जिला कांग्रेस कमेटी सरायकेला खरसावां द्वारा काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया।

जिला कांग्रेस कमेटी सरायकेला खरसावां द्वारा काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया।

सरायकेला/आदित्यपुर

राहुल गांधी जी के न्याय यात्रा व शिवसागर स्थित मंदिर में पूजा दर्शन को असम की भाजपा सरकार द्वारा रोके जाने को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरायकेला खरसावां द्वारा काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया.कार्यकारी अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में आकाशवाणी स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की प्रतिमा के समक्ष बाजू पर काली पट्टी बांध कर कांग्रेस जनों के साथ असम के मुख्यमंत्री हेमन्त बिस्वा शर्मा विरोधी नारा लगाते हुए हेमन्त शर्मा का पुतला जलाया गया।

मौके पर अंबुज कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से घबराकर यात्रा मार्ग में ब्यवधान उत्पन्न करवाकर कांग्रेस जनों को भड़का रही है. ऐसे कुर्त्यो से हमलोग घबराने बाले नहीं है. राहुल गांधी जी की यात्रा मोदी सरकार के ताबूत में आखरी किल साबित होगा।

कार्यक्रम का संयोजन नगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल यादव ने किया.वहीं कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव सुरेश धारी जिला महासचिव रामशंकर पांडेय ललबाबू सरदार जगदीश नारायण चोबे समरेंद्र तिवारी सेवा दल के मुन्ना सिंह छोटू सिंह विनय झा रामविचार राय मन्नू तिवारी अरुण कुमार पाण्डेय मोहित यादव दीपू ठाकुर जगदीश लोहार विजय कुमार मंडल अजय साहू दीपक मुंडा आदि उपस्थित रहे

अखिल झारखंड दुसाध महासभा की बैठक आदित्यपुर में हुई संपन्न।

अखिल झारखंड दुसाध महासभा की बैठक आदित्यपुर में हुई संपन्न।

सरायकेला/आदित्यपुर

अखिल झारखंड दुसाध महासभा सरायकेला – खरसावां की बैठक पदेन अध्यक्ष सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक सरयू पासवान की अध्यक्षता में उनके आदित्यपुर स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज के पारिवारिक मिलन समारोह सह वनभोज 28 जनवरी 2024 को सुबह 10:00 बजे आदित्यपुर स्थित जयप्रकाश उद्यान में आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी कमेटी का गठन किया गया है। तैयारी कमेटी में कमेटी के वरीय पदाधिकारीगण को शामिल किया गया है

जिसमें मुख्य रूप से कमलेश्वरी पासवान, उमाशंकर राम, जवाहर पासवान, रामाशीष राम, आरपी राही, रंजीत प्रसाद, रामचंद्र पासवान, छोटेलाल पासवान, प्रेमचंद्र प्रसाद,,महेश राम, अर्जुन कुमार ,लक्ष्मण प्रसाद, प्रमोद कुमार, गुरुदत्त प्रसाद, पवन कुमार पासवान, रवि शंकर पासवान और जंग बहादुर प्रसाद आदि शामिल है। बैठक में  सर्वसम्मति अतिथियों का भी चयन किया गया है, जिसमें बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान और झारखंड आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान सहित 9 अतिथियों का नाम शामिल है।

राममय हुआ आदित्यगार्डेन,,जय श्री राम के नारे से गूंज उठा पुरा का क्षेत्र

राममय हुआ आदित्यगार्डेन,,जय श्री राम के नारे से गूंज उठा पुरा का क्षेत्र

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)

राम जन्मभूमि स्थल पर नवनिर्मित मार्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र भगबान जी के राम मंदिर का उद्घाटन एवं रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 22.01.2024 को आदित्यगार्डेन में आयोजन किया गया।यह दिब्य,अलौकिक पल कीअनुभूति हेतु आदित्यगार्डन के मन्दिर परिसर सुन्दर काण्ड पाठ एबं रात्रि को भजन संध्या का आयोजन किया गया एबं प्रभू श्री रामचंद्र जी की जयकारा लगाते हुए गाजा बाजा के साथ जुलुस निकाला गाया।आदित्य गार्डेन के मन्दिर को दीपो एबं लाईट से सजाया गया।

साथ ही साथ पूरे आदित्य गार्डेन को भी भगबा रंग के झंडा, भगबान श्री राम चन्द्र के बाल-रूप,दिब्य दरबार एवं श्री राम के अन्य स्वरुप से,लाईट से सजाया गया और चिर प्रतिक्षित काल को यादगार बनाने एबं खुशियाँ का इजहार करते हुए लोगो ने पटाखे का भी आनन्द लिये।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिव मन्दिर परिसर में
पूजा-अर्चना,सुन्दर काण्ड पाठ,हबन के उपरान्त प्रसाद एबं भोग का बितरण सभी लोगो किया गया। रघुकल के स्वामी एबं त्रेता युग राजा गुण गान हेतु आदित्य गार्डेन के क्लब हाउस मे भजन-संध्या के रंगा-रंग कार्यक्रम किया गया ।साथ ही साथ रात्रि सुरुचि भोज का भी आयोजन किया गया।जिसमें काफी संख्या में लोगो ने भाग लिया एबं श्राद्धालुगण इस दिब्य एब आलौकिक पल की परम आनंद का अनुभुति से आनंदित हुए ।

महोत्सब में अध्यक्ष विजय सिंह राणा,सचिब अनील कुमार,निलाम वार्ष्णे उपाध्यक्ष,राकेश सिंह,मुन्ना तिवारी,मनीष पान्डे,आर डी एस मिश्रा,धनेश्वेर सिन्ह,
बि साह, समीर सिंह,जसबीर कौर,अलका झा,रीता कुमारी,मुद्रा जी,सन्तोष खेतान जी,सन्जीब मिश्रा,सुदीप मिश्रा, किशोर जी,प्रकाश झा जी, काफी संख्या में लोग उपस्तिथ हुए।

इस महोत्सब को सफल बनाने में बिशेष रूप से सहयोग करने बाले सभी गणमान्य एबं मुख्य अतिथि गण को अंग बस्त्र से सम्मानित किया गया।

अनील कुमार
सचिब, आदित्य गार्डेन प्रबंध कमिटि

बूथों पर हुआ मतदाता सूची का प्रकाशन।

बूथों पर हुआ मतदाता सूची का प्रकाशन।

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी –सह-अंचल अधिकारी बिजय कुमार महतो ने बताया कि 22 जनवरी को मुसाबनी प्रखंड के सभी मतदान केंद्रों में बीएलओ द्वारा नए मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया । उन्होंने प्रखंड के वोटरों से अपील की है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जरूर चेक कर लें। किसी भी कारण से अगर कोई विसंगति हुई हो तो सबंधित बीएलओ या अंचल कार्यालय को सूचित करें। उन्होंने कहा कि कोशिश की गई है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और समावेशी बनाया जाए। फिर भी किसी भी मानवीय त्रुटि या टाइपिंग की गलती की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए निर्वाचन कार्यालयों के साथ-साथ आम मतदाताओं की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जरूर देख लें। वे सत्यापन के लिए वोटर पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप भी देख सकते हैं।श्री बिजय कुमार महतो ने युवा मतदाताओं को बधाई दी है जिनका पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज हुआ है। उन्होंने इन सभी युवा मतदाताओं से अपील भी की है कि वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के आगामी आम चुनाव में बढ़-चढ़कर मतदान का प्रयोग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

हैश टैग आईएम रेडी टू वोट अभियान चलाया गया
युवाओं मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में चेक करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर 11 से 12 के बीच नव प्रकाशित मतदाता सूची के साथ के सेल्फी लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट करने का अभियान चलाया गया| इस अभियान के तहत बीडीओ मुसाबनी श्री पुष्कर सिंह मुंडा तथा अंचल अधिकारी मुसाबनी श्री बिजय कुमार महतो ने मतदान केंद्र संख्या 262,265,266,267,268,269,270,271 में नए मतदाताओं तथा के बीएलओ साथ जाकर सेल्फी फोटो खिंचवाया

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बीच मुसाबनी के मंदिरों में उमड़ी भीड़

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बीच मुसाबनी के मंदिरों में उमड़ी भीड़

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बहुप्रतीक्षित प्राण प्रतिष्ठा समारोह सोमवार को विधि विधान के साथ संपन्न हो गया। वहीं दूसरी तरफ मुसाबनी के मंदिरों में भारी संख्या में लोग प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूजा अर्चना करने को पहुंचने लगे थे। शहर से गांव तक के मंदिरों में भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखी जुटी रही।

मुसाबनी 3 राम मंदिर, शीतला मन्दिर, श्री जगन्नाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, गायत्री मन्दिर, शिव मंदिर, काली मंदिर सहित मुसाबनी के लोकप्रिय विश्वनाथ मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिरों सहित लोगों ने अपने-अपने घरों में दीपक जलाकर रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा का जश्न मनाया विभिन्न मंदिर कर्मियों द्वारा आकर्षक आतिशबाजी कर प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाया जा रहा है। श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे मुसाबनी शहर में दीपावली का माहौल है। लोग अपने-अपने घरों में अपने-अपने अंदाज से इस धार्मिक अनुष्ठान का आनंद ले रहे हैं।

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दुनियां ने देखा भारत का आध्यात्मिक भाव-प्रभु श्री राम को 500 वर्षों बाद मिली मंदिर की छांव

दुनियां ने देखा भारत का आध्यात्मिक भाव-प्रभु श्री राम को 500 वर्षों बाद मिली मंदिर की छांव

गोंदिया

प्रभु श्री राम की वनवास से अयोध्या वापसी-वक्त ने अपने आप को दोहराया

प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

वैश्विक स्तरपर 22 जनवरी 2024 सोमवार के दिन का इंतजार करते भारत ही नहीं पूरी दुनियां के भक्तों की आंखें तरस गई थी कि कब प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर में सुखकारी रूप से होवे और हम प्रभु के जीवंत स्वरूप का दर्शन करें। बता दें कि हमारे बड़े बुजुर्गों ने ऐसा बताया है कि जब किसी भी व्यक्ति गुरु प्रभु महात्मा महामानव महापुरुष इत्यादि के स्वरूप में पूर्ण रूपेण पद्धति प्रक्रिया व धार्मिक अनुष्ठान प्राण प्रतिष्ठा की जाती है तो इसका मतलब यह माना गया है कि, उसमें उस प्राणी में प्राणों का संचार किया गया है, याने दूसरे शब्दों में अनुष्ठान कर उस स्वरूप को जीवित कर दिया जाता है जो अदृश्य रूप में होता है,मानवीय आंखों से दिख नहीं पता परंतु भक्त अगर हृदय की आंखों से देखे तो हाजरा हजूर प्रभु जरूर नजर आएंगे, बस इसी संज्ञान में प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान कर उनमें प्राणों का संचार किया गया है अब भक्तों के देखने का नजरिया है, अगर हृदय की आंखों से हम देखेंगे तो हम हाजरा हजूर प्रभु श्री राम के जीवंत दर्शन होंगे नहीं तो फिर वही कहावत कि,मानो तो मैं गंगा मां हूं ना मानो तो बहता पानी। अगर हृदय में विश्वास है तो हमें पत्थर में भी भगवान दिख जाते हैं, यदि हृदय में आस्थापूर्ण विश्वास नहीं है तो जीवंत प्रभु में भी पत्थर ही नजर आएगा ऐसी चर्चा मेरे दादाजी अक्सर अनेक मौका पर किया करते थे। जो बातें बचपनकी मैने सुनी वह आज जीवंत रूप में देख रहा हूं।पिछले कई दिनों से जिस तरह जोरदार भावपूर्ण तैयारीयों का नजारा हम मीडिया में देख रहे हैं, घर-घर व गांव, मेट्रो सिटी शहर को सजा हुआ, मैंने देखा तो रामायण में लिखी प्रभु श्री राम की वनवास से वापसी का मंजर मैं जीवंत देखने लगा, ऐसा लगा शायद हम हजारों वर्ष पूर्व की स्थिति त्रेतायुग में आ गए हैं। तब प्रभु श्री राम की 14 वर्षों के वनवास से वापसी हुई थी और संपूर्ण अयोध्या में दीपावली से भी बढ़कर माहौल था। हर व्यक्ति खुश था बस!! वही मंजर 22 जनवरी 2024 को देखा जब प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो विश्व का हर राम भक्त खुशी से सराबोर होकर झूम उठा, मानो बस!! अब हमें प्रभु श्री राम मिल गए हैं, अब और कुछ नहींचाहिए। प्रभु दर्शन से ही हमारी सारी इच्छाएं पूर्ण हो गई है,यहभारतीयों का भाव पूरी दुनियां ने देख के कहा प्रभु श्री राम की वास्तव में वनवास से वापसी हुई है, जो 500 साल वनवास था जिसे वक्त को फिर दोहरा दिया है, चूंकि प्राण प्रतिष्ठा से पूरा विश्व सराबोर हुआ है, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए हैं।

साथियों बात अगर हम 22 जनवरी 2024 को जोरदार ढंग से भावपूर्ण मन से मनाने की करें तो, प्राण प्रतिष्ठा में तैयारी ऐसी थी कि मानो असल दीपावली अबकी बार मनाई जाएगी। गली-चौराहों से लेकर टैक्सी, पेट्रोल पंपों और यहां तक कि घरों में भी राम धुन बज रहा है। पूजित अक्षत व निमंत्रण पत्र घर-घर पहुंचाने का असर ऐसा हो रहा है कि हर कोई खुद को इसआयोजन से सीधा जुड़ा हुआ महसूस करने लगा है। बृहस्पतिवार को शहर में प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व निकाली गई शोभा यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे। भगवान राम की मनमोहक झांकी की अगुवाई में निकली यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चलते करीब एक किमी तक केवल भगवामय राम भक्तों की टोली ही नजर आ रही थी। अयोध्या धाम में 22 जनवरी, 2024 को आयोजित श्री राम मंदिर के प्रतिष्ठापन समारोह के सुचारू और सफल संचालन के लिए अत्यधिक सावधानी के साथ व्यवस्था की गई थीं। पीएम निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा किए। इस दिनकरीब 8, हज़ार से अधिक अतिथि मंदिर मेंआए, इसके बाद 23 जनवरी से लाखों भक्त आएंगे।

साथियों बात अगर हम माता सीता के मायके जनकपुर मिथिला गांव नेपाल के खुशियों में सराबोर होने की करें तो, देवी सीता का मायका खुशी और उत्साह से भरा हुआ है। नेपाल में जनकपुरधाम में धूमधाम और उल्लास के साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जनकपुर निवासियों का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हमारे लिए भी खुशी की लहर लेकर आया है। हमने उस दिन घटनाओं की एक श्रृंखला की योजना बनाई थीं, जो सुबह शुरू हुई और दिन के अंत तक चली। सिंदूर के चूर्ण से रंगोली और फूलों से भगवान राम की तस्वीर बनाए। हम अपने घर में दीपावली भी मनाए। अयोध्या में मंदिर निर्माण से हम सभी खुश हैं। पूरा जनकपुर इससे खुश है। दीपावली मनाने के लिए तैयार लोग जनकपुर के एक सजन ने कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से इससे काफी खुश और उत्साहित हूं।मैंनें 22 जनवरी को दीपावली मनाया और मंदिर में दीपक भी जलाए। मैं अपने दोस्तों और अन्य लोगों से 22 जनवरी को दीपावली मनाने के लिए कह कहा था। बता दें, जनकपुर धाम एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यह भगवान राम की पत्नी देवी सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। धार्मिक ग्रन्थों और पौराणिक कथाओं के अनुसार यह स्थान राजा जनक जो की माता सीता के पिता थे उनके राज्य मिथिला कीराजधानी हुआ करता था। यह वहीं स्थान है जहां से माता सीता प्रकट हुई थीं। इसी जगह पर जब राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तब उन्हें धरती से सोने का एक सुंदर संदूक या कलश मिला जिसमें देवी सीता थी। देवी सीता के मायके में उत्सव के बीच, शहर भर के लाउड स्पीकर जय श्री राम के नारे के साथ-साथ राम लला को समर्पित गीतों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग के साथ गूंज रहे हैं। जनकपुर में रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित महाबीर मंदिर मेंशनिवार को अस्ताजाम शुरू हुआ, जिसमें चौबीसों घंटे राम भजनों का जाप किया गया। भक्तों ने राम के नारे लिखे स्कार्फ को पहना। जनकपुर में अस्तजाम के भक्तों और आयोजकों में से एक कमल हाथी ने कहा, भगवान हनुमान के बिना, भगवान राम कहीं नहीं जाएंगे, इसलिए हमने अष्टजाम का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है, जो चौबीसों घंटे चलता है। 22 जनवरी को हम हनुमान आराधना किए। इस दौरान 12 बार हनुमान चालीसा का पाठ किए और बाद में शाम को हम तेल से भरे मिट्टी के दीपक जलाएंगे।

साथियों बात अगर हम 23 जनवरी 2024 से आम भक्तों के अयोध्या यात्रा के लिए गाइडेंस की करें तो, बता दें किदर्शनार्थियों के लिए अयोध्या में पूरी व्यवस्था की गई है। 22 जनवरी के बाद आने वाले दिनों में दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थाएं हैं। अगर आप लखनऊ-गोरखपुर हाइवे के रास्ते अयोध्या में प्रवेश करेंगे तो सरयू पुल से पहले आपको जो मार्ग मिलेगा, उसका नाम धर्मपथ है। इसी रास्ते से अयोध्या में एंट्री होगी। इसके बाद लगभग 2 किलोमीटर सफर करने पर लता मंगेशकर चौक मिलेगा, जिसे नया घाट भी कहते हैं. इसके ठीक सामने राम की पैड़ी है और इसके किनारे मंदिरों की लंबी खूबसूरत श्रृंखला है।राम की पैड़ी के किनारे ही अति प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर नागेश्वर नाथ भी है। अयोध्या पहुंचने वाले लोग यहां भोलेनाथ के दर्शन जरूर करते हैं। सरयू की जलधारा राम की पैड़ी से होकर वापस सरयू में मिल जाती है. इसके किनारे सरयू का तट दिखाई देगा, जहां आप नौकायन और मोटर बोट का आनंद उठा सकते हैं। राम की पैड़ी का लुत्फ लेने के बाद जब आप वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचेंगे तो अयोध्या की राजकुमारी का पार्क देख सकते हैं, जिन्हें दक्षिण कोरिया में रानी के नाम से जाना जाता है। राजकुमारी का पार्क इसी नाम से है। दक्षिण कोरिया में उनकी शादी कर्क वंश के राजकुमार से हुई थी। आज दक्षिण कोरिया की बड़ी आबादी इसी वंश की है। हनुमानगढ़ी के बगल में ही दशरथ महल और कनक भवन मंदिर है। कनक भवन मंदिर के बारे में मान्यता है कि माता सीता को कैकई ने मुंह दिखाई में यह सोने का महल दिया था। श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाने के लिए दशरथ महल के पास से भी रास्ता है और हनुमानगढ़ी के रास्ते बाहर निकलकर राम पथ के जरिए भी आप श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य मार्ग पर पहुंच सकते हैं। जन्मभूमि पथ से प्रवेश करते ही बाएं तरफ आपको ट्रस्ट सुविधा केंद्र मिलेगा, जहां सामान रखने के लिए मुफ्त लॉकर , स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अगर किसी को चलने में असुविधा है तो सहायक के साथ उसे पहुंचाने की भी व्यवस्था है। यहीं पर मंदिर में दोपहर और सायंकाल आरती का पास भी मिल जाता है।
साथियों बात अगर हम दूरदर्शन मीडिया से सीधा प्रसारण करने की करें तो, सीधा प्रसारण समारोह के सीधे प्रसारण के लिए व्यापक व्यवस्था की गई । दूरदर्शन पूरे कार्यक्रम का डीडी न्यूज और डीडी नेशनल चैनलों पर 4के गुणवत्ता में सीधा प्रसारण किया। 23 जनवरी, 2024 को दूरदर्शन आरती और जनता के लिए श्री राम मंदिर खुलने का सीधा प्रसारण करेगा। दूरदर्शन 22.01.24 को एएनआई टीवी और पीटीआई वीडियो के साथ अयोध्या में कार्यक्रम की क्लीन फ़ीड साझा किया। सभी टीवी चैनल जो एजेंसी के ग्राहक हैं वे वहां से फ़ीड प्राप्त कर सकते हैं।अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रसारकों के लिए, क्लीन फ़ीड की कुंजी के साथ एक यूट्यूब लिंक तैयार किया गया है। यह लिंक संबंधित प्रसारकों के अनुरोध पर उनके साथ साझा किया जाएगा। यूट्यूब लिंक प्राप्त करने के लिए, घरेलू प्रसारक पत्र सूचना कार्यालय के पास अपना अनुरोध भेज सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनलों को अपना अनुरोध सीधे प्रसार भारती से करना होगा। संपर्क विवरण पीआईबी मीडिया एडवाइजरी में उपलब्ध हैं, जिसे यहां देखा जा सकता है।यदि क्लीन फ़ीड की आवश्यकता नहीं है, तो चैनलों के पास डीडी न्यूज़ से पैचिंग का भी विकल्प होगा। इस मामले में सौजन्य : दूरदर्शन दिया जा सकता है।

साथियों बात अगर हम दिए सहित खुशियां मनाने की करें तो, 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद शाम को पूरा शहर 10 लाख दीयों की चमक से जगमगाएगा। सरकार की अपील पर घरों, दुकानों, धार्मिक स्थलों से है। दीपों से रौशन होंगे निजी संस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश से इस ऐतिहासिक अवसर को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनियां ने देखा भारत का आध्यात्मिक भाव-प्रभु श्री राम को 500 वर्षों बाद मिली मंदिर की छांव।प्रभु श्री राम की वनवास से अयोध्या वापसी-वक्त ने अपने आप को दोहराया।प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से प्रभु के जीवंत स्वरूप में आने के आभास से भक्तगण सराबोर हुए।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

दुनियां भर में पहली बार अभूतपूर्व ऐतिहासिक राम नाम की गूंज-आध्यात्मिक अस्था बढ़ी

दुनियां भर में पहली बार अभूतपूर्व ऐतिहासिक राम नाम की गूंज-आध्यात्मिक अस्था बढ़ी

गोंदिया

श्री राम जय राम जय जय राम

वैश्विक स्तरपर दुनियां के अधिकतम देश राम नाम के घोष से सराबोर हुए – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

वैश्विक स्तरपर पिछले 500 वर्षों से शायद ही ऐसा कभी कोई पल आया होगा जिसका आज भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां के करीब करीब हर देश में ऐसा अलौकिक उत्साह का माहौल प्रतीत हुआ है। आज भारत का शायद ही कोई नगर शहर ऐसा होगा जहां राम नाम का नगाड़ा ना बजा हो, प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से सराबोर होकर चारों तरफ श्री राम जय राम जय जय राम की भाव भक्ति से आराधना की जा रही है। बता दें ध्यान 20 और 21 जनवरी 2024 को दर्शन के लिए मंदिर परिसर में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 22 जनवरी से यह सब खुल जाएंगे। मैंने अपनी चावल नगरी गोंदिया में एक ग्राउंड रिपोर्टिंग कर 85 प्लस बुजुर्गों से बात की तो उन्होंने बताया हमने इन 85 वर्षों में कभी भी ऐसा माहौल नहीं देखा मेरा मानना है की पूरी दुनियां में ऐसा कोई भी क्षण नहीं आया होगा जितना उत्साह आज दुनियां में अधिकतम देशों में दिख रहा है। हर देश में मूल भारतीयों द्वारा जश्न मनाया जा रहा है। हमारी छोटी सी राइससिटी गोंदिया नगरी में भी पूरा नगर राम नाम के गूंज से सराबोर हो उठा है।चारों तरफ राम नाम के बैनर झंडा फूलों के हर गली चौराहे पर प्रभु श्री राम के स्वागत में गेट रंग-बिरंगे पोस्टर से लबालब दिख रहा है और प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से हर देशवासी का सीना गर्व से ऊंचा हो गया है, चूंकि पूरे देश में श्री राम जय राम जय जय राम की गूंज हो रही है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, वैश्विक स्तरपर दुनियां में अधिकतम देश राम नाम की गूंज से सराबोर हुए।

साथियों बात अगर हम प्राण प्रतिष्ठा पर हर देशवासी के गौरवन्वित होने की करें तो, अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर नागरिक गौरवान्वित है। इसके लिए कई साधु-संतों ने वर्षों से मौन व्रत रखकर तपस्या की तो कइयों ने अपने प्राणों की आहुति दी। मंदिर निर्माण और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पर कोई अपना मौन व्रत खोलेगा तो कोई प्रभु श्रीराम का जयघोष करेगा। धर्म गुरु बोले कि यह दिन भारत और दुनिया भर के लिए ऐतिहासिक है। पूरा देश राममय हो गया है। भगवान श्रीराम हर व्यक्ति के प्रेरणा स्रोत हैं। श्री राम भारत के प्रभात का प्रथम स्वर हैं। देश की उच्चता व दिव्यता देखनी हो तो प्रभु श्री राम में वह दृष्टिगोचर होती है। भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस दिन के लिए संतों और आम जनमानस ने अपने प्राणों की आहुति दी है। देश में स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। यह दिन महादीपावली का है। हिंदू समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

साथियों बात अगर हम अयोध्या सहित पूरा देश राम नाम राम में सराबोर होने की करें तो भगवान राम के विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा हैं, लेकिन अयोध्या समेत पूरा देश राममय है। यूपी ही नहीं दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों के परिधान भी राममय हो गया है। आलम यह है कि हर शहर में प्राण प्रतिष्ठा आस्था और संस्कृति के प्रतीक बन गया है। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की गूंज अयोण्या में भव्य रूप से हो रही है वहीं दूसरे शहरों के मंदिरों में भी पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया है। बाजार भी लोगों के उत्साह और उल्लास को कैश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बाजार में रामनामी वस्त्रों की भरमार है। श्री राम लिखे कुर्ते-गमछे से लेकर राम मंदिर प्रिंट वाली साड़ियों की जमकर बिक्री हो रही है। लोग 22 जनवरी को होने वाले आयोजनों में पहनने के लिए इन रामनामी वस्त्रों को खरीद रहे हैं।अयोध्या में भव्य राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को आस्था में सराबोर लोग दिवाली से बड़ी दीपावली मनाई जा रही है। यूपी का माहौल कुछ इस तरह है कि हर गली और नुक्कड़ राममय हो चुका है। घरों मोहल्लों और आसपास के मंदिरों को सजाने के साथ ही परिवार भर के लिए नए कपड़े खरीदे जा रहे हैं। पुरुष और महिलाएं सभी उल्लास के साथ रामलला के स्वागत कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं। पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बहुत खुशी और उमंग हैं। उनकी खास डिमांड पर बाजार में रामनामी सिल्क की साड़ियां भी आ गईं हैं। इस पर राम मंदिर की आकृति उकेरी गई है। वहीं पुरुष भी भगवा रंग के पोशाक में दिखने को तैयार हैं।उधर जानकी की जन्मस्थली सीतामगढ़ी में भी धूम मची हुई है। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जानकी जन्मस्थली सीतामढ़ी में भी रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिले के मठ मंदिरों, नदी तट, सीताकुण्ड में महाआरती, अलौकिक दीपावली व धार्मिक स्थलों को सजाने की तैयारी चल रही है। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई की जा रही है। पुनौराधाम, जानकी स्थान, हलेश्वर स्थान, पंथपाखर आदि तीर्थ क्षेत्रों में उत्सव की तैयारी है। नगर निगम ने भी सात दिवसीय स्वच्छ तीर्थ कैंपेन चला कर धर्म स्थलों के आसपास साफ-सफाई करवा रहा है। श्री जानकी प्राकट्य स्थली तीर्थ क्षेत्र के बैनर तले होनेवाले कार्यक्रम में शहर की साफ-सफाई के बाद रंग अबीर से रंगोली व मार्गों की सजावट की जाएगी। जानकी स्थान के उर्विजा कुण्ड को फूलों से सजाया जाएगा। पूरे शहर को सजाने की योजना है। शहर की साफ-सफाई व सजाने के साथ प्रवचन व संगीत के लिए साउंड व अयोध्या से सीधा प्रसारण के लिए जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगाई है। शहर में रामोत्सव को आयोजन होगा। पूजा-अर्चना के साथ उस दिन अलौकिक दीपावली मनायी जाएगी। भजन-कीर्तन का भी आयोजन होगा। पुनौराधाम में प्रभु की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन सीता कुंड पर महाआरती होगी। पूरे तीर्थ क्षेत्र को 51 हजार दीपों से सजाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा। महंत कौशल किशोर दास के नेतृत्व में कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर चल रही है। श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण से हर जगह खुशी का माहौल है। 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित समारोह को देखने के लिए सभी धर्म स्थलों व सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी स्क्रीन लगायी है। इसके लिए रजत द्वार जानकी मंदिर, पुनौराधाम, महावीर स्थान व देवी मंदिरों में जगह चिह्नित की गई है। जिले के लोगों को रामजन्म भूमि के विकास के बाद जानकी जन्म स्थली के विकास की आस जगी है। लोग कहते हैं बिन सिया बिन राम भी अधूरे हैं। अयोध्या से मिथिला के लिए आनंद विहार दरभंगा वाया अयोध्या वसीतामढ़ी ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर जिस तरह प्रधानमंत्री सीतामढ़ी के साधु-संतों से रू-ब-रू हुए थे।

साथियों बात अगर हम 5 अगस्त 2020 को प्रभु श्री राम मंदिर के भूमि की पूजन के अवसर पर माननीय पीएम के संबोधन की आज के परिपेक्ष में हकीकत को देखें तो उन्होंने उसे समय कहा था, राम काजु कीन्हे बिनु मोहि कहाँ बिश्राम॥भारत,आज भगवान भास्कर के सानिध्य में सरयू के किनारे एक स्वर्णिम अध्याय रच रहा है। कन्याकुमारी से क्षीरभवानी तक, कोटेश्वर से कामाख्या तक, जगन्नाथ से केदारनाथ तक, सोमनाथ से काशी विश्वनाथ तक, सम्मेद शिखर से श्रवणबेलगोला तक, बोधगया से सारनाथ तक, अमृतसर से पटना साहिब तक, अंडमान से अजमेर तक, लक्ष्यद्वीप से लेह तक, आज पूरा भारत,राममय है। पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है। आज पूरा भारत भावुक भी है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा कि वो अपने जीते-जी इस पावन दिन को देख पा रहे हैं। जैसे पत्थरों पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बनाया गया, वैसे ही घर-घर से, गांव-गांव से श्रद्धापूर्वक पूजी शिलाएं, यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं। देश भर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों, वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं, आज यहां की शक्ति बन गई हैं। वाकई, ये न भूतो न भविष्यति है। भारत की आस्था, भारत के लोगों की सामूहिकता की ये अमोघ शक्ति, पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय है,शोध का विषय है। दीन दयाल बिरिदु संभारी’।यानि जो दीन है, जो दुखी हैं, उनकी बिगड़ी बनाने वाले श्रीराम हैं।जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों। भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों। भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं! भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं! हजारों साल पहले वाल्मीकि की रामायण में जो राम प्राचीन भारत का पथ प्रदर्शन कर रहे थे, जो राम मध्ययुग में तुलसी, कबीर और नानक के जरिए भारत को बल दे रहे थे, वही राम आज़ादी की लड़ाई के समय बापू के भजनों में अहिंसा और सत्याग्रह की शक्ति बनकर मौजूद थे! तुलसी के राम सगुण राम हैं, तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं! हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है-न्राम सदृशो राजा, प्रथिव्याम् नीतिवान् अभूत॥ यानि कि, पूरी पृथ्वी पर श्रीराम के जैसा नीतिवान शासक कभी हुआ ही नहीं! श्रीराम की शिक्षा है- नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना॥ कोई भी दुखी न हो, गरीब न हो। श्रीराम का सामाजिक संदेश है- प्रहृष्ट नर नारीकः,समाज उत्सव शोभितः॥ नर-नारी सभी समान रूप से सुखी हों। श्रीराम का निर्देश है- कच्चित् ते दयितः सर्वे, कृषि गोरक्ष जीविनः। किसान, पशुपालक सभी हमेशा खुश रहें। श्रीराम का आदेश है कश्चिद्वृद्धान्चबालान्च, वैद्यान् मुख्यान् राघव। त्रिभि: एतै: वुभूषसे॥ बुजुर्गों की,बच्चों की, चिकित्सकों की सदैव रक्षा होनी चाहिए। श्रीराम का आह्वान है- जौंसभीत आवासरनाई रखिहं उताहिप्रानकीनाई॥ जो शरण में आए ,उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। श्रीराम का सूत्र है- जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥ अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है। और भाइयों और बहनों, ये भी श्रीराम की ही नीति है- भयबिनुहोइन प्रीति॥ इसलिए हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतनी ही प्रीति और शांति भी बनी रहेगी।


अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि श्री राम जय राम जय जय राम।दुनियां भर में पहली बार अभूतपूर्व ऐतिहासिक राम नाम की गूंज-आध्यात्मिक अस्था बढ़ी।वैश्विक स्तरपर दुनियां के अधिकतम देश राम नाम के घोष से सराबोर हुए।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

जमशेदपुर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के स्वागत में एक लाख लोगों को न्योता भेजा जाएगा – आनन्द बिहारी दुबे

जमशेदपुर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के स्वागत में एक लाख लोगों को न्योता भेजा जाएगा – आनन्द बिहारी दुबे

पुर्वी सिंहभूम

पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित प्रखण्ड अध्यक्ष एवं प्रखण्ड संगठन प्रभारियों का आवश्यक बैठक जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे जी के अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टूपुर में आयोजित हुई। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी जी का आगमन जमशेदपुर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के तहत हो रहा है। जिसमें व्यापक रूप से लोगों को शामिल कराने हेतू निम्नलिखित सूची को प्रखण्ड अध्यक्ष के माध्यम से तत्काल प्रभाव से तैयार कर जिला कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टूपुर में प्रेषित करने का दिशा-निर्देश जिलाध्यक्ष ने दिया।

1) सभी कम्पनी के युनियन पदाधिकारी एवं कर्मचारी,
2) सभी सामाजिक संगठन,
3) इंडिया गठबंधन के सभी नेता/पदाधिकारी/कार्यकर्त्ता,
4) सभी धार्मिक संस्थान,
5) सभी समाजवार संस्थाएं,
6) सभी खेल संस्थान,
7) सभी SHG के पदाधिकारी एवं सदस्य,
8) सभी शैक्षणिक संस्थान,
9) सभी ग्राम प्रधान,
10) सभी 231 मुखिया,
11) जिला परिषद,
12) पंचायत समिति सदस्य,
13) वार्ड सदस्य,
14) सभी वरिष्ठ नागरिक समिति,
14) सभी कालेज के छात्र एवं छात्राएँ,
15) कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता,
16) जिला पदाधिकारी,
17) सभी प्रखंड पदाधिकारी,
18) सभी मंडल पदाधिकारी’
19) अग्रणी संगठन एवं विभाग के सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी,
20) कांग्रेस पार्टी के सदस्यों,
21) प्रखण्ड क्षेत्र के गणमान्य एवं संस्थान जिन्हें निमंत्रण देना चाहिए,
22) सांस्कृतिक कला, वाद्य एवं नृत्य ग्रुप,
23) सभी कालेज के छात्र एवं छात्राएं ,
24) प्रखण्ड क्षेत्र के हाट-बाजार के व्यवसायी,
25) मिनी बस एसोसिएशन,
26) ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन,
27) टेम्पो युनियन,
28) असंगठित कामगार युनियन एवं कर्मचारी,
29) सभी दिहाड़ी कामगार,
30) जमशेदपुर के सभी उधोगपति,
31) बैंककर्मी, आंगनबाड़ी, मनरेगाकर्मी,
32) पूर्व सैनिक, पूर्व सिपाही, पूर्व भारत सरकार एवं राज्य सरकार के पदाधिकारी एवं कर्मचारी,
उपरोक्त सूची अविलंब तैयार कर के जिला कांग्रेस कार्यालय को प्रेषित करें (सूची में नाम, पता, मोबाइल नंबर, संस्था, पद) लिखें।

जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा में सभी को न्योता सम्मान के साथ भेजा जाए, कोई वंचित ना रहे।सभी प्रखण्ड संगठन प्रभारी प्रखण्ड क्षेत्र में प्रवास कर प्रेस वार्ता आयोजित करें तथा भारत जोड़ो न्याय यात्रा कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करें तथा लोगों को आमंत्रित करें।

बैठक का संचालन एवं प्रबंधन कार्य संजय सिंह आजाद उपाध्यक्ष ब्रजेन्द्र तिवारी ने सम्पादित किया।
बैठक में साकची प्रखंड अध्यक्ष धर्मा राव एवं प्रखंड संगठन प्रभारी राजेश चौधरी, जमशेदपुर ग्रामीण प्रखंड अध्यक्ष आशीष ठाकुर, बिरसानगर प्रखंड अध्यक्ष संजय घोष, टेल्को प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार, बोडाम प्रखण्ड से किशन लाल महतो जिला महामंत्री एवं बलराम महतो पूर्व प्रखंड अध्यक्ष, पटमदा प्रखंड संगठन प्रभारी अंसार खान एवं प्रदेश प्रतिनिधि मृत्युंजय महतो व खगेनचन्द्र महतो प्रदेश सचिव, पोटका प्रखंड अध्यक्ष सौरभ चटर्जी, जुगसलाई प्रखंड अध्यक्ष कैसर आलम अंसारी एवं प्रखंड संगठन प्रभारी अपर्णा गुहा, गोलमुरी प्रखंड अध्यक्ष अतुल गुप्ता एवं प्रखंड संगठन प्रभारी ज्योति मिश्रा, घाटशिला प्रखंड संगठन प्रभारी राज किशोर प्रसाद मुख्य रूप से शामिल हुए।

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में मुसाबनी डीएसपी व उनकी धर्मपत्नी ने गरीबों को बांटे कंबल

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में मुसाबनी डीएसपी व उनकी धर्मपत्नी ने गरीबों को बांटे कंबल

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)

पुलिस के अमानवीय चेहरों के तो कई मामले आपने देखे होंगे, लेकिन जमशेदपुर के मुसाबनी में पुलिस की जिंदादिली दिखी। जिसमें मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद व उनकी धर्मपत्नी स्वेता श्री गरीब और बेसहारा लोगों के लिए मददगार बन कर सामने आई है।दरअसल, शीतलहर के चलते तमाम ऐसे लोग हैं, जिनके पास सर्दी को दूर करने के इंतजाम नहीं थे इसे देखकर मुसाबनी डीएसपी अपनी टीम के साथ फैसला किया कि वह गरीबों की मदद के लिए आगे आएंगे।इसमे उनकी धर्मपत्नी स्वेता श्री ने भी हांथ बंटाया। डीएसपी ने सोशल पुलिसिंग के तहत थाना प्रभारी एवं पुलिस टीम के साथ घूम-घूम कर कई गांव में कंबल एवं गर्म कपड़े का वितरण किया। वहीं कई गांव में उन्होंने अपनी निजी खर्चे से कंबल व कपड़े मंगाकर अपनी पत्नी व बच्चों के साथ जरूरतमंद परिवार को उपलब्ध कराया जिसकी क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का सामना कर रहे फुटपाथ पर सो रहे गरीबों को पुलिस ने कंबल बांटकर अपनी जिंदादिली का परिचय दिया। डीएसपी अपने सरकारी वाहन में कम्बल लेकर चलते हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान दिन एवं रात में जब कभी जरूरतमंद लोग उन्हें सड़क के किनारे दिखाई पड़ते तत्काल उन्हें कंबल उपलब्ध कराया जाता है। सड़क के किनारे रहने वाले गरीब लोगों को उनकी मदद के लिए वे देर रात मौके पर जाकर उन्हें कंबल वितरित कर रहे हैं। जो भी पालीथीन या फटे पुराने गुदड़े में लिपटा सोता हुआ दिखा इस पुलिस अधिकारी ने उसे कंबल से ढक दिया। डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि समाज के अन्य लोगों को भी गरीबों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

स्वर्गीय पंडित आनंद चंद चौधरी की 14 वीं पुण्यतिथि पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई

स्वर्गीय पंडित आनंद चंद चौधरी की 14 वीं पुण्यतिथि पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई

जमशेदपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

जमशेदपुर टेल्को संगीत समाज के सभागार में दिनांक 21 जनवरी को स्वर्गीय पंडित आनंद चंद चौधरी की 14 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित किया गया ।

इस कार्यक्रम को आयोजित करने में संगीत समाज के सचिव पार्थो मुखोपाध्याय , उपाध्यक्ष गोपाल मिश्रा , कोषाध्यक्ष हरेंद्र कुमार कमेटी मेंबर आलोक कुमार एवं प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार , शिवशंकर की अहम भूमिका रही। स्वर्गीय पंडित अनांदचंद चौधरी ने भारतीय परंपरा और संस्कृति के उत्थान के लिए संगीत एवं कला के क्षेत्र में एक सुनहरा भविष्य आने वाली पीढियां के लिए देकर गए।

चित्रकला प्रतियोगिता में जमशेदपुर के सभी स्कूलों के लगभग 500 बच्चों ने भाग लिया। संगीत समाज ड्राइंग प्रतियोगिताएं के माध्यम से युवा एवं बच्चों के लिए अपने कलात्मक कौशल दिखाने, अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता व्यक्त करने और आवश्यक जीवन कौशल विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है । ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल बच्चों को अपनी कलाकृति प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं बल्कि उन्हें उनके प्रयासों के लिए मूल्यवान अनुभव, मान्यता और सराहना प्राप्त करने में भी मदद करती हैं। चित्रकला प्रतियोगिता ग्लोबल वार्मिंग, धार्मिक विविधता जैसे विषयों पर आधार बनाकर समाज मे कला के माध्यम से जागरूकता फैलाना है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2024 के तहत ‘रन फॉर सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2024 के तहत ‘रन फॉर सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

सरायकेला-खरसावां

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक नें “रन फॉर सेफ्टी” (पैदल मार्च) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

इंडोर स्टेडियम सरायकेला से भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला तक पैदल मार्च कर सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया

सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम 2024 के तहत जागरूकता उदेश्य से इंडोर स्टेडियम सरायकेला से भगवान बिरसा स्टेडियम सरायकेला तक “रन फॉर सेफ्टी” (पैदल मार्च) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रन फॉर सेफ्टी अभियान का जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार तथा उप विकास आयुक्त के द्वारा सामूहिक रुप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अभियान में उत्कृष्ट विद्यालय (नृप राज्य प्लस टू उच्च विद्यालय सरायकेला) के छात्र छात्राओं नें भाग लिया। अभियान इनडोर स्टेडियम सरायकेला से प्रारम्भ हो थाना रोड, संजय चौक से होकर भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला में सम्पन्न हुआ। अभियान के तहत पैदल मार्च का आयोजन कर बच्चों के द्वारा “हेलमेट पहने जान बचाएं” “सीट बेल्ट पहने परिवार बचाएं”, “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा”, “वन मिस्टेक गेम ओवर”, “स्पीड थ्रील बट किल”, “गाड़ी चलाएं शौक से शोक से नहीं” “ड्रंक एंड ड्राइव जानलेवा है” नारा लगा लोगो को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने कहा कि आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने तथा लोगों को सड़क सुरक्षा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आम नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर जागरूक होने का परिचय दें तथा खुद भी यातायात नियमों के पालन करें एवं अपने आसपास अपने परिचित लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। वही पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने सड़क सुरक्षा यातायात नियमों के अनुपालन करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि बड़े वाहन चलाते समय शीट बेल्ट एवं दु पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग जरूर करें, साथ ही ओवर स्पीडिंग एवं स्टंटबाजी ना करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उदेश्य से प्रशासन द्वारा विभिन्न गतिविधिया आयोजित की जा रही है जिसमे अपना सहयोग प्रदान कर अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें।

कार्यक्रम में उपरोक्त का अलावा परियोजना निदेशक आईटीडीए संदीप कुमार दौराइबुरु, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शंकरचर्या शामद , प्रखंड विकास पदाधिकारी सरायकेला श्रीमती यस्मिता सिंह, कार्यपालक दंडाधिकारी डॉ सुधा वर्मा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुश्री आदिति सिंह, एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहें।

नवोदय विद्यालय में छठवीं कक्षा में प्रवेश के लिए 535 ने दी परीक्षा, 291 रहे अनुपस्थित

नवोदय विद्यालय में छठवीं कक्षा में प्रवेश के लिए 535 ने दी परीक्षा, 291 रहे अनुपस्थित

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

जवाहर नवोदय विद्यालय की छठवीं कक्षा में प्रवेश के लिए शनिवार को आयोजित परीक्षा के लिए मुसाबनी में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जीसीजेडी हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में केंद्र अधीक्षक शिवपूजन सिंह चौहान की देखरेख में परीक्षा संपन्न हुई ।जी सी जे डी हाई स्कूल में मुसाबनी प्रखंड के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस केंद्र पर 482 परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र था। इस केंद्र पर शनिवार को परीक्षा में 325 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित हुए। 157 छात्र-छात्राएं परीक्षा से अनुपस्थित रहे। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र पर डुमरिया प्रखंड के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां 344 परीक्षार्थियों में 210 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित हुए। 134 परीक्षार्थी इस केंद्र पर अनुपस्थित रहे।परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही बच्चों व उनको लेकर आए अभिभावकों को तांता लगा रहा। नवोदय की 80 सीटों के लिए जिले भर में कुल 4249 छात्र छात्राएं प्रवेश परीक्षा में भाग लिए, जबकि 1914 परीक्षार्थी अनुपस्थित थे। केंद्रों पर जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रतिनियुक्ति सेंटर इंचार्ज प्रियदर्शनी, स्वाति सुचारिता शामल, सीमा कुमारी, संदीप कुमार आदि की देखरेख में परीक्षा संपन्न हुई मुसाबनी प्रखंड विकास पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा एवं अंचल अधिकारी बिजय कुमार महतो, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विनय कुमार दुबे, आदि ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा की निगरानी के लिए सचल दस्तों की कई टीमें सक्रिय रहीं। दोनों परीक्षा केंद्र पर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संपन्न हुई।

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