जिले की जनता की निगाहें नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी पर टिकी।
( सोनू कुमार सिंह )

पूरे भारत में सरकार द्वारा गरीबों को पेट भरने एवं अपना जीवन यापन एवं अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए सरकार की ओर से गरीबों को जन वितरण प्रणाली द्वारा अनाज उपलब्ध कराई जाती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई ऐसे राशन कार्ड धारी हैं जिन्हें सही समय पर जन वितरण प्रणाली द्वारा राशन उपलब्ध नहीं कराई जाती है अब यह तो जांच का विषय है और जांच के बाद ही इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है।

लेकिन अगर उसी अनाज गोदाम में आग लग जाए और सारा अनाज जलकर राख में मिल जाए तो कहीं ना कहीं गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और यह कहीं ना कहीं काफी गंभीर मामला है।
ज्ञात होगी 28 अक्टूबर 2025 को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई जिसमें की आग की चपेट में आकर दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जिसमें की एजीएम अभिषेक हाजरा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति शामिल हैं। और इतना ही नहीं इस दर्दनाक घटना में लाखों का अनाज जलकर राख हो गया।
वहीं घटनास्थल से टूटा ताला, लाइटर, पेट्रोल का गैलन, ताबीज और गमछा जैसी वस्तुएं बरामद की गई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरा और गोदाम का मुख्य द्वार भी क्षतिग्रस्त पाया गया था और इतना ही नहीं गोदाम के छत का टीन भी क्षतिग्रस्त पाया गया था।
वहीं घटना के अनुसंधान के लिए प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। घटना की जांच के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत द्वारा एसआईटी का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर कुमार सवैया कर रहे हैं।
घटना के करीब पंद्रह दिन बाद रांची से जेएसएससी की एक उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। इस टीम में जेएसएससी के उप निदेशक सुधीर कुमार और वरीय अधिकारी रजनीश कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान सरायकेला के जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक प्रबंधक मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां रखे गए अनाज की स्थिति का आकलन किया।
लेकिन आश्चर्य की बात यह रही की घटना के लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस घटना से पर्दा नहीं उठ पाया। और ना ही कोई रिपोर्ट जनहित में सामने नहीं आई है।
घटना की प्रमुख बातें:-
- आग लगने की घटना 28 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
- दो लोगों की मौत हो गई थी।
- प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई है।
- एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर सवैया कर रहे हैं।
- घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है ।
इस पूरी घटना में जनता यह जानना चाहती है कि गम्हरिया गोदाम में आग लगने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई है और अब तक इस मामले से पर्दा क्यों नहीं उठ पाया ।
जनता के द्वारा पूछा गया यक्ष प्रश्न।
क्या यह आग लगने की घटना एक सोचीं समझी साजिश थी ?
क्या इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया था ?
दो लोगों की मौत हुई उन दो लोगों के परिवार जनों का क्या हुआ ?
क्या दोनों मृतक के परिवार को मुआवजा दिया गया और मुआवजा दिया गया तो कितना दिया गया ?
अनाज गोदाम में केरोसिन तेल कहां से आई ?
अनाज गोदाम में लाइटर कहां से आया ?
इस मामले को लगभग लगभग सभी अखबारों ने सभी न्यूज़ चैनलों ने सभी न्यूज वेबसाइट में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था लेकिन फिर भी 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले से पर्दा नहीं उठ पाया जिले की जनता जनहित में यह जानना चाहती है कि क्या टीम का गठन सिर्फ एक दिखावा था ?, क्या आज के समय में न्याय सिर्फ शब्दों में रह गई है किताबों में रह गई है अखबारों में रह गई है या सिर्फ कहने को रह गई है ?
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले के 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक गम्हरिया अनाज गोदाम में किसी और एजीएम की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
यहां पर एक बड़ा सवाल यह भी उठता दिखाई दे रहा है कि नए एजीएम की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है ? या फिर गम्हरिया अनाज गोदाम में कोई भी अपनी नियुक्ति नहीं करवाना चाहता ?














