती है। इस दिन प्याज लहसुन और मांसाहार का सेवन वर्जित होता है। अगले दिन महिलाएं सरगी उटांगन करती है यानी सुबह भोजन ग्रहण करती है ताकि वह पूरे दिन निर्जला व्रत कर सके।

वहीं अष्टमी तिथि को वह निर्जला व्रत रखती है और अष्टमी समाप्त होने के बाद पारण करती हैं। जितिया व्रत का पारण अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद किया जाता है। पारण करते समय महिलाएं सबसे पहले जल ग्रहण करती है और फिर अन्य सात्विक भोजन ग्रहण करती है।

गिरिडीह सांसद एवं एनडीए प्रत्याशी चंद्र प्रकाश चौधरी परिवार संग देवघर में की पूजा अर्चना

गिरिडीह सांसद एवं एनडीए प्रत्याशी चंद्र प्रकाश चौधरी परिवार संग देवघर में की पूजा अर्चना

झारखण्ड/देवघर

चुनाव प्रचार के दौरान गिरिडीह सांसद एवं एनडीए प्रत्याशी चंद्र प्रकाश चौधरी धर्म पत्नी श्रीमती सुनीता चौधरी समाजसेवी पीयूष चौधरी ने देवघर में बाबा बैद्यनाथ एवं बासुकीनाथ में फौजदार बाबा के दर्शन एवं पूजन किया इस अवसर पर उन्होंने झारखंड के विकास की बाबा से कामना की साथ में तिवारी महतो अमृत मुंडा सहित दर्जनों लोग शामिल थे

बोकारो:-खाद्यान्न व्यापारि द्वारिका प्रसाद बंसल के आवास पर श्री श्री श्याम बाबा का दरबार लगा

बोकारो:-खाद्यान्न व्यापारि द्वारिका प्रसाद बंसल के आवास पर श्री श्री श्याम बाबा का दरबार लगा

बोकारो-बोरमो

( झारखंड बेरमो बोकारो से प्रकाश की रिपोर्ट )

दिनांक 20 मार्च बुधवार को बेरमो के फुसरो बाजार में खाद्यान्न व्यापारि द्वारिका प्रसाद बंसल के आवास पर श्री श्री श्याम बाबा का दरबार लगा दरबार में पूजा अर्चना की गई एवं जागरण का आयोजन किया गया

जागरण में धनबाद कोलकाता आदि जगहों से कीर्तन मंडली शामिल हुए जिसमें बिहार के कटिहार से नीरज सिंह राजपूत ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किया और रात भर लोगों ने भजन का आनंद लिया जागरण में महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया था जागरण में पूरे भक्तिमय माहौल हो गया

इस कार्यक्रम में खासकर महिलाएं एवं युवा अति उत्साहित दिखे मौके पर सुरेश बंसल बंसल बीकू बंसल राजकुमार बंसल सहित परिवार के सारे लोग सक्रिय रहे जागरण में बेरमो थाना के अनूप सिंह दिलीप मित्तल स्थानीय व्यापारी मनोज कुमार अग्रवाल मीनू अग्रवाल बंटी मित्तल पंकज मित्तल सुरेंद्र गोयल रविंद्र सिंह दीपक अग्रवाल सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए।

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