जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जागरूकता अभियान का आयोजन।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जागरूकता अभियान का आयोजन।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)
जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला खरसावां के सचिव तौसीफ मेराज के निर्देशानुसार ईचागढ़ प्रखण्ड अंतर्गत पंचायत गौरांगकोचा के कालिंदी बस्ती में एचआईंवी और एड्स के रोकथाम एवं नियंत्रण पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया। पीएलवी गंगा सागर पाल ने बताया कि एचआईवी एक्ट 2017 के अंतर्गत एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार से भेद -भाव नहीं करना चाहिए।

इस बीमारी के प्रति विशेष रूप से छात्र जीवन में जागरूक होना बहुत जरूरी है ताकि देश के युवाओं को बचाया जा सके। इसके भिन्न – भिन्न परिणाम के बारे मे सचेत किया गया साथ ही एचआईवी एड्स को लेकर सामाजिक विसंगतियों के दुष्परिणाम के विषय मे विस्तृत जानकारी दिए। उन्होंने ने युवा पीढ़ी से इस कलंकित बीमारी को खत्म करने के लिए आगे आने की अपील किया। मौके में पीएलवी गंगा सागर पाल,दिगम्बर महतो, इशिता उरांव, तुष्ट रानी मंडल, निर्मल घोष, आदि ग्रामीण मौजूद थे।

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच कोल्हान का विरोध तेज

सरायकेला-खरसावां

दलमा अभ्यारण्य परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज,रोपवे तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने इन परियोजनाओं का तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि पर्यटन विकास के नाम पर वन दोहन किया जा रहा है और ग्राम सभा की सहमति के बिना कार्य शुरू का आदेश देना कानून का उलंघन है।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि दलमा अभ्यारण्य को विश्व स्तरीय और “टूरिस्ट-फ्रेंडली” बनाने की पहल में वन विभाग स्थानीय समुदायों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की आड़ में जंगलों की कटाई, पर्यावरणीय संरचनाओं को नुकसान और वनाधिकार कानून की अवहेलना कर रहा है।

ग्राम सभा को दरकिनार कर काम शुरू होने का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने न तो किसी ग्राम सभा से लिखित सहमति ली और न ही परियोजना से जुड़े प्रभावों पर बातचीत की। ग्रामीणों के अनुसार, अभ्यारण्य क्षेत्र आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, जीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा है। ऐसे में बिना सहमति किसी भी तरह का निर्माण कार्य उनके अधिकारों का हनन है।

पर्यटन परियोजनाओं पर उठ रहे सवाल

प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और रोपवे परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है। श्री पहाड़ीया कहा कि कि हज़ारों पर्यटकों की आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण प्रभावित होगा और हाथियों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न होगा।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाडिया ने बताया कि भारी मशीनरी के उपयोग से पहाड़ी इलाके की संरचना प्रभावित भी होगी ।

पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,और निर्माण क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियाँ घटने लगी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार लिखित आपत्ति देने के बावजूद विभाग कोई जवाब नहीं दे रहा है।मंच ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजनाओं को तुरंत रोका नहीं गया और ग्राम सभाओं के साथ औपचारिक वार्ता नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बढ़ती ठंड से राहत हेतु उपायुक्त के निर्देशानुसार नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों पर रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित।

बढ़ती ठंड से राहत हेतु उपायुक्त के निर्देशानुसार नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों पर रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित।

सरायकेला-खरसावां

खबर का दिखा असर, झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार द्वारा कड़ाके की ठंड के मुद्दे को लेकर प्रकाशित खबर पर जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्र के चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिले में बढ़ती ठंड और बेवस जिंदगी को देखते हुए झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार द्वारा पुलिस व प्रशासन एवं स्थानीय नेता व समाज सेवी साथ ही नगर निगम के द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने की खबर को प्रमुखता से जनहित में प्रकाशित किया था।

खबर प्रकाशित होने पर एवं खबर को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रात कालीन के वक्त लगभग प्रत्येक चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था की गई जिससे कि गरीब आम जनमानस को जिला प्रशासन द्वारा काफी राहत एवं सहूलियत प्रदान की गई। जिससे कि गरीब आम जनमानस के चेहरे खिल उठे एवं इस बढ़ती कड़ाके की ठंड में उन्हें काफी राहत का एहसास हुआ और आम जनमानस ने तहे दिल से जिला प्रशासन का धन्यवाद किया एवं झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार को भी आम जनमानस ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए तहे दिल से धन्यवाद दिया एवं आगे भी इसी तरह के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया।

आपको बताते चले कि सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती ठंड के मद्देनज़र आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार नगर निकाय क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों, सभी प्रखंड मुख्यालयों के प्रमुख स्थलों, तथा भीड़–भाड़ वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ठंड से प्रभावित नागरिकों को प्रभावी राहत मिल सके।

उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करें, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त अलाव की व्यवस्था उपलब्ध कराएँ तथा सुनिश्चित करें कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मौसम में गिरावट को ध्यान में रखते हुए अलाव स्थलों की संख्या एवं संचालन अवधि को भी परिस्थितियों के अनुसार बढ़ाया जा रहा है।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक ठंड के दौरान आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ और आवश्यकता होने पर उपलब्ध अलाव स्थलों का उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रखें।

ईचागढ़ प्रखंड में विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का हुआ आयोजन।

ईचागढ़ प्रखंड में विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का हुआ आयोजन।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)
प्रखंड कार्यालय सभागार में रविवार को विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में चांडिल अनुमंडल न्यायालय के न्यायाधीश डॉ.रवि प्रकाश तिवारी उपस्थित थे। वहीं शिविर में मुख्यमंत्री राज्य वृद्धवस्थापेंशन योजना के 14 लाभुकों को स्वीकृति प्रमाण पत्र, जेएचएलपीएस के तहत सीसीएल राशि 64 लाख रु के डेमो चैक, फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत दो लाभुकों को 50 हजार का डेमो चैक तथा 13 लाभुकों के बीच कंबल का वितरण किया गया। वही कार्यक्रम में दो गर्भवती माताओं का गोदभराई व एक बच्चों का अन्नप्राशन भी किया गया।

वहीं न्यायाधीश डॉ रवि प्रकाश तिवारी ने लोगों को विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोगों को अपने मौलिक अधिकार के संबंध में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लाभूको को सरकार कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शिविर में परिसम्पतियों व योजनाओं का स्विकृति पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे मामलों का निष्पादन के लिए प्रखंड व पंचायतों में पारा लिगल वोलेंटियर कार्यरत हैं,जहां मुफ्त में विधिक सहायता भी प्रदान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से भी मामलों पर आपसी सुलह कराया जाता है,ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कोर्ट कचहरी के चक्कर से निजात मिलती है। मौके पर अंचलाधिकारी दीपक कुमार,पीएलवी कार्तिक गोप, गंगासागर पाल, सुबोध चन्द्र महतो, निर्मल घोष, तुष्ट रानी मंडल,निपेन प्रधान,इशिता उरांव,पूर्णी गोप,न्यायलय कर्मी छगनलाल पटनायक, महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा देवी आदि उपस्थित थे।

गौरांगकोचा ब्लॉक मोड़ के समीप अवैध बालू परिवहन करते दो ट्रैक्टर जब्त।

गौरांगकोचा ब्लॉक मोड़ के समीप अवैध बालू परिवहन करते दो ट्रैक्टर जब्त।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)
थाना क्षेत्र के गौरांगकोचा ब्लॉक मोड़ पर प्रशासन द्वारा लगाए गए चेक नाका पर रविवार को अवैध बालू परिवहन करते दो ट्रैक्टर पकड़े गए। दोनों ट्रैक्टर बिना वैध चालान एवं कागजात के बालू ढोते पाए गए। जांच के दौरान चालक उचित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद वाहनों को जब्त कर ईचागढ़ थाना परिसर भेज दिया गया। ईचागढ़ के गौरांगकोचा ब्लॉक मोड़, झारुआ मोड़ और टीकर थाना मोड़ के समीप तीन पालियों में 24 घंटे पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम बालू के अवैध परिचालन पर निगरानी रख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बालू लदा दो ट्रैक्टर भागने में सफल रहे। पुलिस की टीम दो ट्रैक्टर को ही पकड़ सकी। अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा निगरानी बढ़ाई गई है। इसी कड़ी में ईचागढ़ थाना क्षेत्र में तीन और तिरुलडीह थाना क्षेत्र में एक स्थान पर चेकनाका लगाया गया है। चेकनाका में पुलिस और प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से अवैध कारोबार पर निगरानी रख रही है। वहीं सभी स्थानों पर सीसीटीवी भी लगाया गया है। चेकनाका लगाए जाने के बाद बालू का अवैध परिवहन करने वालों में हडकंप मचा हुआ है।

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन

पूर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन व मिलन समारोह दूसरे दिन रविवार को भी पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व छात्र एक बार फिर अपनी पुरानी यादों में लौट गए और अपने सहपाठियों के साथ मिलकर जमकर मस्ती की।

रियूनियन के दौरान छात्रों ने अपने स्कूल के दिनों की यादें साझा कीं, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और कक्षा के रोचक किस्सों का जिक्र कर कार्यक्रम में मनोरंजन का नया रंग भर दिया। कई पूर्व छात्र अपने विद्यालय में हो रहे सकारात्मक बदलाव देखकर भावुक भी नजर आए।कार्यक्रम में छात्रों ने अपने गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

शिवलाल उच्च विद्यालय से सेवानिवृत पूर्व प्रधानाध्यापक सत्यनारायण ओझा, विज्ञान शिक्षक त्रिलोचन पाल, नकुल तिवारी, धर्मदास वर्तमान प्रधानाध्यापक विकास शर्मा आदि को शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने भी अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। रियूनियन के सफल आयोजन के लिए समिति के सदस्यों और स्वैच्छिक सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही।कार्यक्रम हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से जयंत बोष, विजय सिन्हा, कमलकांत मंडल, विनोद कुमार लाल,गणेश मुर्मू,सेवानिवृत्ति जीएम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया शंकर मार्डी,कमल गुप्ता, हंसराज मिश्रा, सीताराम शर्मा ,दिलेर टोप्पो, लक्ष्मण चंद्र बाग, अनूप सरकार ,सुलता सरकार, मधुमिता सरकार , सुब्रो बागची, सुमित्रा अधिकारी, मनोरमा दास, विनती पटनायक, ममता पटनायक, दीपचंद अग्रवाल, अशोक गुप्ता सहित काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन।

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन

पूर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

शिवलाल उच्च विद्यालय मुसाबनी में पूर्ववर्ती छात्रों का रियूनियन व मिलन समारोह दूसरे दिन रविवार को भी पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व छात्र एक बार फिर अपनी पुरानी यादों में लौट गए और अपने सहपाठियों के साथ मिलकर जमकर मस्ती की। रियूनियन के दौरान छात्रों ने अपने स्कूल के दिनों की यादें साझा कीं, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और कक्षा के रोचक किस्सों का जिक्र कर कार्यक्रम में मनोरंजन का नया रंग भर दिया। कई पूर्व छात्र अपने विद्यालय में हो रहे सकारात्मक बदलाव देखकर भावुक भी नजर आए।कार्यक्रम में छात्रों ने अपने गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।शिवलाल उच्च विद्यालय से सेवानिवृत पूर्व प्रधानाध्यापक सत्यनारायण ओझा, विज्ञान शिक्षक त्रिलोचन पाल, नकुल तिवारी, धर्मदास वर्तमान प्रधानाध्यापक विकास शर्मा आदि को शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने भी अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। रियूनियन के सफल आयोजन के लिए समिति के सदस्यों और स्वैच्छिक सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से जयंत बोष, विजय सिन्हा, कमलकांत मंडल, विनोद कुमार लाल,गणेश मुर्मू,सेवानिवृत्ति जीएम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया शंकर मार्डी,कमल गुप्ता, हंसराज मिश्रा, सीताराम शर्मा ,दिलेर टोप्पो, लक्ष्मण चंद्र बाग, अनूप सरकार ,सुलता सरकार, मधुमिता सरकार , सुब्रो बागची, सुमित्रा अधिकारी, मनोरमा दास, विनती पटनायक, ममता पटनायक, दीपचंद अग्रवाल, अशोक गुप्ता सहित काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड आग से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं, गरीबों का जीवन यापन कष्टदाई।

जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड आग से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं, गरीबों का जीवन यापन कष्टदाई।

सरायकेला/खरसावां

वर्तमान समय में लगभग भारत के सभी हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिससे कि लोग ठंड से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं तरह-तरह के महंगे कपड़े पहन रहे हैं सर पर टोपी पैर में मोजा बदन पर महंगे मोटे जैकेट और हाथ में भी हाथ मोजा जैसे वस्त्रो का उपयोग कर रहे हैं।

लेकिन इसी प्रकरण का एक दूसरा रूप भी हमारे भारत में देखने को मिलता है जिसे लोग गरीब कहते हैं और इन गरीबों के पास में सभी लोगों की तरह ठंड से बचने के लिए महंगे कपड़े सर पर टोपी पैर में मोजा बदन पर महंगे मोटे जैकेट और हाथ में हाथ मोजा जैसा वस्त्र नहीं होता है जिस वजह से ठंड के मौसम में इन गरीबों का जीवन यापन करना काफी परेशानीमय एवं कष्टदाई हो जाता है।

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प्रिय पाठकों आप सभी ने यह तो अवश्य ही देखा होगा की भारत के लगभग सभी जगहों पर ठंड के मौसम में ख़ास कर रात के वक्त चौक चौराहे पर ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है और यह अलाव की व्यवस्था खासकर उन लोगों के लिए की जाती है जो लोग ठंड से बचने के लिए उक्त साधनों का उपयोग करने में असमर्थ है ( यहां पर कहना यह है कि गरीब लोगों द्वारा महंगे गर्म कपड़े रूम हिटर जैसी चीजें न खरीद पाना ) जिससे कि गरीब गुरवा लोगों को दैनिक जीवन यापन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

साथियों इन दिनों पूरे भारत के साथ-साथ भारत का ही एक राज्य है झारखंड जहां की वर्तमान समय में कड़ाके की ठंड पड़ रही है सुबह उठो और अपना दरवाजा खोलकर बाहर देखो तो मानो ऐसा प्रतीत होता है कि आसमान की बदले जमीन पर आ कर जमीन को और भी मनमोहन बना रही है।

लेकिन साथियों इस वक्त मुद्दा यह है कि इस कड़ाके की ठंड में खास कर झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गरीबों के लिए  किसी तरह की कोई भी व्यवस्था ना के बराबर की जा रही है या फिर यूं कहें कि नहीं की जा रही है। इस वक्त दिसंबर का महीना चल रहा है और दिसंबर में असहाय ठंड पड़ती है जिससे कि बचाना हर किसी के लिए अनिवार्य हो जाता है ऐसे में सरायकेला खरसावां जिले में ना प्रशासन द्वारा और ना ही स्थानीय पुलिस द्वारा इतना ही नहीं किसी समाज सेवी या स्थानीय नेता के द्वारा भी गरीबों के लिए ठंड से बचने के लिए अलाव जैसी व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिससे कि गरीब आम जनमानस काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं।

इतना ही नहीं नगर निगम की ओर से भी ठंड से बचने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जा रही है। सरायकेला खरसावां जिले वासियों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष प्रशासन पुलिस नेता समाजसेवी अथवा नगर निगम की ओर से ठंड से बचने के लिए रात के वक्त प्रत्येक चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी लेकिन इस वर्ष मानो अलाव की व्यवस्था में भी अकाल पड़ चुका है।

जिले वासियों ने यह सवाल भी किया है कि क्या प्रशासन स्थानीय पुलिस स्थानीय नेता स्थानीय समाजसेवी और नगर निगम के अधिकारियों को ठंड नहीं लगती या फिर उन्हें ठंड का एहसास नहीं होता या फिर उन्हें गरीबों के परेशानियों का एहसास नहीं होता है या फिर उन्हें गरीबों को ठंड में इस तरह तड़पता देख कर खुशी मिलती है।

अब इस मुद्दे पर देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक जिले में रह रहे हैं गरीब जिले वासियों के लिए ठंड से बचने की व्यवस्था कराई जाती है या फिर इस वर्ष यह शीत लहरी का मौसम यूं ही गुजर जाएगा या फिर गरीबों की सुविधा के लिए कोई अपना हाथ आगे बढ़ाएगी।

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर।

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर चल रहा है।
सरायकेला खरसावां जिला के उत्पाद विभाग के दरोगा से लेकर सुपरिटेंडेंट तक हफ्ता की वसूली जा रही है। वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना भी इस मूवी में अपनी भूमिका बखूबी निभा रही है । स्थानीय थाना को भी हफ्ता बंध गया है।

सूत्रों ने बताया है कि उत्पाद विभाग, सुपरीटेंडेंट, दरोगा और स्थानीय थाना की मिली भगत से चल रहा है खुलेआम दो नंबर शराब की बिक्री सीधे लफ्जों में कहा जाए तो शराब बेचने वाले मालामाल पीने वाले बेहाल हफ्ता लेने वाले जबरदस्त मालामाल। इन सरकारी अधिकारियों को झारखंड सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हुए सरेआम देखा जा सकता है सरायकेला खरसावां जिले में आखिर कौन सफेद पोस् के इसारे पर चल रहा है यह जहर बेचने का अवैध कारोबार।

आखिर कानून की कौन उड़ा रहा धज्जियां यह पूछने वाला कोई नहीं है।

वहीं इन अवैध वसूली करने वालों कानून के रखवालो से गरीब गुरुवा का यह ग्रीन झारखंड कराह रहा है।
क्या यही है सपनों का झारखंड है जहां गरीब गुरवे के घर परिवार के लोग आंसू में डूबे पड़े हैं और सफेद और कानून के रखवालो का जेब भर रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि थाना को 8000 हफ्ता उत्पाद विभाग के दरोगा को 10000 हफ्ता देने की जानकारी अवैध शराब विक्रेता ने खुलकर बताया है। वहीं छोटे सरकारी अवधि के लोग भी 5000 और ₹500 तक महीना हफ्ता ले रहे हैं।

जनहित में अगर यही आलम रहा तो ग्रीन झारखंड सपनों का झारखंड धीरे-धीरे जहरीली शराब के नशे में डूब कर अपने को विलन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। क्या सरकारी अधिकारियों को सरकार के तरफ से मेहनताना नहीं मिल पाता है कि वह नाजायज कारोबारी को पनपने देना और उनसे हफ्ता लेने का अवैध कारोबार खुलेआम कर रहे हैं।

आर आई टी थानाप्रभारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां जिले के आर आई टी थाना क्षेत्र में खुलेआम महुआ शराब की बिक्री की जा रही है लेकिन स्थानीय थाना खामोश है या फिर यूं कहें के स्थानीय थाना सब कुछ देखते हुए भी नजरअंदाज कर रही है।

आर आई टी थाना क्षेत्र में बिक रहा महुआ शराब

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर यह अवैध कारोबार पर या फिर अवैध वसूली पर कब तक लगाम लग पाती है या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहता है

अंचल अधिकारी ईचागढ़ द्वारा पातकुम मोड़ एवं इचागढ़ थाना क्षेत्र के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण।

अंचल अधिकारी ईचागढ़ द्वारा पातकुम मोड़ एवं इचागढ़ थाना क्षेत्र के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

अवैध बालू खनन पर नियंत्रण हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश।

अंचल अधिकारी ईचागढ़ दीपक प्रसाद द्वारा पातकुम प्रखंड मोड़ इचागढ़ एवं इचागढ़ थाना के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण किया गया। उक्त चेकनाका क्षेत्र में अवैध बालू खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित है।

निरीक्षण के क्रम में अंचल अधिकारी ने चेकनाका पर तैनात कर्मियों को वाहन जांच में तत्परता बरतने, अभिलेखों के सही संधारण, संदिग्ध वाहनों की सतर्क निगरानी तथा अवैध खनन की रोकथाम हेतु सतत चौकसी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उप विकास आयुक्त ने राजनगर प्रखंड अंतर्गत संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण किया

उप विकास आयुक्त ने राजनगर प्रखंड अंतर्गत संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण किया

योजनाओं की प्रगति, अभिलेख संधारण एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु संबंधित पदाधिकारियों के दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश।

सरायकेला-खरसावां

उप विकास आयुक्त, सरायकेला खरसावां सुश्री रीना हांसदा द्वारा आज राजनगर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मनरेगा योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वीं वित्त आयोग मद से स्वीकृत कार्यों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालय परिसरों एवं बस स्टैंड निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा सभी योजनाओं को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं से जुड़े अभिलेखों के सुव्यवस्थित, अद्यतन एवं सही संधारण को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अभिलेख संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, पोषण सामग्री एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का जायजा लिया तथा कहा कि मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए। आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए गए।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जॉनबानी पंचायत के ऑटोडीह गांव में मनरेगा कन्वर्जेंस मॉडल के तहत प्रस्तावित मॉडल मनरेगा पार्क के विकास को लेकर ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह पार्क ग्रामीण सहभागिता से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण समुदाय को एक उपयोगी सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सकेगा। उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उच्च विद्यालय धातकीडीह में बच्चों को कुष्ठ रोग के प्रति किया गया जागरूक।

उच्च विद्यालय धातकीडीह में बच्चों को कुष्ठ रोग के प्रति किया गया जागरूक।

सरायकेला-खरसावां

(पारस कुमार होता)

प्रखंड सरायकेला के उच्च विद्यालय धातकीडीह, सरायकेला में आमदा सी. एस.डब्ल्यू.सी लेप्रोसी सेंटर के सौजन्य से एक जागरूकता कार्यक्रम किया गया। उक्त जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाध्यापक निराकार प्रधान ने किया। जागरूकता कार्यक्रम में आमदा सी.एस.डब्लु.सी लेप्रोसी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. के.पी ओझा एवं उनके सहायिका नर्स सिस्टर ज्योति और साथी प्रधान स्टाफ उपस्थित हुए।

सर्वप्रथम बच्चों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया गया। सभी बच्चों को कुष्ठ रोग क्या है? उसके क्या लक्षण होते हैं? उनको आप कैसे पहचान करेंगे एवं उनके उपचार और रोकथाम के विषय पर विस्तार पूर्वक अपने सेशन के दौरान बताया गया.

मेडिकल अफिसर डॉ. के पी ओझा जी ने काफी सरल तरीके से छात्र-छात्राओं को सभी बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक बताएं एवं सभी छात्राओं का स्क्रीनिंग भी किया। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होने वाला एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से त्वचा, परिधीय नसों, ऊपरी श्वसन पथ और आँखों को प्रभावित करता है, जिससे त्वचा पर धब्बे, सुन्नता और तंत्रिका क्षति होती है; समय पर इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है और विकलांगता से बचा जा सकता है, यह आसानी से नहीं फैलता और मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) द्वारा इसका सफलतापूर्वक इलाज संभव है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर ये लक्षण दिखें तो आप चिकित्सक से मिले जैसे त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे या गांठें (जो खुजली रहित हो सकती हैं).
त्वचा में संवेदना का कम होना (सुन्नता).
हाथों और पैरों की उंगलियों में कमजोरी, जिससे चोट लगने पर पता नहीं चलता और घाव हो सकते हैं.
आंखों की रोशनी कम होना या अंधापन.
नाक बंद रहना या खून बहना.
मांसपेशियों में कमजोरी और चेहरे का विकृत होना आदि।
उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के नाक और मुंह से निकलने वाले स्राव के लंबे समय तक सीधे संपर्क से फैलता है, लेकिन यह आसानी से नहीं फैलता और संक्रमण का खतरा कम होता है.

इसका इलाज मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) द्वारा इलाज संभव है, जिसमें कई एंटीबायोटिक्स शामिल होती हैं.
इलाज 6 महीने से 12 महीने या उससे अधिक समय तक चल सकता है, और पूरा इलाज ज़रूरी है. आज हमारे समाज में कुष्ठ रोग से कलंक और भेदभाव जुड़ा है, लेकिन यह एक ठीक होने वाली बीमारी है और गलत धारणाओं के विपरीत, यह ‘बुरे कर्मों’ का फल नहीं है.
समय पर इलाज से गंभीर विकलांगता से भी बचा जा सकता है.
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक निराकार प्रधान, सहायक शिक्षक दिनेश हो , नीलांचल हांसदा ,देवीदत्त प्रधान, सत्यजीत महतो, ज्योति भारती, सुभाष चंद्र महतो एवं काफी मात्रा में छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए।

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