आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर में कचरे के अंबार से उठ रही महामारी की बदबू, सीएम का ‘ग्रीन झारखंड’ का सपना हुआ तार-तार


आदित्यपुर के सब्जी बाजार में कचरे का पहाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा, जिम्मेदार मौन

स्वच्छ भारत और ग्रीन झारखंड की उड़ रही धज्जियां, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र बना कचरा डंपिंग जोन

एक तरफ राज्य सरकार “ग्रीन झारखंड” और “स्वच्छ भारत मिशन” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर की ये तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है।

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जगह-जगह पर पड़े कचरे और सर्विस रोड पर बहते गंदे नालियों के पानी ने आदित्यपुर नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह पर कई दिनों अथवा कई हफ्तों से पड़े कचरे से गंदी बदबू आ रही है जिससे कि नगर वासी त्रस्त हो चुकी है। इन पड़े गंदगियों से नगर वासी त्राहिमाम कर रही है लेकिन इसकी शुध लेने वाला कोई नहीं।

आदित्यपुर थाना से महज़ कुछ ही दूरी पर कचरे का अंबार लगा हुआ है और उसी रास्ते से होकर प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों का आना-जाना लगा रहता है उसी रास्ते से होकर थाने के तमाम पुलिस कर्मियों का भी आना-जाना लगा रहता है। साथ ही कचरे के सामने बैठकर सब्जी विक्रेता सब्जियों की बिक्री करते हैं और उन्ही सब्जियों का कचरा उठाकर सामने फेंक देते हैं जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो जाता। कुछ दिनों पूर्व नगर निगम द्वारा उक्त स्थान को साफ करवाया गया था लेकिन फिर से स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई। साथ ही इस मामले पर बाजार समिति के अध्यक्ष मनोज पासवान ने भी चुप्पी साध ली है जबकि बाजार को स्वच्छ रखना इनकी जिम्मेदारी बनती है फिर भी वे इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ और लाचार नजर आ रहे हैं यूं मानों सब्जी विक्रेताओं का खौफ उनके दिल में पूर्ण रूप से बसा हुआ हो।

इतना ही नहीं आर आई टी थाना क्षेत्र के सामने और थाना से महज कुछ दूरी पर भी कचरे का अंबार लगा हुआ है। और साथ ही बरसात का पानी और कचरा एक साथ मिल जाने से कई तरह की बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है जिसकी साफ सफाई समय रहते नहीं की गई तो यह कई गंभीर बीमारियों को उत्पन्न कर सकता है जिसकी चपेट में आकर आसपास क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

साथ ही आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 मैं भी सड़क किनारे लगभग 1 महीने से कचरे का अंबार लगा हुआ है और लगातार बरसात का पानी गिरने से पूरी सड़क में भयंकर गंदी बदबू आ रही है जिससे कि सड़क पर चलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इसके साफ-सफाई की जिम्मेदार अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।

आगे इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले कई ऐसी सड़के हैं जहां पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और उस गंदे पानियों पर चलने को आदित्यपुर नगर वासी मजबूर हैं।

आपको बताते चलें कि इन गंदे पानियों से न जाने कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं कीटाणुओं के साथ-साथ कई तरह के मच्छर भी उत्पन्न होते हैं और इन्हीं गंदगियों से उत्पन्न होती है डेंगू वाले मच्छर जिससे कि डेंगू जैसी बीमारियां उत्पन्न होने की समस्या काफी बढ़ जाती है।

वहीं सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम कुछ दिनों पहले या फिर यूं कहें कि कुछ महीनों पहले काफी जोश में थी और पूरे क्षेत्र की साफ सफाई में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से काफी ध्यान दिया गया था। कहीं नालियों की सफाई की जा रही थी तो कहीं सड़क पर झाड़ू मरवाए जा रहे थे तो कहीं सड़क किनारे बसे झोपड़ी नुमा दुकानों को तोड़ा जा रहा था ताकि राष्ट्रपति महोदया (द्रौपदी मुर्मू) को हमारा सरायकेला जिला स्वच्छ प्रतीत हो।

लेकिन राष्ट्रपति महोदया के कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात मानो आदित्यपुर नगर निगम गहरी निंद्रा में सोई हुई है शायद इसी वजह से उन्हें आदित्यपुर नगर निगम की गंदगी दिखाई नहीं देती और गंदगी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से भी अनभिज्ञ है।

उक्त मामले पर यह भी खबर मिल रही है कि आदित्यपुर के शेर-ए पंजाब में स्थानीय लोगों को कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रखा गया है लेकिन डस्टबिन की हालत ऐसी है कि अगर डस्टबिन के अंदर से झांको तो मानो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वच्छ झारखंड का सपना कचरे के ढेर में मिलता हुआ दिखाई देता है। डस्टबिन में फेंका गया कचरा डस्टबिन में न रहकर डस्टबिन में बने बड़े-बड़े छेदों से बाहर निकाल कर सड़कों पर बिखर जाता है। और वही कचरा पूरे क्षेत्र में बदबू का मुख्य कारण बनता है।

आर.आई.टी थाना की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफतार करते हुए तीन मोटरसाइकल किया जप्त।

आर.आई.टी थाना की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफतार करते हुए तीन मोटरसाइकल किया जप्त।

सरायकेला/आर.आई.टी

सरायकेला-खरसावां जिले के आर.आई.टी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है जहां पर थाना प्रभारी रविकांत पाराशर के नेतृत्व में वाहन चोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 3 मोटरसाइकिल भी जप्त किया है।

कुलूपटांगा फुटबॉल मैदान के पास कुछ संदिग्ध युवक के चोरी की बाइक के साथ मौजूद होने की गुप्त सूचना थाना प्रभारी को मिली थी जिसके आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ने में सफल रही।

वहीं पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों को सस्ते दामों में बेचने का काम करते थे। फिलहाल बरामद बाइकों के इंजन और चेसिस नंबर की जांच की जा रही है, ताकि उनके चोरी से जुड़े मामलों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वहीं पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में आर.आई.टी थाना क्षेत्र के बंतानगर पीएचडी रोड निवासी राजू लोहार (23 वर्ष) उसके खिलाफ आरआईटी थाना में पहले से चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से संबंधित मामला दर्ज है। दूसरा आरोपी बंतानगर पानी टंकी क्षेत्र के निवासी बासुदेव लागुरी (22 वर्ष), उसके खिलाफ आर.आई.टी थाना में डकैती और आपराधिक साजिश से जुड़ा मामला दर्ज है। वहीं तीसरा आरोपी आर.आई.टी थाना क्षेत्र के बाबा आश्रम निवासी आदित्य राज (21 वर्ष),  उसके खिलाफ बिष्टुपुर थाना में धारा 115(2), 126(2), 127(2), 134, 137(2), 140(3), 307, 308(5), 3(5), 351(2), 352 बी०एन०एस० तहत मामला दर्ज है।

आरआईटी थाना प्रभारी रवि कांत पराशर ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में अन्य थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में वाहन चोरी से जुड़े और मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने अपील की है कि जिन लोगों की बाइक चोरी हुई है, वे आरआईटी थाना पहुंचकर बरामद वाहनों की पहचान कर सकते हैं।

कार्रवाई करने वाली टीम में पुलिस अवर निरीक्षक रविकांत पराशर, पुलिस अवर निरीक्षक विमलेश कुमार महतो, पुलिस अवर निरीक्षक नरेंद्र मुंडा, सहायक अवर निरीक्षक विक्रम कुमार, हवलदार जॉनसन भेंगरा, आरक्षी उमाशंकर सिंह, विकास चंद्र पांडेय और बबलू बिरुली शामिल थे।

स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का किया गया आयोजन।

स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का किया गया आयोजन।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर वार्ड नंबर 19 पान दुकान इन्द्रा चौक स्थित शिव मंदिर परिसर में बुधवार को स्वर्गीय प्रसनजीत सरकार की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

जिसमें युवा नेता बाबू तांती, झा मु मो नेता बाबू तिवारी, पाकुल दास,मिट्ठू सरकार,कांग्रेस नेता राजू लोहार,बिस्वजीत सरकार, रंजीत सरकार,अंकित सरकार,टेम्पू चालक संघ के अध्यक्ष संतोष मंडल, एवं और भी कई गणमान्य लोगों ने प्रसनजीत सरकार के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर, पान दुकान चौक स्थित दुर्गा पूजा मैदान में दिवंगत प्रसनजीत सरकार के द्वितीया पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी शामिल हुए।

उन्होंने दिवंगत प्रसनजीत सरकार के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उक्त कार्यक्रम में सरायकेला खरसावां जिला युवा नेता बाबू तांती,पाकुल दास,मिट्ठू सरकार, राजू लोहार,संतोष मंडल,अंकित सरकार ,बिस्वजीत सरकार,रंजीत सरकार,बाबू तिवारी, उपस्थित रहे।

नीट पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने फूंका पीएम व शिक्षा मंत्री का पुतला।

नीट पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने फूंका पीएम व शिक्षा मंत्री का पुतला।

सरायकेला/आदित्यपुर

सोनू कुमार सिंह

भारत के कोने-कोने में नीट पेपर लीक मामला चर्चाओं में बना हुआ है जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है और इसका जीता जागता सबूत जंतर मंतर पर देखा जा रहा है।

वहीं इस नीट पेपर लीक मामले तथा नई दिल्ली में छात्रों और विपक्षी नेताओं पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष राज बागची के नेतृत्व में बुधवार शाम आदित्यपुर के आकाशवाणी चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस कार्यक्रम को पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने नैतिक समर्थन दिया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। साथ ही दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में चर्चा तथा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।

उक्त कार्यक्रम में कांग्रेसियों ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इससे लाखों अभ्यर्थियों की वर्षों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है। ऐसी घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाना चाहिए।

उक्त कार्यक्रम में देबु चटर्जी, राणा सिंह, अवधेश सिंह, समरेंद्र नाथ तिवारी, राहुल यादव, रमेश बालमुचू,रुईदास चाकी, केपी तिवारी, फुलकांत झा, उर्मिला, पूर्वी देवी, रानी शर्मा, प्रिंस सिंह, उपेंद्र शर्मा, प्रिंस सिंह, सुरेश धारी, उपेंद्र शर्मा, जगदीश नारायण चौबे, राणा सिंह, वैद्य संजय कुमार, रिजवान खान, संतोष सिंह, अनिल ठाकुर, खिरोड़ सरदार, कमल नयन,  सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नहीं थम रहा चापड़ से हमला, आर.आइ.टी मोड़ के समीप युवक पर जानलेवा हमला।

नहीं थम रहा चापड़ से हमला, आर.आइ.टी मोड़ के समीप युवक पर जानलेवा हमला।

सरायकेला/आदित्यपुर

नहीं थम रहा चापड़ से हमला आए दिन चापड़ की घटनाएं निकल कर सामने आ रही है ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर आरआइटी मोड़ के पास रविवार शाम बेखौफ अपराधियों ने एक युवक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरआइटी मोड़ के समीप दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान एक युवक ने धारदार हथियार निकालकर दूसरे पर हमला कर दिया।

वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल युवक को गंगोत्री अस्पताल पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) रेफर कर दिया.

आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने केंद्रीय नगर विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात।

आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने केंद्रीय नगर विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात।

सीतारामपुर डैम को ईको-टूरिज्म हब बनाने का रखा प्रस्ताव।

महत्वपूर्ण बैठक में संजय सरदार झारखंड से शामिल होने वाले एकमात्र मेयर रहे।

सरायकेला/आदित्यपुर

रविवार को हुए ऑल इंडिया मेयर काउंसिल की राष्ट्रीय बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने केंद्रीय नगर विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की।

वहीं इस शिष्टमंडलीय मुलाकात के दौरान मेयर ने केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत और ऐतिहासिक मांग पत्र सौंपा, जिसमें झारखंड के लिए केंद्र द्वारा प्रस्तावित 15वें वित्त आयोग की ₹2,500 करोड़ की विकास राशि को राज्य को पुनः वापस किए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई।

मेयर ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड के नगरीय निकायों को आवंटित होने वाली करीब ₹2,500 करोड़ की राशि तकनीकी कारणों से वापस हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि इस राशि के अभाव में राज्य के विभिन्न नगर निकायों के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। झारखंड के शहरी विकास को गति देने के लिए इस फंड की उपलब्धता बेहद जरूरी है। इस पर केंद्रीय मंत्री खट्टर ने पूरे विषय को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उचित कार्रवाई करते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

साथ ही मेयर ने आदित्यपुर को राष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल स्मार्ट अर्बन ग्रोथ मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता पैकेज की मांग की। उन्होंने आगामी 40 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए कॉम्प्रिहेंसिव मास्टर प्लान तैयार करने, इंटरनेशनल कंसलटेंट की नियुक्ति, 4,000 की क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर के निर्माण और सीतारामपुर डैम को विश्वस्तरीय ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति देने का भी आग्रह किया।

वहीं मयर कि इस पहल को आदित्यपुर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

जगरनाथ गोप हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा।

जगरनाथ गोप हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है जहां पर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है।

ज्ञात हो कि आदित्यपुर थाना अंतर्गत बोलायडीह स्थित शीतला मंदिर के सामने शनिवार दोपहर लगभग एक बजे एक भयानक वारदात ने पूरे मोहल्ले को हिला कर रख दिया। गोप पाड़ा के रहने वाले जगन्नाथ गोप उर्फ काड़ा (27) को चार-पांच अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

वहीं इस मामले पर रविवार ( 19.07.2026 ) को सरायकेला के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का आधिकारिक तौर पर पर्दाफाश किया।

पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात 18 जुलाई 2026 को घटित हुई थी, जिसके बाद बलरामपुर निवासी सोनू गोप ने आदित्यपुर थाने में अपने भाई जगरनाथ गोप की हत्या के संबंध में प्राथमिकी (कांड संख्या 196/2026) दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी के निर्देश गम्हरिया) से घटना में शामिल चार मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में शिवम प्रमाणिक (पिता-रविन्द्र प्रमाणिक), संजय नायक (पिता-रामदास नायक), प्रेम नायक और गणेश नायक (दोनों के पिता-माखन नायक) शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, वहीं पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

जाता है कि मृतक की पत्नी की डेढ़ वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उसके पीछे आठ वर्षीय पुत्र और दो वर्षीय पुत्री हैं जिनके सिर से अब पिता का भी साया उठ गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे।

अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे।

🌹 क्रान्तिवीर मंगल पांडे // जयंती 🌹

जन्म : 19 जुलाई 1827
मृत्यु : 08 अप्रैल 1857
                  
देश को अंग्रेजों की परतंत्रता से मुक्त करवाने के लिये 1857 में ज्वाला को धधकाने वाले क्रांतिवीर थे मंगल पांडे. अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था. कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला साकेत, उत्तर प्रदेश) तथा जन्मतिथि 19 जुलाई, 1827 भी मानते हैं.

युवावस्था में ही वे सेना में भर्ती हो गये थे. उन दिनों सैनिक छावनियों में गुलामी के विरुद्ध आग सुलग रही थी. अंग्रेज जानते थे कि हिन्दू गाय को पवित्र मानते हैं, जबकि मुसलमान सूअर से घृणा करते हैं. फिर भी वे सैनिकों को जो कारतूस देते थे, उनमें गाय और सूअर की चर्बी मिली होती थी. इन्हें सैनिक अपने मुंह से खोलते थे. ऐसा बहुत समय से चल रहा था, पर सैनिकों को इनका सच मालूम नहीं था.
                   
मंगल पांडे उस समय बैरकपुर में 34वीं हिन्दुस्तानी बटालियन में तैनात थे. वहां पानी पिलाने वाले एक हिन्दू ने इसकी जानकारी सैनिकों को दी. इससे सैनिकों में आक्रोश फैल गया. मंगल पांडे से रहा नहीं गया. 29 मार्च,1857 को उन्होंने विद्रोह कर दिया.
                 
एक भारतीय हवलदार मेजर ने जाकर सार्जेण्ट मेजर ह्यूसन को यह सब बताया. इस पर मेजर घोड़े पर बैठकर छावनी की ओर चल दिया. वहां मंगल पांडे सैनिकों से कह रहे थे कि अंग्रेज हमारे धर्म को भ्रष्ट कर रहे हैं. हमें उसकी नौकरी छोड़ देनी चाहिए. मैंने प्रतिज्ञा की है कि जो भी अंग्रेज मेरे सामने आएगा, मैं उसे मार दूंगा.
                 
सार्जेण्ट मेजर ह्यूसन ने सैनिकों को मंगल पांडे को पकड़ने को कहा, पर तब तक मंगल पांडे की गोली ने उसका सीना छलनी कर दिया. उस की लाश घोड़े से नीचे आ गिरी. गोली की आवाज सुनकर एक अंग्रेज लेफ्टिनेंट वहां आ पहुंचा.
                 
मंगल पांडे ने उस पर भी गोली चलाई, पर वह बचकर घोड़े से कूद गया. इस पर मंगल पांडे उस पर झपट पड़े और तलवार से उसका काम तमाम कर दिया. लेफ्टिनेंट की सहायता के लिए एक अन्य सार्जेण्ट मेजर आया, पर वह भी मंगल पांडे के हाथों मारा गया.
               
तब तक चारों ओर शोर मच गया. 34वीं पल्टन के कर्नल हीलट ने भारतीय सैनिकों को मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश दिया, पर वे इसके लिए तैयार नहीं हुए. इस पर अंग्रेज सैनिकों को बुलाया गया. मंगल पांडे चारों ओर से घिर गये.
                  
वे समझ गये कि अब बचना असम्भव है. अतः उन्होंने अपनी बन्दूक से स्वयं को ही गोली मार ली, पर उससे वे मरे नहीं, अपितु घायल होकर गिर पड़े. इस पर अंग्रेज सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया. जिसके बाद मंगल पांडे पर सैनिक न्यायालय में मुकदमा चलाया गया.
                  
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अंग्रेजों को अपने देश का भाग्य विधाता नहीं मानता. देश को आजाद कराना यदि अपराध है, तो मैं हर दण्ड भुगतने को तैयार हूं.’’
               
न्यायाधीश ने उन्हें फांसी की सजा दी और इसके लिए 18 अप्रैल का दिन निर्धारित किया, पर अंग्रेजों ने देश भर में विद्रोह फैलने के डर से घायल अवस्था में ही 8 अप्रैल,1857 को उन्हें फांसी दे दी.
                  
बैरकपुर छावनी में कोई उन्हें फांसी देने को तैयार नहीं हुआ. अतः कोलकाता से चार जल्लाद जबरन बुलाने पड़े. मंगल पांडे ने क्रांति की जो मशाल जलाई, उसने आगे चलकर 1857 के व्यापक स्वाधीनता संग्राम का रूप लिया.
                  
ऐसे महान क्रांतिकारी देश भक्त मंगल पाण्डे को उनके जन्मदिवस पर कोटि-कोटि प्रणाम. 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

स्वर्गीय राजीव गांधी जी को विनम्र श्रद्धांजलि।

स्वर्गीय राजीव गांधी जी को विनम्र श्रद्धांजलि।

राजीव गांधी जी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने भविष्य के भारत की कल्पना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि नीतियों और निर्णयों के माध्यम से करने का प्रयास किया। उन्होंने ऐसे समय में देश की बागडोर संभाली, जब भारत कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। उनका विश्वास था कि यदि भारत को 21वीं सदी में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और आधुनिक राष्ट्र बनाना है, तो विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और युवाओं की शक्ति को केंद्र में रखना होगा।

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, दूरसंचार और डिजिटल सोच को बढ़ावा देने का श्रेय बड़े पैमाने पर राजीव गांधी जी की दूरदर्शिता को दिया जाता है। आज जिस डिजिटल भारत की हम बात करते हैं, उसकी बुनियाद रखने वाले प्रमुख नेताओं में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने पंचायतों को अधिक अधिकार देने, युवाओं को राजनीतिक भागीदारी का अवसर देने और प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए।

राजीव गांधी जी का मानना था कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है। इसलिए उन्होंने शिक्षा, विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उनकी सोच थी कि देश का विकास तभी संभव है जब गाँव और शहर दोनों समान गति से आगे बढ़ें और तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

यद्यपि उनके राजनीतिक जीवन में अनेक चुनौतियाँ और विवाद भी रहे, लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने भारत को आधुनिक युग की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। इतिहास किसी भी नेता का मूल्यांकन उसके योगदान और उसकी कमियों—दोनों के आधार पर करता है, और राजीव गांधी जी भी इसका अपवाद नहीं हैं। फिर भी आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने में उनके योगदान को व्यापक रूप से याद किया जाता है।

आज उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए यही कहना उचित होगा कि राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान, दूरदर्शी सोच और भारत को नई तकनीकी दिशा देने के प्रयासों को हमेशा स्मरण किया जाएगा।

“नेता केवल अपने समय के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सोचते हैं। राजीव गांधी जी की कई पहलें आज भी भारत के विकास की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।”

भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🌹🇮🇳

दिनदहाड़े निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

दिनदहाड़े निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

चार-पांच लोग अचानक सामने आए और बिना किसी वार्ता के किया हमला।

हमला इतना तेज कि संभलने तक का मौका नहीं मिला।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत बोलायडीह स्थित शीतला मंदिर के सामने शनिवार दोपहर लगभग एक बजे एक भयानक वारदात ने पूरे मोहल्ले को हिला कर रख दिया। गोप पाड़ा के रहने वाले जगन्नाथ गोप उर्फ काड़ा (27) को चार-पांच अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इससे आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गया। इसी चीख-पुकार के बीच आरोपी घटनास्थल से भाग निकले। बीच सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

कथित तौर पर हमला अचानक और निहत्थे पल में हुआ। चार-पांच लोग अचानक सामने आए और बिना किसी वार्ता के हमला कर दिया। हमला इतना तेज कि काड़ा को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

सूचना पाते ही आदित्यपुर व गम्हरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दी। साथ ही घटना स्थल को सील कर दिया गया। पुलिस सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ भी घटनास्थल पर रवाना हुए हैं और फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

पुलिस ने अभी तक हत्या के कारण का खुलासा नहीं किया है। पुलिस जाँच में हर सम्भव पहलू—रंजिश, आपराधिक संगठनों की एंट्री या कोई अन्य विवाद की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों में रोष और डर दोनों दिखाई दे रहे हैं; कई लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और आरोपियों को कड़ी सजा की माँग बार-बार कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए  पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

भक्ति भाव से मनाई गई बिपत तारिणी मां की पूजा, महिलाओं ने मांगे परिवार की सुख-शांति।

भक्ति भाव से मनाई गई बिपत तारिणी मां की पूजा, महिलाओं ने मांगे परिवार की सुख-शांति।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर थाना में आषाढ़ माह के मंगलवार और शनिवार को बिपत तारिणी मां की पूजा बड़े भक्ति भाव से मनाई गई। आदित्यपुर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और घरों में महिलाओं ने व्रत रखकर मां बिपत तारिणी की पूजा-अर्चना की।

मान्यता है कि बिपत तारिणी मां अपने भक्तों को सभी प्रकार की विपत्तियों से बचाती हैं। इसी आस्था के साथ सुबह से ही महिलाओं ने लाल वस्त्र धारण कर, 13 प्रकार के फल, फूल, मिठाई और 13 गांठ वाला धागा चढ़ाकर मां से परिवार की सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति की कामना की।

मंदिरों में भजन-कीर्तन और हवन का आयोजन किया गया। पुजारियों ने कथा सुनाई और प्रसाद वितरित किया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखा और शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया।

पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल रहा।

मां से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों को हर विपदा से बचाएं और घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि बनाए रखें।

पूजा में शामिल सभी माताओं और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।

बिपत तारिणी व्रत की 3 खास बातें:

1.  13 चीजें चढ़ाई जाती हैं – 13 फल, 13 फूल, 13 सुपारी
2.  13 गांठ वाला लाल धागा हाथ में बांधा जाता है
3.  कथा सुनना जरूरी माना जाता है

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