आपको बताते हैं चलें किरविवार की सुबह लगभग 9:30 बजे से एक जंगली तेंदुआ आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में घुसा हुआ है जिस वजह से आस पास के लोग काफी डरे हुए अथवा परेशान हैं. सबसे पहले RSB TRANSMISSION UNIT 1 में तेंदुए को चहल- कदमी करते देखा गया. उसके बाद दिनभर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तेंदुए को ढूंढने में लगी रही, मगर तेंदुआ नजर नहीं आया.वही देर शाम तेंदुए का लोकेशन दूसरे कंपनी में पाया गया.
इधर वन विभाग की टीम तेंदुआ को रेस्क्यू करने में जुटी हुई है परेशानी की बात यह है कि तेंदुआ किसी की नजर में नहीं आ रहा. लगातार जंगली तेंदुआ के मूवमेंट की वजह से आसपास के उद्यमियों में हड़कंप मचा हुआ है. इस वजह से कंपनियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
वहीं सरायकेला वन विभाग पदाधिकारी आदित्य नारायण ने सभी से अपील करते हुए कहा कि जिस किसी को भी तेंदुआ नजर आए वह अभिलंब 9412996824 इस नंबर पर संपर्क कर सुचना दे
आदित्यपुर क्षेत्र में पहली बार देखा गया तेंदुआ मचा हड़कंप
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावां जिले के घनी आबादी वाले क्षेत्र आदित्यपुर में पहली बार देखा गया तेंदुआ
आदित्यपुर के RSB TRANSMISSION UNIT ( 1 ) में सुबह के लगभग 9:30 बजे से लेकर दोपहर तक हड़कंप मचा रहा इसका कारण यह रहा की कंपनी में एक तेंदुआ घुस गया जिसे देख कंपनी में काम कर रहे मजदूर डर के कारण दहशत में आ गए
आपको बताते हैं चलें कि सरायकेला जिले की आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत RSB TRANSMISSION UNIT ( 1) में रविवार को सुबह लगभग 9:30 बजे तेंदुआ घुस हुआ पाया गया जिसे देख कंपनी में काम कर रहे हैं मजदूर दर से दहशत में आ गए.
मिली जानकारी के अनुसार सुबह के 9:30 बजे कंपनी परिसर में काम कर रहे एक मजदूर ने तेंदुए को देखा तेंदुए को देखने के बाद कर्मचारी वहां से भाग खड़ा हुआ और इसकी सूचना कंपनी के वरीय अधिकारियों को दी सूचना पा कर वरीय अधिकारियों ने सीसीटीवी को चेक किया सीसीटीवी चेक करने के बाद तेंदुए की खबर सच पाई गई जिसके तुरंत बाद अधिकारियों ने समय न गंवाते हुए वन विभाग को घटना की जानकारी दी.
घटना की सूचना पाकर वन विभाग के टीम घटनास्थल पर पहुंची और तेंदुए को रेस्क्यू करने में जुट गई और तकरीबन घंटों कड़ी मशक्कत करने के बाद तेंदुए को रेस्क्यू नहीं किया गया,अच्छी खबर यह है कि कंपनी परिसर में किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
जिले से 50 किसान खेती के गुर सीखने रायपुर के लिए हुए रवाना
सरायकेला-खरसावां
उपायुक्त नें समाहरणालय परिसर से परिभ्रमण के लिए किसान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत जिले के चयनित किसानों का राज्य के बाहर इंस्टीट्यूट आफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी, रायपुर, छत्तीसगढ़ में निर्धारित बागवानी प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण के लिए 50 किसानों के दल को उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला नें समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। परिभ्रमण के दौरान कृषकों को टिश्यू कल्चर बनाना लैब, बीएनआर अमरुद बागान, प्रगतिशील कृषकों को खेत आदि का भ्रमण कराया जायेगा। 9 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मौके पर जिला उद्यान पदाधिकारी विश्वजीत सिन्हा एवं अन्य सम्बन्धित विभागीय पदाधिकारी तथा अन्य उपस्थित रहें।
धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी पारुल सिंह को पंचायत प्रतिनिधि, व सामाजिक संस्थाओं किया सम्मानित
धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी पारुल सिंह के पदभार ग्रहण करने पर पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाओं ने मेमोंटो और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया
महिला दिवस के उपलक्ष्य पर मेमोंटो भी प्रदान कर खुशी का इजहार किए
पुर्वी सिंहभूम
धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी पारुल सिंह के पदभार ग्रहण करने पर पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संस्था सहित समाजसेवी लोगों ने मेमोंटो एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किए। इस दौरान एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार भी किए।
सर्वप्रथम सामाजिक संस्था हमारी आवाज के तत्वावधान संस्था की अध्यक्ष चंदन जायसवाल के नेतृत्व में महिला दिवस के उपलक्ष्य पर मोमेंट, पंचायत प्रतिनिधि पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में पुष्प गुच्छ, उप मुखिया मुकेश सिंह के नेतृत्व में श्री रामचंद्र भगवान का फोटो, सामाजिक संस्था समर्पण के द्वारा छवि विश्वकर्मा एवं कुमुद शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में बुके प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित समारोह में मुख्य रूप से हमारी आवाज की अध्यक्ष चंदन जायसवाल, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उप मुखिया मुकेश सिंह, संतोष ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि अजीत सिंहा, समर्पण सामाजिक संस्था से छवि विश्वकर्मा, कुमुद शर्मा, समाजसेवी रंजन सिंह, रवि शंकर केपी उपस्थित थे।
विदित हो कि इसके पूर्व पारुल सिंह जमशेदपुर प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी, चाईबासा सदर की प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित सरायकेला खरसावां के एसडीओ पद पर योगदान दे चुकी है।
संजय कुमार दास ने जिले के 15वे अपर उपायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया
जनहित मे संचालित योजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का रहेगा प्रयास- अपर उपायुक्त
सरायकेला-खरसावां
संजय कुमार दास ने आज सरायकेला-खरसावां जिले के 15वे अपर उपायुक्त के रूप में श्री रविन्द्र गगराई से पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण के पाश्चात्य श्री दास नें कार्यालय प्रकोष्ठ मे एक परिचयात्मक बैठक में अपने अधीनस्थ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ बातचीत की। तथा पदाधिकारियों/कर्मचारियों से सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार जनहित मे कई कल्याणकारी योजनाए संचालित कर रही है, हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि सभी योग्य लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिले तथा योजनाओं को निश्चित समयावधी मे क्रियान्वयन किया जा सकें।
राज्य स्तरीय विधिक सेवा सशक्तिकरण शिविर का किया गया आयोजन।
सरायकेला-खरसावां
माननीय झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला एवं जिला प्रशासन सरायकेला के द्वारा चांडिल प्रखंड अंतर्गत स्थित चावलिबासा पंचायत में दिनांक 10 मार्च 2024 को आदिम जनजाति एवं कमजोर वर्ग के लिए संचालित योजनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तरीय विधिक सेवा सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष -सह- झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि झालसा और नालसा के जरिए केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सभी लोगों को खासकर आदिम जनजाति एवम कमजोर वर्ग के लोगोँ को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से शिक्षा ,स्वास्थ्य ,समाज के अन्य क्षेत्र में योजनाएं चलाई जा रही हैं इसके लिए लोगों को शिक्षित और जागृत होना बहुत आवश्यक है खासकर देश की महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत और मिडिएशन के जरिए अधिकतर मामलों में सुलह कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के जरिए लोगों को कोर्ट का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। मौके पर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि झालसा और डालसा के जरिए राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं को लाभुक तक पहुंचाने की प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम में झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमुर्ति संजय प्रसाद भी मौजूद रहे।
अपने उद्घाटन भाषण में सरायकेला के प्रधान जिला एवम सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने कहा कि इस तरह का आयोजन से सरायकेला और चांडिल अनुमंडल के लोगों को विशेष कर आदिम जनजाति के लोगों और कमजोर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के पश्चात अतिथियों ने सभी वहां लगे सभी स्टॉल का निरीक्षण किया, साथ ही चल रहे छउ नृत्य की सराहना की। मौके पर झालसा के सदस्य सचिव कुमारी रंजना स्थाना, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार,प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट राजीव कुमार सिन्हा, उपायुक्त रविशंकर शुक्ला , पुलीस अधीक्षक मनीष कुमार टोप्पो, डिप्टी सेक्रेटरी झालसा, डालसा सचिव श्रीमती अनामिका किस्कू, सरायकेला एवम चांडिल बार काउंसिल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,सचिव और अन्य अधिवक्तागण, अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण और पुलिस एवम प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
शिविर में जिला प्रशासन, सिविल कोर्ट ,जेल प्रशासन ,शिक्षा एवं स्वास्थ्य ,कृषि ,मत्स्य ,पशुपालन, कल्याण समाज, ऊर्जा, पेयजल एवं स्वच्छता ,श्रम , सामाजिक सुरक्षा, वन विभाग ,आपूर्ति विभाग ,बैंक समेत लगभग 22 स्टाल लगे थे। कार्यक्रम के दौरान करीब 762 लोगों के बीच करीब 1 करोड़ साढ़े 63 लाख की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन गम्हरिया प्रखंड स्थित खरकई गंजिया बराज में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन- शिलान्यास कार्यक्रम में हुए सम्मिलित।
सरायकेला–खरसावां
मुख्यमंत्री ने कुल 356 करोड़ 27 लाख 28 हजार रुपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास योजनाओं का किया उद्घाटन- शिलान्यास, मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत 2 लाभुकों को प्रदान किया स्वीकृति पत्र।
मुख्यमंत्री ने उज्जैनपुर से अवलाटाड तथा उज्जैनपुर से चमारु तक खरकई एवं संजय नदी के तट पर एफलक्स बांध का निर्माण कार्य एवं भीमखान्दा माइक्रो लिफ्ट भूमिगत पाइपलाइन सिंचाई योजना का किया शिलान्यास।
मुख्यमंत्री ने कहा – सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहें है लोग, आदिवासी-मूलवासी को उनका हक-अधिकार मिले इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध।
मुख्यमंत्री ने कहा – राज्यवासियों के आर्थिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक विकास के लिए सरकार संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा – शिक्षा के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता, जनजातीय भाषा के लिए प्राइमरी स्तर पर शिक्षक की होगी बहाली।
मुख्यमंत्री ने कहा- रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता।
◆ पाइपलाइन का बिछेगा जाल, हर खेत तक पानी पहुंचाना है लक्ष्य।
◆ 75 प्रतिशत स्थानीय को नौकरी में दी जाएगी प्राथमिकता।
◆ पढ़ाई के लिए रुपया नहीं बनेगा बाधा।
मुख्यमंत्री चंपई सोरेन
हमारी सरकार राज्य के सतत विकास की दिशा में लगातार प्रयत्नशील है।राज्य की जनता की सोच और भावनाओं के साथ हमारी सरकार खड़ी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर उतर रहीं हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन आज सरायकेला – खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड स्थित खरकाई गंजिया बराज में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन- शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही।
पाइपलाइन का बिछेगा जाल, छोटे-बड़े सभी किसानों के खेतों में पहुंचाएंगे पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सरकार प्रयासरत है। इसी क्रम में आज सरायकेला -खरसावां जिला अंतर्गत “पाइपलाइन सिंचाई योजना” का शिलान्यास हो रहा है। इस राज्य के किसानों को सशक्त बनाना है। किसान भाई अच्छे से खेती कर अपनी उन्नति कर सके एवं राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार झारखंड के किसानों के प्रति समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि आने वाले दिनों में छोटे-बड़े सभी वर्ग के किसान भाइयों के खेतों तक सिंचाई हेतु पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाई जाए। सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ और बेहतर करने के उद्देश्य से पिछले दिनों संताल, पलामू तथा कोल्हान प्रमंडल में पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने के कार्य का शुभारंभ किया गया है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहें राज्यवासी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से राज्यवासी लाभान्वित हो रहें हैं। झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। रोजगार सृजन योजना के तहत सरकार स्वरोजगार हेतु लोन उपलब्ध करा रही है। हर तरह के व्यवसायिक कार्य के लिए लोन दिया जा रहा है। अब सरकार ने 50 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी महिलाओं के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 50 साल की उम्र के लोग भी ले सकेंगे। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, झारखंड एकलव्य प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना, पुरानी पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सारथी योजना, मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना समेत अन्य योजनाओं की शुरुआत की गयी है। इससे झारखंड की तस्वीर बदल रही है।
आर्थिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम निरंतर जारी है। यहां के आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग के बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च सरकार निर्वाहन कर रही है। उत्कृष्ट विद्यालयों में बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर रहें है। हमारी सरकार ने अतिरिक्त 20 लाख हरा राशन कार्ड बनाकर गरीबों को राशन मुहैया कराया।
शिक्षा का दिया नहीं बुझेगा, बच्चों को मिल रहा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा का ऐसा दीप जला रहें है जो कभी नहीं बुझेगा। सरकार यहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।पैसे के अभाव के कारण अब बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटेगी। सरकार द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं । निजी विद्यालयों की तर्ज पर गरीब बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले गए हैं । स्कॉलरशिप की राशि में तीन गुना इजाफा किया गया है । सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजनाओं से अब तक 9 लाख छात्राओं को लाभ मिल चुका है। आज राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक के बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे है। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य के युवक एवं युवतियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवत्ति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दी ये सौगातें
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरायकेला -खरसावां जिले को 84 योजनाओं की सौगात दी। इसमें 11 योजनाओं का उद्घाटन और 73 योजनाओं की आधारशिला रखी गई। जिसके तहत 356 करोड़ 27 लाख 28 हजार रुपए खर्च होंगे। जहाँ उद्घाटन योजनाओं की कुल राशि 28 करोड़ 25 लाख 32 हजार 9 सौ रूपये है, वहीं शिलान्यास योजनाओं की राशि 328 करोड़ 1 लाख 95 हजार रूपये है।
इस अवसर पर मंत्री श्री बादल, विधायक श्री दशरथ गागराई, श्रीमती सबिता महतो, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अरवा राजकमल, प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग श्री नागेश मिश्रा, प्रशासक स्वर्ण रेखा परियोजना श्री मंजूनाथ भजन्त्री ,जिले के उपायुक्त समेत अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री वृद्धवस्था पेंशन योजना (50-60वर्ष) के लाभुकों का प्रथम किस्त का भुगतान एवं आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया
सरायकेला-खरसावां
कार्यक्रम मे योजना अंतर्गत 2000 लाभुकों की पहली किस्त का लाभ प्रदान किया गया
जिले के विभिन्न क्षेत्र मे बेहतर कार्य हेतू 18-18 आंगनवाड़ी सेविका सहायिका को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया
समाज कल्याण विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्यादान, सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना समेत विभिन्न योजना के लाभुकों के बीच परिसम्पतियों का वितरण किया गया
उत्कलमणी गोप बंधु दास आदर्श टाउनहाल सरायकेला मे जिला दण्डधिकारी सह उपायुक्त के अध्यक्षता मे मुख्यमंत्री वृद्धवस्था पेंशन योजना (50-60वर्ष) के लाभुकों का प्रथम किस्त का भुगतान एवं आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला, उप विकास आयुक्त श्री प्रभात कुमार बातरियार, सरायकेला विधायक प्रतिनिधि श्री सानंद आचार्य, जिला परिषद उपाध्यक्ष के द्वारा सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम मे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इसके तत्पश्चातय कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर नें कार्यक्रम के उदेश्य तथा योजनाओं के सम्बन्धित मे विस्तृत जानकारी दी गई। इसके तत्पश्चात कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरायकेला विधायक प्रतिनिधि श्री सानंद आचार्य नें कहा कि राज्य सरकार महिलाओ के उत्थान,उन्हें शशक्त बनाने, उनके आय मे वृद्धि तथा किशोरियों के उच्य शिक्षा मे सहयोग प्रदान करने को लेकर विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तरीय कार्यक्रम मे आज विधवा पुनर्विवाह योजना का शुभारम्भ किया जा रहा है साथ हीं सर्वजन पेंशन योजना के तहत सभी वर्ग के महिलाओ (50-60 वर्ष) को पहली किस्त की राशि का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत राज्य के विधवा बहनो को 2 दो लाख रूपए का लाभ प्रदान किया जायेगा ताकि एक बार पुनः नए जीवन की शुरुआत कर समाज के मुख्य धारा मे आकर वह अपने परिवार एवं समाज के विकास मे अपना सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार किशोरियों के उच्य शिक्षा तथा विवाह मे सहयोग हेतू विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है ताकि वह सशक्त हो सके अपने परिवार पर बोझ ना बनकर समाज के विकास मे सहायक बन सकें। अपने सम्बोधन मे उन्होंने कहा कि आप सभी अपने योग्य योजनाओं का लाभ जरूर ले ओर अपने आस पास के अन्य योग्य लाभुकों को भी प्रेरित करें। वही कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष नें राज्य सरकार द्वारा महिलाओ के उठान हेतू संचालित योजनाओं के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन को धन्यवाद दिया, उन्होंने कहा कि सर्जन पेशंन योजना के तहत (50-60 वर्ष) महिलाओ को पेशंन योजना का लाभ मिलेगा जिससे ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओ के स्थिति मे सुधार आएगी, उन्होंने कहा कि सरकार आज विधवा पुनरविवाह योजना का शुभारम्भ कर रही है इस योजना से समारे समाज की विधवा दीदियों को एक नए जीवन के शुभारम्भ का मौका मिलेगा, उन्होंने कहा की सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है।
समाज कल्याण विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्यादान, सावित्री बै फुले किशोरी समृद्धि योजना समेत विभिन्न योजना के लाभुकों के बीच परिसम्पतियों का वितरण किया गया
कार्यक्रम मे सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत संचालित सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत (50 से 60 वर्ष) के 2000 लाभुकों को पहली किस्त की राशि का लाभ, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत एक लाभुक को विधवा पुनर्विवाह योजना का लाभ, 3 दिव्यांग लाभुकों के बीच ट्रासाइकिल, दो लाभुकों के बीच कन्यादान योजना, 2 लाभुकों के बीच फूल बाई किशोरी समृद्धि योजना, 2 शिशुओ का अन्नप्राशन, पांच गर्भवती महिलाओ का गोद भराई किया गया।
कार्यक्रम मे उपरोक्त के अलावा DRDA निदेशक,परियोजना निदेशक ITDA, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक समाजिक सुरक्षा एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहें।
चांडिल प्रखंड क्षेत्र में 32 लाख के लागत से बने 5 पीसीसी सड़क का विधायक ने किया उद्घाटन
सरायकेला/चांडिल
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चांडिल प्रखंड क्षेत्र में विधायक योजना से निर्मित 5 पीसीसी सड़क का उद्घाटन विधायक सविता महतो ने मंगलवार को विधिवत शिलापट्ट अनावरण कर किया। इस क्रम में विधायक ने उरमाल के दिनाई में टुसु मांझी के घर से पंचो देवी के घर तरफ 430 फीट पीसीसी 6 लाख 9 सौ रुपये,पाल ना हरिमंदिर से श्रीकांत महतो के घर तरफ 6 सौ फीट पीसीसी 7 लाख 10 हाजार 5 सौ रुपये, लेंगडीह में तीजेंद्र महतो के घर से सहदेव मांझी के घर तक 5 सौ फीट पीसीसी 6 लाख 67 हजार 6 सौ रुपये,मुसरीबेड़ा टोला पलाशटांड में सेतु महतो के घर से लाल चांद मांझी के घर तक 4 सौ फीट पीसीसी 5 लाख 66 हाजार 7 सौ रुपये व पाथराकुन हवन बुड़ी सोरेन के घर से रमेश महतो के घर तरफ 470 फीट पीसीसी 6 लाख 30 हजार 9 सौ रुपये कि लागत से निर्माण कराया गया। इस दौरान विधायक सविता महतो ने कहा पांच पीसीसी का निर्माण 31 लाख 76 हजार 6 सौ रुपये कि लागत से कराया गया। विधायक ने कहा कि ग्रामीणों के मांग पर सभी सड़कों का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा सड़कों का निर्माण होने से ग्रामीणों को यातायात में सुविधा होगी।
मौके पर झामुमो केन्द्रीय सदस्य काबलु महतो, प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा किशोर महतो, झामुमो संयुक्त सचिव धर्मु गोप, अर्जुन सिंह मुंडा, समर भुईया, श्रीकांत महतो, झारखंड छात्र मोर्चा जिलाध्यक्ष सह जेएमएम जिला मिडिया सदस्य सुदामा हेम्ब्रम, राजु किस्कु, बैद्यनाथ टुडू, सोनाराम मार्डी, अवधेश मुर्मु, सोमाय टुडू आदि काफी संख्या में ग्रामीण जनता व झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
तू मैं और करप्शन- जमकर खाओ- फाइल दबाओ नोटों की गड्डियां पाओ
गोंदिया
लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने के पूर्व ही शाब्दिक बाणों का खेला
चुनावी मौसम आया-शाब्दिक बाणों से माहौल गरमाया – जनता जनार्दन को चौंकाया-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में अनुमानतः अप्रैल से मई 2024 तक 7-9 चरणों में लोकसभा चुनाव होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, मेरा ऐसा मानना इसलिए भी है कि अभी माननीय पीएम 9 दिनों में 12 राज्यों की करीब 341 सीटों पर अपने संबोधन के दौरे पर हैं, वैसे भी पिछले दिनों से उन सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो हाथ से फिसल गई थी। स्वाभाविक है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना उसके बाद ही जारी की जाएगी परंतु जिस तरह से पिछले दो दिनों से पक्ष विपक्ष में जोरदार शाब्दिक बाणों का प्रहार हो रहा है उससे सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है कि चुनावी मौसम आ गया है और अपने ऊंचाई वाले स्तर पर जा रहा है। चुंकि विपक्ष ने पक्ष के नेता पर परिवार को लेकर तंज कसा है, सो उन्होंने लपक लिया और पूरे भारत को अपना परिवार बता दिया और फिर भ्रष्टाचार को लेकर भी शाब्दिक बाचा-बाची शुरू हो गई है।अभी 2 दिन पहले ही माननीय पीएम ने तो तू मैं और करप्शन एक राज्य के लिए, तो दूसरे के लिए जमकर खाओ की बातें कहीं, तो, 04 मार्च 2024 को एक राज्य में फाइल दबाव नोटों की गड्डियां पांओ की बात कही तो दूसरे दूसरी ओर 4 मार्च 2024 को ही देर शाम जानकारी आई के सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से वोट फॉर नोट और सांसद व विधायकों नेताओं को इस मामले में छूट से इनकार करने का ऐतिहासिक फैसला दिया तो, उधर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपने इलेक्ट्रॉन बॉन्ड की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में देने की अंतिम तिथि 6 मार्च से बढ़कर 30 जून 2024 की अपील दाखिल की है जिसे विपक्ष ने लपक लिया है और विपक्ष नेता ने कहा दाल में कुछ काला ही नहीं पूरी दाल ही काली है। बता दें कि इस डिजिटल युग में एक क्लिक पर बैंक की सारी जानकारी खाताधारकों व सरकारी एजेंसियों को मिल जाती है तो एसबीआई द्वारा इलेक्ट्रोल बॉन्ड की जानकारी में इतना समय क्यों मांग लिया है, यह बात मेरे खुद की समझ से भी परे है क्योंकि तब तक तो इलेक्शन भी निपट जाएंगे तो जनता को कैसे पता चलेगा कि किस पार्टी ने कितना पैसा एसबीआई इलेक्ट्रॉन बॉन्ड के तहत उठाया है। चूंकि आज दिनांक 5 मार्च 2024 को परिवार, भ्रष्टाचार, इलेक्ट्रॉन बॉन्ड और सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की बेंच का फैसला यह मुद्दे काफी चर्चित रहे,इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, चुनावी मौसम आया, शाब्दिक बाणों से माहौल गरमाया जनता जनार्दन को चौंकाया।
साथियों बात अगर हम भ्रष्टाचार पर शाब्दिक बाणों की करें तो, पीएम ने बंगाल में भ्रष्टाचार की बात करते हुए कहा कि यहां नेताओं के घर से नोटों की गड्डियां मिल रही थींनेताओं ने जनता का पैसा लूटा है।अगर अपराध व भ्रष्टाचार की बात कहें तो इन्होंने इसमें नया मॉडल स्थापित किया है। कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां ना हुआ हो। उन्होने कहा, मेरी गारंटी है. मैं बंगाल के लोगों से वादा करता हूं कि लूटने वालों को लौटाना ही पड़ेगा, ये छोड़ने वाला नहीं है। इनकी गालियों और हमले से डरने वाला नहीं है, झुकने वाला नहीं है।जिसने गरीब को लूटा है,उसको लौटाना ही पड़ेगा उन्होंने इस दौरान जनता को उस पार्टी के नाम का असली मतलब बताया। उन्होंने कहा कि अब इसका मतलब तू, मैं और करप्शन है। उन्होंने कहा कि इनकी सरकार ने राज्य के नाम को खराब किया है। हर तरह की योजना में यहां घोटाले देखने को मिलते हैं। येजनाएं हमारी होती हैं लेकिन वो उनपर अपना स्टीकर लगा देते हैं। गरीबों का हक छीनने से भी वो नहीं हिचकिचाते।
साथियों बात कर हम इसी से सहलग्न नोट फॉर वोट भ्रष्टाचार के संबंध में 4 मार्च 2024 को देर शाम 7 सदस्यों की बेंच की संवैधानिक पीठ के फैसले की करें तो, सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की संविधान पीठ ने 1998 के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें सांसद/विधायक को संसद या राज्य विधानसभा में वोट करने या भाषण देने के लिए रिश्वत लेने पर आपराधिक मुकदमे से छूट दी गई थी। मीडिया के अनुसार , सुप्रीम कोर्ट ने जेएमएम विधायक सीता सोरेन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि संसद सदस्य (सांसद) और विधानसभा सदस्य (विधायक) रिश्वत लेने का आरोप लगने पर संविधान के अनुच्छेद 105 और 194 के तहत अभियोजन से किसी छूट का दावा नहीं कर सकते हैं। बेंच की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश ने की। पीठ ने पिछले साल अक्टूबर में इसपर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 मार्च) को 1998 के पीवी नरसिम्हा राव के फैसले को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि संसद और विधानसभा के सदस्य विधायिका में वोट या भाषण के लिएसंविधान के अनुच्छेद 105(2) और 194(2) के तहत छूट का दावा कर सकते हैं। 1998 के अपने फैसले में पी.वी. नरसिम्हा राव बनाम सीबीआई मामले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 105 की पृष्ठभूमि में सांसदों को संसद में कही गई किसी भी बात या दिए गए वोट के संबंध में आपराधिक मुकदमा चलाने से छूट प्राप्त है। इसी तरह की छूट राज्य विधानमंडल के सदस्यों को अनुच्छेद 194(2) द्वारा मिली हुई है। एससी के फैसले को पीएम ने कहा- स्वागतम् पीएम ने ट्वीट किया, सुप्रीम कोर्ट का एक महान निर्णय जो स्वच्छ राजनीति सुनिश्चित करेगा और सिस्टम में लोगों का विश्वास गहरा करेगा।
साथियों बात अगर हम परिवार पर शाब्दिक बाणों की करें तो, पीएम ने सोमवार कोएक राज्य में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम नेविपक्ष के एक नेता के एक बयान पर जोरदार पलटवार किया ह। उन्होने कहा कि मुझपर परिवार को लेकर निशाना साधा गया है। पीएम ने कहा कि पूरा देश मेरा परिवार है। वहीं पीएम के इस बयान के बाद कई पार्टी नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (ट्विटर) पर अपने नाम के साथउनका परिवार लिख दिया है। इसी कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी अपने नाम के आगे उनका का परिवार लिख दिया है। बता दे विपक्ष के एक बड़े नेता ने कहा था, ये वो क्या है।कोई चीज़ है क्या वो, ये आजकल परिवारवाद पर हमला कर रहे हैं।अरे भाई, तुम बताओ न कि तुमकोपरिवार में कोई संतान क्यों नहीं हुआ? ज़्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता है कि तुम परिवारवाद है, परिवारवाद के लिए लोग लड़ रहे हैं। तुम्हारे पास परिवार नहीं है।तुम हिंदू भी नहीं हो। जब तुम्हारी माता जी का देहावसान हुआ, हर हिंदू शोक में केश बनवाता है। दाढ़ी छिलवाता है, क्यों नहीं छिलवाया बताओ।
साथियों बात अगर हमएसबीआई इलेक्ट्रोल बॉन्ड पर शाब्दिक बाणों की करें तो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट से चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय मांगा है सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों चुनावी बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया था। साथ ही कोर्ट ने एसबीआई को चुनावी बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को देने को कहा था। दरअसल, एसबीआई ही चुनावी बॉन्ड जारी करता था।सीजेआई की बेंच ने 15 फरवरी 2024 को चुनावी बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक और आरटीआई का उल्लंघन करार देते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सीजेआई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने एसबीआई को अप्रैल 2019 से अब तक मिले चंदे की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देने के लिए कहा था। कोर्ट ने चुनाव आयोग से 13 मार्च तक यह जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा था।
साथियों बात कर हम कई राज्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार की करें तो, पीएम ने कहा था तीन बुराइयों से लड़ना समय की मांग है, भ्रष्टाचार परिवारवाद और तुष्टीकरण। भ्रष्टाचार ने दीमक की तरह अर्थव्यवस्था को नोच लिया है। भ्रष्टाचार मुक्ति इसके खिलाफ जंग पीएम के जीवन का कमिटमेंट है। उन्होंने कहा मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। इसपर मेरा मानना है कि तीन बुराइयों में सबसे खतरनाक बुराई भ्रष्टाचार है, क्योंकि यह देश के राजनीतिक, आर्थिक सामाजिक, पर्यावरण की लागत और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रभाव डालती है। मेरा मानना है कि उच्च स्तरपर भ्रष्टाचार पर आम जनता पर डायरेक्ट प्रभाव नहीं पड़ता। वह बड़े लोगों, रसूख रखने वाले नेताओं, उद्योगपतियों ब्यूरोक्रेसी के लेवल पर फर्क पड़ता है,जैसे महाराष्ट्र में 100 करोड़ वसूली मुद्दा, एमपी में अनेक ब्यूरोक्रेसी के घर पर छापा चपरासी से लेकर आईएएस तक करोड़ों की तादाद में बरामदगी, नियुक्तियों में भ्रष्टाचार मुद्दा, शिक्षक भर्ती घोटाला,एक राज्य में 40 परसेंट तो अभी दूसरे राज्य में 50 पर्सेंट ठेकेदारी मुद्दे का मामला इत्यादि अनेक ऐसे मामले देश के सामने हैं। परंतु आम जनता जनार्दन का काम पटवारी से लेकर वाया तहसील कार्यालय तक और एसडीओ से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक यही उनका जीवन का अधिकतम हिस्सा निपट जाता है और इन्हीं चार पहियों पर आम आदमी का सामर्थ्य दीमक की तरह नोच लिया जाता है जिसका अनुभव मैंने अपने जीवन में कई बार किया है और मेरे पेशे के अनुसार कई बार आम जनता को पीड़ित होते हुए देखा है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि तू मैं और करप्शन- जमकर खाओ- फाइल दबाओ नोटों की गड्डियां पाओ।लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने के पूर्व ही शाब्दिक बाणों का खेला!चुनावी मौसम आया-शाब्दिक बाणों से माहौल गरमाया – जनता जनार्दन को चौंकाया।
संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
आदित्यपुर नगर-निगम वार्ड नंबर 7 पार्वती नगर न्यु शिव मंदिर लाईन बन चुका है पुरी तरह से नर्क
आदित्यपुर नगर-निगम वार्ड नंबर 7 पार्वती नगर न्यु शिव मंदिर लाईन बन चुका है पुरी तरह से नर्क नाली का गंदा पानी कई महिने से रोड पर बह रहा है इस संबंध में बिट्टू पति बापी दारा नगर निगम के भावी मेयर प्रत्याशी विशेष कुमार उर्फ बाबु तांती जिला अध्यक्ष तृणमूल कांग्रेस से बस्ती के समस्या से अवगत कराया गया युवा नेता बाबु तांती ने संज्ञान लेते हुए कहा नाली का निर्माण कार्य गलती हुआ है डाउन लाईन तरफ आफ लाईन हो गया है जिसके चलते नाली का गंदा पानी जमा होकर ओवरफोलो जाता है ओर रोड पर बहने लगता है अगर जेसीबी के दारा ऐक नाली कोड दिया जाए तो गंदा पानी बहना बंद हो जाएगी इस संबंध में आदित्यपुर नगर-निगम के सिटी मेनेजर के माध्यम से आदित्यपुर नगर आयुक्त से बात कर समस्या का निदान करने का प्रयास किया जाएगा।
दुनियां जीडीपी के दृष्टिकोण से हटकर अब मानव केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ चली है
गोंदिया
आओ मजबूत मानव श्रृंखला बनाकर मानव कल्याण कर मानवता का परिचय दें
अंतरराष्ट्रीय मंचों रूपी प्लेटफार्म से सशक्त कल्याणकारी मानवीय श्रृंखला बनाकर मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 29 फरवरी 2024 को जारी आंकड़ों के मुताबिक अपने पहले अग्रिम पूर्वानुमान में,वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत की वृद्धि 7.6 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है, जिसका अर्थ होगा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखेगा। दिसंबर तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बड़ा उछाल देखा गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की जीडीपी दिसंबर तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढ़ी। पीटीआई ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। भारत की जीडीपी में आया यह उछाल उम्मीद से कहींअधिक है।17 अर्थशास्त्रियों के मिंट पोल के अनुसार, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था दिसंबर तक तीन महीनों के दौरान 6.6 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद थी, जो पिछली जुलाई-सितंबर तिमाही की 7.6 प्रतिशत गति से धीमी थी। नवीनतम तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि वित्त वर्ष 23 की इसी अवधि में दर्ज 4.4 प्रतिशत से एक बड़ा कदम है।
साथियों हम अगर इसके पहले देखे तो वैश्विक स्तरपर कोरोना महामारी के दौरान करीब करीब हर देश के स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, विज्ञान सहित अनेक तकनीकें भी पीड़ितों और मृतकों की संख्या कम नहीं कर पाई। याने सभी तथाकथित सुदृढ़ संसाधन इस महामारी के सामने पंगु नज़र आए। परंतु इसमें हमने एक बात नोट किए कि लगभग सभी देशों नें मिलकर दवाइयां, मेडिकल, मेडिकल इंस्ट्रूमेंट, खाद्य सहित अनेक क्षेत्रों की सहायता कुछल कल्याणकारी मानवीय चैन बनाकर मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाकर, एक दूसरे की मदद कर रहे थे। भारत में भी करीब 150 देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की तो भारत को भी भारी विपत्ति के समय विकसित और विकासशील देशों द्वारा मेडिकल इंस्ट्रूमेंट की मदद की गई थी। यह बात हम आज इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि भारत में 9-10 सितंबर जी-20 शिखर सम्मेलन वसुधैव कुटुम्बकम हुआ। इसके पहले 5-7 सितंबर 2023 को आसियान शिखर सम्मेलन, 9 वा रायसीना डायलॉग 21-24 फरवरी 2024 इसके पहले जी-10, शंघाई इत्यादि शिखर सम्मेलनों सहित अनेक वैश्विक शिखर सम्मेलनों में एक बात उभर कर आई है कि मानवीय मूल्यों पर अधिक महत्व दिया जा रहा है। चूंकि भारत आदि अनादि काल से मानवीय मूल्यों की तरफदारी करता रहा है, अब इसमें चार कदम आगे बढ़कर जी-20 शिखर सम्मेलन को वसुधैव कुटुम्बकम यानें पूरा विश्व एक परिवार है की थीम बनाकर अब जीडीपी केंद्रित दृष्टिकोण से मानव केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ने का काम जोरों पर किया जा रहा है। इसपर पूरी दुनियां को साझा दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है,जिससे वैश्विक मानव निर्मित व प्राकृतिक विपरीताओं से निपटने के लिए मजबूत मानव श्रृंखला उपाय की सटीकता को रेखांकित किया जाना चाहिए। चूंकि अब पूरी दुनियां का अब वसुधैव कुटुम्बकम पर ध्यान है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, अंतरराष्ट्रीय मंचों रूपी प्लेटफार्मस से सशक्त कल्याणकारी मानवीय श्रृंखला बनाकर मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।
साथियों बात अगर हम भारत की आदि अनादि काल से सोच और जलवायु परिवर्तन के संबंध में दृष्टिकोण की करें तो, वसुधैव कुटुम्बकम, हमारी भारतीय संस्कृति के इन दो शब्दों में एक गहरा दार्शनिक विचार समाहित है। इसका अर्थ है, पूरी दुनिया एक परिवार है।यह एक ऐसा सर्वव्यापी दृष्टिकोण है जो हमें एक सार्वभौमिक परिवार के रूप में प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित करता है। एक ऐसा परिवार जिसमें सीमा, भाषा और विचारधारा का कोई बंधन ना हो।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम व्यक्त किए गए अपने विचारोंकी करें तोजलवायु परिवर्तन के कारण, खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी। इससे निपटने में मोटा अनाज या श्रीअन्न से बड़ी मदद मिल सकती है। श्रीअन्न क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को भी बढ़ावा दे रहा है। इंटरनेशनल इयर ऑफ मिलेट्स के दौरान हमने श्रीअन्न को वैश्विक स्तरपर पहुंचाया है। द डेक्कन हाई लेवल प्रिंसिपल्स ऑन फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन से भी इस दिशा में सहायता मिल सकती है।टेक्नॉलजी परिवर्तनकारी है लेकिन इसे समावेशी भी बनाने की जरूरत है। अतीत में, तकनीकी प्रगति का लाभ समाज के सभी वर्गों को समान रूप से नहीं मिला। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दिखाया है कि कैसे टेक्नॉलजी का लाभ उठाकर असमानताओं को कम किया जा सकता है।उदाहरण के लिए, दुनियां भर में अरबों लोग जिनके पास बैंकिंग सुविधा नहीं है, या जिनके पास डिजिटल पहचान नहीं है, उन्हें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के माध्यम से साथ लिया जा सकता है।डीपीआई का उपयोग करके हमने जो परिणाम प्राप्त किए हैं, उन्हें पूरी दुनियां देख रही है, उसके महत्व को स्वीकार कर रही है। अब, जी-20 के माध्यम से हम विकासशील देशों को डीपीआई अपनाने, तैयार करने और उसका विस्तार करने में मदद करेंगे, ताकि वो समावेशी विकास की ताकत हासिल कर सकें। भारत में, प्राचीन काल से प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर आगे बढ़ना हमारा एक आदर्श रहा है और हम आधुनिक समय में भी क्लाइमेट एक्शन में अपना योगदान दे रहे हैं। ग्लोबल साउथ के कई देश विकास के विभिन्न चरणों में हैं और इस दौरान क्लाइमेट एक्शन का ध्यान रखा जाना चाहिए। क्लाइमेट एक्शन की आकांक्षा के साथ हमें ये भी देखना होगा कि क्लाइमेट फाइनेंस और ट्रांसफर ऑफ टेक्नॉलजी का भी ख्याल रखा जाए। हमारा मानना है कि जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पाबंदियों वाले रवैये को बदलना चाहिए। क्या नहीं किया जाना चाहिए से हटकर ‘क्या किया जा सकता है वाली सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। हमें एक रचनात्मक कार्यसंस्कृति पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।एक टिकाऊ और सुदृढ़ ब्लू इकॉनमी के लिए चेन्नई एचएलपी हमारे महासागरों को स्वस्थ रखने में जुटी है।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम के अर्थव्यवस्था और जी-20 के संबंध में विचारों की करें तो, भारत की डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी, डाइवर्सिटी और डेवलपमेंट के बारे में किसी और से सुनना एक बात है और उसे प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करना बिल्कुल अलग है। मुझे विश्वास है कि हमारे जी-20 प्रतिनिधि इसे स्वयं महसूस करेंगे। हमारी जी-20 अध्यक्षता विभाजन को पाटने, बाधाओं को दूर करने और सहयोग को गहरा करने का प्रयास करती है। हमारी भावना एक ऐसी दुनिया के निर्माण की है, जहां एकता हर मतभेद से ऊपर हो, जहां साझा लक्ष्य अलगाव की सोच को खत्म कर दे। जी-20 अध्यक्ष के रूप में, हमने वैश्विक पटल को बड़ा बनाने का संकल्प लिया था, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि हर आवाज सुनी जाए और हर देश अपना योगदान दे। मुझे विश्वास है कि हमने कार्यों और स्पष्ट परिणामों के साथ अपने संकल्प पूरे किये है। जी-20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान, यह विचार मानव केंद्रित प्रगति के आह्वान के रूप में प्रकट हुआ है। हम वन अर्थ के रूप में, मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक साथ आ रहे हैं। हम वन फ़ैमिली के रूप में विकास के लिए एक-दूसरे के सहयोगी बन रहे हैं। और वन फ्यूचर के लिए हम एक साझा उज्जवल भविष्य की ओर एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। भारत के लिए, जी-20 की अध्यक्षता केवल एक उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रयास नहीं है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी और मॉडल ऑफ डाइवर्सिटी के रूप में हमने इस अनुभव के दरवाजे दुनिया के लिए खोल दिये हैं।आज किसी काम को बड़े स्तर पर करने की बात आती है तो सहज ही भारत का नाम आ जाता है। जी-20 की अध्यक्षता भी इसका अपवाद नहीं है। यह भारत में एक जन आंदोलन बन गया है।जी-20 प्रेसीडेंसी का हमारा कार्यकाल खत्म हुआ भारत के 60 शहरों में 200 से अधिक बैठकें आयोजित की जा चुकी है। इस दौरान हम 125 देशों के लगभग एक लाख प्रतिनिधियों की मेजबानी कर चुके है। किसी भी प्रेसीडेंसी ने कभी भी इतने विशाल और विविध भौगोलिक विस्तार को इस तरह से शामिल नहीं किया है।भारत का सबसे तेज गति से बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाना कोई आकस्मिक घटना नहीं है। हमारे सरल, व्यावहारिक और सस्टेनेबल तरीकों ने कमजोर और वंचित लोगों को हमारी विकास यात्रा का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाया है। अंतरिक्ष से लेकर खेल, अर्थव्यवस्था से लेकर उद्यमिता तक, भारतीय महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। आज महिलाओं के विकास से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व में विकास के मंत्र पर भारत आगे बढ़ रहा है। हमारी जी-20 प्रेसीडेंसी जेंडर डिजिटल डिवाइड को पाटने, लेबर फोर्स में भागीदारी के अंतर को कम करने और निर्णय लेने में महिलाओं की एक बड़ी भूमिका को सक्षम बनाने पर काम कर रही है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरी विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनियां जीडीपी के दृष्टिकोण से हटकर अब मानव केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ चली है।आओ मजबूत मानव श्रृंखला बनाकर मानव कल्याण कर मानवता का परिचय दें।अंतरराष्ट्रीय मंचों रूपी प्लेटफार्म से सशक्त कल्याणकारी मानवीय श्रृंखला बनाकर मानव केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है:-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र