विद्यालय के पास काजू बागान में पहुंचे दो दतैल हाथी, मचा हड़कंप
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के पिलीद स्थित अनुग्रह नारायण (एएन) प्लस टू उच्च विद्यालय के समीप काजू बागान में शनिवार को दो दतैल हाथियों के पहुंच जाने से विद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हाथियों की मौजूदगी से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों में भय का माहौल बन गया। विद्यालय के पास हाथियों के भटककर पहुंचने के कारण बच्चे डर के साये में स्कूल पहुंचे। कई अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए।
हाथियों की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ उन्हें देखने के लिए जुट गई। दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हाथियों के डर से रघुनाथपुर–पिलीद सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित गया। लोग सावधानी बरतते हुए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते देखे गए।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के बिल्कुल समीप हाथियों की मौजूदगी से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने तथा विद्यालय और आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि वन विभाग लगातार निगरानी रखे, ताकि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी प्रकार का टकराव न हो और जन-धन की हानि से बचा जा सके। सुचना मिलते ही प्रभारी वनपाल कैलाश महतो भी हाथियों का सुधी लेने पहुंचे और उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि रात को टीम लगाकर हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों को हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने एवं सतर्क रहने का अपील किया।
मेयर संजय सरदार की अध्यक्षता में शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
वहीं बैठक में नगर निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के माध्यम से नई कचरा गाड़ियों की खरीद की जाएगी। साथ ही सफाई व्यवस्था का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष मूल्यांकन कराने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से जुड़ी एक निजी एजेंसी की सेवाएं लेने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ साथ बैठक में कचरा प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ-साथ उससे बायोगैस और बिजली उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने की योजना बनाई गई, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। यह जानकारी नगर आयुक्त एजाज अनवर ने दी।
इस दौरान सभी वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, सड़क, नाला और पुलिया निर्माण जैसी समस्याएं को बोर्ड के समक्ष रखते हुए अपने वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की।
वहीं इस बैठक में उपस्थित मेयर संजय सरदार ने कहा कि नगर निगम की पहली प्राथमिकता आम जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं में सुधार के लिए निगम ने एक माह का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि सभी वार्डों में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे। वहीं सड़क, नाला और पुलिया निर्माण कार्यों को उपलब्ध बजट और फंड के आधार पर प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। बैठक में डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, नगर आयुक्त एजाज अनवर तथा निगम के सभी 35 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे।
सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।
सरायकेला/राजनगर
राजनगर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर स्थित पाण्डुगीति मैदान में खेरबार खेलोन्ड माडवा, पाण्डुगीति के तत्वावधान में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में आसपास के कई गांवों की टीमों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के एवं वरिष्ठ नेता सह शिक्षाविद के.पी. सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेता व उपविजेता टीमों को संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर के.पी. सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपसी भाईचारे और स्वस्थ समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेल एवं शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। वहीं कृष्णा बास्के ने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है तथा युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होती है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा और ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी रहेगा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और युवाओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए रोमांचक मुकाबले खेले। अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथियों सहित सभी खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन का संकल्प लिया।
सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।
सरायकेला/राजनगर
राजनगर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर स्थित पाण्डुगीति मैदान में खेरबार खेलोन्ड माडवा, पाण्डुगीति के तत्वावधान में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में आसपास के कई गांवों की टीमों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के एवं वरिष्ठ नेता सह शिक्षाविद के.पी. सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेता व उपविजेता टीमों को संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर के.पी. सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपसी भाईचारे और स्वस्थ समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेल एवं शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। वहीं कृष्णा बास्के ने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है।
उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है तथा युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा और ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी रहेगा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और युवाओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए रोमांचक मुकाबले खेले। अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथियों सहित सभी खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन का संकल्प लिया।
राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा विवाद समाप्त होने पर कांग्रेस नेता ने जताई प्रसन्नता।
सरायकेला/आदित्यपुर
कांग्रेस के वरीय नेता जगदीश नारायण चौबे ने राज्य के वित्त मंत्री एवं सरायकेला-खरसावाँ जिला के प्रभारी मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विवाद समाप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि राधाकृष्ण किशोर का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने लंबे समय तक पलामू जैसे उग्रवाद एवं संगठित अपराध से प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है और ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरंतर संघर्ष किया है। अपनी कार्यकुशलता, ईमानदार छवि और जनहित के प्रति समर्पण के कारण उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक के सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
जगदीश नारायण चौबे ने कहा कि श्री किशोर की सुरक्षा व्यवस्था उनकी परिस्थितियों एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा में अतिरिक्त स्कॉर्ट वाहन को पुनः शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय एक अनुभवी, कर्मठ और जनसेवा के प्रति समर्पित मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उचित एवं सराहनीय कदम है।
An important meeting of the presidents of all the units of Jharkhand Kshatriya Sangh was organized.
जमशेदपुर/साकची
शुक्रवार को झारखंड क्षत्रिय संघ के सभी इकाइयों के अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक साकची इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसमें झारखंड क्षत्रिय संघ के द्वारा जन कल्याण के कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई जैसे ज़रूरतमन्द परिवार की बेटी का विवाह करना, सावन में कांवरियों की सेवा, रक्त दान का आयोजन करना आदि विषयों पर चर्चा हुई।
वहीं इस बैठक में इस बैठक विभिन्न इकाई के अध्यक्ष बी. बी. सिंह, राम चंद्र सिंह, बच्चा सिंह, संजय सिंह उर्फ़ बबलू, रमेश कुमार सिंह, बिनोद कुमार सिंह, जितेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, अवध बिहारी सिंह, अशोक सिंह, ऐ पी सिंहा, रंजीत कुमार सिंह, संजय सिंह हितैषी, आर पी सिंह, अमित कुमार सिंह। केंदीय महासचिव प्रमोद सिंह जी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
खरसावां में जय जयकारों के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की हुई घर वापसी।
खरसावां
आठ दिनों तक मौसीबाडी में बिश्राम करने के पश्चात नौवें दिन महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा संग घर वापसी प्रभु के जय जयकारों के बीच हुई।
पुरातन परम्पराओं के बीच भगवान जगन्नाथ मौसीबाडी में पूजे जाने के बाद उत्साह के साथ भक्तो के बीच खरसावां शहरी क्षेत्र, खरसावां के हरिभंजा एवं दलाईकेला के जगन्नाथ मंदिर के पहुचा। बाहुडा रथयात्रा के दौरान खरसावां और हरिभंजा में भक्तों की काफी भीड उमडी। मौसीबाडी में बिश्राम करने के पश्चात नौवें दिन वापसी के लिए निकले।
इस दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए भक्तो की भीड उमड पडी। वापसी के पुर्व मौसीबाडी में विधि विधान के साथ पुजा अर्चना की गई। भगवान को तरह तरह के फल, पकवान, मिठाईया का भोग चढाया गया। नौ रूपों में पुजे जाने वाले महाप्रभु के रथ खिचने को लेकर श्रद्वालुओं में होड मची रही।
वहीं प्रसाद छिन्ने का सौभाग्य को भी भक्त पीछे नही रहना चाहते थे। शुक्रवार की शाम भगवान जगन्नाथ के रथ घर वापसी के लिए निकली। जो देर रात जगन्नाथ मंदिर पहुचां। रथयात्रा के दौरान जगह जगह दुकान लगा रहा। बाहुडा रथयात्रा के दौरान महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा के दर्शन करने लिए विभिन्न गांवों से श्रद्वालु पहुचे थे। इस दौरान रथयात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के जवान तैनात थे।
खरसावां कुचाई के विभिन्न गांवो में बाहुडा रथयात्रा धुमधाम से निकाली गई। मौसीबाडी में नौवें दिनों तक अलग अलग रूपों में पूजे जाने वाले महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा घर वापसी के लिए जैसे निकले, तो ग्रामीण क्षेत्रो के भक्त उमड पडे। खरसावां के हरिभंजा, बंदोलोहर, छोटाचाकडी, पोडाकाटा, दलाइकेला, जोजोकुडमा, पोटोबेडा, सीनी में भगवान जगन्नाथ जी की घर वापसी हुई।
विधायक ने भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित बैठक में 116 गांव के सम्पूर्ण पुनर्वास व नियोजन का किया मांग।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ के विधायक सविता महतो ने भू अर्जन व पुनर्वास को लेकर हुई बैठक में विस्थापीतों के सम्पूर्ण पुनर्वास व नियोजन का मांग उठाई।सुवर्णरेखा परियोजनाके कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को प्रशासक स्वर्णरेखा परियोजना राजीव रंजन एवं विधायक सविता महतो की संयुक्त अध्यक्षता में सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं पुनर्वास से संबंधित बैठक आयोजित किया गया।
बैठक में भू-अर्जन, पुनर्वास एवं विस्थापितों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में ईचागढ़ विधायक सविता महतो, संयुक्त सचिव-सह-अपर निदेशक (भू-अर्जन एवं पुनर्वास), अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भू अर्जन पदाधिकारी, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, पुनर्वास पदाधिकारी, केंद्रीय भंडार एवं शिविर प्रमंडल, बांध प्रमंडल, सुवर्णरेखा नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारि शामिल हुए। बैठक में विधायक सविता महतो ने प्रशासन एवं विभाग के समक्ष 19 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा, भू-अर्जन, रोजगार एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को न्याय मिल सके। विधायक ने मांग की कि 84 मौजा के 116 गांवों में विकास पुस्तिका एवं पुनर्वास अनुदान के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए।
परियोजना से प्रभावित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति मिले तथा इंडो डेनिश टूल रूम से प्रशिक्षित लगभग 400 युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए। सभी 22 पुनर्वास स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने, आरएल-171 से 192 मीटर तक प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से विकास पुस्तिका एवं अनुदान देने तथा पुनर्वास स्थलों से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक विस्थापितों को भू-खंड आवंटित करने की भी मांग की गई। इसके अलावा विधायक ने भू-खंड आवंटन समिति की नियमित बैठक कराने, पूर्ण पुनर्वास होने तक जलाशय का जलस्तर आरएल-180 मीटर से नीचे रखने, आंशिक रूप से प्रभावित गांवों में खेल मैदान विकसित करने तथा चांडिल डैम के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, रिसॉर्ट एवं ठहरने की सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने पुनर्वास कार्यालय पर प्रशासक का संपूर्ण नियंत्रण एवं परियोजना में तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का 5 वर्ष पर स्थानांतरण करने का मांग किया।
उन्होंने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सरकार और विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान प्रशासक राजीव रंजन ने सभी पुनर्वास स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने तथा परियोजना प्रभावित विस्थापितों का आय, जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र शीघ्र निर्गत कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, मुखिया राखहरि सिंह मुंडा, मुखिया प्रतिनिधि सैनिक मांझी, अभय यादव, गुणाधर महतो, पशुपति बागची, सुकदेव महतो, विष्णु महतो, गोपाल महतो, कालाचांद धीवर आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
जिला कृषि पदाधिकारी ने खाद-बीज भंडार का किया औचक निरीक्षण, स्टॉक व अभिलेखों की जांच।
सरायकेला/ईचागढ़
किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कृषि पदाधिकारी रौशन नीलकमल ने शुक्रवार को ईचागढ़ प्रखंड के मिलन चौक स्थित दिलीप बीज एवं खाद भंडार का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने यूरिया, डीएपी, सुफला सहित विभिन्न उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपलब्ध स्टॉक की जांच की। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, बिक्री (सेल) रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज अभिलेखों का मिलान कर उनकी सत्यता की जांच की।उन्होंने संचालक को निर्देश दिया कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य पर ही खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही सभी अभिलेखों का नियमित संधारण करने और स्टॉक संबंधी जानकारी ऑनलाइन प्रणाली में समय पर अपडेट करने को कहा।जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर कृषि निरीक्षक , बीटीएम आदि उपस्थित थे।
चांडिल पुलिस ने गुम हुए 4 मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को सुपुर्द किया। थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट डिवाईस के तहत चांडिल थानांतर्गत CEIR सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुम हुए 04 मोबाइल को बरामद कर उसके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कराया गया।
वहीं मोबाइल मालिकों को अपनी गुम हुए मोबाइल फोन मिलने से काफी खुश नजर आए एवं जिला पुलिस व चांडिल पुलिस की सराहना किया एवं आभार जताया।
वहीं थाना प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी का भी मोबाइल गुम हो तो नजदिक के थाने में सुचना दर्ज कराएं, सरायकेला पुलिस आपकी सेवा में हमेशा तत्पर होकर गुम हुए मोबाइल लौटाने का काम करेंगे।
आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर में कचरे के अंबार से उठ रही महामारी की बदबू, सीएम का ‘ग्रीन झारखंड’ का सपना हुआ तार-तार
आदित्यपुर के सब्जी बाजार में कचरे का पहाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा, जिम्मेदार मौन
स्वच्छ भारत और ग्रीन झारखंड की उड़ रही धज्जियां, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र बना कचरा डंपिंग जोन
एक तरफ राज्य सरकार “ग्रीन झारखंड” और “स्वच्छ भारत मिशन” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर की ये तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है।
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जगह-जगह पर पड़े कचरे और सर्विस रोड पर बहते गंदे नालियों के पानी ने आदित्यपुर नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह पर कई दिनों अथवा कई हफ्तों से पड़े कचरे से गंदी बदबू आ रही है जिससे कि नगर वासी त्रस्त हो चुकी है। इन पड़े गंदगियों से नगर वासी त्राहिमाम कर रही है लेकिन इसकी शुध लेने वाला कोई नहीं।
आदित्यपुर थाना से महज़ कुछ ही दूरी पर कचरे का अंबार लगा हुआ है और उसी रास्ते से होकर प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों का आना-जाना लगा रहता है उसी रास्ते से होकर थाने के तमाम पुलिस कर्मियों का भी आना-जाना लगा रहता है। साथ ही कचरे के सामने बैठकर सब्जी विक्रेता सब्जियों की बिक्री करते हैं और उन्ही सब्जियों का कचरा उठाकर सामने फेंक देते हैं जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो जाता। कुछ दिनों पूर्व नगर निगम द्वारा उक्त स्थान को साफ करवाया गया था लेकिन फिर से स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई।साथ ही इस मामले पर बाजार समिति के अध्यक्ष मनोज पासवान ने भी चुप्पी साध ली है जबकि बाजार को स्वच्छ रखना इनकी जिम्मेदारी बनती है फिर भी वे इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ और लाचार नजर आ रहे हैं यूं मानों सब्जी विक्रेताओं का खौफ उनके दिल में पूर्ण रूप से बसा हुआ हो।
इतना ही नहीं आर आई टी थाना क्षेत्र के सामने और थाना से महज कुछ दूरी पर भी कचरे का अंबार लगा हुआ है। और साथ ही बरसात का पानी और कचरा एक साथ मिल जाने से कई तरह की बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है जिसकी साफ सफाई समय रहते नहीं की गई तो यह कई गंभीर बीमारियों को उत्पन्न कर सकता है जिसकी चपेट में आकर आसपास क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं।
साथ ही आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 मैं भी सड़क किनारे लगभग 1 महीने से कचरे का अंबार लगा हुआ है और लगातार बरसात का पानी गिरने से पूरी सड़क में भयंकर गंदी बदबू आ रही है जिससे कि सड़क पर चलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।लेकिन इसके साफ-सफाई की जिम्मेदार अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।
आगे इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले कई ऐसी सड़के हैं जहां पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और उस गंदे पानियों पर चलने को आदित्यपुर नगर वासी मजबूर हैं।
आपको बताते चलें कि इन गंदे पानियों से न जाने कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं कीटाणुओं के साथ-साथ कई तरह के मच्छर भी उत्पन्न होते हैं और इन्हीं गंदगियों से उत्पन्न होती है डेंगू वाले मच्छर जिससे कि डेंगू जैसी बीमारियां उत्पन्न होने की समस्या काफी बढ़ जाती है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम कुछ दिनों पहले या फिर यूं कहें कि कुछ महीनों पहले काफी जोश में थी और पूरे क्षेत्र की साफ सफाई में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से काफी ध्यान दिया गया था। कहीं नालियों की सफाई की जा रही थी तो कहीं सड़क पर झाड़ू मरवाए जा रहे थे तो कहीं सड़क किनारे बसे झोपड़ी नुमा दुकानों को तोड़ा जा रहा था ताकि राष्ट्रपति महोदया (द्रौपदी मुर्मू) को हमारा सरायकेला जिला स्वच्छ प्रतीत हो।
लेकिन राष्ट्रपति महोदया के कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात मानो आदित्यपुर नगर निगम गहरी निंद्रा में सोई हुई है शायद इसी वजह से उन्हें आदित्यपुर नगर निगम की गंदगी दिखाई नहीं देती और गंदगी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से भी अनभिज्ञ है।
उक्त मामले पर यह भी खबर मिल रही है कि आदित्यपुर के शेर-ए पंजाब में स्थानीय लोगों को कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रखा गया है लेकिन डस्टबिन की हालत ऐसी है कि अगर डस्टबिन के अंदर से झांको तो मानो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वच्छ झारखंड का सपना कचरे के ढेर में मिलता हुआ दिखाई देता है। डस्टबिन में फेंका गया कचरा डस्टबिन में न रहकर डस्टबिन में बने बड़े-बड़े छेदों से बाहर निकाल कर सड़कों पर बिखर जाता है। और वही कचरा पूरे क्षेत्र में बदबू का मुख्य कारण बनता है।
आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026: स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा- क्या भारत वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनने की ओर? -समग्र व्यापक विश्लेषण।
कर सुधारों का नया अध्याय, निवेशकों को नई स्पष्टता और विकसित भारत -2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम
आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 हमें यह संदेश देता है कि आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा केवल बड़े बजट और विशाल परियोजनाओं से नहीं, बल्कि समय पर किए गए सटीक कानूनी सुधारों से भी तय होती है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
वैश्विक स्तरपर भारत ने पिछले एक दशक में कर सुधारों को केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास,वैश्विक निवेश आकर्षण और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। वस्तु एवं सेवा कर (ज़ीएसटी), फेसलेस असेसमेंट, डिजिटल टैक्स प्रशासन,नई आयकर व्यवस्था और गिफ्ट सिटी जैसे अनेक सुधारों के बाद अब आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार ने स्पेसिफाइड फंड की परिभाषा में संशोधन कर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहली दृष्टि में यह परिवर्तन तकनीकी और सीमित प्रतीत हो सकता है, किंतु गहराई से देखने पर यह स्पष्ट होता है कि इसका प्रभाव भारत में विदेशी निवेश,पूंजी बाजार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं और विकसित भारत-2047 की रणनीति पर व्यापक रूप से पड़ने वाला है। अभी भारत सेहत पूरी दुनिया देख रही है कि 20 जुलाई 2026 से यूजीसी नीट पेपर लेक्स सहित अन्य मुद्दों पर जोरदार तरीके से हंगामें के कारण संसद बाधित चल रही है कोई कामकाज नहीं हो रहा है। आज गुरुवार 23 जुलाई 2026 को भी पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। लगातार हंगामे के कारण पहले सुबह 11 से 12 फिर 2 बजे और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए बिना कोई कामकाज किए शुक्रवार 24 जुलाई 2026 तक स्थगित कर दी गई।ठीक यही स्थिति उच्च सदन में भी रही। विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही अंततः शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र कर विशेष्य व अधिवक्ता होने के नाते बता दूं क़ि यह संशोधन केवल कर नियमों की भाषा बदलने तक सीमित नहीं है,बल्कि यह भारत की उस दीर्घकालिक आर्थिक सोच का हिस्सा है जिसके अंतर्गत देश स्वयं को एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है। वैश्विक पूंजी आज ऐसे देशों की तलाश में है जहाँ कानून स्पष्ट हों,कर व्यवस्था स्थिर हो और निवेशकों को अनिश्चितताओं से मुक्त वातावरण मिले। यही उद्देश्य इस संशोधन के मूल में दिखाई देता है।
साथियों स्पेसिफाइड फंड क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? इसको समझने की करें तो आयकर अधिनियम के अंतर्गत स्पेसिफाइड फंड ऐसी निवेश इकाइयों को कहा जाता है जिन्हें विशेष कर लाभ और नियामकीय सुविधा प्रदान की जाती है, विशेषकर उन फंडों को जो भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करते हैं। समय के साथ निवेश संरचनाएँ बदलती गईं, नए वित्तीय उत्पाद विकसित हुए और वैश्विक निवेशकों की आवश्यकताएँ भी परिवर्तित हुईं। ऐसे में पुरानी परिभाषा कई स्थानों पर अस्पष्टता उत्पन्न कर रही थी, जिसके कारण कर विवाद, व्याख्या संबंधी मतभेद और निवेश निर्णयों में अनिश्चितता पैदा हो रही थी।सरकार ने इन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्पेसिफाइड फंड की परिभाषा को अधिक स्पष्ट, व्यापक और आधुनिक बनाया है ताकि पात्र संस्थाओं की पहचान में भ्रम समाप्त हो और निवेशकों को नियमों का पूर्वानुमानित लाभ सटिका से मिल सके।
साथियों बात अगर हम कर कानूनों में स्पष्टता ही सबसे बड़ी पारदर्शिता को समझने की करें तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले केवल कर की दर नहीं देखते,बल्कि यह भी देखते हैं कि कर कानून कितने स्पष्ट, स्थिर और न्यायसंगत हैं।यदि नियमों की अलग-अलग व्याख्या संभव हो, तो भविष्य में विवाद की संभावना बढ़ जाती है और निवेशक ऐसे बाजारों से दूरी बनाने लगते हैं।भारत लंबे समय से टैक्स सर्टिआएंनिटी अर्थात कर संबंधी निश्चितता पर बल देता रहा है। आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संदेश देता है कि भारत केवल निवेश आमंत्रित नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों के लिए पूर्वानुमेय और भरोसेमंद कर वातावरण भी तैयार कर रहा है।
साथियों बात अगर हम गिफ्ट सिटी को मिलेगा नया बल इसको समझने की करें तो गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) को भारत का वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी योजना वर्षों से चल रही है।इसके लिए सरकार ने अनेक कर रियायतें, नियामकीय छूट और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था विकसित की है।स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा गिफ्ट सिटी में संचालित निवेश फंडों को अधिक स्पष्ट कानूनी आधार प्रदान करती है। इससे विदेशी फंड प्रबंधकों,निवेश सलाहकारों और वैश्विक पूंजी संस्थानों का विश्वास बढ़ेगा। यदि यह सुधार प्रभावी ढंग से लागू होता है,तो गिफ्ट सिटी भविष्य में दुबई,सिंगापुर और हांगकांग जैसे वित्तीय केंद्रों के साथ अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ सकता है।
साथियों बात अगर हमविदेशी निवेशकों को क्या लाभ मिलेगा? इसको समझने की करें तो वैश्विक निवेशक सदैव ऐसे देशों को प्राथमिकता देते हैं जहाँ कर नीति स्थिर हो और कानून की व्याख्या स्पष्ट हो।संशोधित नियमों से पात्र फंडों की पहचान आसान होगी,कर लाभों की पात्रता स्पष्ट होगी और अनुपालन की जटिलता कम होगी।इसका परिणाम यह हो सकता है कि विदेशी संस्थागत निवेशक वैकल्पिक निवेश फंड,संप्रभु निधियाँ तथा वैश्विक निवेश कंपनियाँ भारत को दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक गंभीरता से देखें। पूंजी प्रवाह बढ़ने से भारतीय उद्योग,अवसंरचना, स्टार्टअप और पूंजी बाजार को नई ऊर्जा सटीकता से मिल सकती है।
साथियों बातें अगर हम भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को समझने की करें तो भारत पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में घरेलू बचत के साथ-साथ वैश्विक पूंजी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।यदि कर कानून सरल,पारदर्शी और निवेश- अनुकूल होंगे,तो भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पोर्टफोलियो निवेश तथा दीर्घकालिक संस्थागत निवेश में वृद्धि संभव है।इससे रोजगार,औद्योगिक उत्पादन, नवाचार और वित्तीय बाजारों की गहराई बढ़ेगी। आर्थिक दृष्टि से यह संशोधन केवल कर नियम नहीं, बल्कि विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ सिद्ध हो सकता है।
साथियों बात अगर हम इस कानून से क्या चुनौतियाँ भी हैं? इसको समझने की करें तो हर कर सुधार के साथ कुछ व्यावहारिक चुनौतियाँ भी जुड़ी होती हैं।नई परिभाषा लागू होने के बाद यह सुनिश्चित करना होगा कि आयकर विभाग,नियामक संस्थाएँ और निवेशक सभी इसकी एक समान व्याख्या करें। यदि विभिन्न प्राधिकरण अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो वही समस्या पुनः उत्पन्न हो सकती है जिसे समाप्त करने के लिए संशोधन किया गया है।इसके अतिरिक्त छोटे निवेश फंडों और कर सलाहकारों को नए नियमों के अनुरूप प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी आवश्यक होगा। प्रभावी कार्यान्वयन ही किसी भी कानूनी सुधार की वास्तविक सफलता तय करता है।
साथियों बात अगर हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को समझने की करें तोआज विश्व के अनेक देश विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए कर सुधारों की प्रतिस्पर्धा में लगे हैं। सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, आयरलैंड और लक्ज़मबर्ग जैसे देशों ने स्पष्ट और स्थिर कर नीतियों के कारण वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।भारत के पास विशाल उपभोक्ता बाजार, मजबूत डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली जैसी बड़ी शक्तियाँ हैं। यदि इनके साथ कर कानूनों में निरंतर सुधार और नीति स्थिरता भी जुड़ती रही,तो भारत वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान प्राप्त कर सकता है।आधुनिक कर कानूनों का उद्देश्य केवल सरकार के लिए राजस्व एकत्र करना नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना भी है जिसमें उद्योग, निवेशक और नागरिक सभी विश्वास के साथ आर्थिक गतिविधियाँ कर सकें।आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 इसी व्यापक सोच का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सरकार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश- अनुकूल बनाने के प्रयास में निरंतर आगे बढ़ रही है। यदि भविष्य में भी इसी प्रकार समय- समय पर स्पष्टता आधारित सुधार होते रहे, तो भारत का वित्तीय तंत्र अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनेगा।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विकसित भारत की दिशा में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक कदम इतिहास गवाह है कि किसी भी विकसित राष्ट्र की आर्थिक शक्ति केवल उसके उद्योगों या प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित नहीं होती, बल्कि उसके कानूनों की स्पष्टता, संस्थागत विश्वसनीयता और नीति स्थिरता पर भी निर्भर करती है। आयकर (द्वितीय संशोधन) नियम,2026 में स्पेसिफाइड फंड की नई परिभाषा इसी सिद्धांत को व्यवहार में उतारने का प्रयास है।यद्यपि यह संशोधन सामान्य नागरिक की दृष्टि में तकनीकी प्रतीत हो सकता है, किंतु अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और नीति विशेषज्ञों के लिए इसका महत्व अत्यंत व्यापक है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है और भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शी एवं पूर्वानुमेय कर सुधार जारी रहते हैं, तो भारत न केवल वैश्विक निवेश का विश्वसनीय केंद्र बन सकता है, बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी एक निर्णायक बढ़त हासिल कर सकता है।यह संशोधन हमें यह संदेश देता है कि आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा केवल बड़े बजट और विशाल परियोजनाओं से नहीं, बल्कि समय पर किए गए सटीक कानूनी सुधारों से भी तय होती है।
संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318