परिवहन विभाग कि ओर से रफ्तार घटाओं सुरक्षा बढ़ाओ पर हुआ नीबंध व चित्रकला प्रतियोगिता

परिवहन विभाग कि ओर से रफ्तार घटाओं सुरक्षा बढ़ाओ पर हुआ नीबंध व चित्रकला प्रतियोगिता

सरायकेला/ईचागढ़


(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के अनुग्रह नारायण प्लस टू उच्च विद्यालय पिलीद में गुरुवार को जिला परिवहन विभाग कि ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम को लेकर बच्चों के बीच नीबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो ने बच्चों को जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा के नियमों, दंडात्मक कार्रवाई आदि के संबंध में जानकारी दिया।

उन्होंने रफ्तार घटाओं सुरक्षा बढ़ाओ नारे को आत्मसात कर अपने और अन्य को सुरक्षित करने का सुझाव दिया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने का अपील किया। उन्होंने लाइसेंस और आवश्यक कागजात के साथ वाहन चलाने, हेलमेट पहनकर बाइक चलाने व चार पहिया वाहनों में सीट बैल्ट पहनकर चलाने का अपील किया। उन्होंने बच्चों को सड़क सुरक्षा अधिनियम के संबंध में भी जागरूक किया।

मौके पर प्राचार्य मीताली, सड़क सुरक्षा से कुंदन कुमार, आषुतोष कुमार, मानवाधिकार परिषद के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार माझी,शिक्षक राहुल देव महतो, चन्द्र प्रकाश यादव, राकेश भरद्वाज, श्वेता खलको, संस्कृति कुमारी लज्या, किशोर कुमार आदि उपस्थित थे।

स्वर्गीय अग्नि बेसरा की जयंती के अवसर पर तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया ।

स्वर्गीय अग्नि बेसरा की जयंती के अवसर पर तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया ।

सरायकेला/आदित्यपुर

स्वर्गीय अग्नि बेसरा की जयंती के शुभ अवसर पर आदिवासी विकास समिति बास्को नगर की तरफ से सम्मान समारोह का आयोजन रखा गया।

स्वर्गीय अग्नि बेसरा की जयंती के शुभ अवसर पर तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया ।

आपको बताते चले कि स्वर्गीय अग्नि बेसरा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर कई गणमान्य अतिथि गण पधारे और इस शुभ अवसर पर केक काटकर आयोजन का शुभारंभ किये।

वहीं इस फुटबॉल कार्यक्रम में नृत्य एवं कई तरह के कल्चरल कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए जिसे देख नगर वासी आनंदित हो उठे एवं मुख्य अतिथि एवं आयोजन करता वास्को बेसरा का दिल से आभार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम में समाज के कई वरिष्ठ एवं सम्मानित लोग सम्मिलित भी हुए वास्को नगर के साथ साथ आसपास के क्षेत्र से सैकड़ो की संख्या में लोग कार्यक्रम को देखने के लिए उमड़ पड़े।

कार्यक्रम में आए हुए कई लोगों को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देखकर सम्मानित किया गया एवं कार्यक्रम के द्वारा कई महिला समितियां को भी सम्मान किया गया।
वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वास्को बेसरा ने कहा कि यह पहली बार हमारा प्रयास है इसमें आप लोगों का प्यार देखकर काफी प्रसन्नता हो रही है आगे उन्होंने कहा कि आज की भांति प्रति वर्ष इसी तरह का कार्यक्रम किया जाएगा। 

मुख्य अतिथि वास्को बेसरा ने कार्यक्रम में आगे कहा कि जिस तरह आप लोगों ने अब तक हमें प्यार दिया है एवं हम पर भरोसा जताया है इसी तरह आप सभी का प्यार सदा बना रहे और उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से सदैव ही नगर वासियों के लिए एवं नगर वासियों के हित के लिए कदम उठाता ही रहता हूं एवं नगर वासियों की जरूरत को सदैव ही पूरा करता रहता हूं एवं आगे भी इसी तरह से अपने नगर वासियों की सेवा में तत्पर रहूंगा एवं उनकी जरूरत को अवश्य पूरा करूंगा बस नगर वासियों से अपील है कि अपना प्यार और भरोसा हम पर बनाए रखें।

पारगामा में राशन डीलर पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा — तीन महीने से नहीं मिला राशन, ग्रामीणों ने किया विरोध

पारगामा में राशन डीलर पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा — तीन महीने से नहीं मिला राशन, ग्रामीणों ने किया विरोध

सरायकेला/ईचागढ़

दोषी डीलर पर हो कड़ी कार्रवाई – पूर्व जिप उपाध्यक्ष

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड के पारगामा के ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब तीन महीने से सरकारी राशन डीलर राशन देने से इंकार कर दिया।लोगों ने राशन डीलर के खिलाफ जमकर विरोध जताया। ग्रामीण ने बैठक कर विरोध जताया।ग्रामीणों ने पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी सह खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी से भी मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने बताया कि किशुनडीह के डीलर बलभद्र मुर्मू रात के समय चोरी-छिपे राशन वितरण करता है। इंटा,पत्थर रखकर तराजू पर वजन कर अंगुठे लगवाते हैं और 15 -20 दिन बाद अनाज दिया जाता है। हद तब हो गई जब तीन महीने का अनाज कुछ कार्ड धारियों को देकर अनाज खत्म होने का बहाना बनाया एवं सितम्बर का अंगूठा लगाकर राशन देने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू को भी इस संबंध में अवगत कराते हुए न्याय दिलाने में सहयोग करने का गुहार लगाई। कार्डधारियों ने हस्ताक्षरित आवेदन उपायुक्त को देकर राशन दिलाने एवं डीलर पर कार्रवाई कराने का निर्णय लिया। वहीं पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू ने कहा कि गरीबों का हक मारने वाले पर कार्रवाई कराने में हर तरह से सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीलर हर बार इस तरह का रवैया अपना कर 3-4 महिने का अनाज डकार जाते हैं। श्री साहू ने कहा कि उच्च पदाधिकारीयों से गरीबों को न्याय देने एवं दोषी डीलर पर कार्रवाई करने का मांग किया जाएगा।मौके पर मनोरंजन सिंह मुण्डा,बादल पाल, उमाशंकर पोद्दार,डोलू मांझी, शंभू पोद्दार आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

एलसीडीसी के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन

एलसीडीसी के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय के आइसीडीएस सभागार में कुष्ठ रोगी खोजो अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। सेविकाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनुपम घोषाल ने बताया कि 10 नवंबर से 25 नवंबर तक कुष्ठ रोगी खोजो अभियान चलाया जाएगा। सेविका एवं सहयोगी द्वारा घर घर जाकर संदेहास्पद कुष्ठ रोगी का पहचान करना है और पहचान के उपरांत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ भेजना है, ताकि समय पर जांच कर दवा का वितरण किया जायेगा। डाक्टर घोषाल ने बताया कि सेविकाओं को कुष्ठ रोगी की पहचान के लक्षण , शारीरिक परिवर्तन, सुनापन स्थान,चकते के संबंध में जानकारी दिया गया।

उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग उन्मूलन हेतु सरकार द्वारा कुष्ठ रोगी खोजो अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेन्द्र सिंह मुण्डा, एमपीडब्ल्यू राजीव कैवर्त, बुधराम बेसरा, महिला पर्यवेक्षिका ममता बिन्हा, कृष्णा देवी आदि उपस्थित थे।

आज चुनावी सभा को संबोधित करेंगे दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

आज चुनावी सभा को संबोधित करेंगे दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

डेहरी ऑन सोन, बेताब अहमद

आज बृहस्पतिवार को ई ललन सिंह स्पोर्टींग क्लब डिहरी में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं जमुई सांसद अरूण भारती और नागमणि वरिष्ठ भाजपा नेता चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। डेहरी विधानसभा के एनडीए समर्थित लोजपा रामविलास पार्टी के उम्मीदवार राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह वोट मांगने की अपील करेंगे।

पवन सिंह के आगमन से पहले शहर में चर्चा हुई तेज,जो जोरू का नहीं हुआ वह जनता का क्या होगा?

पवन सिंह के आगमन से पहले शहर में चर्चा हुई तेज,जो जोरू का नहीं हुआ वह जनता का क्या होगा?

सासाराम/काराकाट, बेताब अहमद

एनडीए के स्टार प्रचारक व भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह का आज सासाराम शहर में आगमन होने जा रहा है। उनके आगमन से पहले सासाराम शहर में चर्चा तेज हो चुकी है।

चुकी उनकी पत्नी ज्योति सिंह रोहतास जिला के काराकाट विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही है। वही काराकाट से ही एनडीए के प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं। माना जा रहा है की सासाराम में जैसे ही पवन सिंह का आगमन होगा इसका लाभ सीधे तौर पर काराकाट से चुनाव लड़ रहे एनडीए के प्रत्याशी को मिल सकता है।

इसके बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह के चुनावी अभियान पर असर दिखाई पड़ेगा। इसी बात को सोचकर लोगों के द्वारा चर्चा की जा रही है कि कम से कम पवन सिंह को रोहतास के सातों विधानसभा सीट पर प्रचार करने नहीं आना चाहिए था। उनके आगमन से उनकी पत्नी का चुनाव प्रभावित हो सकता है। इसीलिए ज्योति सिंह के समर्थकों के द्वारा पवन सिंह के आगमन की आलोचना की जा रही है।

समर्थकों के द्वारा कहा जा रहा है कि जब पवन सिंह काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे उस दौरान ज्योति सिंह गलियों में घूम-घूम कर उनके लिए समर्थन जुटा रही थी।और अब जब ज्योति सिंह चुनाव लड़ रही है तो पवन सिंह को भी उनके साथ होना चाहिए था। जबकि पवन सिंह एनडीए प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए रोहतास में रोड शो कर रहे हैं। इससे ज्योति सिंह की परेशानी बढ़ सकती है। इसीलिए समर्थकों के बीच से इस तरह की आवाज भी आ रही है कि जो जोरू का नहीं हुआ वह जनता का क्या होगा?

प्रदीप ललन सिंह ने डेहरी की धरती पर संयुक्त रोड शो कर जनसमर्थन की नई लहर पैदा कर दी।

प्रदीप ललन सिंह ने डेहरी की धरती पर संयुक्त रोड शो कर जनसमर्थन की नई लहर पैदा कर दी।

डेहरी ऑन सोन, बेताब अहमद

डेहरी विधानसभा क्षेत्र के जनसुरज पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप ललन सिंह ने डेहरी की धरती पर रोड शो कर जनसमर्थन की नई लहर पैदा कर दी। प्रदीप ललन सिंह का रोड शो से डेहरी की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब ढोल-नगाड़ों की थाप, फूलों की वर्षा और जोश से भरे नारों ने पूरे क्षेत्र को जनसमर्थन के रंग में रंग दिया।

यह रोड शो घोड़ा चौक से शुरू हुआ। थाना चौक, पाली रोड, स्टेशन रोड, न्यू डिलियां, रामरानी, अंबेडकर चौक, इसलामगंज, जक्की बिगहा, डालमियानगर, बांक, अकोदीगोला होते हुए हर गली, हर चौक “प्रदीप ललन सिंह जिंदाबाद” “प्रशांत किशोर जिंदाबाद” “स्कूल का बैग छाप जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। यह रोड शो नहीं, बल्कि विकास, एकता और विश्वास का जनसंदेश था। रोड शो के दौरान डॉ भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा पर प्रदीप ललन सिंह ने माल्यार्पण किया।

जनता ने साफ संकेत दिया है कि बिहार में विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए स्कूल का बैग छाप पर बटन दबाकर प्रदीप ललन सिंह को जीतकर प्रशांत किशोर को हाथों को मजबूत करें। रोड शो में सुनीता कुमारी, आरके सिंह, डीके सिंह, बबलू कुमार, राहुल कुमार, चंदन कुमार, मेराज आलम, सौरभ कुमार, विभा देवी, एवं सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के लिए वोट मांगे CM योगी, कहा- बिहार को ठगने का काम कर रही है महागठबंधन

उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के लिए वोट मांगे CM योगी, कहा- बिहार को ठगने का काम कर रही है महागठबंधन

सासाराम,बेताब अहमद

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलाता कुशवाहा के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सासाराम आज चुनाव प्रचार किया। कुशवाहा ने मंच पर सीएम योगी का भव्य स्वागत किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन पर तीखा हमला किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सासाराम के न्यू स्टेडियम फजलगंज में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के लिए वोट मांगने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व को नकारा, राजद ने राम रथ यात्रा को रोका और सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। लेकिन हमने कहा था कि ‘रामलला आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।’ आज डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना दिया और कोई उसे रोक नहीं सका। उन्होंने आगे कहा कि अब सीतामढ़ी में माता सीता का मंदिर निर्माण भी जारी है और इसे अयोध्या से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये की लागत से एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है।

बिहार में पिछले 20 सालों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। इसे एक बार फिर से पुराने दिनों में लौटने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बिहार के किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया। जिन लोगों ने बिहार के व्यवसाईयों और कारोबारी के सामने सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा कर दिया। वह कौन लोग थे जो बिहार के मां-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम किया? आज वहीं लोग महागठबंधन बनाकर लोगों को ठगने के लिए फिर से मैदान में आ गए हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। बता दें कि कार्यक्रम में पहुंचने पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। इस दौरान मंच पर भाजपा की विधान पार्षद निवेदिता सिंह भी मौजूद रही।

यह कैसी विडंबना, ईचागढ़ विश का नाम भी डुबे क्षेत्र से आता है, दंश झेलने को विवश, ईचागढ़ वासी : निपेन महतो

यह कैसी विडंबना, ईचागढ़ विश का नाम भी डुबे क्षेत्र से आता है, दंश झेलने को विवश, ईचागढ़ वासी : निपेन महतो

सरायकेला/ईचागढ़/चांडिल

ईचागढ़ विधानसभा का नाम भी डुबे क्षेत्र से आता है । प्रमाण पत्र व सुविधाओ से वंचित है । निपेन महतो ने बताया कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन की विडंबना के दंश झेलने को विवश हैं ईचागढ़ वासी ।

चांडिल बांध विस्थापित मत्स्य जीवी स्वावलंबी सहकारी समिति का बैठक नौका विहार स्थल पर हुआ। जिसमें चांडिल जलाशय के मत्स्य पालन समिति व अन्य संग विस्थापित के रोजगार पर विचार-विमर्श किया गया है । जलाशय के पुनर्वास निति 2003, 2012 में यह प्रावधान है कि विस्थापित लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाए ।

इतना हीं नहीं, वहां का पर्यटन और मत्स्य विभाग में जलाशय पर, पहला अधिकार जलाशय के विस्थापित लोग का है। लेकिन इन अधिकार एवं प्रावधान में भी विस्थापित लोग राजनीति का शिकार बन रहे हैं। इस संबंध में विस्थापित लोगों का कहना है कि पर्यटन विभाग में पुर्नवास निति का उल्लंघन कर रहे हैं। मत्स्य विभाग के पुर्नवास निति के संबंध में भी उल्लेख किया गया। जिला मत्स्य विभाग के मनमानी रवैया के कारण विस्थापित लोग का रोजगार छीन गया है। विस्थापित लोगों का कहना है कि हमारे पुर्वज से जमीन जलाशय में लिया गया। अब विस्थापित परिवार के रोजगार के विभिन्न स्रोत पर्यटन, नौका विहार , मत्स्य योजना के रोजगार को राजनीति के तहत छीन लिया है।

इसलिए विस्थापित लोग चरण बद्ध आंदोलन करने को विवश हैं। बैठक में लोग ने यहां तक कहा कि ईचागढ़ गांव जलाशय में प्रभावित हुए, लेकिन विस्थापित गांव के सूची में विधानसभा अभी भी है। जो लोगों के लिए विडंबना बनी हुई है। ईचागढ़ गांववासी का स्थानीय प्रमाण पत्र नहीं बनता है, लेकिन विधानसभा सीट आज भी बरकरार है। जिला मत्स्य पदाधिकारी के मनमानी ढंग से मत्स्य योजना कार्य गैर विस्थापित कर रहे हैं। जो कि प्रावधान का उल्लघंन हो रहा है । विस्थापित दर दर के ठोकर खा रहे हैं। विरोध में समिति की प्रतिनिधि उपायुक्त सरायकेला खरसावां से मिलेंगे और विस्थापित की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। बैठक में , अम्बिका यादव, नारायण गोप , श्यामल मार्डी, किरण हेम्ब्रम, अकलु धीवर, विवेक गोप, पंचानन महतो, कंचन सिंह, देवेंद्र महतो, लखन महतो आदि उपस्थित थे। यही वजह है, ईचागढ़ गांव जलाशय से प्रभावित हैं और हर चुनाव में नेताओं व प्रत्याशियों द्वारा विस्थापितों का मुद्दा उठाया जाता है।

गुरु नानक जयंती महोत्सव 5 नवंबर 2025, एक दिव्य चेतना का अवतरण-सतगुरु नानक प्रगटिया मिटी धुंध जग चानण होआ।

गुरु नानक जयंती महोत्सव 5 नवंबर 2025, एक दिव्य चेतना का अवतरण-सतगुरु नानक प्रगटिया मिटी धुंध जग चानण होआ।

पूरी दुनियां में गूंजा,धन गुरु नानक सारा जग तारिया – प्रकाशोत्सव की पावन बेला से जग पवित्र हुआ

गुरु नानक देव जी केवल सिख धर्म के प्रथम गुरु ही नहीं थे, बल्कि समूची मानवता के लिए एक विश्वगुरु, एक आध्यात्मिक क्रांति के प्रणेता थे- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर पूरी दुनियां में सतगुरु नानक प्रगटिया मिट्टी धुंध जग चानण होआ, हुकमे अंदर सभ क़ो,बाहर हुकम ना कोए,सिमर सिमर सुख पावहुँ सिमरन कर मन मेरे, सबना ज़ियादा इक दाता, सो मैं विसर ना जाई, वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह-श्रद्धा भाव से आंखें बिछाए भक्तगण केनयन तृप्त हुए,नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सरबत दा भला के संदेश के साथ पूरे विश्व में  स्थित सभी गुरुद्वारे सिख धर्म के पहले गुरु और संस्थापक श्री गुरुनानक देव जी महाराज का 556 वाँ प्रकाशोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।उनका जन्म पंजाब के तलवंडी (ननकाना साहिब) में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था, जो 2025 में 5 नवंबर को पड़ रहा है। यह दिन “गुरु नानक प्रकाश उत्सव” के नाम से मनाया जाता है, जब सिख और अन्य धर्मावलंबी गुरु नानक की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए नाम जप, कीर्तन, लंगर और सेवा करते हैं।

इस पावन मौके पर सिख, सिंधी समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के लोग भी माथा टेकने गुरुद्वारा पहुंच रहे है। गुरु नानक देव जी (1469-1539) केवल सिख धर्म के प्रथम गुरु ही नहीं थे, बल्कि समूची मानवता के लिए एक विश्वगुरु, एक आध्यात्मिक क्रांति के प्रणेता थे।हालांकि प्रकाशपर्व को लेकर अनेक दिनों से चल रहे प्रभातफेरी उपरांत जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाते हुए गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में हर नगर कीर्तन की तरह प्रभात फेरी निकाली गई है। सिखों के पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी महाराज, जिनका नाम लेने मात्र से मानो आत्मिक शांति का अहसास होने लगता है। श्री गुरु नानक देव जी सिखों के ही नहीं, अपितु समस्त मानव जाति के लिए आदर्श हैं। उनकी शिक्षाएं, उनके विचार और उनके कर्म आज हर मनुष्य को प्रकाश के मार्ग पर ले जाते हैं। गुरु साहब ने अपना पूरा जीवन लोक भलाई के लिए समर्पित कर दिया। चूंकि दिनांक 5 नवंबर 2025 को हम वैश्विक स्तरपर बाबा गुरु नानक देवजी का प्रकाशोत्सव मना रहे हैं, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, पूरी दुनियाँ में गूंजा धन गुरु नानक सारा जग तारिया – सतगुरु नानक प्रगटिया मिटी धुंध जग चानण होआ,पावन बेला से जग पवित्र हुआ।

साथियों बात कर हम बाबा गुरु नानक देव के पावन जन्म की करें तो, बाबाजी का जन्म एक खत्रीकुल में रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी नामक गाँव (अभी पाकिस्तान में पंजाब प्रान्त में जिसका नाम आगे चलकर ननकाना पड़ गया) में कार्तिकी पूर्णिमा को हुआ था।कुछ विद्वान इनकी जन्मतिथि 15 अप्रैल 1469 मानते हैं, किंतु प्रचलित तिथि कार्तिक पूर्णिमा ही है, जो अक्टूबर-नवंबर में दीवाली के 15 दिन बाद पड़ती है। उनके पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम तृप्ता देवी था, जबकि बहन बेबे नानकी थीं।गुरु साहिब बचपन से ही प्रखर बुद्धि के स्वामी थे। लड़कपन से वे सांसारिक मोहमाया के प्रति काफी उदासीन रहा करते थे। पढ़ने-लिखने में बिल्कुल भी रुचि नहीं थी, लेकिन उनका सारा समय आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग में व्यतीत होता था। उनके बाल्यकाल में कई ऐसी चमत्कारी घटनाएं हुई, जिसके बाद लोग उन्हे दिव्य शख्सियत मानने लगे।

साथियों बात अगर हम बाबा गुरु नानक देव के बाल्यापन से युवापन की करें तो, बाबाजी का मन पढ़ने में नही लगता था, हालाँकि वे तेज बुद्धि के थे। उन्होंने 7-8 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़ दिया था। उनका ध्यान शुरुआत से ही आध्यात्म की तरफ था,तत्पश्चात् सारा समय वे आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग में व्यतीत करने लगे। आगे चलकर इनका विवाह सोलह वर्ष की आयु में गुरदासपुर जिले में लाखौकी नामक स्थान की कन्या सुलक्खनी से हुआ था। 32 वर्ष की अवस्था में इनके प्रथम पुत्र श्रीचंद का जन्म हुआ था और चार वर्ष पश्चात् दूसरे पुत्र लखमीदास का जन्म हुआ था। नानक का मन गृहस्थी में नही लगा इसलिए उन्होंने 1507 में अपने दोनों पुत्रों और पत्नी को अपने श्वसुर के घर छोड़ दिया और अपने चार साथियों रामदास,मरदाना, लहना, बाला के साथ तीर्थ यात्रा पर निकल पड़े।

साथियों बात अगर हम बाबा गुरु नानक देव के दर्शन आधारशिला की करें तो, नानक देव जी के दर्शन की आधारशिला यह है कि वे सर्वेश्वरवादी थे।जिसका मतलब होता है कि ईश्वर सब जगह है अर्थात संसार के सभी तत्त्वों, पदार्थों और प्राणियों में ईश्वर विद्यमान है एवं ईश्वर ही सब कुछ है।नानक जी मूर्ती पूजा के विरोधी थे इसके अलावा उन्होंने हिंदू धर्म में फैली कुरीतिओं का सदैव विरोध किया था। उन्होंने एक परमात्मा की उपासना के मार्ग को बताया था, यही कारण है कि उनके विचारों को हिंदु और मुसलमान दोनों धर्मों के लोगों ने पसंद किया जाता है।संत साहित्य में नानक उन संतों की श्रेणी में हैं। हिंदी साहित्य में गुरुनानक भक्तिकाल के अतंर्गत आते हैं और वे भक्तिकाल में निर्गुण धारा की ज्ञानाश्रयी शाखा से संबंध रखते हैं।

साथियों बात अगर हम सतगुरु नानक प्रगटिया मिटी धुंध की करें तो, सतगुरु नानक प्रगट्या, मिटी धुंध जग चानन होया, कलतारण गुरु नानक आया, ज्यों कर सूरज निकलया तारे छपे अंधेरपोलावा। गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर यह शबद गुरुद्वारों में गूंजायमान हो रहे हैं। कथा वाचक अपनी वाणी व रागी ढाडी जत्थे अपने कीर्तन से गुरु की महिमा का जो बखान कर रहे हैं, उसे गुरु घर में पहुंची संगत आस्था के समंदर में गोते लगा रही है। पूरे विश्व के गुरुद्वारों में जहां हजारों की तादाद में संगत माथा टेकने को उमड़ रही है। संगत ने जोड़ा घर, लंगर व बर्तन की सेवा कर रही है। पवित्र सरोवर के पानी से खुद को पवित्र कर रही है। बता दें श्री गुरुनानक देव जी का जीवन सदैव समाज के उत्थान में बीता। उस समय का समाज अंध विश्वासों और कर्मकांडों के मकड़जाल में फंसा हुआ था।ऐसे जटिल दौर में गुरुनानक देवजी ने प्रकट होकर समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने का जो काम किया, उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। श्री गुरुनानक देव जी ने अपने उपदेशों में निरंकार पर जोर दिया। उन्होंने कहा धार्मिक ग्रंथ का ज्ञान ऐसी नैया है, जो अंधविश्वास के भवसागर से पार उतारती है। ये ज्ञान हमें निरंकार के देश की तरफ लेकर जाता है, जिसके समक्ष सिख आज भी नतमस्तक होते हैं।सिखमत का आगाज़ ही एक से होता है। सिखों के धर्म ग्रंथ में एक की ही व्याख्या है। एक को निरंकार, पारब्रह्म आदि नामों से जाना जाता है। निरंकार का स्वरूप श्रीगुरुग्रंथ साहिब की शुरुआत में बताया है जिसे आम भाषा में गुरु साहिब के उपदेशों का मूल मन्त्र भी कहते हैं। यह ग्रंथ पंजाबी भाषा और गुरुमुखी लिपि में है। इसमें मुख्यत:कबीर, रैदास और मलूकदास जैसे भक्त कवियों की वाणियाँ सम्मिलित हैं।
साथियों बात अगर हम बाबा जी की चार उदासियों की करें तो, गुरु साहिब चारों दिशाओं में घूम-घूम कर लोगों को उपदेश देने लगे। 1521 ईस्वी तक उन्होंने चार यात्रा चक्र पूरे किए, जिनमें भारत, अफगानिस्तान, फारस और अरब के मुख्य स्थान शामिल थे। इन यात्राओं को पंजाबी में उदासियाँ के नाम से जाना जाता है। गुरु नानक देव जी मूर्तिपूजा में विश्वास नहीं रखते थे। नानक जी के अनुसार ईश्वर कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदर ही है। उन्होंने हमेशा ही रुढ़ियों और कुरीतियों का विरोध किया। उनके विचारों से नाराज तत्कालीन शासक इब्राहिम लोदी ने उन्हें कैद तक कर लिया था। पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोदी हार गया और राज्य बाबर के हाथों में आ गया, तो उन्हें कैद से मुक्ति मिली।

साथियों बात अगर हम बाबा जी के जीवन की आखिरी सांस तक लोग भलाई के काम करने की करेंतो,जीवन के अंतिम दिनों में गुरु साहिब के लोकहित में किए गए कामों की प्रसिद्धि हवा में घुलती फूलों की महक की तरह हर तरफ फैल चुकी थी। अपने परिवार के साथ मिलकर वे मानवता की सेवा में पूरा समय व्यतीत करने लगे।

उन्होंने करतारपुर नाम से एक नगर बसाया, जो अब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है।अपनी चार उदासियों के बाद गुरुनानक देव जी 1522 में करतारपुर साहिब में बस गए। उनके माता-पिता का परलोक गमन भी इसी जगह पर हुआ था।करतारपुर साहिब में ही गुरुनानक साहिब ने सिख धर्म की स्थापना की थी। उन्होंने रावी नदी के किनारे सिखों के लिए एक नगर बसाया और यहां खेती कर नाम जपो, किरत करो और वंड छको का उपदेश दिया। करतारपुर साहिब में उन्होंने अपने जीवन के आखिरी 17 साल बिताए। यहीं पर 22 सितंबर 1539  ईस्वी को उन्होंने समाधि ले ली। ज्योति ज्योत समाने से पहले गुरु साहिब ने शिष्य भाई लहना को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जो बाद में गुरु अंगद देव जी के नाम से जाने गए।
साथियों बात अगर हम बाबा जी के चार मित्रों की करें तो, सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देवी जी के चार शिष्य थे। यह चारों ही हमेशा बाबाजी के साथ रहा करते थे। बाबाजी ने अपनी लगभग सभी उदासियां अपने इन चार साथियों के साथ पूरी की थी। इन चारों के नाम हैं-मरदाना लहणा , बाला और रामदास के साथ पुरी की थी।

कहते हैं कि 1499 में उनकी सुल्तानपुर में मुस्लिम कवि मरदाना के साथ मित्रता हो गई। मरदाना तलवंड से आकर यहीं गुरु नानक का सेवक बन गया था और अन्त तक उनके साथ रहा। गुरु नानक देव अपने पद गाते थे और मरदाना रवाब बजाताथा,मरदाना ने गुरुजीकी चार प्रमुख उदासियों में उनके साथ यात्रा की। मरदाना ने गुरुजी के साथ 28 साल में लगभग दो उपमहाद्वीपों की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने तकरीबन 60 से ज्यादा प्रमुख शहरों का भ्रमण किया। जब गुरुजी मक्का की यात्रा पर थे तब मरदाना उनके साथ थे।गुरुजी के दो और शिष्य थेजिसका नाम बाला और रामदास था। मरदाना, बाला और रामदास तीनों ने ही गुरुजी की उदासियों में उनका साथ दिया और वे हरदम उनकी सेवा में लगे रहे।लहना नाम के भी गुरुजी के एक प्रसिद्ध शिष्य थे। कहते हैं कि लहना जी माता रानी ज्वालादेवी के परमभक्त थे। एक दिन उन्होंने गुरुनानक के एक अनुयायी भाई जोधा सिंह खडूर निवासी से उन्होंने गुरुनानक के शबद सुने और वे उससे बहुत ही प्रभावित हुए और वे बाबाजी से मिलने जा पहुंचे। भाई मरदाना वो मुस्लिम घर में पैदा हुए थे  बाबा नानक जहां भी कहीं बाहर यात्राओं पर गए, भाई मरदाना हमेशा उनके साथ रहे। गुरबाणी के संगीत में उनकी गहरी छाप है। कहा जाता है कि जब तक भारत का बंटवारा नहीं हुआ था, तब तक पाकिस्तान के ननकाना साहिब और करतारपुर के गुरु ग्रंथ दरबार साहिब गुरुद्वारे में गुरबाणी पर संगीत की थाप उनके वंशज ही करते थे। नानक और मरदाना एक ही गांव में पैदा हुए। ये तलवंडी में हुआ, जो अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब में है। तब गांवों में आमतौर पर हिंदू-मुसलमानों के बीच कोई खाई नहीं थी। सब मिलजुलकर रहते थे करीब 300 -400 साल पहले हमारी सामाजिक संरचना यूं भी खासी अलग और भाईचारे वाली होती थी।नानक और मरदाना दोनों बचपन के दोस्त थे। हालांकि मरदाना बड़े थे। ऐसे भी बचपन की दोस्ती ना तो धर्म की दीवारों को मानती है और ना ही ऊंच-नीच को नानक बड़े और अमीर खानदान से वास्ता रखते थे तो मरदाना उस मुस्लिम मरासी परिवार से ताल्लुक रखते थे, जो गरीब थे और जिनका ताल्लुक संगीत के साजों से था।राम दी चिड़िया, राम दा खेत चुग लो चिड़ियो, भर-भर पेट।। यह लिखी गयी दो लाइन्स गुरुनानक जी की जिंदगी भर की फिलोसोफी को बयां कर देतीं हैं।

अतः अगर हम पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि गुरु नानक जयंती महोत्सव 5 नवंबर 2025
पर विशेष-सतगुरु नानकप्रगटिया मिटी धुंध जग चानण होआ।वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह-श्रद्धा भाव से आंखेंबिछाए भक्तगण के नयन तृप्त हुए.पूरी दुनियां में गूंजा,धन गुरु नानक सारा जग तारिया – प्रकाशोत्सव की पावन बेला से जग पवित्र हुआ।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

उपायुक्त ने किया नीमडीह प्रखंड व अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण

उपायुक्त ने किया नीमडीह प्रखंड व अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड सह अंचल कार्यालय का शनिवार को जिला के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रखंड कार्यालय में चल रहे मनरेगा,आबुआ आवास, पीएम आवास सहित कई योजनाओं का समीक्षा किया। उन्होंने अंचल कार्यालय में खारीज दाखिल,आय , आवासीय,जाती प्रमाण पत्र समय पर करने का निर्देश भी सक्षम पदाधिकारी व अंचल कर्मीयों को दिया। उन्होंने मनरेगा, सीडीपीओ, नजारत , आपरेट कक्ष सहित सभी विभाग के कक्षों में घुम घुम कर बारिकी से निरीक्षण किया।

उपायुक्त ने सभी विभाग के खाता वहीं का भी अवलोकन किया। विभागीय अधिकारियों से एक एक योजना के संबंध में जानकारी लिया। वहीं उपायुक्त सिंह ने पत्रकारों को बताया कि प्रखंड व अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया गया, जिसमें वैसे कुछ त्रुटी नही मिला।

उन्होंने कहा कि म्यूटेशन संबधी जानकारी लिया गया और समय पर कार्य करने का निर्देश दिया गया। प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण के बाद उन्होंने नीमडीह प्रखंड के झीमड़ी में नव निर्मित एक लव्य विद्यालय भवन एवं स्टेडीयम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नये एक लव्य विद्यालय भवन का सभी कमरों का निरीक्षण किया।

तिरूलडीह पुलिस का पहल, मैत्री मैच का आयोजन कर दिया कई संदेश

तिरूलडीह पुलिस का पहल, मैत्री मैच का आयोजन कर दिया कई संदेश

सरायकेला/ईचागढ़


( मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के तिरूलडीह पुलिस द्वारा एक अनोखा पहल करते हुए ईचागढ़ व तिरूलडीह थाना क्षेत्र के खिलाड़ियों के बीच मैत्री मैच का आयोजन कर पुलिस पब्लिक संबंध को जहां मजबूत करने का कोशिश किया गया

वहीं सीमावर्ती थाना क्षेत्र के खिलाड़ियों से खेल के माध्यम से मैत्री पूर्ण व्यवहार कर क्षेत्र में अमन चैन और खिलाड़ियों को प्रेरित करने का पहल किया गया। कुकड़ू के चोकेगड़ीया फुटबॉल मैदान में ईचागढ एवं तिरूलडीह थाना के खिलाड़ियों के बीच फुटबॉल प्रतियोगिता में ईचागढ टीम ने तिरूलडीह टीम को दो गोलों से पछाड़ कर विजेता बना।

वहीं विजेता व उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया गया। उप मुखिया प्रतिनिधि मनोज मछुआ ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों पड़ोसी थाना के बीच मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिस पब्लिक संबंध को मजबूत करने सहित खेल के माध्यम से कइ संदेश देना मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि तिरूलडीह पुलिस का यह एक अनोखा पहल है। मौके पर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, एएसआई रंजीत प्रसाद, मुखिया प्रतिनिधि रामलाल सिंह मुण्डा , ग्राम प्रधान महादेव सिंह, शांति समिति के सदस्य आदि उपस्थित थे।

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