लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल में पेरेंट्स डे पर बच्चों ने पेश किया रंगारंग कार्यक्रम।

लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल में पेरेंट्स डे पर बच्चों ने पेश किया रंगारंग कार्यक्रम।

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

बच्चों को मोबाईल से दूर रखें माता पिता- डीएसपी

लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल मुसाबनी में शुक्रवार को वार्षिक पैरंट्स डे कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुसाबनी के पुलिस उपाधीक्षक चंद्रशेखर आजाद एवं उनकी धर्मपत्नी श्वेता शेखर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार उपस्थित थे। नन्हे बच्चों द्वारा अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति रिवाज से किया गया। प्रिंसिपल आशा श्रीवास्तव ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ व।अंग वस्त्र देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर फुलमाला अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण स्कूल की प्रिंसिपल आशा श्रीवास्तव ने प्रस्तुत करते हुए विद्यालय द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि अभी से बच्चों के प्रति अभिभावक चिंता करें ताकि उनके बच्चे का भविष्य उज्जवल बन सके।

मुख्य अतिथि मुसाबनी पुलिस उपाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में लिटिल फ्लावर नर्सरी स्कूल के प्रिंसिपल एवं अन्य शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नन्हे बच्चों को इस कार्यक्रम के लिए तैयार करना काफी कठिन था लेकिन बच्चों की प्रस्तुति ने हर लोगों का मन मोह लिया उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से अनुरोध किया कि सभी लोग अपने-अपने बच्चों को मोबाइल की पहुंच से दूर रखें ताकि उनका स्वर्णिम भविष्य संवर सके उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का भी अनुरोध किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति कर अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों ने वेलकम डांस प्रस्तुत कर किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत मम्मी पापा डांस को लोगों ने खूब सराहा। सिद्धार्थ सबर ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के तहत राष्ट्रीय फल आम की विशेषता बताई ।बच्चों ने सोशल मीडिया पर आधारित लघु नाटक पेश किया। आदिवासी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति से लोग मंत्र मुग्ध हो गए। छात्र श्रेयांश शेखर ने ट्रैफिक लाइट पर अपने संबोधन से लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया। बच्चों द्वारा आकर्षक हॉरर डांस, स्कूल चले हम, कोविड स्किट, इंग्लिश डांस ,फैंसी ड्रेस चंद्रयान, पांच तत्व पर आधारित नाटक, डिस्को डांस एवं क्रिसमस डांस की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में शमा बांध दिया।

कार्यक्रम में काफी संख्या में अभिभावक एवं स्कूल की शिक्षिका आशा दास, सुजाता डेनियल, निशा कुमारी, रितीशा साह, तापसी महाकुड़ सही बच्चे उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजेश कैवर्त ने किया।

एसडीएम पारुल सिंह ने C.O व सभी थाना प्रभारी के साथ की बैठक।

एसडीएम पारुल सिंह ने C.O व सभी थाना प्रभारी के साथ की बैठक।

सरायकेला-खरसावां

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)

सरायकेला जिले के एसडीएम पारुल सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारी व C.O के साथ की बैठक बैठक में एसडीएम पारुल सिंह ने दिए कई आवश्यक निर्देश।

जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सरायकेला एसडीएम पारुल सिंह ने शुक्रवार 22 दिसंबर को अनुमंडल सभागार में सभी थाना प्रभारी C.O के साथ की बैठक।

बैठक में पुराने मामले के उद्वेदन के साथ-साथ जिले में आगे अपराध पर कैसे अंकुश लगाया जाए इस पर भी चर्चा की गई. इस दौरान सभी थाना प्रभारी से कहा गया कि निर्दोष व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा जाए और साथ ही अपराधकर्मी को बक्सा भी ना जाए. स्थानीय लोगों का विश्वास लेते हुए अपराधी तक पहुंच जाए और जिले से अपराध को समाप्त किया जाए बैठक में प्रत्येक थाना प्रभारी से मामले का प्रतिवेदन भी मांगा गया।

साथ ही बैठक में एसडीएम पारुल सिंह ने सभी थाना प्रभारी से कहा कि किसी भी मामले की एफआईआर कॉपी सिर्फ थाने तक ही सीमित ना रहे उसे एसडीएम को भी दिया जाए ताकि एसडीएम के पास भी रिकॉर्ड रहे कि कौन सी तारीख में कितने मामले थाने में आए हैं और कितने मामलों का निष्पादन हो चुका है।

जयप्रकाश उद्यान घाट गम्हरिया में एनडीआरएफ की टीम ने किया मॉकड्रील।

जयप्रकाश उद्यान घाट गम्हरिया में एनडीआरएफ की टीम ने किया मॉकड्रील।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला के निर्देशानुसार दिनांक-21.12.2023 को जयप्रकाश उद्यान घाट गम्हरिया में एनडीआरएफ की टीम ने वेट एवं ड्राय रेस्क्यू मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। इस दौरान मौके पर एसओ के नेतृत्व में 14 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रील के माध्यम से पानी में डूब रहे लोगों को कैसे बचाया जाता है, एनडीआरएफ के जवान ड्रीप ड्राईव कैसे करते हैं, डूबे हुए व्यक्ति को पानी से कैसे बाहर निकालते हैं, बाहर निकालकर कैसे व्यक्ति के शरीर से पानी बाहर निकाला जाता है, जिससे उसकी जान बचाई जा सके। इसके अलावे मॉकड्रील के दौरान आपदा, बाढ़ या पानी में डूबने की स्थिति में संसाधनों के अभाव में बांस व नारियल का उपयोग कर जान बचायी जा सकती है। साथ ही मॉकड्रील के दौरान आपदा की स्थिति में कैसे प्रबंधन करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गयी।

कार्यक्रम में मुख्यतः DDMA अंतर्गत सभी विभाग सम्मिलित हुए एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों को उस क्षेत्र में बनाए गए राहत शिविर कैंप में भेजा गया, दो व्यक्तियों को बाढ़ प्रभावित नदी से निकाला गया जिसमें एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर राहत शिविर भेजा गया एवं एक व्यक्ति गंभीर रहने के कारण नजदीकी अस्पताल में इलाजरत हेतु भेजा गया है।बाढ़ की स्थिति की निगरानी हेतु जिला स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया जो स्थिति की निरंतर रूप से निगरानी कर रही है।

रंजनी हाथी बना पार्यटको के लिए सेल्फी पोइंट।

रंजनी हाथी बना पार्यटको के लिए सेल्फी पोइंट।

सरायकेला

कोल्हान के चांडिल अनुमंडल स्थित दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के मकुलाकोचा मुख्य चेकनाका में रंजनी नामक हथनी आज के दशक में पर्यटकों के लिए। सेल्फी पोइंट बन कर शोभा बढ़ा रहा हे।

झारखंड राज्य के साथ पश्चिम बंगाल ,उड़ीसा ,छत्तीसगढ़, बिहार,नेपाल आदि राज्यों से पर्यटकों भीड़ प्रतिदिन सैकडो की संख्या में दलमा गज परियोजना घूमने और भ्रमण के लिए पहुंच रहा हे। सभी देश और विदेशी के पर्यटकों की जुबान में रंजनी हाथी की नाम और चेहरे में चमक देखी गए । शैलानी में छोटे हो बड़े सभी के साथ रंजनी हाथी घुलमिल जाता । ओर रंजनी के साथ यादगार पल को आपने मोबाईल में सेल्पी लेकर खुशी जाहिर करते हे।पर्यटकों का कहना हे , दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एक आदर्श
ओर मनौर्म का दृश्य को मिलता है, जंगल के वादियों में विभिन्न प्रकार के जल स्रोत के साथ छोड़े बड़े बांध को मिलता हे।

पर्यटक दुःख प्रकट करते हुई कहा दलमा सफारी करने के दौरान जंगल में एक भी हाथी की झुंड देखने को नहीं मिलता जिसके कारण हम लोगो के मायुष हो जाते।

दलमा भ्रमण आने के समय सभी के चेहरे में खुशी देखा जाता हे। परंतु जंगल सफ़ारी करने के प्रश्चात् जंगल की बिहोडो में हाथी नदारत रहे, हाथी प्रेमी द्वारा दो वर्षो से दलमा सेंचुरी में भ्रमण करने दौरान एक भी जलस्रोत या बांध में हाथी को विचरण अथवा जलक्रीड़ा करते नही देखा गया।

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम चाकुलिया होते हाथी की झुंड बहरागोड़ा,घाटशिला पहुंचते है,उसके बाद हाथी की झुंड दलमा सेंचुरी में एंट्री नही करते हे। कारण किया है, इस बर्ष 2023 15 दिसंबर के आसपास एक हाथी की 25 / 30 की झुंड साथ नाला पटमदा होते सेंचुरी में प्रवेश किया और विचरण करते हुए झुंड कोंकादासा, गुमानडीह , बाधडीह होते हुए झुंड बातकोमकोचा ओर टेंगाडीह बिट की और पहुंचे । आज मुख्य सेंचुरी से गजराज की झुंड नही रहने के कारण दो वर्षो से इस क्षेत्र में हाथी की झुंड को प्रज्जाप्त भोजन की कमी दरसाते है। पहले की अपेक्षा सेंचुरी में पोष्टिक भोजन की अपेक्षा देखने को मिल रहा है। पहले गलगल,पांजन ,ओर दुधिलोता,घास की कमी देखने को मिला।

इस सेंचुरी में एक दर्शक था जो रॉयल बंगाल टाईगर के बहुल क्षेत्र माना जाता था, अब गज परियोजना से जाना जाता ,इस जंगल की बिहड़ो में हाथी की मुख्य प्रज्जन केंद्र माना जाता है, पश्चिम बंगाल ओर उड़ीसा राज्य आदि से हाथी की झुंड गर्मी के समय पानी भोजन की पर्याप्त मात्रा में मिलता था, ओर बड़े मजे से झुंड विभिन्न जलस्रोत में पर्यटकों आसानी से देखने को मिलता था, आज के दौर में इस जंगल में प्रतिबर्षो आग लगना ,शिकार होना ,अवेध रूप से जंगल की पेड़ की कटाई और पश्चिम बंगाल ओर जमशेदपुर शहर में धड़ल्ले से तस्करी होना यह आम बाते हो गया, जिसके कारण इस क्षेत्र में गजराज की झुंड रखने की नाम नही लेता है। प्रत्येक वर्ष वन एवं पर्यावरण विभाग को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया करते हे।जंगल और जंगली जीवजंतु की सुरक्षा के लिए । इस सेंचुरी में विभिन्न प्रकार के पंछी ओर जीवजंतु देखने को मिलता था आज विलुप्त की कगार पर।

दूसरी ओर पर्यटन विभाग द्वारा इस ईको एंसेटिव जून को बड़ावा देने के लिए जोर सौर में प्रयारत हे। प्रत्येक बर्ष गज परियोजना में गजो जनगणना हो था परंतु कोई वर्षो से जनगणना नही हुआ हे।एक समय था सेंचुरी के अंदर बारों महीना हाथी की झुंड देखने को मिलता था ।सवाल यह उठता सेंचुरी में हाथी की झुंड पलायन कियू कर रहा हे । इस संबंध में पूछे जाने पर वन विभाग के पदाधिकारी रहे मौन

एक हाथी रंजनी है उसे भी पोष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता । सेंचुरी में पर्यटकों से लाखो रुपया रेविंयु उठता, फिर भी एक मात्र हथनी को भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य गिरते जा रहा हे। जो उच्च स्तरीय जांच की विषय बने हे।

मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने 200 लोगों के बीच बांटे कंबल

मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने 200 लोगों के बीच बांटे कंबल

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार, मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह आदि ने मिलकर सामुदायिक पुलिसिंग के तहत मुसाबनी बाजार परिसर में लगभग 200 जरूरतमंद गरीब, असहाय विधवा, वृद्ध लोगों के बीच उच्च कोटि का कंबल वितरण किया। कंबल लेने के लिए बाजार एरिया, हरिजन बस्ती, मोहनडेरा, शांति नगर, सिल्डाडेरा ,भट्टी एरिया, माहुलबेरा एवं बादिया के जरूरतमंद महिला पुरुषों व वृद्ध को चिन्हित किया गया था। जिन्हें मुसाबनी डीएसपी थाना प्रभारी एवं मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष द्वारा कंबल प्रदान किया गया। कंबल प्राप्त करने के लिए बाजार में गुरुवार दोपहर काफी संख्या में महिलाओं एवं बुजुर्गों की भीड़ जुट गई थी। बाजार समिति के पप्पू वाली, जलधर प्रधान, इम्तियाज अंसारी, दीनदयाल अग्रवाल, विवेक गुप्ता,सरफराज अंसारी आदि के हाथों भी जरूरमंद लोगों के बीच डीएसपी ने कंबल वितरण करवाया।

कार्यक्रम की शुरूआत में डीएसपी ने लोगों से उनकी समस्याओं पुलिस की कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। जिसमें कई लोगों ने खुल कर अपनी बातों को पुलिस पदाधिकारी के बीच रखा। जिसके निष्पादन का उन्होंने भरोसा दिलाया। जिसके बाद लोगों के बीच कंबल बांटा गया।

डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जमशेदपुर पुलिस की ओर से सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गरीब असहाय लोगों के बीच कम्बल वितरण का कार्यक्रम किया गया है तथा पुलिस द्वारा आम लोगों के बीच के दूरी को कम करने व पाटने का एक प्रयास किया गया है। डीएसपी ने कहा कि कमल वितरण का कार्यक्रम पुलिस की ओर से लगातार जारी रहेगा।

मानगो बालीगुमा गायत्री होम्स का रहने वाला 17 वर्षीय कौशिक आठ दिन से लापता।

मानगो बालीगुमा गायत्री होम्स का रहने वाला 17 वर्षीय कौशिक आठ दिन से लापता।

जमशेदपुर/मानगो

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

17 वर्षीय कौशिक का अब तक नहीं मिला कोई सुराग,परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार

मानगो बालीगुमा गायत्री होम्स के रहने वाले संजीव कुमार गुप्ता का इकलौता बेटा कौशिक गुप्ता 12 दिसंबर से अपने घर से लापता है । 12 दिसंबर के दिन प्रात 8:30 बजे ट्यूशन पढ़ने की बात कह कर कौशिक अपने घर से बैग लेकर निकला उसके बाद घर लौट कर नहीं आया । कौशिक सीतारामडेरा हाई स्कूल का विद्यार्थी है परिजन जब विद्यालय जाकर कौशिक के बारे में पता किया तब विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कौशिक एक दिन पूर्व विद्यालय से अपना टीसी ले चुका है और विद्यालय दोबारा नहीं आने की बात कही है । कौशिक के परिजन परेशान होकर मामले की जानकारी एमजीएम थाना में दिए । एमजीएम थाने के द्वारा मोबाइल का लोकेशन निकालने पर पता चला कि कौशिक रांची पर है कुछ देर बाद लोकेशन बंद हो गया उसके दूसरे दिन लोकेशन हावड़ा में बताया गया परिजन एमजीएम थाना के सिपाही के साथ हावड़ा गए लेकिन वहां कौशिक का कुछ आता पता नहीं चला दो दिन बाद कौशिक का लोकेशन बनारस का अस्सी घाट बता रहा था। कौशिक घर का इकलौता बेटा है कौशिक के माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल हुआ है

वहीं कौशिक के पिताजी ने मामले की जानकारी भाजपा नेता विकास सिंह को दिया। कौशिक के परिजनों के साथ भाजपा नेता विकास सिंह एसएसपी कार्यालय जाकर ग्रामीण एसपी से मिलकर मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर संबंधित थाने को बोलकर कौशिक को पकड़ने की बात कही जिससे जाकर परिजन आसानी से कौशिक को वापस ला सके। मौके में मौजूद ग्रामीण एसपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया जिला प्रशासन का पूरा प्रयास कौशिक को खोजने के लिए रहेगा।

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इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न की हेरा फेरी-मधुश्री महतो

इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न की हेरा फेरी-मधुश्री महतो

सरायकेला

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला जिला के चांडिल से डैम नौका बिहार स्थित विजय होटल परिसर में जिला जीप उपाध्यक्ष एवं जीप सदस्य द्वारा प्रेस वार्ता में संयुक्त रूप से जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने बताया कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के प्रखंड चांडिल, ईचागढ़ एवं कुकड़ू मे प्रशासन द्वारा आयोजित आपकी सरकार आपकी द्वार शिविर कार्यक्रम मे तथा क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रायः आम जनता तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में माह दिसंबर 2023 का खाद्यान्न राशन डीलरों को प्राप्त नही होने से संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से राशन नहीं पहुंचने के संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के पश्चात देखा गया कि माननीय उपायुक्त को दी गई प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न का हेरा फेरी पहले से होता हुआ प्रतीत हो रहा है।

इसमें सहायक गोदाम प्रबंधक डीएसडी अभिकर्ता एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का भी संलिप्त प्रतीत हो रहा है। प्रखंड विकास अधिकारी एवं अंचल अधिकारी ईचागढ़ के संयुक्त रूप से दी गई रिपोर्ट में स्पष्ट है।

जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने आगे कहा कि दिनांक 19 /12 /2023 को मैं स्वयं,चांडिल के जिला परिषद सदस्य सविता मारडी एवं ईचागढ़ के जिला परिषद सदस्य ज्योति लाल मांझी एवं और जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को उक्त घोटाला करने की जानकारी दी और अनुमंडल पदाधिकारी के सामने चांडिल JFC गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया तो गोदाम की भौतिक खाद्यान्न का जांच और माह वार आवंटन में हेराफेरी कर माह दिसंबर 23 का चावल गेंहू नाही डीलरो को डीएसडी किया गया है और नाही गोदाम में खाद्यान्न उपलब्ध हैं।

AGM/DSD अभिकर्ता से जानकारी मांगी गई तो वो सच्चाई बताने में असमर्थ तथा चुप हो गए।

यह भी देखा गया कि गोदाम में खड़ी जीएसएफसी का गाड़ी से जनवरी 23 का चावल अनलोड हो रहा था और उसी को दिसंबर 23 का SIO मे इश्यू था। जबकि, जिला प्रबंधक के पत्रांक 615/616 दिनांक 3/11/23के द्वारा चांडिल गोदाम को CWC gamhariya ओर पूर्वी सिंहभूम से कुल 6337 क्विंटल चावल गेंहू माह दिसंबर 23 को JFC ट्रांस्पोर्ट द्वारा भेजा गया है।

दूसरा गोदाम ईचागढ़ मे भी इसी लेटर द्वारा 5646 विंटल अनाज गोदाम में भेजा गया है l हम सभी जनप्रतिनिधियों गरीब जनता की आनाज घोटाला करने वाले कोई पदाधिकारी या कर्मचारी हो बक्सा नहीं जाएगा।इस विषय पर जिला के उपायुक्त महोदय को भी अवगत कराया जाएगा।

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3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच किया गया कंबल का वितरण।

3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच किया गया कंबल का वितरण।

लोहरदगा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

झारखंड लोहरदगा में आनंद मार्ग की ओर से दुबराज सिंह द्वारा 3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए गए। आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने मानव समाज के परस्पर प्रेम सम्मान एवं कल्याण की भावना से ही एक दूसरे की जरूरत एवं प्रगति का ध्यान रखते हुए असहाय लोगों की सेवा एवं योग साधना मार्ग प्रशस्त किया।

इस अवसर पर आचार्य उत्यागा नंद अवधूत ने कहा कि आनंद मार्ग का उद्देश्य है आत्म मोक्षरथम जगत हिताय च । योग साधना मार्ग पर चलते हुए अपनी आत्मा को परमात्मा से एकाकर करना एवं जगत की सेवा करना तभी मानव कल्याण संभव है।

आनंद मार्ग दुनिया के असहाय और वंचित लोगों एवं आपदा से प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करना है। वे व्यक्तियों और समुदायों को अपने रीति-रिवाजों, भाषा और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं को सुरक्षित करने और अधिक आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पूर्ति प्राप्त करने के लिए अपने संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और सक्षम करते हैं।

पुर्वी सिंहभूम:-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आहूत की गई।

पुर्वी सिंहभूम:-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आहूत की गई।

पुर्वी सिंहभूम

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

राज्य सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 / – रूपये एवं बोनस 117 /- रूपये किया निर्धारित

वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला में 6 ( छः) लाख क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य

समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई । खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में पूरे राज्य में 6 (छः) लाख मे. टन धान क्रय का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरूद्ध पूर्वी सिंहभूम जिला के लिए 6 ( छः) लाख क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 / – रूपये एवं बोनस 117 /- रूपये निर्धारित है। इस प्रकार कुल 2300 /- रूपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान का क्रय किया जाएगा।

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को लैंपस में ही धान विक्रय के लिए प्रेरित करें । सरकार द्वारा समर्थित मूल्य में अपना उत्पादन बेचें तथा बिचौलियों से सावधान रहें। धान अधिप्राप्ति हेतु अधिकतम सीमा प्रति किसान 200 ( दौ सौ ) क्विंटल तक निर्धारित रहेगी। अपवाद स्वरूप यदि कोई किसान 200 क्विंटल से अधिक धान बेचना चाहता है तो जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा स्थानीय जांचोपरान्त अनुमति प्रदान की जाएगी । धान अधिप्राप्ति केन्द्रों पर जनसेवकों की प्रतिनियुक्ति, प्रखण्ड स्तर पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एवं सभी चयनित मिल में दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति उपायुक्त स्तर से की जाएगी।

39 लैम्पस (धान अधिप्राप्ति केन्द्र) की सूची एवं 23 मिलरों की सूची प्राप्त है, जिन्हें सम्बद्ध किया जाना है। बैठक में सर्वसम्मति से चयनित धान अधिप्राप्ति केन्द्रों को नजदीकी राईस मिलों से सम्बद्ध किये जाने का निर्णय लिया गया ।

बैठक में अपर उपायुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी – सह – जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, जमशेदपुर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, मंडल प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम के प्रतिनिधि (डिपो प्रबंधक, भा०खा0नि0, जमशेदपुर), महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र के प्रतिनिधि, क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

घाटशिला अनुमंडल के दर्जनों वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के समक्ष दिया धरना।

घाटशिला अनुमंडल के दर्जनों वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के समक्ष दिया धरना।

पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों के अधिग्रहण एवं तत्काल घाटा अनुदान देने,महंगाई को देखते हुए अनुदान की राशि चौगुना करने, वित्तीय वर्ष 2020-21 के बचे हुए स्कूल- कॉलेजों को अनुदान की राशि अविलंब निर्गत करने की मुख्य मांग को लेकर राज्य भर के हजारों वित्त रहित शिक्षक कर्मियों ने मंगलवार को मोर्चा के आवाहन पर विधानसभा के सामने महाधरना दिया।

इस महाधरना कार्यक्रम में मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, देवनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद सिंह ,नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार ,अनिल तिवारी, दिलीप घोष ने संबोधित किया।

संघ के शिवपूजन सिंह चौहान,निमाई मार्डी,सीमा कल्याणी, सन्तोष दास आदि के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के कई वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान के शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में चट्टानी एकता प्रदर्शित करते हुए महाधरना कार्यक्रम को सफल बनाया।

शिक्षक कर्मी नारा लगा रहे थे कि बिहार के तर्ज पर वित रहित स्कूल कॉलेज के शिक्षक कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।महंगाई को देखते हुए विभागीय प्रस्ताव पर मंत्री के अनुमोदन के पश्चात संलेख बनाकर अभिलंब मंत्री परिषद को सहमति के लिए भेजी जाए।
शिक्षको के सेवानिवृत्ति की आयु छत्तीसगढ़ के तर्ज पर 62 वर्ष की जाए ।

वहीं धरना मे संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र पहन कर आए थे। और मदरसा शिक्षक टोपी पहने हुए थे।धरना स्थल पर विधायक विनोद सिंह, अमित कुमार यादव और मनीष जायसवाल पहुंचकर वित्त रहित शिक्षकों की मांग जायज बताते हुए कहा कि जब सरकार सदन में आश्वासन दी है तो उसे पूरा करें ।तीनों विधायकों ने बुधवार को शून्य काल में इस मामले को जोरदार ढंग से उठाने का आश्वासन दिए।

सरायकेला पुराना बस स्टैंड मंदिर में की गई मां अन्नपूर्णा की पूजा।

सरायकेला पुराना बस स्टैंड मंदिर में की गई मां अन्नपूर्णा की पूजा। 

यजमान के रूप में पधारी सरायकेला एसडीएम पारुल सिंह।

सरायकेला पुराना बस स्टैंड स्थित सरकार द्वारा निर्मित मंदिर में विधिवत रूप से अन्नपूर्णा मां की पूजा की गई है साथ ही पूजा में यजमान के रूप में पधारी सरायकेला एसडीएम पारुल सिंह.पूजा में धान की पहली फसल को प्रसाद के रूप में खीर और खिचड़ी बनाकर भक्त जनों के बीच वितरण किया गया।

वहीं पूजा में मौजूद एसडीम पारुल सिंह ने मंदिर में पूजा अर्चना की एवं क्षेत्र के लिए और जिले वासियों की सुख शांति की कामना की।

जानकारी के अनुसार इस मंदिर में पांच तरह की पूजा की जाती है. दुर्गा पूजा, काली पूजा, जगाधत्री पूजा,मार्गशीर्ष पूर्णिमा और अन्नपूर्णा मां की पूजा यह पांच तरह की पूजा सरायकेला के इस पुराने बस स्टैंड स्थित मंदिर में की जाती है।

वहीं पूजा में मौजूद गुरु तपन पटनायक ने बताया कि सरकार और राजा के इकरारनामा के तहत यह मंदिर में पूजा कराई जाती है मां अन्नपूर्णा की पूजा यह खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है आगे पूजा के संबंध में जानकारी देते हुए गुरु तपन पटनायक ने बताया कि धान की पहली फसल को प्रसाद के रूप में खीर एवं खिचड़ी बनाकर लोगों के बीच वितरण किया जाता है।

आगे उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने जगत के कल्याण के लिए मा अन्नपूर्णा का उच्चाटन कर मां अन्नपूर्णा को प्रकट किया और पूरे जगत में पूरे ब्रह्मांड में कल्याण का वातावरण फैलाया. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में 1951 से लगातार हर वर्ष पूजा की जा रही है।

हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव विकास से कोसो दूर।

हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव विकास से कोसो दूर।

सरायकेला-खरसावां

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

क्षेत्र के आदिवासी युवक कर रहे पलायन

कोल्हान के हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव में आज भी विकास की रोशनी नही पहची ,सरकारी मूलभूत सुविधाओं से यह गांव दूर है। झारखंड राज्य अलग हुए 23 बर्ष हो गए इसके बावजूद इस क्षेत्र में सरकारी योजना न पहुंचने से यह पंचायत गांव मूलभूत सुविधाओं से बंचित है । सड़क ,स्वास्थ्य केंद्र,शिक्षा, पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा कोई सरकारी सुविधा गांव में नहीं मिली जिसके कारण इस क्षेत्र के नवयुवक पंचायत से पलायन कर रहे हैं। दो जून रोटी के लिए, एवं रोजगार के लिए पंजाब ,बैंगलोर , महाराष्ट्र आदि राज्यों में जाकर काम करने पर मजबूर है।इस पंचायत में प्रखण्ड से जिला और राज्य स्तर के पदाधिकारी और नेता मंत्री , संसद,विधायक पहुंचते रे हैं इसके वाबजूद कोई सुधि लेने वाले नही हैं।बीमार पड़ने से इस सुदुरवर्ती गांव के लोग चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए 25 किलोमीटर जाना पड़ता
है बरसात के समय इस क्षेत्र के लोगो को कच्चे रास्ते , पानी और कीचड़ भरा रास्ता से गुजरने के मजबूर है साथ ही कठिनाई के साथ विभिन्न प्रकार के उलझन का सामना ग्रामीणों को उठाना पड़ता है ,इनके माथे में कुछ वर्षो से नक्सल नाम की धबा लगा हुआ है ।इन गांव में धातकीडीह,सशडीह,भादूडीह,जाहिरडीह,कांकीबेडा,दुगरीडीह, टुडु,रांका, मुटुदा,तानीसाह, रंगामाटिया,गांव के साथ विकास की उम्मीद लिए ग्रामीण जीने पर मजबूर हे।

गांव के लगो का यह रहे साधन जीवन गुजरने का

इस पंचायत के लोगो एक समय की धान की फसल खेती करता है,ओर जंगल की सूखे लकड़ी,दातुन,पत्ता,कदमूल, मार्केट में बेच कर गुजार करते हे।इस पंचायत के लोगो मतदान के लिए पालना जाना पड़ता,अब देखना है सरकार आपके द्वार कहा लगने वाला है।

चौका थाना क्षेत्र सुदुर्वती पंचायत हेंसाकोचा पंचायत में 13 रेविन्यु विलेज प्राकृतिक जंगलों से चारो तरफ से घिरे हुए हैं जहा सैकड़ो की तादात में आदिवासी लोग वासबास करते हैं,मुख्यरूप से इन गरीब किसानो का एक मात्र उपाय खेती करने का वह भी एक समय धान की फसल उत्पादन करते हैं,उसी से आपने परिवार की जीविका चलाते है, रब्बी फसल जंगल के किनारे आलू ,चाना ,मटर, आदि फलस उबजाते है।ओर जंगल पर इनका जीविका निर्भर हे,जंगल की सूखे लकड़ी ,दातुन,पत्ता,कदमुल बेच कर गुजार बसर करते हे।यह।रहा मुख्य साधन जीने के लिए ।प्रतिदिन लोगो साइकिल से सूखे लकड़ी लेजाकर मार्केट बेचकर 100 से 200 रुपया कमाते है उसी से जीवन का गुजर बसर करते हैं।

हेंसकोच पंचायत में सरकार और वन एवं पर्यावरण विभाग,साथ ही पर्यटन विभाग की अनदेखी के कारण इस क्षेत्र में देश की कोई सरकारी पदाधिकारी इस क्षेत्र की ओर ध्यान नहीं दिया । जिसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीणों स्वरोजगार नही मिला जिसके कारण युवक रोजगार और नक्सल की डर से कर रहे पलायन,इस क्षेत्र पर्यटकों लुभाने के लिए सोना झरना के नाम पर बिख्यात है।जो जंगलों की बिहड़ो होते जाना पड़ता है ।जो लगभग 250 फीट की ऊंचाई से यह झरना का पानी नीचे गिरता है।जिसकी कलाकलाहट आवाज के साथ विभिन्न प्रजाति के पंछी की मधुर आवाज से बतावरण गूंज उठाता है।जो पर्यटकों के लिए आकर्षणों का केंद्र बनेगा ।जिसको झारखंड सरकार को ध्यान देने की जरूरत हे।चांडिल जलाशय में जेसे पर्यटकों जन सैलाव देखने को मिलता उसी प्रकार आने वाले समय इस क्षेत्र में पर्यटकों पहुंचने लगेगा

इन बांदियो में मनौरम दृश्य देखने को मिलता,साथ प्राकृतिक हराभरा यह जंगल साथ कोई झरनों के साथ आप पंछियों आवाज ओर झरनों की कल्कलाहट आवाज सुनने को मिलगा सोना झरना लगभा 250 फिट ऊपर से पानी गिरता हे और बहते हुए यह पानी पानला डेम में भंडार हो रहा हे, जहां जंगल चारो ओर घेरे हुए हे। विशाल शाल की पेड़ इस जलाशय के किनारे देखने को मिलेगा ,दिसंबर महीना में पश्चिम बंगाल ओर झारखंड राज्य के कोने कोने से पर्यटकों इस मनोरम बंदियों में पहुंचने लगा ।झील के किनारे पर्यटक पिकनिक मनाते हे।इस क्षेत्र को विकसित होना जरूरी है, कच्चे रास्ते होने के कारण पर्यटक इस स्थान तक नहीं पहुंच पाते,पालना डेम से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क बना जाने से पर्यटकों सोना झरना पहुंचने में सुविधा होगा इस क्षेत्र के लोगो स्वरोजगार प्राप्त होगा और इस क्षेत्र के युवक को रोजगार मिलेगा साथ ही गांव का विकाश होगा। इस क्षेत्र में स्कूल और आंगबाड़ी ,पंचायत भवन बने परंतु स्वास्थ्य केंद्र नही के कारण लोगो को इलाज के लिए चांडिल अनुमंडल ,ओर चांडिल प्रखंड मुख्यालय पहुंचेने के लिए 25से 30 किलोमीटर तय करना पड़ता हे ।यह हे झारखंड की विकास की दिन ।जिसके कारण नव युवक भटक रहा है।अबतक गांव में सड़क का निर्माण नही होगा तो विकास कहा से बोट देने के लिए लोगो को आपने पंचायत से हठ कर पालना जाना पड़ता है।पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला के अयोध्या पहाड़ में बंगाल सरकार द्वारा पर्यटकों बड़ावा देने के लिए सड़क बिजली पानी और झरनों तक पहुंचने के लिए पक्के सीढ़ी बनाए गए ,परंतु झारखंड राज्य में पालना डेम जलाशय में अबतक विकास नहीं हुआ ,आज भी पालना डेम पर झोप झाड़ी भरे हुए हे साथ जलाशय के किनारे कच्चे सड़क को पक्के सड़क का निर्माण नही किया गया।पालना जलाशय से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क का निर्माण का कार्य होना चाहिए।

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