सरहुल पर्व भूमि विवाद: हाईकोर्ट ने चांडिल एसडीएम को दिए निर्देश।

सरहुल पर्व भूमि विवाद: हाईकोर्ट ने चांडिल एसडीएम को दिए निर्देश।

सरायकेला/चांडिल

झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने रिट याचिका 1868/2026 पर सुनवाई की। मामला चांडिल (सहरबेड़ा) के प्लॉट 395, 397, 403, 404 (लगभग 7.5 एकड़) पर सरहुल पर्व आयोजन को लेकर भूमि विवाद से जुड़ा है।

याचिकाकर्ता सूर्य पद महतो ने आरोप लगाया कि 2024 से कुछ लोग कब्जे का प्रयास कर रहे हैं और प्रशासन (एसडीएम, डीसी, एसपी, आयुक्त) से आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अदालत में एसडीएम द्वारा कारणरहित बुलावा-पत्र और धारा 144 की कार्रवाई का ज़िक्र भी आया। कोर्ट ने मामले में चांडिल एसडीएम को आवश्यक निर्देश जारी किए।

आप को बता दूं झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में रिट याचिका 1868/2026 पर सुनवाई हुई। यह मामला सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल स्थित चांडिल थाना क्षेत्र के सहरबेड़ा की जमीन पर सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर उत्पन्न विवाद से संबंधित है।

याचिकाकर्ता सूर्य पद महतो ने अदालत में दावा किया कि सहरबेड़ा के प्लॉट नंबर 395, 397, 403 और 404, जो लगभग 7.5 एकड़ भूमि है, पर कुछ लोग वर्ष 2024 से सरहुल पर्व के नाम पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। याचिकाकर्ता का आरोप था कि इस संबंध में एसडीएम, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और आयुक्त को आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

वहीं सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) द्वारा उन्हें एक पत्र के माध्यम से कार्यालय में बुलाया गया, हालांकि पत्र में बुलाने का स्पष्ट कारण या अधिकार का उल्लेख नहीं था। वहीं, प्रशासन की ओर से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत नोटिस जारी किए जाने का भी जिक्र हुआ।

मामले की प्रकृति और प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे आज ही अपराह्न 3 बजे चांडिल के एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर अपने भूमि स्वामित्व से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रस्तुत दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के स्वामित्व का प्रमाण मिलता है, तो संबंधित एसडीएम का दायित्व होगा कि वे याचिकाकर्ता की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

अदालत ने इसी के साथ याचिका का निष्पादन कर दिया। साथ ही आदेश की प्रति राज्य पक्ष और याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव और नेहा अग्रवाल ने पक्ष रखा।

चांडिल पुलिस की बड़ी कामयाबी , फायरिंग मामले में तीन आरोपी को किया गिरफ्तार।

चांडिल पुलिस की बड़ी कामयाबी , फायरिंग मामले में तीन आरोपी को किया गिरफ्तार।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल थाना प्रभारी डीलशन बीरूआ के नेतृत्व में टीम गठित कर गोलीकांड में सामिल मानगो आजादनगर निवासी मोहम्मद शहबाज आलम 20 वर्ष, मोहम्मद शाहिद रजा 19 वर्ष, फैजान आलम उर्फ मैक्स 20 वर्ष को गिरफ्तार किया गया ।

मालूम हो कि चांडिल के राष्ट्रीय उच्च पथ -33 स्थित आसनबनी के टाटा हाइवे होटल में 20 नवंबर को फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घटना के तुरंत बाद जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर चांडिल थाना प्रभारी ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने कांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों बदमाशों को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी फायरिंग की घटना में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। इनके पास से अहम जानकारी और सुराग भी मिले हैं, जिसके आधार पर अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है। छापेमारी टीम में चांडिल थाना प्रभारी , पु.अनि. निर्वल टुड़ू , चौका प्रभारी सोनू कुमार, पु.अनि. राहुल कुमार भारती, पु.अनि. अमित कुमार, स.अ.नि. सीताराम मार्डी, स.अ.नि. अश्विनी मुंडा, स.अ.नि. सुरेंद्र कुमार सिंह समेत चांडिल थाना बल शामिल थे। थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,, शराब माफियाओं में हड़कंप।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,, शराब माफियाओं में हड़कंप

सरायकेला/चिंडिल

उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नितिश कुमार सिंह के निदेशानुसार तथा अधीक्षक, उत्पाद विभाग, सरायकेला के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में दिनांक 22.11.2025 को चांडिल थाना अंतर्गत आसमबनी जंगल स्थित जरियाडीह एवं खोखोडीह में अवैध शराब अड्डों पर संयुक्त छापेमारी अभियान संचालित किया गया। छापेमारी के क्रम में अवैध शराब लगभग 50 लीटर बरामद कर विधिवत जप्त किया गया तथा लगभग 400 किलोग्राम जवा महुआ को स्थल पर ही विनष्ट किया गया।

अवैध शराब निर्माण व विक्रय में संलिप्त अड्डा संचालक के विरुद्ध बिहार-झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत फरार अभियोग दर्ज किया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में उत्पाद अधीक्षक श्री सौरव तिवारी ने कहा है की उत्पाद विभाग द्वारा अवैध शराब के उन्मूलन हेतु इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।

प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गैरडीह पंचायत भवन ग्राम सभा के सदस्य ग्रामीण के साथ प्रस्तावित फैक्ट्री के जमीन अधिग्रहण में स्थानीय प्रशासन की उपेक्षित के कारण ग्रामीण विरोध करने को विवश हैं। प्रशासन राज्य सरकार की सारी व्यवस्था को दरकिनार कर जमीन का अधिग्रहण संस्था एवं दलाल के माध्यम से किया है।ग्रामीण के जमीन अधिग्रहण में काई विसंगति है।

राज्य सरकार का विकास करना है तो आयडा से जमीन अधिग्रहण क्यो नही कराया गया।संस्था किसी को जमीन देकर ग्रामीण और कंपनी प्रबंधन से दुरी बनाने का षंडयत्र रचा गया।इस अवसर प्रदेश के कैडिनेटर राधा कृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि जनता के हित न्यायालय के शरण जाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री विधायक का का पुतला भी ग्रामीण के भीतर में फुंका जाएगा। यह क्षेत्र चांडिल डैम,दलमा सेंचरी भी विस्थापित करने की चर्चा है। इसके बाद पांच गांव के किसान को उपजाऊ खेती में फैक्ट्री बैठा कर बेरोजगार करने की षंड़यत्र रचा जा रहा है। लोग को गुमराह कर जमीन लिया जा रहा है।


त्रिलोचन सिंह की अध्यक्षता में गौरडीह पंचायत के भवन में बैठक हुई राधा कृष्ण सिंह मुंडा, सुरेन्द्र सिंह सरदार,मदन सिंह सरदार, चंद्रमोहन सिंह सरदार, विभाग गांव के वासी रहे मौजूद।

दलमा से गजों की पलायन ओर ईचागढ़ में डेरा डालना , वाइल्ड हाथी की झुंड पहुंचे चांडिल डैम जलाशय में जलक्रीड़ा करते देख पर्यटकों ने किया खुशी जाहिर।

दलमा से गजों की पलायन ओर ईचागढ़ में डेरा डालना , वाइल्ड हाथी की झुंड पहुंचे चांडिल डैम जलाशय में जलक्रीड़ा करते देख पर्यटकों ने किया खुशी जाहिर।

सरायकेला/चांडिल

कोल्हान के एक ही मात्र सेंचुरी जो चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के दलमा वन्यजीव आश्रयणी के नाम से जाना जाता । जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक सेंचुरी में भ्रमण करने पहुंचते हे। जहां 193.22 वर्ग क्षेत्र फल में फैले हुए हे । दलमा गज परियोजना से में (गजों) हाथियों की संख्या में कमी आई है, और पिछले पांच साल से इस क्षेत्र में एक भी हाथी नहीं देखा गया है। पश्चिम बंगाल उड़ीसा उड़ीसा आदि राज्यों से गजों की भीषण गर्मी प्रवेश कर जाते परंतु एक दिन बाद हाथी की झुंड सेंचुरी छोड़कर ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र के चारों प्रखंड में डेरा डाला हुआ हे।चार से पांचों दिनों से हाथी की झुंड चांडिल डैम जलाशय पहुंचे और डेरा डाला हुआ हे। चांडिल नौका बिहार करने पहुंचे पर्यटकों की शैलानी ने हाथी की झुंड को जलक्रीड़ा करते देखा कर खुशी जाहिर करते हैं।लोगो का कहना हे हमे पालतू हाथी देखने को मिला था इस तरह वाइल्ड लाइफ की हाथी को नजदीकी से देखना एक अलग ही अनुभव मिला हे।

दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विभाग ने पिछले साल हाथियों की जनगणना की है, जिसमें दलमा में हाथियों की संख्या 89 बताई गई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि हाथी ,गज परियोजना क्षेत्र से दूर हो गए हैं।

हाथियों के मूवमेंट पर वन विभाग का कहना है:- जिले के कई हिस्सों में उत्पात मचा रहे हाथियों में पश्चिम बंगाल से खदेड़े गए हाथियों के साथ ही दलमा छोड़ चुके हाथी भी शामिल हैं।
जिले में उत्पात मचा रहे हाथियों की संख्या लगभग 200 के आसपास है, जिनमें से कुछ हाथी दलमा से पश्चिम दिशा की ओर चांडिल व पटमदा में भी पहुंच गए हैं।

दलमा अभयारण्य की विशेषताएं: दलमा अभयारण्य करीब 193.22 वर्ग किमी में फैला हुआ है, जिसमें से एक हिस्सा पश्चिम बंगाल में आता है।
इस अभयारण्य के बाजू से निकले एनएच-33 के दोनों किनारों पर इको सेंसटिव जोन में सैकड़ों मकान और अन्य निर्माण हैं।

वन विभाग की चिंता: वन विभाग हाथियों के आने का इंतजार कर रही है, और उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास कर रही है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम काम कर रही है ।अब दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में रॉयल बंगाल टाईगर उड़ीसा शिमलिपाल रिजर्व से आए टाईगर अब गज परियोजना में डेरा डाला हुआ हे।

डीएफओ सबा आलम का कहना हे यह बाघ
पलामू रिजर्व सेंटर से भटकते हुए चांडिल होते। पश्चिम बंगाल बादुयान के बाद यह बाघ दलमा सेंचुरी पहुंचे ।ओर तीन माह से डेरा डाले हुए ।दो दिन पूर्व बाघ नीमडीह थाना क्षेत्र के टेंगाडीह विट ओर रैला तनकोचा की तरह बाघ जाने के बाद वापस नहीं लौटे जिसे बन विभाग को चिंता सता रही ।

किया रहा समस्या

आपको बता दूं गजों की झुंड के साथ अब बाघों की डर लगा हुआ हे ।यह बाघ उड़ीसा राज्य शिमलिपाल टाईगर रिजर्व से जंगल की मार्ग होते सरायकेला जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पहुंचे थे।जो तीन माह से सेंचुरी में डारा डाला हुआ ।पांच दिनों से हाथी की झुंड में पांच बेबी हाथी देखा गया ।जो साम ढलते ही पानी पीने ओर जलक्रीड़ा करने पहुंच जाते डैम जलाशय में जहां घंटों भर जलक्रीड़ा करने प्रश्चात झुंड रुआनी गांव की तरफ चले जाते ओर उपद्रव मचाते हे। हाथी की झुंड आतंक रसूलिया पंचायत ,लुपुंगडीह, गुंडा पंचायत ओर तिल्ला पंचायत के दर्जनों के ग्रामीण डरे सहमे रहते हे।भोजन की तलाश में गांव में पहुंच कर उत्पात मचाते हे। जिसे ग्रामीणों ने साम ढलते ही घरों से नहीं निकलता हे। भोजन पानी की तलाश में भटकते हुए हाथी की झुंड दक्षिण पूर्व रेलवे के गुंडा बिहार स्टेशन के रसूनिया कटिंग,ओर वाना कटिंग रेलवे ट्रैक पर पार करते हुए ।देखा जाता जिसे कभी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती हे।पूर्व में रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान कोई हाथी की मौत हो गया ।वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग साथ दक्षिण पूर्वी रेलवे की अनदेखी के कारण आज उक्त जगह में अबतक एलिफेंट कॉरिडोर नहीं बनाया गया । लेकिन एनएच 33 में कोई जगह पर एलिफेंट कॉरिडोर बनाया गया। प्रतिवर्ष वन एंब पर्यावरण विभाग को जंगल ओर वन्य जीवजंतु की सुरक्षा लिए केंद्र सरकार ओर राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया कराया जाता।फिर भी वन्य जीवजंतु पलायन क्यों करते हे।

बिहार स्पंज फैला रही विनाशकारी प्रदूषण,,,,,, प्रदूषण विभाग, कानून और प्रशासन को ताक पर रखकर दबंग बिहार स्पंज कंपनी फैला रही प्रदूषण

बिहार स्पंज फैला रही विनाशकारी प्रदूषण,,,,,, प्रदूषण विभाग, कानून और प्रशासन को ताक पर रखकर दबंग बिहार स्पोंज कंपनी फैला रही प्रदूषण

बिहार स्पंज से निकलने वाले विनाशकारी प्रदूषण के ग्रस्त में पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र

बिहार स्पंज के निकलने वाले जानलेवा प्रदूषण से वन्य क्षेत्र भी प्रभावित।

सरायकेला खरसावां

सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।

सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।

वहीं सूत्रों ने जानकारी दी है की प्रदूषण विभाग, कानून, प्रशासन और सारे नियमों को ताक पर रखकर कंपनी प्रबंधन विनाशकारी प्रदूषण को पूरे चांडिल क्षेत्र में फैला रहे हैं जिससे कि अनबोलता पशु पक्षी, पेड़ पौधे, एवं स्थानीय लोगों साथ ही राहगीरों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है और कई तरह की बीमारियां भी उत्पन्न हो रही है एवं व्यक्ति की आयु भी घटना रही है है।

सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि कंपनी के चिमनियों से निकल रही खतरनाक प्रदूषण कई प्रकार से जहरीले धुंआ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आमजन जीवन का जान माल का खतरा बना हुआ है। आपको बताते चले की बिहार स्पंज कंपनी की दबंगई और दादागिरी इतनी बढ़ गई है कि कानून को भी कुछ नहीं समझ रहे हैं और कंपनियों में से जहरीले प्रदूषण फैल रही है। आपको बताते चले की कई कंपनियां अपनी बिजली बिल बचाने के लिए भी जहरीली प्रदूषण फैल रही है। लगातार फैल रहे प्रदूषण से जीवन अस्त व्यस्त है। ग्रीष्म रितु का आगमन होने वाला है उसे देखते हुए जिले में प्रदूषण फैल रही कंपनियों पर रोकथाम के लिए
विभागीय पदाधिकारी को ध्यान देने की जनहित में आवश्यकता है। अगर समय रहते कंपनी से निकलने वाले विनाश कार्य प्रदूषण को नहीं रोका गया तो वह दिन दूर नहीं जब पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र किसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त होगा ।

प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, निगरानी और जुर्माना, सामुदायिक भागीदारी, जैसे कई उचित कदम उठाए जा सकते हैं।

यह मामला कहीं ना कहीं निश्चित है जांच का विषय है आप देखना यह है की विभागीय पदाधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए इस मामले को संज्ञान में लेते हैं या नहीं या फिर बिहार स्पंज कंपनी इसी तरह लगातार विनाशकारी प्रदूषण फ्लेट रहेंगे और आम जनमानस की सेहत के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे।   
विशेष अगले अंकों …….

एन डी आर एफ के कर्मी ने अपदा में घरेलु समान एवं मानवीय प्रक्रिया की जानकारी दी। , उपकेंद्र ले जाने की प्रक्रिया पर बल दिया।

एन डी आर एफ के कर्मी ने अपदा में घरेलु समान एवं मानवीय प्रक्रिया की जानकारी दी। , उपकेंद्र ले जाने की प्रक्रिया पर बल दिया।

चांडिल

एन डी आर एफ कर्मी ने नीमडीह प्रखंड परिसर में विपत्ति के समय घर में आसपास के लोगों को,आपदा के समय अपने आप को बचने और मानवीय प्रक्रिया से लोग को बचाने की प्रक्रिया पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुआ।9बीएन एन डीआर एफ टीम ने सुरक्षा की उपायों की जानकारी दी। गृह मंत्रालय भारत सरकार विहटा पटना के कर्मी,उत्तम कुमार,एस आइ विशाल कुमार जसवाल ने रक्तचाप, दुर्घटना,सांप काटने,बाढ़,फ्लड ,की स्थिति पर घरेलु सामाग्री से को इस्तेमाल कर स्वास्थ्य केन्द्र लेने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर नीमडीह प्रखंड के बीडीओ कुमार एस अभिनव , प्रखंड अंचल कर्मी उपस्थित थे।

चांडिल स्टेशन पर रेलवे ट्रेड यूनियन की नजारा देखा गया। स्टेशन पर ट्रेड युनियन की पोस्टर देखा गया।

चांडिल स्टेशन पर रेलवे ट्रेड यूनियन की नजारा देखा गया। स्टेशन पर ट्रेड युनियन की पोस्टर देखा गया।

चांडिल

आद्रा रेल मंडल के अधीन कुल छह रेलवे ट्रेड यूनियन के उम्मीदवार है। मतदाता संख्या कुल 13366 है। बुथ केन्द्र 18 है। मेन्स कांग्रेस 2013 साल में चुनाव हुआ था। मेन्स युनियन कांग्रेस के माल्लय बनर्जी ने जानकारी दी।सारे जोन में ट्रेंड युनियन होना चाहिए। बीजेपी के शासन काल में स्थागित था। रेलवे ट्रेड यूनियन का पुनःचुनाव 2024 हो रही है।। ट्रेड यूनियन के सदस्य का कहना है की रेलवे कर्मी को पुराने पेंशन लागु किया जाए, चांडिल रेल स्टेशन पर बुथ 16/18 बनया गया है। मतदाता का कहना है की चांडिल स्टेशन पर मतदान तिथि 4,5, नवम्बर 2024 को होगा। रेलवे फाटक में ट्रेंड युनियन का पोस्टर देखा गया।


For kind attention of all POs.
Name & Cell Nos. Of GSs of contesting TUs.
GS/DPRMS ,BALWANT SINGH.
GS/SERMC ,S.R.MISHRA. GS/SERMTMC A.ROY CHOWDHURY4. GS/SERMU ,ASISH MUKHERJEE5. GS/SERMZU,S. BAGCHI, GS/SRBKU,
L.R.MURMU

दिवंगत पत्रकार सुदेश कुमार के श्राद्ध क्रम मे शामिल हुए विधायक सविता महतो

दिवंगत पत्रकार सुदेश कुमार के श्राद्ध क्रम मे शामिल हुए विधायक सविता महतो

सरायकेला/चांडिल

मालखान माहतो

चांडिल के दिवंगत पत्रकार सुदेश कुमार के श्राद्ध क्रम मे शुक्रवार को ईचागढ की विधायक सविता महतो शामिल हुए। इस दौरान विधायक नें दिवंगत पत्रकार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। साथ ही विधायक नें दिवंगत पत्रकार के दोनों बेटे कि पढ़ाई में हर संभव मदद करने का भी आश्वासन दिया। विधायक नें कहा सुदेश कुमार के असमय चले जाने से पत्रकार जगत में बड़ी क्षति हुई है। मौके पर झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलु महतो, परमानंद पसारी, आदि परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

हृदय विदारक: वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार सिंह पंचतत्व में हुए विलन।

हृदय विदारक: वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार सिंह पंचतत्व में हुए विलन।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल रविवार की सुबह का सवेरा दुख की एक गहरी खबर लेकर आया। वनांचल 24 TV लाइव न्यूज़ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। तड़के सुबह करीब ढाई बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जो उनके जीवन का अंतिम पड़ाव साबित हुआ।दिल का दौरा पड़ने पर इलाज के लिए जमशेदपुर टाटा मोटर्स हॉस्पिटल ले जाया गया ,डॉक्टर ने जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया.

प्रेस क्लब सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और जिला प्रशासन से पत्रकार के परिवार को स्थाई सहयोग की मांग की है।

सुदेश कुमार की जीवंत लेखनी

सुदेश जी पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सच्चाई, साहस और निर्भीकता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा समाज की समस्याओं को उठाने और जनता की आवाज बनने का काम किया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत ने एक सच्चे प्रहरी को खो दिया है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनकी आंखों में इस वक्त सिर्फ अश्रुओं का सैलाब है। उनका अंतिम संस्कार बामनी नदी के मुक्ति धाम में किया गया .

पत्रकार समाज के लिए अपूर्णीय क्षति


यह क्षति केवल उनके परिवार की नहीं है, बल्कि समाज और पत्रकारिता जगत के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। सुदेश कुमार सिंह का जाना हमें यह याद दिलाता है कि हमारे बीच से एक ऐसा दीपक बुझ गया, जिसने अपने प्रकाश से अंधेरों को रोशन किया था। सुदेश जी, आप हमेशा हमारी यादों और दिलों में जिंदा रहेंगे। शोकाकुल परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति दें।

वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार की हर्ट अटैक से हुई मौत, प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां ने जताई संवेदना

वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार की हर्ट अटैक से हुई मौत, प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां ने जताई संवेदना

सरायकेला/चांडिल

वनांचल 24 लाइव मीडिया संस्थान का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सुदेश कुमार की शनिवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई है। सुदेश कुमार की मौत से पत्रकारिता जगत में शोक के लहर दौड़ पड़ी है आपको बताते चले की करीब दो दशक तक आंचलिक पत्रकारिता की धूरी रहे सुदेश ने कई छोटे बड़े मीडिया संस्थानों में अपनी सेवा दी है वहीं वर्तमान में सुदेश कुमार वनांचल 24 लाइव मीडिया संस्थान का संचालन कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर 2:00 बजे चांडिल के बामनी नदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

वहीं पत्रकार सुदेश महतो के निधन पर प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां संगठन के सभी पत्रकारों ने गहरी संवेदना प्रकट की है।

बताया जा रहा है कि दिवंगत पत्रकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. वे पिछले कुछ दिनों से तनाव के दौर से गुजर रहे थे.

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फैला रही विनाशकारी प्रदूषण

सरायकेला/चांडिल

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निकलने वाले धुएं की चपेट में पुरा चांडिल क्षेत्र

कंपनी से निकलने वाले धुएं से जन जीवन अस्त व्यस्त

वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी

सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निरंतर निकलने वाले जहरीले प्रदूषण से वातावरण दूषित हो रहा है. पेड़ पौधे पशु पक्षी तथा आम जनमानस की जान खतरे मे है।

फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। उद्योगपति सभी नियम एवं कानून को ताक पर रखकर पर्यावरण को दूषित कर रहे है। वहीं लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा लगातार जहरीले प्रदूषण छोड़ने की वजह से कई पशु पक्षियों की मौत हो गई पर्यावरण को काफी नुकसान भी हुआ। बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी की दादागिरी मनमानी की वजह से आमजनमानस का भी जान माल का खतरा बना हुआ है। इस तरह की कंपनियों पर अंकुश लगाने में प्रदूषण विभाग डर से मौन धारण किए हुए हैं।

आपको बताते चलें कि वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की जहरीले प्रदूषण की जानकारी पॉल्यूशन विभाग को देने के बावजूद भी पॉल्यूशन विभाग के तरफ से कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रहा है और बिहार स्पोंज आयरन लिमिटेड कंपनी राक्षसी सुरशा: की मुंह की तरह दिन प्रतिदिन अपनी निजी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए जहरीले जानलेवा काला धुआं अपनी चिमनी से फेंक रही है जो की राह चलते हुए आम जनमानस को आए दिन नजर आएगी।

पर्यावरण प्रेमियों सहित आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि वायुमंडल हमारे स्वास्थ्य को सर्वाधिक प्रभावित करता है और जब यह पर्यावरण ही प्रदूषित हो जाए तो आप कल्पना कर सकते हैं की हम कितने स्वस्थ्य हैं।

वहीं वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के आसपास बसे हुए गरीब लोगों का कहना है कि ऐसी कंपनियों पर सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए साथ ही इनका लाइसेंस को रद्द कर सलाखों के पीछे भेज देना ही उचित होगा।

वहीं वनराज स्टील प्राइवेट कंपनी जहरीली धुएं को पर्यावरण में फैलाकर कानून का उल्लंघन करते हुए खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कंपनी में कार्यरत काफी मजदूरों का शोषण भी किया जा रहा है।
लेबर सुपरीटेंडेंट , फैक्ट्री इंस्पेक्टर तथा प्रोविडेंट फंड कमिश्नर को भी जनहित में ध्यान देने की आवश्यकता है । वही कंपनी में कार्यरत काफी संख्या में मजदूरों ने शोषण होने से बचने के लिए दबी और सहमी आवाज में सरकार से गुहार लगाई है।

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