बालू माफिया के तांडव से त्राहिमाम करती सरायकेला की जनता

बालू माफिया के तांडव से त्राहिमाम करती सरायकेला की जनता

बालू की अवैध कारोबार से लाखों करोड़ों  रुपए राजस्व का हो रहा नुकसान।

इचागढ़ थाना अंतर्गत बालू माफिया का तांडव

फिलहाल खनन विभाग ने  कार्रवाई करते हुए दो ओवरलोडेड गाड़ियों को किया जब्त।

सरायकेला खरसावां

जिला खनन पदाधिकारी के लाख प्रयास के बावजूद भी बालू माफिया अपनी हरकतों से बाज आने का का नाम नहीं ले रहे हैं। सीधे लफ्जों में कहा जाए तो जिला खनन पदाधिकारी बालु के अवैध कारोबार को रोकने का जी तोड़ प्रयास कर रहे हैं  लेकिन बालू माफिया रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं यह युद्ध में आम जनता है परेशान। एक तरह से कहा जाए तो जिला खनन पदाधिकारी जिला खनन विभाग और बालू माफिया दोनों के बीच महाभारत छिड़ी हुई है और यह महाभारत काफी लंबे समय से चलती आ रही है लेकिन इसका कोई परिणाम नजर नहीं आ रहा। आखिर यह बालू माफिया और खनन पदाधिकारी दोनों के बीच चल रही महाभारत में आखिर जीत किसकी होगी यह जनता जानना चाहती है। वहीं परेशान आम जनता का कहना है कि आखिर कब मिलेगी निजात और कब मिलेगी सुख चैन की नींद गाड़ियों की आवागम के शोर शराबे से जनता परेशान है

राजस्व का हो रहा है भारी नुकसान।


बालू माफिया और खनन विभाग खनन पदाधिकारी इन दोनों की महाभारत का निष्कर्ष निकाल नहीं रहा लेकिन बालों माफिया के तांडव और अवैध बालू की निकासी से राजस्व का लाखों करोड़ों रुपया का नुकसान होता साफ-साफ दिख रहा है।

सरायकेला खरसावां जिले के खनन विभाग ने  कार्रवाई करते हुए दो ओवरलोडेड गाड़ियों को किया जब्त। यह गाड़िंयाँ ओवरलोड के साथ चल रही थीं, जो परिवहन नियम के विरुद्ध है। कार्रवाई कांड्रा थाना और ईचागढ़ थाना क्षेत्र में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपति के निर्देश पर जिला खनन निरीक्षक समीर ओझा द्वारा की गई, जहां इन गाड़ियों को पकड़ा गया। खनन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इन गाड़ियों को जब्त किया और संबंधित थाना के हवाले कर दिया।

विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगेंगे। इसके अलावा, यह कार्रवाई उन खनन माफियाओं को चेतावनी देने का काम करेगी जो नियमों का उल्लंघन करते हुए खनन का कारोबार कर रहे हैं।

सरकार की जनकल्याणकारी योजना से आदिवासी महिला वंचित,बैंक मैनेजर कर रहे मनमानी

सरकार की जनकल्याणकारी योजना से आदिवासी महिला वंचित,बैंक मैनेजर कर रहे मनमानी

सरायकेला/कांड्रा

भरत सिंह की रिपोर्ट

लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, चुनाव से पहले हर एक प्रत्याशी ने आदिवासी का मुद्दा उठाया और आदिवासी के हित में कार्य करने की बात कही और आदिवासी के मुद्दे पर वोट वटोरने का काम किया और कहीं ना कहीं झारखंड में प्रत्याशियों ने जीत हासिल करने के लिए आदिवासियों को बड़ा मुद्दा बनाया। लेकिन सरकार द्वारा जनहित में निर्गत की गई पीएमईजीपी ऋण योजना का लाभ एक आदिवासी महिला को नहीं मिल पा रही है और आदिवासी महिला बैंक के चक्कर लगाते हुए काफी परेशान दिखाई दे रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर द्वारा एक आदिवासी लाभुक को पीएमईजीपी ऋण देने के नाम पर दिग्भ्रमित कर हरासमेंट किया जा रहा है जो कि कहीं ना कहीं अपराध का ही एक अंग है। और यह किसी भी सूरत में उचित नहीं है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर के खिलाफ कई बातें सामने आ रही है। आपको बताते चले कि बैंक ऑफ़ इंडिया कांड्रा ब्रांच में एक आदिवासी महिला द्वारा सभी उपर्युक्त दस्तावेज  उपलब्ध कराने के बावजूद बैंक मैनेजर द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए PMEGP लोन को कैंसिल कर दिया जाता हैं।

वहीं आदिवासी महिला ने पत्रकार को बताया कि बैंक मैनेजर  की गाइडलाइंस पर हम पीएमईजीपी लोन ले कर व्यापार कर परिवार का भरण पोषण कर बैंक का ऋण चुकाना चाहते थे और अपने पैर पर खड़ा हो स्वालंबी बनना चाहते थे। बैंक ऑफ़ इंडिया कांड्रा ब्रांच के मैनेजर साहब के गाइडलाइंस पर मैंने प्रोजेक्ट रिपोर्ट बैलेंस शीट एवं इनकम टैक्स रिटर्न भी भरा साथी ही मुझे अन्य कई कागजातों की तैयारी करने में काफी पैसे खर्च हो गए,अंत में बैंक के काफी चक्कर लगाने के पश्चात बैंक मैनेजर द्वारा दो टूक शब्दों में कह दिया जाता है कि बैंक में स्टाफ की कमी होने के कारण हम लोन देने में असमर्थ हैं।

वहीं इस बात की जानकारी जिले के एलडीएम को भी थी ।

सुत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां के एलडीएम ने भी बैंक मैनेजर से कहा कि अगर प्रपोजल सही है और सभी गाइडलाइंस के अनुकूल है तो लोन देने में कोई खराबी नहीं है। ब्रांच मैनेजर ने एलडीएम की बात को नकारते हुए जनहित में अपनी गैर जिम्मेदाराना हरकतों से असंवैधानिक रूप से लोन को कैंसिल करते हुए आदिवासी महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए अपनी मनमानी कर ब्रांच मैनेजर ने कहा आपका लोन आपको नहीं मिल सकता है।

अब बात जनहित में आती है कि क्या बैंक में स्टाफ की कमी से बैंक का कारोबार नहीं चल पाएगा ? क्या यही नियम सभी बैंकों के लिए लागू है ? क्या आरबीआई का गाइडलाइंस यही है ? क्या सेबी का गाइडलाइंस यही है?
अगर नहीं तो बैंक ऑफ इंडिया कांड्रा ब्रांच मैनेजर की मनमानी जनहित में कहा तक उचित है ? क्या पीएमईजीपी ऋण का लाभ उन्हीं को प्राप्त होगा जिनको मैनेजर चाहते हों ? क्या पीएचपी ऋण का लाभ उन्हीं को प्राप्त होगा जिससे बैंक मैनेजर खुश हो या फिर बैंक मैनेजर के हितैषी हो ?
विशेष अगले अंक में ……

न्यूनतम मजदूरी दर न मिलने पर,,मजदूरों ने किया सुधा डेयरी का गेट जाम

न्यूनतम मजदूरी दर न मिलने पर,,मजदूरों ने किया सुधा डेयरी का गेट जाम,,

सरायकेला/आदित्यपुर

प्रिय पाठको अगर संसार में पेट की भूख ना होती तो शायद कोई मजदूर पैदा ना होता और ना कोई सेठ पैदा होता पेट की भूख और परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से ही बड़े से बड़े लोग और छोटे से छोटे लोग मजदूरी करते हैं मजदूरी में छोटे लोग ही नहीं आते बड़े से बड़े लोग भी कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में किसी न किसी संगठन के माध्यम से मजदूरी करते हैं और अपने परिवार के साथ गुजर बसर करते हैं लेकिन आए दिन निचली कोटि के मजदूरों के साथ हो रहे शोषण को हम अखबारों के माध्यम से पढ़ते हैं टीवी के माध्यम से सुनते हैं या फिर किसी और के मुख से भी मजदूरों के ऊपर हो रहे शोषण को हम सुनते हैं जानते हैं और समझते हैं। मजदूरों के ऊपर हो रहे हैं शोषण कोई नई बात नहीं यह तो ब्रिटिश काल से चला आ रहा है आज हमारे देश को आजाद हुए 78 वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन आज भी मजदूर आजाद महसूस नहीं कर रहे उनको उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा उनका शोषण किया जा रहा है उन पर अत्याचार किया जा रहा औद्योगिक क्षेत्र में कुछ संगठन ऐसे हैं जो सरकार द्वारा बनाई गई नियम व कानून को ताक पर रखकर मजदूरों का शोषण कर रहे हैं उन पर अत्याचार कर रहे हैं और मजदूर बेबस बेहाल शोषण का शिकार हो रहे हैं।

गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुधा डेयरी में ठेकेदार विकास कुमार के अधीन कार्यरत मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दर न देकर जबरन काम लिया जा रहा शिकायत करने वालों को दबाया जा रहा है। आजादी मिलने के बावजूद भी सुधा डेयरी के मजदूरों को आजादी नहीं मिल पाई है और बुरी तरह से शोषित मजदूर अपनी आवाज उठाने पर भी डरे एवं सहमे हुए नजर आ रहे हैं। क्योंकि यह पापी पेट का सवाल है। आपको बताते चलें कि जमशेदपुर डेरी के नाम से सुधा डेयरी यह वही डेयरी है जो अक्सर मजदूर के शोषण एवं मिलावटी कार्य को लेकर चर्चा में रही है।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले सुधा डेयरी के भीतर विकास कुमार ठेकेदार के अधीन कार्यरत मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दर नहीं दी जाने की खबर को झारखंड क्राइम रिपोर्टर अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था  जिसमें जमशेदपुर डेयरी सुधा डेयरी में मजदूरों का शोषण दबंगई से किया जा रहा था। जिसकी लिखी शिकायत मजदूरों ने श्रम अधीक्षक से की थी।

आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत जमशेदपुर डेयरी सुधा डेयरी के लाडला ठेकेदार जो की मिनिमम वेज से भी कम मजदूरी मजदूरों को दे रहा है इसकी जानकारी समय-समय पर श्रम अधिक्षक को भी दी गई है उसके बावजूद भी सुधा डायरी के मैनेजमेंट कि चालाक दिमाग ने ठेकेदार के साथ मिलकर मजदूरों का हक का बड़ी बेरहमी से हनन करते हुए लगातार मजदूरों का शोषण कर रही है। वहीं आज सुबह 470/रुपया मजदूरी की जगह 280/रुपया मजदूरी मिलने पर आक्रोशित मजदूरों ने सुधा डेयरी का गेट जाम कर अपनी हक की पैसे की मांग की

वहीं जमशेदपुर डेयरी के चालाक मैनेजमेंट ने मामले को पूरी तरह से नई मोड़ देते हुए अपने लाडला ठेकेदार विकास कुमार को बचाते हुए मजदूरों को दिग्भ्रमित कर के शोषण करना फिर से शुरू कर दिया है। वैसे तो अपने कार्य से हमेशा चर्चा में रहने वाले जमशेदपुर डायरी (सुधा) इन हाउस से लेकर आउट हाउस तक किसी को भी शोषण करने से नहीं छोड़ा है। सीधे लफ्जों में कहा जाए तो यह दूध नहीं जहर है। साथ ही शोषण करने का प्रमुख कारखाना है।

जिले में अवैध शराब का कारोबार चरम सीमा पर

जिले में अवैध शराब का कारोबार चरम सीमा पर

सरायकेला

सरायकेला जिले में फिर से एक बार अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है जिसकी रोकथाम अगर समय रहते ना की जाए तो न जाने कितने ही घर इन अवैध शराब कारोबारीयों की वजह से बर्बाद हो जाएंगे उजड़ जाएंगे और इसके साथ ही शराब कारोबारी मालामाल हो जाएंगे।

मलाला इस बात का नहीं के अवैध शराब कारोबारी मालामाल हो जाएंगे मलाल इस बात का है के न जाने कितने ही परिवार शराब की वजह से बर्बाद हो जाएंगे उजड़ जाएंगे और इसका जिम्मेदार कहीं ना कहीं अवैध शराब कारोबारी को माना जा सकता है इसके साथ ही अवैध शराब के कारोबारी को बढ़ावा देने वालों को भी माना जा सकता है।

जिले में मौजूद उत्पाद अधीक्षक,पुलिस फोर्स,प्रशासन, इतनी भारी संख्या में कानून के रक्षक के होते हुए भी जिले में दोबारा से अवैध शराब का कारोबार संचालित होना यह कहीं ना कहीं जिले के पुलिस प्रशासन उत्पादक अधीक्षक एवं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

अजय वर्मा अधीक्षक आबकारी विभाग

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां जिले के लगभग सभी सरकारी दुकानों में शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर शराब की बिक्री एवं कुछ दुकानों में नकली शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से चल रही है।

आपकी जानकारी के लिए बताते चले की RIT थाना अंतर्गत मीरूडीह, आदित्यपुर थाना अंतर्गत सपरा रोड एवं आदित्य गार्डन से सटे हुए बस्ती आदित्यपुर बाजार,गम्हरिया थाना अंतर्गत कई बस्तियों में साथ ही इसी तरह जिले के हर थाना अंतर्गत हर छोटी-मोटी बस्तियों में शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। जिसकी रोकथाम के लिए झारखंड सरकार ने आधिकारिक रूप से अधिकारी भी नियुक्त किए है लेकिन आखिर क्या बात है कि जिले में अवैध कारोबारी पर अंकुश लगाने में जिले के आबकारी विभाग नाकामयाब है सीधे लफ्जों में अगर कहीं जाए तो असमर्थ हैं। जिले में नशे का कारोबारी फल फूल रहा हैं किन के इशारे पर शराब के अलावा ड्रग्स चरस अफीम गांजा एवं कई नशीले पदार्थों का कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा। वहीं सामने दुर्गा पूजा दिवाली आस्था का महापर्व छठ एवं चुनाव भी है। किस कुंभकरण की नींद में सोया है प्रशासन।

यक्ष प्रश्न यह है के यह अवैध कारोबार से जमाई गई करोड़ों रुपए का राशि आखिर जाता कहां है और कौन है सफेद पोस जिसके इशारे पर यह अवैध कारोबार संचालित किया जाता है, शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से लिए गए अधिक रुपए आखिर किसकी जेब में जाता है किसकी जेब गर्म करता है किसके घर की तिजोरी भरता है किसने अपने घर में कुबेर का भंडार खोल रखा है जिसके भंडार में अवैध कारोबार का काला धन जमा होता है ? आखिर महीने का अवैध करोड़ों रुपया जाता कहां है ?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब बहुत ही जल्द सरकारी शराब दुकानों को ठेकेदारों को सौंप कर ठेकेदारों द्वारा संचालित किया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो यह माना जा रहा है के करोड़ों रुपए की अवैध कारोबार का होना भी संभव है इस पर जिले की एवं राज्य की जांच एजेंसियों को कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है

लोहा चोरी करते दो चोर पकड़ाए

लोहा चोरी करते दो चोर पकड़ाए

झारखण्ड/बेरमो

बेरमो पुलिस को मिली एक और सफलता बेरमो पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण करने के लिए अग्रसर है तथा अपराध नियंत्रण करने के लिए अनेकों हाथ खंडे अपना रहे हैं और सफलता भी हासिल कर रही है इसी क्रम में झारखंड बेरमो कटहरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात सीपीसी प्लांट में दो चोर चोरी की घटना को अंजाम देने जा रहे थे।

उसी वक्त पुलिस ने सतर्कता पूर्वक दोनों चोरों को लोहा चोरी करते हुए पकड़ा लिया पुलिस ने दोनों चोरों के साथ साथ गैस कटर सहित भारी मात्रा में लोहा काटने का मशीन वगैरा भी बरामद किया है वहीं इस संदर्भ में पुलिस द्वारा कांड संख्या 78,2024 दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है जिसकी जानकारी थाना प्रभारी राजेश प्रजापति ने प्रेस को दिया।

पत्रकार बने रंगदार

पत्रकार बने रंगदार

सरायकेला खरसावां

सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत कांड्रा निवासी इंडिया न्यूज वायरल के पत्रकार बिपिन वार्ष्णेय के साथ ही गम्हरिया आदित्यपुर क्षेत्र के दो पत्रकार जिसमें एक संतोष कुमार उर्फ चुटैया धारी और एक अन्य पत्रकारों द्वारा मिलकर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है, जो पत्रकारिता के नाम पर एक धब्बा बन गया है जानकार सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली है कि बांधा झुरिया के निकट बस्ती निवासी एक गरीब महिला पूर्णिमा तांती चार बच्चे की मां सात महीने की गर्भ गिराना चाहती थी,जिस बात को लेकर उसने कांड्रा पंचायत सहिया जयंती सेन से और जेएसपीएल कर्मचारी सोमा प्रमाणिक से संपर्क साधा लेकिन सात महीने की गर्भ पात से महिला को क्षति पहुंचने की आशंका से सोमा ने वैसा करने से मना कर दिया और उसने पूर्णिमा को यह बताया की ऐसा करने से उसके जीवन को खतरा पहुंच सकता है,उसकी जान भी जा सकती है,और गर्भ पात एक कानूनन जुर्म है,उन्होंने सलाह दिया की तुम उस बच्चे को जन्म दो और कहा कि वैसे भी लोग है जो बच्चे के लिए तरसते हैं और बच्चा एडॉप्ट करना चाहते है.

एक बार यह कॉल रिकॉर्डिंग सुने

अब आप मामले की गंभीरता को पढ़िए

वहीं जेएसपीएल कर्मचारी सोमा प्रमाणिक की बचपन की एक सहेली सुदीप्ता दत्ता जो कदमा जमशेदपुर में रहती थी, शादी के बाद बीस सालों से वे बच्चे के लिए तरस रही थी,जिसकी ससुराल भिलाई पहाड़ी में थी,सोमा ने उससे बात कर इस गर्भवती महिला के बारे में बताया तो सुदीप्ता ने बच्चे को गोद लेना सहर्ष स्वीकार कर लिया,28/05/2024 को बच्चे का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया में हुआ लेकिन सहिया के ना समझी से स्वास्थ्य केंद्र में दोनों का आधार कार्ड यानी पूर्णिमा तांती और सुदीप्ता दत्ता का दिया गया था लेकिन क्रमांक संख्या में सुदीप्ता का नाम चढ़ाया गया,यही गलती सहिया के द्वारा कम जानकारी के कारण हो गया इनके द्वारा यह समझ लिया गया की बच्चे को सुदीप्ता ले जायेगी जिसका की लिखा पढ़ी भी हो गया है कोर्ट में सत्यापन के द्वारा तो सुदीप्ता का ही नाम लिखाया जायेगा तो जन्म प्रमाण पत्र बनने में दिक्कत का सामना नही करना पड़ेगा ,जिला परिषद पिंकी मंडल के साथ भी पूर्व में ही पांच लोगों के समक्ष एक कागजात पर एडॉप्ट करने की बात हुई है लेकिन सहिया के सुझबुझ की कमी से ही इस तरह की गलती हो गई है,जिसको पत्रकार सब कमजोरी समझ कर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी वसूली की योजना को कामयाब कर दिया.

उन सभी की कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ साफ है.ढाई लाख रु की मांग कर रहे है जिसके चलते आत्म हत्या तक की स्थिति उत्पन्न हो गई थी यह है पत्रकारों का काला कारनामा जिसमे दो कांड्रा के पत्रकार जो कांड्रा थाना के बहुत करीबी माने जाते हैं, इन लोगों का काम ही लोगों को गुमराह करना है,एक ने कांड्रा लेम्पस को कमीशन खोरी कर के ताला बंदी करवा दिया और रू कमाने के लिए पत्रकारिता को सबसे अच्छा धंधा समझ कर अख्तियार कर लिया इन दोनों पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी से रू वसूली के मामले में कानूनी करवाई कर इन लोगों की पत्रकारिता को काली सूची में डालकर प्रशासनिक कारवाई कर दिया जाना चाहिए इनके अलावा एक और पत्रकार हैं जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है इनकी भी थाना में बहुत पहुंच है,इतना ही नहीं इन सभी का स्क्रैप व्यवसाय से,अवैध बालू माफियाओं से,अपराधियों से अच्छा सांठ गांठ है,इनकी नजर में पत्रकारिता रूपया कमाने की मशीन है,पत्रकारिता में इन सभी भ्रष्ट पत्रकारों के चलते ही शराब दुकानों में मूल्य से ज्यादा रुपए की वसूली की जाती है,राशन दुकानों में राशन काट कर दी जाती है,गांजा की बिक्री खुले आम होती है

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

खूब फल-फूल रहा है अवैध तरीके से बालू खनन और बिक्री का धंधा

नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया

सरायकेला/तिरुलडीह

जहाँ एक ओर जिला प्रशासन अवैध खनन के प्रति सख्त है, वहीं तिरुलडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली नदियों में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन जोरों पर है। खनन माफियाओं के नेटवर्क के आगे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। तिरुलडीह थाना क्षेत्र में नदियों से बालू के खनन पर रोक लगे रहने के बावजूद बालू माफियाओं द्वारा नियम को ताक पर रखकर खनन का अवैध धंधा लगातार जारी है। जिस वजह से इन दिनों अवैध खनन का कारोबार करने वाले लोग नदी के बालू को बेच कर मालामाल हो रहे हैं।ऐसे में नदी से अवैध बालू उठाव के कारण सरकार को भारी राजस्व की क्षती भी पहुंच रही है।

इसी कड़ी में शनिवार की तड़के सुबह खनन पदाधिकारी ने 20 लाख सीएफटी अवैध बालू को जप्त किया है यह खनन पदाधिकारी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हो रही है,इतनी भारी संख्या में अवैध बालू का पकड़ा जाना यह वाकई में चौंकाने वाला खुलासा है और अगर खनन पदाधिकारी द्वारा इसी तरह लगातार कार्रवाई जारी रही तो ऐसा लगता है आने वाले समय में बालू माफियाओं का नामो निशान मिट जाएगा और आने वाले समय में माफिया द्वारा अवैध बालू के उठाओ से होने वाले राजस्व का नुक़सान पर भी रोक लगेगी

खनन पदाधिकारी

वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी के मुताबिक अज्ञात पर केस दर्ज किया जा रहा है कहीं ऐसा तो नहीं कि मामले को रफा दफा करने की कोशिश किया जा रहा है अगर यह आलम राहा तो आचार संहिता कहां और प्रशासन कहां किस नियम का पालन किया जा रहा है, और जिले में आचार संहिता लगने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में अवैध बालू का पकड़ना यह वाकई में कई सवाल खड़े करता है।

पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार बालू लदे ओवर लोड ट्रक और ट्रैक्टर पकड़े जाने की कारर्वाई के बावजूद इस धंधे पर रोक नहीं लग पा रहा खुलेआम धंधा हो रहा है।

वहीं स्थानीय थाना बालू के अवैध खनन और धंधे को रोकने में विफल साबित हो रहा है। इधर लगातार अवैध कारोबारियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र से संबंधित थाना प्रभारी जो अपराधिक गतिविधियों से संबंधी मामलों का जिम्मेदार पदाधीकारी होता है वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हो रहा है।

बता दें कि अगर प्रशासन कार्रवाई करती है तो बड़े मामले का खुलासा हो सकता है। इसमें कई बड़े सफेदपोश के भी नाम आ सकते हैं। पर मामला है प्रशासन कार्रवाई तो करें।

एक ही रात में हिरणपुर बाजार के 12 दुकानों में चोरी

एक ही रात में हिरणपुर बाजार के 12 दुकानों में चोरी

चोरी से आमलोगों में भय का माहौल व्याप्त

झारखण्ड/पाकुड़

( पाकुड़ से मोहम्मद काजीरूल शेख की रिपोर्ट )

हिरणपुर थाना से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित हिरणपुर डेली मार्केट में बुधवार की रात चोरों ने एक रात में 12 दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना सुबह मिलते ही थाना प्रभारी नवीन कुमार पुलिसबल के साथ पहुंचकर सभी दुकानों की जांच किया और दुकानदारों से जानकारी ली। दुकानदार जब गुरुवार सुबह दुकान खोलने के लिए दुकान पहुंचे तो दस दुकानों का ताला टूटा हुआ पाया यह देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया। चोरों ने बाजार के एक नम्बर गली स्थित पांच व दो नम्बर गली में तीन दुकानें सहित कुल 12 दुकानों में चोरी कि घटना को अंजाम दिया। इसमे प्रदीप भगत के होटल कोरकेट टीन का दीवार काटकर करीब 13 हजार रुपये की चोरी की वहीं मंजीत दत्ता की किराना दुकान,उज्ज्वल शील की गोदाम , महावीर साहा की चावल दुकान,विकास साहा की किराना दुकान,विकास कुमार दास की गोदाम,यूनुस दर्जी की दुकान,संजय दे कि किराना दुकान,बीरबल साहा की सब्जी दुकान, राजेन्द्र साहा व रामप्रसाद की सब्जी दुकानों की ताला तोड़कर चोरी की घटना की गई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अन्य दुकानों से ज्यादा राशि की चोरी नही हो पाई। इस चोरी की घटना से दुकानदारों में दहशत का माहौल बना हुआ है.बाजार क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा दुकानों की सुरक्षा को लेकर तीन नाइट गार्ड भी है इसके बावजूद चोरी की घटनाओं से लोग अचंभित है। पुलिस ने ड्यूटी कर रहे तीनो चौकीदार से भी थाना में पूछताछ किया.

बताते चले कि इन दिनों हिरणपुर क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में काफी तेजी आई है बीते दिनों जयंत दत्ता की बन्द पड़े घर से लाखों की चोरी हो गई थी जो अभी तक इसका उद्भेदन नही हो पाया वहीं सितपहाडी स्थित लुत्फुल हक के क्रशर से पिस्टल की नोक पर 1.80 लाख की लूट हो गई इसके पूर्व डांगापाड़ा चौक निकट घर के बाहर खड़े एक ई रिक्शा की चोरी हो गई थी.

इस सम्बंध में एसडीपीओ डी एन आजाद से सम्पर्क करने पर बताया कि चोरी की घटना को लेकर पुलिस जांच कर रही है जल्द ही इसका उद्भेदन हो जाएगा।

समाचार लिखे जाने तक पीड़ित दुकानदारों द्वारा थाना में लिखित शिकायत नही किया गया है।

सुशासन बाबू के राज्य में किसानों के फसल को नष्ट कर मुआवजा दिए बिना किया जा रहा सड़क निर्माण

सुशासन बाबू के राज्य में किसानों के फसल को नष्ट कर मुआवजा दिए बिना किया जा रहा सड़क निर्माण

बिहार/पालीगंज/कोडरा रानीपुर


ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के अंतर्गत ग्रामीण कार्य विभाग पालीगंज प्रमंडल द्वारा दुर्गा स्थान बच्चन राम के घर से चंद्रवंशी नगर S-041 तक रानीपुर कोडरा जिसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। जिसमें बाईस ग्रामीण को मुआवजा नहीं मिला है। व्यक्ति विशेष के प्रभाव में जबरन सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। मुआवजा से वंचित लोगों में प्रेम कुमार,वकील सिंह,विशेश्वर कुमार, रामबली सिंह, अजय कुमार 1,अजय कुमार 2,सच्ची सिंह, भोला सिंह, कुलवंती देवी कविंद्र यादव नंद जी,कामेश्वर मिस्त्री दीनानाथ मिस्त्री कौशल कुमार सीताराम सिंह चंदू महतो धर्माचार्य महतो कालीचरण महतो राजीव रंजन कुमार धर्माचार्य महतो आदि शामिल हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संवेदक द्वारा व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने हेतु प्रशासन की मिली भगत से एग्रीमेंट के विपरीत स्थल का परिवर्तन किया जा रहा है।

तू मैं और करप्शन- जमकर खाओ- फाइल दबाओ नोटों की गड्डियां पाओ

तू मैं और करप्शन- जमकर खाओ- फाइल दबाओ नोटों की गड्डियां पाओ

गोंदिया

लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने के पूर्व ही शाब्दिक बाणों का खेला

चुनावी मौसम आया-शाब्दिक बाणों से माहौल गरमाया – जनता जनार्दन को चौंकाया-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

साथियों बात कर हम कई राज्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार की करें तो, पीएम ने कहा था तीन बुराइयों से लड़ना समय की मांग है, भ्रष्टाचार परिवारवाद और तुष्टीकरण। भ्रष्टाचार ने दीमक की तरह अर्थव्यवस्था को नोच लिया है। भ्रष्टाचार मुक्ति इसके खिलाफ जंग पीएम के जीवन का कमिटमेंट है। उन्होंने कहा मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। इसपर मेरा मानना है कि तीन बुराइयों में सबसे खतरनाक बुराई भ्रष्टाचार है, क्योंकि यह देश के राजनीतिक, आर्थिक सामाजिक, पर्यावरण की लागत और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रभाव डालती है। मेरा मानना है कि उच्च स्तरपर भ्रष्टाचार पर आम जनता पर डायरेक्ट प्रभाव नहीं पड़ता। वह बड़े लोगों, रसूख रखने वाले नेताओं, उद्योगपतियों ब्यूरोक्रेसी के लेवल पर फर्क पड़ता है,जैसे महाराष्ट्र में 100 करोड़ वसूली मुद्दा, एमपी में अनेक ब्यूरोक्रेसी के घर पर छापा चपरासी से लेकर आईएएस तक करोड़ों की तादाद में बरामदगी, नियुक्तियों में भ्रष्टाचार मुद्दा, शिक्षक भर्ती घोटाला,एक राज्य में 40 परसेंट तो अभी दूसरे राज्य में 50 पर्सेंट ठेकेदारी मुद्दे का मामला इत्यादि अनेक ऐसे मामले देश के सामने हैं। परंतु आम जनता जनार्दन का काम पटवारी से लेकर वाया तहसील कार्यालय तक और एसडीओ से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक यही उनका जीवन का अधिकतम हिस्सा निपट जाता है और इन्हीं चार पहियों पर आम आदमी का सामर्थ्य दीमक की तरह नोच लिया जाता है जिसका अनुभव मैंने अपने जीवन में कई बार किया है और मेरे पेशे के अनुसार कई बार आम जनता को पीड़ित होते हुए देखा है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि तू मैं और करप्शन- जमकर खाओ- फाइल दबाओ नोटों की गड्डियां पाओ।लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने के पूर्व ही शाब्दिक बाणों का खेला!चुनावी मौसम आया-शाब्दिक बाणों से माहौल गरमाया – जनता जनार्दन को चौंकाया।

शराब बेचने वाले मालामाल पीने वाले बेहाल।

शराब बेचने वाले मालामाल पीने वाले बेहाल।

सरायकेला/आदित्यपुर

अधिकारी के हिदायत के बावजूद ग्राहक से अधिक पैसे वसूलने का मामला एक बार फिर से प्रकाश में आया है जहां पर शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक राशि ग्राहक से वसूला जा रहा है।

आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा कांड्रा मुख्य मार्ग पर स्थित टोयोटा शोरूम के समीप सरकारी शराब की दुकान में ग्राहक से शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक राशि ग्राहक से वसूला जा रहा है और इसका विरोध करने पर ग्राहक को दुकान से चले जाने को कहा जाता है।

आबकारी विभाग पदाधिकारी

ऐसा ही एक वाक्या वरिष्ठ पत्रकार भारत सिंह के साथ घटित हुआ है उन्होंने सरकारी शराब दुकान से शराब की बोतल खरीदी जिस पर दुकानदार ने उनसे शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से ₹30 अधिक लिया और इसका विरोध करने पर दुकानदार ने वरिष्ठ पत्रकार भारत सिंह को धमकाते हुए कहा कि दुकान से चले जाओ यहां शोर मत मचाओ और भी ग्राहक है उन्हें भी हमें शराब बेचनी है यहां भीड़ न लगाओ अन्यथा ठीक नहीं होगा।

ज्ञात हो कि पहले भी यह दुकान अधिक पैसे लेने के लिए चर्चा में आया था और उस वक्त संबंधित विभागीय पदाधिकारी ने दुकान संचालक को यह हिदायत दिया था कि दोबारा अधिक पैसे वसूलने की खबर मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इसके बावजूद फिर से ग्राहक को लूटने में यह दुकानदार नहीं कतराते अब यहां प्रश्न यह उठता है कि यह दुकानदार किसके सहारे पर ग्राहक को लूटने का गंदा अपराध करते हैं और यह पैसा आखिर जाता कहां है कौन सफेद पोस है जो यह पैसे का रखरखाव करता है आखिर इस पैसे का हिस्सेदार कौन-कौन है किस-किस के जेब में ग्राहक को लूटा हुआ पैसा जाता है वह कौन-कौन है जो ग्राहक को लूट कर अपना आशियाना बनाते हैं।

वहीं अगर अनुमान लगाया जाए तो एक दिन में लगभग 200 शराब की बोतल बेची जाती है अगर दुकानदार एक बोतल पर ₹30 अधिक लेता है तो 1 दिन के ₹6000 होते हैं और महीने के 1,80000 रुपए होते हैं और यह सारा पैसा ग्राहक से लूटा जाता है।

नकली शराब के साथ दो मोटरसाइकिल जप्त।

नकली शराब के साथ दो मोटरसाइकिल जप्त।

सरायकेला/राजनगर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला उत्पाद अधीक्षक द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और कामयाबी भी हासिल कर रही है.इसी कड़ी में उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रांझोर गांव में शनिवार की रात राजनगर थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में नकली शराब के साथ दो मोटरसाइकिल जब्त किया हैं। हालांकि छापेमारी की भनक लगते ही शराब कारोबारी भागने में सफल रहे, जिनके खिलाफ फरार अभियोजन दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान घटनास्थल से विभाग ने कुल 153 लीटर अवैध विदेशी शराब किंग्स गोल्ड, गोवा किक दो मोटरसाइकिल बरामद किया है. बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और टुसू के मद्देनजर शराब माफ़ियायों द्वारा नकली शराब खपाने की योजना है इसको लेकर विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है

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