टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

सरायकेला/गम्हरिया

टायो रोल्स लिमिटेड के कामगारों के रोजगार, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए कोल्हान मजदूर यूनियन एवं टायो मजदूर यूनियन ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन का ऐलान किया है।

यूनियन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार 20 सितंबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे “मजदूर जागरूकता अभियान – मानव श्रृंखला” का आयोजन किया जाएगा।

यह मानव श्रृंखला खरकई पुल (गम्हरिया बाजार) से टायो रोल्स लिमिटेड गेट तक बनाई जाएगी।

यूनियन ने क्या कहा?

यूनियन के नेताओं ने बताया कि टायो रोल्स सहित कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बंद होने से हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

> “श्रम और पूंजी एक-दूसरे के पूरक हैं। श्रमिकों के बिना उद्योग नहीं चल सकता और उद्योग के बिना श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए उद्योग के विकास के साथ मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी जरूरी है।”

यूनियन ने सभी कामगार साथियों, उनके परिवार और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर एकता का परिचय दें।

कार्यक्रम का विवरण:
– दिनांक: 20 सितंबर 2026, रविवार
– समय: प्रातः 10:00 बजे
– मार्ग: गम्हरिया बाजार / खरकई पुल से टायो गेट तक
– निवेदक: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन

मुख्य नारे – रोजगार बचाओ, मजदूर बचाओ, मजदूर एकता जिंदाबाद, हमारा हक हमारी आवाज हमारी एकता।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ‘जागो हिन्दू जागो यात्रा’ 18 सितंबर से, लखनऊ से शुरू होकर 7 जिलों से गुजरेगी।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ‘जागो हिन्दू जागो यात्रा’ 18 सितंबर से, लखनऊ से शुरू होकर 7 जिलों से गुजरेगी।

लखनऊ

विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा दिनांक 18 सितंबर से 20 सितंबर तक ‘जागो हिन्दू जागो यात्रा’ का आयोजन किया गया है।

यात्रा का नेतृत्व संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय गोपाल राय करेंगे। यात्रा लखनऊ से शुरू होकर उन्नाव, कानपुर, उरई, जालौन, झांसी, आगरा होते हुए वापस लखनऊ मुख्यालय पहुंचेगी।

संगठन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि दिए गए जिलों एवं स्थानों से जो भी सदस्य विश्व हिंदू रक्षा परिषद व हिन्दू राष्ट्र परिकल्पना से जुड़ना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए संपर्क नंबर पर कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

जारीकर्ता:
मनीष राय
अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष
संपर्क: 9670876666

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एस टाइप शाखा पर गंभीर आरोप : उद्यमी महिला को एक महीने तक दौड़ाया, फिर लोन देने से किया इनकार।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एस टाइप शाखा पर गंभीर आरोप : उद्यमी महिला को एक महीने तक दौड़ाया, फिर लोन देने से किया इनकार।

सरायकेला/आदित्यपुर

रेणु देवी इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर रेणु देवी, निवासी आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एस टाइप शाखा, आदित्यपुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता का आरोप है कि

उन्होंने अपने व्यापार के लिए लोन हेतु आवेदन किया था। बैंक ने उनसे सभी जरूरी दस्तावेज लिए, फिजिकल वेरिफिकेशन किया, दुकान/जगह का निरीक्षण किया और फोटो भी लिया।

इस प्रक्रिया में लगभग एक महीना बीत गया। इसके बाद बैंक की तरफ से कहा गया कि आपके CIBIL / eligibility में स्कोर कम दिख रहा है, इसलिए आपको कम लोन मिलेगा। रेणु देवी कम लोन के लिए भी तैयार हो गईं और फिर से सारे कागजात बनवाकर बैंक में जमा किए।

पहले लगभग 13 लाख का आवेदन किया गया था, जिसे बाद में घटाकर 3 लाख कर दिया गया।

इतना सब करने के बाद अब शाखा प्रबंधक श्रीमती मोनिका वर्मा द्वारा कहा जा रहा है कि “आपका एक लोन पहले से चल रहा है, वह खत्म होगा तभी दूसरा लोन मिलेगा।”

उठ रहे हैं बड़े सवाल

1.  अगर आवेदिका का पहले से लोन चल रहा था, तो यह जानकारी बैंक के सिस्टम में पहले दिन ही क्यों नहीं देखी गई?
2.  एक महीने तक वेरिफिकेशन, फोटो, डॉक्यूमेंट लेने का क्या मतलब था?
3.  क्या आम उद्यमियों, खासकर महिला उद्यमियों को इस तरह परेशान करना उचित है?

रेणु देवी का कहना है कि बैंक के इस रवैये से न सिर्फ उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ, बल्कि मानसिक रूप से भी वे परेशान हुईं।

पीड़िता ने यूनियन बैंक के वरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई अन्य आम नागरिक इस तरह परेशान न हो।

बैंक प्रबंधक से पूछे जाने पर कहा कि जो प्रॉब्लम यहां आ रहा है वही सभी बैंकों में भी आएगा और मेरे ऊपर काम का प्रेशर है आपके इंतजार करना पड़ेगा।

अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह की पहल से बरछाबांध में 12 वर्षों के जमीन विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत; पांच भाइयों के बीच बनी सहमति।

अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह की पहल से बरछाबांध में 12 वर्षों के जमीन विवाद के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत; पांच भाइयों के बीच बनी सहमति।

बरछा बांध

बरछा बांध में वर्षों से चले आ रहे एक जटिल पारिवारिक और भूमि विवाद के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत हुई है। पांच भाइयों के बीच पिछले 12 वर्षों से कुल 20 एकड़ जमीन को लेकर चला आ रहा यह पेचीदा विवाद—जिस पर 12 वर्षों से खेती भी बंद थी और थाने से लेकर सिविल कोर्ट तक कई मुकदमे दर्ज थे।

भाइयों ने आपसी लड़ाई में लाखों रुपए खर्च कर दिए साथ ही लाखों के उत्पादन के नुकसान भी हो चुकी है

आज सीओ प्रवीण कुमार सिंह की प्रेरणादायी पहल से सुलझने की राह पर आगे बढ़ा है।

सकारात्मक पहल और बैठक की शुरुआत
बीते शनिवार को जब बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह अपनी टीम के साथ सुबह के पैदल भ्रमण पर निकले थे, तब ग्रामीणों ने उनसे इस जटिल मामले के समाधान का अनुरोध किया था। उनकी अपील पर आज बुधवार, 16 सितंबर को समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।
ब्लॉक के इंजीनियर अनिल कुमार चौधरी और अंचल अमीन अमलेश यादव के साथ बरछाबांध पहुंचे और बैठक शुरू की। इस निष्पक्ष पहल से वर्षों से आमने-सामने खड़े भाइयों के बीच आपसी दूरियां कम होने लगीं।

समाधान और निष्पादन के मुख्य बिंदु
सर्वसम्मति: बैठक की शुरुआत में सभी पांचों भाइयों ने स्वेच्छा से स्वीकार किया कि जो भी पंच निर्णय होगा, वे उसे पूर्णतः स्वीकार करेंगे।
मापी कार्य की शुरुआत: आज से जमीन की मापी का कार्य शुरू हो गया है। कुल 20 एकड़ जमीन की मापी और बंटवारे में लगभग 4 से 5 दिन का समय लग सकता है।
अंतिम बैठक: कार्य पूरा होने के बाद पुनः 4 दिनों के बाद बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस विवाद का अंतिम रूप से निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासनिक प्रक्रिया: अंचल अधिकारी ने बताया कि बंटवारे के बाद सभी की होल्डिंग अलग कर दी जाएगी और सबकी रसीद अलग-अलग काट दी जाएगी।

एक अनुकरणीय उदाहरण
यह घटना एक मजबूत संदेश देती है कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने और अनावश्यक खर्च करने से बेहतर है कि आपसी भाईचारे और सकारात्मक सोच के साथ बैठकर पंचायती की जाए। लोग आपस में बैठकर अपनी जमीन का सहजता से बंटवारा कर सकते हैं, जिससे बिना किसी बड़े खर्च के समाधान हो सकता  है। साथ ही आपसी सौहार्द भी बढ़ता है l

अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का यह प्रयास समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

सम्मान समारोह में सम्मानित होने पर श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार।

सम्मान समारोह में सम्मानित होने पर श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार।

जमशेदपुर

श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर को सम्मानित किए जाने पर परिषद की ओर से समिति के प्रति आभार व्यक्त किया गया। परिषद ने कहा कि समाज एवं राष्ट्रहित में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले लोगों और संगठनों को सम्मानित करना निश्चित रूप से प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन सामाजिक सहभागिता, आपसी सहयोग और सेवा भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

परिषद की ओर से कहा गया कि श्री श्री गणेश पूजा समिति द्वारा जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ समारोह का आयोजन किया गया, वह सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला है। समिति द्वारा प्रदान किया गया स्नेह, सम्मान और सहयोग पूर्व सैनिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर कौशल जी एवं श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। परिषद ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल में देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा सेवानिवृत्ति के बाद भी समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास जारी रखते हैं। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनके प्रयासों को सम्मानित करना उनका उत्साह बढ़ाता है।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया के सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। परिषद ने भगवान श्री गणेश से कामना की कि समिति निरंतर धार्मिक, सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रहे तथा समाज में एकता, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना को और मजबूत करे।

इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड की ओर से सिद्धनाथ सिंह, युद्धवीर मानिक वर्धा, हवलदार जसवीर सिंह, अवधेश कुमार, राजीव कुमार, अनिल कुमार सिन्हा, गौतम लाल, संजय सिंह, मनोज कुमार सिंह, राम भजन राम, निर्मल कुमार, रमेश प्रसाद, नजीत झा एवं शैलेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों ने श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

नए चेहरों को वक्त दें, तभी परखें उनकी कार्यक्षमता: आनंद मोहन

नए चेहरों को वक्त दें, तभी परखें उनकी कार्यक्षमता: आनंद मोहन

सरायकेला/आदित्यपुर

बिहार के पूर्व सांसद और वरिष्ठ राजनेता आनंद मोहन सोमवार को आदित्यपुर पहुंचे। यहां वे एम-टाइप में पूर्व ईचागढ़ विधायक अरविंद सिंह के निवास पर गए, जहां आदित्यपुर नगर निगम के उपमहापौर अंकुर सिंह ने उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए आनंद मोहन ने बिहार के सियासी हालात, लोकतंत्र में विपक्ष की अहमियत और नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर अपनी राय व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि किसी भी नवनिर्वाचित प्रतिनिधि के कार्यों का आकलन करने से पहले उसे कम से कम छह महीने से एक साल तक का समय अवश्य देना चाहिए। उपमहापौर अंकुर सिंह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेताओं को अपनी योग्यता साबित करने का पूरा मौका मिलना जरूरी है।

लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना और वैचारिक मतभेद को उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला बताया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में राज्य ने सुशासन और तरक्की के मामले में अलग पहचान स्थापित की है।

आनंद मोहन ने स्पष्ट किया कि उनका जमशेदपुर आना किसी सियासी मकसद से नहीं है, बल्कि पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से है।

कार्यक्रम में वार्ड पार्षद सुधीर चौधरी, मनोज आनंद, मनोज सिंह, जगदीश नारायण चौबे, संजय सिंह हितैषी, डॉ. मृत्युंजय सिंह, लाल बाबू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मजदूर जागरूकता अभियान 2026: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन का बड़ा आह्वान, 20 सितंबर को बनेगी मजदूर श्रृंखला।

मजदूर जागरूकता अभियान 2026: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन का बड़ा आह्वान, 20 सितंबर को बनेगी मजदूर श्रृंखला।

सरायकेला/आदित्यपुर

मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन द्वारा “मजदूर जागरूकता अभियान – 2026” के तहत 20 सितंबर 2026 (रविवार) को मजदूर श्रृंखला एवं विशाल मजदूर सभा का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम की थीम “जागरूक मजदूर – सशक्त समाज – समृद्ध भारत” रखी गई है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य मजदूरों की समस्याओं, रोजगार, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।

कार्यक्रम का विवरण:
• मजदूर श्रृंखला: सुबह 10 बजे से आदित्यपुर खरकाई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी।

• विशाल मजदूर सभा: श्रृंखला के पश्चात घोड़ा बाबा मंदिर परिसर में विशाल जनसभा होगी।

निवेदक पूर्व विधायक ईचागढ़ अरविन्द सिंह की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में सभी मजदूर भाई-बहनों, श्रमिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है।

पत्र में कहा गया है, “यह संघर्ष किसी जाति, धर्म या वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि मजदूरों के हक, अधिकार और सम्मान के लिए है। आइए, एकजुट होकर सम्मानजनक रोजगार एवं न्यायपूर्ण श्रम व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।”

यूनियन ने नारा दिया है – “मजदूर जागेगा तो हक मिलेगा!”, “मजदूर एकता जिंदाबाद!”, “श्रम ही शक्ति है!”

कोल्हान में मजदूरों के शोषण के खिलाफ सिंहनाद, 20 तारीख को विशाल रैली और जनसभा।

कोल्हान में मजदूरों के शोषण के खिलाफ सिंहनाद, 20 तारीख को विशाल रैली और जनसभा।

सरायकेला/आदित्यपुर

कोल्हान में मजदूरों के शोषण, न्यूनतम वेतन और सुरक्षा को लेकर कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन ने बिगुल फूंक दिया है।

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ईचागढ़ के पूर्व विधायक माननीय अरविंद सिंह ने बताया कि कोल्हान के औद्योगिक क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कंपनियों में मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।

इसी के विरोध में 20 तारीख को सुबह 9:00 बजे से एक विशाल रैली और जनसभा का आयोजन किया गया है।

रैली का रूट: यह विशाल रैली आदित्यपुर कोल्हान टायो मजदूरी यूनियन के हेड ऑफिस से शुरू होकर घोड़ा बाबा मंदिर तक जाएगी, जहाँ विशाल जनसभा में तब्दील हो जाएगी।

अरविंद सिंह ने कहा कि इस रैली में श्रम विभाग के अधिकारी, इंडस्ट्रियलिस्ट और हजारों मजदूर एक साथ एक मंच पर होंगे ताकि मजदूरों के हक और सुरक्षा की बात मजबूती से रखी जा सके।

उन्होंने कोल्हान के सभी मजदूर भाइयों से अपील की है कि अपने हक की लड़ाई के लिए 20 तारीख को सुबह 9 बजे समय पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

मुख्य मांगें:
1. सभी कारखानों में सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन लागू हो
2. मजदूरों को ESI, PF, हेलमेट, सेफ्टी शूज और सुरक्षा सुविधा मिले
3. शोषण करने वाली कंपनियों पर श्रम विभाग सख्त कार्रवाई करे

स्थान: आदित्यपुर यूनियन ऑफिस से घोड़ा बाबा तक
समय: 20 तारीख, सुबह 9:00 बजे

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की संवाद यात्रा को कुकड़ू प्रखंड में मिला व्यापक समर्थन।

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की संवाद यात्रा को कुकड़ू प्रखंड में मिला व्यापक समर्थन।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की संवाद यात्रा शुक्रवार को कुकड़ू प्रखंड के विभिन्न विस्थापित गांवों से होकर गुजरी। संवाद यात्रा का क्रम कारकीडीह, ऐदलडीह, डेङे होते हुए कुकड़ू हाट पहुंचा। इसके बाद यात्रा कुकड़ू पुनर्वास स्थल, सीरूम पुनर्वास स्थल, झापागोड़ा, दयापुर, कुमारी, उदाटांड, दुलमी  ओड़िआ ,मुरू,हेंसालोंग होते हुए बांदू में समापन हुआ।

कुकड़ू हाट में विभिन्न गांवों के विस्थापित ग्रामीणों के साथ संवाद किया गया और पुरे हाट में मंच के सदस्य द्वारा नारा लगाते हुए पर्ची बांटा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं, पुनर्वास से जुड़े मुद्दों तथा अपने अधिकारों को लेकर मंच के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की।

संवाद यात्रा को कुकड़ू प्रखंड के सभी विस्थापित गांवों से जोरदार समर्थन मिला। ग्रामीणों ने यात्रा दल का गर्मजोशी से स्वागत किया और अपने अधिकारों की लड़ाई में एकजुट होकर साथ देने का संकल्प लिया। संवाद यात्रा में जितेंद्र नाथ महतो, नारायण गोप ,राकेश रंजन महतो, अंबिका यादव, श्यामल मार्डी, अंजित किस्कू,  जरासिंधू गोप, अर्जुन कईर्वत,आकलू धीवर सहित बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे।

सदर अस्पताल सरायकेला में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित।

सदर अस्पताल सरायकेला में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित।

सरायकेला-खरसावां

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर आज सदर अस्पताल, सरायकेला में जिला स्वास्थ्य समिति, सरायकेला-खरसावां द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने की।

इस वर्ष विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की थीम “Changing the Narrative on Suicide” (आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना) तथा आह्वान “Start the Conversation” (बातचीत शुरू करें) है। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम के संबंध में जागरूकता बढ़ाने तथा मानसिक संकट की स्थिति में समय पर सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मानसिक तनाव एवं संकट के संभावित संकेतों की पहचान, तनाव प्रबंधन तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि मानसिक परेशानी की स्थिति में परिवार, मित्र, शिक्षक अथवा स्वास्थ्यकर्मी से संवाद करना तथा आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

विद्यालय एवं महाविद्यालयों में 10 से 30 सितंबर तक चलेगा अभियान

जिले में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के तहत 10 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के दौरान विद्यार्थियों एवं युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक सहयोग, आत्महत्या के चेतावनी संकेतों तथा समय पर सहायता प्राप्त करने के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं 1800-891-4416 पर निःशुल्क एवं 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रसार तथा जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के संबंध में उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. अनिर्बान महतो, डॉ. श्वेता कुमारी, पुष्कर भूषण (DPA, जिला NCD कोषांग, सरायकेला), अशोक यादव (NTCP कंसल्टेंट, जिला NCD कोषांग, सरायकेला सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

गम्हरिया के बलरामपुर में बड़ी चोरी: सूने घर से 30 लाख के जेवर और नकदी गायब।

गम्हरिया के बलरामपुर में बड़ी चोरी: सूने घर से 30 लाख के जेवर और नकदी गायब।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया थाना क्षेत्र के बलरामपुर में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बदमाश घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने और हजारों रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक आशुतोष कुमार अपने परिवार के साथ 2011 से यहां रह रहे हैं। मंगलवार की शाम वे सभी किसी परिचित के घर आयोजित जन्मदिन की पार्टी में गए थे। रात में भारी बारिश होने की वजह से परिवार वहीं ठहर गया। बुधवार सुबह जब वे वापस लौटे तो घर का नजारा देखकर सन्न रह गए।

मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ था और अंदर दोनों कमरों का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। अटैची, बक्से खुले थे, कपड़े इधर-उधर बिखरे थे और जेवरात के खाली डिब्बे जमीन पर पड़े मिले। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोर करीब 30 लाख रुपये से अधिक के आभूषण और 28 हजार रुपये नकद ले गए हैं। बताया जा रहा है कि ये गहने दो भाइयों के परिवार के संयुक्त थे।

परिवार को शक है कि चोरी रात 8:30 से 9:20 के बीच हुई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि नजर आई है।

बताया गया कि हाल में मां के सड़क दुर्घटना में जख्मी होने के चलते परिवार को अक्सर सरायकेला भी जाना पड़ रहा था।

घटना की सूचना पर गम्हरिया पुलिस मौके पर पहुंची, छानबीन की और सबूत एकत्र किए। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की विस्थापितों की संवाद यात्रा जारगोडीह से हुई शुरुआत।

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की विस्थापितों की संवाद यात्रा जारगोडीह से हुई शुरुआत।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की पूर्व घोषित संवाद यात्रा सोमवार को ईचागढ़ प्रखंड के जारगोडीह गांव से शुरू हुई। यात्रा के दौरान मंच के सदस्यों ने विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाएं कर विस्थापितों की समस्याओं, अधिकारों और आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। जारगोडीह में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए श्यामल मार्डी ने कहा कि इस बार सभी विस्थापित संगठन एकजुट होकर ग्रामीणों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा, “अबकी बार की लड़ाई आर-पार की है। विस्थापितों के अधिकार और उनके हक की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।”

उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन में एकजुटता के साथ शामिल होने का आह्वान किया। संवाद यात्रा के माध्यम से विस्थापित परिवारों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की जानकारी भी ली गई। जारगोडीह के बाद संवाद यात्रा बामूनडीह, पोईलौंग, चोगा, आदारडीह और सोड़ो गांव पहुंची। विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं के जरिए ग्रामीणों को विस्थापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया।

यात्रा में अजित किस्कु, अम्बिका यादव, हेमंत गोप, हरेकृष्ण महतो, अकलु धीवर, आशीष राम धीवर, मनहर महतो, धर्मेंद्र महतो, डॉ. गुरुचरण महतो, सिमंत महतो समेत अन्य लोग शामिल थे। मंच की ओर से बताया गया कि संवाद यात्रा के जरिए चांडिल डैम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर विस्थापितों को आंदोलन की आगामी रूपरेखा से अवगत कराया जाएगा।

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