3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच किया गया कंबल का वितरण।
लोहरदगा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
झारखंड लोहरदगा में आनंद मार्ग की ओर से दुबराज सिंह द्वारा 3 घंटे का अखंड कीर्तन एवं जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किए गए। आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने मानव समाज के परस्पर प्रेम सम्मान एवं कल्याण की भावना से ही एक दूसरे की जरूरत एवं प्रगति का ध्यान रखते हुए असहाय लोगों की सेवा एवं योग साधना मार्ग प्रशस्त किया।
इस अवसर पर आचार्य उत्यागा नंद अवधूत ने कहा कि आनंद मार्ग का उद्देश्य है आत्म मोक्षरथम जगत हिताय च । योग साधना मार्ग पर चलते हुए अपनी आत्मा को परमात्मा से एकाकर करना एवं जगत की सेवा करना तभी मानव कल्याण संभव है।
आनंद मार्ग दुनिया के असहाय और वंचित लोगों एवं आपदा से प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करना है। वे व्यक्तियों और समुदायों को अपने रीति-रिवाजों, भाषा और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं को सुरक्षित करने और अधिक आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पूर्ति प्राप्त करने के लिए अपने संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और सक्षम करते हैं।
पुर्वी सिंहभूम:-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आहूत की गई।
पुर्वी सिंहभूम
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
राज्य सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 / – रूपये एवं बोनस 117 /- रूपये किया निर्धारित
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला में 6 ( छः) लाख क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई । खरीफ विपणन मौसम 2023-24 में पूरे राज्य में 6 (छः) लाख मे. टन धान क्रय का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरूद्ध पूर्वी सिंहभूम जिला के लिए 6 ( छः) लाख क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 / – रूपये एवं बोनस 117 /- रूपये निर्धारित है। इस प्रकार कुल 2300 /- रूपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान का क्रय किया जाएगा।
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को लैंपस में ही धान विक्रय के लिए प्रेरित करें । सरकार द्वारा समर्थित मूल्य में अपना उत्पादन बेचें तथा बिचौलियों से सावधान रहें। धान अधिप्राप्ति हेतु अधिकतम सीमा प्रति किसान 200 ( दौ सौ ) क्विंटल तक निर्धारित रहेगी। अपवाद स्वरूप यदि कोई किसान 200 क्विंटल से अधिक धान बेचना चाहता है तो जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा स्थानीय जांचोपरान्त अनुमति प्रदान की जाएगी । धान अधिप्राप्ति केन्द्रों पर जनसेवकों की प्रतिनियुक्ति, प्रखण्ड स्तर पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एवं सभी चयनित मिल में दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति उपायुक्त स्तर से की जाएगी।
39 लैम्पस (धान अधिप्राप्ति केन्द्र) की सूची एवं 23 मिलरों की सूची प्राप्त है, जिन्हें सम्बद्ध किया जाना है। बैठक में सर्वसम्मति से चयनित धान अधिप्राप्ति केन्द्रों को नजदीकी राईस मिलों से सम्बद्ध किये जाने का निर्णय लिया गया ।
बैठक में अपर उपायुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी – सह – जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, जमशेदपुर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, मंडल प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम के प्रतिनिधि (डिपो प्रबंधक, भा०खा0नि0, जमशेदपुर), महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र के प्रतिनिधि, क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
घाटशिला अनुमंडल के दर्जनों वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के समक्ष दिया धरना।
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों के अधिग्रहण एवं तत्काल घाटा अनुदान देने,महंगाई को देखते हुए अनुदान की राशि चौगुना करने, वित्तीय वर्ष 2020-21 के बचे हुए स्कूल- कॉलेजों को अनुदान की राशि अविलंब निर्गत करने की मुख्य मांग को लेकर राज्य भर के हजारों वित्त रहित शिक्षक कर्मियों ने मंगलवार को मोर्चा के आवाहन पर विधानसभा के सामने महाधरना दिया।
इस महाधरना कार्यक्रम में मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, देवनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद सिंह ,नरोत्तम सिंह, मनीष कुमार ,अनिल तिवारी, दिलीप घोष ने संबोधित किया।
संघ के शिवपूजन सिंह चौहान,निमाई मार्डी,सीमा कल्याणी, सन्तोष दास आदि के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के कई वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान के शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में चट्टानी एकता प्रदर्शित करते हुए महाधरना कार्यक्रम को सफल बनाया।
शिक्षक कर्मी नारा लगा रहे थे कि बिहार के तर्ज पर वित रहित स्कूल कॉलेज के शिक्षक कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।महंगाई को देखते हुए विभागीय प्रस्ताव पर मंत्री के अनुमोदन के पश्चात संलेख बनाकर अभिलंब मंत्री परिषद को सहमति के लिए भेजी जाए। शिक्षको के सेवानिवृत्ति की आयु छत्तीसगढ़ के तर्ज पर 62 वर्ष की जाए ।
वहीं धरना मे संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र पहन कर आए थे। और मदरसा शिक्षक टोपी पहने हुए थे।धरना स्थल पर विधायक विनोद सिंह, अमित कुमार यादव और मनीष जायसवाल पहुंचकर वित्त रहित शिक्षकों की मांग जायज बताते हुए कहा कि जब सरकार सदन में आश्वासन दी है तो उसे पूरा करें ।तीनों विधायकों ने बुधवार को शून्य काल में इस मामले को जोरदार ढंग से उठाने का आश्वासन दिए।
सरायकेला पुराना बस स्टैंड मंदिर में की गई मां अन्नपूर्णा की पूजा।
यजमान के रूप में पधारी सरायकेला एसडीएम पारुल सिंह।
सरायकेला पुराना बस स्टैंड स्थित सरकार द्वारा निर्मित मंदिर में विधिवत रूप से अन्नपूर्णा मां की पूजा की गई है साथ ही पूजा में यजमान के रूप में पधारी सरायकेला एसडीएम पारुल सिंह.पूजा में धान की पहली फसल को प्रसाद के रूप में खीर और खिचड़ी बनाकर भक्त जनों के बीच वितरण किया गया।
वहीं पूजा में मौजूद एसडीम पारुल सिंह ने मंदिर में पूजा अर्चना की एवं क्षेत्र के लिए और जिले वासियों की सुख शांति की कामना की।
जानकारी के अनुसार इस मंदिर में पांच तरह की पूजा की जाती है. दुर्गा पूजा, काली पूजा, जगाधत्री पूजा,मार्गशीर्ष पूर्णिमा और अन्नपूर्णा मां की पूजा यह पांच तरह की पूजा सरायकेला के इस पुराने बस स्टैंड स्थित मंदिर में की जाती है।
वहीं पूजा में मौजूद गुरु तपन पटनायक ने बताया कि सरकार और राजा के इकरारनामा के तहत यह मंदिर में पूजा कराई जाती है मां अन्नपूर्णा की पूजा यह खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है आगे पूजा के संबंध में जानकारी देते हुए गुरु तपन पटनायक ने बताया कि धान की पहली फसल को प्रसाद के रूप में खीर एवं खिचड़ी बनाकर लोगों के बीच वितरण किया जाता है।
आगे उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने जगत के कल्याण के लिए मा अन्नपूर्णा का उच्चाटन कर मां अन्नपूर्णा को प्रकट किया और पूरे जगत में पूरे ब्रह्मांड में कल्याण का वातावरण फैलाया. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में 1951 से लगातार हर वर्ष पूजा की जा रही है।
हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव विकास से कोसो दूर।
सरायकेला-खरसावां
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
क्षेत्र के आदिवासी युवक कर रहे पलायन
कोल्हान के हेंसाकोचा पंचायत के दर्जनों गांव में आज भी विकास की रोशनी नही पहची ,सरकारी मूलभूत सुविधाओं से यह गांव दूर है। झारखंड राज्य अलग हुए 23 बर्ष हो गए इसके बावजूद इस क्षेत्र में सरकारी योजना न पहुंचने से यह पंचायत गांव मूलभूत सुविधाओं से बंचित है । सड़क ,स्वास्थ्य केंद्र,शिक्षा, पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा कोई सरकारी सुविधा गांव में नहीं मिली जिसके कारण इस क्षेत्र के नवयुवक पंचायत से पलायन कर रहे हैं। दो जून रोटी के लिए, एवं रोजगार के लिए पंजाब ,बैंगलोर , महाराष्ट्र आदि राज्यों में जाकर काम करने पर मजबूर है।इस पंचायत में प्रखण्ड से जिला और राज्य स्तर के पदाधिकारी और नेता मंत्री , संसद,विधायक पहुंचते रे हैं इसके वाबजूद कोई सुधि लेने वाले नही हैं।बीमार पड़ने से इस सुदुरवर्ती गांव के लोग चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए 25 किलोमीटर जाना पड़ता है बरसात के समय इस क्षेत्र के लोगो को कच्चे रास्ते , पानी और कीचड़ भरा रास्ता से गुजरने के मजबूर है साथ ही कठिनाई के साथ विभिन्न प्रकार के उलझन का सामना ग्रामीणों को उठाना पड़ता है ,इनके माथे में कुछ वर्षो से नक्सल नाम की धबा लगा हुआ है ।इन गांव में धातकीडीह,सशडीह,भादूडीह,जाहिरडीह,कांकीबेडा,दुगरीडीह, टुडु,रांका, मुटुदा,तानीसाह, रंगामाटिया,गांव के साथ विकास की उम्मीद लिए ग्रामीण जीने पर मजबूर हे।
गांव के लगो का यह रहे साधन जीवन गुजरने का
इस पंचायत के लोगो एक समय की धान की फसल खेती करता है,ओर जंगल की सूखे लकड़ी,दातुन,पत्ता,कदमूल, मार्केट में बेच कर गुजार करते हे।इस पंचायत के लोगो मतदान के लिए पालना जाना पड़ता,अब देखना है सरकार आपके द्वार कहा लगने वाला है।
चौका थाना क्षेत्र सुदुर्वती पंचायत हेंसाकोचा पंचायत में 13 रेविन्यु विलेज प्राकृतिक जंगलों से चारो तरफ से घिरे हुए हैं जहा सैकड़ो की तादात में आदिवासी लोग वासबास करते हैं,मुख्यरूप से इन गरीब किसानो का एक मात्र उपाय खेती करने का वह भी एक समय धान की फसल उत्पादन करते हैं,उसी से आपने परिवार की जीविका चलाते है, रब्बी फसल जंगल के किनारे आलू ,चाना ,मटर, आदि फलस उबजाते है।ओर जंगल पर इनका जीविका निर्भर हे,जंगल की सूखे लकड़ी ,दातुन,पत्ता,कदमुल बेच कर गुजार बसर करते हे।यह।रहा मुख्य साधन जीने के लिए ।प्रतिदिन लोगो साइकिल से सूखे लकड़ी लेजाकर मार्केट बेचकर 100 से 200 रुपया कमाते है उसी से जीवन का गुजर बसर करते हैं।
हेंसकोच पंचायत में सरकार और वन एवं पर्यावरण विभाग,साथ ही पर्यटन विभाग की अनदेखी के कारण इस क्षेत्र में देश की कोई सरकारी पदाधिकारी इस क्षेत्र की ओर ध्यान नहीं दिया । जिसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीणों स्वरोजगार नही मिला जिसके कारण युवक रोजगार और नक्सल की डर से कर रहे पलायन,इस क्षेत्र पर्यटकों लुभाने के लिए सोना झरना के नाम पर बिख्यात है।जो जंगलों की बिहड़ो होते जाना पड़ता है ।जो लगभग 250 फीट की ऊंचाई से यह झरना का पानी नीचे गिरता है।जिसकी कलाकलाहट आवाज के साथ विभिन्न प्रजाति के पंछी की मधुर आवाज से बतावरण गूंज उठाता है।जो पर्यटकों के लिए आकर्षणों का केंद्र बनेगा ।जिसको झारखंड सरकार को ध्यान देने की जरूरत हे।चांडिल जलाशय में जेसे पर्यटकों जन सैलाव देखने को मिलता उसी प्रकार आने वाले समय इस क्षेत्र में पर्यटकों पहुंचने लगेगा।
इन बांदियो में मनौरम दृश्य देखने को मिलता,साथ प्राकृतिक हराभरा यह जंगल साथ कोई झरनों के साथ आप पंछियों आवाज ओर झरनों की कल्कलाहट आवाज सुनने को मिलगा सोना झरना लगभा 250 फिट ऊपर से पानी गिरता हे और बहते हुए यह पानी पानला डेम में भंडार हो रहा हे, जहां जंगल चारो ओर घेरे हुए हे। विशाल शाल की पेड़ इस जलाशय के किनारे देखने को मिलेगा ,दिसंबर महीना में पश्चिम बंगाल ओर झारखंड राज्य के कोने कोने से पर्यटकों इस मनोरम बंदियों में पहुंचने लगा ।झील के किनारे पर्यटक पिकनिक मनाते हे।इस क्षेत्र को विकसित होना जरूरी है, कच्चे रास्ते होने के कारण पर्यटक इस स्थान तक नहीं पहुंच पाते,पालना डेम से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क बना जाने से पर्यटकों सोना झरना पहुंचने में सुविधा होगा इस क्षेत्र के लोगो स्वरोजगार प्राप्त होगा और इस क्षेत्र के युवक को रोजगार मिलेगा साथ ही गांव का विकाश होगा। इस क्षेत्र में स्कूल और आंगबाड़ी ,पंचायत भवन बने परंतु स्वास्थ्य केंद्र नही के कारण लोगो को इलाज के लिए चांडिल अनुमंडल ,ओर चांडिल प्रखंड मुख्यालय पहुंचेने के लिए 25से 30 किलोमीटर तय करना पड़ता हे ।यह हे झारखंड की विकास की दिन ।जिसके कारण नव युवक भटक रहा है।अबतक गांव में सड़क का निर्माण नही होगा तो विकास कहा से बोट देने के लिए लोगो को आपने पंचायत से हठ कर पालना जाना पड़ता है।पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला के अयोध्या पहाड़ में बंगाल सरकार द्वारा पर्यटकों बड़ावा देने के लिए सड़क बिजली पानी और झरनों तक पहुंचने के लिए पक्के सीढ़ी बनाए गए ,परंतु झारखंड राज्य में पालना डेम जलाशय में अबतक विकास नहीं हुआ ,आज भी पालना डेम पर झोप झाड़ी भरे हुए हे साथ जलाशय के किनारे कच्चे सड़क को पक्के सड़क का निर्माण नही किया गया।पालना जलाशय से लेकर सोना झरना तक पक्की सड़क का निर्माण का कार्य होना चाहिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई जिला यातायात एवं सड़क सुरक्षा समिति की बैठक।
पुर्वी सिंहभूम
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में बरतें सख्ती, दोषियों पर तत्काल एफआईआर करें- उपायुक्त
युवाओं का तेज गति से बाइक दौड़ाना चिंताजनक, नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं दें- उपायुक्त
जिला दण्डाधिकारी-सह- उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय यातायात एवं सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े । बैठक में गदत माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा, सघन वाहन जांच, हिट एंड रन के मामले में मुआवजा भुगतान, युवाओं के बीच और विद्यालयों में सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधारात्मक कार्य आदि की समीक्षा की गई।
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में यह बात सामने आई कि निजी अस्पताल सड़क दुर्घटना के घायलों को कानूनी प्रक्रिया के चलते जल्दी भर्ती नहीं लेते । जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि गोल्डन ऑवर में किसी घायल को निजी अस्पताल भर्ती लेते हैं तो अस्पताल प्रबंधन को किसी भी प्रकार से कानूनी प्रक्रिया में नहीं लाया जाएगा । मानवहित में भी वे सामने आकर मदद करें ताकि घायलों को गोल्डन ऑवर में उचित इलाज मुहैया कराते हुए जनहानि को रोका जा सके । उन्होने सभी निजी अस्पताल प्रबंधक से भी इस संबंध में बैठक रखने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया जिसमें गुड समारिटन एवं गोल्डन ऑवर के बारे में विस्तृत चर्चा की जाएगी ।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि पर जताई गई चिंता, आवश्यक उपायों को लेकर किया गया विमर्श
गत नवंबर माह में जिले में 38 सड़क दुर्घटनायें हुई जिनमें 31 लोगों की मृत्यु हो गई वहीं 21 लोग घायल हुए । सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि पर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने चिंता जताते हुए कहा कि त्यौहार के समय में युवाओं पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। युवाओं के बीच यह संदेश जाए कि आपका जान कीमती है, ओवरस्पीडिंग जानलेवा होती है। विशेषकर सभी अभिभावकों को विशेष ध्यान देना होगा कि उनके नाबालिग के हाथ में वाहन नहीं हो । निजी स्कूल प्रबंधन भी ध्यान रखेंगे कि कोई नाबालिग दो पहिया या चार पहिया लेकर स्कूल नहीं आएं।
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने डीटीओ एवं डीएसपी ट्रैफिक को रैश ड्राइविंग, ड्रिंक एंड ड्राइव को लेकर सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया । उन्होने निर्देशित किया कि ड्रिंक एंड ड्राइव के आरोपियों पर तत्काल एफआईआर करें। सड़क पर सुरक्षित चलना और दूसरों को भी सुरक्षित रखना, यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, इसे गंभीरता से लेते हुए आम नागरिक जिला प्रशासन को सहयोग करें ।
सड़कों पर हो उचित मार्किंग और साइनेज
ओवर स्पीडिंग या गलत दिशा में ड्राइविंग से ज्यादातार सड़क दुर्घटनायें हो रही हैं । इस संबंध में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा एनएचएआई (NHAI) के पदाधिकारी को आईआरसी (IRC) के गाइडलाइन के मुताबिक हाईवे पर उचित कार्यवाई किए जाने का निर्देश दिया गया । NHAI, RCD, एवं Jusco को सभी सडकों पर आवश्यकतानुरूप एवं चौक चौराहों पर अनिवार्य रूप से मार्किंग, साइनेज बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया । NHAI, RCD एवं जुस्को को सडकों के फ्लैंक को बेहतर करने, जुस्को को मरीन ड्राइव रोड पर मार्किंग एवं साइनेज बोर्ड तथा रम्बल स्ट्रिप लगाने का निर्देश दिया गया । वहीं हाईवे में ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई करने हेतु पुलिस चेकिंग लगाने का निर्देश दिया गया।
215 लाइसेंस सस्पेंड, 36 लाख रू. से ज्यादा जुर्माना वसूला गया
नवंबर माह में सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना पर 215 वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया गया । वाहन जांच अभियान में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक और बिना सीटबेल्ट के चारपहिया वाहन चालकों समेत अन्य मामलों में करीब 36 लाख रू. से ज्यादा जुर्माना वसूला गया।
स्कूल बसों एवं वैन में सुरक्षा मानकों का अनुपालन हो रहा है या नहीं इसकी जांच करने, स्कूल एवं कॉलेजों में सड़क सुरक्षा के प्रति नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने का निर्देश दिया गया । युवाओं के बीच जागरूकता अभियान में साइकोलॉजिस्ट से भी सहयोग लेने का निर्देश दिया गया ताकि उनके मनोभाव को समझते हुए जागरुक किया जा सके, समाज एवं घर के प्रति उनकी जिम्मेदारियों, जीवन की सुरक्षा को लेकर काउंसिलिंग की जा सके।
मुआवजा भुगतान में लायें तेजी
सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 2 लाख रू. मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है । जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने इसमें तेजी लाते हुए मुआवजा भुगतान करने के निर्देश दिए । अबतक के कुल 41 मामलों में 22 के परिजनों को भगतान किया गया है, लंबित 18 में इंश्योरेंस कंपनी के स्तर पर 12 लंबित हैं। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने डीटीओ को इंश्योरेंस कंपनी से पत्राचार कर जल्द मुआवजा भुगतान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त मनीष कुमार, एसडीएम धालभूम पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, एसडीएम घाटशिला सत्यवीर रजक, जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला बरेलिया, डीटीओ धनंजय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार, डीएसपी ट्रैफिक अनिमेष गुप्ता, जिला शिक्षा अधीक्षक निशु कुमारी, एनएचएआई, आरसीडी के पदाधिकारी, बस एसोसिएशन के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुसाबनी पुलिस ने जी सी जे डी हाई स्कूल के बच्चों को चुनाव व सड़क सुरक्षा पर किया जागरूक
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी थाना प्रभारी अंचित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को थाना क्षेत्र के गिरीश चंद्र झुरो देवी उच्च विद्यालय मुसाबनी में चुनाव व सड़क संबंधित जागरुकता अभियान चलाया। इस जागरूकता अभियान में वर्ग 6 से दशम तक के सैकड़ो छात्र छात्राओं ने भाग लिया। थाना प्रभारी अंचित कुमार ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव व सड़क सुरक्षा से संबंधित विषयों से अवगत कराया। सभी 18 वर्ष और इससे अधिक के आयु के छात्र छात्राओं को मतदान करने के अधिकार से उन्होंने जागरूक करने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी अंचित कुमार ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। इसमें सड़क दुर्घटना के कारण, सड़क दुर्घटना से बचाव एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को मदद संबंधी कर्तव्यों से अवगत कराया गया ।साथ ही दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट के यात्रा तथा चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट के महत्व के बारे में भी जानकारी प्रदान की. उन्होंने स्वयं तथा अपने परिवार वालों व संबंधियों को यातायात नियमों का अनुपालन करने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया. इस मौके पर विद्यालय के संस्थापक कुन्दन कुमार सिंह, प्रिंसिपल शिवपूजन सिंह, सोमेश्वर झा सहित सभी शिक्षक तथा सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।
मुसाबनी के वित्त रहित संस्थाओं में रहा शैक्षणिक हड़ताल।
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी-वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों का अधिग्रहण/ घाटा- अनुदान, अनुदान की राशि सीधे शिक्षक- कर्मचारियों के खाते में भेजने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने, महंगाई को देखते हुए उच्च विद्यालय के अनुदान स्लैब में संशोधन करने के साथ साथ शिक्षक कर्मी को राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने, अनुदान की राशि चौगुना किये जाने की मांग को लेकर वित रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर बुधवार को राज्य के 1250 इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसा विद्यालयों में शैक्षणिक हड़ताल पर रहे। शिक्षक कर्मी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारी के खिलाफ स्कूल कॉलेज में मुख्य द्वार नारेबाजी किया। शैक्षणिक हड़ताल का असर घाटशिला अनुमंडल के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में भी देखने को मिला।
मुसाबनी प्रखंड के जीसीजेडी हाई स्कूल एवं मुसाबनी माइंस इंटर कॉलेज व सरस्वती विद्या मंदिर में शैक्षणिक हड़ताल रहा। हड़ताल का असर घाटशिला ,चाकुलिया, बहारागोड़ा, पोटका आदि प्रखंड में संचालित वित्त रहित स्कूल कॉलेजों में भी रहा।शिक्षकों की हड़ताल से संस्थानों में पठन-पाठन कार्य पूरी तरह बाधित रहा।मोर्चा के नेताओं ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग किया है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक झारखंड के कोई भी वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं भरेंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की 19 दिसंबर को मंगलवार को हजारों शिक्षककर्मी विधानसभ पर धरना देंगे । हड़ताल में मुख्य रूप से मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, शिवपूजन सिंह,प्रो. सीमा कल्याणी , प्रो. संतोष दास, रूमी सरकार, मिथलेश पांडेय सहित सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल थे।
चेलियामा पंचायत भवन के समाने आपकी योजना आपकी योजना आपके द्वार कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सरायकेला/चांडिल
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत चेलियामा पंचायत भवन के समाने आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न योजनाओं का स्टोल लगाया गया।हर विभाग के प्रखंड से पंचायत स्तर के कर्मी उपस्थित थे। जनसमस्याओं को लिपिबद्ध किया गया।जोब कार्ड, आधार कार्ड, अबुआ वन विभाग,विधूत विभाग पशु पालन विभाग जोहर परियोजना के जे एस एल पी एस के कर्मी उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्घाटन जिप सदस्य असित सिंह पात्रर, अंचलाधिकारी प्रणव अम्बष्ट, चेलियामा मुखिया मंगली सिंह, पंचायत समिति अरूण चंद्र गोराई,उप मुखिया आदि ने द्वीप जलाकर किया गया।
कार्यक्रम में पेंशन स्वीकृत पत्र, किशोरी शिक्षा योजना के लाभुक को स्वीकृत पत्र ,फलेरिया लाभुक मेडिकल कीट ,पांच लोग कम्बलं वितरण किया गया।चेलियामा,टेंगाडीह पंचायत के मुखिया को एक प्रमाण पत्र अंचलाधिकारी प्रणव अम्बष्ट ने दी।समाज सेवी बसुदेव सिंह,मनोज सिंह, बुलेट नाग, आदि लोग उपस्थित
ब्राउन शुगर की खरीदारी करते 3 युवक को आदित्यपुर थाना प्रभारी राजन कुमार ने किया गिरफ्तार।
सरायकेला/आदित्यपुर
( कोल्हान से वरिष्ठ पत्रकार भरत सिंह की रिपोर्ट )
जिले में लगातार नशा मुक्ति अभियान जगह-जगह पर चलाए जा रहा है किंतु कुछ आसामाजिक तत्वों के कारण अभियान चलाने के बावजूद ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक और जहरीले पदार्थ की खरीद बिक्री जिले में जारी है उसकी रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन न जाने कितने हाथकंडे अपना रही है इसके बावजूद भी यह असामाजिक तत्वों द्वारा ब्राउन शुगर जैसे नशीले और जहरीले पदार्थ का परिचलन कर हमारे युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार में धकेलना का कार्य कर रही है।
यक्ष प्रश्न पूछती है जिले की जनता
आगर जिले की एसपी चाहे तो कौन सा ऐसा अवैध धंधा है जिसे बंद नहीं कराया जा सकता या ठप नहीं कराया जा सकता. इसके बावजूद भी जिले में नशीले एवं जहरीले पदार्थ का परिचलन चरम पर है. पुठिया मछली को पड़कर समुद्र की गंदगी को दूर नहीं किया जा सकता यह किस प्रकार का नशा मुक्ति अभियान है जो असफल साबित हो रहा है. यह कैसा नशा मुक्ति अभियान है जिसे लगातार जिले में सभी थाना क्षेत्र में सभी प्रखंड क्षेत्र में चलाने के बावजूद जिला प्रशासन नशे और नशीले पदार्थों की खरीद बिक्री पर अंकुश लगाने में नाकामयाब साबित हो रही है। जिस तरह समुद्र की 2 इंच की गहराई में जाने पर समुद्र की गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता उसी प्रकार दो-चार की गिरफ्तारी कर लेने से जिले में अपराध की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता।
अब देखना या दिलचस्प होगा कि यह नशीले और जहरीले पदार्थ का परिचालन जिले में आखिर कब तक रुकेगा या हमारी पुलिस प्रशासन इस पर लगाम कब तक लगा पाएगी.
ब्राउन शुगर की खरीदारी करते तीन युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार.
फिलहाल इसी क्रम में आदित्यपुर थाना प्रभारी राजन कुमार द्वारा तीन युवकों को ब्राउन शुगर की खरीदारी करते पकड़े जाने की खबर सामने आई है.
आपको बताते चलें कि दिनांक 17 दिसंबर रविवार को पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बस्ती में ब्लू रंग के बलेनो कर में कुछ युवक ब्राउन शुगर की खरीदारी करने हेतु आए हुए हैं. इस खबर की पुष्टि एवं त्वरित कार्यवाही होती पुलिस अधीक्षक सरायकेला खरसावां द्वारा पुलिस निरीक्षक थाना प्रभारी ( राजन कुमार )आदित्यपुर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया गठित टीम के द्वारा सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के दौरान मुस्लिम बस्ती के पास एक ब्लू रंग के बलेनो कर को रोकने का प्रयास किया गया. पुलिस को देखकर वाहन चालक ने वाहन को तेजी से भागने का प्रयास किया.परंतु संकीर्ण रास्ता होने के कारण वाहन चालक वाहन को भगाने में असफल रहा. पुलिस ने उक्त वाहन को घेर कर रोका लिया और तत्पश्चात उक्त वाहन में सवार सभी व्यक्तियों को पकड़ लिया।
वहीं पुलिस के गिरफ्त में आए अभियुक्तों में अमनदीप बाड़ा उम्र 21 वर्ष पे०-बाड़ा, ग्राम-सिसई बस्ती, थाना-सिसई,जिला गुमला, वर्तमान पता पिपर टोली नियर संत मारिया प्ले स्कूल थाना अरगोड़ा, जिला रांची, 2. प्रीतम उरांव उम्र 19 वर्ष, प्रवीण तिग्गा उम्र 23 वर्ष, पिता करमा उरांव, पता-ग्राम बद्री करम टोली थाना गगरा, जिला-गुमला 3. प्रवीण टीका उम्र 23 वर्ष पिता प्रियांशु तिग्गा पता हेल बाजार आईटीआई थाना पंडरा जिला रांची.
पकड़े अभियुक्त की तलाशी के काम क्रम में अमनदीप बाड़ा के पास से एक कले पॉलिथीन में छोटे-छोटे सादे कागज का पुड़िया बनाकर कुल 40 पुरिया ब्राउन शुगर जिसका वजन 2.19 ग्राम एवं अभियुक्त प्रीतम उरांव के पास से काले रंग के पॉलिथीन में रखा 40 पुरिया ब्राउन शुगर जिसका कुल वजन 2.21 ग्राम बरामद किया गया।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया और तीनों अभियुक्त ने अपने-अपने स्वीकृति बयान में ब्राउन शुगर पदार्थ को खरीद बिक्री करने के अपराध को स्वीकार किया वहीं गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तू 8 प्रखंडों के 8 पंचायत एवं 2 नगर निकाय में आयोजित हुआ शिविर
पुर्वी सिंहभूम
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
योजना के लाभ से वंचित, सुदूरवर्ती, दूरस्थ क्षेत्रों में बसे लोगों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जा रहा – उपायुक्त
‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जिले के 8 पंचायत एवं 2 नगर निकाय में शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के आवेदनों को स्वीकृत किया गया और उन्हें लाभ प्रदान किया गया। शिविर जमशेदपुर प्रखंड के पूर्वी कालीमाटी पंचायत भवन, पटमदा प्रखंड के महुलबना पंचायत, घाटशिला प्रखंड के भादुआ पंचायत, मुसाबनी प्रखंड के दक्षिण बादिया पंचायत, धालभूमगढ़ प्रखंड के पावड़ा नरसिंहगढ़ पंचायत, बहरागोड़ा प्रखंड के गामारिया पंचायत, चाकुलिया प्रखंड के सोनाहातु पंचायत, बोड़ाम प्रखंड के पहाड़पुर पंचायत सहित नगर निकाय क्षेत्र में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के वार्ड बर्मामाइंस में और मानगो नगर निगम के वार्ड नं.-08 में किया गया।
इन शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी की देखरेख में किया जा रहा है। शिविर में आने वाले ग्रामीणों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल तरीके से देने के साथ-साथ योजनाओं का लाभ देने हेतु आवदेन भी जमा लिया जा रहा । सभी पात्र लाभुकों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को सरलतापूर्वक पूर्ण किया जा रहा है।
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि राज्य सरकार की भावना के अनुरूप जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिविर में आने वाले सभी सुयोग्य को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए । सभी पंचायतों में शिविर का आयोजन तिथिवार किये जा रहे हैं। कोई व्यक्ति किसी कारणवश अपने पंचायत के शिविर में शामिल नहीं हो पायें हों तो नजदीकी पंचायत के शिविर में अपना आवेदन जमा करायें । एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत सभी सुयोग्य को सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किए जाने का प्रयास है । सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित, सुदूरवर्ती, दूरस्थ क्षेत्रों में बसे लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है।
पंचायत स्तरीय शिविर में पहुंचकर राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे अबुआ आवास योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना, बिरसा सिंचाई कूप योजना, जाति, आय, जन्म-मृत्यु, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राजस्व से जुड़े मामले जैसे म्यूटेशन, मापी लगान रसीद तथा ऑनलाइन रिकॉर्ड में त्रुटियों को सुधार, राशन कार्ड में संशोधन, बिजली बिल से संबंधित शिकायतों का निष्पादन आदि का कार्य किया जा रहा।
शिविर में छात्र-छात्राओं के बीच साईकिल क्रय हेतु चेक का वितरण, SHG / क्लस्टर सदस्यों के बीच ID कार्ड का वितरण, धोती, साड़ी, लुंगी व कंबल का वितरण आदि किया जा रहा है। साथ ही सर्वजन पेंशन, सावित्री बाई फुले, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। पंचायत स्तरीय शिविर के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं से शत प्रतिशत सुयोग्य व्यक्तियों को आच्छादित करने का प्रयास है ।
एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में चिकित्सकों द्वारा सीनियर सिटीजन को स्वस्थ रहने तथा संयम रहने सम्बंधित जानकारी दी गई।
जमशेदपुर
एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान में ब्रह्मानंद तमोलिया अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा सीनियर सिटीजन को स्वस्थ रहने तथा संयम रहने सम्बंधित जानकारी दी गई।
जिसमें काफी मात्रा में सीनियर सिटीजन शामिल हुए सीनियर सिटीजन रन फार वाक सामूहिक रूप से किये जिसका उद्घाटन तमोलिया अस्पताल के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ नागरिक के केन्द्रीय अध्यक्ष शिव पुजन सिंह द्वारा फ्लैग दिखाकर किया गया। प्रबंधन निर्देशक ने अस्पताल द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सुविधा की जानकारी दी केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जमशेदपुर में ब्रह्मानंद तमोलिया एकमात्र अस्पताल है जो वरिष्ठ नागरिकों और असहायों के लिए समर्पित होकर काम करता है । इस अवसर पर प्रबंध निर्देशक और केन्द्रीय अध्यक्ष द्वारा एक सीनियर सिटीजन कार्ड। लांच किया गया जिस कार्ड के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली सुविधा का जिक्र रहेगा जिस भी वरिष्ठ नागरिक को कार्ड की जरूरत है वे केन्द्रीय अध्यक्ष के ह्वाट्सएप पर अपना नाम पता और मोबाइल नंबर भेजें उन्हें कार्ड मुहैया कराया जाएगा इ सी जी इको एन जी ओ ग्राफी केन्द्रीय अध्यक्ष के अनुशंसा पर आधे चार्ज में किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा भी वरिष्ठ नागरिकों को बहुत सुविधाएं हैं जिसे जानकारी के अभाव में नहीं ले रहे हैं। कुछ सुविधाएं वरिष्ठ नागरिकों को सरकार द्वारा मिलना चाहिए जो नहीं मिल रहा है इसके लिए एक संघर्ष की जरूरत है आप अपनी एकता बनाए रखें और समिति का साथ दें सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी । जमशेदपुर में प्राइवेट चिकत्सकों का फीस इतना ज्यादा है कि गरीब व्यक्ति दे नहीं पाता है समिति इन्डियन मेडिकल एसोसिएशन से आग्रह करेगी कि ऐसे असमर्थ व्यक्तियों के लिए कम से कम फीस ले जिससे असहायों को भी इलाज हो सके चिकित्सकों में सेवा भावना होनी चाहिए।