सम्मान समारोह में सम्मानित होने पर श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार।

सम्मान समारोह में सम्मानित होने पर श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार।

जमशेदपुर

श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर को सम्मानित किए जाने पर परिषद की ओर से समिति के प्रति आभार व्यक्त किया गया। परिषद ने कहा कि समाज एवं राष्ट्रहित में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले लोगों और संगठनों को सम्मानित करना निश्चित रूप से प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन सामाजिक सहभागिता, आपसी सहयोग और सेवा भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

परिषद की ओर से कहा गया कि श्री श्री गणेश पूजा समिति द्वारा जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ समारोह का आयोजन किया गया, वह सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला है। समिति द्वारा प्रदान किया गया स्नेह, सम्मान और सहयोग पूर्व सैनिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर कौशल जी एवं श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। परिषद ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल में देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा सेवानिवृत्ति के बाद भी समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास जारी रखते हैं। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनके प्रयासों को सम्मानित करना उनका उत्साह बढ़ाता है।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से श्री श्री गणेश पूजा समिति, गम्हरिया के सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। परिषद ने भगवान श्री गणेश से कामना की कि समिति निरंतर धार्मिक, सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रहे तथा समाज में एकता, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना को और मजबूत करे।

इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड की ओर से सिद्धनाथ सिंह, युद्धवीर मानिक वर्धा, हवलदार जसवीर सिंह, अवधेश कुमार, राजीव कुमार, अनिल कुमार सिन्हा, गौतम लाल, संजय सिंह, मनोज कुमार सिंह, राम भजन राम, निर्मल कुमार, रमेश प्रसाद, नजीत झा एवं शैलेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों ने श्री श्री गणेश पूजा समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

चोटील पैर के साथ 175 किलो का दम, जमशेदपुर की स्नेहा ने विश्व मंच पर लहराया परचम।

चोटील पैर के साथ 175 किलो का दम, जमशेदपुर की स्नेहा ने विश्व मंच पर लहराया परचम।

जमशेदपुर

हौसले के आगे चोट भी छोटी पड़ गई. जमशेदपुर की 26 वर्षीय पावरलिफ्टर स्नेहा कुमारी ने दाएं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद किर्गिस्तान में कमाल कर दिया।

8 से 11 सितंबर तक चली 13वीं वर्ल्ड स्ट्रेंथलिफ्टिंग और इंक्लाइन बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 में स्नेहा ने 58 किलो वेट कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व किया और दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए.

स्ट्रेंथलिफ्टिंग इवेंट में उन्होंने 175 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया. इस लिफ्ट के साथ वह इस चैंपियनशिप की सबसे मजबूत महिला एथलीट भी बनीं. इसके बाद इंक्लाइन बेंच प्रेस में 60 किलोग्राम उठाकर उन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक जीता.

खास बात यह है कि प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही अभ्यास के दौरान उनके दाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया था. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और मैदान में उतरने का फैसला किया.

इस टूर्नामेंट में मेजबान किर्गिस्तान के साथ कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका सहित कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था.

मानगो के गौर बस्ती कृष्णानगर निवासी स्नेहा इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड और देश का नाम रोशन कर चुकी हैं. उनके पिता कामेश्वर ठाकुर बिजनेसमैन हैं और मां चंचला देवी हाउसवाइफ हैं. उन्होंने तमुलिया स्थित गोविंद विद्यालय से पढ़ाई की है और फिलहाल नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय से फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं.

मिर्जाडीह में शिक्षा सशक्तिकरण कार्यक्रम, 250 बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण।

मिर्जाडीह में शिक्षा सशक्तिकरण कार्यक्रम, 250 बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण।

जमशेदपुर/बोड़ाम

एसटीपी (बर्जर ग्रुप ऑफ कंपनीज) की ओर से बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह स्थित मध्य विद्यालय में एक शिक्षा सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

इस दौरान विद्यालय के 250 छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग, कॉपी, टिफिन बॉक्स, पेंसिल बॉक्स, वॉटर बोतल, कलर बॉक्स, रबर, शार्पनर, ज्योमेट्री बॉक्स, स्केल समेत कई जरूरी शैक्षणिक सामग्रियां बांटी गईं। नई सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।

कार्यक्रम में एसटीपी (बर्जर ग्रुप ऑफ कंपनीज) के एचआर हेड प्रणब भूटे, उत्तम कुमार दत्ता तथा ऑप्टिस्टोन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शुभंकर चक्रवर्ती के साथ अनिमेष, रोबिन, सिला, माधुरी और दूलहन मौजूद रहे।

इस मौके पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए मन लगाकर पढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी मजबूत होती है।

कार्यक्रम का संचालन संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष मुनमुन चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

टाटा स्टील कर्मचारियों को बोनस: मेहनत की कमाई को भविष्य की मजबूती बनाएं।

टाटा स्टील कर्मचारियों को बोनस: मेहनत की कमाई को भविष्य की मजबूती बनाएं।

जमशेदपुर

टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए इस वर्ष बोनस को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच बोनस समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष कर्मचारियों को कुल लगभग 330 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा।

पिछले वर्ष कर्मचारियों को लगभग 303.13 करोड़ रुपये का बोनस मिला था। इसमें जमशेदपुर के 11,466 कर्मचारियों के बीच 152.44 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। इस वर्ष पुराने फार्मूले के आधार पर बोनस देने पर सहमति बनी है और अंतिम समझौता प्रबंधन एवं यूनियन के बीच सर्वसम्मति से हुआ है।

विगत दो दिन पहले ही टाटा वर्कर्स यूनियन एवं टाटा स्टील प्रबंधन के बीच बोनस के संबंध में अंतिम निर्णय लिया गया है, जो सभी के लिए सर्वमान्य है। समझौते के अनुसार लगभग 330 करोड़ रुपये की बोनस राशि एक सप्ताह के भीतर कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

इस सफल एवं सौहार्दपूर्ण वार्ता के लिए टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील प्रबंधन को विशेष रूप से बधाई। साथ ही, टाटा स्टील के प्रबुद्ध निदेशक मंडल एवं नेतृत्व को भी इस सकारात्मक निर्णय के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

अनुमान के अनुसार, इस वर्ष कर्मचारियों को अधिकतम लगभग 4.25 लाख रुपये तथा न्यूनतम करीब 52 हजार रुपये तक बोनस मिल सकता है। हालांकि प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसके वेतन, सेवा अवधि तथा निर्धारित फार्मूले के आधार पर तय होगी।

बोनस कर्मचारियों की वर्षभर की मेहनत और कंपनी की प्रगति में उनके योगदान का सम्मान है। इसलिए मेरा सभी टाटा स्टील कर्मचारियों से विशेष आग्रह है कि बोनस की पूरी राशि को अचानक खरीदारी, दिखावे या गैर-जरूरी खर्चों में समाप्त न करें।

बोनस प्राप्त होने पर सबसे पहले अपने परिवार की आवश्यकताओं और आर्थिक जिम्मेदारियों का आकलन करें। यदि कोई कर्ज या जरूरी भुगतान लंबित है, तो उसे प्राथमिकता दें। इसके बाद बोनस की एक अच्छी राशि को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने अथवा उचित निवेश करने पर विचार करें।

बच्चों की शिक्षा, उनके भविष्य, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, घर की जरूरतों तथा आकस्मिक परिस्थितियों के लिए आपातकालीन निधि तैयार करना एक समझदारी भरा कदम होगा। अपनी उम्र, आय, आर्थिक स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार सावधि जमा, सार्वजनिक भविष्य निधि, व्यवस्थित निवेश योजना, म्यूचुअल फंड अथवा अन्य उपयुक्त निवेश विकल्पों पर किसी योग्य वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेकर विचार किया जा सकता है।

बोनस का कुछ हिस्सा परिवार के साथ खुशी मनाने में खर्च करना स्वाभाविक और उचित है। आखिर यह वर्षभर की मेहनत का फल है। लेकिन पूरी राशि को तुरंत खर्च कर देना आर्थिक दृष्टि से समझदारी नहीं होगी। बोनस की वास्तविक सफलता तभी है, जब इससे आज की खुशी के साथ-साथ आने वाले कल की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

टाटा स्टील के कर्मचारियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से कंपनी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब इस मेहनत से प्राप्त बोनस को सही तरीके से बचत, निवेश और भविष्य की सुरक्षा में लगाकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

“बोनस आज मिला है, लेकिन इसका लाभ आने वाले कई वर्षों तक मिले यही सही आर्थिक सोच है।”

ए. के. श्रीवास्तव
अध्यक्ष, जमशेदपुर सिटीजन फोरम
उद्यमी एवं परामर्शी

सीएसआईआर-जिज्ञासा: एनएमएल के भ्रमण पर पहुंचे लोयोला स्कूल के 83 विद्यार्थी, वैज्ञानिकों से किया संवाद।

सीएसआईआर-जिज्ञासा: एनएमएल के भ्रमण पर पहुंचे लोयोला स्कूल के 83 विद्यार्थी, वैज्ञानिकों से किया संवाद।

जमशेदपुर

सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल के अंतर्गत लोयोला स्कूल, बिष्टुपुर के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि जागृत करना था।

इस कार्यक्रम में 83 विद्यार्थियों (49 लड़के एवं 34 लड़कियाँ) तथा 3 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. शिवप्रसाद, वरिष्ठतम मुख्य वैज्ञानिक एवं प्रमुख, एमटीई प्रभाग के संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराया तथा प्रयोगशाला में अनुसंधान से लेकर प्रौद्योगिकी विकास तक की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार उद्योगों एवं समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप नई सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान देता है।

प्रतिभागियों का स्वागत डॉ. के. गोपाला कृष्णा, वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख, आईएमडीसी प्रभाग ने किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के इस्पात एवं मिश्रधातुओं तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किसी विशेष उपयोग के लिए सामग्री का चयन उसके गुणों के आधार पर किया जाता है। साथ ही, उन्होंने राइट बंधुओं के नवाचार का उल्लेख करते हुए बताया कि वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं उपयुक्त सामग्रियों की भूमिका तकनीकी प्रगति में कितनी महत्वपूर्ण होती है।

इसके पश्चात डॉ. अनिमेष जना, वैज्ञानिक-ई एवं जिज्ञासा कार्यक्रम प्रमुख ने एक इंटरैक्टिव प्रस्तुति के माध्यम से सीएसआईआर-जिज्ञासा कार्यक्रम का परिचय दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टेम क्लब सहित सीएसआईआर द्वारा संचालित विभिन्न छात्र-केंद्रित पहलों एवं अवसरों की जानकारी दी, जिनका लाभ उठाकर विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी रुचि को और विकसित कर सकते हैं।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण प्रयोगशालाओं का भ्रमण था, जहाँ विद्यार्थियों ने सिगरइइपि, एएसी, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, एनडीटी तथा मेल्टिंग डेमोंस्ट्रेशन सुविधाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को डीआईविई किट तथा जल-विभाजन प्रयोग का भी प्रदर्शन दिखाया गया। कार्यक्रम का समापन एक रोचक प्रश्नोत्तरी (क्विज़) के साथ हुआ। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद तथा प्रयोगशाला गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के अवसर की सराहना की।

रक्षाबंधन पर जमशेदपुर में दिखा अनोखा संगम: छात्राओं ने एसएसपी को बांधी राखी, पुलिस को बताया अपना रक्षक।

रक्षाबंधन पर जमशेदपुर में दिखा अनोखा संगम: छात्राओं ने एसएसपी को बांधी राखी, पुलिस को बताया अपना रक्षक।

पूर्वी सिंहभूम/जमशेदपुर

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस कार्यालय में स्नेह, सम्मान और विश्वास का एक भावुक दृश्य देखने को मिला। वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर डॉ. ऐहतेशाम वकारिब के कार्यालय कक्ष में स्कूली छात्राओं ने उन्हें राखी बांधकर रक्षा, विश्वास और सम्मान का यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।

पुलिस में देखा बड़े भाई का रूप

इस अवसर पर छात्राओं ने वरीय पुलिस अधीक्षक की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए उन्हें न केवल अपना बड़ा भाई माना, बल्कि समाज के सच्चे रक्षक के रूप में सम्मान व्यक्त किया। छात्राओं ने कहा कि जिस तरह एक भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी तरह जमशेदपुर पुलिस दिन-रात आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में तत्पर रहती है। इसलिए इस बार उन्होंने अपने रक्षक के रूप में पुलिस को राखी बांधने का निर्णय लिया। छात्राओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा समाज में सुरक्षा, शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की दिल से सराहना भी की।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? – इसका महत्व

रक्षाबंधन केवल एक धागे का त्योहार नहीं है, यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और कर्तव्य का प्रतीक है। ‘रक्षा’ का अर्थ है सुरक्षा और ‘बंधन’ का अर्थ है बंधन। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है, वहीं भाई जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

पौराणिक मान्यताओं में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण को राखी बांधना और रानी कर्णावती द्वारा हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा की गुहार लगाना इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। आज के आधुनिक युग में इस पर्व का दायरा और भी व्यापक हो गया है – यह केवल खून के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर बन गया है।

एसएसपी ने दिया सुरक्षा और शिक्षा का संदेश

वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने सभी छात्राओं को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सुरक्षा, सम्मान एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है।”

उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सदैव निर्भीक होकर आगे बढ़ें, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जमशेदपुर पुलिस हर बेटी, हर बहन की सुरक्षा के लिए 24×7 तत्पर है।

इस भावुक अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा छात्राओं को आशीर्वाद, मिठाईयां और उपहार प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल, सुरक्षित एवं सफल भविष्य की मंगलकामना की गई। पूरा माहौल खुशी और आत्मीयता से भर गया, जहाँ वर्दी और स्कूली यूनिफॉर्म के बीच भाई-बहन का पवित्र रिश्ता और भी गहरा हो गया।

कुड़मि समाज की पहचान, धर्म एवं कुड़मालि भाषा की राष्ट्रीय मान्यता की मांग।

कुड़मि समाज की पहचान, धर्म एवं कुड़मालि भाषा की राष्ट्रीय मान्यता की मांग।

जमशेदपुर

आदिवासी कुड़मि समाज के मूलखूॅंटी मूलमानता (संरक्षक) अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में कुड़मि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जातीय पहचान, पारंपरिक धर्म एवं कुड़मालि भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की मांग को लेकर 6 अगस्त 2026 को भारत सरकार, नई दिल्ली में रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के समक्ष मांग-पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, आदिवासी कुड़मि समाज के अध्यक्ष शशांक शेखर महतो सहित समाज के अनेक प्रतिनिधि मंडल उपस्थित रहे।

मांग पत्र में आगामी जनगणना में कुड़मि समाज की जातीय पहचान एवं मातृभाषा का स्पष्ट एवं पृथक अंकन, पारंपरिक “प्रकृति धर्म अर्थात सारना कुड़मि धर्म” की मान्यता तथा कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कुड़मि समाज की मांग केवल पहचान का प्रश्न नहीं, बल्कि उसकी भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय है। समाज ने केंद्र सरकार से इन मांगों पर संवेदनशीलता पूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्ति की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अगस्त को गृह मंत्रालय की ओर से आश्वासन दिया गया कि वर्तमान संसद सत्र की व्यस्तताओं के कारण गृह मंत्री अमित शाह शीघ्र ही आदिवासी कुड़मि समाज के मुलखूॅंटी मूलमानता (संरक्षक) अजीत प्रसाद महतो तथा सांसद विद्युत वरण महतो, चंद्र प्रकाश चौधरी, ज्योतिर्मय सिंह महतो एवं खीरू महतो सहित अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में कुड़मि समाज की मांगों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की बात कही गई है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी शामिल होने की संभावना व्यक्त की है।
इस आश्वासन से कुड़मि समाज में अपनी भाषा, धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अधिकारों को लेकर सकारात्मक उम्मीद जगी है।

इस अवसर पर  कृष्ण पद महतो, प्रेमचॉंद महतो, कमलेश महतो, अनंत महतो, वनमाली महतो एवं राधानाथ महतो सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

66 दिन में ही DTO का तबादला, क्या ली गई चुनाव आयोग से अनुमति?

66 दिन में ही DTO का तबादला, क्या ली गई चुनाव आयोग से अनुमति?

जमशेदपुर

पूर्वी सिंहभूम के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) दिलीप कुमार का महज 66 दिनों के अंदर तबादला कर दिया गया है, जिसने प्रशासनिक और सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR-2026 के तहत जिला निर्वाचन शाखा द्वारा DTO दिलीप कुमार को विधानसभा क्षेत्र-47, जमशेदपुर पश्चिम का सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) नियुक्त किया गया था। आदेश के मुताबिक उन्हें 30 जून से 29 जुलाई तक गणना प्रपत्रों का वितरण-संग्रहण, 30 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति का सत्यापन और 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक SIR से जुड़े सभी चुनावी कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना था।

इसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बीच राज्य सरकार द्वारा उनके तबादले का आदेश जारी होना कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि जब कोई अधिकारी निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनावी ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त हो, तो उस अवधि में उसका स्थानांतरण नियमतः चुनाव आयोग की अनुमति के बिना नहीं हो सकता।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार ने तबादले से पहले आयोग से सहमति ली थी, या आयोग के निर्देशों को दरकिनार किया गया है? फिलहाल सभी की निगाहें जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।

इंडियन ट्रेड लिंक्स ने किए मासिक संयुक्त बैठक (सेफ्टी मास मीटिंग) का आयोजन।

इंडियन ट्रेड लिंक्स ने किए मासिक संयुक्त बैठक (सेफ्टी मास मीटिंग) का आयोजन।

जमशेदपुर

इंडियन ट्रेड लिंक्स ने गुरुवार को जमशेदपुर में टाटा स्टील लिमिटेड परिसर के स्कैफोल्डर कॉन्ट्रैक्टर्स पार्क में सुरक्षा पर केंद्रित एक संयुक्त बैठक आयोजित की। इस बैठक में लवदीप और विनोद पाण्डेय विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

बैठक में मुख्य रूप से शॉप फ्लोर पर कॉन्ट्रैक्ट वर्करों की सुरक्षा को बेहतर बनाने और सुरक्षा से जुड़ी पहलों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। सेफ्टी ऑफिसर सरफराज और नीरज ने बैठक का एजेंडा बताया और स्कैफोल्डर्स के सुरक्षा प्रदर्शन और नई पहलों के असर के बारे में जानकारी दी। विनोद पाण्डेय और लब्दीप ने कंपनी में हाल ही में हुई गंभीर दुर्घटनाओं का ज़िक्र किया और ‘ज़ीरो हार्म’ अभियान में कॉन्ट्रैक्ट वर्करों और वेंडरों की सक्रिय भागीदारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कर्मचारियों को सुरक्षा से जुड़े नैतिक मुद्दों पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया। कंपनी के मैनेजर लवदीप और विनोद ने अब तक के बेहतरीन सुरक्षा प्रदर्शन और कर्मचारियों की प्रभावी कार्यों के लिए की तारीफ़ भी की।

साथ ही उन्होंने वर्करों की चिंताओं को सुना और उनके सुझावों का स्वागत किया। इसके अलावा, महीने के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को तोहफ़े देकर सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वालों में सुपरवाइज़र मुकेश कुमार शर्मा, स्कैफोल्डर राज कुमार कैवर्ता,कलोल रॉय,बबलू महतो,ड्राइवर रोशन महतो के साथ साथ (सभी कार्यों को बेहतर तरीके से करने के लिए) एडमिन भी शामिल थे।

दुखद निधन: पत्रकार गणेश प्रसाद के छोटे भाई की पत्नी का स्वर्गवास।

दुखद निधन: पत्रकार गणेश प्रसाद के छोटे भाई की पत्नी का स्वर्गवास।

जमशेदपुर/मुसाबनी

अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि वरिष्ठ पत्रकार गणेश प्रसाद जी के छोटे भाई की धर्मपत्नी का स्वर्गवास हो गया है।

उनके निधन से परिवार सहित पूरे पत्रकार जगत में शोक की लहर है। वह एक सरल, सौम्य और मिलनसार स्वभाव की महिला थीं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

झारखंड क्षत्रिय संघ के सभी इकाइयों के अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।

An important meeting of the presidents of all the units of Jharkhand Kshatriya Sangh was organized.

जमशेदपुर/साकची

शुक्रवार को झारखंड क्षत्रिय संघ के सभी इकाइयों के अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक साकची इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसमें झारखंड क्षत्रिय संघ के द्वारा जन कल्याण के कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई जैसे ज़रूरतमन्द परिवार की बेटी का विवाह करना, सावन में कांवरियों की सेवा, रक्त दान का आयोजन करना आदि विषयों पर चर्चा हुई।

वहीं इस बैठक में इस बैठक विभिन्न इकाई के अध्यक्ष बी. बी. सिंह, राम चंद्र सिंह, बच्चा सिंह, संजय सिंह उर्फ़ बबलू, रमेश कुमार सिंह, बिनोद कुमार सिंह, जितेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, अवध बिहारी सिंह, अशोक सिंह, ऐ पी सिंहा, रंजीत कुमार सिंह, संजय सिंह हितैषी, आर पी सिंह, अमित कुमार सिंह। केंदीय महासचिव प्रमोद सिंह जी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

डीडी बार हत्याकांड: तीन और आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद।

डीडी बार हत्याकांड: तीन और आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद।

जमशेदपुर/बिष्टुपुर

शहर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बिष्टुपुर थाना पुलिस ने मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कई घातक हथियार, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मुख्य अभियुक्तों को फरार कराने, हथियार छिपाने और साक्ष्य मिटाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

जानकारी के अनुसार, बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026 के तहत दर्ज इस मामले में 27 जून की रात डीडी बार के भीतर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा और उसके साथियों ने हमला किया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इससे पहले इस मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

ताजा कार्रवाई में पुलिस ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद, लखिन्द्र लोहार और जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि जगदीश मंडल ने मुख्य आरोपियों को फरार होने में मदद की, हत्या में प्रयुक्त हथियारों को छिपाने और वाहन उपलब्ध कराने में भी उसकी भूमिका रही।

गिरफ्तार आरोपियों और विधि-विरुद्ध बालक की निशानदेही पर पुलिस ने एक लोहे का चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली, बड़ा चाकू, आठ लोहे के पंच, स्टील की गुप्ती, एक हीरो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस बरामद सामान को मामले के अहम साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल कर रही है।

जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारीब ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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