देवघर बाबा बैद्यनाथ का मंदिर एक ज्योतिर्लिंग है यह विश्व का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां पर त्रिशूल की जगह पंचशूल होता है यही पंचशूल रावण के लंका के महल के ऊपर भी राज्य की सुरक्षा के लिए लगाया गया था देवघर बाबा मंदिर के परिसर में स्थित 22 मंदिर में पंचशूल लगा है आज शिवरात्रि के दो दिन पहले भोलेनाथ के मंदिर के शीर्ष के ऊपर स्थित पंचशूल और माता पार्वती के मंदिर के ऊपर स्थित पंचशूल को उतारा गया और दोनों का मिलान कराया गया इस पंचशूल को स्पर्श करने के लिए भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी जिसके लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी मौके पर देवघर डीसी विशाल सागर और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे दोनों पंचशूल को उतारने के बाद इस सरदार पंडा के पास ले जाया गया जहां पर इसका स्पर्श कराया गया कल यानी शिवरात्रि के 1 दिन पहले विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने के बाद इसे पुन: मंदिर के शीर्ष पर स्थापित कर दिया जाएगा।
नीलकंठ दिवस के अवसर पर 3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं नारायण सेवा कराया गया।
जमशेदपुर
जमशेदपुर बिरसा नगर स्थित आनंद मार्ग शिशु सदन में नीलकंठ दिवस के अवसर पर 3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं नारायण सेवा कराया गया।आनंद मार्ग के संस्थापक श्री श्री आनंदमूर्ति जी को पटना के बांकीपुर जेल 12 फरवरी 1973 इंदिरा सरकार द्वारा साजिश के तहत दवा के नाम पर विष का प्रयोग किया गया। उसके बाद श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने मानवता की रक्षा के लिए विषपान किया और नीलकंठ कहलाए। उन्होंने इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर नीलकंठ दिवस मनाने का संदेश दिया। 12 फरवरी को आनंद मार्गी पूरे विश्व में नीलकंठ दिवस मनाते हैं।
इस अवसर पर अबधुतिका आनंद अतिशा आचार्या ने कहा कि आनंद मार्ग आत्म मोक्षरथम जगत हिताय च के सिद्धांत पर आध्यात्मिक आधार बनाकर व्यक्ति एवं समाज को विकास के पथ पर आगे की ओर ले जाने वाला एक ऐसा संपूर्ण जीवन पद्धति है जो मानव जीवन के शारीरिक मानसिक आध्यात्मिक सामाजिक आर्थिक सभ्यता एवं संस्कृति आदि सारे विषयों का विषद व्याख्या करते हुए मानवीय विकास को व्यक्तिगत एवं समष्टिगत प्रगति में आने वाले सभी समस्याओं का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी समाधान का रास्ता बताता है जिससे समाज के सभी वर्गों के लोगों का भौतिक मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास हो सके।
विवेक विद्यालय में बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए आशीर्वचन समारोह का आयोजन किया गया
जमशेदपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
दिनांक 06.02.2023 को छोटा गोविंदपुर स्थित विवेक विद्यालय में बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए आशीर्वाद समारोह एवं भावभीनी विदाई का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम पूजा-अर्चना के साथ बारहवीं के सभी छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने हवन कार्यक्रम में भाग लिया संपूर्ण कार्यक्रम हमारी भारतीय संस्कृति एवं मूल धरोहर पर आधारित था। इसके बाद कार्यक्रम में ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने मंत्रमुग्ध कर देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत काया। प्राचार्य श्री अवधेश सिंह सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने पारंपरिक ढंग से अपने आशीर्वचनों के साथ सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। पुरस्कार वितरण में ओवरऑल परफॉर्मेंस के लिए बालिका वर्ग में आयुषी रानी और बालक वर्ग में किशन दास, पाठसहगामी क्रियाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए श्रद्धा दास और प्रियजीत घोष को सम्मानित किया गया। विज्ञान वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अंकित कुमार और खुशबू कुमारी, वाणिज्य वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वेता कुमारी को सम्मानित किया गया। कला वर्ग में श्रेया सुमन को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न वर्गों में विषयवार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस समारोह में बारहवीं कक्षा के सभी छात्र एवं छात्राएँ विद्यालय के प्रति अपनी भावनात्मक श्रद्धा एवं आदर को अपने वक्तव्य के द्वारा व्यक्त किया तथा विद्यालय एवं विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम का समापन समूह भजन द्वारा किया गया।
राममय हुआ आदित्यगार्डेन,,जय श्री राम के नारे से गूंज उठा पुरा का क्षेत्र
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)
राम जन्मभूमि स्थल पर नवनिर्मित मार्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र भगबान जी के राम मंदिर का उद्घाटन एवं रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 22.01.2024 को आदित्यगार्डेन में आयोजन किया गया।यह दिब्य,अलौकिक पल कीअनुभूति हेतु आदित्यगार्डन के मन्दिर परिसर सुन्दर काण्ड पाठ एबं रात्रि को भजन संध्या का आयोजन किया गया एबं प्रभू श्री रामचंद्र जी की जयकारा लगाते हुए गाजा बाजा के साथ जुलुस निकाला गाया।आदित्य गार्डेन के मन्दिर को दीपो एबं लाईट से सजाया गया।
साथ ही साथ पूरे आदित्य गार्डेन को भी भगबा रंग के झंडा, भगबान श्री राम चन्द्र के बाल-रूप,दिब्य दरबार एवं श्री राम के अन्य स्वरुप से,लाईट से सजाया गया और चिर प्रतिक्षित काल को यादगार बनाने एबं खुशियाँ का इजहार करते हुए लोगो ने पटाखे का भी आनन्द लिये।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिव मन्दिर परिसर में पूजा-अर्चना,सुन्दर काण्ड पाठ,हबन के उपरान्त प्रसाद एबं भोग का बितरण सभी लोगो किया गया। रघुकल के स्वामी एबं त्रेता युग राजा गुण गान हेतु आदित्य गार्डेन के क्लब हाउस मे भजन-संध्या के रंगा-रंग कार्यक्रम किया गया ।साथ ही साथ रात्रि सुरुचि भोज का भी आयोजन किया गया।जिसमें काफी संख्या में लोगो ने भाग लिया एबं श्राद्धालुगण इस दिब्य एब आलौकिक पल की परम आनंद का अनुभुति से आनंदित हुए ।
महोत्सब में अध्यक्ष विजय सिंह राणा,सचिब अनील कुमार,निलाम वार्ष्णे उपाध्यक्ष,राकेश सिंह,मुन्ना तिवारी,मनीष पान्डे,आर डी एस मिश्रा,धनेश्वेर सिन्ह, बि साह, समीर सिंह,जसबीर कौर,अलका झा,रीता कुमारी,मुद्रा जी,सन्तोष खेतान जी,सन्जीब मिश्रा,सुदीप मिश्रा, किशोर जी,प्रकाश झा जी, काफी संख्या में लोग उपस्तिथ हुए।
इस महोत्सब को सफल बनाने में बिशेष रूप से सहयोग करने बाले सभी गणमान्य एबं मुख्य अतिथि गण को अंग बस्त्र से सम्मानित किया गया।
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बीच मुसाबनी के मंदिरों में उमड़ी भीड़
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बहुप्रतीक्षित प्राण प्रतिष्ठा समारोह सोमवार को विधि विधान के साथ संपन्न हो गया। वहीं दूसरी तरफ मुसाबनी के मंदिरों में भारी संख्या में लोग प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूजा अर्चना करने को पहुंचने लगे थे। शहर से गांव तक के मंदिरों में भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखी जुटी रही।
मुसाबनी 3 राम मंदिर, शीतला मन्दिर, श्री जगन्नाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, गायत्री मन्दिर, शिव मंदिर, काली मंदिर सहित मुसाबनी के लोकप्रिय विश्वनाथ मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिरों सहित लोगों ने अपने-अपने घरों में दीपक जलाकर रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा का जश्न मनाया विभिन्न मंदिर कर्मियों द्वारा आकर्षक आतिशबाजी कर प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाया जा रहा है। श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे मुसाबनी शहर में दीपावली का माहौल है। लोग अपने-अपने घरों में अपने-अपने अंदाज से इस धार्मिक अनुष्ठान का आनंद ले रहे हैं।
दुनियां ने देखा भारत का आध्यात्मिक भाव-प्रभु श्री राम को 500 वर्षों बाद मिली मंदिर की छांव
गोंदिया
प्रभु श्री राम की वनवास से अयोध्या वापसी-वक्त ने अपने आप को दोहराया
प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
वैश्विक स्तरपर 22 जनवरी 2024 सोमवार के दिन का इंतजार करते भारत ही नहीं पूरी दुनियां के भक्तों की आंखें तरस गई थी कि कब प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर में सुखकारी रूप से होवे और हम प्रभु के जीवंत स्वरूप का दर्शन करें। बता दें कि हमारे बड़े बुजुर्गों ने ऐसा बताया है कि जब किसी भी व्यक्ति गुरु प्रभु महात्मा महामानव महापुरुष इत्यादि के स्वरूप में पूर्ण रूपेण पद्धति प्रक्रिया व धार्मिक अनुष्ठान प्राण प्रतिष्ठा की जाती है तो इसका मतलब यह माना गया है कि, उसमें उस प्राणी में प्राणों का संचार किया गया है, याने दूसरे शब्दों में अनुष्ठान कर उस स्वरूप को जीवित कर दिया जाता है जो अदृश्य रूप में होता है,मानवीय आंखों से दिख नहीं पता परंतु भक्त अगर हृदय की आंखों से देखे तो हाजरा हजूर प्रभु जरूर नजर आएंगे, बस इसी संज्ञान में प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान कर उनमें प्राणों का संचार किया गया है अब भक्तों के देखने का नजरिया है, अगर हृदय की आंखों से हम देखेंगे तो हम हाजरा हजूर प्रभु श्री राम के जीवंत दर्शन होंगे नहीं तो फिर वही कहावत कि,मानो तो मैं गंगा मां हूं ना मानो तो बहता पानी। अगर हृदय में विश्वास है तो हमें पत्थर में भी भगवान दिख जाते हैं, यदि हृदय में आस्थापूर्ण विश्वास नहीं है तो जीवंत प्रभु में भी पत्थर ही नजर आएगा ऐसी चर्चा मेरे दादाजी अक्सर अनेक मौका पर किया करते थे। जो बातें बचपनकी मैने सुनी वह आज जीवंत रूप में देख रहा हूं।पिछले कई दिनों से जिस तरह जोरदार भावपूर्ण तैयारीयों का नजारा हम मीडिया में देख रहे हैं, घर-घर व गांव, मेट्रो सिटी शहर को सजा हुआ, मैंने देखा तो रामायण में लिखी प्रभु श्री राम की वनवास से वापसी का मंजर मैं जीवंत देखने लगा, ऐसा लगा शायद हम हजारों वर्ष पूर्व की स्थिति त्रेतायुग में आ गए हैं। तब प्रभु श्री राम की 14 वर्षों के वनवास से वापसी हुई थी और संपूर्ण अयोध्या में दीपावली से भी बढ़कर माहौल था। हर व्यक्ति खुश था बस!! वही मंजर 22 जनवरी 2024 को देखा जब प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो विश्व का हर राम भक्त खुशी से सराबोर होकर झूम उठा, मानो बस!! अब हमें प्रभु श्री राम मिल गए हैं, अब और कुछ नहींचाहिए। प्रभु दर्शन से ही हमारी सारी इच्छाएं पूर्ण हो गई है,यहभारतीयों का भाव पूरी दुनियां ने देख के कहा प्रभु श्री राम की वास्तव में वनवास से वापसी हुई है, जो 500 साल वनवास था जिसे वक्त को फिर दोहरा दिया है, चूंकि प्राण प्रतिष्ठा से पूरा विश्व सराबोर हुआ है, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए हैं।
साथियों बात अगर हम 22 जनवरी 2024 को जोरदार ढंग से भावपूर्ण मन से मनाने की करें तो, प्राण प्रतिष्ठा में तैयारी ऐसी थी कि मानो असल दीपावली अबकी बार मनाई जाएगी। गली-चौराहों से लेकर टैक्सी, पेट्रोल पंपों और यहां तक कि घरों में भी राम धुन बज रहा है। पूजित अक्षत व निमंत्रण पत्र घर-घर पहुंचाने का असर ऐसा हो रहा है कि हर कोई खुद को इसआयोजन से सीधा जुड़ा हुआ महसूस करने लगा है। बृहस्पतिवार को शहर में प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व निकाली गई शोभा यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। भगवान राम की मनमोहक झांकी की अगुवाई में निकली यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चलते करीब एक किमी तक केवल भगवामय राम भक्तों की टोली ही नजर आ रही थी। अयोध्या धाम में 22 जनवरी, 2024 को आयोजित श्री राम मंदिर के प्रतिष्ठापन समारोह के सुचारू और सफल संचालन के लिए अत्यधिक सावधानी के साथ व्यवस्था की गई थीं। पीएम निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा किए। इस दिनकरीब 8, हज़ार से अधिक अतिथि मंदिर मेंआए, इसके बाद 23 जनवरी से लाखों भक्त आएंगे।
साथियों बात अगर हम माता सीता के मायके जनकपुर मिथिला गांव नेपाल के खुशियों में सराबोर होने की करें तो, देवी सीता का मायका खुशी और उत्साह से भरा हुआ है। नेपाल में जनकपुरधाम में धूमधाम और उल्लास के साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जनकपुर निवासियों का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हमारे लिए भी खुशी की लहर लेकर आया है। हमने उस दिन घटनाओं की एक श्रृंखला की योजना बनाई थीं, जो सुबह शुरू हुई और दिन के अंत तक चली। सिंदूर के चूर्ण से रंगोली और फूलों से भगवान राम की तस्वीर बनाए। हम अपने घर में दीपावली भी मनाए। अयोध्या में मंदिर निर्माण से हम सभी खुश हैं। पूरा जनकपुर इससे खुश है। दीपावली मनाने के लिए तैयार लोग जनकपुर के एक सजन ने कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से इससे काफी खुश और उत्साहित हूं।मैंनें 22 जनवरी को दीपावली मनाया और मंदिर में दीपक भी जलाए। मैं अपने दोस्तों और अन्य लोगों से 22 जनवरी को दीपावली मनाने के लिए कह कहा था। बता दें, जनकपुर धाम एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यह भगवान राम की पत्नी देवी सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। धार्मिक ग्रन्थों और पौराणिक कथाओं के अनुसार यह स्थान राजा जनक जो की माता सीता के पिता थे उनके राज्य मिथिला कीराजधानी हुआ करता था। यह वहीं स्थान है जहां से माता सीता प्रकट हुई थीं। इसी जगह पर जब राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तब उन्हें धरती से सोने का एक सुंदर संदूक या कलश मिला जिसमें देवी सीता थी। देवी सीता के मायके में उत्सव के बीच, शहर भर के लाउड स्पीकर जय श्री राम के नारे के साथ-साथ राम लला को समर्पित गीतों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग के साथ गूंज रहे हैं। जनकपुर में रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित महाबीर मंदिर मेंशनिवार को अस्ताजाम शुरू हुआ, जिसमें चौबीसों घंटे राम भजनों का जाप किया गया। भक्तों ने राम के नारे लिखे स्कार्फ को पहना। जनकपुर में अस्तजाम के भक्तों और आयोजकों में से एक कमल हाथी ने कहा, भगवान हनुमान के बिना, भगवान राम कहीं नहीं जाएंगे, इसलिए हमने अष्टजाम का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है, जो चौबीसों घंटे चलता है। 22 जनवरी को हम हनुमान आराधना किए। इस दौरान 12 बार हनुमान चालीसा का पाठ किए और बाद में शाम को हम तेल से भरे मिट्टी के दीपक जलाएंगे।
साथियों बात अगर हम 23 जनवरी 2024 से आम भक्तों के अयोध्या यात्रा के लिए गाइडेंस की करें तो, बता दें किदर्शनार्थियों के लिए अयोध्या में पूरी व्यवस्था की गई है। 22 जनवरी के बाद आने वाले दिनों में दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थाएं हैं। अगर आप लखनऊ-गोरखपुर हाइवे के रास्ते अयोध्या में प्रवेश करेंगे तो सरयू पुल से पहले आपको जो मार्ग मिलेगा, उसका नाम धर्मपथ है। इसी रास्ते से अयोध्या में एंट्री होगी। इसके बाद लगभग 2 किलोमीटर सफर करने पर लता मंगेशकर चौक मिलेगा, जिसे नया घाट भी कहते हैं. इसके ठीक सामने राम की पैड़ी है और इसके किनारे मंदिरों की लंबी खूबसूरत श्रृंखला है।राम की पैड़ी के किनारे ही अति प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर नागेश्वर नाथ भी है। अयोध्या पहुंचने वाले लोग यहां भोलेनाथ के दर्शन जरूर करते हैं। सरयू की जलधारा राम की पैड़ी से होकर वापस सरयू में मिल जाती है. इसके किनारे सरयू का तट दिखाई देगा, जहां आप नौकायन और मोटर बोट का आनंद उठा सकते हैं। राम की पैड़ी का लुत्फ लेने के बाद जब आप वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचेंगे तो अयोध्या की राजकुमारी का पार्क देख सकते हैं, जिन्हें दक्षिण कोरिया में रानी के नाम से जाना जाता है। राजकुमारी का पार्क इसी नाम से है। दक्षिण कोरिया में उनकी शादी कर्क वंश के राजकुमार से हुई थी। आज दक्षिण कोरिया की बड़ी आबादी इसी वंश की है। हनुमानगढ़ी के बगल में ही दशरथ महल और कनक भवन मंदिर है। कनक भवन मंदिर के बारे में मान्यता है कि माता सीता को कैकई ने मुंह दिखाई में यह सोने का महल दिया था। श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाने के लिए दशरथ महल के पास से भी रास्ता है और हनुमानगढ़ी के रास्ते बाहर निकलकर राम पथ के जरिए भी आप श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य मार्ग पर पहुंच सकते हैं। जन्मभूमि पथ से प्रवेश करते ही बाएं तरफ आपको ट्रस्ट सुविधा केंद्र मिलेगा, जहां सामान रखने के लिए मुफ्त लॉकर , स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अगर किसी को चलने में असुविधा है तो सहायक के साथ उसे पहुंचाने की भी व्यवस्था है। यहीं पर मंदिर में दोपहर और सायंकाल आरती का पास भी मिल जाता है। साथियों बात अगर हम दूरदर्शन मीडिया से सीधा प्रसारण करने की करें तो, सीधा प्रसारण समारोह के सीधे प्रसारण के लिए व्यापक व्यवस्था की गई । दूरदर्शन पूरे कार्यक्रम का डीडी न्यूज और डीडी नेशनल चैनलों पर 4के गुणवत्ता में सीधा प्रसारण किया। 23 जनवरी, 2024 को दूरदर्शन आरती और जनता के लिए श्री राम मंदिर खुलने का सीधा प्रसारण करेगा। दूरदर्शन 22.01.24 को एएनआई टीवी और पीटीआई वीडियो के साथ अयोध्या में कार्यक्रम की क्लीन फ़ीड साझा किया। सभी टीवी चैनल जो एजेंसी के ग्राहक हैं वे वहां से फ़ीड प्राप्त कर सकते हैं।अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रसारकों के लिए, क्लीन फ़ीड की कुंजी के साथ एक यूट्यूब लिंक तैयार किया गया है। यह लिंक संबंधित प्रसारकों के अनुरोध पर उनके साथ साझा किया जाएगा। यूट्यूब लिंक प्राप्त करने के लिए, घरेलू प्रसारक पत्र सूचना कार्यालय के पास अपना अनुरोध भेज सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनलों को अपना अनुरोध सीधे प्रसार भारती से करना होगा। संपर्क विवरण पीआईबी मीडिया एडवाइजरी में उपलब्ध हैं, जिसे यहां देखा जा सकता है।यदि क्लीन फ़ीड की आवश्यकता नहीं है, तो चैनलों के पास डीडी न्यूज़ से पैचिंग का भी विकल्प होगा। इस मामले में सौजन्य : दूरदर्शन दिया जा सकता है।
साथियों बात अगर हम दिए सहित खुशियां मनाने की करें तो, 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद शाम को पूरा शहर 10 लाख दीयों की चमक से जगमगाएगा। सरकार की अपील पर घरों, दुकानों, धार्मिक स्थलों से है। दीपों से रौशन होंगे निजी संस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश से इस ऐतिहासिक अवसर को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनियां ने देखा भारत का आध्यात्मिक भाव-प्रभु श्री राम को 500 वर्षों बाद मिली मंदिर की छांव।प्रभु श्री राम की वनवास से अयोध्या वापसी-वक्त ने अपने आप को दोहराया।प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए।
संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
दुनियां भर में पहली बार अभूतपूर्व ऐतिहासिक राम नाम की गूंज-आध्यात्मिक अस्था बढ़ी
गोंदिया
श्री राम जय राम जय जय राम
वैश्विक स्तरपर दुनियां के अधिकतम देश राम नाम के घोष से सराबोर हुए – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
वैश्विक स्तरपर पिछले 500 वर्षों से शायद ही ऐसा कभी कोई पल आया होगा जिसका आज भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां के करीब करीब हर देश में ऐसा अलौकिक उत्साह का माहौल प्रतीत हुआ है। आज भारत का शायद ही कोई नगर शहर ऐसा होगा जहां राम नाम का नगाड़ा ना बजा हो, प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से सराबोर होकर चारों तरफ श्री राम जय राम जय जय राम की भाव भक्ति से आराधना की जा रही है। बता दें ध्यान 20 और 21 जनवरी 2024 को दर्शन के लिए मंदिर परिसर में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 22 जनवरी से यह सब खुल जाएंगे। मैंने अपनी चावल नगरी गोंदिया में एक ग्राउंड रिपोर्टिंग कर 85 प्लस बुजुर्गों से बात की तो उन्होंने बताया हमने इन 85 वर्षों में कभी भी ऐसा माहौल नहीं देखा मेरा मानना है की पूरी दुनियां में ऐसा कोई भी क्षण नहीं आया होगा जितना उत्साह आज दुनियां में अधिकतम देशों में दिख रहा है। हर देश में मूल भारतीयों द्वारा जश्न मनाया जा रहा है। हमारी छोटी सी राइससिटी गोंदिया नगरी में भी पूरा नगर राम नाम के गूंज से सराबोर हो उठा है।चारों तरफ राम नाम के बैनर झंडा फूलों के हर गली चौराहे पर प्रभु श्री राम के स्वागत में गेट रंग-बिरंगे पोस्टर से लबालब दिख रहा है और प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से हर देशवासी का सीना गर्व से ऊंचा हो गया है, चूंकि पूरे देश में श्री राम जय राम जय जय राम की गूंज हो रही है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, वैश्विक स्तरपर दुनियां में अधिकतम देश राम नाम की गूंज से सराबोर हुए।
साथियों बात अगर हम प्राण प्रतिष्ठा पर हर देशवासी के गौरवन्वित होने की करें तो, अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर नागरिक गौरवान्वित है। इसके लिए कई साधु-संतों ने वर्षों से मौन व्रत रखकर तपस्या की तो कइयों ने अपने प्राणों की आहुति दी। मंदिर निर्माण और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पर कोई अपना मौन व्रत खोलेगा तो कोई प्रभु श्रीराम का जयघोष करेगा। धर्म गुरु बोले कि यह दिन भारत और दुनिया भर के लिए ऐतिहासिक है। पूरा देश राममय हो गया है। भगवान श्रीराम हर व्यक्ति के प्रेरणा स्रोत हैं। श्री राम भारत के प्रभात का प्रथम स्वर हैं। देश की उच्चता व दिव्यता देखनी हो तो प्रभु श्री राम में वह दृष्टिगोचर होती है। भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस दिन के लिए संतों और आम जनमानस ने अपने प्राणों की आहुति दी है। देश में स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। यह दिन महादीपावली का है। हिंदू समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
साथियों बात अगर हम अयोध्या सहित पूरा देश राम नाम राम में सराबोर होने की करें तो भगवान राम के विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा हैं, लेकिन अयोध्या समेत पूरा देश राममय है। यूपी ही नहीं दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों के परिधान भी राममय हो गया है। आलम यह है कि हर शहर में प्राण प्रतिष्ठा आस्था और संस्कृति के प्रतीक बन गया है। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की गूंज अयोण्या में भव्य रूप से हो रही है वहीं दूसरे शहरों के मंदिरों में भी पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया है। बाजार भी लोगों के उत्साह और उल्लास को कैश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बाजार में रामनामी वस्त्रों की भरमार है। श्री राम लिखे कुर्ते-गमछे से लेकर राम मंदिर प्रिंट वाली साड़ियों की जमकर बिक्री हो रही है। लोग 22 जनवरी को होने वाले आयोजनों में पहनने के लिए इन रामनामी वस्त्रों को खरीद रहे हैं।अयोध्या में भव्य राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को आस्था में सराबोर लोग दिवाली से बड़ी दीपावली मनाई जा रही है। यूपी का माहौल कुछ इस तरह है कि हर गली और नुक्कड़ राममय हो चुका है। घरों मोहल्लों और आसपास के मंदिरों को सजाने के साथ ही परिवार भर के लिए नए कपड़े खरीदे जा रहे हैं। पुरुष और महिलाएं सभी उल्लास के साथ रामलला के स्वागत कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं। पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बहुत खुशी और उमंग हैं। उनकी खास डिमांड पर बाजार में रामनामी सिल्क की साड़ियां भी आ गईं हैं। इस पर राम मंदिर की आकृति उकेरी गई है। वहीं पुरुष भी भगवा रंग के पोशाक में दिखने को तैयार हैं।उधर जानकी की जन्मस्थली सीतामगढ़ी में भी धूम मची हुई है। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जानकी जन्मस्थली सीतामढ़ी में भी रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिले के मठ मंदिरों, नदी तट, सीताकुण्ड में महाआरती, अलौकिक दीपावली व धार्मिक स्थलों को सजाने की तैयारी चल रही है। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई की जा रही है। पुनौराधाम, जानकी स्थान, हलेश्वर स्थान, पंथपाखर आदि तीर्थ क्षेत्रों में उत्सव की तैयारी है। नगर निगम ने भी सात दिवसीय स्वच्छ तीर्थ कैंपेन चला कर धर्म स्थलों के आसपास साफ-सफाई करवा रहा है। श्री जानकी प्राकट्य स्थली तीर्थ क्षेत्र के बैनर तले होनेवाले कार्यक्रम में शहर की साफ-सफाई के बाद रंग अबीर से रंगोली व मार्गों की सजावट की जाएगी। जानकी स्थान के उर्विजा कुण्ड को फूलों से सजाया जाएगा। पूरे शहर को सजाने की योजना है। शहर की साफ-सफाई व सजाने के साथ प्रवचन व संगीत के लिए साउंड व अयोध्या से सीधा प्रसारण के लिए जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगाई है। शहर में रामोत्सव को आयोजन होगा। पूजा-अर्चना के साथ उस दिन अलौकिक दीपावली मनायी जाएगी। भजन-कीर्तन का भी आयोजन होगा। पुनौराधाम में प्रभु की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन सीता कुंड पर महाआरती होगी। पूरे तीर्थ क्षेत्र को 51 हजार दीपों से सजाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा। महंत कौशल किशोर दास के नेतृत्व में कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर चल रही है। श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण से हर जगह खुशी का माहौल है। 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित समारोह को देखने के लिए सभी धर्म स्थलों व सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी स्क्रीन लगायी है। इसके लिए रजत द्वार जानकी मंदिर, पुनौराधाम, महावीर स्थान व देवी मंदिरों में जगह चिह्नित की गई है। जिले के लोगों को रामजन्म भूमि के विकास के बाद जानकी जन्म स्थली के विकास की आस जगी है। लोग कहते हैं बिन सिया बिन राम भी अधूरे हैं। अयोध्या से मिथिला के लिए आनंद विहार दरभंगा वाया अयोध्या वसीतामढ़ी ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर जिस तरह प्रधानमंत्री सीतामढ़ी के साधु-संतों से रू-ब-रू हुए थे।
साथियों बात अगर हम 5 अगस्त 2020 को प्रभु श्री राम मंदिर के भूमि की पूजन के अवसर पर माननीय पीएम के संबोधन की आज के परिपेक्ष में हकीकत को देखें तो उन्होंने उसे समय कहा था, राम काजु कीन्हे बिनु मोहि कहाँ बिश्राम॥भारत,आज भगवान भास्कर के सानिध्य में सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रच रहा है। कन्याकुमारी से क्षीरभवानी तक, कोटेश्वर से कामाख्या तक, जगन्नाथ से केदारनाथ तक, सोमनाथ से काशी विश्वनाथ तक, सम्मेद शिखर से श्रवणबेलगोला तक, बोधगया से सारनाथ तक, अमृतसर से पटना साहिब तक, अंडमान से अजमेर तक, लक्ष्यद्वीप से लेह तक, आज पूरा भारत,राममय है। पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है। आज पूरा भारत भावुक भी है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा कि वो अपने जीते-जी इस पावन दिन को देख पा रहे हैं। जैसे पत्थरों पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बनाया गया, वैसे ही घर-घर से, गांव-गांव से श्रद्धापूर्वक पूजी शिलाएं, यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं। देश भर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों, वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं, आज यहां की शक्ति बन गई हैं। वाकई, ये न भूतो न भविष्यति है। भारत की आस्था, भारत के लोगों की सामूहिकता की ये अमोघ शक्ति, पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय है,शोध का विषय है। दीन दयाल बिरिदु संभारी’।यानि जो दीन है, जो दुखी हैं, उनकी बिगड़ी बनाने वाले श्रीराम हैं।जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों। भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों। भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं! भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं! हजारों साल पहले वाल्मीकि की रामायण में जो राम प्राचीन भारत का पथ प्रदर्शन कर रहे थे, जो राम मध्ययुग में तुलसी, कबीर और नानक के जरिए भारत को बल दे रहे थे, वही राम आज़ादी की लड़ाई के समय बापू के भजनों में अहिंसा और सत्याग्रह की शक्ति बनकर मौजूद थे! तुलसी के राम सगुण राम हैं, तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं! हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है-न्राम सदृशो राजा, प्रथिव्याम् नीतिवान् अभूत॥ यानि कि, पूरी पृथ्वी पर श्रीराम के जैसा नीतिवान शासक कभी हुआ ही नहीं! श्रीराम की शिक्षा है- नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना॥ कोई भी दुखी न हो, गरीब न हो। श्रीराम का सामाजिक संदेश है- प्रहृष्ट नर नारीकः,समाज उत्सव शोभितः॥ नर-नारी सभी समान रूप से सुखी हों। श्रीराम का निर्देश है- कच्चित् ते दयितः सर्वे, कृषि गोरक्ष जीविनः। किसान, पशुपालक सभी हमेशा खुश रहें। श्रीराम का आदेश है कश्चिद्वृद्धान्चबालान्च, वैद्यान् मुख्यान् राघव। त्रिभि: एतै: वुभूषसे॥ बुजुर्गों की,बच्चों की, चिकित्सकों की सदैव रक्षा होनी चाहिए। श्रीराम का आह्वान है- जौंसभीत आवासरनाई रखिहं उताहिप्रानकीनाई॥ जो शरण में आए ,उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। श्रीराम का सूत्र है- जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥ अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। और भाइयों और बहनों, ये भी श्रीराम की ही नीति है- भयबिनुहोइन प्रीति॥ इसलिए हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतनी ही प्रीति और शांति भी बनी रहेगी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि श्री राम जय राम जय जय राम।दुनियां भर में पहली बार अभूतपूर्व ऐतिहासिक राम नाम की गूंज-आध्यात्मिक अस्था बढ़ी।वैश्विक स्तरपर दुनियां के अधिकतम देश राम नाम के घोष से सराबोर हुए।
संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
स्वर्गीय पंडित आनंद चंद चौधरी की 14 वीं पुण्यतिथि पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई
जमशेदपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जमशेदपुर टेल्को संगीत समाज के सभागार में दिनांक 21 जनवरी को स्वर्गीय पंडित आनंद चंद चौधरी की 14 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित किया गया ।
इस कार्यक्रम को आयोजित करने में संगीत समाज के सचिव पार्थो मुखोपाध्याय , उपाध्यक्ष गोपाल मिश्रा , कोषाध्यक्ष हरेंद्र कुमार कमेटी मेंबर आलोक कुमार एवं प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार , शिवशंकर की अहम भूमिका रही। स्वर्गीय पंडित अनांदचंद चौधरी ने भारतीय परंपरा और संस्कृति के उत्थान के लिए संगीत एवं कला के क्षेत्र में एक सुनहरा भविष्य आने वाली पीढियां के लिए देकर गए।
चित्रकला प्रतियोगिता में जमशेदपुर के सभी स्कूलों के लगभग 500 बच्चों ने भाग लिया। संगीत समाज ड्राइंग प्रतियोगिताएं के माध्यम से युवा एवं बच्चों के लिए अपने कलात्मक कौशल दिखाने, अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता व्यक्त करने और आवश्यक जीवन कौशल विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है । ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल बच्चों को अपनी कलाकृति प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं बल्कि उन्हें उनके प्रयासों के लिए मूल्यवान अनुभव, मान्यता और सराहना प्राप्त करने में भी मदद करती हैं। चित्रकला प्रतियोगिता ग्लोबल वार्मिंग, धार्मिक विविधता जैसे विषयों पर आधार बनाकर समाज मे कला के माध्यम से जागरूकता फैलाना है।
श्री श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट महिला समिति ने किया कम्बल वितरण
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
श्री श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट द्वारा मुसाबनी में गुरुवार को ट्रस्ट के महिला समिति सदस्यों द्वारा कड़ाके की ठंड से जरूरतमंद लोगों को बचाने के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद की धर्मपत्नी श्वेता श्री उपस्थित थी। उन्हीं के हाथों दर्जनों महिला पुरुष जरूरतमंद लोगों को कम्बल प्रदान किया गया।कम्बल लेने के लिए काफी संख्या में लोग जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में पहुंचे थे। मंदिर प्रांगण में तारापद षाड़ंगी ट्रस्ट की ओर से भी डॉक्टर दिनेश कुमार षाड़ंगी द्वारा लोगों के बीच कम्बल का वितरण किया गया।
महिला समिति की अध्यक्ष प्रतिभा साव की अध्यक्षता में कम्बल वितरण कार्यक्रम आयोजित की गई थी।इस अवसर पर महिला समिति के महिला समिति के अध्यक्ष प्रतिभा साव ममता पटनायक,आरती दास,काकोली घोष,गायत्री दास,बीनती सतपती, कल्पना मोहंती, ए. कुमारी, गिता भद्र, आईती लामा दिपाली मन्ना आदि उपस्थित थी।
श्री जगन्नाथ मंदिर में धूमधाम से मना 12 वां वर्षगांठ प्राण प्रतिष्ठा समारोह
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
श्री श्री जगन्नाथ मंदिर में प्रतिमा स्थापना का 12 वां वर्षगांठ सह प्राण प्रतिष्ठा समारोह का धार्मिक अनुष्ठान हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इसका शुभारंभ जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में यजमान लक्ष्मण तिवारी व उनकी धर्मपत्नी द्वारा पूजा अर्चना कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री डॉ दिनेश षाड़ंगी, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, मुसाबनी डीएसपी की धर्मपत्नी स्वेता श्री, समाजसेवी अशोक अग्रवाल आदि ने पूजा अर्चना कर महा प्रसाद ग्रहण किया। अतिथियों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भोग वितरण भी किया गया। श्री जगन्नाथ महाप्रभु का प्रसाद लेने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु जगन्नाथ मंदिर पहुंचे थे।वर्षगांठ के मौके पर श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने मंदिर निर्माण कार्य में सभी से सहयोग की अपील की ।इस मौके पर भजन कीर्तन का भी भव्य आयोजन किया गया।
मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन डॉक्टर जीसी सतपति, बीएन सिंह देव, वन बिहारी पटनायक,अरविंद यादव,अक्षय ब्रह्मा,भिखारी नायक,अशोक दास,अजय शर्मा,संजय मोहंती,निरंजन महापात्र, सदानंद नाथ,सत्या बारिक, मुरारी मोहन मिश्रा, सुभाष चंद्र पति,शंभूनाथ सतपति, आदित्य दास,रविंद्र नाथ घोष,शुभेंदुसरकार,हिमांशु पात्र,परेश मन्ना पुजारी प्रभाकर देवता आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
ऐतीहासिक सपादा राम मेले में शामिल हुई विधायक सविता महतो।
मेले में पहुंचे चौड़ल को विधायक ने किया पुरस्कृत
सरायकेला/कुकड़ू
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
कुकड़ू प्रखंड के सपादा में आयोजित प्राचीन राम मेला में गुरुवार को विधायक सविता महतो शामिल हुए। इस दौरान विधायक ने फीता काटकर मेला का उद्घाटन किया। इस दौरान विधायक ने मेले में पहुंचे मेला प्रेमी को टुसू पर्व की सुभकामना दिए।
इस दौरान विधायक ने अपने संबोधन में कहा इस ऐतीहासिक सपादा राम मेला में संस्कृतिक झलक जैसे टुसु, चौड़ल आदि देखने को मिलता है।उन्होंने कहा इस ऐतीहासिक मेले में मेरे पति स्वर्गीय सुधीर महतो भी शामिल होते थे और मुझे भी इस मेले में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वही विधायक ने मेले में पहुंचे चौड़ल को भी पुरस्कृत किए।
मौके पर प्रमुख प्रतिमा सिंह पातर, पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साव, केंद्रीय सदस्य काबलु महतो, प्रखंड अध्यक्ष इन्द्रोजीत महतो,निरंजन महतो, सुर्जन स्वासी, मंगल महतो आदि झामुमो कार्यकर्ता व मेला प्रेमी उपस्थित थे।
मकर संक्रांति महापर्व पूजा कमेटी ने सोनारी में बांटा कंबल, सुखा राशन एवं पाठ्य सामग्री।
जमशेदपुर/सोनारी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
नाम के लिए नहीं सेवा के लिए काम कर रही है कमेटी — विकास सिंह
मकर संक्रांति महापर्व पूजा कमेटी के द्वारा टुसू पर्व के अवसर पर सोनारी के दोमुहानी पथ पर स्थित अंबिका अपार्टमेंट के सामने लोगों के बीच कंबल सुखा राशन, एवं बच्चों के बीच कॉपी पेंसिल का वितरण किया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेता विकास सिंह उपस्थित हुए मौके में पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा मकर संक्रांति महापर्व पूजा कमेटी के द्वारा प्रत्येक वर्ष आम लोगों के बीच सेवा के भावनाओं से कार्य किया जा रहा है पूजा कमेटी नाम के लिए नहीं केवल सेवा के लिए काम करती है।कार्यक्रम का शुरुआत बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लोगों को नशा मुक्ति एवं सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए नाट्य मंचन कर दिखलाया गया।
कार्यक्रम के अंत में हजारों श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी खीर का वितरण किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास सिंह, टाटा स्टील ट्रेड यूनियन के अनिल तिवारी, प्रशांत पोद्दार, संदीप कुमार सिंह, विवेक झा, गौरव अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, नीतीश अग्रवाल ,स्नेहा कुमारी, सत्येंद्र यादव, प्रो.कृष्ण मोहन मोहंती सहित सैकड़ो लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।