जिला कृषि पदाधिकारी ने खाद-बीज भंडार का किया औचक निरीक्षण, स्टॉक व अभिलेखों की जांच।

जिला कृषि पदाधिकारी ने खाद-बीज भंडार का किया औचक निरीक्षण, स्टॉक व अभिलेखों की जांच।

सरायकेला/ईचागढ़

किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कृषि पदाधिकारी रौशन नीलकमल ने शुक्रवार को ईचागढ़ प्रखंड के मिलन चौक स्थित दिलीप बीज एवं खाद भंडार का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने यूरिया, डीएपी, सुफला सहित विभिन्न उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपलब्ध स्टॉक की जांच की। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, बिक्री (सेल) रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज अभिलेखों का मिलान कर उनकी सत्यता की जांच की।उन्होंने संचालक को निर्देश दिया कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य पर ही खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए।

साथ ही सभी अभिलेखों का नियमित संधारण करने और स्टॉक संबंधी जानकारी ऑनलाइन प्रणाली में समय पर अपडेट करने को कहा।जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर कृषि निरीक्षक , बीटीएम आदि उपस्थित थे।

गुम हुए 4 मोबाइल फोन को मोबाइल धारकों को सौंपा।

गुम हुए 4 मोबाइल फोन को मोबाइल धारकों को सौंपा।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल पुलिस ने गुम हुए 4 मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को सुपुर्द किया। थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट डिवाईस के तहत चांडिल थानांतर्गत CEIR सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुम हुए 04 मोबाइल को बरामद कर उसके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कराया गया।

वहीं मोबाइल मालिकों को अपनी गुम हुए मोबाइल फोन मिलने से काफी खुश नजर आए एवं जिला पुलिस व चांडिल पुलिस की सराहना किया एवं आभार जताया।

वहीं थाना प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी का भी मोबाइल गुम हो तो नजदिक के थाने में सुचना दर्ज कराएं, सरायकेला पुलिस आपकी सेवा में हमेशा तत्पर होकर गुम हुए मोबाइल लौटाने का काम करेंगे।

आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर में कचरे के अंबार से उठ रही महामारी की बदबू, सीएम का ‘ग्रीन झारखंड’ का सपना हुआ तार-तार


आदित्यपुर के सब्जी बाजार में कचरे का पहाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा, जिम्मेदार मौन

स्वच्छ भारत और ग्रीन झारखंड की उड़ रही धज्जियां, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र बना कचरा डंपिंग जोन

एक तरफ राज्य सरकार “ग्रीन झारखंड” और “स्वच्छ भारत मिशन” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर की ये तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है।

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जगह-जगह पर पड़े कचरे और सर्विस रोड पर बहते गंदे नालियों के पानी ने आदित्यपुर नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह पर कई दिनों अथवा कई हफ्तों से पड़े कचरे से गंदी बदबू आ रही है जिससे कि नगर वासी त्रस्त हो चुकी है। इन पड़े गंदगियों से नगर वासी त्राहिमाम कर रही है लेकिन इसकी शुध लेने वाला कोई नहीं।

आदित्यपुर थाना से महज़ कुछ ही दूरी पर कचरे का अंबार लगा हुआ है और उसी रास्ते से होकर प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों का आना-जाना लगा रहता है उसी रास्ते से होकर थाने के तमाम पुलिस कर्मियों का भी आना-जाना लगा रहता है। साथ ही कचरे के सामने बैठकर सब्जी विक्रेता सब्जियों की बिक्री करते हैं और उन्ही सब्जियों का कचरा उठाकर सामने फेंक देते हैं जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो जाता। कुछ दिनों पूर्व नगर निगम द्वारा उक्त स्थान को साफ करवाया गया था लेकिन फिर से स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई। साथ ही इस मामले पर बाजार समिति के अध्यक्ष मनोज पासवान ने भी चुप्पी साध ली है जबकि बाजार को स्वच्छ रखना इनकी जिम्मेदारी बनती है फिर भी वे इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ और लाचार नजर आ रहे हैं यूं मानों सब्जी विक्रेताओं का खौफ उनके दिल में पूर्ण रूप से बसा हुआ हो।

इतना ही नहीं आर आई टी थाना क्षेत्र के सामने और थाना से महज कुछ दूरी पर भी कचरे का अंबार लगा हुआ है। और साथ ही बरसात का पानी और कचरा एक साथ मिल जाने से कई तरह की बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है जिसकी साफ सफाई समय रहते नहीं की गई तो यह कई गंभीर बीमारियों को उत्पन्न कर सकता है जिसकी चपेट में आकर आसपास क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

साथ ही आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 मैं भी सड़क किनारे लगभग 1 महीने से कचरे का अंबार लगा हुआ है और लगातार बरसात का पानी गिरने से पूरी सड़क में भयंकर गंदी बदबू आ रही है जिससे कि सड़क पर चलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इसके साफ-सफाई की जिम्मेदार अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।

आगे इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले कई ऐसी सड़के हैं जहां पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और उस गंदे पानियों पर चलने को आदित्यपुर नगर वासी मजबूर हैं।

आपको बताते चलें कि इन गंदे पानियों से न जाने कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं कीटाणुओं के साथ-साथ कई तरह के मच्छर भी उत्पन्न होते हैं और इन्हीं गंदगियों से उत्पन्न होती है डेंगू वाले मच्छर जिससे कि डेंगू जैसी बीमारियां उत्पन्न होने की समस्या काफी बढ़ जाती है।

वहीं सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम कुछ दिनों पहले या फिर यूं कहें कि कुछ महीनों पहले काफी जोश में थी और पूरे क्षेत्र की साफ सफाई में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से काफी ध्यान दिया गया था। कहीं नालियों की सफाई की जा रही थी तो कहीं सड़क पर झाड़ू मरवाए जा रहे थे तो कहीं सड़क किनारे बसे झोपड़ी नुमा दुकानों को तोड़ा जा रहा था ताकि राष्ट्रपति महोदया (द्रौपदी मुर्मू) को हमारा सरायकेला जिला स्वच्छ प्रतीत हो।

लेकिन राष्ट्रपति महोदया के कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात मानो आदित्यपुर नगर निगम गहरी निंद्रा में सोई हुई है शायद इसी वजह से उन्हें आदित्यपुर नगर निगम की गंदगी दिखाई नहीं देती और गंदगी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से भी अनभिज्ञ है।

उक्त मामले पर यह भी खबर मिल रही है कि आदित्यपुर के शेर-ए पंजाब में स्थानीय लोगों को कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रखा गया है लेकिन डस्टबिन की हालत ऐसी है कि अगर डस्टबिन के अंदर से झांको तो मानो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वच्छ झारखंड का सपना कचरे के ढेर में मिलता हुआ दिखाई देता है। डस्टबिन में फेंका गया कचरा डस्टबिन में न रहकर डस्टबिन में बने बड़े-बड़े छेदों से बाहर निकाल कर सड़कों पर बिखर जाता है। और वही कचरा पूरे क्षेत्र में बदबू का मुख्य कारण बनता है।

आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026: स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा- क्या भारत वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनने की ओर? -समग्र व्यापक विश्लेषण।

आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026: स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा- क्या भारत वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनने की ओर? -समग्र व्यापक विश्लेषण।

कर सुधारों का नया अध्याय, निवेशकों को नई स्पष्टता और विकसित भारत -2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम

आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 हमें यह संदेश देता है कि आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा केवल बड़े बजट और विशाल परियोजनाओं से नहीं, बल्कि समय पर किए गए सटीक कानूनी सुधारों से भी तय होती है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर भारत ने पिछले एक दशक में कर सुधारों को केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास,वैश्विक निवेश आकर्षण और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। वस्तु एवं सेवा कर (ज़ीएसटी), फेसलेस असेसमेंट, डिजिटल टैक्स प्रशासन,नई आयकर व्यवस्था और गिफ्ट सिटी जैसे अनेक सुधारों के बाद अब आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार ने स्पेसिफाइड फंड की परिभाषा में संशोधन कर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहली दृष्टि में यह परिवर्तन तकनीकी और सीमित प्रतीत हो सकता है, किंतु गहराई से देखने पर यह स्पष्ट होता है कि इसका प्रभाव भारत में विदेशी निवेश,पूंजी बाजार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं और विकसित भारत-2047 की रणनीति पर व्यापक रूप से पड़ने वाला है। अभी भारत सेहत पूरी दुनिया देख रही है कि 20 जुलाई 2026 से यूजीसी नीट पेपर लेक्स सहित अन्य मुद्दों पर जोरदार तरीके से हंगामें के कारण संसद बाधित चल रही है कोई कामकाज नहीं हो रहा है। आज गुरुवार 23 जुलाई 2026 को भी पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। लगातार हंगामे के कारण पहले सुबह 11 से 12 फिर 2 बजे और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए बिना कोई कामकाज किए  शुक्रवार 24 जुलाई 2026 तक स्थगित कर दी गई।ठीक यही स्थिति उच्च सदन में भी रही। विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही अंततः शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र कर विशेष्य व अधिवक्ता होने के नाते बता दूं क़ि यह संशोधन केवल कर नियमों की भाषा बदलने तक सीमित नहीं है,बल्कि यह भारत की उस दीर्घकालिक आर्थिक सोच का हिस्सा है जिसके अंतर्गत देश स्वयं को एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है। वैश्विक पूंजी आज ऐसे देशों की तलाश में है जहाँ कानून स्पष्ट हों,कर व्यवस्था स्थिर हो और निवेशकों को अनिश्चितताओं से मुक्त वातावरण मिले। यही उद्देश्य इस संशोधन के मूल में दिखाई देता है।

साथियों स्पेसिफाइड फंड क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? इसको समझने की करें तो आयकर अधिनियम के अंतर्गत स्पेसिफाइड फंड ऐसी निवेश इकाइयों को कहा जाता है जिन्हें विशेष कर लाभ और नियामकीय सुविधा प्रदान की जाती है, विशेषकर उन फंडों को जो भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करते हैं। समय के साथ निवेश संरचनाएँ बदलती गईं, नए वित्तीय उत्पाद विकसित हुए और वैश्विक निवेशकों की आवश्यकताएँ भी परिवर्तित हुईं। ऐसे में पुरानी परिभाषा कई स्थानों पर अस्पष्टता उत्पन्न कर रही थी, जिसके कारण कर विवाद, व्याख्या संबंधी मतभेद और निवेश निर्णयों में अनिश्चितता पैदा हो रही थी।सरकार ने इन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्पेसिफाइड फंड की परिभाषा को अधिक स्पष्ट, व्यापक और आधुनिक बनाया है ताकि पात्र संस्थाओं की पहचान में भ्रम समाप्त हो और निवेशकों को नियमों का पूर्वानुमानित लाभ सटिका से  मिल सके।

साथियों बात अगर हम कर कानूनों में स्पष्टता ही सबसे बड़ी पारदर्शिता को समझने की करें तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले केवल कर की दर नहीं देखते,बल्कि यह भी देखते हैं कि कर कानून कितने स्पष्ट, स्थिर और न्यायसंगत हैं।यदि नियमों की अलग-अलग व्याख्या संभव हो, तो भविष्य में विवाद की संभावना बढ़ जाती है और निवेशक ऐसे बाजारों से दूरी बनाने लगते हैं।भारत लंबे समय से टैक्स सर्टिआएंनिटी अर्थात कर संबंधी निश्चितता पर बल देता रहा है। आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संदेश देता है कि भारत केवल निवेश आमंत्रित नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों के लिए पूर्वानुमेय और भरोसेमंद कर वातावरण भी तैयार कर रहा है।

साथियों बात अगर हम  गिफ्ट सिटी को मिलेगा नया बल इसको समझने की करें तो  गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) को भारत का वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी योजना वर्षों से चल रही है।इसके लिए सरकार ने अनेक कर रियायतें, नियामकीय छूट और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था विकसित की है।स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा गिफ्ट सिटी में संचालित निवेश फंडों को अधिक स्पष्ट कानूनी आधार प्रदान करती है। इससे विदेशी फंड प्रबंधकों,निवेश सलाहकारों और वैश्विक पूंजी संस्थानों का विश्वास बढ़ेगा। यदि यह सुधार प्रभावी ढंग से लागू होता है,तो गिफ्ट सिटी भविष्य में दुबई,सिंगापुर और हांगकांग जैसे वित्तीय केंद्रों के साथ अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ सकता है।

साथियों बात अगर हमविदेशी निवेशकों को क्या लाभ मिलेगा? इसको समझने की करें तो वैश्विक निवेशक सदैव ऐसे देशों को प्राथमिकता देते हैं जहाँ कर नीति स्थिर हो और कानून की व्याख्या स्पष्ट हो।संशोधित नियमों से पात्र फंडों की पहचान आसान होगी,कर लाभों की पात्रता स्पष्ट होगी और अनुपालन की जटिलता कम होगी।इसका परिणाम यह हो सकता है कि विदेशी संस्थागत निवेशक वैकल्पिक निवेश फंड,संप्रभु निधियाँ तथा वैश्विक निवेश कंपनियाँ भारत को दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक गंभीरता से देखें। पूंजी प्रवाह बढ़ने से भारतीय उद्योग,अवसंरचना, स्टार्टअप और पूंजी बाजार को नई ऊर्जा सटीकता से मिल सकती है।

साथियों बातें अगर हम भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को समझने की करें तो भारत पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में घरेलू बचत के साथ-साथ वैश्विक पूंजी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।यदि कर कानून सरल,पारदर्शी और निवेश- अनुकूल होंगे,तो भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पोर्टफोलियो निवेश तथा दीर्घकालिक संस्थागत निवेश में वृद्धि संभव है।इससे रोजगार,औद्योगिक उत्पादन, नवाचार और वित्तीय बाजारों की गहराई बढ़ेगी। आर्थिक दृष्टि से यह संशोधन केवल कर नियम नहीं, बल्कि विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ सिद्ध हो सकता है।

साथियों बात अगर हम इस कानून से क्या चुनौतियाँ भी हैं? इसको समझने की करें तो हर कर सुधार के साथ कुछ व्यावहारिक चुनौतियाँ भी जुड़ी होती हैं।नई परिभाषा लागू होने के बाद यह सुनिश्चित करना होगा कि आयकर विभाग,नियामक संस्थाएँ और निवेशक सभी इसकी एक समान व्याख्या करें। यदि विभिन्न प्राधिकरण अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो वही समस्या पुनः उत्पन्न हो सकती है जिसे समाप्त करने के लिए संशोधन किया गया है।इसके अतिरिक्त छोटे निवेश फंडों और कर सलाहकारों को नए नियमों के अनुरूप प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी आवश्यक होगा। प्रभावी कार्यान्वयन ही किसी भी कानूनी सुधार की वास्तविक सफलता तय करता है।

साथियों बात अगर हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को समझने की करें तोआज विश्व के अनेक देश विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए कर सुधारों की प्रतिस्पर्धा में लगे हैं। सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, आयरलैंड और लक्ज़मबर्ग जैसे देशों ने स्पष्ट और स्थिर कर नीतियों के कारण वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।भारत के पास विशाल उपभोक्ता बाजार, मजबूत डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली जैसी बड़ी शक्तियाँ हैं। यदि इनके साथ कर कानूनों में निरंतर सुधार और नीति स्थिरता भी जुड़ती रही,तो भारत वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान प्राप्त कर सकता है।आधुनिक कर कानूनों का उद्देश्य केवल सरकार के लिए राजस्व एकत्र करना नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना भी है जिसमें उद्योग, निवेशक और नागरिक सभी विश्वास के साथ आर्थिक गतिविधियाँ कर सकें।आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 इसी व्यापक सोच का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सरकार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश- अनुकूल बनाने के प्रयास में निरंतर आगे बढ़ रही है। यदि भविष्य में भी इसी प्रकार समय- समय पर स्पष्टता आधारित सुधार होते रहे, तो भारत का वित्तीय तंत्र अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनेगा।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विकसित भारत की दिशा में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक कदम इतिहास गवाह है कि किसी भी विकसित राष्ट्र की आर्थिक शक्ति केवल उसके उद्योगों या प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित नहीं होती, बल्कि उसके कानूनों की स्पष्टता, संस्थागत विश्वसनीयता और नीति स्थिरता पर भी निर्भर करती है। आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम,2026 में स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा इसी सिद्धांत को व्यवहार में उतारने का प्रयास है।यद्यपि यह संशोधन सामान्य नागरिक की दृष्टि में तकनीकी प्रतीत हो सकता है, किंतु अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और नीति विशेषज्ञों के लिए इसका महत्व अत्यंत व्यापक है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है और भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी एवं पूर्वानुमेय कर सुधार जारी रहते हैं, तो भारत न केवल वैश्विक निवेश का विश्वसनीय केंद्र बन सकता है, बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी एक निर्णायक बढ़त हासिल कर सकता है।यह संशोधन हमें यह संदेश देता है कि आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा केवल बड़े बजट और विशाल परियोजनाओं से नहीं, बल्कि समय पर किए गए सटीक कानूनी सुधारों से भी तय होती है।

संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

नीमडीह प्रखंड अंतर्गत बामनी उच्च विद्यालय परिसर में लर्नर लाइसेंस शिविर आयोजित, 106 अभ्यर्थी हुए सफल।

नीमडीह प्रखंड अंतर्गत बामनी उच्च विद्यालय परिसर में लर्नर लाइसेंस शिविर आयोजित, 106 अभ्यर्थी हुए सफल।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिला परिवहन कार्यालय, सरायकेला-खरसावाँ द्वारा प्रखंडवार लर्नर लाइसेंस (Learner Licence) शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 23 जुलाई, 2026 को नीमडीह प्रखंड अंतर्गत बामनी उच्च विद्यालय परिसर में लर्नर लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केतुंगा पंचायत के उन अभ्यर्थियों को शामिल किया गया, जिन्होंने पूर्व से ऑनलाइन स्लॉट बुक कराया था। शिविर के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन की जांच तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप लर्नर लाइसेंस परीक्षा संपन्न कराई गई।

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार शिविर के लिए कुल 159 अभ्यर्थियों का स्लॉट निर्धारित था। इनमें से 106 अभ्यर्थी लर्नर लाइसेंस परीक्षा में सफल हुए, 22 अभ्यर्थी असफल रहे तथा 31 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को लर्नर लाइसेंस उपलब्ध कराया गया।

शिविर के दौरान मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) के साथ प्रखंड प्रशासन के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंडवार आयोजित किए जा रहे इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके निकट ही लर्नर लाइसेंस से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाना है। उन्होंने अभ्यर्थियों से परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आवेदन एवं स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित करने की अपील की।

साथ ही सभी वाहन चालकों से वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही वाहन का परिचालन करने, यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने एवं सड़क सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने की अपील की गई।

आर.आई.टी थाना की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफतार करते हुए तीन मोटरसाइकल किया जप्त।

आर.आई.टी थाना की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफतार करते हुए तीन मोटरसाइकल किया जप्त।

सरायकेला/आर.आई.टी

सरायकेला-खरसावां जिले के आर.आई.टी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है जहां पर थाना प्रभारी रविकांत पाराशर के नेतृत्व में वाहन चोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 3 मोटरसाइकिल भी जप्त किया है।

कुलूपटांगा फुटबॉल मैदान के पास कुछ संदिग्ध युवक के चोरी की बाइक के साथ मौजूद होने की गुप्त सूचना थाना प्रभारी को मिली थी जिसके आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ने में सफल रही।

वहीं पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों को सस्ते दामों में बेचने का काम करते थे। फिलहाल बरामद बाइकों के इंजन और चेसिस नंबर की जांच की जा रही है, ताकि उनके चोरी से जुड़े मामलों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वहीं पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में आर.आई.टी थाना क्षेत्र के बंतानगर पीएचडी रोड निवासी राजू लोहार (23 वर्ष) उसके खिलाफ आरआईटी थाना में पहले से चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से संबंधित मामला दर्ज है। दूसरा आरोपी बंतानगर पानी टंकी क्षेत्र के निवासी बासुदेव लागुरी (22 वर्ष), उसके खिलाफ आर.आई.टी थाना में डकैती और आपराधिक साजिश से जुड़ा मामला दर्ज है। वहीं तीसरा आरोपी आर.आई.टी थाना क्षेत्र के बाबा आश्रम निवासी आदित्य राज (21 वर्ष),  उसके खिलाफ बिष्टुपुर थाना में धारा 115(2), 126(2), 127(2), 134, 137(2), 140(3), 307, 308(5), 3(5), 351(2), 352 बी०एन०एस० तहत मामला दर्ज है।

आरआईटी थाना प्रभारी रवि कांत पराशर ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में अन्य थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में वाहन चोरी से जुड़े और मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने अपील की है कि जिन लोगों की बाइक चोरी हुई है, वे आरआईटी थाना पहुंचकर बरामद वाहनों की पहचान कर सकते हैं।

कार्रवाई करने वाली टीम में पुलिस अवर निरीक्षक रविकांत पराशर, पुलिस अवर निरीक्षक विमलेश कुमार महतो, पुलिस अवर निरीक्षक नरेंद्र मुंडा, सहायक अवर निरीक्षक विक्रम कुमार, हवलदार जॉनसन भेंगरा, आरक्षी उमाशंकर सिंह, विकास चंद्र पांडेय और बबलू बिरुली शामिल थे।

शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद ने चंद्रशेखर आजाद के 120वीं जयंती पर पूरे देशवासियों को भी बधाई।

शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद ने चंद्रशेखर आजाद के 120वीं जयंती पर पूरे देशवासियों को भी बधाई।

लखनऊ

अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद ने चंद्रशेखर आजाद के 120वीं जयंती पर पूरे देशवासियों को बधाई दी एवं उनके बताए हुए मार्गों पर चलने का आवाहन किया उन्होंने कहा यह देश आजाद है यह देश चंद्रशेखर आजाद का है सुभाष चंद्र बोस का भगत सिंह का है हमें देश में एकता के साथ रहना चाहिए हमें देश को अखंड भारत बनाकर एकता का प्रतीक का संदेश सारे जहां में लहराना चाहिए।

उन्होंने जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों को कभी हिंसक रूप नहीं लेना चाहिए छात्रों को अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर मंतर हो रहे प्रदर्शन में छात्रों को बहका कर प्रशासन नेताओं के विरुद्ध कदम उठाने पर विवश किया जा रहा है जो की काफी निंदनीय है उन्होंने यह भी कहा कि हमने भी प्रोटेस्ट किया है लेकिन इस तरह से नहीं हमें देश में शांति बनाए रखना चाहिए।

शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे एवं हमारे परम मित्र पंडित सुजीत आजाद के साथ एक कार्यक्रम में चंडीगढ़ पंचकूला में मुलाकात हुई थी:- भरत सिंह

वहीं शहीद चंद्रशेखर आजाद के 120वीं जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रभारी संपूर्ण भारत भरत सिंह ने भी पूरे देशवासियों को बधाई देते हुए एकजुट होकर भारत को अखंड भारत बनाने में नौजवानों को सहयोग करने की आवाहन किया।

साथ ही जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भी उन्होंने कहा कि छात्र, नौजवान भारत का भविष्य है और छात्रों को हिंसा का रूप नहीं अपनाना चाहिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बातों को रखें हिंसा हमारी पहचान नही। भारत देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान महात्मा गांधी का रहा है और महात्मा गांधी ने कभी भी हिंसा का मार्ग नहीं अपनाया उन्होंने हमेशा अहिंसा के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी और हमें आजादी दिलाई है इसलिए छात्रों को भी शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग करनी चाहिए

समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण।

समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

झारखंड शिक्षा परियोजना, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए सहायक सामग्री वितरण शिविर का आयोजन प्रखंड संसाधन केंद्र कुकड़ू में किया गया।

शिविर में दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकर, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, ब्रेल किट सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

कार्यक्रम में जिला स्तरीय एपीओ रघुवर तिवारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी संजय कुमार जोशी, एलीमको की टीम से राम कुमार सिंह, सोनी कुमारी, महेंद्र कुमार एवं लव कुश कुमार, रिसर्च टीचर तथा शिक्षक त्रिलोचन कुमार और गुणाधर महतो उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों के अभिभावक भी शिविर में शामिल हुए।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अभिभावकों ने झारखंड शिक्षा परियोजना एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का किया गया आयोजन।

स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का किया गया आयोजन।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर वार्ड नंबर 19 पान दुकान इन्द्रा चौक स्थित शिव मंदिर परिसर में बुधवार को स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

जिसमें युवा नेता बाबू तांती, झा मु मो नेता बाबू तिवारी, पाकुल दास,मिट्ठू सरकार,कांग्रेस नेता राजू लोहार,बिस्वजीत सरकार, रंजीत सरकार,अंकित सरकार,टेम्पू चालक संघ के अध्यक्ष संतोष मंडल, एवं और भी कई गणमान्य लोगों ने प्रसनजीत सरकार के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर, पान दुकान चौक स्थित दुर्गा पूजा मैदान में दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी शामिल हुए।

उन्होंने दिवंगत प्रसनजीत सरकार के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उक्त कार्यक्रम में सरायकेला खरसावां जिला युवा नेता बाबू तांती,पाकुल दास,मिट्ठू सरकार, राजू लोहार,संतोष मंडल,अंकित सरकार ,बिस्वजीत सरकार,रंजीत सरकार,बाबू तिवारी, उपस्थित रहे।

SIR-2026 के तहत मतदान केंद्र संख्या-345 सहित जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का किया गया निरीक्षण।

SIR-2026 के तहत मतदान केंद्र संख्या-345 सहित जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का किया गया निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत बुधवार को जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 की तृतीय बैठक एवं चुनाव पाठशाला आयोजित की गई। इस क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या-345, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सरायकेला सहित विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदाता पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति, गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन तथा अभिलेखों के संधारण की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान बीएलओ एवं बीएलए-2 से अब तक प्राप्त प्रपत्रों, डिजिटाइजेशन की प्रगति एवं लंबित कार्यों की जानकारी प्राप्त की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए तथा प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करते हुए कार्य को त्रुटिरहित एवं समयबद्ध ढंग से संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित की जाए तथा पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर आयोजित बीएलओ-बीएलए-2 की तृतीय बैठक एवं चुनाव पाठशाला का निरीक्षण संबंधित निर्वाची निबंधन पदाधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाची निबंधन पदाधिकारियों (AERO) एवं प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारियों द्वारा भी किया गया। निरीक्षण के दौरान बीएलओ एवं बीएलए-2 को गणना प्रपत्रों के समयबद्ध डिजिटाइजेशन, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त के द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के क्रम में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती पारुल सिंह, सहायक निर्वाची निबंधन पदाधिकारी (AERO)-सह-अंचल अधिकारी, सरायकेला अमित श्रीवास्तव, बीएलओ सुपरवाइजर, संबंधित बीएलओ, बीएलए-2 तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विशेष अभियान में झारखण्ड पूरे देश में प्रथम, सरायकेला-खरसावाँ जिला राज्य में द्वितीय स्थान पर।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विशेष अभियान में झारखण्ड पूरे देश में प्रथम, सरायकेला-खरसावाँ जिला राज्य में द्वितीय स्थान पर।

सरायकेला-खरसावां

विशेष अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 171 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 2,065 लाभुकों का हुआ पंजीकरण।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के निर्देशानुसार तथा उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह एवं उप विकास आयुक्त के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना से आच्छादित करने हेतु 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक विशेष पंजीकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप झारखण्ड राज्य ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं सरायकेला-खरसावाँ जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।

विशेष अभियान के दौरान जिले को राज्य स्तर से 1,202 लाभुकों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध 2,065 लाभुकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 171 प्रतिशत है। अभियान के दौरान जिले द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक उपलब्धि अर्जित करते हुए राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।

इस उपलब्धि पर उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विभागीय समन्वय, सतत अनुश्रवण, क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी कार्य निष्पादन तथा जनसहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण सुदृढ़ीकरण की एक महत्वपूर्ण योजना है। प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक योजना का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विशेष अभियान के दौरान प्राप्त उपलब्धि को बनाए रखते हुए नियमित पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक पात्र लाभुक की पहचान कर उन्हें समय पर योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने एवं लाभुकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ), महिला पर्यवेक्षिकाओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, अभियान से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा योजना से जुड़कर पंजीकरण कराने वाली सभी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयास, सक्रिय सहभागिता एवं आमजन के सहयोग से ही जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने में सफल हुआ है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र लाभुक तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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