विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय सब प्रभारी संपूर्ण भारत बनाए गए भरत सिंह।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय सब प्रभारी संपूर्ण भारत बनाए गए भरत सिंह।

झारखंड

साथियों लगभग भारत के सभी हिस्सों में सनातन धर्म की रक्षा,धर्म परिवर्तन एवं हिंदुत्व की रक्षा के लिए विश्व हिंदू रक्षा परिषद संगठन अपनी आवाज बुलंद कर रही है। और आए दिन संगठन पीड़ितों को न्याय दिलाने का कार्य कर रही है।

वहीं मंगलवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के द्वारा झारखंड के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह को उनके समाज हित सनातन हित हिंदुत्व की रक्षा एवं धर्म परिवर्तन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के द्वारा भरत सिंह को राष्ट्रीय सब प्रभारी संपूर्ण भारत बनाया गया।

वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल राय ने कहा कि भरत सिंह के राष्ट्रीय हित एवं सनातन समाज के प्रति सराहनीय गतिविधि को देखते हुए सनातन समाज के स्वर्णिम विकास व अखंड भारत एवं हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए भरत सिंह को राष्ट्रीय सब प्रभारी संपूर्ण भारत पद पर मनोनीत किया गया। आगे उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद भरत सिंह से अपेक्षा करता है कि राष्ट्र निर्माण हेतु सनातन शिक्षा के अनुरूप सनातन शक्ति को लामबंद करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान करते रहेंगे।

वहीं इस मौके पर भारत सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय द्वारा जो जिम्मेदारियां मुझ पर सौंप गई है मैं उन्हें स्वीकार करता हूं और अपनी आखिरी सांस तक हिंदुत्व की रक्षा के लिए वचनबद्ध रहूंगा।

भारत अब कूटनीति के माध्यम से विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।

भारत अब कूटनीति के माध्यम से विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा है।

गोंदिया/महाराष्ट्र

भारत की सक्रिय कूटनीति, वैश्विक रणनीतिक साझेदारियाँ मील का पत्थर साबित होगी- वैश्विक निवेश प्रवाह, विदेशी संस्थागत निवेश, ऊर्जा कंपनियों रक्षाउद्योग टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दुर्गामी प्रभाव -समग्र व्यापक विश्लेषण

भारत क़ा विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में तेजी से अपनी जगह बनाने का सकारात्मक प्रभाव,अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास,विदेशी पूंजी प्रवाह, रणनीतिक उद्योगों और शेयर बाजारों की दीर्घकालिक दिशा पर पड़ेगा -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

वैश्विक स्तरपर मई 2026 के तीसरे सप्ताह में भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ भारतीय तथा वैश्विक वित्तीय बाजारों तथा अर्थव्यवस्थाओं का भी ध्यान आकर्षित किया।

एक ओर भारत के पीएम की 15 से 20 मई 2026 संयुक्त अरब अमीरात नीदरलैंड, स्वीडन,नॉर्वे और इटली की बहु-देशीय यात्रा ने ऊर्जा सुरक्षा,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,हरित प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को नई गति दी, वहीं दूसरी ओर साइप्रस के राष्ट्रपति निकोसक्रिस्चिदोलिडेस की 20 से 23 मई 2026 भारत यात्रा ने यूरोप और भूमध्य सागरीय क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति को मजबूत करने के संकेत दिए। इसी क्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रूबीओ का शनिवार 23 मई 2026 शाम को भारत आगमन और क्वाड देशों की बैठक ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बनाया।

मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि इन तीनों घटनाओं का संयुक्त प्रभाव केवल कूटनीतिक व भारतीय अर्थव्यवस्था पर ही नहीं बल्कि वैश्विक निवेश प्रवाह, विदेशी संस्थागत निवेश,भारतीय शेयर बाजार, ऊर्जा कंपनियों, रक्षा उद्योग, टेक्नोलॉजी सेक्टर और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों पर भी सटीकता वह गहराई से पड़ने वाला है।

साथियों, सबसे पहले यदि भारतीय पीएम की पांच देशों की यात्रा को आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि भारत अब केवल विकासशील अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटलअर्थव्यवस्था और रणनीतिक भू-राजनीतिक संतुलन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत के संबंध पहले से ही ऊर्जा, निवेश और व्यापार के आधार पर मजबूत रहे हैं, लेकिन इस यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर जो जोर दिया गया, उसने निवेशकों के बीच भारत के प्रति भरोसा और बढ़ाया है। यूएई पहले से भारत के सबसे बड़े निवेश साझेदारों में से एक है। यदि ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश तेजी पकड़ता है तो भारतीय शेयर बाजार में रिलायंस, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, अदाणी समूह और ग्रीन एनर्जी कंपनियों के शेयरों में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए यह संकेत है कि भारत भविष्य की ऊर्जा अर्थव्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है।ऊर्जा सुरक्षा का प्रश्न वैश्विक निवेशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि तेल और गैस की कीमतें सीधे मुद्रास्फीति, औद्योगिक लागत और कॉरपोरेट मुनाफे को प्रभावित करती हैं। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यदि भारत यूएई जैसे स्थिर साझेदारों के साथ दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौते करता है तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊर्जा लागत स्थिर रह सकती है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक होगा क्योंकि ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में स्थिर आपूर्ति निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है। विदेशी संस्थागत निवेशक ऐसे देशों में पूंजी लगाना पसंद करते हैं जहाँ ऊर्जा संकट की संभावना कम हो। इसलिए यह यात्रा भारतीय बाजारों के लिए स्थिरता का संकेत बन सकती है। नीदरलैंड और स्वीडन की यात्रा का महत्व तकनीकी और नवाचार आधारित निवेशों के संदर्भ में और भी बड़ा माना जा रहा है। नीदरलैंड सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट पोर्ट टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र है। यदि भारत इस क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग बढ़ाता है तो इसका सीधा प्रभाव भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता पर पड़ेगा। वर्तमान समय में दुनिया चीन पर निर्भर सप्लाई चेन को विविध बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में भारत यदि यूरोपीय तकनीकी सहयोग के साथ सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ता है तो इससे भारतीय टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और सेमीकंडक्टर से जुड़ी नई भारतीय कंपनियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है।स्वीडन के साथ सहयोग का एक बड़ा आयाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित उद्योग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग है। वर्तमान वैश्विक शेयर बाजार में एआई आधारित कंपनियां निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। अमेरिका में एनवीडिया जैसी कंपनियों की तेज वृद्धि ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था एआई आधारित होगी।

साथियों, यदि भारत यूरोपीय देशों के साथ एआई अनुसंधान, डेटा सेंटर, क्लाउड टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाता है तो भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।इससे इनफ़ोसिस टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , विप्रो और एचसीएलटेक जैसी कंपनियों में दीर्घकालिक तेजी देखी जा सकती है। विदेशी निवेशक उन बाजारों की ओर आकर्षित होते हैं जहाँ भविष्य की तकनीकों में सरकारी और कूटनीतिक समर्थन दिखाई देता है।नॉर्वे की यात्रा का प्रभाव हरित ऊर्जा और समुद्री अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। नॉर्वे दुनिया में ग्रीन शिपिंग, स्वच्छ ऊर्जा और संप्रभु संपत्ति कोष के लिए प्रसिद्ध है। नॉर्वे का सरकारी निवेश कोष दुनिया का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड माना जाता है। यदि भारत और नॉर्वे के बीच हरित ऊर्जा, अपतटीय पवन ऊर्जा और समुद्री अवसंरचना में सहयोग बढ़ता है तो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े विदेशी निवेश आने कीसंभावना बन सकती है। इससे भारतीय ग्रीन एनर्जी कंपनियों और ईएसज़ी आधारित निवेशों को मजबूती मिलेगी। आज दुनिया के बड़े निवेशक केवल लाभ नहीं बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को भी महत्व दे रहे हैं।

साथियों, भारत की ग्रीन डिप्लोमेसी शेयर बाजार के लिए नया सकारात्मक संकेत बन सकती है।इटली यात्रा का सबसे बड़ा महत्व यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक आर्थिक साझेदारी में दिखाई देता है। इटली यूरोप की प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और प्रधानमंत्री जिओर्जिया मेलोनी के साथ भारत की बढ़ती निकटता यूरोपीय संघ में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकती है। इससे रक्षा विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और फैशन उद्योगों में निवेश सहयोग बढ़ सकता है। यूरोप की कंपनियां चीन से उत्पादन हटाकर वैकल्पिक बाजार खोज रही हैं और भारत इसके लिए सबसे बड़ाउम्मीदवार बनकर उभर रहा है। यदि यह प्रवृत्ति मजबूत होती है तो भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में तेज पूंजी प्रवाह संभव है। इससे “मेक इन इंडिया” अभियान को भी बल मिलेगा और भारतीय शेयर बाजार में औद्योगिक तथा पूंजीगत वस्तु कंपनियों में तेजी आ सकती है।

साथियों अब यदि साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टो डौलाइड्स की भारत यात्रा को निवेश और वित्तीय दृष्टि से समझें तो इसका महत्व काफी गहरा है। साइप्रस लंबे समय से भारत में विदेशी निवेश के मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय निवेश फंड और कंपनियां साइप्रस के माध्यम से भारत में निवेश करती रही हैं। ऐसे में भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ने का अर्थ है कि वित्तीय सहयोग, निवेश संरक्षण और पूंजी प्रवाह को नई मजबूती मिल सकती है। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि विदेशी निवेशक ऐसे देशों में निवेश बढ़ाते हैं जहाँ द्विपक्षीय समझौते स्थिरता और कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं।साइप्रस यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर हुए समझौते अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भरोसे का वातावरण तैयार करते हैं। साइबर सुरक्षा आज वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है। डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान,ए आई और डेटा आधारित अर्थव्यवस्था के दौर में साइबर सुरक्षा में सहयोग से भारतीय टेक कंपनियों और फिनटेक सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। इससे भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश का मार्ग और खुल सकता है।

मुंबई में साइप्रस प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी और बॉलीवुड फिल्म शूटिंग से जुड़ी घोषणाएं यह भी दर्शाती हैं कि भारत अब केवल औद्योगिक निवेश का केंद्र नहीं बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन आधारितअर्थव्यवस्था का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है। मनोरंजन उद्योग में विदेशी निवेश बढ़ने से मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म और पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिल सकता है। इसका असर संबंधित सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दे सकता है।

साथियों, अब यदि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा और क्वाड बैठक के प्रभाव को समझें तो इसका असर सबसे व्यापक माना जा सकता है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे बड़ा पूंजी बाजार है। भारत-अमेरिका संबंधों में सुधार का सीधा प्रभाव विदेशी संस्थागत निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।

हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मतभेद, वीजा मुद्दे और रणनीतिक चिंताओं को लेकर कुछ तनाव दिखाई दिए थे। ऐसे में यह यात्रा संकेत देती है कि दोनों देश संबंधों को पुनः मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। यह संदेश वैश्विक बाजारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्वाड बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के संतुलन के रूप में देखी जाती है। निवेशकों की दृष्टि से स्थिर और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए आवश्यक है क्योंकि दुनिया का बड़ा समुद्री व्यापार इसी क्षेत्र से गुजरता है। यदि क्वाड सहयोग मजबूत होता है तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षा मिल सकती है। इसका लाभ भारत को एक वैकल्पिक विनिर्माण और व्यापारिक केंद्र के रूप में मिलेगा। इससे भारतीय बाजारों में दीर्घकालिक विदेशी निवेश बढ़ सकता है। रक्षा सहयोग पर बातचीत का सीधा प्रभाव भारतीय रक्षा कंपनियों पर पड़ सकता है। भारत लगातार रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका के साथ रक्षा तकनीक, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, साइबर रक्षा और सेमीकंडक्टर तकनीक में सहयोग भारतीय रक्षा उद्योग को नई ऊंचाई दे सकता है। इससे हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड ,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और निजी रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वैश्विक निवेशक रक्षा क्षेत्र को अब केवल युद्ध उद्योग नहीं बल्कि उच्च प्रौद्योगिकी और रणनीतिक स्थिरता के क्षेत्र के रूप में देख रहे हैं।महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा भी निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर और रक्षा तकनीक के लिए लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थमिनरल्स की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है। यदि भारत अमेरिका और अन्य साझेदार देशों के साथ इस क्षेत्र में दीर्घकालिक समझौते करता है तो भारत भविष्य की हरित औद्योगिक क्रांति में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी क्षेत्र की भारतीय कंपनियों को भारी लाभ हो सकता है।

साथियों, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों पर भी इन यात्राओं का प्रभाव दिखाई देगा। यदि भारत पश्चिमी देशों और मध्य-पूर्व के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी बनाता है तो उभरते बाजारों में भारत का वज़न बढ़ेगा। वैश्विक फंड मैनेजर चीन के विकल्प के रूप में भारत में निवेश बढ़ा सकते हैं। इससे एमएससीआई और अन्य वैश्विक सूचकांकों में भारतीय शेयरों की हिस्सेदारी बढ़ सकती है। लंबे समय में यह भारतीय बाजारों में लगातार विदेशी पूंजी प्रवाह सुनिश्चित कर सकता है। हालांकि, इसके साथ कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तेल कीमतें अचानक बढ़ती हैं या अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता अधिक तीव्र होती है तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। विदेशी निवेशक जोखिम बढ़ने पर उभरते बाजारों से पूंजी निकालने लगते हैं। इसलिए भारत को अपनी कूटनीतिक संतुलन नीति को सावधानी से बनाए रखना होगा। भारत की विशेषता यही रही है कि उसने अमेरिका, यूरोप, रूस और मध्य-पूर्व सभी के साथ संतुलित संबंध बनाए हैं। यही संतुलन भविष्य में भारतीय बाजारों की स्थिरता का आधार बन सकता है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

राज्य सरकार के निर्देश पर भिषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पर पेड़ जल की सुविधा सुनिश्चित की गई।

राज्य सरकार के निर्देश पर भिषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पर पेड़ जल की सुविधा सुनिश्चित की गई।

सरायकेला/खरसावां

राज्य सरकार से प्राप्त निर्देश के आलोक में भीषण गर्मी एवं लू की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ खराब चापाकलों की मरम्मत एवं त्वरित जलापूर्ति के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि अत्यधिक गर्मी एवं लू से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

अतिक्रमण मुक्त अभियान के दौरान प्रभावित हुए गरीब फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास की उठी मांग।

अतिक्रमण मुक्त अभियान के दौरान प्रभावित हुए गरीब फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास की उठी मांग।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया में फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के अनुपस्थित में बड़ा बाबू तरूण ठाकुर को को ज्ञापन सौंपा।

25 मई 2026 को गम्हरिया प्रखंड में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर हाल ही में लाल बिल्डिंग चौक के आसपास चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान के दौरान प्रभावित हुए गरीब फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सराहनीय है, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा में सुधार होगा। किंतु इस अभियान से प्रभावित हुए छोटे-छोटे दुकानदारों एवं उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में उनके भरण-पोषण एवं रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव राजू रजक के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि गम्हरिया बाजार स्थित पुराने भवन का पुनर्निर्माण कर उसे दो मंजिला बनाया जाए तथा वहां फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को अस्थायी रूप से दुकानें आवंटित की जाएं, ताकि उनका रोजगार सुरक्षित रह सके और बाजार क्षेत्र भी व्यवस्थित बना रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी से इस मांग पर सकारात्मक पहल करने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सरायकेला विधानसभा के कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी के.पी सोरेन जी,जिला उपाध्यक्ष खिरोद सरदार, जिला मीडिया चेयरमैन सुमंत शर्मा, गम्हारिया प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा सेवा दल के जिला अध्यक्ष गौरी शंकर, प्रखंड महिला अध्यक्ष उर्मिला देवी, सेवा सहित अन्य कांग्रेस जन उपस्थित थे।

आयकर कर्मचारी महासंघ रांची इकाई का Platinum jubilee celebration समारोह संपन्न।

आयकर कर्मचारी महासंघ रांची इकाई का Platinum jubilee celebration समारोह संपन्न।

रांची/झारखंड

आयकर कर्मचारी महासंघ के गौरवशाली 74 वर्ष पूर्ण होने एवं संगठन के 75वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष में ITEF UNIT द्वारा platinum bubbles celebration अत्यंत उत्साह गरिमा एवं संगठनित्मक एकजुटता के साथ केंद्रीय राजस्व भवन रांची के प्रांगण में मनाया गया।

आपको बताते चलें कि यह अवसर संगठन के लंबे संघर्ष कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हेतु किए गए ऐतिहासिक प्रयासों तथा कर्मचारी एकता की सशक्त परंपरा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण छान रहा।

वहीं कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ की गई ITEF रांची इकाई के महिला सदस्यों ने संगठन का ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जो एक अनूठी पहल है ध्वजारोहण के दौरान उपस्थित सदस्यों ने संगठन की एकता अनुशासन एवं कर्मचारी हितों की रक्षा हेतु सदैव प्रतिबध्द रहने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर यूनिट के अधिकारियों वरिष्ठ साथियों युवा कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ITEF सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही । पूरे परिषद में संगठनात्मक उत्साह भाईचारा एवं कर्मचारी एकता का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने कहा कि ITEF केवल एक संगठन नहीं है बल्कि कर्मचारियों के अधिकार सम्मान और न्याय की आवाज है उन्होंने कहा कि पिछले 74 वर्षों से federation ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए कर्मचारियों के ही तो की रक्षा हेतु ऐतिहासिक संघर्ष किए हैं। आज का यह platinum bubbles celebration उन सभी पूर्वज साथियों के योगदान को नमन करने का अवसर है जिन्होंने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

अपने संबोधन उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारियों के समक्ष नई चुनौतियां हैं जिनका सामना केवल संगठनात्मक एकता और सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा कर्मचारियों के हितों के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आवाहन किया है।

वंही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिन आभास नाथ ने कहा कि ITEF का इतिहास संघर्ष समर्पण एवं उपलब्धियां से भरा हुआ है उन्होंने कहा कि platinum bubbles वर्ष संगठन के लिए आत्ममंथन, उपलब्धियों के मूल्यांकन तथा भविष्य की नई दिशा तय करने का अवसर है उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने एवं आने वाली पीढ़ी को संगठन के मूल्यों से जोड़ने की अपील की है।

ज्ञात हो कि ITEF का PLATINUM BUBBLES CELEBRATION 20 मई 2026 से प्रारंभ होकर 10 फरवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, सामाजिक गतिविधियों एवं संगठनात्मक आयोजनों के माध्यम से मनाया जाएगा।

इस ऐतिहासिक पल के अवसर पर अविनाश कुमार उपाध्याय आईटीएफ बिहार झारखण्ड, सी के झा सहायक आयकर आयुक्त, प्रशांत कुमार सिंह, रवि कुमार, मनीष रंजन, बबलू रजक, राकेश सिंह, अरविंद प्रसाद, रजनीश कुमार, मिथिलेश कुमार के साथ-साथ रांची धनबाद एवं जमशेदपुर के सदस्य वृहद संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को अविश्वसनीय एवं अद्भुत बनाया।

कार्यक्रम का समापन संगठन आत्मक एकता एवं कर्मचारी हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।

मशहूर बिल्डर द्वारा जमीन घोटाले का मामला सामने आया।, बिल्डर ने जमींदार से मांगी माफी।

मशहूर बिल्डर द्वारा जमीन घोटाले का मामला सामने आया।, बिल्डर ने जमींदार से मांगी माफी।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत एक मशहूर बिल्डर द्वारा जमीन घोटाले का मामला सामने आया। और यह मामला आदित्यपुर क्षेत्र में अथवा बिल्डरों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

खबर सामने आ रही है कि बिल्डर जितेंद्र मिश्रा द्वारा₹60 लाख में जमीन खरीद कर जमीन का मोटेशन भी करा लिया गया लेकिन जमीनदारों को उनके अधिकार का पैसा नहीं दिया गयाजिससे कि जमींदारों में आक्रोश व्याप्त है।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जितेंद्र मिश्रा द्वारा करीब-करीब 60 लाख रुपए में जमीन की खरीदी की गई थी। साथ ही जमीन पर जितेंद्र मिश्रा द्वारा रजिस्ट्री और मोटेशन भी कर लिया गया था लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद भी जमींदारों को अभी तक उसका खरीद का पैसा नहीं देने के कारण गुस्साए लोगों ने धीराजगंज स्थित उनके यशिका फ्लैट में आकर अपने रुपए की मांगने करते हुए देखा गया।

आपको बताते चले कि जितेंद्र मिश्रा आदित्यपुर कॉलोनी रोड नंबर 11 के निवासी हैं
वहीं बिल्डर जितेंद्र मिश्रा लेनदारों से खुद को काफी देर तक छुपाए रखा। फिर लेनदारों और बिल्डर के बीच में बातचीत के दौरान बिल्डर द्वारा जो जमींदार से जमीन खरीदे गया था और जमीन की कुल राशि का भुगतान जमींदार को नहीं किया गया जिसकी वजह से बिल्डर जितेंद्र मिश्रा ने माफी मांग कर कुछ समय के लिए छुटकारा प्राप्त किया।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि बिल्डर जितेंद्र मिश्रा का इतिहास काफी ऐतिहासिक सनसनीखेज रहा है कहते हैं ना चोर चोरी करना छोड़ देगा लेकिन हेरा फेरी करना नहीं छोड़ेगा। यह कहावत चरितार्थ सिद्ध होती है।
खैर जो भी हो मामला कुछ समय के लिए टला जरूर है लेकिन तलवार अभी भी सर के ऊपर लटक रही है ।अगर आदतों में सुधार नहीं हुई तो वह दिन दूर नहीं….? जनता की नजर सब पर है।

हिन्दू लड़कियों के अपहरण एवं खरीद-फरोख्त में जिहादी ताकतें सक्रिय : गोपाल राय

हिन्दू लड़कियों के अपहरण एवं खरीद-फरोख्त में जिहादी ताकतें सक्रिय : गोपाल राय

जनपद – लखनऊ

लव जिहाद एवं धर्मांतरण के मामलों पर विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने उठाए सवाल

प्रियंका ठाकुर विश्व हिन्दू रक्षा परिषद महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त

विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिन्दू लड़कियों के अपहरण, लव जिहाद, खरीद-फरोख्त एवं धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में संगठित तरीके से धर्मांतरण एवं लव जिहाद का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है। गोपाल राय ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार हिन्दू बेटियों के गायब होने एवं धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उन्होंने विशेष रूप से गाजियाबाद के एक त्यागी परिवार की लड़की सहित छह अन्य युवतियों के लापता होने का मामला उठाते हुए कहा कि मेरठ निवासी बदर अख्तर सिद्दकी द्वारा आशा नेगी एवं प्रिया त्यागी समेत दर्जनों हिन्दू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाकर अपहरण किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रिया त्यागी के परिवार द्वारा दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन उक्त बच्चियां आज तक बरामद नहीं हो सकीं। बताया जाता है कि बदर अख्तर सिद्दकी सऊदी अरब से अपना गिरोह संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर से लगातार ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं, जिनमें हिन्दू बच्चियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसी क्रम में दुबग्गा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक 18 वर्षीय बच्ची के अपहरण का मामला भी सामने आया है, जो अभी तक लापता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक सप्ताह पूर्व थाना चिनहट में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी, जिसके बाद डीसीपी पूर्वी के सख्त निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। गोपाल राय ने कहा कि मुकदमे दर्ज होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई अत्यंत धीमी एवं निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र एवं कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं तथा प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, तब भी दोषियों के खिलाफ कठोर कदम न उठाया जाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की कि सभी लापता हिन्दू लड़कियों की तत्काल बरामदगी सुनिश्चित की जाए तथा लव जिहाद एवं धर्मांतरण नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस दौरान विश्व हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा प्रियंका ठाकुर को महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई। नियुक्ति के पश्चात प्रियंका ठाकुर ने कहा कि वह संगठन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करेंगी तथा हिन्दू बेटियों की सुरक्षा, महिला जागरूकता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए देशभर में अभियान चलाया जाएगा।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

सरायकेला/गम्हरिया

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित राजीव गांधी चौक (लाल बिल्डिंग) पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फूलकांत झा, कांग्रेस जिला महासचिव राजू रजक, एवं सुमंत शर्मा (मीडिया जिला अध्यक्ष),गम्हरिया प्रखण्ड अध्यक्ष अनिल ठाकुर,गम्हरिया प्रखण्ड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा,गौरी शंकर (जिला सेवा दल अध्यक्ष) राजेंद्र शर्मा महिला प्रखंड अध्यक्ष उर्मिला देवी,रिंकू कुमारी शंकर शर्मा, अरविंद कुमार, इशु झा जयप्रकाश, पवन कुमार,निखिल सरकार, समीर,रंजन बारीक, सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय राजीव गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किये एवं आम लोगो के बिच फलो का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी जी के देश के विकास, युवाओं के उत्थान एवं आधुनिक भारत के निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी, अवैध बीयर जब्त एवं चुलाई अड्डे ध्वस्त।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी, अवैध बीयर जब्त एवं चुलाई अड्डे ध्वस्त।

सरायकेला/ईचागढ़

उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार उत्पाद अधीक्षक, सरायकेला-खरसावाँ के नेतृत्व में जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आसूचना संकलित कर उत्पाद विभाग द्वारा विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।

दिनांक 20-05-2026 की रात्रि लगभग 10ः00 बजे ईचागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम बामनडीह में छापेमारी के दौरान Hywards Bold Beer (For Sale in West Bengal) 650 ML के 55 पीस, Tuborg Beer (For Sale in West Bengal) 650 ML के 05 पीस एवं Kingfisher Beer 650 ML के 05 पीस सहित कुल 42.25 लीटर अवैध बीयर बरामद की गई।

वहीं दिनांक 21-05-2026 को प्रातः लगभग 07ः00 बजे सरायकेला (सीनी ओ0पी0) थाना अंतर्गत ग्राम महादेवपुर में संचालित 02 अवैध चुलाई अड्डों को ध्वस्त करते हुए 1200 किलोग्राम जावा महुआ एवं 60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद किया गया।
बरामद अवैध उत्पादों को जप्त करते हुए फरार अभियुक्तों के विरुद्ध झारखण्ड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से भी अपील की गई है कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराते हुए अभियान में सहयोग करें, ताकि समाज में सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, सिंहदेव ढाबा पर ₹6000 एवं किशन कन्हैया ढाबा पर ₹200 का जुर्माना वसूला गया।

खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, सिंहदेव ढाबा पर ₹6000 एवं किशन कन्हैया ढाबा पर ₹200 का जुर्माना वसूला गया।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त महोदय के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन के नेतृत्व में बुधवार को समाहरणालय समीप गौरांगडीह स्थित सिंहदेव ढाबा का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान ढाबा के किचेन में गंदगी पाई गई तथा खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मियों द्वारा हेडगियर एवं एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों का भी पालन नहीं पाया गया। निरीक्षण क्रम में ढाबा संचालक से खाना बनाने में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित प्रमाण पत्र की मांग की गई, जिसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के आलोक में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सिंहदेव ढाबा संचालक पर 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसकी वसूली मौके पर ही की गई। इसके अतिरिक्त ढाबा परिसर में खुली एवं जली हुई सिगरेट पाए जाने पर कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 के उल्लंघन के तहत 1000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया, जिसे भी तत्काल वसूल किया गया।

साथ ही ढाबा संचालक को अविलंब परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए सभी अनियमितताओं में सुधार करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके तहत बने नियमों एवं विनियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इसी क्रम में किशन कन्हैया ढाबा में भी कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पाए जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसकी वसूली भी मौके पर की गई।

जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देशित किया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, कर्मियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई, नियमित मेडिकल जांच एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने की अपील की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों एवं कोटपा अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा कार्यालय के कार्तिक महतो, तरुण महतो एवं टोबैको कंट्रोल सेल के अशोक यादव शामिल थे।

विधायक निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा, सवालों के घेरे में विधायक।

विधायक निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा, सवालों के घेरे में विधायक।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले से हम आपके सामने एक गंभीर आरोप लेकर आए हैं — विधायक निधि के नरम दांव पर करोड़ों की योजना रहित निकासी और अनाधिकृत खर्च का मामला प्रकाश में आया है जो कि इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है और विधायक सवालों के घेरे में है।

जानकारी के अनुसार ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की माननीय विधायक सबिता महतो के विधायक निधि से वर्ष 2022-23 में कुल 6तालाबों के जीर्णोद्धार हेतु कुल लागत 36लाख 60हजार रुपया का अनुशंसा की गई थी। शासन-अनुमोदन व तकनीकी स्वीकृति के मद्देनजर कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल सरायकेला को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया और योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई।

लेकिन आरटीआई के जवाब से खुलासा हुआ है कि चांडिल प्रखण्ड के मुसड़ीबेड़ा गाँव में दर्ज एक तालाब — जिसका नाम स्थानीय पत्रकार संजय कुमार महतो से जोड़ा गया — उसका जीर्णोद्धार कथित रूप से हुआ ही नहीं, फिर भी इस तालाब के लिए 3,09,300 रुपये का भुगतान रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है।

स्थानीय पत्रकार संजय कुमार महतो का दावा है कि उस स्थान पर उनका कोई निजी तालाब मौजूद ही नहीं है, जबकि अधिकारी के रिकॉर्ड में उसी के नाम पर राशि निकासी दिख रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या विधायक निधि का दुरुपयोग कर फर्जी भुगतान किए गए है?

वहीं इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार बसंत कुमार साहू ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी और समाहरणालय से जो लिखित उत्तर मिला है, उसमें उपरोक्त भुगतान का विवरण मौजूद है। यह रिकॉर्ड बताता है कि अनुशंसाएँ 23 और 20 दिसम्बर 2022 की पत्रांक के माध्यम से की गईं और तकनीकी स्वीकृति 16 जनवरी 2023 की है।

इस मामले पर हमारे पत्रकारों ने सरायकेला-खरसावां समाहरणालय, लघु सिंचाई प्रमंडल तथा ईचागढ़ विधायक कार्यालय से टिप्पणी का प्रयास किया, परन्तु अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

यह मामला विधायक निधि के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान का संकेत देता है।

नागरिकों व पत्रकार संगठन के आग्रह पर आदेश चाहिए कि मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई हो और जिन धनराशियाँ का गलत तरीके से भुगतान हुआ है वे वसूली जाएँ।

वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस पर उमड़ा सम्मान, खरसावां स्कूल विद्यार्थियों ने याद किया उनका अद्वितीय बलिदान।

वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस पर उमड़ा सम्मान, खरसावां स्कूल विद्यार्थियों ने याद किया उनका अद्वितीय बलिदान।

सरायकेला-खरसावां

राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय खरसावां के कुड़मालि विभाग द्वारा स्वतंत्रता सेनानी व हुल क्रांति के महानायक वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुड़मालि शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीद चानकु महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं श्रद्धांजलि देकर किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके जीवन, संघर्ष, वीरता एवं क्रांतिकारी योगदान पर विशेष चर्चा की गई।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और हुल क्रांति के महानायक चानकु महतो क्या आंदोलन के कारण गोड्डा क्षेत्र में कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार को मालगुजारी लेना मुश्किल हो गया था। वहीं ब्रिटिश सरकार द्वारा बताए गए संथालों को ब्रिटिशों के खिलाफ लड़वाने और हौसला देने का काम इन्होंने ही प्रारंभ किया था।

क्रांति के महानायक चानकु महतो ने ही सबसे पहले “महतो-माझी भाई-भाई” जैसे नारा देकर हुल विद्रोह को मानते हुए अपने आंदोलन को पूरे साथियों के साथ संथाल विद्रोह में शामिल हो गए। सिद्धू कान्हु 30 जून 1855 को संथाल परगना के हजारों लोगों के साथ मिलकर एक जनसभा का आयोजन किए थे, जिसमें मुख्य रूप से क्रांति के महानायक चानकु महतो भी शामिल थे।

इस जनसभा में ब्रिटिशों के खिलाफ विद्रोह की ज्वाला धधक उठीं। कहा जाता है विद्रोह में हजारों आदिवासी मूलवासी मारे गए थे। परंतु नेतृत्वकर्ता चानकु महतो पुलिस के हथियार और पकड़ से बच निकले थे। इसके बाद 1855 के अक्टूबर महीने में सोनार चौक में जनसभा बुलाई गई। इसके मुख्यवक्ता चानकु महतो थे। इस कार्यक्रम की सूचना अंग्रेजों के चाटुकार नायब प्रताप नारायण ने उन तक पहुंचाने का काम किया था।

इस बार अंग्रेजी सेना बड़ी तैयारी के साथ चानकु महतो को पकड़ने के लिए जनसभा के चारों घेर लिया था। जनसभा को संबोधित करते हुए क्रांति के महानायक चानकु महतो ने युद्ध की घोषणा कर दिया। इस युद्ध में चानकु महतो घायल हो गए। परंतु साहस और पराक्रम के वीर चानकु महतो को उनके साथियों ने उन्हें ननिहाल बाड़ेडीह गांव में ले गए। जब अंग्रेजों को पता चला कि चानकु महतो अपने मामा घर में इलाजरत हैं।

उन्हें गिरफ्तार कर अंग्रेजी सिपाहियों ने कई दिनों तक क्रूरतापूर्वक यातनाएं दी। उसके बाद 15 में 1856 को गोड्डा के राज कचहरी स्थित कझिया नदी के किनारे उन्हें फांसी दे दी गई। इसके ऊपर अंग्रेजी सी इतने अधिक गुस्सा में थी कि फांसी देने का पश्चात बाड़ेडीह गांव को पूरी तरह से तहस-नहस कर जला दिया गया । इनकी शौर्यगाथा आज भी संथाल परगना के गांवों में सुनने को मिलता है। उनकी शहादत की स्मृति में आज भी कई घरों में उस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने वीर शहीद चानकु महतो के संघर्ष, बलिदान और देशभक्ति से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राखी महतो, दीपा महतो, पुष्पा महतो, रंजना महतो, सिद्धि महतो, प्रियंका महतो, गोविंद महतो, खुशबू महतो, सावित्री महतो, रोमा महतो, आशा महतो, चांदनी महतो, सीमा महतो, पिंकी महतो, संदीप, सुदेश, प्रद्युम्न, परशुराम, रोहित, मनोज, जयराम आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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