इचागढ़ बड़ा चुन चूड़ियां मोड सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 5.. शव के पहुंचते ही गांव में पसरा मातम।
सरायकेला
इचागढ़
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला: सरायकेला जिला के इचागढ़ थाना क्षेत्र बड़ा चुनचुनिया मोड़ के पेट्रोल पंप के पास गुरुवार की शाम को भीषण सड़क दुर्घटना में 10 वर्षीय पूनम कुमारी की मौत के बाद शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई मृतकों में एक ही परिवार के मां विमला देवी 12 वर्षीय बेटा हलदर और 16 वर्षीय बेटी दीपावली शामिल है। जबकि घायल पिता कमलाकांत प्रमाणिक सिंहपुर नर्सिंग होम पुरी में इलाज रता है।
वहीं 35 वर्षीय अलका देवी की भी मौत हो गई। मालूम हो कि इचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में बड़ा चुनचुनिया में एक अनियंत्रित ट्रक के चपेट में आने से डुमरा गांव के सवारी ऑटो में सवार करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे। छह गंभीर रूप से हुए घायलों को बेहतर इलाज हेतु सिंहपुर नर्सिंग होम रांची रिम्स भेजा गया। जहां शुक्रवार को फिर से 4 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। पोस्टमार्टम के बाद 4 लाशों की पहुंचते ही गांव में माहौल गमगीन हो गया। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है।
आपको बताते चलें सरायकेला खरसावां जिला प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा एवं चेकिंग अभियान जोरों पर चल रही है। उसके बावजूद भी दुर्घटना आम हो गई है।
समहरणालय कार्यालय कक्ष में आयोजित किया गया सप्ताहिक जनता दरबार,,,जिले के विभिन्न क्षेत्र से पहुँचे फरियादी
सरायकेला
समहरणालय में आयोजित सप्ताहिक जनता दरबार मे जिले के विभिन्न क्षेत्र से पहुँचे फरियादी, आवेदन के माध्यम से अपनी अपनी समस्याओं से उपायुक्त को कराया अवगत
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री अरवा राजकमल ने सप्ताहिक जनता दरबार में जिले के दूर-दराज गांव शहर से आए फरियादियों क़ी समस्याओं से अवगत हुए।
क्रमवार आवेदन के माध्यम से फरियादियों की समस्याओं से अवगत हो उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारी को उक्त मामलो के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।
आयोजित जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि संबंधित मामले, मुटेशन सम्बन्धित मामले, पेयजल सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण समेत अन्य मामले आए। जिनमे कल्याणकारी योजना सम्बन्धित कई मामलो का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया वही अन्य मामलो के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारी को आवेदन हस्तांतरित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला नियोजनालय, सरायकेला के परिसर में 25 फरवरी 2023 को आयोजित होगा रोजगार मेला
जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर सरायकेला 23 फरवरी 2023
सरायकेला खरसावां
श्री चम्पाई सोरेन, माननीय मंत्री, झारखण्ड सरकार होंगे मुख्य अतिथि
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जिले में पहली बार बड़े पैमाने पर स्थानीय उम्मीदवारों को मिलेगा स्थानीय संस्थानों में रोजगार के अवसर
अभ्यर्थियों हेतु 15 से अधिक स्थानीय नियोजक लेकर पहुचेंगे अपने संस्थान की रिक्तियां
स्थानीय अभ्यर्थियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने पर होगा फोकस
अभ्यर्थियों हेतु 15 से अधिक स्थानीय नियोजक लेकर पहुचेंगे अपने संस्थान की 500 से अधिक रिक्तियां
सरायकेला: शनिवार 25 फरवरी 2023 को सरायकेला मेन रोड में सरायकेला प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित जिला नियोजनालय के परिसर में एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जिला नियोजन पदाधिकारी श्री रवि कुमार ने बताया कि श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड सरकार के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, सरायकेला के सौजन्य से इस रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में श्री चम्पाई सोरेन, माननीय मंत्री, झारखण्ड सरकार द्वारा उपस्थित रहने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेला में 15 से अधिक स्थानीय नियोजक 500 से अधिक रिक्तियों के साथ स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। वर्तमान में हमारा पूरा फोकस स्थानीय अभ्यर्थियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेला में टाटा स्टील लौंग प्रोडक्ट्स, ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, रामकृष्ण फॉरजिंग्स लिमिटेड, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, स्कूल नेट इंडिया लिमिटेड, नेशनल प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी सर्विसेज, टी के कंस्ट्रक्शन एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी ऑफ इंडिया, नरसिंह इस्पात लिमिटेड, रिलायंस ट्रेंड्स, श्रीराम ऑटोमोबाइल, बी एन ट्रैक्टर सहित अन्य प्रतिष्ठित स्थानीय संस्थानो द्वारा आठवीं, दसवीं, इंटर, ग्रेजुएशन, बी टेक, एमबीए, आईटीआई, डिप्लोमा, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट की योग्यता रखने वाले बेरोजगार अथवा अनुभवी उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि रोजगार मेला में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को बायोडाटा, पासपोर्ट साइज का फोटोग्राफ एवं वैध पहचान पत्र लाना एवम झारखण्ड राज्य के किसी भी नियोजनालय में निबंधित होना अनिवार्य है। जिन अभ्यर्थियों का अब तक निबंधन नहीं हो पाया हो, उनके लिए इस रोजगार मेला में ऑन स्पॉट निबंधन करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने जिले के सभी योग्य व्यक्तियों से आह्वान किया कि उक्त रोजगार मेला में अधिक से अधिक संख्या में भाग ले एवं रोजगार प्राप्त करें। इसकी पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निशुल्क है।
भगवान विरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला में तेजस्विनी परियोजना अंतर्गत एक दिवसीय सम्मेलन समारोह सह कार्यशाला का हुआ आयोजन
सरायकेला खरसावां
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि माननीय मंत्री श्रीमती जोबा मांझी महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग झारखंड सरकार रही उपस्थित
आज दिनांक 23 फरवरी 2023 को भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला में तेजस्विनी परियोजना अंतर्गत एक दिवसीय सम्मेलन समारोह सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि माननीय मंत्री श्रीमती जोबा मांझी महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा झारखंड सरकार वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष सरायकेला श्री सोनाराम बोदरा, जिला परिषद अध्यक्ष पूर्वी सिंहभूम एवं महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री छवि रंजन, श्री कृपा नंद झा, श्रीमती अर्चना मेहता, उपायुक्त सरायकेला श्री अरवा राजकमल, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम श्रीमती विजया जाधव, पुलिस अधीक्षक सरायकेला श्री आनंद प्रकाश एवं अन्य वरीय पदाधिकारी गण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्य अतिथि एवं अन्य अथितियों के द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात मंत्री जी द्वारा सभी स्टाल का बारी-बारी निरीक्षण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समय समेत अन्य अतिथियों एवं सरायकेला के विभिन्न क्षेत्र एवं पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न क्षेत्र से आए लगभग 8000 से अधिक किशोरियों का स्वगात किया। अपने संबोधन के दौरान उपायुक्त ने कहा कि माननीय मंत्री महोदय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम से सरायकेला एवं पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र समेत राज्य के सभी जिलों में महिलाओं के सशक्तिकरण खासकर किशोरियों को जागरूक करने में लाभदायक है। इस प्रकार के कार्यक्रम से किशोरियों को शिक्षा, रोजगार स्वरोजगार, सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने तेजस्विनी परियोजना पर प्रकाश डालते हुए महिला सशक्तिकरण हमारे समाज के लिए अति आवश्यक है जिसके अंतर्गत तेजस्विनी परियोजना मुख्य अहम कड़ी का कार्य करती है उन्होंने बताया कि किस प्रकार तेजस्विनी परियोजना से जुड़कर किशोरी एवं युवतियां आर्थिक रूप से आत्म निर्भर एवं स्वावलंबी बन रही हैं जिससे हमारे एक बेहतर परिवार के साथ साथ समाज का निर्माण होता है।
कार्यक्रम मे उपस्थित महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा झारखंड सचिव श्री कृपा नन्द झा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं महिला का सामाजिक सर्वाधिक विकास करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही तेजस्विनी परियोजना का उद्देश्य है जिसके माध्यम से समाज के प्रति महिला एवं किशोरियों को सशक्त बनाना है साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है जिससे कि वह अपने सभी महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं ले सके क्योंकि महिलाएं ना केवल परिवार बल्कि समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं तेजस्विनी परियोजना के तहत यह हम सबको संकल्प करना चाहिए कि किस प्रकार बाल विवाह पर रोक लगाया जाए एवं जो बच्चियां विद्यालय नहीं जाती हैं उन्हें अधिक से अधिक संख्या में विद्यालय जाने के लिए प्रेरित करें समाज में इस प्रकार की जागरूकता हो कि 18 वर्ष की कम किशोरियों के विवाह ना हो साथ ही 21 वर्ष में वह पहली बार माता बने एवं पर दो बच्चों के बीच में कम से कम 3 वर्ष का अंतर अवश्य हो।इसके अलावा उन्होंने डायन कुप्रथा पर भी रोक लगाने की बात कही। इस प्रकार का आयोजन का उन्होंने काफी सराहना किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री श्रीमती जोबा मांझी ने कार्यक्रम में उपस्थित किशोरियों, तेजस्वी क्लब के सदस्यों से इस परियोजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा राज्य सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री राज्य की किशोरियों, युवतियों एवं महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे है ।उन्होंने कहा कि कौशल विकास विभाग को भी इस परियोजना से जोड़ा गया है।ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर हों और उनका पलायन रुके।उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार किशोरियों, युवतियों एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। विश्व बैंक के सहयोग से राज्य के 17 जिलों में इस परियोजना का संचालन किया जा रहा है. राज्य सरकार ने इसे सभी 24 जिलों में संचालित करने की तैयारी की है. उन्होंने कार्यक्रम में शामिल जमशेदपुर एवं सरायकेला तेजस्विनी क्लब की सदस्यों का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक इस परियोजना से जुड़कर लाभ उठाने की अपील की।बता दें कि सरायकेला जिले में 688 तेजस्वी क्लब संचालित हो रहे हैं, जबकि जमशेदपुर में कुल क्लब संचालित हो रहे हैं. उन्होंने दोनों जिलों के उपायुक्त से क्लब की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. इससे पूर्व मंत्री ने विभाग द्वारा लगाए एक- एक स्टॉल का निरीक्षण किया और जानकारी हासिल की।वहीं दोनों जिलों के क्लब से जुड़ी लाभार्थी किशोरियों एवं युवतियों को आर्थिक सहयोग एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में तेजस्विनी क्लब से जुड़ी लाभार्थियों ने अपने- अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम में एसपी आनंद प्रकाश सहित जिले के तमाम आलाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री द्वारा जिले के सभी प्रखंडों के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उक्त मेगा इवेंट में कलाकारों के द्वारा मानभूम शैली में छऊ की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान मंचाशीन अतिथियों द्वारा कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। वही सराययकेला एवं पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र के जुडी तेजस्वीनी परियोजना के विभिन्न क्लब से जुडी किशोरियों ने अपने अपने अनुभव साझा की एवं अन्य किशोरियों को तेजस्विनी परियोजना अंतर्गत क्लब से जुड़ कर सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम मे आये हुए विभिन्न क्षेत्र से किशोरियों एवं युवातिओ ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार तेजस्वीनी परियोजना से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी मे बदलाव आया है पूर्व मे वह एक आम गृहणी की तरह अपना जीवन यापन कर रही थी अब वह तजस्वीनी परियोजना से जुड़कर प्रशिक्षण पा कर आपने कौशल को बेहतर बनाकर ना केवल आत्मनिर्भर बनी है अपितु आर्थिक रूप से भी वह अपने परिवार की सहायता कर रही है।
सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने की ग्रामीण संवेदक संघ नें उठाई आवाज
चाईबासा
पश्चिमी सिंहभूम जिले में ढाई करोड़ से नीचे की जिला स्तरीय विकास योजनाओं के निविदा में डबल बिड की बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) से निबंधित संवेदकों को पूर्व की भांति सभी विभागों के निविदा में भाग लेने की छूट देने और सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने की ग्रामीण संवेदक संघ नें उठाई आवाज
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में ढाई करोड़ से नीचे की जिला स्तरीय विकास योजनाओं के निविदा में डबल बिड की बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) से निबंधित संवेदकों को पूर्व की भांति सभी विभागों के निविदा में भाग लेने की छूट देने और सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने समेत अन्य कई मांगों को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव श्री अशरफुल होदा और ग्रामीण संवेदक संघ पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष श्री सुनील सिरका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें श्री सोनाराम देवगम, श्री निराकर बिरवा, श्री नारायण बानरा, मो० मुजाहिद अहमद, मोहम्मद इमरान ने आज दिनांक 23 फरवरी 2023 को ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम से रांची स्थित उनके आवास पर जाकर मिला ।
माननीय मंत्री महोदय के साथ प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण संवेदक संघ के द्वारा पूर्व में उठाए गए सभी मुद्दों पर विस्तृत रूप से विन्दुवार चर्चा किया । माननीय मंत्री महोदय से प्रतिनिधिमंडल का वार्ता काफी साकारात्मक रहा उन्होंने सभी बातों को काफी गंभीरता से लिया| विन्दुवार चर्चा उपरांत माननीय मंत्री श्री आलमगीर आलम ने प्रतिनिधिमंडल को यथाशीघ्र सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया| माननीय मंत्री जी से मिलने के लिए संघ के प्रतिनिधिमंडल के अलावा संवेदक श्री हरि चरण गोप, आदित्य विक्रम तिरिया, संजय अखाड़ा, राहुल गोप, मोहम्मद राज, मोहम्मद अबदीन, गोविंद चंद्र पान, प्रकाश पिंगुवा, दीपक करोवा, अभिराम देवगम, रोशन जमाल, मनोरंजन दास, रितेश तामसोय, इकबाल अहमद, रुपेश बिरुली उपस्थित थे।
लड़का लड़की की सहमति को लव ज़िहाद कहना गलत है। बाबर खान
लव जिहाद
बाबर खान
आज झामूमो नेता बाबर खान ने कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी संगठन मुद्दा हीन होने के बाद गंदी राजनीति पर उतारू हो गई है।
आपसी सहमति वाली विवाह को लव जिहाद का नाम देकर के सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है जो निंदनीय है नहीं चिंता का विषय है।
बाबर खान ने कहा कि आज भाजपा नेता अभय सिंह के नेतृत्व में जिस प्रकार कदमा थाना में जाकर के दबाव की राजनीति कर एक विशेष वर्ग के ऊपर में मुकदमा दर्ज कराया है मैं इसकी निंदा करता हूं।
विगत दिनों एक विशेष समुदाय के परिजनों द्वारा कदमा थाना में जाकर शिकायत दर्ज करने की बात कही गई तो थाना द्वारा सुल्ला करने की बात कही गई। बाबर खान ने कहा कि यह क्या हो रहा है। एक प्रभावशाली संगठन के दबाव में आकर पुलिस केस दर्ज कर देती है। हेमंत सरकार में ये चिंता का विषय है। कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा और उनके सहयोगी संगठन के दबाव में काम करने पर मजबूर है ऐसे प्रशासनिक अधिकारी को चिन्हित कर उन पर विभागीय कार्रवाई की मांग करेगी झामुमो। जमशेदपुर जैसे शांतिप्रिय शहर को आसन्त करने का प्रयास कुछ गिने चुने लोग कर रहे हैं जिसे लगातार पुलिस नजरअंदाज कर रही है। बहुत जल्द इन गंभीर विषय को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें इन गंदी खेलों से अवगत कराया जाएगा। और ऐसे अमन चैन के दुश्मनों के विरुद्ध प्रशासन की नजर अंदाज की शिकायत भी की जाएगी। लव जिहाद का खेल झारखंड राज्य में नहीं चलेगा। यदि लव जिहाद को रोकना है तो पहले अपने घर को सही करो सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन गंदी राजनीति मत करो। कुछ दिनों से भाजपा की मन मानी प्रर्दशन में जो भाजपाईयों की गुंडा गर्दी की झलक देखने को मिली और प्रशासन की चुप्पी यह हैरान करने वाली है। जिस प्रकार साक्षी कब्रिस्तान के विषय को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के वरीय पदाधिकारी के साथ धक्का-मुक्की गई जिसका प्रमाण आज भी हमारे पास है उसके बाद उलीडीह थाना में गेट बंद कर जिस तरह अपने पुराने परभाव में प्रदर्शन कर गुंडागर्दी की है सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आज भी कैद है। और आज तक पुलिस उन लोगों के विरोध कानूनी कार्रवाई करने से बच रही है। ऐसा लगता है प्रशासन भाजपा को खुली छूट दे रखी है। आज यही कारण है कुछ शरारती लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है
बाबर खान ने कहा बहुत जल्द एक प्रतिनिधिमंडल कदमा थाना प्रभारी और नगर पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस विषय पर एक मांग पत्र देगा। और इस तरह के विषय पर राजनीति दल के हस्तक्षेप पर रोक की मांग करेगा।
पुलिस से निकाली बाइक रैली, बिना हेलमेट वालों को गुलाब का फूल देकर समझाया
मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सड़क यातायात सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया।
मुसाबनी: सड़क एवं यातायात सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत डीएसपी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में बाइक रैली निकाली गई, नक्सल प्रभावित क्षेत्र के गुड़ाबांधा से होते हुए, डुमरिया, मुसाबनी होते हुए सूरदा क्रॉसिंग तक गई।
इस बीच बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों को रोककर डीएसपी एवं पुलिस पदाधिकारियों द्वारा गुलाब का फूल और फूल की माला पहना कर उन्हें हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिसमें कई जनप्रतिनिधि, मुखिया, ग्राम प्रधान भी थे, जो बिना हेलमेट के अपने कार्यों से जा रहे थे, जिन्हें इन पदाधिकारियों द्वारा गुलाब भेंट कर माइक पर लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया।
जिसके बाद इन जनप्रतिनिधियों ने खुद भी हेलमेट पहनने एवं लोगों से भी हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया। इस अवसर पर डीएसपी द्वारा लोगों को यातायात नियमों का पालन करने एवं हेलमेट पहनकर बाइक चलाने के लिए जागरूक किया गया, और लोगों को समझाया कि इस अभियान के बाद पुलिस द्वारा लगातार सघन वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए फाइन वसूला जाएगा एवं उनका चालान किया जाएगा।
इस बाइक रैली में मुसाबनी थाना प्रभारी राजा दिलावर, डुमरिय थाना प्रभारी संजीवन उराव और गुड़ाबांधा थाना प्रभारी प्रीनन सहित पुलिस के सभी पदाधिकारी दर्जनों बाइक पर सवार होकर बैनर लेकर निकले थे।
बर्ड फ्लू (H5N1 ) के प्रति सतर्कता बरतने हेतु किए जाने वाले आवश्यक उपाय
बर्ड फ्लू
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
बर्ड फ्लू- एक Zoonotic बीमारी है एवं इससे संक्रमण का सबसे अधिक खतरा मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को होता है, क्योंकि वो लगभग हर वक्त मुर्गियों के ही सम्पर्क में होते हैं। बर्ड फ्लू या एवियन इंफ्लुएंजा एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है। यह विषाणु जिसे एवियन इंफ्लुएंजा (H5N1) विषाणु कहते हैं। आम तौर पर यह पक्षियों में पाया जाता है। लेकिन कभी कभी मानव सहित अन्य कई स्तनधारियो को भी संक्रमित कर सकता है संक्रमित व्यक्तियों से स्वस्थ्य व्यक्तियों में भी इस रोग का प्रसार हो सकता है।
मनुष्य में मुख्य लक्षण:-
★ सर्दी, जुकाम व खासी का होना।
★ गले में खराश, मांस पेशियों में सूजन एवं दर्द का होना।
★ सांस लेने में तकलीफ का होना।
★ यकृत, गुर्दा व फेफड़ो का कार्य बंद होना। बर्ड फ्लू से बचाव:-
★ संक्रमित पक्षी, पशु या सामानो के संपर्क मे आने से बचें।
★ संक्रमित पक्षी को अपनी फूड जोन में आने से रोके।
★ कच्चे या अधपके मांस का सेवन न करे।
★ कच्चे या अधपके अंडे न खायें, यदि खना है तो उसे सही तरीके से उबाल कर खाये।
★ पक्षियों में इस रोग के लक्षण दिखाई दे तो नजदीक के पशुचिकित्सालय को सूचित करें।
★ बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए मृत या घायल पक्षियों को नहीं छूना चाहिए पक्षियों का संभालने से पहले दस्ताने पहनें। इसके अलावा बर्ड ड्रॉपिंग के संपर्क में आने से भी बचें। H5N1 के प्रसार को रोकने के लिए पशु पक्षियों के संपर्क में आने से बचना हैं।
★ आमतौर पर बैक्टीरिया फ्लू वायरस और अन्य कीटाणु हाथों को सबसे अधिक संक्रमण करते हैं। बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए नियमित अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ करें।
अतः उक्त आलोक में अनुरोध है कि जन-सामुदय को बर्ड फ्लू (H5N1) के प्रति जागरूक करना सुनिश्चित करें। अगर उक्त बीमारी से संभावित किसी रोग की सूचना प्राप्त होती है तो उस रोगी को तत्काल Isolate करते हुए IDSP को सूचना उपलब्ध करायेगें। ताकि बर्ड फ्लू (H5N1) को महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।
सरस्वती विद्या मंदिर मुसाबनी में दसवीं के छात्रों को दी गई भावभिनी विदाई
मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी: सरस्वती विद्या मंदिर मुसाबनी में मैट्रिक परीक्षा 2023 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को वर्ग नवम के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर विदाई दी।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला कुमारी बरेलिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा कुमारी आदि उपस्थित थे। अतिथियों का पद परिचय प्रधानाचार्य रूमी सरकार द्वारा कराया गया। अतिथियों का बैंड बाजे के साथ छात्र-छात्राओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को शॉल ओढ़ा कर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष किशन कुमार अग्रवाल ने किया। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी, ने कहा की सरस्वती विद्या मंदिर शिक्षा और संस्कार का संगम है। मेरी प्रारंभिक शिक्षा भी सरस्वती विद्या मंदिर में हुई ।बाद में जाकर मैंने देश विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा ग्रहण किया ।उन्होंने कहा कि बच्चे मानवीय मूल्यों को अपने जीवन मे उतारें। ईमानदारी से मेहनत करें।सफलता मिलेगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी मैं अपने संबोधन में विद्यालय के पठन-पाठन एवं परीक्षाफल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार भी बच्चों को दिया जाता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। बीडीओ सीमा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए विद्यालय क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रहा है यहां के शिक्षक मनोयोग से पढ़ाते हैं, और बच्चों में शिक्षा की लौ जला रहे हैं जो सराहनीय है। विद्यालय के मुख्य सचेतक दीप चंद्र अग्रवाल ने भी बच्चों को परीक्षा में बेहतर करने की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम को विद्यालय के सचिव बाबूलाल सिंह आदि ने भी संबोधित किया। दशम के भैया बहनों द्वारा विद्यालय को उपहार स्वरूप महाराजा सोफा सेट भेंट किया गया।तिलक चन्दन लगाकर सभी उत्प्रेषित भैया बहनो का स्वागत नवम के छात्र छात्राओं ने किया। विद्यालय के वर्ग दशम के छात्र रुद्र प्रकाश एवं बहन दीया ने प्रतिनिधि भाषण प्रस्तुत किया। मंच का संचालन आचार्य शंभू नाथ मिश्रा ने किया, धन्यवाद ज्ञापन आचार्य श्रवण कुमार गुप्ता ने दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अशोक कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष पुरषोत्तम कांवटिया, डॉ जी सी सतपति, चौधरी उमेश सिंह, रूमी सरकार, रबिंद्र सिंह, कुंदन कुमार सिंह, प्राचार्य शिवपूजन सिंह, चौहान, हिमांशु पात्रो,मिथलेश पांडेय सहित विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का संवाददाता सम्मेलन आयोजित
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
पीएम मोदी देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अडानी समूह को बेच रहे हैं : कांग्रेस
पीएम मोदी देश की विदेश नीति को कमजोर कर रहे हैं : कांग्रेस
चाईबासा : देश में बढ़ती महंगाई, उच्चतम बेरोज़गारी और कुशासन की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित विभाजनकारी एजेंडे का दंश झेल रहे देशवासियों के साथ कांग्रेस पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। लेकिन एक ज़िम्मेदार विपक्षी दल होने के नाते हम भाजपाई सत्ता के मित्र पूंजीपतियों को सरकारी खजाने की लूट की खुली छूट और प्रधानमंत्री से संबंधित इस पूरे अडानी महाघोटाले में हो रहे घोटालों से भी चिंतित हैं। इसलिए हम सरकार को उसकी ज़िम्मेदारी से भागने की इजाज़त नहीं दे सकते और आज हम अडानी के हैं कौन’ श्रृंखला में झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमिटी , प०सिंहभूम के तत्वाधान में गुरुवार को कांग्रेस भवन , चाईबासा में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया ।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर दास ने कहा कि केन्द्र सरकार ने राहुल गांधी के सवालों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के अंशों को बेशक संसदीय कार्यवाही से हटा दिया हो लेकिन भारत के लोग सब देख रहे हैं कि संसद में क्या हो रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि सरकार संसदीय भाषणों का स्तर गिराने की कोशिश क्यों कर रही है और प्रधानमंत्री संसद में प्रासंगिक सवालों के जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। देशवासी जानना चाहते हैं कि कैसे एक संदिग्ध साख वाला समूह, जिस पर टैक्स हेवन देशों से संचालित विदेशी शेल कंपनियों से संबंधों का आरोप है, भारत की संपत्तियों पर एकाधिपत्य स्थापित कर रहा है और इस सब पर सरकारी एजेंसियां या तो कोई कार्यवाही नहीं कर रही हैं या इन सब संदिग्ध गतिविधियों को ही सुगम बनाने में जुटी हैं। भारत के लोग बहुत बुद्धिमान हैं और वे मोदी जी और उनके मित्र पूंजीपतियों के बीच संपूर्ण पारस्परिक तालमेल को समझ सकते हैं। वे जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने एक मित्र पूंजीपति को विश्व के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बनाने में मदद क्यों की और वे इस गंभीर अंतर्राष्ट्रीय ख़ुलासे पर चुप क्यों हैं?
हम किसी व्यक्ति के दुनिया के अमीरों की सूची में 609 वें से दूसरे स्थान पर पहुँचने के ख़िलाफ़ नहीं है। लेकिन हम निसंदेह केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित निजी एकाधिकारों के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि वे जनता के हितों के विरुद्ध होते हैं। विशेष तौर पर हम टैक्स हेवन देशों से आपत्तिजनक संबंधों, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक खास व्यक्ति द्वारा हमारी अंतर्राष्ट्रीय सद्भावना और राष्ट्रीय संसाधनों का लाभ उठाते हुए एकाधिपत्य स्थापित करने के ख़िलाफ़ हैं। हम जानना चाहते हैं कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर जाँच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति बनाने से क्यों डर रही है जबकि संसद के दोनों सदनों में उसका अच्छा बहुमत है।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता जितेन्द्र नाथ ओझा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले काला धन भारत वापस लाने और हर नागरिक के बैंक खाते में 15-20 लाख रुपए डालने का वादा किया था लेकिन आज की कड़वी सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंक के पिछले वार्षिक डेटा के मुताबिक 2021 में स्विस बैंकों में जमा भारतीय व्यक्तियों और कंपनियों का पैसा 14 वर्षों के उच्चतम स्तर 3.83 बिलियन स्विस फ्रैंक्स (30,500 करोड़ रु. से अधिक) पर पहुँच गया है। हम जानना चाहते हैं कि टैक्स हेवन देशों से संचालित होने वाली विदेशी शेल कंपनियों से भारत आने वाले काले धन का असली मालिक कौन है? क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा ? काले धन पर प्रधानमंत्री के वादे का क्या हुआ? प्रधानमंत्री ने कई बार भ्रष्टाचार से लड़ने में अपनी निष्ठा और नीयत की बातें की है लेकिन उनके करीबी मित्र स्पष्ट तौर पर ऐसे अवैध कार्यों में लिप्त रहे हैं जो आम तौर पर माफ़िया, आतंकी और शत्रु देश रहते हैं। वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी ने ईडी, सीबीआई और DRI ( खुफ़िया राजस्व निदेशालय) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग अपने राजनीतिक या सैद्धांतिक प्रतिद्वंदियों को डराने-धमकाने के लिए किया है, साथ ही उन व्यापारिक घरानों को दंडित करने के लिए भी किया है जो उनके पूंजीपति मित्रों के वित्तीय हितों के अनुरूप नहीं हैं।
1992 में हर्षद मेहता मामले की जाँच के लिए एक जेपीसी का गठन हुआ था जबकि 2001 में एक जेपीसी ने केतन पारेख मामले की जाँच की थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, दोनों को करोड़ों भारतीय निवेशकों को प्रभावित करने वाले घोटालों की जाँच के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों पर विश्वास और भरोसा था। प्रधानमंत्री मोदी को किस बात का डर है? क्या उनके अधीन एक न्यायपूर्ण और निष्पक्ष जाँच की कोई उम्मीद है?
जब यह धोखाधड़ी हो रही थी तो सेबी (SEBI) क्या कर रहा था ? अडानी समूह के ख़िलाफ़ स्टॉक में हेरफेर के आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद शेयरों की कीमतों में गिरावट से उन लाखों निवेशकों को नुकसान पहुँचा जिन्होंने कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई कीमतों पर अडानी समूह के शेयरों में निवेश किया था। 24 जनवरी और 15 फ़रवरी 2023 के बीच अडानी समूह के शेयरों के मूल्य में ₹10,50,000 करोड़ रु. की गिरावट आई। 19 जुलाई, 2021 को वित्त मंत्रालय ने संसद में स्वीकार किया था कि अडानी समूह सेबी के नियमों का उल्लंघन करने के लिए जाँच के दायरे में है। फिर भी अडानी समूह के शेयरों की कीमतों में उछाल आने दिया गया।
जिला बीस सूत्री सदस्य सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले कई सालों में सीएजी, सीबीआई जैसी सभी सरकारी एजेंसियों और संस्थाओं पर चाहे नियंत्रण कर लिया हो लेकिन सत्य हमेशा सामने आ ही जाता है, उसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल कर दबाया नहीं जा सकता है। भाजपा के कई और गुप्त भेद आने वाले समय में उजागर होंगे।
सदर प्रखंड अध्यक्ष दिकु सवैयां यूपीए ने वर्ष 2010 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी द्वारा बगेरहाट , बांग्लादेश में 1 ,320 मेगावाट का थर्मल प्लांट लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे । प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने मित्रों की मदद करने का निर्णय लिया और 6 जून, 2015 को उनकी ढाका यात्रा के दौरान यह घोषणा की गई अडानी पावर बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति करने के लिए झारखंड के गोड्डा में एक थर्मल पावर प्लांट का निर्माण करेंगे ।
कोलेज कैंपस में ही छात्राओं को मिलेगी आनलाइन सुविधाएं
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर सह सीएससी का विधायक दीपक बिरुवा ने किया शुभारंभ
चाईबासा: अब महिला कालेज कैंपस में छात्राओं को आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी उद्देश्य के साथ गुरुवार को कोलेज कैंपस में स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर सह सीएससी (प्रज्ञा केंद्र) का उदघाटन माननीय विधायक सह झारखंड विधानसभा सरकारी आश्वासन समिति के सभापति दीपक बिरुवा ने फीता काट कर किया। इस मौके पर विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कोलेज कैंपस में स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर सह सीएससी शुरू किया जाना सराहनीय पहल है।
छात्राओं को कैंपस में सरकार की शिक्षा योजना सुविधा, जाति, आय, प्रमाण पत्र, पेन कार्ड समेत अन्य आनलाइन सुविधाएं मिलेंगी। उदघाटन समारोह में प्रिंसिपल डॉ प्रीति बाला सिन्हा, डॉ ललिता सुंडी, डॉ अंजना, डॉ अर्पित सुमन, सी एस सी स्टेट मैनेजर चंचला सिंह, रामेश्वर बिरुवा, सी एस सी जिला प्रबंधक देवेश कांत, एचडीएफसी बैंक हेड सौमेंद्र बेहरा, रेहान सामड, छात्र नेता सुबोध महाकुड, डुबलिया बारी समेत छात्राएं मौजूद थे।
भारतीय संविधान हर भारतीय के सपने को सशक्त बनाता है।
नई दिल्ली
भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, संविधान निर्माताओं का सपना शासन के ऐसे व्यवहार्य मॉडल को विकसित करने का था जो लोगों की प्रधानता को केंद्र में रखते हुए राष्ट्र की सर्वोत्तम सेवा करे।
यह संविधान के निर्माताओं की दूरदर्शिता और दूरदर्शी नेतृत्व है जिसने देश को एक उत्कृष्ट संविधान प्रदान किया है जिसने पिछले सात दशकों में राष्ट्र के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में काम किया है। देश लोकतांत्रिक प्रणाली की सफलता के लिए भारत के संविधान द्वारा निर्धारित मजबूत इमारत और संस्थागत ढांचे के लिए बहुत अधिक ऋणी है। हमारा संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने का संकल्प है। वास्तव में, यह लोगों को सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक न्याय, स्वतंत्रता और समानता हासिल करने का वादा है; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और पूजा की स्वतंत्रता; स्थिति और अवसर की समानता; और सभी के बीच – भाईचारे को बढ़ावा देना, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता को सुनिश्चित करना। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने बहुत स्पष्ट रूप से विभिन्न प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए मुख्य अपेक्षाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा: “संविधान तैयार करने में हमारा उद्देश्य दो गुना है: राजनीतिक लोकतंत्र के रूप को निर्धारित करना, और यह निर्धारित करना कि हमारा आदर्श आर्थिक लोकतंत्र है और यह भी निर्धारित करना है कि प्रत्येक सरकार, जो भी सत्ता में है, प्रयास करेगी आर्थिक लोकतंत्र लाने की…” भारत का संविधान राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक लोकतंत्र के लिए एक संरचना प्रदान करता है। यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से विभिन्न राष्ट्रीय लक्ष्यों पर जोर देने, सुनिश्चित करने और प्राप्त करने के लिए भारत के लोगों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह केवल कानूनी पांडुलिपि नहीं है; बल्कि, यह एक ऐसा वाहन है जो समय की बदलती जरूरतों और वास्तविकताओं को समायोजित और अनुकूलित करके लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए देश को आगे बढ़ाता है। भारत को राज्यों के संघ के रूप में बनाना, कानून के समक्ष समानता और कानूनों की समान सुरक्षा संविधान का सार है। साथ ही, संविधान समाज के वंचित और वंचित वर्गों की जरूरतों और चिंताओं के प्रति भी संवेदनशील है।
29 अगस्त 1947 को, मसौदा संविधान की तैयारी के लिए डॉ बी आर अम्बेडकर की अध्यक्षता में संविधान सभा द्वारा मसौदा समिति का चुनाव किया गया था। संविधान सभा स्वतंत्र भारत के लिए एक संविधान का मसौदा तैयार करने के महान कार्य को सटीक रूप से तीन साल से भी कम समय में पूरा करने में सक्षम थी – दो साल, ग्यारह महीने और सत्रह दिन। उन्होंने 90,000 शब्दों में हाथ से लिखा हुआ एक बढ़िया दस्तावेज़ तैयार किया। 26 नवंबर 1949 को, यह भारत के लोगों की ओर से गर्व से घोषणा कर सकता है कि हम एतद्द्वारा इस संविधान को अपनाते हैं, इसे लागू करते हैं और खुद को देते हैं। कुल मिलाकर, 284 सदस्यों ने वास्तव में संविधान के पारित होने के रूप में अपने हस्ताक्षर किए। मूल संविधान में एक प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां शामिल हैं। नागरिकता, चुनाव, अनंतिम संसद, अस्थायी और संक्रमणकालीन प्रावधानों से संबंधित प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। भारत का शेष संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। उस दिन, संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया, 1952 में एक नई संसद के गठन तक खुद को भारत की अस्थायी संसद में बदल दिया।
भारत के संविधान की प्रस्तावना उन मूलभूत मूल्यों, दर्शन और उद्देश्यों को मूर्त रूप देती है और दर्शाती है जिन पर संविधान आधारित है। संविधान सभा के सदस्य पंडित ठाकुर दास भार्गव ने प्रस्तावना के महत्व को निम्नलिखित शब्दों में अभिव्यक्त किया: “प्रस्तावना संविधान का सबसे कीमती हिस्सा है। यह संविधान की आत्मा है। यह संविधान की कुंजी है।” … यह संविधान में स्थापित एक गहना है… यह एक उचित पैमाना है जिससे कोई भी संविधान के मूल्य को माप सकता है।”
संविधान, एक लैटिन अभिव्यक्ति में हमारा सुप्रीम लेक्स है। यह लेखों और खंडों के संग्रह से कहीं अधिक है। यह एक प्रेरणादायक दस्तावेज है, हम जिस समाज के आदर्श हैं और यहां तक कि जिस बेहतर समाज के लिए हम प्रयास कर रहे हैं, उसका एक आदर्श है। भारत का संविधान अपनी तह में हमारी सभ्यतागत विरासत के आदर्शों और मूल्यों के साथ-साथ हमारे स्वतंत्रता संग्राम से उत्पन्न विश्वासों और आकांक्षाओं को भी समाहित करता है। संविधान हमारे गणतंत्र के संस्थापक पिता के सामूहिक ज्ञान का प्रतीक है और संक्षेप में, यह भारत के लोगों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। संविधान सभा के विशिष्ट सदस्यों के साथ-साथ संविधान की मसौदा समिति द्वारा किए गए अथक प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान विरासत में दिया है जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने शानदार तरीके से शासन की एक अनूठी योजना तैयार की, जो न केवल सरकार के एक लोकतांत्रिक स्वरूप के लिए बल्कि एक समावेशी समाज के लिए भी उपलब्ध कराती है। इस तरह के एक संपूर्ण दस्तावेज को रखने का उद्देश्य, यहां तक कि न्यूनतम विवरण भी शामिल है, सिस्टम में निश्चितता और स्थिरता को बढ़ावा देना है। संविधान द्वारा परिकल्पित मुख्य लक्ष्य जीवन रेखा के रूप में जवाबदेही के साथ गरिमापूर्ण मानव अस्तित्व और सभी की भलाई के लिए एक कल्याणकारी राज्य की शर्त है। भारत का संविधान जो समय-समय पर चुनावों का प्रावधान करता है, प्रतिनिधियों के एक समूह से दूसरे समूह को राजनीतिक सत्ता का लोकतांत्रिक हस्तांतरण सुनिश्चित करता है। पिछले कुछ वर्षों में, निस्संदेह भारत में लोकतंत्र और गहरा हुआ है। लोक सभा के सत्रह आम चुनाव और राज्य विधानमंडलों के लिए अब तक हुए तीन सौ से अधिक चुनाव लोगों की बढ़ी हुई भागीदारी के साथ हमारे लोकतंत्र के सफल कामकाज की गवाही देते हैं। निस्संदेह, भारतीय मतदाताओं ने परिपक्वता प्रदर्शित की है जिसने इसे दुनिया भर से प्रशंसा दिलाई है। भारत में लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है, और सभी बाधाओं के बावजूद, हमने अपनी संसदीय प्रणाली को बनाए रखा है। राजनीतिक स्थिरता, पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय मतदाताओं और राजनीतिक व्यवस्था की परिपक्वता की साक्षी रही है। 1.2 बिलियन से अधिक लोगों के साथ दुनिया के दूसरे सबसे बड़े आबादी वाले देश के रूप में, वास्तविक चुनौती भाषा, धर्म, क्षेत्र, जाति, संस्कृति, जातीयता और अन्य कारकों के आधार पर लोगों की असंख्य पहचानों को संरक्षित और संरक्षित करना है। उदार राजनीतिक प्रणाली और उत्तरदायी लोकतांत्रिक संस्थानों ने विविधता में एकता और लोगों के बीच समावेश की भावना को सुरक्षित करने में अच्छा प्रदर्शन किया है। वास्तव में, यह हमारी बहुदलीय प्रणाली है जो लोगों की अधिक राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करती है और भारतीय जनता की विविधता और बहुलता को प्रतिबिंबित करती है। राजनीतिक संस्थाएँ और ढाँचे न केवल समाज को प्रतिबिंबित करते हैं, बल्कि वे इसे प्रभावित और परिवर्तित भी करते हैं। इस संदर्भ में, भारत की संसद सामाजिक परिवर्तन लाने और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को प्रभावित करने में प्रत्यक्ष और कंडीशनिंग की भूमिका निभाती है। लोगों की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था होने के नाते, संसद सभी सरकारी गतिविधियों की जीवन रेखा है। समग्र रूप से संसदीय गतिविधि – कानून बनाना, वित्त को नियंत्रित करना और कार्यकारी शाखा की देखरेख – विकास के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करती है। यह सदन के पटल पर है कि कुछ प्राथमिक प्रक्रियाओं को गति दी जाती है जो सार्वजनिक जीवन में व्यवस्थित परिवर्तन और नवाचारों का रास्ता खोलने की क्षमता रखती हैं। चूँकि सरकार के संसदीय स्वरूप में कार्यपालिका विधायिका का निर्माण है और विधायिका कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है, कोई भी सरकार विधायिका द्वारा दिए गए निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकती है। एक के बाद एक आने वाली सरकारों ने विभिन्न विधानों और नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से एक कल्याणकारी राज्य की सुविधा के लिए संविधान के निर्माताओं के सपने को साकार करने का प्रयास किया है। परिणामस्वरूप, हमने बहुत कुछ हासिल किया है और कई क्षेत्रों में सफल हुए हैं; फिर भी, ऐसे कई अन्य क्षेत्र हैं जिन पर अभी भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर, स्वच्छ भारत मिशन, नागरिकों को वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का सीधा हस्तांतरण, गरीबों के लिए बैंकिंग सुविधाओं में वृद्धि और जो बैंकिंग द्वारा कवर नहीं किए गए थे, जैसे नीतिगत हस्तक्षेप प्रणाली, किसानों के लाभ के लिए नीतियां और कार्यक्रम, वंचित लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं आदि संविधान निर्माताओं के सपने को साकार करने में काफी मददगार साबित होंगी। महात्मा गांधी ने भारत की विशिष्ट और विशेष परिस्थितियों पर लागू सार्वभौमिक मूल्यों के संदर्भ में भारत के नए संविधान की कल्पना की थी। 1931 की शुरुआत में, गांधीजी ने लिखा था: “मैं एक ऐसे संविधान के लिए प्रयास करूँगा जो भारत को गुलामी और संरक्षण से मुक्त करेगा। मैं एक ऐसे भारत के लिए काम करूंगा जिसमें गरीब से गरीब यह महसूस करे कि यह उनका देश है जिसके निर्माण में उनकी एक प्रभावी आवाज है: एक ऐसा भारत जिसमें कोई उच्च वर्ग या निम्न वर्ग के लोग नहीं हैं, एक ऐसा भारत जिसमें सभी समुदाय एक साथ रहेंगे सही सामंजस्य। ऐसे भारत में छुआछूत के अभिशाप के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। हम शांति से रहेंगे और बाकी दुनिया न तो शोषण करेगी और न ही शोषित… यह मेरे सपनों का भारत है जिसके लिए मैं संघर्ष करूंगा।”
सलिल सरोज विधायी अधिकारी नयी दिल्ली
संविधान लोगों को उतना ही सशक्त बनाता है जितना कि लोग संविधान को सशक्त करते हैं। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने बहुत अच्छी तरह से महसूस किया कि एक संविधान, चाहे वह कितना भी अच्छा लिखा गया हो और कितना विस्तृत हो, इसे लागू करने और इसके मूल्यों के अनुसार जीने के लिए सही लोगों के बिना बहुत कम सार्थक होगा। और इसमें उन्होंने आने वाली पीढ़ियों में अपना विश्वास दर्शाया है। ( सलिल सरोज विधायी अधिकारी नयी दिल्ली )